1.1 कोडिंग एवं कंप्यूटर प्रोग्रामिंग क्या है? (What is Coding?)
कंप्यूटर एक अत्यंत शक्तिशाली इलेक्ट्रॉनिक मशीन है, किंतु वह स्वयं अपने आप कोई निर्णय नहीं ले सकता। उसे कोई भी कार्य (जैसे स्क्रीन पर चित्र बनाना, दो संख्याओं को जोड़ना, या गेम में गेंद उछालना) करने के लिए मनुष्य द्वारा दिए गए स्पष्ट, चरणबद्ध निर्देशों की आवश्यकता होती है। कंप्यूटर को समझने योग्य भाषा में दिए जाने वाले इन्हीं निर्देशों के समूह को 'प्रोग्राम' (Program) या 'कोड' (Code) कहा जाता है, तथा इस प्रक्रिया को 'कोडिंग' (Coding) या 'प्रोग्रामिंग' कहते हैं।
दैनिक जीवन का सादृश्य: चाय बनाने का एल्गोरिदम
जिस प्रकार चाय बनाने के लिए एक निश्चित क्रमबद्ध विधि होती है (1. बर्तन में पानी लें, 2. गैस जलाएं, 3. चायपत्ती व चीनी डालें, 4. दूध मिलाकर उबालें, 5. छानकर कप में डालें), ठीक उसी प्रकार कंप्यूटर में किसी समस्या को हल करने के लिए बनाई गई चरणबद्ध तार्किक योजना को एल्गोरिदम (Algorithm) कहते हैं। जब इसी एल्गोरिदम को स्क्रैच ब्लॉक्स द्वारा लिखा जाता है, तो वह कंप्यूटर प्रोग्राम बन जाता है।
1.2 विज़ुअल ब्लॉक कोडिंग बनाम पारंपरिक टेक्स्ट कोडिंग
पारंपरिक प्रोग्रामिंग भाषाओं (जैसे C, C++, Java, Python) और स्क्रैच की ब्लॉक कोडिंग में बहुत बड़ा अंतर होता है:
पारंपरिक टेक्स्ट कोडिंग (Text-Based Coding)
- कीबोर्ड से अंग्रेज़ी के लंबे कोड और कीवर्ड्स टाइप करने पड़ते हैं।
- सेमीकोलन (;), कोष्ठक (), या कॉमा छूटने पर 'सिंटैक्स एरर' (Syntax Error) आ जाता है और प्रोग्राम रुक जाता है।
- शुरुआती बच्चों के लिए जटिल, नीरस और तनावपूर्ण होती है।
विज़ुअल ब्लॉक कोडिंग — स्क्रैच (Visual Block Coding)
- कोड टाइप नहीं करना पड़ता; माउस से रंगीन ब्लॉक्स को ड्रैग-एंड-ड्रॉप करके जोड़ना होता है।
- लेगो (Lego) ईंटों की भांति ब्लॉक्स में खांचे (Notches & Bumps) बने होते हैं; गलत ब्लॉक आपस में जुड़ते ही नहीं, अतः सिंटैक्स त्रुटि असंभव है!
- अत्यंत रोचक, रचनात्मक और बच्चों के सीखने के लिए सर्वोत्तम।
1.3 स्क्रैच का इतिहास एवं एमआईटी मीडिया लैब (History of Scratch)
स्क्रैच का विकास वर्ष 2003 से 2007 के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका के विश्वविख्यात संस्थान MIT (मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) के 'लाइफलॉन्ग किंडरगार्टन ग्रुप' द्वारा किया गया था। इस परियोजना के मुख्य प्रणेता और 'स्क्रैच के जनक' प्रोफेसर मिचेल रेसनिक (Mitchel Resnick) हैं।
'स्क्रैच' नाम डिस्क जॉकी (DJ) द्वारा संगीत के विभिन्न टुकड़ों को मिलाकर नया संगीत बनाने की कला 'स्क्रैचिंग' से प्रेरित है। वर्तमान में हम Scratch 3.0 का उपयोग करते हैं, जो कंप्यूटर, लैपटॉप, टैबलेट और स्मार्टफोन के किसी भी आधुनिक वेब ब्राउज़र पर बिना किसी प्लग-इन के सुचारू रूप से चलता है।
1.4 स्क्रैच 3.0 इंटरफ़ेस के 5 प्रमुख कार्यक्षेत्र
1. ब्लॉक पैलेट (Block Palette)
स्क्रीन के सबसे बाईं ओर स्थित क्षेत्र जहाँ कोडिंग के सभी पूर्व-निर्मित ब्लॉक्स 9 रंगीन श्रेणियों (Motion, Looks, Sound, Events, Control, Sensing, Operators, Variables, My Blocks) में सुसज्जित रहते हैं।
2. स्क्रिप्ट क्षेत्र (Scripts Area)
मध्य का विशाल सफेद कैनवास जहाँ ब्लॉक पैलेट से ब्लॉक्स को माउस से खींचकर (Drag) लाया जाता है और एक के नीचे एक जोड़कर (Snap) प्रोग्राम की पटकथा (Script) तैयार की जाती है।
3. मंच (The Stage)
दाईं ओर का मुख्य प्रदर्शन क्षेत्र जहाँ आपके द्वारा लिखे गए कोड का अंतिम परिणाम (गेम, कार्टून, एनिमेशन) चलता हुआ दिखाई देता है।
4. हरी झंडी एवं लाल स्टॉप बटन
मंच के ठीक ऊपर स्थित दो नियंत्रण: हरी झंडी (Green Flag 🏁) पर क्लिक करने से प्रोग्राम चलना शुरू होता है, तथा लाल स्टॉप बटन (⭕) दबाने से सभी स्क्रिप्ट्स तुरंत रुक जाती हैं।
5. स्प्राइट एवं बैकड्रॉप पेन
मंच के ठीक नीचे स्थित नियंत्रण फलक जहाँ वर्तमान पात्रों के थंबनेल, उनके निर्देशांक (x, y), आकार, दिशा, तथा मंच की पृष्ठभूमि (Backdrop) बदलने के विकल्प होते हैं।