वर्ड प्रोसेसिंग की मूल बातें (फ़ॉर्मेटिंग और संपादन) (Word Processing Basics (Formatting & Editing))
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के कक्षा 6 के विद्यार्थियों के लिए वर्ड प्रोसेसिंग की मूल बातें: फॉर्मेटिंग एवं संपादन अध्याय व्यावहारिक कंप्यूटर साक्षरता का सर्वाधिक महत्वपूर्ण व्यावहारिक अंग है। इस अध्याय का उद्देश्य छात्रों को एक सादे पाठ (Plain Text) को एक आकर्षक, त्रुटिहीन और व्यावसायिक दस्तावेज में रूपांतरित करने के संपूर्ण कौशल में पारंगत बनाना है।
वर्ड प्रोसेसिंग की संकल्पना एवं सॉफ्टवेयर:
वर्ड प्रोसेसिंग (Word Processing) कंप्यूटर की सहायता से किसी भी प्रकार के लिखित दस्तावेज को तैयार करने, उसमें सुधार (संपादन), उसे सुंदर व पठनीय बनाने (फॉर्मेटिंग), भविष्य हेतु सुरक्षित करने (Saving) और कागज पर छापने (Printing) की समग्र डिजिटल तकनीक है। इस कार्य हेतु प्रयुक्त होने वाले विशेष एप्लिकेशन प्रोग्राम को वर्ड प्रोसेसर कहा जाता है। संसार का सर्वाधिक लोकप्रिय और शक्तिशाली वर्ड प्रोसेसर माइक्रोसॉफ्ट वर्ड (Microsoft Word) है, जो माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस सूट का एक अभिन्न अंग है। इसके अतिरिक्त विंडोज में बुनियादी वर्डपैड (WordPad), नोटपैड (Notepad) और ओपन-सोर्स राइटर (LibreOffice Writer) भी प्रमुख वर्ड प्रोसेसिंग टूल्स हैं। आधुनिक वर्ड प्रोसेसर विजि़विग (WYSIWYG - What You See Is What You Get) सिद्धांत पर कार्य करते हैं, जिसका अर्थ है कि स्क्रीन पर दस्तावेज जैसा दिखता है, प्रिंटर से ठीक वैसा ही छपकर निकलता है।
एमएस वर्ड 2016/365 इंटरफेस की संरचना:
जब आप एमएस वर्ड खोलते हैं, तो स्क्रीन पर एक सुव्यवस्थित कार्यक्षेत्र दिखाई देता है जिसके मुख्य अंग निम्नलिखित हैं:
टाइटल बार (Title Bar): सबसे ऊपरी नीली पट्टी, जिसमें वर्तमान फाइल का नाम (जैसे Document1) और प्रोग्राम का नाम प्रदर्शित होता है। इसके दाएँ कोने पर तीन विंडो कंट्रोल बटन (मिनिमाइज, मैक्सिमाइज/रिस्टोर और क्लोज) होते हैं।
क्विक एक्सेस टूलबार (QAT): टाइटल बार के सबसे बाएँ कोने पर स्थित पट्टी, जिसमें बार-बार उपयोग होने वाले टूल्स जैसे Save (Ctrl+S), Undo (Ctrl+Z) और Redo (Ctrl+Y) एक क्लिक में उपलब्ध रहते हैं।
रिबन (Ribbon): टाइटल बार के ठीक नीचे स्थित चौड़ी पट्टी, जो टैब्स (Tabs - File, Home, Insert, Layout, Review) और संबंधित कमांड्स के तार्किक समूहों (Groups - Clipboard, Font, Paragraph, Styles) में विभाजित होती है।
रूलर (Ruler): कार्यक्षेत्र के शीर्ष और बाईं ओर स्थित पैमाना, जो पृष्ठ के मार्जिन और पैराग्राफ इंडेंट तय करता है।
वर्क एरिया (Document Canvas): बीच का विशाल सफेद आयताकार पृष्ठ जहाँ उपयोगकर्ता पाठ टाइप करता है और कर्सर चमकता है।
स्टेटस बार (Status Bar): सबसे निचली पट्टी, जो कुल पृष्ठ संख्या, शब्दों की गिनती, प्रयुक्त भाषा, व्यू मोड्स और ज़ूम स्लाइडर दर्शाती है।
दस्तावेज प्रबंधन: नया बनाना, खोलना, सेव करना और प्रिंटिंग:
एक नया खाली दस्तावेज बनाने हेतु Ctrl + N दबाया जाता है, जबकि पहले से संचित फाइल को खोलने हेतु Ctrl + O का प्रयोग होता है। दस्तावेज को सुरक्षित करने के दो प्रमुख तरीके हैं: सेव (Save - Ctrl + S), जो मौजूदा फाइल में किए गए नए बदलावों को उसी नाम और स्थान पर चुपचाप अपडेट करता है; तथा सेव ऐज (Save As - F12), जो फाइल की एक नई अलग प्रति दूसरे नाम, दूसरे फोल्डर या पीडीएफ (PDF) प्रारूप में बनाने हेतु डायलॉग बॉक्स खोलता है। एमएस वर्ड 2016/365 की फाइलों का मानक डिफॉल्ट एक्सटेंशन डॉट डीओसीएक्स (.docx) होता है। दस्तावेज को कागज पर छापने से पूर्व प्रिंट प्रीव्यू (Ctrl + P) द्वारा पूर्वावलोकन करना अनिवार्य है ताकि स्याही व कागज व्यर्थ न हो।
टेक्स्ट संपादन एवं क्लिपबोर्ड संक्रियाएं:
टेक्स्ट में सुधार करने के लिए चयन (Selection) अनिवार्य है—एक शब्द पर डबल-क्लिक करने से वह शब्द, तीन बार क्लिक करने से पूरा पैराग्राफ, और Ctrl + A दबाने से संपूर्ण दस्तावेज एक साथ चयनित हो जाता है। कर्सर के बाईं ओर का अक्षर मिटाने हेतु बैकस्पेस (Backspace) तथा दाईं ओर का अक्षर मिटाने हेतु डिलीट (Delete) कुंजी प्रयुक्त होती है। कट (Cut - Ctrl + X) चयनित पाठ को मूल स्थान से हटाकर क्लिपबोर्ड मेमोरी में भेजता है, जबकि कॉपी (Copy - Ctrl + C) उसकी एक प्रति क्लिपबोर्ड में बनाता है। पेस्ट (Paste - Ctrl + V) क्लिपबोर्ड की सामग्री को कर्सर के स्थान पर चिपकाता है। यदि गलती से कुछ मिट जाए तो अनडू (Undo - Ctrl + Z) उसे वापस लाता है और रीडू (Redo - Ctrl + Y) उसे पुनः दोहराता है। किसी बड़े दस्तावेज में विशिष्ट शब्द खोजने हेतु फाइंड (Find - Ctrl + F) और उसे नए शब्द से बदलने हेतु रिप्लेस (Replace - Ctrl + H) का उपयोग किया जाता है।
कैरेक्टर एवं पैराग्राफ फॉर्मेटिंग:
फॉर्मेटिंग का अर्थ दस्तावेज को सुंदर व सुरुचिपूर्ण बनाना है। फॉन्ट फॉर्मेटिंग के अंतर्गत फॉन्ट का प्रकार (जैसे Calibri, Kruti Dev), फॉन्ट का आकार, बोल्ड (Ctrl+B), इटैलिक (Ctrl+I), अंडरलाइन (Ctrl+U) और फॉन्ट रंग बदलना शामिल है। वैज्ञानिक सूत्रों में अक्षरों को सामान्य रेखा के नीचे छोटा करने हेतु सबस्क्रिप्ट (Subscript - Ctrl + =, जैसे H2O) तथा ऊपर घात लगाने हेतु सुपरस्क्रिप्ट (Superscript - Ctrl + Shift + +, जैसे x2) प्रयुक्त होता है। चेंज केस (Shift + F3) द्वारा 5 रूपों (Sentence case, lowercase, UPPERCASE, Capitalize Each Word, tOGGLE cASE) में बदलाव संभव है। पैराग्राफ फॉर्मेटिंग के तहत चार अलाइनमेंट आते हैं: बायाँ (Ctrl+L), केंद्र (Ctrl+E), दायाँ (Ctrl+R) और जस्टिफाई (Ctrl+J)। इसके अतिरिक्त लाइन स्पेसिंग (Ctrl+1, Ctrl+2, Ctrl+5), बुलेट्स एवं नंबरिंग सूचियां, और बॉर्डर्स दस्तावेज को अत्यंत आकर्षक बनाते हैं।
प्रूफिंग टूल्स: स्पेलिंग, ग्रामर एवं थिसॉरस:
वर्ड में स्वचालित वर्तनी जांच प्रणाली होती है। शब्दकोश में न मिलने वाले गलत शब्दों के नीचे लाल तरंगदार रेखा (Red Wavy Underline) तथा व्याकरणिक त्रुटियों या दोहरे स्पेस के नीचे नीली तरंगदार रेखा (Blue Wavy Underline) दिखाई देती है। F7 कुंजी दबाकर स्पेलिंग व ग्रामर जांच खिड़की खुलती है। किसी भी शब्द के पर्यायवाची (Synonyms) और विलोम (Antonyms) शब्द खोजने हेतु थिसॉरस (Thesaurus - Shift + F7) टूल प्रदान किया गया है।
