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BSEB • कक्षा 6 • Computer Science • अध्याय 1
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

कंप्यूटर सिस्टम के मूल सिद्धांत (Fundamentals of Computer Systems)

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के कक्षा 6 के विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर सिस्टम के मूलभूत सिद्धांत अध्याय संपूर्ण सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) पाठ्यक्रम की आधारशिला है। इस अध्याय का मुख्य उद्देश्य छात्रों को कंप्यूटर की भौतिक एवं तार्किक संरचना से व्यावहारिक रूप से परिचित कराना है। कंप्यूटर की परिभाषा एवं आईपीओएस (IPOS) चक्र: कंप्यूटर एक तीव्र गति वाला स्वचालित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो उपयोगकर्ता से कच्चे डेटा (Data) और निर्देशों को इनपुट के रूप में स्वीकार करता है, सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU) की सहायता से उस पर पूर्व-निर्धारित नियमों के अनुसार प्रसंस्करण (Processing) करता है, और अंत में अर्थपूर्ण परिणाम या सूचना (Information) को आउटपुट के रूप में प्रस्तुत करता है तथा भविष्य के उपयोग हेतु द्वितीयक मेमोरी में सुरक्षित (Storage) करता है। इस संपूर्ण कार्यप्रवाह को आईपीओएस (IPOS) चक्र कहा जाता है। डेटा का अर्थ कच्चे तथ्य, अंक या चित्र हैं जिनका कोई स्वतः अर्थ नहीं होता, जबकि सूचना सुव्यवस्थित एवं प्रसंस्कृत डेटा है जो निर्णय लेने में उपयोगी होती है। कंप्यूटर की प्रमुख विशेषताएं एवं सीमाएं: कंप्यूटर की कार्यक्षमता छह प्रमुख स्तंभों पर आधारित है: पहली गति (Speed), जो प्रति सेकंड लाखों-करोड़ों निर्देशों को निष्पादित करती है और जिसे गीगाहर्ट्ज या एमआईपीएस में मापा जाता है; दूसरी सटीकता (Accuracy), जिसके तहत कंप्यूटर कभी स्वतः गणना में गलती नहीं करता। कंप्यूटर की शुद्धता जीआईजीओ (GIGO - Garbage In, Garbage Out) सिद्धांत पर कार्य करती है, अर्थात् यदि मनुष्य गलत इनपुट देगा तो परिणाम भी गलत ही मिलेगा; तीसरी कर्मठता (Diligence), जिसके कारण कंप्यूटर बिना थके, बिना ऊबे और बिना एकाग्रता खोए लगातार दिनों तक समान गति से काम कर सकता है; चौथी बहुमुखी प्रतिभा (Versatility), जिससे यह एक ही समय में संगीत बजाने, दस्तावेज टाइप करने और गणितीय गणना करने में सक्षम है; पांचवीं विशाल संचयन क्षमता (Storage Capacity), जिसमें टेराबाइटों में डेटा सुरक्षित रहता है; और छठी स्वचालन (Automation), जिसके तहत एक बार निर्देश देने पर यह स्वतः प्रक्रिया पूरी करता है। इसके विपरीत, कंप्यूटर की तीन प्रमुख सीमाएं हैं: शून्य बुद्धिमत्ता (Zero IQ) क्योंकि यह स्वतंत्र रूप से सोच या निर्णय नहीं ले सकता, भावनाहीनता (No Feelings) क्योंकि इसमें सुख, दुख या थकान नहीं होती, और विद्युत निर्भरता (Power Dependency) क्योंकि बिजली या बैटरी के बिना यह केवल धातु का डिब्बा है। कंप्यूटर का ऐतिहासिक विकास एवं पांच पीढ़ियां: कंप्यूटर के विकास को मुख्य रूप से हार्डवेयर तकनीक और सर्किट्री के आधार पर पांच स्पष्ट पीढ़ियों में विभाजित किया गया है: प्रथम पीढ़ी (1940 से 1956): इसमें मुख्य इलेक्ट्रॉनिक घटक के रूप में कांच के बने नाजुक वैक्यूम ट्यूब्स (Vacuum Tubes) का उपयोग किया गया। मेमोरी के लिए मैग्नेटिक ड्रम और इनपुट हेतु पंच कार्ड प्रयुक्त होते थे। ये कंप्यूटर पूरे कमरे जितने बड़े, अत्यधिक बिजली खर्च करने वाले और बहुत अधिक गर्मी पैदा करने वाले थे। इनमें केवल मशीनी भाषा (0 और 1) का प्रयोग होता था। प्रमुख उदाहरण: ENIAC, EDVAC, UNIVAC-I। द्वितीय पीढ़ी (1956 से 1963): वैक्यूम ट्यूब के स्थान पर छोटे, तेज और कम बिजली खपत वाले सेमीकंडक्टर ट्रांजिस्टर (Transistor) का आविष्कार हुआ। मेमोरी के लिए मैग्नेटिक कोर का प्रयोग शुरू हुआ और प्रोग्रामिंग हेतु असेंबली भाषा तथा शुरुआती उच्च-स्तरीय भाषाएं (FORTRAN, COBOL) विकसित हुईं। प्रमुख उदाहरण: IBM 1401, IBM 7094, CDC 1604। तृतीय पीढ़ी (1964 से 1971): जैक किल्बी द्वारा इंटीग्रेटेड सर्किट (IC चिप) का आविष्कार हुआ, जिसमें एक ही सिलिकॉन चिप पर सैकड़ों ट्रांजिस्टर समाहित किए गए। इस पीढ़ी में पंच कार्ड के स्थान पर कीबोर्ड और मॉनिटर का प्रादुर्भाव हुआ और ऑपरेटिंग सिस्टम की अवधारणा लागू हुई। प्रमुख उदाहरण: IBM 360, PDP-8। चतुर्थ पीढ़ी (1971 से वर्तमान): बहुत बड़े पैमाने पर एकीकरण (VLSI एवं ULSI) तकनीक द्वारा संपूर्ण सीपीयू को एक ही सिलिकॉन चिप पर स्थापित करके माइक्रोप्रोसेसर (Microprocessor) का निर्माण हुआ। इसी पीढ़ी में पर्सनल कंप्यूटर (PC), ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (GUI), माउस और इंटरनेट का क्रांतिकारी विस्तार हुआ। प्रमुख उदाहरण: Intel 4004 से Core i9, Apple Macintosh, IBM PC। पंचम पीढ़ी (वर्तमान एवं भविष्य): यह पीढ़ी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence), मशीन लर्निंग, समानांतर प्रसंस्करण और सुपरकंडक्टर्स पर आधारित है। इसमें कंप्यूटर मानव आवाज को समझने (Natural Language Processing), चेहरे की पहचान और रोबोटिक्स में प्रयुक्त हो रहे हैं। कंप्यूटर का वर्गीकरण: कार्यप्रणाली के आधार पर कंप्यूटर तीन प्रकार के होते हैं: एनालॉग (सतत भौतिक मात्राओं जैसे तापमान, दाब को मापने वाले), डिजिटल (असतत बाइनरी अंकों पर गणना करने वाले), और हाइब्रिड (दोनों के गुणों वाले जैसे अस्पताल का ईसीजी मॉनिटर)। आकार और क्षमता के आधार पर चार श्रेणियां हैं: माइक्रोकंप्यूटर (डेस्कटॉप, लैपटॉप, स्मार्टफोन), मिनीकंप्यूटर (मध्यम बहु-उपयोगकर्ता सर्वर), मेनफ्रेम (विशाल डेटा बैंक, रेलवे आरक्षण प्रणाली), और सुपरकंप्यूटर (मौसम और अंतरिक्ष अनुसंधान हेतु पेटाफ्लॉप्स गणना क्षमता वाले जैसे भारत का परम और प्रत्यूष)। सीपीयू, मेमोरी एवं सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर: सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट के तीन भाग होते हैं: अंकगणित एवं तर्क इकाई (ALU), नियंत्रण इकाई (CU), और रजिस्टर्स। मेमोरी पदानुक्रम में सबसे तेज रजिस्टर्स, फिर कैश मेमोरी, फिर प्राथमिक मेमोरी (RAM और ROM), और अंत में द्वितीयक स्टोरेज (HDD, SSD, पेन ड्राइव) आते हैं। डिजिटल डेटा की सबसे छोटी इकाई बिट (0 या 1) है, 4 बिट्स से एक निबल, 8 बिट्स से एक बाइट बनता है, और बाइनरी आधार होने के कारण 1 KB = 1024 Bytes होते हैं। अंततः सॉफ्टवेयर को सिस्टम सॉफ्टवेयर (ऑपरेटिंग सिस्टम, डिवाइस ड्राइवर्स, कंपाइलर) और एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (वर्ड प्रोसेसर, गेम्स, ब्राउजर) में वर्गीकृत किया जाता है।

क्या आपने कभी सोचा है?

क्या आपने कभी सोचा है कि जब आप अपने विद्यालय की कंप्यूटर लैब में कीबोर्ड पर कोई अक्षर टाइप करते हैं, तो पलक झपकते ही वह मॉनिटर की स्क्रीन पर कैसे चमक उठता है? आज जिस कंप्यूटर पर हम यूट्यूब वीडियो देखते हैं, रेलवे टिकट बुक करते हैं, मौसम की भविष्यवाणी जानते हैं या परीक्षा के परिणाम देखते हैं, वह कोई जादुई डिब्बा नहीं है, बल्कि मानव सभ्यता के 5,000 वर्षों के अनथक वैज्ञानिक संघर्ष का चमत्कारिक परिणाम है। प्राचीन काल में जब मनुष्य को केवल गिनती करनी होती थी, तो उसने पत्थरों और हड्डियों के बाद मेसोपोटामिया और चीन में गिनतारा यानी अबेकस बनाया। इसके बाद 17वीं सदी में ब्लेज पास्कल ने गियर और पहियों वाली पहली यांत्रिक गणना मशीन पास्कलाइन बनाई और 19वीं सदी में चार्ल्स बैबेज ने एनालिटिकल इंजन की संकल्पना देकर आधुनिक कंप्यूटर की नींव रखी। आज का कंप्यूटर मात्र कुछ नैनोसेकंड में अरबों गणनाएं त्रुटिहीन शुद्धता के साथ कर सकता है। परंतु आश्चर्य की बात यह है कि इतना शक्तिशाली दिखने वाला कंप्यूटर वास्तव में शून्य आईक्यू वाला एक आज्ञाकारी इलेक्ट्रॉनिक दास है, जो मानव द्वारा दिए गए इनपुट, सॉफ्टवेयर प्रोग्राम और विद्युत संकेतों के बिना एक इंच भी आगे नहीं बढ़ सकता। आइए, कंप्यूटर विज्ञान के इस प्रथम अध्याय में कंप्यूटर की अद्भुत कार्यप्रणाली, आईपीओएस चक्र, इसकी ऐतिहासिक पीढ़ियों, सीपीयू के रहस्यों और मेमोरी की आंतरिक दुनिया को गहराई से समझें।

