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JAC • Class 9 • Mathematics • Ch 3
Estimated Time: 45 Mins
Study Progress: In Progress

Coordinate Geometry

गणित के इतिहास में 17वीं शताब्दी एक युगांतकारी मोड़ थी, जब फ्रांसीसी दार्शनिक और गणितज्ञ रेने देकार्त (René Descartes, 1596–1650) ने बीजगणित (Algebra) और ज्यामिति (Geometry) के मध्य सेतु का निर्माण किया। उन्होंने एक समतल (Plane) पर किसी बिंदु की सटीक स्थिति निर्धारित करने के लिए परस्पर लंबवत दो संख्या रेखाओं की एक क्रांतिकारी प्रणाली विकसित की, जिसे आज हम कार्तीय निर्देशांक पद्धति (Cartesian Coordinate System) कहते हैं। कक्षा 9 का तृतीय अध्याय 'निर्देशांक ज्यामिति' (Coordinate Geometry) इसी ऐतिहासिक और व्यावहारिक गणितीय पद्धति का अध्ययन कराता है। इस प्रणाली के अंतर्गत: समतल को कार्तीय तल (Cartesian Plane / $xy$-Plane) कहा जाता है। क्षैतिज संख्या रेखा को $x$-अक्ष ($x$-axis) तथा ऊर्ध्वाधर संख्या रेखा को $y$-अक्ष ($y$-axis) कहा जाता है। दोनों अक्षों के परस्पर प्रतिच्छेद बिंदु को मूल बिंदु (Origin - $O$) कहते हैं, जिसके निर्देशांक $(0, 0)$ होते हैं। ये दोनों अक्ष कार्तीय तल को चार बराबर भागों में विभाजित करते हैं, जिन्हें चतुर्थांश (Quadrants: I, II, III, IV) कहा जाता है। किसी भी बिंदु $P$ की स्थिति को एक क्रमित युग्म (Ordered Pair) $(x, y)$ द्वारा निरूपित किया जाता है, जहाँ $x$ को बिंदु का भुज (Abscissa) तथा $y$ को बिंदु की कोटि (Ordinate) कहा जाता है। इसके अतिरिक्त, इस अध्याय में हम विभिन्न चतुर्थांशों में निर्देशांकों के चिह्नों ($(+, +), (-, +), (-, -), (+, -)$), निर्देशांक अक्षों पर स्थित बिंदुओं ($x$-अक्ष पर स्थित बिंदु का रूप $(x, 0)$ तथा $y$-अक्ष पर स्थित बिंदु का रूप $(0, y)$), कार्तीय तल पर दिए गए निर्देशांकों वाले बिंदुओं का आलेखन (Plotting of Points), तथा ज्यामितीय आकृतियों (त्रिभुज, आयत, वर्ग) के शीर्षों की स्थिति निर्धारण का गहन और व्यावहारिक अध्ययन करेंगे। झारखंड अधिविद्य परिषद् (JAC Class 9) बोर्ड परीक्षा में यह अध्याय 4 से 6 अंकों का महत्वपूर्ण भार रखता है। चतुर्थांश पहचानना, भुज और कोटि का मान लिखना, बिंदुओं को ग्राफ पेपर पर आलेखित करना, तथा अक्षों से लंबवत दूरियाँ ज्ञात करने वाले प्रश्न प्रतिवर्ष बोर्ड में अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं।

✈️ घने बादलों और रात के अंधेरे में आसमान में उड़ रहे दो हवाई जहाज आपस में क्यों नहीं टकराते?

कल्पना कीजिए कि रात के 2 बजे घने बादलों और भारी बारिश के बीच आसमान में सैकड़ों हवाई जहाज 900 किमी/घंटे की रफ्तार से उड़ रहे हैं। पायलट को बाहर खिड़की से केवल घना अंधेरा दिखाई देता है। फिर भी, वे कभी आपस में नहीं टकराते और दुनिया भर के हवाई अड्डों पर रनवे की सटीक पट्टी पर उतर जाते हैं!

यह चमत्कार कैसे संभव होता है? क्या पायलट के पास कोई जादुई दृष्टि है? बिल्कुल नहीं! इसका संपूर्ण श्रेय निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry) को जाता है!

एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के रडार स्क्रीन पर संपूर्ण वायुक्षेत्र को एक विशाल कार्तीय तल (Cartesian Plane) के रूप में मैप किया जाता है। प्रत्येक हवाई जहाज की स्थिति को तीन निर्देशांकों $(x, y, z)$ द्वारा मापा जाता है:

  • $x$ = पूर्व-पश्चिम स्थिति (Longitude / भुज)
  • $y$ = उत्तर-दक्षिण स्थिति (Latitude / कोटि)
  • $z$ = समुद्र तल से ऊँचाई (Altitude)

यदि दो विमानों के $(x, y)$ निर्देशांक समान भी हो जाएँ, तो कंप्यूटर तुरंत उनकी ऊँचाई ($z$) में कम से कम 1000 फीट का अंतर सुनिश्चित कर देता है। यही निर्देशांक ज्यामिति आज आपके फोन में गूगल मैप्स (Google Maps), ओला-उबर की लाइव ट्रैकिंग और मिसाइल डिफेंस सिस्टम को संचालित कर रही है!

Why This Chapter Matters

निर्देशांक ज्यामिति अमूर्त गणित और वास्तविक दुनिया के बीच का सबसे जीवंत माध्यम है:

  1. GPS और उपग्रह नेविगेशन: अक्षांश (Latitude) और देशांतर (Longitude) पृथ्वी के ग्लोब पर एक विशाल निर्देशांक ग्रिड ही हैं। आपका स्मार्टफोन जब स्विगी या अमेज़न डिलीवरी दिखाता है, तो वह कार्तीय तल के सूत्रों का उपयोग कर रहा होता है।
  2. कंप्यूटर ग्राफिक्स और गेमिंग: PUBG, फ्री फायर या फीफा जैसे 3D गेम्स में प्रत्येक कैरेक्टर, पेड़, गोली और छाया स्क्रीन के पिक्सल निर्देशांकों $(x, y, z)$ पर रेंडर होती है। जब आप स्क्रीन पर टैप करते हैं, तो फोन उस बिंदु के $(x, y)$ निर्देशांक को प्रोसेस करता है।
  3. रोबोटिक्स और ऑटोमेशन: आधुनिक कारखानों में रोबोटिक आर्म किसी कार के पुर्जे को वेल्ड करने के लिए मिलीमीटर की सटीकता से निर्देशांकों की गणना करता है।
  4. सड़क और रेल निर्माण (CAD): सिविल इंजीनियर किसी भी सड़क, पुल या मेट्रो लाइन का नक्शा बनाने के लिए ऑटोकैड (AutoCAD) सॉफ्टवेयर में निर्देशांक ज्यामिति का ही प्रयोग करते हैं।

Before You Begin (Prerequisites)

  • संख्या रेखा (Number Line) पर धनात्मक, ऋणात्मक संख्याओं एवं शून्य का निरूपण।
  • लंबवत रेखाओं (Perpendicular Lines) और समकोण ($90^\circ$) की ज्यामितीय समझ।
  • क्रमित युग्म (Ordered Pair) का अर्थ (अर्थात् $(2, 3)$ और $(3, 2)$ दो भिन्न स्थितियाँ हैं)।
  • ग्राफ पेपर (Graph Paper) पर पैमाना (Scale) मानने और बिंदु लगाने का प्रारंभिक अभ्यास।

What You Will Learn (Core Objectives)

  • कार्तीय तल, $x$-अक्ष, $y$-अक्ष, मूल बिंदु और चतुर्थांशों की सटीक परिभाषा देना और उनका आरेख बनाना।
  • क्रमित युग्म $(x, y)$ में भुज (Abscissa) और कोटि (Ordinate) की पहचान करना तथा निर्देशांक अक्षों से किसी बिंदु की लंबवत दूरी ज्ञात करना।
  • बिना ग्राफ बनाए केवल निर्देशांकों के चिह्नों को देखकर तुरंत बताना कि कोई बिंदु किस चतुर्थांश (I, II, III या IV) में या किस अक्ष पर स्थित है।
  • ग्राफ पेपर पर उपयुक्त पैमाना चुनकर दिए गए बिंदुओं को शुद्धता के साथ आलेखित (Plot) करना।
  • $x$-अक्ष पर स्थित बिंदुओं के मानक रूप $(x, 0)$ और $y$-अक्ष पर स्थित बिंदुओं के मानक रूप $(0, y)$ के गुणधर्मों को सिद्ध करना।
  • कार्तीय तल पर आलेखित बिंदुओं को जोड़कर प्राप्त होने वाली ज्यामितीय आकृतियों (जैसे त्रिभुज, आयत, समलंब) के क्षेत्रफल और परिमाप की प्रारंभिक गणना करना।