ज़रा कल्पना कीजिए कि आप अपने विद्यालय के वार्षिक उत्सव के लिए एक सुंदर निबंध या सूचना तैयार कर रहे हैं। आज से कुछ दशक पहले जब कंप्यूटर नहीं थे, तब लोग टाइपराइटर का उपयोग करते थे। यदि टाइपराइटर पर 500 शब्दों के पत्र में अंतिम पंक्ति में केवल एक अक्षर की भी गलती हो जाती थी, तो सफेदा (Correction Fluid) लगाना पड़ता था या पूरा पन्ना फाड़कर शुरुआत से दोबारा टाइप करना पड़ता था। उसमें न तो अक्षरों का रंग बदला जा सकता था, न ही फोटो या बॉर्डर जोड़े जा सकते थे। परंतु आज वर्ड प्रोसेसर सॉफ्टवेयर—जैसे माइक्रोसॉफ्ट वर्ड (MS Word)—ने लेखन और दस्तावेजीकरण की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया है। अब आप लिखते समय जितनी चाहें गलतियां करें, बैकस्पेस या डिलीट से तुरंत मिटा सकते हैं, शब्दों को एक स्थान से काटकर दूसरे स्थान पर चिपका सकते हैं, और यदि गलती से कोई पैराग्राफ मिट जाए तो अनडू (Ctrl + Z) दबाते ही वह जादू की तरह वापस आ जाता है। इतना ही नहीं, कंप्यूटर स्वतः लाल रंग की लहरदार रेखा दिखाकर वर्तनी की गलतियाँ बता देता है और नीली रेखा से व्याकरण ठीक कर देता है। आइए, कक्षा 6 के इस अध्याय में वर्ड प्रोसेसिंग की इस अद्भुत डिजिटल कला, इसके रिबन इंटरफेस, फॉन्ट स्टाइलिंग और पैराग्राफ सजावट को चरणबद्ध तरीके से सीखें ताकि आप भी एक कुशल डिजिटल लेखक बन सकें।
यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है
वर्ड प्रोसेसिंग का ज्ञान 21वीं सदी में किसी भी छात्र, शिक्षक या पेशेवर के लिए कलम और स्याही की तरह बुनियादी आवश्यकता है। आज के आधुनिक युग में हाथ से लिखे गए अनौपचारिक पत्रों या अस्पष्ट दस्तावेजों का स्थान साफ-सुथरे, सुंदर और पेशेवर रूप से फॉर्मेट किए गए डिजिटल दस्तावेजों ने ले लिया है।
बिहार के परिप्रेक्ष्य में, राज्य सरकार के 'डिजिटल बिहार' अभियान के तहत सभी सरकारी मध्य एवं उच्च विद्यालयों में आईसीटी प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। विद्यार्थियों को अपने प्रोजेक्ट कार्य, विज्ञान प्रदर्शनी के विवरण, वार्षिक खेलकूद की आवेदन प्रक्रिया, और निबंध प्रतियोगिताओं के दस्तावेज स्वयं कंप्यूटर पर टाइप करके जमा करने होते हैं। इसके अतिरिक्त, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के विद्यालयी प्रशासन, प्रधानाध्यापकों द्वारा तैयार किए जाने वाले आधिकारिक नोटिस, परीक्षा प्रवेश पत्र और शिक्षकों के पाठ-योजना दस्तावेज भी वर्ड प्रोसेसर पर ही तैयार किए जाते हैं।
जब कक्षा 6 का एक विद्यार्थी फॉन्ट का सही आकार चुनना, पैराग्राफ को जस्टिफाई अलाइनमेंट देना, बुलेट पॉइंट्स में अपने विचार प्रस्तुत करना और स्पेलिंग चेक की सहायता से त्रुटिहीन हिंदी व अंग्रेजी लिखना सीख जाता है, तो उसमें आत्मविश्वास और रचनात्मक अभिव्यक्ति का अभूतपूर्व विकास होता है। यह हुनर आगे चलकर उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और भविष्य में किसी भी कार्यालयीन या तकनीकी रोजगार में सफलता का मजबूत आधार बनता है।
अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)
कंप्यूटर को सही तरीके से चालू (बूट) करने और माउस को स्क्रीन पर सहजता से घुमाने व क्लिक करने की प्राथमिक समझ।
कीबोर्ड पर वर्णमाला (अक्षर A-Z), अंकों (0-9), स्पेसबार, एंटर और शिफ्ट कुंजी की स्थिति का आधारभूत ज्ञान।
हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में अंतर, विशेष रूप से एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर की भूमिका की सामान्य समझ।
दस्तावेज या निबंध लिखते समय पैराग्राफ, शीर्षक, विराम चिन्ह और वाक्य संरचना की बुनियादी भाषाई जानकारी।
कंप्यूटर में फाइल और फोल्डर की अवधारणा तथा अपने काम को कंप्यूटर मेमोरी में सुरक्षित (Save) करने की सामान्य आवश्यकता।
इस अध्याय के लक्ष्य
वर्ड प्रोसेसिंग की तकनीकी परिभाषा देना और पारंपरिक टाइपराइटर की तुलना में आधुनिक वर्ड प्रोसेसर के लाभों की व्याख्या करना।
एमएस वर्ड 2016/365 इंटरफेस के प्रमुख अंगों—टाइटल बार, क्विक एक्सेस टूलबार, रिबन, रूलर, वर्क एरिया और स्टेटस बार—की पहचान करना।
सेव (Save - Ctrl+S) और सेव ऐज (Save As - F12) के बीच अंतर स्पष्ट करना तथा फाइल एक्सटेंशन (.docx) के महत्व का विश्लेषण करना।
कीबोर्ड और माउस के प्रयोग द्वारा टेक्स्ट के विभिन्न भागों (अक्षर, शब्द, पंक्ति, पैराग्राफ, संपूर्ण दस्तावेज) का सटीक चयन करना।
बैकस्पेस (बाईं ओर) और डिलीट (दाईं ओर) कुंजियों के दिशा-नियम को समझना तथा अनडू (Ctrl+Z) और रीडू (Ctrl+Y) संक्रियाओं को लागू करना।
कट (Ctrl+X), कॉपी (Ctrl+C) और पेस्ट (Ctrl+V) संक्रियाओं की कार्यप्रणाली और ऑफिस क्लिपबोर्ड बफर (24 आइटम्स) की भूमिका का निरूपण करना।
टेक्स्ट में विशिष्ट शब्दों को खोजने हेतु फाइंड (Ctrl+F) और नए शब्दों से बदलने हेतु रिप्लेस (Ctrl+H) टूल्स का कुशलतापूर्वक प्रयोग करना।
फॉन्ट फॉर्मेटिंग (प्रकार, आकार, बोल्ड, इटैलिक, अंडरलाइन), सबस्क्रिप्ट (Ctrl+=), सुपरस्क्रिप्ट (Ctrl+Shift++) और चेंज केस का अनुप्रयोग करना।
चार प्रकार के पैराग्राफ अलाइनमेंट (Left, Center, Right, Justify), लाइन स्पेसिंग, इंडेंटेशन और बुलेट्स व नंबरिंग सूचियों की रचना करना।
प्रूफिंग टूल्स में लाल तरंगदार रेखा (वर्तनी) और नीली तरंगदार रेखा (व्याकरण) की पहचान कर सुधार करना तथा थिसॉरस (Shift+F7) का उपयोग करना।
अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति
1इकाई 1: वर्ड प्रोसेसिंग का परिचय एव...
2इकाई 2: दस्तावेज प्रबंधन: नया बनाना...
3इकाई 3: टेक्स्ट संपादन कौशल: चयन वि...
4इकाई 4: त्वरित खोज एवं प्रतिस्थापन...
5इकाई 5: कैरेक्टर एवं फॉन्ट फॉर्मेटि...
6इकाई 6: पैराग्राफ फॉर्मेटिंग: अलाइन...
7इकाई 7: प्रूफिंग एवं दस्तावेज गुणवत...
सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन
इकाई 1: वर्ड प्रोसेसिंग का परिचय एवं एमएस वर्ड इंटरफेस की संरचना
इकाई 1: वर्ड प्रोसेसिंग का परिचय एवं एमएस वर्ड इंटरफेस की संरचना
वर्ड प्रोसेसिंग की मूल अवधारणा, टाइपराइटर बनाम वर्ड प्रोसेसर, और एमएस वर्ड 2016/365 के आधुनिक रिबन इंटरफेस के सभी अंग।
1.1 वर्ड प्रोसेसिंग क्या है? (What is Word Processing?)