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

कंप्यूटर सिस्टम के मूलभूत सिद्धांतों को समझना केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने का साधन नहीं है, बल्कि 21वीं सदी के डिजिटल नागरिक के रूप में सशक्त बनने की अनिवार्य योग्यता है। आज बिहार के प्रत्येक जिले और प्रखंड में डिजिटल क्रांति पहुंच चुकी है। बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा सभी माध्यमिक एवं मध्य विद्यालयों में आईसीटी (ICT) प्रयोगशालाएं और स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए जा रहे हैं, जहां विद्यार्थी कंप्यूटर के माध्यम से गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य के छात्रवृत्ति पोर्टल (e-Kalyan), ऑनलाइन नामांकन प्रणाली (OFSS Bihar), डिजिटल हाजिरी (e-Shikshakosh) और भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण जैसे सभी महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य कंप्यूटर नेटवर्क पर ही संपन्न होते हैं। जब एक कक्षा 6 का विद्यार्थी यह समझता है कि इनपुट और आउटपुट उपकरणों का सही संयोजन क्या है, रैम (RAM) और रोम (ROM) में क्या अंतर है, या कंप्यूटर क्यों हैंग होता है, तो वह केवल एक मूक उपभोक्ता नहीं रहता, बल्कि एक जागरूक डिजिटल उपयोगकर्ता बन जाता है। जीआईजीओ (GIGO) का सिद्धांत विद्यार्थियों को जीवन में यह नैतिक सीख देता है कि यदि हम किसी काम में अधूरा या त्रुटिपूर्ण प्रयास करेंगे तो परिणाम भी कभी सही नहीं हो सकता। इसके अलावा, मेमोरी इकाइयों (KB, MB, GB, TB) का व्यावहारिक ज्ञान मोबाइल डेटा पैक चुनने, कंप्यूटर खरीदते समय उचित कॉन्फिगरेशन तय करने और हार्डवेयर की सामान्य समस्याओं को स्वयं हल करने में आत्मनिर्भर बनाता है।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • दैनिक जीवन में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों (जैसे टीवी रिमोट, कैलकुलेटर, स्मार्टफोन या डिजिटल घड़ी) के बुनियादी संचालन की सामान्य समझ।
  • डेटा (कच्चे आंकड़े) और सूचना (अर्थपूर्ण जानकारी) के बीच का व्यावहारिक अंतर समझने की तत्परता।
  • बुनियादी इनपुट क्रियाओं (जैसे कीबोर्ड की कुंजियाँ दबाना या माउस से स्क्रीन पर क्लिक करना) का प्राथमिक अनुभव।
  • संख्या पद्धति में दशमलव प्रणाली और बुनियादी गणितीय संक्रियाओं (जोड़, घटाव, गुणा, भाग) का स्पष्ट ज्ञान।
  • बिजली और बैटरी द्वारा संचालित उपकरणों के सुरक्षित उपयोग एवं प्रयोगशाला में बुनियादी सावधानियों की समझ।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • कंप्यूटर को एक इलेक्ट्रॉनिक डेटा प्रोसेसिंग मशीन के रूप में परिभाषित करना और आईपीओएस (IPOS) चक्र के प्रत्येक चरण की व्याख्या करना।
  • डेटा (Data) और सूचना (Information) के बीच अंतर स्पष्ट करना तथा जीआईजीओ (GIGO) सिद्धांत के महत्व का विश्लेषण करना।
  • कंप्यूटर की छह मुख्य विशेषताओं (गति, सटीकता, कर्मठता, बहुमुखी प्रतिभा, संचयन, स्वचालन) और सीमाओं (Zero IQ) का मूल्यांकन करना।
  • कंप्यूटर के ऐतिहासिक विकास के प्रमुख चरणों (अबेकस, पास्कलाइन, एनालिटिकल इंजन) और चार्ल्स बैबेज के योगदान की समीक्षा करना।
  • कंप्यूटर की पांचों पीढ़ियों की मुख्य तकनीक (वैक्यूम ट्यूब, ट्रांजिस्टर, आईसी, माइक्रोप्रोसेसर, एआई) के आधार पर तुलनात्मक सारणी निर्मित करना।
  • कार्यप्रणाली (एनालॉग, डिजिटल, हाइब्रिड) एवं आकार (माइक्रो, मिनी, मेनफ्रेम, सुपरकंप्यूटर) के अनुसार कंप्यूटरों का सटीक वर्गीकरण करना।
  • सीपीयू (CPU) के आंतरिक घटकों—एएलयू (ALU), कंट्रोल यूनिट (CU), और रजिस्टर्स (Registers)—की विशिष्ट कार्यप्रणाली का निरूपण करना।
  • प्राथमिक मेमोरी (RAM एवं ROM) के वाष्पशील व गैर-वाष्पशील स्वभाव तथा द्वितीयक स्टोरेज माध्यमों (HDD, SSD, Pen Drive) में विभेद करना।
  • हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में अंतर स्पष्ट करना तथा सिस्टम सॉफ्टवेयर, यूटिलिटी सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर को वर्गीकृत करना।
  • डिजिटल मेमोरी मापन इकाइयों (Bit, Byte, KB, MB, GB, TB) का 1024 के बाइनरी आधार पर रूपांतरण व गणना त्रुटिहीन रूप से हल करना।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 इकाई 1: कंप्यूटर सिस्टम का परिचय, आ...
2 इकाई 2: ऐतिहासिक विकास के मील के पत...
3 इकाई 3: कंप्यूटर का वर्गीकरण: कार्य...
4 इकाई 4: सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (स...
5 इकाई 5: प्राथमिक मेमोरी (RAM/ROM) ए...
6 इकाई 6: कंप्यूटर सॉफ्टवेयर आर्किटेक...
7 इकाई 7: डिजिटल डेटा निरूपण, मेमोरी...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

इकाई 1: कंप्यूटर सिस्टम का परिचय, आईपीओएस (IPOS) चक्र एवं मूल विशेषताएं

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) कक्षा 6 कंप्यूटर साइंस | अध्याय 1 कंप्यूटर सिस्टम के मूलभूत सिद्धांत (Fundamentals of Computer Systems) PANEL 1: आईपीओएस (IPOS) चक्र एवं कार्यात्मक कंप्यूटर आर्किटेक्चर 1. इनपुट (INPUT) कच्चे डेटा एवं निर्देशों का प्रवेश • कीबोर्ड (Keyboard) • माउस (Mouse / Pointer) • स्कैनर एवं वेबकैम • माइक्रोफोन (ध्वनि इनपुट) 2. प्रोसेसिंग (PROCESS) सीपीयू (CPU - मस्तिष्क) • ALU: अंकगणितीय व तार्किक गणना • CU: नियंत्रण एवं समन्वय • Registers: अति-तीव्र मेमोरी • गति: GHz / MIPS में मापन 3. आउटपुट (OUTPUT) सार्थक सूचना की प्रस्तुति • मॉनिटर (सॉफ्ट कॉपी डिस्प्ले) • प्रिंटर (हार्ड कॉपी प्रिंट) • स्पीकर (ध्वनि आउटपुट) • प्रोजेक्टर (बड़ी स्क्रीन) 4. स्टोरेज (STORAGE) भविष्य हेतु स्थायी संचयन • हार्ड डिस्क ड्राइव (HDD) • सॉलिड स्टेट ड्राइव (SSD) • पेन ड्राइव (USB Flash) • ऑप्टिकल डिस्क (CD / DVD) कंप्यूटर की 6 प्रमुख विशेषताएं (Key Characteristics): • तीव्र गति (Speed): प्रति सेकंड अरबों निर्देशों का निष्पादन (GHz / MIPS) • सटीकता (Accuracy & GIGO): त्रुटिहीन गणना; कचरा इनपुट = कचरा परिणाम • कर्मठता (Diligence): बिना थके, बिना ऊबे निरंतर समान शुद्धता से कार्य • बहुमुखी प्रतिभा (Versatility): शिक्षण, गणना, संगीत, गेमिंग • विशाल मेमोरी (Storage): टीबी में डेटा का स्थायी संचयन • स्वचालन (Automation): निर्देश मिलने पर पूर्णतः स्वतः कार्य प्रमुख सीमाएं (Core Limitations): • शून्य आईक्यू (Zero IQ): सोचने व निर्णय की स्वतः क्षमता नहीं • भावनाहीन (No Feelings): दया, क्रोध या थकान का अभाव • विद्युत निर्भरता: बिना बिजली/बैटरी पूर्णतः निष्क्रिय धातु PANEL 2: ऐतिहासिक विकास एवं कंप्यूटर की 5 प्रमुख पीढ़ियां प्रथम पीढ़ी (1940-56) मुख्य तकनीक: • वैक्यूम ट्यूब (18,000+) मेमोरी व इनपुट: • मैग्नेटिक ड्रम / पंच कार्ड प्रोग्रामिंग भाषा: • केवल मशीनी भाषा (0 व 1) कमियां: • कमरे जितना आकार • अत्यधिक ऊष्मा व बिजली प्रमुख उदाहरण: ENIAC, EDVAC, UNIVAC-I द्वितीय पीढ़ी (1956-63) मुख्य तकनीक: • ट्रांजिस्टर (Transistor) मेमोरी व इनपुट: • मैग्नेटिक कोर मेमोरी प्रोग्रामिंग भाषा: • असेंबली भाषा, FORTRAN सुधार: • आकार में छोटा व तेज • कम बिजली की खपत प्रमुख उदाहरण: IBM 1401, IBM 7094, CDC 1604 तृतीय पीढ़ी (1964-71) मुख्य तकनीक: • इंटीग्रेटेड सर्किट (IC चिप) यूजर इंटरफेस: • कीबोर्ड व मॉनिटर का आगमन प्रोग्रामिंग भाषा: • COBOL, PASCAL, BASIC सुधार: • ऑपरेटिंग सिस्टम की शुरुआत • टाइम-शेयरिंग मल्टीटास्किंग प्रमुख उदाहरण: IBM 360, PDP-8, TDC-316 चतुर्थ पीढ़ी (1971-वर्तमान) मुख्य तकनीक: • माइक्रोप्रोसेसर (VLSI/ULSI) यूजर इंटरफेस: • जीयूआई (GUI), माउस, विंडोज प्रोग्रामिंग भाषा: • C, C++, Java, Python क्रांति: • पर्सनल कंप्यूटर (PC) का उदय • इंटरनेट व नेटवर्किंग का प्रसार प्रमुख उदाहरण: Intel 4004/i7, Apple Mac, IBM PC पंचम पीढ़ी (भविष्य/AI) मुख्य तकनीक: • कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI & ML) प्रोसेसिंग आर्किटेक्चर: • समानांतर (Parallel) प्रोसेसिंग इंटरैक्शन माध्यम: • प्राकृतिक भाषा (Voice/Vision) अत्याधुनिक तकनीक: • क्वांटम व न्यूरोमॉर्फिक कंप्यूटिंग • रोबोटिक्स एवं स्वायत्त प्रणालियां प्रमुख उदाहरण: Param Siddhi, IBM Watson, रोबोट्स PANEL 3: कंप्यूटर का वर्गीकरण: कार्यप्रणाली एवं आकार के आधार पर क. कार्यप्रणाली के आधार पर (By Principle of Operation) 1. एनालॉग कंप्यूटर (Analog Computer): • सतत भौतिक राशियों (तापमान, दबाव, वोल्टेज) को मापता है। • उदाहरण: स्पीडोमीटर, पारंपरिक थर्मामीटर, वोल्टमीटर। 2. डिजिटल कंप्यूटर (Digital Computer): • असतत बाइनरी अंकों (0 और 1) पर उच्च सटीकता से गणना करता है। • उदाहरण: डेस्कटॉप पीसी, लैपटॉप, स्मार्टफोन, कैलकुलेटर। 3. हाइब्रिड कंप्यूटर (Hybrid Computer): • एनालॉग की गति + डिजिटल की सटीकता का आदर्श संयोजन। • उदाहरण: अस्पताल का आईसीयू मॉनिटर (ईसीजी), आधुनिक पेट्रोल पंप मशीन। ख. आकार एवं कार्यक्षमता के आधार पर (By Size & Capacity) 1. माइक्रोकंप्यूटर (Microcomputer - PC): • एकल उपयोगकर्ता प्रणाली; घरों, विद्यालयों एवं कार्यालयों में प्रयुक्त। उदा: डेस्कटॉप, लैपटॉप, टैबलेट, स्मार्टफोन। 2. मिनीकंप्यूटर (Minicomputer): • मध्यम आकार का मल्टी-यूजर सर्वर; 50-100 उपयोगकर्ताओं का समर्थन। उदा: PDP-11, VAX, विभागीय विश्वविद्यालय सर्वर। 3. मेनफ्रेम कंप्यूटर (Mainframe Computer): • विशाल मेमोरी, 24x7 विश्वसनीयता, हजारों समवर्ती उपयोगकर्ताओं का समर्थन। उदा: बैंकिंग एटीएम नेटवर्क, रेलवे आरक्षण (IRCTC), बीमा निगम। 4. सुपरकंप्यूटर (Supercomputer): • सर्वोच्च गणना क्षमता (FLOPS/पेटाफ्लॉप्स); समानांतर हजारों प्रोसेसर। उदा: भारत का PARAM Siddhi-AI, Pratyush; मौसम, अंतरिक्ष अनुसंधान। PANEL 4: हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर पारिस्थितिकी तंत्र (Hardware vs. Software Ecosystem) 💻 कंप्यूटर हार्डवेयर (मूर्त भौतिक घटक) 1. इनपुट उपकरण (Input Devices): • कीबोर्ड, ऑप्टिकल माउस, स्कैनर, ओएमआर, बारकोड रीडर 2. सीपीयू एवं मदरबोर्ड (Central Processing Unit): • माइक्रोप्रोसेसर (ALU, CU, Registers), सिस्टम बस, क्लॉक 3. आउटपुट उपकरण (Output Devices): • एलईडी मॉनिटर, लेजर/इंकजेट प्रिंटर, प्लॉटर, ऑडियो स्पीकर 4. मेमोरी एवं स्टोरेज (Memory & Storage): • प्राथमिक: RAM, ROM; द्वितीयक: HDD, SSD, USB फ्लैश ड्राइव ⚠ हार्डवेयर विशेषता: जिन्हें हम अपनी आंखों से देख सकते हैं और हाथों से छू सकते हैं। 🖥 कंप्यूटर सॉफ्टवेयर (अमूर्त निर्देश समूह) 1. सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software): • ऑपरेटिंग सिस्टम: Windows, BOSS Linux, Android • भाषा अनुवादक: Assembler, Compiler, Interpreter • डिवाइस ड्राइवर्स: प्रिंटर, ग्राफिक्स व ऑडियो ड्राइवर 2. यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility Software): • एंटीवायरस (Quick Heal), डिस्क क्लीनअप, फाइल कम्प्रेशन 3. एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software): • सामान्य उद्देश्य: MS Word, Excel, Paint, Chrome • विशिष्ट उद्देश्य: स्कूल प्रबंधन, रेलवे टिकटिंग, बैंक सॉफ्टवेयर ✔ सॉफ्टवेयर विशेषता: नियमों व प्रोग्रामों का तार्किक समूह; हार्डवेयर को नियंत्रित करता है। PANEL 5: कंप्यूटर मेमोरी पदानुक्रम एवं डेटा मापन इकाइयां मेमोरी पदानुक्रम पिरामिड (गति बनाम क्षमता) 1. CPU Registers सर्वोच्च गति | Bytes क्षमता 2. कैश मेमोरी (L1 / L2 / L3 Cache) अति-तीव्र बफर | MB क्षमता | SRAM तकनीक 3. प्राथमिक मेमोरी (Primary RAM & ROM) कार्यकारी मेमोरी | 4 GB - 32 GB | DRAM तकनीक | वाष्पशील (RAM) 4. द्वितीयक स्टोरेज (Secondary Storage - HDD / SSD / Pen Drive) स्थायी गैर-वाष्पशील संचयन | 256 GB - 4 TB | चुंबकीय एवं फ्लैश तकनीक ↑ ऊपर जाने पर गति व लागत बढ़ती है | ↓ नीचे जाने पर क्षमता बढ़ती है डिजिटल डेटा मापन इकाइयां (Binary Scale 2^10 = 1024) 1 Bit (बाइनरी अंक): 0 अथवा 1 (विद्युत संकेत बंद / चालू) 1 Nibble (निबल): 4 Bits का समूह (आधा बाइट) 1 Byte (बाइट): 8 Bits (ठीक 1 अक्षर या वर्ण का स्थान) 1 KB (किलोबाइट): 1,024 Bytes (2^10 Bytes) 1 MB (मेगाबाइट): 1,024 KB = 1,048,576 Bytes 1 GB (गीगाबाइट): 1,024 MB = 1,073,741,824 Bytes 1 TB (टेराबाइट): 1,024 GB (आधुनिक हार्ड डिस्क मानक) 1 PB (पेटाबाइट): 1,024 TB (विशाल डेटा केंद्र एवं क्लाउड) ★ स्मृति सूत्र: बाइनरी आधार होने के कारण प्रत्येक इकाई पूर्ववर्ती की 1,024 गुना होती है।