Chapter Roadmap & Progression

1 1. कार्तीय निर्देशांक पद्धति एवं रे...
2 2. चतुर्थांश एवं निर्देशांकों के चि...
3 3. भुज, कोटि एवं लंबवत दूरियाँ (Abs...
4 4. बिंदुओं का आलेखन एवं ज्यामितीय आ...

Complete Concept Guide (100% Curriculum Coverage)

1. कार्तीय निर्देशांक पद्धति एवं रेने देकार्त का योगदान (Cartesian Coordinate System & Origin)

1. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं मूलभूत संकल्पना

रेने देकार्त एक दिन अपने बिस्तर पर लेटे हुए छत पर रेंगती हुई एक मक्खी को देख रहे थे। उन्होंने विचार किया कि छत पर इस मक्खी की यथार्थ स्थिति को किसी अन्य व्यक्ति को कैसे समझाया जाए? उन्होंने पाया कि यदि कमरे की दो परस्पर लंबवत दीवारों से मक्खी की लंबवत दूरियाँ नाप ली जाएँ, तो मक्खी की स्थिति को केवल दो संख्याओं के जोड़े $(x, y)$ द्वारा अद्वितीय (Unique) रूप से निर्धारित किया जा सकता है!

2. कार्तीय तल की संरचना एवं शब्दावली (Structure of Cartesian Plane)
  1. कार्तीय तल (Cartesian Plane / Coordinate Plane): वह समतल जिस पर निर्देशांक अक्ष स्थित होते हैं, कार्तीय तल अथवा $xy$-तल कहलाता है।
  2. $x$-अक्ष (क्षैतिज अक्ष / Horizontal Axis): समतल पर खींची गई क्षैतिज संख्या रेखा $X'OX$ को $x$-अक्ष कहते हैं।
    • $O$ से दाईं ओर ($OX$) धनात्मक दिशा होती है ($+1, +2, +3, \dots$)।
    • $O$ से बाईं ओर ($OX'$) ऋणात्मक दिशा होती है ($-1, -2, -3, \dots$)।
  3. $y$-अक्ष (ऊर्ध्वाधर अक्ष / Vertical Axis): समतल पर खींची गई ऊर्ध्वाधर संख्या रेखा $Y'OY$ को $y$-अक्ष कहते हैं।
    • $O$ से ऊपर की ओर ($OY$) धनात्मक दिशा होती है ($+1, +2, +3, \dots$)।
    • $O$ से नीचे की ओर ($OY'$) ऋणात्मक दिशा होती है ($-1, -2, -3, \dots$)।
  4. मूल बिंदु (Origin - $O$): दोनों अक्ष जहाँ एक-दूसरे को परस्पर समकोण ($90^\circ$) पर काटते हैं, उस प्रतिच्छेद बिंदु को मूल बिंदु कहते हैं। इसके निर्देशांक सदैव $(0, 0)$ होते हैं।

2. चतुर्थांश एवं निर्देशांकों के चिह्न नियम (The Four Quadrants & Sign Conventions)

1. चार चतुर्थांश (The Four Quadrants)

दोनों निर्देशांक अक्ष कार्तीय तल को चार बराबर क्षेत्रों में विभाजित करते हैं। मूल बिंदु से प्रारंभ करके वामावर्त दिशा (Counter-Clockwise / Anti-clockwise Direction) में इन्हें क्रमानुसार चतुर्थांश I, II, III और IV नाम दिया जाता है:

चतुर्थांश (Quadrant) क्षेत्र का नाम भुज ($x$-निर्देशांक) का चिह्न कोटि ($y$-निर्देशांक) का चिह्न क्रमित युग्म का रूप उदाहरण बिंदु
प्रथम चतुर्थांश (Quadrant I) क्षेत्र $XOY$ धनात्मक ($x > 0$) धनात्मक ($y > 0$) $(+, +)$ $(3, 5), (1, 4), (2.5, 6)$
द्वितीय चतुर्थांश (Quadrant II) क्षेत्र $X'OY$ ऋणात्मक ($x < 0$) धनात्मक ($y > 0$) $(-, +)$ $(-4, 2), (-1, 7), (-3, 5)$
तृतीय चतुर्थांश (Quadrant III) क्षेत्र $X'OY'$ ऋणात्मक ($x < 0$) ऋणात्मक ($y < 0$) $(-, -)$ $(-2, -5), (-6, -1), (-4, -4)$
चतुर्थ चतुर्थांश (Quadrant IV) क्षेत्र $XOY'$ धनात्मक ($x > 0$) ऋणात्मक ($y < 0$) $(+, -)$ $(5, -3), (2, -7), (4, -1)$

अति-महत्वपूर्ण नियम: निर्देशांक अक्ष ($x$-अक्ष और $y$-अक्ष) स्वयं किसी भी चतुर्थांश के भाग नहीं होते हैं!

3. भुज, कोटि एवं लंबवत दूरियाँ (Abscissa, Ordinate & Perpendicular Distances)

1. भुज और कोटि की सटीक ज्यामितीय परिभाषा

मान लीजिए कार्तीय तल में कोई बिंदु $P(x, y)$ स्थित है:

  • भुज ($x$-निर्देशांक / Abscissa): बिंदु $P$ की $y$-अक्ष से लंबवत दूरी (चिह्न सहित) को बिंदु का भुज कहते हैं। यदि बिंदु $y$-अक्ष के दाईं ओर है तो भुज धनात्मक, और यदि बाईं ओर है तो भुज ऋणात्मक होता है।
  • कोटि ($y$-निर्देशांक / Ordinate): बिंदु $P$ की $x$-अक्ष से लंबवत दूरी (चिह्न सहित) को बिंदु की कोटि कहते हैं। यदि बिंदु $x$-अक्ष के ऊपर है तो कोटि धनात्मक, और यदि नीचे है तो कोटि ऋणात्मक होती है।

स्वर्णिम सूत्र (JAC बोर्ड में बार-बार पूछे जाने वाले):

  • बिंदु $P(x, y)$ की $x$-अक्ष से लंबवत दूरी $= |y| = |\text{कोटि}|$
  • बिंदु $P(x, y)$ की $y$-अक्ष से लंबवत दूरी $= |x| = |\text{भुज}|$

उदा. बिंदु $(-5, 7)$ की $x$-अक्ष से दूरी $= |7| = 7 \text{ इकाई}$ है, तथा $y$-अक्ष से दूरी $= |-5| = 5 \text{ इकाई}$ है (दूरी सदैव धनात्मक होती है!)।

2. अक्षों पर स्थित बिंदुओं के मानक रूप (Points on Coordinate Axes)
  1. $x$-अक्ष पर स्थित बिंदु: चूँकि $x$-अक्ष पर किसी भी बिंदु की $x$-अक्ष से लंबवत दूरी शून्य ($0$) होती है, अतः $x$-अक्ष पर प्रत्येक बिंदु की कोटि सदैव शून्य होती है।
    मानक रूप: $(x, 0)$   (उदा. $(4, 0), (-3, 0)$)।
  2. $y$-अक्ष पर स्थित बिंदु: चूँकि $y$-अक्ष पर किसी भी बिंदु की $y$-अक्ष से लंबवत दूरी शून्य ($0$) होती है, अतः $y$-अक्ष पर प्रत्येक बिंदु का भुज सदैव शून्य होता है।
    मानक रूप: $(0, y)$   (उदा. $(0, 6), (0, -2)$)।
  3. मूल बिंदु: दोनों अक्षों का प्रतिच्छेद बिंदु होने के कारण इसका भुज और कोटि दोनों शून्य होते हैं: $(0, 0)$।

4. बिंदुओं का आलेखन एवं ज्यामितीय आकृतियाँ (Plotting Points & Geometric Applications)

1. कार्तीय तल में बिंदुओं के आलेखन की कार्यविधि (Step-by-Step Algorithm)

दिए गए क्रमित युग्म $P(x, y)$ को आलेखित करने के लिए:

  1. मूल बिंदु $O(0, 0)$ से प्रारंभ कीजिए।
  2. यदि भुज $x > 0$ है, तो $x$-अक्ष पर दाईं ओर $x$ इकाई चलिए; यदि $x < 0$ है, तो बाईं ओर $|x|$ इकाई चलिए। इस बिंदु को $M$ मानिए।
  3. अब बिंदु $M$ से, यदि कोटि $y > 0$ है, तो $y$-अक्ष के समांतर ऊपर की ओर $y$ इकाई चलिए; यदि $y < 0$ है, तो नीचे की ओर $|y|$ इकाई चलिए।
  4. पहुँचे गए अंतिम स्थान पर एक छोटा बिंदु लगाकर वृत्त बनाइए और उसके पास $P(x, y)$ लिखिए।
2. क्रमित युग्म का क्रम-महत्व (Order Matters)

क्रमित युग्म $(x, y)$ में संख्याओं का क्रम अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि $x \ne y$ हो, तो $(x, y) \ne (y, x)$ होता है।

उदा. बिंदु $A(2, 5)$ और बिंदु $B(5, 2)$ दो सर्वथा भिन्न बिंदु हैं:

  • $A(2, 5)$ का भुज $2$ और कोटि $5$ है (यह $y$-अक्ष से 2 इकाई तथा $x$-अक्ष से 5 इकाई दूर है)।
  • $B(5, 2)$ का भुज $5$ और कोटि $2$ है (यह $y$-अक्ष से 5 इकाई तथा $x$-अक्ष से 2 इकाई दूर है)।
$(x, y) = (y, x)$ केवल और केवल तभी संभव है जब $x = y$ हो (जैसे $(3, 3), (-4, -4)$)।

Key Formulas, Identities & Theorems

मूल बिंदु के निर्देशांक
$O = (0, 0)$
x-अक्ष पर बिंदु का मानक रूप
$P = (x, 0)$
y-अक्ष पर बिंदु का मानक रूप
$Q = (0, y)$
प्रथम चतुर्थांश चिह्न शर्त
$$Q_I : (x > 0, y > 0) \implies (+, +)$$
द्वितीय चतुर्थांश चिह्न शर्त
$$Q_{II} : (x < 0, y > 0) \implies (-, +)$$
तृतीय चतुर्थांश चिह्न शर्त
$$Q_{III} : (x < 0, y < 0) \implies (-, -)$$
चतुर्थ चतुर्थांश चिह्न शर्त
$$Q_{IV} : (x > 0, y < 0) \implies (+, -)$$
x-अक्ष से लंबवत दूरी
$$d_x = |y| = |\text{Ordinate}|$$
y-अक्ष से लंबवत दूरी
$$d_y = |x| = |\text{Abscissa}|$$
क्रमित युग्म समानता प्रतिबंध
$$(x_1, y_1) = (x_2, y_2) \iff x_1 = x_2 \text{ and } y_1 = y_2$$

Conceptual Solved Examples & Case Studies

Example 1
कार्तीय तल में निम्नलिखित बिंदुओं की स्थिति (चतुर्थांश अथवा अक्ष) निर्धारित कीजिए: (i) $(-2, 4)$   (ii) $(3, -1)$   (iii) $(-1, 0)$   (iv) $(1, 2)$   (v) $(-3, -5)$   (vi) $(0, -7)$
Step-by-Step Solution:

हल: चिह्न नियमों के आधार पर बिंदुओं की स्थिति: (i) $(-2, 4)$: यहाँ भुज ऋणात्मक ($-2 < 0$) और कोटि धनात्मक ($4 > 0$) है, अर्थात् $(-, +)$। अतः यह बिंदु द्वितीय चतुर्थांश ($Q_{II}$) में स्थित है।

(ii) $(3, -1)$: यहाँ भुज धनात्मक ($3 > 0$) और कोटि ऋणात्मक ($-1 < 0$) है, अर्थात् $(+, -)$। अतः यह बिंदु चतुर्थ चतुर्थांश ($Q_{IV}$) में स्थित है।

(iii) $(-1, 0)$: यहाँ कोटि $y = 0$ है और भुज $x = -1$ है। चूँकि कोटि शून्य है, अतः यह बिंदु किसी चतुर्थांश में नहीं, बल्कि ऋणात्मक $x$-अक्ष ($OX'$) पर स्थित है।