वर्ड प्रोसेसिंग (Word Processing) कंप्यूटर की सहायता से किसी भी प्रकार के लिखित दस्तावेज—जैसे पत्र, निबंध, आवेदन, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, सूचना पत्र (नोटिस) या पुस्तक—को इलेक्ट्रॉनिक रूप से तैयार करने (Creating), उसमें गलतियां सुधारने (Editing), उसे सुरुचिपूर्ण रूप देने (Formatting), स्थायी रूप से सुरक्षित रखने (Saving) तथा कागज पर छापने (Printing) की समग्र तकनीक है।
इस कार्य हेतु उपयोग किए जाने वाले विशेष एप्लिकेशन प्रोग्राम को वर्ड प्रोसेसर (Word Processor) कहा जाता है। आज संसार में सबसे व्यापक रूप से प्रयुक्त होने वाला वर्ड प्रोसेसर माइक्रोसॉफ्ट वर्ड (Microsoft Word) है। आधुनिक वर्ड प्रोसेसर WYSIWYG ("What You See Is What You Get") सिद्धांत पर कार्य करते हैं, जिसका अर्थ है कि कंप्यूटर स्क्रीन पर जैसा दस्तावेज दिखता है, प्रिंटर से ठीक वैसा ही छपकर निकलता है।
1.2 पारंपरिक टाइपराइटर बनाम आधुनिक वर्ड प्रोसेसर
तुलना का आधार
पारंपरिक टाइपराइटर (Typewriter)
आधुनिक वर्ड प्रोसेसर (MS Word)
दस्तावेज संपादन (Editing)
गलती होने पर सफेदा लगाना पड़ता था या पूरा कागज फाड़कर दोबारा टाइप करना पड़ता था।
बैकस्पेस, डिलीट या अनडू से किसी भी समय बिना कागज बर्बाद किए तुरंत सुधार संभव।
फॉर्मेटिंग एवं सजावट
सीमित—अक्षरों का फॉन्ट, आकार, रंग या बॉर्डर नहीं बदला जा सकता था।
दस्तावेज में आसानी से चित्र, चार्ट, टेबल और क्लिपआर्ट जोड़े जा सकते हैं।
स्टोरेज एवं पुनः उपयोग
केवल मुद्रित कागज ही सुरक्षित रहता था; फाइल इलेक्ट्रॉनिक रूप में सेव नहीं होती थी।
कंप्यूटर डिस्क में स्थायी रूप से सेव रहता है; वर्षों बाद भी खोलकर बदला जा सकता है।
वर्तनी एवं व्याकरण जांच
कोई स्वचालित स्पेल चेक नहीं; मानव गलती पकड़ना कठिन।
स्वचालित स्पेलिंग व ग्रामर चेकर (F7) गलतियों को तुरंत रेखांकित करता है।
1.3 एमएस वर्ड 2016/365 इंटरफेस के प्रमुख अंग (Interface Anatomy)
जब आप एमएस वर्ड खोलते हैं, तो स्क्रीन पर निम्नलिखित प्रमुख घटक प्रदर्शित होते हैं:
टाइटल बार (Title Bar): स्क्रीन के सबसे ऊपर स्थित रंगीन पट्टी। इसमें खुली हुई फाइल का नाम (जैसे Document1) और एप्लिकेशन का नाम (Word) लिखा होता है। इसके दाएँ कोने पर तीन विंडो कंट्रोल बटन (मिनिमाइज _, मैक्सिमाइज/रिस्टोर □, क्लोज ✕) होते हैं।
क्विक एक्सेस टूलबार (QAT - Quick Access Toolbar): टाइटल बार के सबसे बाएँ कोने पर स्थित छोटा टूलबार। इसमें बार-बार प्रयोग होने वाले महत्वपूर्ण बटन—जैसे Save (Ctrl+S), Undo (Ctrl+Z), और Redo (Ctrl+Y)—एक ही क्लिक में उपलब्ध रहते हैं।
रिबन (Ribbon): टाइटल बार के ठीक नीचे स्थित चौड़ा कंट्रोल पैनल। यह दो भागों में व्यवस्थित होता है:
टैब्स (Ribbon Tabs): मुख्य वर्ग जैसे File, Home, Insert, Design, Layout, References, Review, View।
ग्रुप्स (Command Groups): प्रत्येक टैब के अंदर संबंधित बटनों के समूह जैसे होम टैब में Clipboard, Font, Paragraph, Styles, Editing ग्रुप्स।
डायलॉग बॉक्स लॉन्चर (Dialog Box Launcher): कई ग्रुप्स के निचले दाएँ कोने पर एक छोटा तीर का चिन्ह होता है, जिस पर क्लिक करने से उस ग्रुप की विस्तृत सेटिंग्स वाला डायलॉग बॉक्स खुल जाता है (उदा. Font ग्रुप का लॉन्चर दबाने पर पूर्ण Font विंडो खुलती है)।
रूलर (Rulers): कार्यक्षेत्र के ऊपर (हॉरिजॉन्टल रूलर) तथा बाईं ओर (वर्टिकल रूलर) स्थित पैमाना, जो पृष्ठ के मार्जिन, टैब स्टॉप और पैराग्राफ इंडेंटेशन को दर्शाता है।
कार्य क्षेत्र (Document Work Area / Canvas): स्क्रीन का मुख्य सफेद भाग जहाँ उपयोगकर्ता टाइपिंग करता है। इसमें टिमटिमाता हुआ एक लंबवत डंडा होता है, जिसे कर्सर या इंसर्शन पॉइंट (Insertion Point) कहते हैं।
स्क्रॉल बार (Scroll Bars): लंबे दस्तावेज को ऊपर-नीचे खिसकाने हेतु वर्टिकल स्क्रॉल बार और दाएँ-बाएँ खिसकाने हेतु हॉरिजॉन्टल स्क्रॉल बार।
स्टेटस बार (Status Bar): विंडो की सबसे निचली क्षैतिज पट्टी। यह वर्तमान पेज नंबर, कुल पेजों की संख्या, कुल शब्दों की गिनती, प्रयुक्त भाषा, व्यू बटन (Read Mode, Print Layout, Web Layout) और ज़ूम स्लाइडर (10% से 500%) को प्रदर्शित करती है।
इकाई 2: दस्तावेज प्रबंधन: नया बनाना, खोलना, सुरक्षित करना (Save vs Save As) एवं प्रिंटिंग
इकाई 2: दस्तावेज प्रबंधन: नया बनाना, खोलना, सुरक्षित करना (Save vs Save As) एवं प्रिंटिंग
दस्तावेज जीवन-चक्र: न्यू, ओपन, सेव, सेव ऐज, फाइल एक्सटेंशन (.docx) और प्रिंट प्रीव्यू की कार्यप्रणाली।
2.1 नया दस्तावेज बनाना एवं पुराना दस्तावेज खोलना
1. नया दस्तावेज बनाना (New Document - Ctrl + N):
एक सर्वथा नया कोरा सफेद पृष्ठ खोलने के लिए:
File टैब पर क्लिक करें।
बाएँ मेनू में New विकल्प चुनें और Blank Document पर क्लिक करें।
शॉर्टकट: कीबोर्ड पर Ctrl + N दबाएं।
2. पहले से संचित दस्तावेज खोलना (Open - Ctrl + O):
हार्ड डिस्क या पेन ड्राइव में पहले से सेव की गई फाइल को पुनः खोलने के लिए:
File टैब पर क्लिक करें और Open चुनें।
Browse पर क्लिक कर उस फोल्डर में जाएं जहां फाइल सुरक्षित है।
फाइल पर क्लिक कर Open बटन दबाएं। (शॉर्टकट:Ctrl + O)
2.2 दस्तावेज को सुरक्षित करना: सेव (Save) बनाम सेव ऐज (Save As) का अंतर
परीक्षा में अक्सर पूछा जाने वाला यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण तकनीकी अंतर है:
💾 सेव (Save - Ctrl + S):
जब कोई फाइल पहले से किसी नाम से सेव हो, तो उसमें टाइप किए गए नए बदलावों को उसी फाइल में, उसी नाम से और उसी स्थान पर सुरक्षित करने हेतु 'सेव' का प्रयोग होता है।
विशेषता: यह कोई नया डायलॉग बॉक्स नहीं खोलता, बल्कि चुपचाप फाइल को अपडेट (ओवरराइट) कर देता है।
📂 सेव ऐज (Save As - F12 कुंजी):
जब आप मौजूदा फाइल की मूल प्रति को सुरक्षित रखते हुए उसकी एक नई अलग प्रति किसी दूसरे नाम से, किसी दूसरे फोल्डर में, या किसी दूसरे प्रारूप (जैसे PDF) में बनाना चाहते हैं, तो 'सेव ऐज' का उपयोग किया जाता है।
विशेषता: यह सदैव एक नया डायलॉग बॉक्स खोलता है जिसमें नया नाम और स्थान चुना जा सकता है।
2.3 फाइल एक्सटेंशन एवं दस्तावेज प्रिंटिंग (Ctrl + P)
कंप्यूटर में प्रत्येक फाइल के नाम के अंत में एक डॉट (.) के बाद तीन या चार अक्षरों का कोड होता है जिसे फाइल एक्सटेंशन (File Extension) कहते हैं। यह ऑपरेटिंग सिस्टम को बताता है कि फाइल किस प्रोग्राम की है:
.docx : आधुनिक एमएस वर्ड (2007, 2016, 2019, 365) का मानक डिफॉल्ट एक्सटेंशन (उदा. Science_Project.docx)।
.doc : एमएस वर्ड के पुराने संस्करणों (Word 97-2003) का एक्सटेंशन।
.pdf : पोर्टेबल डॉक्यूमेंट फॉर्मेट (Portable Document Format) जिसमें दस्तावेज किसी भी डिवाइस पर खोलने पर उसकी फॉर्मेटिंग नहीं बदलती।
दस्तावेज को प्रिंटर द्वारा कागज पर छापने से पूर्व यह देखना अत्यंत आवश्यक है कि वह छपने पर कैसा दिखेगा। इसे प्रिंट प्रीव्यू (Print Preview) कहते हैं। कीबोर्ड पर Ctrl + P दबाने पर प्रिंट विंडो खुलती है जहाँ प्रतियों की संख्या (Copies), प्रिंटर का नाम, मार्जिन और ओरिएंटेशन (Portrait/Landscape) तय करके प्रिंट निकाला जा सकता है।
इकाई 3: टेक्स्ट संपादन कौशल: चयन विधियाँ, बैकस्पेस बनाम डिलीट, अनडू/रीडू एवं क्लिपबोर्ड
इकाई 3: टेक्स्ट संपादन कौशल: चयन विधियाँ, बैकस्पेस बनाम डिलीट, अनडू/रीडू एवं क्लिपबोर्ड
संपादन का सुनहरा नियम, माउस व कीबोर्ड चयन तकनीकें, बैकस्पेस व डिलीट का दिशा-नियम, कट-कॉपी-पेस्ट और क्लिपबोर्ड बफर।
3.1 संपादन का सुनहरा नियम एवं टेक्स्ट चयन की विधियाँ
★ वर्ड प्रोसेसिंग का स्वर्णिम नियम (Golden Rule): "Select First, Then Apply" — पहले टेक्स्ट को चुनें, फिर उस पर कोई भी संपादन या फॉर्मेटिंग कमांड लागू करें!