इकाई 1: कंप्यूटर सिस्टम का परिचय, आईपीओएस (IPOS) चक्र एवं मूल विशेषताएं

कंप्यूटर की तकनीकी परिभाषा, डेटा बनाम सूचना का अंतर, आईपीओएस चक्र का 4-चरणीय कार्यप्रवाह, 6 मुख्य विशेषताएं एवं प्रमुख सीमाएं।

1.1 कंप्यूटर क्या है? (What is a Computer?)

कंप्यूटर (Computer) एक स्वचालित, तीव्र गति वाला इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो कच्चे डेटा (Raw Data) को इनपुट के रूप में ग्रहण करता है, उस पर पूर्व-लिखित प्रोग्राम निर्देशों के अनुसार गणना एवं प्रसंस्करण (Processing) करता है, और अंततः अर्थपूर्ण सूचना (Information) को आउटपुट के रूप में प्रस्तुत करता है।

कंप्यूटर शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के शब्द 'Computare' (कंप्यूटारे) अथवा अंग्रेजी के शब्द 'Compute' से हुई है, जिसका शाब्दिक अर्थ है—"गणना करना"। प्रारंभ में कंप्यूटर का निर्माण केवल जटिल गणितीय समीकरणों को हल करने हेतु किया गया था, परंतु आज यह शिक्षा, संचार, वैज्ञानिक अनुसंधान, चिकित्सा, मनोरंजन और डिजिटल प्रशासन का अनिवार्य केंद्र बन चुका है।

📝 डेटा (Data - कच्चे तथ्य):

अव्यवस्थित और असंसाधित कच्चे आंकड़े, तथ्य, अंक, शब्द या प्रतीक जिनका अपने आप में कोई स्पष्ट अर्थ या निष्कर्ष नहीं निकलता, डेटा कहलाते हैं।

उदाहरण: 'रोहन', '85', 'पटना', 'कक्षा 6'। (ये केवल अलग-अलग बिखरे हुए तथ्य हैं।)

📊 सूचना (Information - प्रसंस्कृत परिणाम):

जब कच्चे डेटा पर कंप्यूटर द्वारा प्रसंस्करण किया जाता है और उसे एक व्यवस्थित, सार्थक व उपयोगी रूप में ढाला जाता है, तो उसे सूचना कहते हैं।

उदाहरण: "पटना के छात्र रोहन ने कक्षा 6 की कंप्यूटर परीक्षा में 85 अंक प्राप्त किए।" (यह एक सार्थक परिणाम है।)

1.2 आईपीओएस (IPOS) चक्र: कंप्यूटर की आधारभूत कार्यप्रणाली

संसार का प्रत्येक कंप्यूटर—चाहे वह एक साधारण पॉकेट कैलकुलेटर हो या विशाल सुपरकंप्यूटर—सदैव चार क्रमिक चरणों के एक चक्र पर कार्य करता है, जिसे IPOS साइकिल (Input → Processing → Output → Storage) कहा जाता है:

चरण तकनीकी क्रिया मुख्य हार्डवेयर उपकरण दैनिक जीवन का उदाहरण
1. इनपुट (Input) उपयोगकर्ता द्वारा डेटा और निर्देशों को इलेक्ट्रॉनिक संकेतों के रूप में कंप्यूटर में प्रवेश कराना। कीबोर्ड, माउस, स्कैनर, माइक्रोफोन, वेबकैम, बारकोड रीडर कैलकुलेटर में कुंजियों द्वारा '25 + 15' दबाना।
2. प्रोसेसिंग (Processing) निर्देशों के अनुसार डेटा पर अंकगणितीय गणनाएं और तार्किक निर्णय लेना। सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU - ALU, CU, Registers) माइक्रोप्रोसेसर द्वारा 25 और 15 का योग 40 निकालना।
3. आउटपुट (Output) प्रसंस्कृत सूचना को उपयोगकर्ता के समझने योग्य रूप में स्क्रीन पर दिखाना या प्रिंट करना। मॉनिटर (VDU), प्रिंटर, स्पीकर, प्रोजेक्टर, हेडफोन स्क्रीन पर '40' प्रदर्शित होना या रसीद प्रिंट होना।
4. स्टोरेज (Storage) भविष्य के पुनः उपयोग हेतु डेटा और फाइलों को स्थायी रूप से संचित करना। हार्ड डिस्क ड्राइव (HDD), सॉलिड स्टेट ड्राइव (SSD), पेन ड्राइव गणना के परिणाम को 'Accounts.docx' में सेव करना।

1.3 कंप्यूटर की 6 मुख्य विशेषताएं (Core Characteristics)

कंप्यूटर की अद्वितीय क्षमताएं इसे मानव इतिहास का सर्वाधिक क्रांतिकारी आविष्कार बनाती हैं:

1. तीव्र गति (High Speed):

कंप्यूटर प्रति सेकंड अरबों निर्देशों को निष्पादित करता है। जिस जटिल वैज्ञानिक गणना को करने में मानव को कई वर्ष लग सकते हैं, कंप्यूटर उसे मात्र कुछ माइक्रोसेकंड (10-6 s) या नैनोसेकंड (10-9 s) में हल कर देता है। इसकी गति को गीगाहर्ट्ज (GHz) या MIPS (Million Instructions Per Second) में मापा जाता है।

2. अचूक सटीकता (High Accuracy & GIGO):

कंप्यूटर कभी भी स्वतः कोई गणना गलत नहीं करता। यदि इनपुट डेटा और प्रोग्राम निर्देश सही हैं, तो परिणाम सदैव 100% सटीक होगा। कंप्यूटर की सटीकता GIGO (Garbage In, Garbage Out) के सिद्धांत पर चलती है—यदि आप गलत इनपुट देंगे, तो कंप्यूटर गलत आउटपुट ही देगा।

3. कर्मठता एवं अथक क्षमता (Diligence):

मानव के विपरीत, कंप्यूटर को कभी शारीरिक या मानसिक थकान नहीं होती। यह बिना ऊबे, बिना ध्यान भटके और बिना कोई शिकायत किए 24 घंटे, 365 दिन लगातार पहली गणना जैसी ही समान गति और शुद्धता के साथ करोड़ों गणनाएं कर सकता है।

4. बहुमुखी प्रतिभा (Versatility):

कंप्यूटर एक ही समय में विभिन्न प्रकार के कार्य करने में सक्षम है। एक क्षण में यह स्कूल की फीस रसीद तैयार कर सकता है, अगले ही क्षण यह विज्ञान का 3D एनिमेशन दिखा सकता है, और पृष्ठभूमि में मधुर संगीत बजाते हुए इंटरनेट से फाइलें डाउनलोड कर सकता है।

5. विशाल संचयन क्षमता (Huge Storage Capacity):

कंप्यूटर अपनी द्वितीयक मेमोरी (हार्ड डिस्क, एसएसडी) में लाखों पुस्तकें, चित्र, ऑडियो, वीडियो और डेटाबेस अत्यंत अल्प स्थान में स्थायी रूप से सुरक्षित रख सकता है। वर्षों बाद भी आवश्यकता पड़ने पर किसी भी फाइल को मात्र एक सेकंड में खोजा जा सकता है।

6. स्वचालन (Automation):

एक बार जब कंप्यूटर को किसी कार्य का प्रोग्राम निर्देश (Instructions) दे दिया जाता है, तो वह बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के पूरी प्रक्रिया को स्वतः ही आरंभ से अंत तक संपन्न कर देता है, जैसे 10,000 छात्रों का परीक्षा परिणाम स्वतः तैयार करना।

1.4 कंप्यूटर की सीमाएं (Limitations of a Computer)

कंप्यूटर सर्वशक्तिमान नहीं है; इसकी प्रमुख कमजोरियां निम्नलिखित हैं:

  • शून्य बुद्धिमत्ता (Zero IQ): कंप्यूटर के पास अपनी कोई सोचने, समझने या स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता नहीं होती। यह केवल मानव द्वारा लिखे गए प्रोग्राम के आधार पर ही कार्य करता है। यदि प्रोग्राम में त्रुटि है, तो कंप्यूटर उसे स्वतः ठीक नहीं कर सकता।
  • भावनाहीनता (Lack of Feelings & Emotions): कंप्यूटर में सुख, दुख, दया, ईर्ष्या, प्रेम या नैतिक मूल्यों का पूर्ण अभाव होता है। यह परिस्थितियों के अनुसार मानवीय संवेदनाओं से निर्णय नहीं ले सकता।
  • विद्युत ऊर्जा पर पूर्ण निर्भरता (Dependency on Electricity): कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है। विद्युत आपूर्ति या बैटरी समाप्त होने पर यह पूर्णतः निष्क्रिय हो जाता है।
  • वायरस एवं मैलवेयर के प्रति संवेदनशीलता: गलत सॉफ्टवेयर या इंटरनेट के असुरक्षित उपयोग से कंप्यूटर वायरस का शिकार हो सकता है, जिससे इसका डेटा नष्ट हो सकता है।

इकाई 2: ऐतिहासिक विकास के मील के पत्थर एवं कंप्यूटर की पांच पीढ़ियां

इकाई 2: ऐतिहासिक विकास के मील के पत्थर एवं कंप्यूटर की पांच पीढ़ियां

अबेकस से आधुनिक एआई तक की विकास यात्रा, चार्ल्स बैबेज का योगदान, और पांचों पीढ़ियों का तकनीकी तुलनात्मक अध्ययन।

2.1 कंप्यूटर का ऐतिहासिक उद्भव (Historical Milestones)

कंप्यूटर का विकास किसी एक वैज्ञानिक का कार्य नहीं है, बल्कि सदियों के क्रमिक आविष्कारों की देन है:

1. अबेकस या गिनतारा (Abacus - लगभग 3000 ई.पू.):

प्राचीन मेसोपोटामिया और चीन में विकसित मानव का प्रथम यांत्रिक गणना यंत्र। इसमें लकड़ी के फ्रेम में लगे तारों में मोतियों (Beads) को खिसकाकर जोड़, घटाव, गुणा और भाग किया जाता था।

2. पास्कलाइन (Pascaline - 1642):

फ्रांसीसी गणितज्ञ ब्लेज पास्कल (Blaise Pascal) द्वारा निर्मित प्रथम वास्तविक मैकेनिकल कैलकुलेटर। यह घड़ी के गियरों और पहियों पर आधारित था और केवल जोड़ व घटाव कर सकता था।

3. एनालिटिकल इंजन (Analytical Engine - 1837):