टेक्स्ट को चयनित (हाइलाइट) करने की प्रमुख तकनीकें निम्नलिखित हैं:
चयन का दायरा
माउस द्वारा चयन विधि
कीबोर्ड शॉर्टकट
एक एकल शब्द (Word)
उस शब्द के ऊपर माउस का डबल-क्लिक (Double Click) करें।
Ctrl + Shift + ← / →
एक पूरी पंक्ति (Line)
पंक्ति के ठीक बाईं मार्जिन पर कर्सर ले जाकर एक बार क्लिक करें।
Shift + Home / End
एक संपूर्ण पैराग्राफ
पैराग्राफ में कहीं भी तीन बार लगातार क्लिक (Triple Click) करें।
Ctrl + Shift + ↑ / ↓
संपूर्ण दस्तावेज (All Text)
बाईं मार्जिन में तीन बार क्लिक करें।
Ctrl + A (Select All)
3.2 बैकस्पेस बनाम डिलीट: दिशा का स्पष्ट नियम
अक्सर विद्यार्थी इन दोनों कुंजियों में भ्रमित होते हैं:
बैकस्पेस कुंजी (Backspace Key): कर्सर के ठीक बाईं ओर (Left side) स्थित अक्षर को एक-एक करके मिटाती है। (शॉर्टकट: Ctrl + Backspace दबाने पर पूरा बायाँ शब्द मिट जाता है।)
डिलीट कुंजी (Delete Key): कर्सर के ठीक दाईं ओर (Right side) स्थित अक्षर को एक-एक करके मिटाती है। (शॉर्टकट: Ctrl + Delete दबाने पर पूरा दायाँ शब्द मिट जाता है।)
यदि कोई टेक्स्ट पहले से चयनित (Selected) हो, तो चाहे बैकस्पेस दबाएँ या डिलीट, वह पूरा चयनित भाग एक ही बार में मिट जाता है।
3.3 कट, कॉपी, पेस्ट एवं क्लिपबोर्ड की कार्यप्रणाली
टेक्स्ट को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने या उसकी प्रतिलिपि बनाने हेतु क्लिपबोर्ड संक्रियाएं प्रयुक्त होती हैं:
कट (Cut - Ctrl + X):
चयनित टेक्स्ट को उसके मूल स्थान से पूर्णतः हटाकर कंप्यूटर की अस्थायी क्लिपबोर्ड मेमोरी में सुरक्षित कर देता है। इसका उपयोग पाठ को स्थानांतरित (Move) करने हेतु होता है।
कॉपी (Copy - Ctrl + C):
चयनित टेक्स्ट को मूल स्थान पर सुरक्षित रखते हुए उसकी एक हुबहू प्रतिलिपि क्लिपबोर्ड मेमोरी में भेज देता है। इसका उपयोग दोहराव (Duplicate) हेतु होता है।
पेस्ट (Paste - Ctrl + V):
क्लिपबोर्ड में सुरक्षित अंतिम सामग्री को कर्सर के वर्तमान स्थान पर चिपका देता है। एक बार कट या कॉपी करने के बाद सामग्री को असीमित बार पेस्ट किया जा सकता है।
📋 ऑफिस क्लिपबोर्ड (Office Clipboard): विंडोज की सामान्य क्लिपबोर्ड मेमोरी में केवल 1 आइटम रहता है, परंतु एमएस वर्ड का ऑफिस क्लिपबोर्ड एक साथ 24 अलग-अलग कट या कॉपी की गई मदों (टेक्स्ट या चित्र) को संचित रख सकता है।
इकाई 4: त्वरित खोज एवं प्रतिस्थापन टूल्स (Find and Replace: Ctrl+F एवं Ctrl+H)
इकाई 4: त्वरित खोज एवं प्रतिस्थापन टूल्स (Find and Replace: Ctrl+F एवं Ctrl+H)
दस्तावेज में त्वरित शब्द खोजना, स्वचालित प्रतिस्थापन (Replace), और केस-मैचिंग व होल-वर्ड विकल्पों की महत्ता।
4.1 फाइंड टूल: दस्तावेज में शब्दों की त्वरित खोज (Ctrl + F)
यदि आपके पास 100 पेजों की एक पुस्तक या निबंध है और आपको उसमें किसी विशिष्ट शब्द (जैसे 'Patna' या 'Computer') को ढूंढना है, तो एक-एक पेज पढ़ना असंभव होगा। एमएस वर्ड का फाइंड टूल (Find Tool) मात्र एक सेकंड में पूरे दस्तावेज में उस शब्द की सभी उपस्थितियों को खोजकर पीले रंग से हाइलाइट कर देता है:
फाइंड उपयोग के चरण:
Home टैब के सुदूर दाएँ कोने पर स्थित Editing ग्रुप में जाएं और Find पर क्लिक करें।
शॉर्टकट: कीबोर्ड पर Ctrl + F दबाएं।
स्क्रीन के बाईं ओर नेविगेशन फलक (Navigation Pane) खुल जाएगा; सर्च बॉक्स में वह शब्द टाइप करें। वह शब्द जहां-जहां होगा, स्क्रीन पर स्वतः प्रदर्शित हो जाएगा।
4.2 रिप्लेस टूल: शब्दों का स्वचालित प्रतिस्थापन (Ctrl + H)
जब आपको दस्तावेज में किसी पुराने या गलत शब्द की जगह कोई नया शब्द स्थापित करना हो, तो रिप्लेस टूल (Replace Tool) का उपयोग किया जाता है:
रिप्लेस उपयोग के चरण:
कीबोर्ड पर Ctrl + H दबाएं (या Home टैब में Replace चुनें)।
Find what बॉक्स में वह पुराना शब्द टाइप करें जिसे हटाना है (उदा. Calcutta)।
Replace with बॉक्स में वह नया शब्द टाइप करें जिसे लगाना है (उदा. Kolkata)।
Replace: एक-एक करके वर्तमान शब्द को बदलेगा।
Replace All: पूरे दस्तावेज में जहाँ-जहाँ वह शब्द है, उन सभी को एक ही क्लिक में एक साथ बदल देगा।
4.3 परीक्षक का जाल: Replace All का अंधाधुंध उपयोग और सावधानी
⚠ गंभीर चेतावनी (Examiner Warning):
यदि आप बिना सोचे-समझे Replace All दबा देते हैं, तो भारी गलतियाँ हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप 'cat' शब्द को 'dog' से बदलना चाहते हैं और आपने "Find whole words only" विकल्प नहीं चुना, तो वर्ड 'category' को बदलकर 'dogegory' और 'caterpillar' को बदलकर 'dogerpillar' बना देगा!
सुरक्षित उपाय: डायलॉग बॉक्स में More >> पर क्लिक करें और "Find whole words only" (केवल पूर्ण शब्द खोजें) चेकबॉक्स को सदैव टिक करें।
इकाई 5: कैरेक्टर एवं फॉन्ट फॉर्मेटिंग: फॉन्ट, शैलियाँ, सबस्क्रिप्ट/सुपरस्क्रिप्ट एवं चेंज केस
इकाई 5: कैरेक्टर एवं फॉन्ट फॉर्मेटिंग (Character & Font Formatting)
दस्तावेज में अक्षरों (Characters) और शब्दों के रंग-रूप, आकार और शैली को आकर्षक व पठनीय बनाना फॉन्ट फॉर्मेटिंग कहलाता है। यह इकाई फॉन्ट परिवार, पॉइंट साइज, विभिन्न फॉन्ट शैलियों (Bold, Italic, Underline), वैज्ञानिक व गणितीय चिह्नों (Subscript, Superscript) तथा चेंज केस (Change Case) के 5 स्वरूपों की पूर्ण व्यावहारिक समझ प्रदान करती है।
1. फॉन्ट परिवार (Font Family), पॉइंट साइज एवं रंग (Colors)
वर्ड प्रोसेसर में प्रत्येक अक्षर किसी विशिष्ट डिजाइन या लिपि शैली में प्रदर्शित होता है, जिसे फॉन्ट (Font) या फॉन्ट फेस (Font Face) कहते हैं। होम टैब (Home Tab) के Font ग्रुप में ये सभी विकल्प उपलब्ध होते हैं।
फॉन्ट परिवार (Font Family)
एमएस वर्ड में डिफ़ॉल्ट फॉन्ट Calibri (पुराने संस्करणों में Times New Roman) होता है। हिंदी लेखन के लिए Mangal (Unicode आधारित) अथवा Kruti Dev 010 का व्यापक उपयोग किया जाता है। अन्य लोकप्रिय फॉन्ट: Arial, Georgia, Verdana.