ब्रिटिश गणितज्ञ चार्ल्स बैबेज (Charles Babbage) द्वारा डिजाइन किया गया विश्व का पहला सामान्य-उद्देश्यीय कंप्यूटर। इसमें इनपुट, स्टोर, मिल (प्रोसेसर) और आउटपुट की अवधारणा थी। इसी कारण चार्ल्स बैबेज को "कंप्यूटर का जनक (Father of Computer)" कहा जाता है।

4. लेडी एडा लवलेस (Lady Ada Lovelace):

बैबेज के एनालिटिकल इंजन हेतु पहली बार बाइनरी निर्देशों का एल्गोरिदम लिखने वाली गणितज्ञ। इन्हें विश्व की "प्रथम कंप्यूटर प्रोग्रामर (First Computer Programmer)" माना जाता है।

2.2 कंप्यूटर की पांच पीढ़ियों का तुलनात्मक अध्ययन (Five Generations of Computers)

कंप्यूटर के आधुनिक युग को उसमें प्रयुक्त मुख्य इलेक्ट्रॉनिक घटक और तार्किक तकनीक के आधार पर पांच पीढ़ियों में वर्गीकृत किया गया है:

पीढ़ी (अवधि) मुख्य इलेक्ट्रॉनिक घटक मेमोरी व इनपुट माध्यम प्रोग्रामिंग भाषा विशेषताएं व कमियां प्रमुख उदाहरण
प्रथम पीढ़ी
(1940 - 1956)
वैक्यूम ट्यूब
(Vacuum Tubes)
मैग्नेटिक ड्रम मेमोरी;
पंच कार्ड द्वारा इनपुट
मशीनी भाषा
(Machine Language - 0 व 1)
विशाल आकार (कमरे जितना), अत्यधिक बिजली व ऊष्मा, बार-बार ट्यूब फ्यूज होना। ENIAC, EDVAC, UNIVAC-I, IBM 701
द्वितीय पीढ़ी
(1956 - 1963)
ट्रांजिस्टर
(Transistor)
मैग्नेटिक कोर मेमोरी;
मैग्नेटिक टेप व डिस्क
असेंबली भाषा;
FORTRAN, COBOL
आकार में काफी छोटे, तेज, कम बिजली खपत, अधिक विश्वसनीय। IBM 1401, IBM 7094, CDC 1604
तृतीय पीढ़ी
(1964 - 1971)
इंटीग्रेटेड सर्किट
(IC चिप - SSI/MSI)
सेमीकंडक्टर मेमोरी;
कीबोर्ड व मॉनिटर
उच्च-स्तरीय भाषाएं
(BASIC, PASCAL, C)
ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रादुर्भाव, टाइम-शेयरिंग, व्यावसायिक अनुप्रयोगों में प्रसार। IBM 360, PDP-8, TDC-316
चतुर्थ पीढ़ी
(1971 - वर्तमान)
माइक्रोप्रोसेसर
(VLSI एवं ULSI)
उच्च घनत्व RAM/ROM;
हार्ड डिस्क, SSD, USB
C++, Java, Python, SQL,
विजुअल प्रोग्रामिंग
पर्सनल कंप्यूटर (PC) क्रांति, माउस आधारित GUI, इंटरनेट व नेटवर्किंग का प्रसार। Intel Core i3/i5/i9, Apple Mac, IBM PC
पंचम पीढ़ी
(वर्तमान एवं भविष्य)
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
(AI & Ultra ULSI)
क्लाउड स्टोरेज, ऑप्टिकल,
क्वांटम मेमोरी रजिस्टर्स
प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण
(NLP), न्यूरल नेटवर्क
स्वयं सीखने की क्षमता (Machine Learning), समानांतर प्रोसेसिंग, रोबोटिक्स, आवाज पहचान। Param Siddhi-AI, IBM Watson, स्वायत्त वाहन

इकाई 3: कंप्यूटर का वर्गीकरण: कार्यप्रणाली एवं आकार के आधार पर

इकाई 3: कंप्यूटर का वर्गीकरण: कार्यप्रणाली एवं आकार के आधार पर

एनालॉग, डिजिटल एवं हाइब्रिड कंप्यूटर; माइक्रो, मिनी, मेनफ्रेम और सुपरकंप्यूटर की तकनीकी तुलना।

3.1 कार्यप्रणाली के आधार पर वर्गीकरण (Based on Operational Principles)

डेटा के स्वरूप और गणना के तरीके के आधार पर कंप्यूटर तीन श्रेणियों में विभाजित किए जाते हैं:

1. एनालॉग कंप्यूटर (Analog Computer):

यह कंप्यूटर अंकों के स्थान पर भौतिक राशियों—जैसे विद्युत वोल्टेज, तापमान, दबाव, गति या लंबाई—के सतत (Continuous) उतार-चढ़ाव को सीधे मापकर परिणाम प्रदर्शित करता है। यह तुरंत परिणाम देता है परंतु इसकी सटीकता डिजिटल की तुलना में कम होती है।

दैनिक उदाहरण: मोटरसाइकिल का स्पीडोमीटर, पारंपरिक पारा थर्मामीटर, दीवार घड़ी।

2. डिजिटल कंप्यूटर (Digital Computer):

यह असतत (Discrete) बाइनरी डेटा (0 और 1) के रूप में सभी सूचनाओं को संसाधित करता है। यह अंकों की गणना अत्यंत तीव्र गति और 100% अचूक सटीकता से करता है। आज हमारे घरों, विद्यालयों और दफ्तरों में प्रयुक्त होने वाले लगभग सभी कंप्यूटर डिजिटल हैं।

दैनिक उदाहरण: डेस्कटॉप कंप्यूटर, लैपटॉप, टैबलेट, स्मार्टफोन, डिजिटल कैलकुलेटर।

3. हाइब्रिड कंप्यूटर (Hybrid Computer):

यह एनालॉग और डिजिटल दोनों कंप्यूटरों के सर्वश्रेष्ठ गुणों का मिश्रण है। यह मरीज के शरीर से भौतिक संकेत (धड़कन, रक्तचाप) एनालॉग रूप में लेता है और फिर उसे डिजिटल अंकों में बदलकर स्क्रीन पर सटीक ग्राफिक्स में दिखाता है।

दैनिक उदाहरण: अस्पताल का आईसीयू वेंटिलेटर/ईसीजी मशीन, पेट्रोल पंप की डिजिटल नोजल मशीन।

3.2 आकार, गति एवं मूल्य के आधार पर वर्गीकरण (Based on Size & Capacity)

1. माइक्रोकंप्यूटर (Microcomputer):

सिंगल-चिप माइक्रोप्रोसेसर पर आधारित सबसे छोटा व सस्ता कंप्यूटर। इसे पर्सनल कंप्यूटर (PC) भी कहते हैं। एक समय में एक व्यक्ति इसका उपयोग करता है।

प्रकार: डेस्कटॉप, लैपटॉप, पामटॉप, टैबलेट, स्मार्टफोन।

2. मिनीकंप्यूटर (Minicomputer):

माइक्रोकंप्यूटर से बड़ा, तेज और महंगा मध्यम-स्तरीय कंप्यूटर। यह एक साथ 50 से 200 उपयोगकर्ताओं को टर्मिनल के माध्यम से समर्थन दे सकता है।

उपयोग: कॉलेज लैब, बैंक शाखाएं, छोटे कारखाने (उदा. PDP-11, VAX)।

3. मेनफ्रेम कंप्यूटर (Mainframe Computer):

विशाल मेमोरी और अत्यधिक प्रोसेसिंग क्षमता वाला शक्तिशाली सर्वर। यह हजारों समवर्ती उपयोगकर्ताओं के लाखों ऑनलाइन लेन-देन को 24x7 बिना रुके प्रोसेस करता है।

उपयोग: भारतीय रेलवे आरक्षण (IRCTC), बैंक केंद्रीय डेटाबेस, बीमा कंपनियां।

4. सुपरकंप्यूटर (Supercomputer):

संसार का सबसे तीव्र, विशाल और महंगा कंप्यूटर। यह हजारों प्रोसेसर्स को समानांतर जोड़कर प्रति सेकंड खरबों-शंखों फ्लोटिंग-पॉइंट गणनाएं (FLOPS) करता है।

उपयोग: मौसम पूर्वानुमान, अंतरिक्ष उपग्रह नियंत्रण (ISRO), परमाणु शोध (उदा. PARAM Siddhi, Pratyush)।

इकाई 4: सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (सीपीयू) आर्किटेक्चर एवं कार्यात्मक इकाइयाँ

इकाई 4: सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (सीपीयू) आर्किटेक्चर एवं कार्यात्मक इकाइयाँ

सीपीयू के तीन प्रमुख अंग—ALU, CU, और रजिस्टर्स; सिस्टम बस और मशीन साइकिल (Fetch-Decode-Execute)।

4.1 सीपीयू: कंप्यूटर का मस्तिष्क (The Brain of the Computer)

सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU), जिसे आमतौर पर माइक्रोप्रोसेसर या प्रोसेसर कहा जाता है, कंप्यूटर सिस्टम का मुख्य नियंत्रण और गणना केंद्र है। कंप्यूटर में प्रवेश करने वाला प्रत्येक डेटा और निर्देश सीपीयू से होकर ही गुजरता है। यह मदरबोर्ड के सॉकेट में स्थापित एक छोटी सिलिकॉन चिप होती है जिसके अंदर अरबों नन्हे ट्रांजिस्टर जुड़े होते हैं।

4.2 सीपीयू के तीन आंतरिक कार्यात्मक अंग

1. अर्थमैटिक लॉजिक यूनिट (ALU - अंकगणित व तर्क इकाई):

यह सीपीयू का वास्तविक 'गणना कक्ष' है। यह दो प्रकार की संक्रियाएं संपन्न करता है:

  • अंकगणितीय संक्रियाएं (Arithmetic Operations): जोड़ (+), घटाव (-), गुणा (*), और भाग (/)।
  • तार्किक संक्रियाएं (Logical Operations): दो मानों की तुलना करना जैसे बड़ा है (>), छोटा है (<), बराबर है (=), या तार्किक निर्णय (AND, OR, NOT)।

2. कंट्रोल यूनिट (CU - नियंत्रण इकाई):

यह कंप्यूटर सिस्टम का "तंत्रिका तंत्र (Nervous System)" या 'ट्रैफिक पुलिस' है। यह स्वयं कोई गणना नहीं करता, परंतु कंप्यूटर के समस्त हार्डवेयर अंगों के बीच तालमेल बैठाता है:

  • मेमोरी से निर्देशों को क्रमानुसार प्राप्त (Fetch) करना।
  • निर्देशों को समझकर डिकोड (Decode) करना।
  • ALU, मेमोरी और इनपुट/आउटपुट उपकरणों को आवश्यक इलेक्ट्रॉनिक नियंत्रण सिग्नल भेजना।

3. रजिस्टर्स (Registers - आंतरिक तीव्र मेमोरी):

यह सीधे सीपीयू चिप के अंदर निर्मित अति-उच्च गति वाले छोटे मेमोरी स्थान होते हैं:

  • वर्तमान में निष्पादित हो रहे निर्देश और तात्कालिक डेटा को कुछ नैनोसेकंड के लिए संभालना।
  • प्रमुख रजिस्टर्स: एक्युमुलेटर (Accumulator - AC), प्रोग्राम काउंटर (PC), इंस्ट्रक्शन रजिस्टर (IR), मेमोरी एड्रेस रजिस्टर (MAR)।

4.3 सिस्टम बस एवं मशीन साइकिल (Machine Cycle)

सीपीयू, मेमोरी और इनपुट/आउटपुट उपकरणों के बीच इलेक्ट्रॉनिक सिग्नलों का आवागमन तारों के समानांतर समूहों द्वारा होता है, जिसे सिस्टम बस (System Bus) कहते हैं। यह तीन प्रकार की होती है:

  • डेटा बस (Data Bus): सीपीयू, मेमोरी और उपकरणों के बीच वास्तविक डेटा ले जाने वाली द्विदिशीय (Bidirectional) बस।
  • एड्रेस बस (Address Bus): मेमोरी में उस स्थान का पता (Address) ले जाने वाली एकदिशीय (Unidirectional) बस जहां से डेटा पढ़ना या लिखना है।
  • कंट्रोल बस (Control Bus): टाइमिंग और कंट्रोल सिग्नल्स (जैसे Read, Write, Interrupt) प्रसारित करने वाली बस।

मशीन साइकिल के 4 चरण (Fetch-Decode-Execute-Store):

1. फेच (Fetch): कंट्रोल यूनिट मेमोरी (RAM) से निर्देश लाती है। → 2. डिकोड (Decode): निर्देश का अर्थ समझती है। → 3. निष्पादन (Execute): ALU गणना या तार्किक क्रिया संपन्न करता है। → 4. स्टोर (Store): परिणाम को रजिस्टर या रैम में सुरक्षित किया जाता है।