पॉइंट साइज (Point Size)
फॉन्ट का आकार पॉइंट्स (pt) में मापा जाता है (1 pt = 1/72 इंच)। सामान्य बॉडी टेक्स्ट का मानक आकार 11 pt या 12 pt होता है, जबकि शीर्षकों (Headings) के लिए 14 pt से 18 pt प्रयुक्त होता है। ड्रॉप-डाउन मेनू में 8 से 72 तक आकार होते हैं, परंतु 1 से 1638 तक कोई भी मान मैन्युअल दर्ज किया जा सकता है।
फॉन्ट कलर (Font Color)
अक्षरों के रंग को बदलने के लिए Font Color आइकन (A) का प्रयोग किया जाता है। पैलेट से मानक या कस्टम रंग चुने जा सकते हैं।
टेक्स्ट हाइलाइट कलर (Text Highlight Color)
जैसे विद्यार्थी किताब में मार्कर पेन से मुख्य वाक्यों को हाइलाइट करते हैं, वैसे ही डिजिटल दस्तावेज में टेक्स्ट की पृष्ठभूमि को पीला, हरा या सियान रंग देने के लिए Text Highlight Color टूल प्रयोग होता है।
2. फॉन्ट शैलियाँ: बोल्ड, इटैलिक, अंडरलाइन, सबस्क्रिप्ट एवं सुपरस्क्रिप्ट
टेक्स्ट में विशिष्ट शब्दों पर जोर देने (emphasis) अथवा गणितीय एवं रासायनिक सूत्रों को शुद्ध रूप से लिखने हेतु निम्न टूल्स अनिवार्य हैं:
शैली / कमांड
शॉर्टकट की
दृश्य प्रभाव (Visual Effect)
व्यावहारिक उपयोग
बोल्ड (Bold)
Ctrl + B
गाढ़े और मोटे अक्षर
शीर्षक, उप-शीर्षक एवं मुख्य परिभाषाओं को उभारने हेतु
इटैलिक (Italic)
Ctrl + I
तिरछे अक्षर (Slanted)
विदेशी भाषा के शब्द, पुस्तक के नाम, उद्धरण चिन्ह
अंडरलाइन (Underline)
Ctrl + U
अक्षरों के नीचे रेखा
महत्वपूर्ण बिंदुओं एवं वेब लिंक्स को रेखांकित करने हेतु
सबस्क्रिप्ट (Subscript)
Ctrl + =
सामान्य पंक्ति के नीचे छोटा अक्षर
रासायनिक सूत्र: H2O, CO2, H2SO4
सुपरस्क्रिप्ट (Superscript)
Ctrl + Shift + +
सामान्य पंक्ति के ऊपर छोटा अक्षर
गणितीय घातें एवं तिथियां: x2 + y2, 15th August
स्ट्राइकथ्रू (Strikethrough)
Font Dialog
अक्षरों के बीच से रेखा
काटे गए टेक्स्ट या पुराने मूल्य (उदा. ₹500 के स्थान पर ₹400)
यदि आपने गलती से पूरा पैराग्राफ छोटे अक्षरों (lowercase) या बड़े अक्षरों (UPPERCASE) में टाइप कर दिया है, तो उसे दोबारा टाइप करने की आवश्यकता नहीं होती। एमएस वर्ड में Change Case (Aa) बटन द्वारा 5 प्रकार के केस उपलब्ध हैं:
1. Sentence case (वाक्य स्वरूप): प्रत्येक वाक्य का केवल पहला अक्षर बड़ा (Capital) होता है और शेष सभी छोटे। (उदा. Computer is an electronic device.) यह डिफ़ॉल्ट रूप है।
2. lowercase (सभी छोटे अक्षर): चयनित टेक्स्ट के सभी अक्षर छोटे हो जाते हैं, कोई भी बड़ा अक्षर नहीं रहता। (उदा. computer science department)
3. UPPERCASE (सभी बड़े अक्षर): चयनित टेक्स्ट के सभी अक्षर कैपिटल अक्षरों में बदल जाते हैं। (उदा. BIHAR SCHOOL EXAMINATION BOARD)
4. Capitalize Each Word (प्रत्येक शब्द का पहला अक्षर बड़ा): इसे 'Title Case' भी कहते हैं। इसमें प्रत्येक शब्द का पहला अक्षर बड़ा और बाकी छोटे होते हैं। (उदा. Patna Is The Capital Of Bihar)
5. tOGGLE cASE (केस उलटना): प्रत्येक अक्षर का केस उल्टा हो जाता है — बड़ा अक्षर छोटा बन जाता है और छोटा अक्षर बड़ा। यह तब उपयोगी होता है जब Caps Lock गलती से चालू रह गया हो। (उदा. bIHAR bOARD)
💡 मास्टर ट्रिक - फॉर्मेट पेंटर (Format Painter):
होम टैब पर स्थित Format Painter (ब्रश आइकन) किसी टेक्स्ट की फॉर्मेटिंग (फॉन्ट, रंग, साइज आदि) को कॉपी करके किसी दूसरे टेक्स्ट पर ज्यों-का-त्यों लागू कर देता है। शॉर्टकट: फॉर्मेटिंग कॉपी करने हेतु Ctrl + Shift + C तथा फॉर्मेटिंग पेस्ट करने हेतु Ctrl + Shift + V।
कैरेक्टर फॉर्मेटिंग जहां एकल अक्षरों पर कार्य करती है, वहीं पैराग्राफ फॉर्मेटिंग पूरे अनुच्छेदों की संरचना, अलाइनमेंट, दो पंक्तियों के बीच की दूरी (Line Spacing), हाशिये से दूरी (Indentation) तथा सूचीकरण (Bullets & Numbering) का प्रबंधन करती है।
1. टेक्स्ट अलाइनमेंट के चार प्रकार (The Four Text Alignments)
अलाइनमेंट का अर्थ है कि टेक्स्ट पृष्ठ के बाएँ और दाएँ मार्जिन के बीच किस प्रकार व्यवस्थित होगा। एमएस वर्ड में चार अलाइनमेंट विकल्प होते हैं:
Align Left (बायाँ)
Ctrl + L
टेक्स्ट बाएँ मार्जिन के साथ एकदम सीधा होता है, जबकि दाईं ओर किनारे असमान (ragged) रहते हैं। यह अंग्रेजी और हिंदी का डिफ़ॉल्ट अलाइनमेंट है।
Center (केंद्र)
Ctrl + E
टेक्स्ट बाएँ और दाएँ मार्जिन के ठीक बीच में केंद्रित रहता है। इसका उपयोग मुख्य शीर्षकों (Titles), प्रमाणपत्रों, कविताओं व आमंत्रण पत्रों के लिए होता है।
Align Right (दायाँ)
Ctrl + R
टेक्स्ट दाएँ मार्जिन के साथ बिल्कुल संरेखित होता है, जबकि बायाँ किनारा असमान रहता है। इसका उपयोग पत्र में दिनांक, हस्ताक्षर, पृष्ठ संख्या या उर्दू/अरबी लिपि में होता है।
Justify (समान संरेखण)
Ctrl + J
टेक्स्ट बाएँ और दाएँ दोनों मार्जिनों के बीच शब्दों की दूरी को स्वचालित रूप से समायोजित करके दोनों किनारों को सीधा रखता है। पुस्तकों, समाचार पत्रों और पत्रिकाओं का मानक रूप।
2. लाइन एवं पैराग्राफ स्पेसिंग (Line & Paragraph Spacing)
लाइन स्पेसिंग (Line Spacing) एक पैराग्राफ में दो क्रमागत पंक्तियों के बीच की लंबवत (vertical) दूरी है:
Single Spacing (एकल दूरी): शॉर्टकट Ctrl + 1 (1.0 लाइन दूरी)। टेक्स्ट सघन रहता है।
1.15 Spacing: एमएस वर्ड का आधुनिक डिफ़ॉल्ट मान, जो पठनीयता के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
1.5 Lines Spacing: शॉर्टकट Ctrl + 5। आधिकारिक दस्तावेजों और स्कूल प्रोजेक्ट्स में व्यापक रूप से मान्य।
Double Spacing (दोगुनी दूरी): शॉर्टकट Ctrl + 2 (2.0 लाइन दूरी)। शोध प्रबंधों व पांडुलिपियों के लिए प्रयुक्त।
पैराग्राफ स्पेसिंग (Paragraph Spacing): दो अलग-अलग पैराग्राफों के बीच की दूरी। इसके लिए 'Space Before' (पैराग्राफ से पहले दूरी) और 'Space After' (पैराग्राफ के बाद दूरी) विकल्प का प्रयोग किया जाता है। (अनावश्यक बार-बार Enter दबाने के स्थान पर पैराग्राफ स्पेसिंग सेट करना व्यावसायिक तरीका है)।
3. इंडेंटेशन, बुलेट्स, नंबरिंग एवं बॉर्डर्स
अ. इंडेंटेशन (Indentation - मार्जिन से दूरी)
इंडेंट पैराग्राफ और पृष्ठ के बाएँ/दाएँ मार्जिन के बीच रिक्त स्थान निर्धारित करता है।
First Line Indent: केवल पैराग्राफ की पहली पंक्ति दाईं ओर खिसकती है (परंपरागत निबंध लेखन शैली)।
Hanging Indent: पहली पंक्ति मार्जिन पर रहती है और बाकी सभी पंक्तियां दाईं ओर खिसक जाती हैं (ग्रंथ सूची / संदर्भ सूची हेतु)।
Increase / Decrease Indent: पैराग्राफ को 0.5 इंच दाईं ओर खिसकाने हेतु Increase Indent बटन तथा बाईं ओर लाने हेतु Decrease Indent बटन।
ब. बुलेट्स एवं नंबरिंग (Bullets & Numbering Lists)
जानकारी को क्रमबद्ध और स्पष्ट प्रदर्शित करने के लिए सूचियों का निर्माण किया जाता है:
बुलेटेड सूची (Unordered List): जब बिंदुओं का कोई निश्चित क्रम या प्राथमिकता न हो (जैसे गोल बिंदी •, वर्ग ■, टिकमार्क ✔ आदि)।
नंबर्ड सूची (Ordered List): जब चरणों या वरीयता का निश्चित क्रम हो (जैसे 1, 2, 3... या A, B, C... या i, ii, iii...)।
मल्टीलेवल सूची (Multilevel List): जब मुख्य बिंदुओं के भीतर उप-बिंदु (Sub-items) हों (जैसे अध्याय 1 -> 1.1 -> 1.1.1)।
स. बॉर्डर्स एवं शेडिंग (Borders & Shading)
पैराग्राफ के चारों ओर बॉक्स बनाने के लिए Borders टूल का प्रयोग किया जाता है (Outside Border, All Borders आदि)। पैराग्राफ की पृष्ठभूमि को रंगीन करने के लिए Shading (पेंट बाल्टी आइकन) का प्रयोग किया जाता है, जिससे महत्वपूर्ण सूचना नोटिस बोर्ड की भांति प्रमुखता से दिखाई देती है।
इकाई 7: प्रूफिंग एवं दस्तावेज गुणवत्ता: स्पेलिंग व ग्रामर चेक, थिसॉरस एवं पेज सेटअप
इकाई 7: प्रूफिंग एवं दस्तावेज गुणवत्ता (Proofing & Document Quality)
टाइपिंग पूर्ण होने के उपरांत दस्तावेज को व्याकरण व वर्तनी संबंधी त्रुटियों से मुक्त करना और पृष्ठ को प्रिंटिंग के लिए सुव्यवस्थित करना अंतिम और सर्वाधिक महत्वपूर्ण चरण है। इस इकाई में स्पेलिंग व ग्रामर चेकर (F7), थिसॉरस (Shift + F7), पेज लेआउट, मार्जिन एवं प्रिंट प्रीव्यू की विस्तृत समीक्षा की गई है।
1. प्रूफिंग की लहरदार रेखाएं (Squiggly Underlines) एवं उनका समाधान
एमएस वर्ड टाइपिंग के दौरान पृष्ठभूमि में निरंतर वर्तनी और व्याकरण की जांच करता रहता है। त्रुटि होने पर शब्द के नीचे विशिष्ट रंगीन लहरदार रेखा (Wavy underline) दिखाई देती है:
रेखा का रंग व स्वरूप
त्रुटि का प्रकार
कारण (उदाहरण)
समाधान (Action)
लाल लहरदार रेखा (Red Wavy Line)
वर्तनी अशुद्धि (Spelling Error)
शब्द वर्ड की आंतरिक डिक्शनरी में उपलब्ध नहीं है। (उदा. computr या भारतीय नाम जैसे Patna, Nalanda)
राईट क्लिक करके सही वर्तनी चुनें, अथवा भारतीय नाम होने पर Ignore All या Add to Dictionary चुनें।
नीली लहरदार रेखा (Blue Wavy Line)
व्याकरण या संदर्भ त्रुटि (Grammar / Context Error)
व्याकरण के नियम या संदर्भ गलत होना। (उदा. He go to school अथवा दो शब्दों के बीच अतिरिक्त स्पेस)
राईट क्लिक करके सुझाई गई सही व्याकरण संरचना (उदा. He goes to school) चुनें।
हरी लहरदार रेखा (Green Wavy Line)
व्याकरण त्रुटि (पुराने संस्करणों में)
Word 2010 से पूर्व के संस्करणों में व्याकरण त्रुटियों के लिए हरी रेखा का प्रयोग होता था।
राईट क्लिक करके व्याकरण सुधार स्वीकार करें। आधुनिक संस्करणों में इसे नीली रेखा में समाहित किया गया है।
स्पेलिंग एवं ग्रामर डायलॉग बॉक्स: पूरे दस्तावेज की एक साथ जांच करने के लिए फंक्शन की F7 दबाएं या Review Tab -> Spelling & Grammar पर क्लिक करें।
2. थिसॉरस (Thesaurus): पर्यायवाची एवं विलोम शब्द भंडार (Shift + F7)
थिसॉरस एमएस वर्ड का एक अंतर्निहित शब्दकोश है जो किसी चयनित शब्द के समानार्थी (Synonyms) तथा विलोमार्थी (Antonyms) शब्दों की विस्तृत सूची प्रस्तुत करता है:
थिसॉरस के उपयोग का चरणबद्ध तरीका:
जिस शब्द का पर्यायवाची खोजना है, उस पर कर्सर रखें या उसे चयनित करें (उदा. "Important")।
कीबोर्ड पर Shift + F7 दबाएं अथवा Review Tab -> Thesaurus पर क्लिक करें।
स्क्रीन के दाईं ओर Research / Thesaurus Task Pane खुल जाएगा, जिसमें Significant, Crucial, Vital, Essential जैसे विकल्प दिखेंगे।
वांछित शब्द के तीर वाले निशान पर क्लिक करके Insert चुनें; मूल शब्द तुरंत नए पर्यायवाची शब्द से बदल जाएगा।
3. पेज सेटअप: मार्जिन, ओरिएंटेशन एवं प्रिंट प्रीव्यू
प्रिंटिंग से पूर्व पेज के भौतिक आकार और लेआउट को व्यवस्थित करना अनिवार्य है। इसके लिए Layout Tab (या Page Layout Tab) का प्रयोग किया जाता है:
पेज मार्जिन (Page Margins)
कागज के चारों किनारों (Top, Bottom, Left, Right) से टेक्स्ट तक छोड़ी गई खाली जगह मार्जिन कहलाती है। मानक रूप Normal (प्रत्येक दिशा में 1 इंच / 2.54 सेमी) होता है। अन्य विकल्पों में Narrow (0.5 इंच) तथा Wide शामिल हैं।
पेज ओरिएंटेशन (Page Orientation)
कागज की दिशा दो प्रकार की होती है:
• Portrait (लंबवत): ऊंचाई अधिक, चौड़ाई कम (पत्र, निबंध, सामान्य पुस्तकें)। डिफ़ॉल्ट रूप।
• Landscape (क्षैतिज): चौड़ाई अधिक, ऊंचाई कम (विस्तृत तालिकाएं, प्रमाणपत्र, चार्ट)।
पेपर साइज (Paper Size)
भारत व बिहार के विद्यालयों तथा कार्यालयों में मानक मुद्रण आकार A4 (21 सेमी × 29.7 सेमी) है। अमेरिकी मानक के अनुसार Letter (8.5 × 11 इंच) तथा Legal (8.5 × 14 इंच) आकार भी उपलब्ध हैं।
प्रिंट प्रीव्यू (Print Preview)
कागज पर मुद्रण से पूर्व स्क्रीन पर यह देखना कि मुद्रित होने के बाद पृष्ठ कैसा दिखेगा, Print Preview कहलाता है। शॉर्टकट: Ctrl + F2 या Ctrl + P। इससे स्याही और कागज की बर्बादी रुकती है।
अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)
उदाहरण 1
वर्ड प्रोसेसर (Word Processor) क्या है? इसके किन्हीं दो लोकप्रिय सॉफ्टवेयर के नाम लिखिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:
वर्ड प्रोसेसर की परिभाषा: वर्ड प्रोसेसर एक ऐसा एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software) है जिसका उपयोग कंप्यूटर पर टेक्स्ट आधारित दस्तावेज (जैसे पत्र, निबंध, रिपोर्ट, प्रोजेक्ट) को टाइप करने, संपादित (Edit) करने, आकर्षक रूप से फॉर्मेट (Format) करने, सुरक्षित (Save) रखने तथा मुद्रित (Print) करने हेतु किया जाता है।
दो लोकप्रिय वर्ड प्रोसेसर:
1. Microsoft Word (एमएस वर्ड): माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस पैकेज का सर्वाधिक लोकप्रिय वर्ड प्रोसेसर।
2. Google Docs (गूगल डॉक्स): वेब ब्राउज़र पर चलने वाला निशुल्क क्लाउड-आधारित वर्ड प्रोसेसर (अथवा LibreOffice Writer)।
उदाहरण 2
'Save' (सुरक्षित करना) और 'Save As' (अन्य नाम से सुरक्षित करना) कमांड में किन्हीं तीन मुख्य अंतरों को स्पष्ट कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:
Save एवं Save As में मुख्य अंतर निम्नलिखित सारणी द्वारा स्पष्ट है:
तुलना का आधार
Save (सेव)
Save As (सेव ऐज़)
1. मुख्य कार्य
पहले से सुरक्षित फाइल में किए गए नए बदलावों को उसी फाइल में अपडेट (ओवरराइट) करता है।
मौजूदा दस्तावेज की एक अलग नई प्रति (Duplicate Copy) नए नाम या स्थान पर बनाता है।
2. डायलॉग बॉक्स
पुरानी फाइल पर कोई डायलॉग बॉक्स नहीं खुलता, सीधे सुरक्षित हो जाता है।
प्रत्येक बार 'Save As' डायलॉग बॉक्स खुलता है जिसमें नाम व पाथ चुनना होता है।
3. शॉर्टकट की
Ctrl + S
F12
उदाहरण 3
टेक्स्ट मिटाने के संदर्भ में 'Backspace' की और 'Delete' की के कार्यकरण में क्या अंतर है? उदाहरण सहित समझाइए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:
Backspace और Delete दोनों ही टेक्स्ट को मिटाने के काम आती हैं, परंतु कर्सर के सापेक्ष इनकी दिशा परस्पर विपरीत होती है:
1. Backspace की (बैकस्पेस): यह कर्सर के बाईं ओर (Left side) स्थित एक-एक अक्षर को मिटाती है। कर्सर पीछे की ओर गति करता है।
2. Delete की (डिलीट): यह कर्सर के दाईं ओर (Right side) स्थित एक-एक अक्षर को मिटाती है। कर्सर अपनी जगह स्थिर रहता है और दायां अक्षर खिंचकर मिट जाता है।
व्यावहारिक उदाहरण:
मान लीजिए शब्द SCH|OOL लिखा है (यहाँ | कर्सर का स्थान है):
• यदि हम Backspace दबाते हैं, तो बाईं ओर का अक्षर 'H' मिटेगा और परिणाम SCOOL होगा।
• यदि हम Delete दबाते हैं, तो दाईं ओर का अक्षर 'O' मिटेगा और परिणाम SCHOL होगा।
उदाहरण 4
एमएस वर्ड में उपलब्ध चार प्रकार के टेक्स्ट अलाइनमेंट्स (Alignments) का वर्णन कीजिए तथा प्रत्येक की शॉर्टकट की लिखिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:
टेक्स्ट अलाइनमेंट का अर्थ है पृष्ठ के बाएँ और दाएँ मार्जिन के बीच टेक्स्ट की स्थिति तय करना। वर्ड में चार मुख्य अलाइनमेंट होते हैं:
1. लेफ्ट अलाइनमेंट (Align Left) - शॉर्टकट: Ctrl + L टेक्स्ट बाएँ मार्जिन के साथ पूरी तरह सीधा और संरेखित रहता है, जबकि दायाँ किनारा असमान होता है। यह अंग्रेजी और हिंदी का डिफ़ॉल्ट अलाइनमेंट है।
2. सेंटर अलाइनमेंट (Center Alignment) - शॉर्टकट: Ctrl + E टेक्स्ट बाएँ और दाएँ मार्जिन के ठीक मध्य में केंद्रित रहता है। इसका उपयोग मुख्य शीर्षकों, प्रमाणपत्रों और कविताओं के लिए किया जाता है।
3. राइट अलाइनमेंट (Align Right) - शॉर्टकट: Ctrl + R टेक्स्ट दाएँ मार्जिन के साथ एकदम सीधा होता है, जबकि बायाँ किनारा असमान रहता है। इसका प्रयोग पत्र में दिनांक, हस्ताक्षर और पृष्ठ संख्या हेतु होता है।
4. जस्टिफाई अलाइनमेंट (Justify Alignment) - शॉर्टकट: Ctrl + J यह शब्दों के बीच की दूरी को स्वतः समायोजित करके टेक्स्ट को बाएँ और दाएँ दोनों मार्जिनों के साथ पूरी तरह सीधा रखता है। पुस्तकों और समाचार पत्रों में यही प्रयुक्त होता है।
उदाहरण 5
सबस्क्रिप्ट (Subscript) और सुपरस्क्रिप्ट (Superscript) में अंतर स्पष्ट कीजिए। दोनों के लिए कीबोर्ड शॉर्टकट तथा दो-दो व्यावहारिक उदाहरण लिखिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:
1. सबस्क्रिप्ट (Subscript):
विवरण: जब किसी अक्षर या संख्या को सामान्य टेक्स्ट पंक्ति (Baseline) से नीचे और छोटे आकार में लिखा जाता है, तो उसे सबस्क्रिप्ट कहते हैं।
शॉर्टकट की:Ctrl + =
उदाहरण: रासायनिक सूत्र जैसे H2O (पानी) तथा CO2 (कार्बन डाइऑक्साइड)।
2. सुपरस्क्रिप्ट (Superscript):
विवरण: जब किसी अक्षर या संख्या को सामान्य टेक्स्ट पंक्ति (Baseline) से ऊपर और छोटे आकार में लिखा जाता है, तो उसे सुपरस्क्रिप्ट कहते हैं।
शॉर्टकट की:Ctrl + Shift + +
उदाहरण: गणितीय घातांक जैसे (a + b)2 = a2 + 2ab + b2 तथा तिथियां जैसे 15th August या 1st Rank।
उदाहरण 6
(क) एमएस वर्ड में टाइप करते समय शब्दों के नीचे दिखने वाली लाल (Red) और नीली (Blue) लहरदार रेखाओं का क्या अर्थ है और इनका समाधान कैसे करें? (3 अंक)
(ख) 'थिसॉरस' (Thesaurus) टूल क्या है और इसका उपयोग किस कार्य के लिए किया जाता है? (2 अंक)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:
(क) लहरदार रेखाओं का अर्थ एवं समाधान (3 अंक):
1. लाल लहरदार रेखा (Red Wavy Underline):
• अर्थ: यह वर्तनी अशुद्धि (Spelling Mistake) को दर्शाती है। इसका अर्थ है कि वह शब्द एमएस वर्ड के आंतरिक शब्दकोश में मौजूद नहीं है।
• समाधान: उस शब्द पर माउस का दायाँ बटन (Right Click) दबाकर सही वर्तनी चुनें। यदि वह किसी व्यक्ति या भारतीय शहर का नाम है (उदा. Patliputra), तो 'Ignore All' या 'Add to Dictionary' चुनें।
2. नीली लहरदार रेखा (Blue Wavy Underline):
• अर्थ: यह व्याकरण (Grammar) या प्रासंगिक त्रुटि (Contextual Error) को दर्शाती है (जैसे गलत काल, अपूर्ण वाक्य, या शब्दों के बीच दोहरा स्पेस छूट जाना)।
• समाधान: शब्द पर राइट क्लिक करके सुझाई गई व्याकरण सुधार को स्वीकार करें।
नोट: संपूर्ण दस्तावेज की प्रूफिंग हेतु शॉर्टकट की F7 का प्रयोग किया जाता है।
(ख) थिसॉरस टूल का परिचय एवं उपयोग (2 अंक):
थिसॉरस (Thesaurus) एमएस वर्ड का एक अंतर्निहित संदर्भ शब्दकोश (Reference Tool) है।
• मुख्य उपयोग: यह किसी भी चयनित शब्द के पर्यायवाची (Synonyms - समानार्थी शब्द) तथा विलोम शब्द (Antonyms) खोजने में सहायता करता है।
• जब लेखक को किसी शब्द का बेहतर, अधिक प्रभावशाली या वैकल्पिक शब्द चाहिए होता है, तो वह थिसॉरस का उपयोग करता है। इससे दस्तावेज की भाषा समृद्ध होती है और एक ही शब्द का बार-बार दोहराव नहीं होता।
• शॉर्टकट की:Shift + F7
सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)
सामान्य भ्रम / गलत उत्तर
विद्यार्थी प्रायः यह मान लेते हैं कि 'Save' और 'Save As' कमांड में कोई अंतर नहीं है और दोनों एक ही कार्य करते हैं।
सही वैज्ञानिक तथ्य
Save (Ctrl + S) बिना कोई डायलॉग बॉक्स खोले मौजूदा फाइल को उसी नाम और उसी फोल्डर में अपडेट (ओवरराइट) कर देता है। इसके विपरीत, Save As (F12) स्पष्ट रूप से एक नया डायलॉग बॉक्स खोलता है, जिससे उपयोगकर्ता दस्तावेज की एक अलग नई प्रति दूसरे नाम, दूसरे फोल्डर या अन्य प्रारूप (जैसे PDF) में सुरक्षित कर सकता है।
सामान्य भ्रम / गलत उत्तर
छात्र Backspace की और Delete की को एक समान मान लेते हैं और सोचते हैं कि दोनों से एक ही तरीके से अक्षर मिटते हैं।
सही वैज्ञानिक तथ्य
Backspace की कर्सर के ठीक बाईं ओर (Left) स्थित अक्षर को मिटाती है और कर्सर पीछे हटता है। Delete की कर्सर के ठीक दाईं ओर (Right) स्थित अक्षर को मिटाती है जबकि कर्सर अपनी जगह स्थिर रहता है।
सामान्य भ्रम / गलत उत्तर
Find and Replace टूल का उपयोग करते समय बिना समीक्षा किए सीधे 'Replace All' बटन दबा देना।
सही वैज्ञानिक तथ्य
Replace All बटन पूरे दस्तावेज में उस शब्द के सभी मिलानों को एक झटके में बदल देता है। यदि शब्द किसी बड़े शब्द का हिस्सा हो (उदा. 'कर' को 'कार्य' में बदलते समय 'सरकार' शब्द 'सकार्य' बन सकता है), तो भारी त्रुटि हो जाती है। इसलिए हमेशा पहले 'Find Next' और फिर 'Replace' करके प्रत्येक शब्द की पुष्टि करनी चाहिए।
सामान्य भ्रम / गलत उत्तर
टाइप करते समय भारतीय नामों या स्थानों (जैसे Patna, Nalanda, Bihar) के नीचे लाल लहरदार रेखा देखकर यह समझना कि यह गलत वर्तनी है।
सही वैज्ञानिक तथ्य
लाल लहरदार रेखा केवल यह दर्शाती है कि शब्द एमएस वर्ड की आंतरिक अंग्रेजी डिक्शनरी में दर्ज नहीं है। इसका अर्थ यह नहीं कि नाम गलत है। ऐसे उचित संज्ञा (Proper Noun) शब्दों पर राईट क्लिक करके 'Ignore All' (सभी अनदेखा करें) या 'Add to Dictionary' (शब्दकोश में जोड़ें) चुनना चाहिए।
सामान्य भ्रम / गलत उत्तर
पैराग्राफों के बीच या शीर्षकों के बाद दूरी बढ़ाने के लिए बार-बार Enter की दबाने की आदत।
सही वैज्ञानिक तथ्य
बार-बार Enter दबाकर खाली पंक्तियाँ छोड़ना एक गलत अभ्यास है, क्योंकि बाद में फॉन्ट बदलने पर पूरा लेआउट और पेज ब्रेक बिगड़ जाता है। पैराग्राफों के बीच सही दूरी के लिए हमेशा Paragraph Dialog Box से 'Space Before' और 'Space After' का उपयोग करना चाहिए।
सामान्य भ्रम / गलत उत्तर
सबस्क्रिप्ट (Subscript) और सुपरस्क्रिप्ट (Superscript) के शॉर्टकट की तथा उनकी स्थिति में भ्रमित हो जाना।
सही वैज्ञानिक तथ्य
सबस्क्रिप्ट (Ctrl + =) टेक्स्ट को सामान्य बेसलाइन के नीचे छोटा करके लिखता है (जैसे रासायनिक सूत्र H2O)। सुपरस्क्रिप्ट (Ctrl + Shift + +) टेक्स्ट को बेसलाइन के ऊपर छोटा करके लिखता है (जैसे गणितीय घात x2)।
चित्रात्मक व्याख्या एवं मॉडल
अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष
मुख्य बिंदु 1
वर्ड प्रोसेसर (जैसे Microsoft Word) टेक्स्ट दस्तावेज बनाने, संपादित करने, फॉर्मेट करने, सुरक्षित करने एवं प्रिंट करने का आधुनिक एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर है।
मुख्य बिंदु 2
टाइपराइटर की तुलना में वर्ड प्रोसेसर में आसान संपादन, वर्ड रैप (स्वचालित पंक्ति परिवर्तन), विभिन्न फॉन्ट, स्पेल-चेक और असीमित प्रतियां प्रिंट करने की सुविधा होती है।
मुख्य बिंदु 3
एमएस वर्ड इंटरफेस के प्रमुख भाग हैं: क्विक एक्सेस टूलबार (QAT), टाइटल बार, रिबन (टैब्स व ग्रुप्स), रूलर, डॉक्यूमेंट विंडो, स्क्रॉल बार और स्टेटस बार।
मुख्य बिंदु 4
दस्तावेज सुरक्षित करने हेतु Save (Ctrl + S) मौजूदा फाइल को अपडेट करता है, जबकि Save As (F12) नए नाम, स्थान या प्रारूप (PDF) में नई प्रति बनाता है।
मुख्य बिंदु 5
क्लिपबोर्ड एक अस्थायी मेमोरी बफर है। Cut (Ctrl + X) टेक्स्ट को मूल स्थान से हटाता है, Copy (Ctrl + C) प्रतिलिपि बनाता है, और Paste (Ctrl + V) उसे नए स्थान पर रखता है।
मुख्य बिंदु 6
गलती सुधारने के लिए Undo (Ctrl + Z) अंतिम क्रिया को पलटता है, जबकि Redo (Ctrl + Y) पलटी गई क्रिया को पुनः लागू करता है।
मुख्य बिंदु 7
Find (Ctrl + F) दस्तावेज में किसी विशिष्ट शब्द को तेजी से खोजता है और Replace (Ctrl + H) पुराने शब्द को नए शब्द से बदलता है।
मुख्य बिंदु 8
अलाइनमेंट के चार प्रकार हैं: Align Left (Ctrl + L - डिफ़ॉल्ट), Center (Ctrl + E - शीर्षक हेतु), Align Right (Ctrl + R - दिनांक हेतु), और Justify (Ctrl + J - दोनों किनारे सीधे)।
मुख्य बिंदु 9
सबस्क्रिप्ट (Ctrl + =) रासायनिक सूत्रों (H2O) में अक्षरों को बेसलाइन के नीचे लिखता है; सुपरस्क्रिप्ट (Ctrl + Shift + +) गणितीय घातों (x2) में बेसलाइन के ऊपर लिखता है।
मुख्य बिंदु 10
स्पेलिंग त्रुटियों के लिए लाल लहरदार रेखा, व्याकरण त्रुटियों के लिए नीली लहरदार रेखा दिखाई देती है; स्पेल-चेक हेतु F7 तथा थिसॉरस (पर्यायवाची) हेतु Shift + F7 का प्रयोग होता है।
स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)
मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।
1
दस्तावेज को 'Save' करने और 'Save As' करने में क्या मूल अंतर है? कोई छात्र कब Save As का उपयोग करेगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: Save (Ctrl + S) मौजूदा फाइल को उसी नाम व स्थान पर अपडेट करता है। Save As (F12) एक डायलॉग बॉक्स खोलता है। छात्र Save As का उपयोग तब करेगा जब उसे मूल फाइल को सुरक्षित रखते हुए उसकी एक नई प्रति बनानी हो, फाइल का नाम बदलना हो, पेन ड्राइव में सेव करना हो या PDF प्रारूप में बदलना हो। सोचिए कि क्या कोई डायलॉग बॉक्स खुलता है या पुरानी फाइल ही चुपचाप अपडेट हो जाती है।
2
यदि कर्सर शब्द 'PAT|NA' के बीच में स्थित है (जहाँ | कर्सर है), तो एक बार Backspace दबाने और एक बार Delete दबाने पर क्या परिणाम होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: Backspace दबाने पर कर्सर के बाईं ओर का अक्षर 'T' मिटेगा और परिणाम 'PANA' होगा। Delete दबाने पर कर्सर के दाईं ओर का अक्षर 'N' मिटेगा और परिणाम 'PATA' होगा। याद रखें कि Backspace बाईं ओर कार्य करता है और Delete दाईं ओर।
3
एक छात्र को विज्ञान के प्रोजेक्ट में जल का रासायनिक सूत्र 'H2O' और बीजगणित का सूत्र 'a2 + b2' लिखना है। वह किन दो टूल्स का उपयोग करेगा और कैसे?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: H2O में '2' को नीचे लिखने के लिए वह 'सबस्क्रिप्ट' (Subscript - Ctrl + =) का उपयोग करेगा (H₂O)। सूत्र में '2' को घात के रूप में ऊपर लिखने के लिए वह 'सुपरस्क्रिप्ट' (Superscript - Ctrl + Shift + +) का उपयोग करेगा (a² + b²)। एक में अक्षर बेसलाइन के नीचे जाता है और दूसरे में बेसलाइन के ऊपर।
4
आप अपने स्कूल के वार्षिकोत्सव का निमंत्रण पत्र तैयार कर रहे हैं। मुख्य शीर्षक, कार्यक्रम सूची और पत्र के नीचे दिनांक के लिए आप कौन-से अलाइनमेंट्स चुनेंगे?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर:
मुख्य शीर्षक के लिए: 'Center Alignment' (Ctrl + E)। 2. कार्यक्रम सूची और विवरण के लिए: 'Align Left' (Ctrl + L) या 'Justify' (Ctrl + J)। 3. पत्र के नीचे दिनांक एवं हस्ताक्षर के लिए: 'Align Right' (Ctrl + R)।
शीर्षक बीच में, सूची बाईं ओर और दिनांक दाईं ओर उपयुक्त होते हैं।
5
दस्तावेज में टाइप करते समय 'computer' शब्द के नीचे कोई रेखा नहीं है, परंतु 'Rajgir' शब्द के नीचे लाल लहरदार रेखा है। इसका क्या कारण है और इसे कैसे ठीक करेंगे?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: 'Rajgir' एक ऐतिहासिक भारतीय शहर का नाम है जो एमएस वर्ड के अंग्रेजी शब्दकोश (Dictionary) में दर्ज नहीं है। इसलिए वर्ड इसे अशुद्धि मानकर लाल रेखा दिखाता है। समाधान: शब्द पर राईट क्लिक करके 'Ignore All' (अनदेखा करें) अथवा 'Add to Dictionary' (डिक्शनरी में जोड़ें) चुनें। एमएस वर्ड के अंतर्निहित शब्दकोश और भारतीय शहरों के नामों पर विचार करें।
6
दस्तावेज में किसी एक शीर्षक पर आपने फॉन्ट 'Georgia', साइज 16 pt, बोल्ड और नीला रंग लगाया है। आप यही फॉर्मेटिंग बाकी 5 शीर्षकों पर बिना दोबारा मेहनत किए तुरंत कैसे लागू करेंगे?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: इसके लिए 'Format Painter' टूल का उपयोग करेंगे। पहले तैयार शीर्षक को सिलेक्ट करें, फिर Home टैब पर 'Format Painter' (ब्रश आइकन) पर डबल-क्लिक करें। अब बाकी 5 शीर्षकों पर माउस से ड्रैग कर दें। सभी शीर्षकों पर वही फॉर्मेटिंग तुरंत लागू हो जाएगी। ब्रश जैसे दिखने वाले फॉर्मेटिंग टूल के बारे में सोचें।
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