इकाई 5: प्राथमिक मेमोरी (RAM/ROM) एवं द्वितीयक स्टोरेज तकनीकें

इकाई 5: प्राथमिक मेमोरी (RAM/ROM) एवं द्वितीयक स्टोरेज तकनीकें

प्राथमिक मेमोरी और द्वितीयक स्टोरेज में अंतर, रैम बनाम रोम, कैश मेमोरी, और हार्ड डिस्क (HDD) बनाम एसएसडी (SSD)।

5.1 कंप्यूटर मेमोरी का वर्गीकरण (Classification of Memory)

कंप्यूटर में डेटा, निर्देशों और परिणामों को सुरक्षित रखने वाले डिजिटल माध्यम को मेमोरी (Memory) कहते हैं। कार्यप्रणाली और सीपीयू से दूरी के आधार पर मेमोरी को दो मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया जाता है:

1. प्राथमिक या मुख्य मेमोरी (Primary / Main Memory):

यह सीधे मदरबोर्ड पर स्थापित अर्धचालक (Semiconductor) सिलिकॉन चिप्स होती हैं, जिनसे सीपीयू सीधे डेटा का आदान-प्रदान करता है।

  • रैंडम एक्सेस मेमोरी (RAM): वर्तमान में चल रहे प्रोग्रामों की अस्थाई कार्यकारी मेमोरी।
  • रीड ओनली मेमोरी (ROM): कंप्यूटर चालू करने के निर्देश (BIOS) रखने वाली स्थाई मेमोरी।
  • कैश मेमोरी (Cache): सीपीयू और रैम के बीच गति के अंतर को पाटने वाला अति-तीव्र बफर।

2. द्वितीयक स्टोरेज (Secondary / Auxiliary Storage):

विशाल मात्रा में डेटा, ऑपरेटिंग सिस्टम, सॉफ्टवेयर और उपयोगकर्ता फाइलों को हमेशा के लिए सुरक्षित रखने वाली स्थाई मेमोरी।

  • चुंबकीय माध्यम: हार्ड डिस्क ड्राइव (HDD)।
  • सॉलिड-स्टेट फ्लैश माध्यम: सॉलिड स्टेट ड्राइव (SSD), पेन ड्राइव (USB), मेमोरी कार्ड।
  • ऑप्टिकल डिस्क: सीडी (CD), डीवीडी (DVD), ब्लू-रे डिस्क।

5.2 रैम बनाम रोम: मुख्य अंतर (RAM vs. ROM)

तुलना का आधार रैम (RAM - Random Access Memory) रोम (ROM - Read Only Memory)
प्रकृति (Volatility) वाष्पशील (Volatile) — कंप्यूटर बंद होते ही इसमें लिखा सारा डेटा तत्काल मिट जाता है। गैर-वाष्पशील (Non-Volatile) — बिजली जाने पर भी डेटा हमेशा सुरक्षित रहता है।
संक्रिया (Read/Write) रीड एवं राइट दोनों (Read and Write Memory) — डेटा पढ़ा और बदला जा सकता है। केवल रीड (Read Only) — सामान्यतः उपयोगकर्ता इसमें बदलाव नहीं कर सकता।
संचित सामग्री वर्तमान में चल रहे ऑपरेटिंग सिस्टम के भाग, खुले हुए ऐप्स (जैसे Word, Paint) और असंसाधित डेटा। कंप्यूटर निर्माण के समय फैक्ट्री में लिखा गया बुनियादी बूटस्ट्रैप लोडर प्रोग्राम (BIOS / UEFI)।
प्रकार SRAM (Static RAM - तीव्र, कैश हेतु), DRAM (Dynamic RAM - नियमित रिफ्रेश, मुख्य रैम)। PROM (प्रोग्रामेबल), EPROM (पराबैंगनी किरणों से मिटने योग्य), EEPROM (विद्युत संकेत से मिटने योग्य)।
सामान्य क्षमता 4 GB, 8 GB, 16 GB, 32 GB। कुछ मेगाबाइट (जैसे 4 MB से 16 MB)।

5.3 आधुनिक द्वितीयक स्टोरेज: हार्ड डिस्क (HDD) बनाम सॉलिड स्टेट ड्राइव (SSD)

हार्ड डिस्क ड्राइव (HDD - पारंपरिक चुंबकीय स्टोरेज):

इसमें तेजी से घूमने वाली चुंबकीय प्लेटें (Platters) और एक यांत्रिक रीड/राइट हेड होता है।

  • लाभ: प्रति गीगाबाइट अत्यंत सस्ती लागत, विशाल क्षमता (1 TB से 10 TB)।
  • कमियां: गतिमान पुर्जों के कारण धीमी गति (100-150 MB/s), गिरने पर टूटने या क्रैश होने का जोखिम, आवाज व गर्मी पैदा करना।

सॉलिड स्टेट ड्राइव (SSD - आधुनिक फ्लैश स्टोरेज):

यह मोबाइल की तरह पूरी तरह से सेमीकंडक्टर फ्लैश मेमोरी चिप्स पर आधारित होती है। इसमें कोई घूमने वाला यांत्रिक भाग नहीं होता।

  • लाभ: एचडीडी से 5 से 10 गुना तेज गति (500 MB/s से 7000 MB/s NVMe), कंप्यूटर मात्र 10 सेकंड में बूट होता है, झटका-रोधी, शांत व ऊर्जा-कुशल।
  • कमियां: एचडीडी की तुलना में अधिक मूल्य।

इकाई 6: कंप्यूटर सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर एवं वर्गीकरण (सिस्टम बनाम अनुप्रयोग)

इकाई 6: कंप्यूटर सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर एवं वर्गीकरण (सिस्टम बनाम अनुप्रयोग)

हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का संबंध, सिस्टम सॉफ्टवेयर, ऑपरेटिंग सिस्टम, भाषा अनुवादक (कंपाइलर vs इंटरप्रेटर) और एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर।

6.1 सॉफ्टवेयर क्या है? (What is Software?)

कंप्यूटर केवल इलेक्ट्रॉनिक धातु और सिलिकॉन चिप्स का एक निर्जीव ढांचा (हार्डवेयर) है। जब तक इसे यह न बताया जाए कि क्या करना है, यह कुछ नहीं कर सकता। कंप्यूटर को विशिष्ट कार्य करने हेतु दिए जाने वाले नियमों, निर्देशों और प्रोग्रामों के सुव्यवस्थित समूह को सॉफ्टवेयर (Software) कहते हैं।

★ दार्शनिक उपमा: हार्डवेयर कंप्यूटर का भौतिक शरीर (Body) है, जबकि सॉफ्टवेयर उसकी अंतर्निहित आत्मा (Soul) है। दोनों एक-दूसरे के बिना पूर्णतः व्यर्थ हैं।

6.2 सॉफ्टवेयर का मुख्य वर्गीकरण

1. सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software):

वे प्रोग्राम जो कंप्यूटर हार्डवेयर के आंतरिक संचालन को नियंत्रित, प्रबंधित और समन्वित करते हैं तथा एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर को चलाने हेतु आधारभूत मंच प्रदान करते हैं:

  • ऑपरेटिंग सिस्टम (OS): कंप्यूटर का मुख्य प्रबंधक (उदा. Windows 10/11, BOSS Linux, Android, macOS)।
  • डिवाइस ड्राइवर्स (Device Drivers): विशेष हार्डवेयर (प्रिंटर, स्कैनर, साउंड कार्ड) को ओएस से जोड़ने वाले ट्रांसलेटर प्रोग्राम।
  • भाषा अनुवादक (Language Translators): मानव-पठनीय कोड को कंप्यूटर की मशीनी भाषा (0 और 1) में बदलने वाले टूल्स।

2. यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility Software):

कंप्यूटर की सुरक्षा, रखरखाव, सुचारु कार्यक्षमता और मेमोरी प्रबंधन में सहायता करने वाले 'सर्विसिंग टूल्स':

  • एंटीवायरस (Antivirus): वायरस और मैलवेयर से कंप्यूटर की सुरक्षा (उदा. Windows Defender, Quick Heal)।
  • डिस्क क्लीनअप एवं डीफ्रैग्मेंटर: अनावश्यक अस्थायी फाइलों को हटाना और फाइलों को सुव्यवस्थित करना।
  • फाइल कम्प्रेशन: बड़ी फाइलों का आकार छोटा करना (उदा. WinRAR, 7-Zip)।

3. एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software):

वे प्रोग्राम जो उपयोगकर्ता की विशिष्ट व्यक्तिगत, शैक्षणिक या व्यावसायिक आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु बनाए जाते हैं:

  • सामान्य उद्देश्य: वर्ड प्रोसेसर (MS Word), स्प्रेडशीट (Excel), प्रेजेंटेशन (PowerPoint), वेब ब्राउजर (Google Chrome), पेंट (MS Paint)।
  • विशिष्ट उद्देश्य (कस्टमाइज्ड): स्कूल फीस व परीक्षा प्रबंधन सॉफ्टवेयर, अस्पताल बिलिंग सिस्टम, रेलवे आरक्षण सॉफ्टवेयर (IRCTC)।

6.3 भाषा अनुवादक: कंपाइलर बनाम इंटरप्रेटर (Compiler vs. Interpreter)

कंप्यूटर केवल बाइनरी मशीनी भाषा (0 और 1) समझता है, जबकि मनुष्य प्रोग्रामिंग उच्च-स्तरीय भाषाओं (C++, Python, Java) में करता है। इन्हें अनुवाद करने के लिए दो मुख्य टूल्स होते हैं:

तुलना का बिंदु कंपाइलर (Compiler) इंटरप्रेटर (Interpreter)
अनुवाद की विधि संपूर्ण सोर्स कोड (पूरे प्रोग्राम) को एक साथ एक ही बार में स्कैन करके मशीनी कोड में बदलता है। प्रोग्राम को पंक्ति-दर-पंक्ति (Line by Line) क्रमिक रूप से अनुवाद और निष्पादित करता है।
ऑब्जेक्ट फाइल निर्माण हाँ — अनुवाद के बाद एक स्थायी एक्जीक्यूटेबल फाइल (जैसे .exe) बनाता है। नहीं — कोई स्वतंत्र ऑब्जेक्ट फाइल नहीं बनती; हर बार नया अनुवाद आवश्यक होता है।
त्रुटि (Bug) प्रदर्शन पूरा कोड स्कैन करने के बाद सभी त्रुटियों की सूची एक साथ अंत में दिखाता है। जिस पंक्ति में पहली गलती मिलती है, वहीं रुक जाता है; ठीक करने पर ही आगे बढ़ता है।
निष्पादन गति एवं उदाहरण अत्यंत तीव्र निष्पादन।
उदाहरण: C, C++ कंपाइलर।
अपेक्षाकृत धीमा निष्पादन।
उदाहरण: Python, JavaScript, BASIC।

इकाई 7: डिजिटल डेटा निरूपण, मेमोरी मापन इकाइयाँ एवं कम्युनिकेशन पोर्ट्स

इकाई 7: डिजिटल डेटा निरूपण, मेमोरी मापन इकाइयाँ एवं कम्युनिकेशन पोर्ट्स

बिट, निबल, बाइट से लेकर टेराबाइट तक की मापन इकाइयां, 1024 का बाइनरी नियम, और कंप्यूटर के प्रमुख इनपुट/आउटपुट पोर्ट्स।

7.1 डिजिटल डेटा की आधारभूत इकाइयाँ (Bit, Nibble, Byte)

कंप्यूटर के सभी डिजिटल सर्किट सिलिकॉन ट्रांजिस्टरों से बने होते हैं, जो केवल दो विद्युत अवस्थाएं समझ सकते हैं: चालू (ON = 1) अथवा बंद (OFF = 0)। इस द्वि-आधारीय प्रणाली को बाइनरी नंबर सिस्टम (Binary System) कहते हैं:

1. बिट (Bit - Binary Digit):

कंप्यूटर मेमोरी में डेटा की सबसे छोटी अविभाज्य इकाई। यह केवल एक एकल बाइनरी अंक—'0' अथवा '1'—को प्रदर्शित कर सकती है।

2. निबल (Nibble):

4 बिट्स का समूह एक निबल कहलाता है। यह ठीक आधा बाइट होता है (उदा. बाइनरी 1010 एक निबल है)।

3. बाइट (Byte):

8 बिट्स का समूह एक बाइट कहलाता है। कीबोर्ड का कोई भी एक एकल वर्ण (अक्षर 'A', अंक '7', या स्पेस) मेमोरी में ठीक 1 बाइट स्थान घेरता है।

7.2 मेमोरी मापन इकाइयाँ एवं 1,024 का बाइनरी नियम

दशमलव प्रणाली में 'किलो' का अर्थ 1,000 होता है, परंतु कंप्यूटर में मेमोरी एड्रेसिंग 2 की घातों (Powers of 2) पर चलती है। 1,000 के सबसे निकट 2 की घात 210 = 1,024 होती है। इसलिए कंप्यूटर विज्ञान में प्रत्येक अगली मेमोरी इकाई पूर्ववर्ती इकाई की 1,024 गुना होती है:

इकाई का नाम संक्षिप्त रूप सटीक मान (बाइनरी संबंध) व्यावहारिक तुलनात्मक पैमाना
किलोबाइट 1 KB 1,024 Bytes (210 Bytes) लगभग 1 पेज का सादा टाइप किया हुआ पाठ।
मेगाबाइट 1 MB 1,024 KB = 1,048,576 Bytes (220 B) 1 सामान्य एमपी3 गाना या 1 मोटी किताब का पाठ।
गीगाबाइट 1 GB 1,024 MB = 1,073,741,824 Bytes (230 B) 1 उच्च गुणवत्ता वाली एचडी मूवी या 1 दिन का मोबाइल डेटा।
टेराबाइट 1 TB 1,024 GB = 240 Bytes एक आधुनिक कंप्यूटर की हार्ड डिस्क या 2.5 लाख फोटो।
पेटाबाइट 1 PB 1,024 TB = 250 Bytes विशाल डेटा केंद्र (जैसे Google या YouTube सर्वर)।

7.3 कंप्यूटर कम्युनिकेशन पोर्ट्स (Hardware Connection Ports)

कंप्यूटर के सीपीयू कैबिनेट (कैबिनेट के पीछे या सामने) पर विभिन्न बाहरी बाह्य उपकरणों (पेरिफेरल्स) को जोड़ने हेतु विशेष स्लॉट्स बने होते हैं, जिन्हें कम्युनिकेशन पोर्ट्स (Ports) कहते हैं:

1. यूएसबी पोर्ट (USB - Universal Serial Bus):

सर्वाधिक लोकप्रिय सार्वभौमिक पोर्ट। इसका उपयोग कीबोर्ड, माउस, पेन ड्राइव, प्रिंटर और मोबाइल चार्जिंग केबल जोड़ने में होता है। आधुनिक संस्करण: USB Type-A और Type-C।

2. एचडीएमआई पोर्ट (HDMI - High-Definition Multimedia):

उच्च गुणवत्ता वाले डिजिटल वीडियो और बहु-चैनल ऑडियो संकेतों को एक ही केबल से मॉनिटर, स्मार्ट टीवी या प्रोजेक्टर पर भेजने वाला पोर्ट।

3. वीजीए पोर्ट (VGA - Video Graphics Array):

पारंपरिक 15-पिन वाला नीले रंग का पोर्ट। इसका उपयोग केवल वीडियो सिग्नल (बिना ऑडियो) को पुराने सीआरटी या एलसीडी मॉनिटर तक भेजने हेतु होता है।

4. ईथरनेट पोर्ट (Ethernet / LAN RJ-45 Port):

कंप्यूटर को वायर्ड लोकल एरिया नेटवर्क (LAN) या हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड राउटर से जोड़ने हेतु प्रयुक्त 8-पिन वाला नेटवर्किंग पोर्ट।

प्रोग्रामिंग सिंटेक्स, स्टेटमेंट्स एवं भाषा अनुवादक नियम

आईपीओएस (IPOS) चक्र एवं डेटा प्रोसेसिंग प्रवाह फ्रेमवर्क
कंप्यूटर की पांच पीढ़ियों का तकनीकी विकास विश्लेषण फ्रेमवर्क
कंप्यूटर वर्गीकरण चयन फ्रेमवर्क (कार्यप्रणाली एवं आकार)
सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (ALU, CU, Registers) समन्वय फ्रेमवर्क
प्राथमिक मेमोरी (RAM vs ROM) एवं वाष्पशीलता निर्णय फ्रेमवर्क
आधुनिक स्टोरेज प्रौद्योगिकी चयन फ्रेमवर्क (HDD vs SSD)
कंप्यूटर सॉफ्टवेयर पारिस्थितिकी तंत्र (सिस्टम, यूटिलिटी, अनुप्रयोग) फ्रेमवर्क
डिजिटल मेमोरी इकाइयाँ एवं बाइनरी रूपांतरण ($2^{10} = 1024$) फ्रेमवर्क

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
रैम (RAM) और रोम (ROM) में किन्हीं दो मुख्य अंतरों को स्पष्ट कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

रैम (RAM) और रोम (ROM) में दो प्रमुख अंतर निम्नलिखित हैं:

  1. वाष्पशीलता (Volatility):
    रैम (RAM): यह एक वाष्पशील (Volatile) मेमोरी है, अर्थात् कंप्यूटर बंद होते ही या बिजली कटते ही इसमें संचित सारा डेटा तुरंत नष्ट हो जाता है।
    रोम (ROM): यह एक गैर-वाष्पशील (Non-Volatile) मेमोरी है, जिसमें संचित डेटा बिजली जाने पर भी स्थायी रूप से सुरक्षित रहता है।
  2. संक्रिया की प्रकृति (Read/Write Capability):
    रैम (RAM): यह एक रीड एवं राइट (Read & Write) मेमोरी है, जिसमें सीपीयू डेटा को पढ़ भी सकता है और नया डेटा लिख/बदल भी सकता है।
    रोम (ROM): यह केवल रीड ओनली (Read Only) मेमोरी है, जिसमें संचित बुनियादी निर्देशों (जैसे BIOS) को केवल पढ़ा जा सकता है, सामान्यतः बदला नहीं जा सकता।
उदाहरण 2
जीआईजीओ (GIGO) सिद्धांत से क्या तात्पर्य है? कंप्यूटर की सटीकता के संदर्भ में इसके महत्व को उदाहरण सहित समझाइए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

1. जीआईजीओ (GIGO) का पूर्ण रूप एवं अर्थ:
GIGO का पूर्ण रूप Garbage In, Garbage Out (कचरा अंदर, कचरा बाहर) है। यह कंप्यूटर विज्ञान का एक आधारभूत सिद्धांत है जो यह बताता है कि कंप्यूटर द्वारा दिया जाने वाला आउटपुट पूर्णतः उपयोगकर्ता द्वारा दिए गए इनपुट की शुद्धता पर निर्भर करता है।

2. सटीकता के संदर्भ में महत्व:
कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जिसके पास स्वतः सोचने की कोई बुद्धि (Zero IQ) नहीं होती। यह स्वयं कभी गणना में गलती नहीं करता। यदि कंप्यूटर में कोई त्रुटिपूर्ण परिणाम (Garbage Out) आता है, तो उसका कारण कंप्यूटर का खराब होना नहीं, बल्कि मनुष्य द्वारा दिया गया गलत डेटा या प्रोग्रामिंग निर्देश (Garbage In) होता है।

3. उदाहरण:
यदि किसी छात्र के अंक 85 हैं, परंतु शिक्षक गलती से कीबोर्ड पर 58 टाइप कर देते हैं, तो कंप्यूटर मार्कशीट में 58 अंक ही छापेगा और प्रतिशत भी 58 के आधार पर निकालेगा। यहाँ कंप्यूटर ने अपनी गणना बिल्कुल सही की, परंतु गलत इनपुट के कारण परिणाम अवांछित आया।

उदाहरण 3
भाषा अनुवादक के रूप में कंपाइलर (Compiler) और इंटरप्रेटर (Interpreter) की कार्यप्रणाली में किन्हीं तीन मुख्य अंतरों का उल्लेख कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

कंपाइलर और इंटरप्रेटर में तीन मुख्य अंतर निम्नलिखित हैं:

तुलना का आधार कंपाइलर (Compiler) इंटरप्रेटर (Interpreter)
1. अनुवाद की विधि यह संपूर्ण सोर्स प्रोग्राम को एक साथ एक ही बार में स्कैन करके मशीनी कोड में बदल देता है। यह प्रोग्राम को पंक्ति-दर-पंक्ति (Line-by-Line) एक-एक वाक्य करके अनुवाद और निष्पादित करता है।
2. ऑब्जेक्ट फाइल निर्माण यह अनुवाद के बाद एक स्थायी स्वतंत्र मशीन फाइल (जैसे .exe) बनाता है, जिसे बिना कंपाइलर के बार-बार चलाया जा सकता है। यह कोई स्वतंत्र ऑब्जेक्ट फाइल नहीं बनाता; प्रोग्राम को चलाने हेतु हर बार इंटरप्रेटर की आवश्यकता होती है।
3. त्रुटि (Bug) प्रदर्शन पूरे कोड को स्कैन करने के पश्चात प्रोग्राम की सभी त्रुटियों की सूची एक साथ अंत में प्रदर्शित करता है। जिस पंक्ति में पहली गलती मिलती है, वहीं रुक जाता है; जब तक वह पंक्ति ठीक न हो, आगे नहीं बढ़ता।
उदाहरण 4
सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU) के तीन प्रमुख आंतरिक घटकों—ALU, CU, और रजिस्टर्स—के कार्यों का सविस्तार वर्णन कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU) कंप्यूटर का मुख्य मस्तिष्क है। इसके तीन प्रमुख आंतरिक कार्यात्मक अंग निम्नलिखित हैं:

1. अर्थमैटिक लॉजिक यूनिट (ALU - Arithmetic Logic Unit) [1.5 अंक]:
यह सीपीयू की वास्तविक गणना इकाई है। यह दो प्रकार की संक्रियाएं करती है:
• अंकगणितीय संक्रियाएं: जोड़ (+), घटाव (-), गुणा (*), और भाग (/) जैसी गणितीय गणनाएं।
• तार्किक संक्रियाएं: दो मानों की परस्पर तुलना करना जैसे बड़ा है (>), छोटा है (<), बराबर है (=), अथवा हाँ/ना में निर्णय लेना।

2. कंट्रोल यूनिट (CU - Control Unit) [1.5 अंक]:
कंट्रोल यूनिट कंप्यूटर का 'केंद्रीय तंत्रिका तंत्र' या ट्रैफिक पुलिस है। यह स्वयं कोई डेटा प्रोसेस नहीं करती, बल्कि कंप्यूटर के समस्त अंगों के बीच समन्वय स्थापित करती है:
• मेमोरी से निर्देशों को क्रमानुसार फेच (Fetch) करना और उन्हें डिकोड करना।
• ALU, मेमोरी और इनपुट/आउटपुट उपकरणों को उचित समय पर नियंत्रण सिग्नल (Timing & Control Signals) भेजकर उनसे कार्य करवाना।

3. रजिस्टर्स (Registers) [1 अंक]:
यह सीधे सीपीयू चिप के अंदर स्थित अत्यंत छोटे लेकिन कंप्यूटर के सबसे तीव्र गति वाले मेमोरी स्थान होते हैं। ये वर्तमान में निष्पादित हो रहे निर्देशों, डेटा के मानों और तत्काल परिणामों को कुछ नैनोसेकंड के लिए संभालते हैं (उदा. Accumulator, Program Counter)।

उदाहरण 5
कंप्यूटर की प्रथम चार पीढ़ियों (First to Fourth Generation) के मुख्य इलेक्ट्रॉनिक घटक, प्रोग्रामिंग भाषा और एक-एक प्रमुख उदाहरण की तुलनात्मक तालिका बनाइए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

कंप्यूटर की प्रथम से चतुर्थ पीढ़ी का तुलनात्मक विवरण:

पीढ़ी एवं समयावधि मुख्य इलेक्ट्रॉनिक घटक प्रयुक्त भाषा प्रमुख उदाहरण
प्रथम पीढ़ी (1940 - 1956) वैक्यूम ट्यूब (Vacuum Tubes) मशीनी भाषा (Machine Language - 0, 1) ENIAC, UNIVAC-I
द्वितीय पीढ़ी (1956 - 1963) ट्रांजिस्टर (Transistors) असेंबली भाषा, FORTRAN, COBOL IBM 1401, CDC 1604
तृतीय पीढ़ी (1964 - 1971) इंटीग्रेटेड सर्किट (IC चिप्स) उच्च-स्तरीय भाषाएं (BASIC, PASCAL) IBM 360, PDP-8
चतुर्थ पीढ़ी (1971 - वर्तमान) माइक्रोप्रोसेसर (VLSI एवं ULSI) C, C++, Java, Python, SQL Intel Core i5/i7, Apple Mac
उदाहरण 6
(a) एक 4 GB (गीगाबाइट) की वीडियो फाइल को क्रमशः (i) मेगाबाइट (MB), (ii) किलोबाइट (KB), और (iii) बाइट्स (Bytes) में परिवर्तित कीजिए। [3 अंक] (b) कंप्यूटर मेमोरी में 1 KB बराबर 1,000 बाइट्स न होकर 1,024 बाइट्स क्यों होता है? कारण स्पष्ट कीजिए। [1 अंक] (c) इस 4 GB की फाइल को एक विद्यालय से दूसरे विद्यालय ले जाने हेतु कौन सा द्वितीयक स्टोरेज उपकरण सर्वाधिक उपयुक्त होगा और क्यों? [1 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:

भाग (a): 4 GB का चरणबद्ध गणितीय रूपांतरण [3 अंक]:

  • (i) मेगाबाइट (MB) में रूपांतरण:
    चूंकि $1\text{ GB} = 1,024\text{ MB}$ होता है:
    $\text{आकार (MB)} = 4 \times 1,024 = \mathbf{4,096\text{ MB}}$। [1 अंक]
  • (ii) किलोबाइट (KB) में रूपांतरण:
    चूंकि $1\text{ MB} = 1,024\text{ KB}$ होता है:
    $\text{आकार (KB)} = 4,096 \times 1,024 = \mathbf{4,194,304\text{ KB}}$। [1 अंक]
  • (iii) बाइट्स (Bytes) में रूपांतरण:
    चूंकि $1\text{ KB} = 1,024\text{ Bytes}$ होता है:
    $\text{आकार (Bytes)} = 4,194,304 \times 1,024 = \mathbf{4,294,967,296\text{ Bytes}}$। [1 अंक]

भाग (b): 1,024 होने का वैज्ञानिक कारण [1 अंक]:

डिजिटल कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिस्टरों से बने होते हैं जो बाइनरी नंबर सिस्टम (आधार 2) पर कार्य करते हैं (0 या 1)। इसलिए कंप्यूटर की मेमोरी क्षमता सदैव 2 की घात ($2^n$) के रूप में बढ़ती है। दशमलव उपसर्ग 'किलो' (1,000) के सर्वाधिक निकट 2 की घात $2^{10}$ होती है:
$2^{10} = 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 = \mathbf{1,024}$।
अतः कंप्यूटर विज्ञान में 1 किलोबाइट ठीक 1,024 बाइट्स के बराबर होता है।

भाग (c): उपयुक्त द्वितीयक स्टोरेज माध्यम एवं औचित्य [1 अंक]:

पेन ड्राइव (USB Flash Drive) या पोर्टेबल एक्सटर्नल एसएसडी (8 GB या 16 GB क्षमता) सर्वाधिक उपयुक्त माध्यम है।
औचित्य: यह आकार में अत्यंत छोटी और जेब में रखने योग्य है, इसमें कोई गतिमान यांत्रिक भाग नहीं होता जिससे यह गिरने पर खराब नहीं होती, और यह सामान्य सीडी (700 MB) से कहीं अधिक क्षमता रखती है।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

विद्यार्थी अक्सर यह मान लेते हैं कि कंप्यूटर में अपनी स्वयं की बुद्धि (IQ) होती है और वह स्वतंत्र रूप से सोचकर निर्णय ले सकता है।

सही वैज्ञानिक तथ्य

कंप्यूटर के पास अपनी कोई बुद्धि नहीं होती (Zero IQ)। यह केवल एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो मनुष्य द्वारा लिखे गए पूर्व-निर्धारित प्रोग्राम निर्देशों का चरणबद्ध पालन करता है। जो बुद्धिमत्ता हमें दिखाई देती है, वह वस्तुतः सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की प्रोग्रामिंग की देन है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

छात्र यह भ्रम पाल लेते हैं कि रैम (RAM) और रोम (ROM) दोनों ही अस्थाई मेमोरी हैं जो कंप्यूटर बंद होते ही मिट जाती हैं।

सही वैज्ञानिक तथ्य

केवल रैम (Random Access Memory) वाष्पशील (Volatile) होती है, जिसका डेटा बिजली जाते ही नष्ट हो जाता है। इसके विपरीत, रोम (Read Only Memory) गैर-वाष्पशील (Non-Volatile) होती है; इसमें बूटस्ट्रैप फर्मवेयर (BIOS/UEFI) स्थायी रूप से संचित रहता है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

विद्यार्थी सोचते हैं कि कंप्यूटर द्वारा की गई गणना में त्रुटि का कारण सीपीयू चिप की गणितीय गलती है।

सही वैज्ञानिक तथ्य

माइक्रोप्रोसेसर सिलिकॉन चिप्स शत-प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक शुद्धता से गणना करती हैं। कंप्यूटर में गणना की गलती लगभग 100% मामलों में मनुष्य द्वारा दिए गए गलत इनपुट डेटा या दोषपूर्ण प्रोग्रामिंग लॉजिक के कारण होती है, जिसे GIGO (Garbage In, Garbage Out) सिद्धांत कहते हैं।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

दशमलव पद्धति के सामान्य ज्ञान के आधार पर विद्यार्थी 1 किलोबाइट (1 KB) को ठीक 1,000 बाइट्स मान लेते हैं।

सही वैज्ञानिक तथ्य

कंप्यूटर डिजिटल सर्किट पर कार्य करता है जो बाइनरी प्रणाली (आधार 2) पर आधारित है। 1,000 के निकटतम 2 की घात 2^10 = 1,024 होती है। अतः 1 KB में ठीक 1,024 बाइट्स होते हैं, 1,000 बाइट्स नहीं।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

विद्यार्थी कंपाइलर और इंटरप्रेटर दोनों को समान रूप से कार्य करने वाला अनुवादक मान लेते हैं।

सही वैज्ञानिक तथ्य

कंपाइलर पूरे सोर्स कोड को एक साथ एक ही बार में स्कैन करके एक स्वतंत्र एक्जीक्यूटेबल फाइल (.exe) बनाता है, जबकि इंटरप्रेटर प्रोग्राम को पंक्ति-दर-पंक्ति (Line-by-Line) क्रमिक अनुवाद करता है और कोई स्वतंत्र ऑब्जेक्ट फाइल नहीं बनाता।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

छात्र मेनफ्रेम कंप्यूटर और सुपरकंप्यूटर को एक ही प्रकार का बड़ा सर्वर मान लेते हैं।

सही वैज्ञानिक तथ्य

सुपरकंप्यूटर अधिकतम गणना गति (FLOPS) हेतु निर्मित होते हैं जो एक ही जटिल वैज्ञानिक समस्या (जैसे मौसम पूर्वानुमान) पर हजारों प्रोसेसर लगाते हैं। मेनफ्रेम कंप्यूटर अधिकतम लेन-देन थ्रूपुट और विश्वसनीयता हेतु होते हैं जो लाखों समवर्ती व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं (जैसे बैंक एटीएम या रेलवे आरक्षण) को संभालते हैं।

चित्रात्मक व्याख्या एवं मॉडल

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) कक्षा 6 कंप्यूटर साइंस | अध्याय 1 कंप्यूटर सिस्टम के मूलभूत सिद्धांत (Fundamentals of Computer Systems) PANEL 1: आईपीओएस (IPOS) चक्र एवं कार्यात्मक कंप्यूटर आर्किटेक्चर 1. इनपुट (INPUT) कच्चे डेटा एवं निर्देशों का प्रवेश • कीबोर्ड (Keyboard) • माउस (Mouse / Pointer) • स्कैनर एवं वेबकैम • माइक्रोफोन (ध्वनि इनपुट) 2. प्रोसेसिंग (PROCESS) सीपीयू (CPU - मस्तिष्क) • ALU: अंकगणितीय व तार्किक गणना • CU: नियंत्रण एवं समन्वय • Registers: अति-तीव्र मेमोरी • गति: GHz / MIPS में मापन 3. आउटपुट (OUTPUT) सार्थक सूचना की प्रस्तुति • मॉनिटर (सॉफ्ट कॉपी डिस्प्ले) • प्रिंटर (हार्ड कॉपी प्रिंट) • स्पीकर (ध्वनि आउटपुट) • प्रोजेक्टर (बड़ी स्क्रीन) 4. स्टोरेज (STORAGE) भविष्य हेतु स्थायी संचयन • हार्ड डिस्क ड्राइव (HDD) • सॉलिड स्टेट ड्राइव (SSD) • पेन ड्राइव (USB Flash) • ऑप्टिकल डिस्क (CD / DVD) कंप्यूटर की 6 प्रमुख विशेषताएं (Key Characteristics): • तीव्र गति (Speed): प्रति सेकंड अरबों निर्देशों का निष्पादन (GHz / MIPS) • सटीकता (Accuracy & GIGO): त्रुटिहीन गणना; कचरा इनपुट = कचरा परिणाम • कर्मठता (Diligence): बिना थके, बिना ऊबे निरंतर समान शुद्धता से कार्य • बहुमुखी प्रतिभा (Versatility): शिक्षण, गणना, संगीत, गेमिंग • विशाल मेमोरी (Storage): टीबी में डेटा का स्थायी संचयन • स्वचालन (Automation): निर्देश मिलने पर पूर्णतः स्वतः कार्य प्रमुख सीमाएं (Core Limitations): • शून्य आईक्यू (Zero IQ): सोचने व निर्णय की स्वतः क्षमता नहीं • भावनाहीन (No Feelings): दया, क्रोध या थकान का अभाव • विद्युत निर्भरता: बिना बिजली/बैटरी पूर्णतः निष्क्रिय धातु PANEL 2: ऐतिहासिक विकास एवं कंप्यूटर की 5 प्रमुख पीढ़ियां प्रथम पीढ़ी (1940-56) मुख्य तकनीक: • वैक्यूम ट्यूब (18,000+) मेमोरी व इनपुट: • मैग्नेटिक ड्रम / पंच कार्ड प्रोग्रामिंग भाषा: • केवल मशीनी भाषा (0 व 1) कमियां: • कमरे जितना आकार • अत्यधिक ऊष्मा व बिजली प्रमुख उदाहरण: ENIAC, EDVAC, UNIVAC-I द्वितीय पीढ़ी (1956-63) मुख्य तकनीक: • ट्रांजिस्टर (Transistor) मेमोरी व इनपुट: • मैग्नेटिक कोर मेमोरी प्रोग्रामिंग भाषा: • असेंबली भाषा, FORTRAN सुधार: • आकार में छोटा व तेज • कम बिजली की खपत प्रमुख उदाहरण: IBM 1401, IBM 7094, CDC 1604 तृतीय पीढ़ी (1964-71) मुख्य तकनीक: • इंटीग्रेटेड सर्किट (IC चिप) यूजर इंटरफेस: • कीबोर्ड व मॉनिटर का आगमन प्रोग्रामिंग भाषा: • COBOL, PASCAL, BASIC सुधार: • ऑपरेटिंग सिस्टम की शुरुआत • टाइम-शेयरिंग मल्टीटास्किंग प्रमुख उदाहरण: IBM 360, PDP-8, TDC-316 चतुर्थ पीढ़ी (1971-वर्तमान) मुख्य तकनीक: • माइक्रोप्रोसेसर (VLSI/ULSI) यूजर इंटरफेस: • जीयूआई (GUI), माउस, विंडोज प्रोग्रामिंग भाषा: • C, C++, Java, Python क्रांति: • पर्सनल कंप्यूटर (PC) का उदय • इंटरनेट व नेटवर्किंग का प्रसार प्रमुख उदाहरण: Intel 4004/i7, Apple Mac, IBM PC पंचम पीढ़ी (भविष्य/AI) मुख्य तकनीक: • कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI & ML) प्रोसेसिंग आर्किटेक्चर: • समानांतर (Parallel) प्रोसेसिंग इंटरैक्शन माध्यम: • प्राकृतिक भाषा (Voice/Vision) अत्याधुनिक तकनीक: • क्वांटम व न्यूरोमॉर्फिक कंप्यूटिंग • रोबोटिक्स एवं स्वायत्त प्रणालियां प्रमुख उदाहरण: Param Siddhi, IBM Watson, रोबोट्स PANEL 3: कंप्यूटर का वर्गीकरण: कार्यप्रणाली एवं आकार के आधार पर क. कार्यप्रणाली के आधार पर (By Principle of Operation) 1. एनालॉग कंप्यूटर (Analog Computer): • सतत भौतिक राशियों (तापमान, दबाव, वोल्टेज) को मापता है। • उदाहरण: स्पीडोमीटर, पारंपरिक थर्मामीटर, वोल्टमीटर। 2. डिजिटल कंप्यूटर (Digital Computer): • असतत बाइनरी अंकों (0 और 1) पर उच्च सटीकता से गणना करता है। • उदाहरण: डेस्कटॉप पीसी, लैपटॉप, स्मार्टफोन, कैलकुलेटर। 3. हाइब्रिड कंप्यूटर (Hybrid Computer): • एनालॉग की गति + डिजिटल की सटीकता का आदर्श संयोजन। • उदाहरण: अस्पताल का आईसीयू मॉनिटर (ईसीजी), आधुनिक पेट्रोल पंप मशीन। ख. आकार एवं कार्यक्षमता के आधार पर (By Size & Capacity) 1. माइक्रोकंप्यूटर (Microcomputer - PC): • एकल उपयोगकर्ता प्रणाली; घरों, विद्यालयों एवं कार्यालयों में प्रयुक्त। उदा: डेस्कटॉप, लैपटॉप, टैबलेट, स्मार्टफोन। 2. मिनीकंप्यूटर (Minicomputer): • मध्यम आकार का मल्टी-यूजर सर्वर; 50-100 उपयोगकर्ताओं का समर्थन। उदा: PDP-11, VAX, विभागीय विश्वविद्यालय सर्वर। 3. मेनफ्रेम कंप्यूटर (Mainframe Computer): • विशाल मेमोरी, 24x7 विश्वसनीयता, हजारों समवर्ती उपयोगकर्ताओं का समर्थन। उदा: बैंकिंग एटीएम नेटवर्क, रेलवे आरक्षण (IRCTC), बीमा निगम। 4. सुपरकंप्यूटर (Supercomputer): • सर्वोच्च गणना क्षमता (FLOPS/पेटाफ्लॉप्स); समानांतर हजारों प्रोसेसर। उदा: भारत का PARAM Siddhi-AI, Pratyush; मौसम, अंतरिक्ष अनुसंधान। PANEL 4: हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर पारिस्थितिकी तंत्र (Hardware vs. Software Ecosystem) 💻 कंप्यूटर हार्डवेयर (मूर्त भौतिक घटक) 1. इनपुट उपकरण (Input Devices): • कीबोर्ड, ऑप्टिकल माउस, स्कैनर, ओएमआर, बारकोड रीडर 2. सीपीयू एवं मदरबोर्ड (Central Processing Unit): • माइक्रोप्रोसेसर (ALU, CU, Registers), सिस्टम बस, क्लॉक 3. आउटपुट उपकरण (Output Devices): • एलईडी मॉनिटर, लेजर/इंकजेट प्रिंटर, प्लॉटर, ऑडियो स्पीकर 4. मेमोरी एवं स्टोरेज (Memory & Storage): • प्राथमिक: RAM, ROM; द्वितीयक: HDD, SSD, USB फ्लैश ड्राइव ⚠ हार्डवेयर विशेषता: जिन्हें हम अपनी आंखों से देख सकते हैं और हाथों से छू सकते हैं। 🖥 कंप्यूटर सॉफ्टवेयर (अमूर्त निर्देश समूह) 1. सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software): • ऑपरेटिंग सिस्टम: Windows, BOSS Linux, Android • भाषा अनुवादक: Assembler, Compiler, Interpreter • डिवाइस ड्राइवर्स: प्रिंटर, ग्राफिक्स व ऑडियो ड्राइवर 2. यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility Software): • एंटीवायरस (Quick Heal), डिस्क क्लीनअप, फाइल कम्प्रेशन 3. एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software): • सामान्य उद्देश्य: MS Word, Excel, Paint, Chrome • विशिष्ट उद्देश्य: स्कूल प्रबंधन, रेलवे टिकटिंग, बैंक सॉफ्टवेयर ✔ सॉफ्टवेयर विशेषता: नियमों व प्रोग्रामों का तार्किक समूह; हार्डवेयर को नियंत्रित करता है। PANEL 5: कंप्यूटर मेमोरी पदानुक्रम एवं डेटा मापन इकाइयां मेमोरी पदानुक्रम पिरामिड (गति बनाम क्षमता) 1. CPU Registers सर्वोच्च गति | Bytes क्षमता 2. कैश मेमोरी (L1 / L2 / L3 Cache) अति-तीव्र बफर | MB क्षमता | SRAM तकनीक 3. प्राथमिक मेमोरी (Primary RAM & ROM) कार्यकारी मेमोरी | 4 GB - 32 GB | DRAM तकनीक | वाष्पशील (RAM) 4. द्वितीयक स्टोरेज (Secondary Storage - HDD / SSD / Pen Drive) स्थायी गैर-वाष्पशील संचयन | 256 GB - 4 TB | चुंबकीय एवं फ्लैश तकनीक ↑ ऊपर जाने पर गति व लागत बढ़ती है | ↓ नीचे जाने पर क्षमता बढ़ती है डिजिटल डेटा मापन इकाइयां (Binary Scale 2^10 = 1024) 1 Bit (बाइनरी अंक): 0 अथवा 1 (विद्युत संकेत बंद / चालू) 1 Nibble (निबल): 4 Bits का समूह (आधा बाइट) 1 Byte (बाइट): 8 Bits (ठीक 1 अक्षर या वर्ण का स्थान) 1 KB (किलोबाइट): 1,024 Bytes (2^10 Bytes) 1 MB (मेगाबाइट): 1,024 KB = 1,048,576 Bytes 1 GB (गीगाबाइट): 1,024 MB = 1,073,741,824 Bytes 1 TB (टेराबाइट): 1,024 GB (आधुनिक हार्ड डिस्क मानक) 1 PB (पेटाबाइट): 1,024 TB (विशाल डेटा केंद्र एवं क्लाउड) ★ स्मृति सूत्र: बाइनरी आधार होने के कारण प्रत्येक इकाई पूर्ववर्ती की 1,024 गुना होती है।

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डेटा प्रोसेसिंग मशीन है जो आईपीओएस (Input -> Process -> Output -> Storage) चक्र पर कार्य करती है।
मुख्य बिंदु 2
डेटा असंसाधित कच्चे आंकड़े हैं, जबकि इन पर प्रक्रिया करने के बाद प्राप्त उपयोगी व सार्थक परिणाम सूचना (Information) कहलाता है।
मुख्य बिंदु 3
कंप्यूटर की मुख्य विशेषताओं में तीव्र गति (GHz), अचूक सटीकता (GIGO), कर्मठता (Diligence), बहुमुखी प्रतिभा और स्वचालन शामिल हैं।
मुख्य बिंदु 4
कंप्यूटर की प्रमुख सीमाओं में शून्य बुद्धिमत्ता (Zero IQ), भावनाहीनता और विद्युत ऊर्जा पर पूर्ण निर्भरता शामिल हैं।
मुख्य बिंदु 5
चार्ल्स बैबेज को विश्लेषणात्मक इंजन (Analytical Engine) की रूपरेखा तैयार करने हेतु कंप्यूटर का जनक (Father of Computer) कहा जाता है।
मुख्य बिंदु 6
कंप्यूटर की पांच पीढ़ियां: 1st (वैक्यूम ट्यूब), 2nd (ट्रांजिस्टर), 3rd (इंटीग्रेटेड सर्किट - IC), 4th (माइक्रोप्रोसेसर), और 5th (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस)।
मुख्य बिंदु 7
कार्यप्रणाली के आधार पर कंप्यूटर एनालॉग (भौतिक मात्राएं), डिजिटल (बाइनरी 0 और 1), और हाइब्रिड (दोनों का मिश्रण) में विभाजित हैं।
मुख्य बिंदु 8
आकार के आधार पर कंप्यूटर माइक्रोकंप्यूटर (PC), मिनीकंप्यूटर, मेनफ्रेम कंप्यूटर और सुपरकंप्यूटर (PARAM Siddhi) में वर्गीकृत हैं।
मुख्य बिंदु 9
सीपीयू के तीन मुख्य अंग हैं: एएलयू (अंकगणित व तार्किक गणना), कंट्रोल यूनिट (समन्वय व नियंत्रण), और रजिस्टर्स (अति-तीव्र आंतरिक मेमोरी)।
मुख्य बिंदु 10
रैम (RAM) वाष्पशील और पठनीय-लेखनीय है, जबकि रोम (ROM) गैर-वाष्पशील और केवल पठनीय है; 1 बाइट = 8 बिट्स और 1 KB = 1024 बाइट्स।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
यदि किसी परीक्षा में 500 विद्यार्थियों के अंकों का औसत निकालना हो, तो आईपीओएस चक्र के चारों चरणों में कौन-से उपकरण और क्रियाएं होंगी?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर:
  1. इनपुट: कीबोर्ड या ओएमआर स्कैनर द्वारा 500 विद्यार्थियों के अंक दर्ज करना। 2. प्रोसेसिंग: सीपीयू के एएलयू द्वारा सभी अंकों का योग कर 500 से भाग देकर औसत निकालना। 3. आउटपुट: मॉनिटर स्क्रीन पर औसत अंक दिखाना या प्रिंटर से रिजल्ट शीट प्रिंट करना। 4. स्टोरेज: रिजल्ट फाइल को हार्ड डिस्क या एसएसडी में सुरक्षित करना।

इनपुट, प्रोसेसिंग, आउटपुट और स्टोरेज के हार्डवेयर और कार्यों की पहचान करें।
2
कंप्यूटर की कर्मठता (Diligence) और बहुमुखी प्रतिभा (Versatility) में क्या अंतर है? एक-एक वाक्य में स्पष्ट कीजिए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: कर्मठता का अर्थ है कि कंप्यूटर बिना थके, बिना ऊबे और बिना एकाग्रता खोए लगातार करोड़ों गणनाएं समान शुद्धता से कर सकता है; जबकि बहुमुखी प्रतिभा का अर्थ है कि कंप्यूटर एक साथ कई भिन्न प्रकार के कार्य (जैसे टाइपिंग, संगीत और इंटरनेट ब्राउजिंग) करने में सक्षम है।
थकान न होने बनाम विभिन्न प्रकार के कार्य करने की क्षमता।
3
एक अस्पताल के आईसीयू में मरीज के दिल की धड़कन नापने वाली मशीन को आप एनालॉग, डिजिटल या हाइब्रिड में से किस वर्ग में रखेंगे और क्यों?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: इसे हाइब्रिड कंप्यूटर (Hybrid Computer) वर्ग में रखा जाएगा, क्योंकि यह मरीज के दिल की धड़कन और रक्तचाप के सतत भौतिक संकेतों को एनालॉग रूप में ग्रहण करती है और फिर उन्हें डिजिटल बाइनरी अंकों में बदलकर स्क्रीन पर सटीक ग्राफिक्स में दिखाती है।
मशीन शरीर से भौतिक संकेत लेती है और स्क्रीन पर डिजिटल अंक दिखाती है।
4
यदि एक कंप्यूटर में 8 GB की रैम (RAM) और 512 GB की एसएसडी (SSD) लगी है, तो इनमें से कौन सी प्राथमिक मेमोरी है और कौन सी द्वितीयक?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: 8 GB की रैम (RAM) प्राथमिक या मुख्य मेमोरी है, जो वर्तमान में चल रहे प्रोग्रामों को रखती है और वाष्पशील है। 512 GB की एसएसडी (SSD) द्वितीयक स्टोरेज है, जो फाइलों और ऑपरेटिंग सिस्टम को स्थायी रूप से संचित करती है।
कार्यकारी वाष्पशील मेमोरी बनाम स्थायी स्टोरेज।
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एक 2 MB (मेगाबाइट) की फोटो फाइल में कुल कितने किलोबाइट्स (KB) और कितने बाइट्स (Bytes) होंगे? गणना कीजिए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर:
  1. किलोबाइट (KB) में: 2 × 1,024 = 2,048 KB। 2. बाइट्स (Bytes) में: 2,048 × 1,024 = 2,097,152 Bytes।

1 MB = 1024 KB और 1 KB = 1024 Bytes।
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सिस्टम सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर में मुख्य अंतर क्या है? प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: सिस्टम सॉफ्टवेयर हार्डवेयर के संचालन को नियंत्रित करता है और कंप्यूटर को चलाने हेतु बुनियादी मंच देता है (उदा. Windows 10 ऑपरेटिंग सिस्टम); जबकि एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर उपयोगकर्ता की विशिष्ट जरूरतों को पूरा करने हेतु बनाया जाता है (उदा. MS Word या Paint)।
हार्डवेयर का प्रबंधन बनाम उपयोगकर्ता का विशिष्ट कार्य।
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कक्षा 6 Computer Science के सभी अध्याय

अध्याय 1: कंप्यूटर सिस्टम के मूल सिद्धांत (Fundamentals of Computer Systems) अध्याय 2: ऑपरेटिंग सिस्टम की मूल बातें (जीयूआई और डेस्कटॉप) (Operating System Basics (GUI & Desktop)) अध्याय 3: वर्ड प्रोसेसिंग की मूल बातें (फ़ॉर्मेटिंग और संपादन) (Word Processing Basics (Formatting & Editing)) अध्याय 4: प्रस्तुति ग्राफ़िक्स (स्लाइड्स के साथ कार्य करना) (Presentation Graphics (Working with Slides)) अध्याय 5: स्प्रेडशीट का परिचय (Introduction to Spreadsheets) अध्याय 6: इंटरनेट, खोज इंजन और ईमेल अनिवार्यताएँ (Internet, Search Engines and Email Essentials) अध्याय 7: स्क्रैच के साथ कोडिंग का परिचय (Introduction to Coding with Scratch) अध्याय 8: एल्गोरिदम और फ़्लोचार्ट (Algorithms and Flowcharts) अध्याय 9: साइबर सुरक्षा, नैतिकता और ऑनलाइन शिष्टाचार (Cyber Safety, Ethics and Online Etiquette) अध्याय 10: उभरती प्रौद्योगिकियां: एआई, रोबोटिक्स और स्मार्ट डिवाइस (Emerging Technologies: AI, Robotics and Smart Devices)

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