(iv) $(1, 2)$: यहाँ दोनों निर्देशांक धनात्मक हैं, अर्थात् $(+, +)$। अतः यह बिंदु प्रथम चतुर्थांश ($Q_I$) में स्थित है।

(v) $(-3, -5)$: यहाँ दोनों निर्देशांक ऋणात्मक हैं, अर्थात् $(-, -)$। अतः यह बिंदु तृतीय चतुर्थांश ($Q_{III}$) में स्थित है।

(vi) $(0, -7)$: यहाँ भुज $x = 0$ है और कोटि $y = -7$ है। चूँकि भुज शून्य है, अतः यह बिंदु ऋणात्मक $y$-अक्ष ($OY'$) पर स्थित है।

Example 2
बिंदु $P(-4, 6)$ के लिए ज्ञात कीजिए: (i) भुज का मान (ii) कोटि का मान (iii) $x$-अक्ष से लंबवत दूरी (iv) $y$-अक्ष से लंबवत दूरी
Step-by-Step Solution:

हल: दिए गए बिंदु के निर्देशांक: $P(x, y) = P(-4, 6)$। यहाँ: (i) भुज (Abscissa): बिंदु का $x$-निर्देशांक होता है। अतः $\text{भुज} = -4$। (ii) कोटि (Ordinate): बिंदु का $y$-निर्देशांक होता है। अतः $\text{कोटि} = 6$। (iii) $x$-अक्ष से लंबवत दूरी: सूत्र $d_x = |y|$ से:

$$d_x = |6| = 6 \text{ इकाई}$$

(iv) $y$-अक्ष से लंबवत दूरी: सूत्र $d_y = |x|$ से:

$$d_y = |-4| = 4 \text{ इकाई}$$

(दूरी सदैव धनात्मक वास्तविक संख्या होती है, इसलिए ऋणात्मक चिह्न नहीं लिखा जाता)।

Example 3
यदि $(2a - 3, b + 5) = (7, -2)$ हो, तो वास्तविक संख्या $a$ और $b$ के मान ज्ञात कीजिए।
Step-by-Step Solution:

हल: हम जानते हैं कि दो क्रमित युग्म $(x_1, y_1)$ और $(x_2, y_2)$ परस्पर समान होते हैं यदि और केवल यदि उनके संगत घटक समान हों:

$$x_1 = x_2 \quad \text{तथा} \quad y_1 = y_2$$

दिए गए समीकरण में तुलना करने पर: 1. भुजों की तुलना:

$$2a - 3 = 7$$

$$2a = 7 + 3 = 10$$

$$a = \frac{10}{2} = 5$$

2. कोटियों की तुलना:

$$b + 5 = -2$$

$$b = -2 - 5 = -7$$

उत्तर: $a = 5, \; b = -7$

Example 4
कार्तीय तल पर बिंदु $A(1, 1), B(5, 1), C(5, 4)$ और $D(1, 4)$ को आलेखित कीजिए। इन बिंदुओं को क्रमानुसार जोड़ने पर प्राप्त आकृति का नाम बताइए तथा उसका क्षेत्रफल (Area) ज्ञात कीजिए।
Step-by-Step Solution:

हल: चरण 1: बिंदुओं का आलेखन एवं भुजाओं की लंबाइयों की गणना:

  • बिंदु $A(1, 1)$ और $B(5, 1)$ दोनों का $y$-निर्देशांक $1$ समान है। अतः भुजा $AB$ क्षैतिज ($x$-अक्ष के समांतर) है।

$$\text{लंबाई } AB = |5 - 1| = 4 \text{ इकाई}$$

  • बिंदु $B(5, 1)$ और $C(5, 4)$ दोनों का $x$-निर्देशांक $5$ समान है। अतः भुजा $BC$ ऊर्ध्वाधर ($y$-अक्ष के समांतर) है।

$$\text{लंबाई } BC = |4 - 1| = 3 \text{ इकाई}$$

  • बिंदु $C(5, 4)$ और $D(1, 4)$ दोनों का $y$-निर्देशांक $4$ समान है। अतः भुजा $CD$ क्षैतिज है।

$$\text{लंबाई } CD = |5 - 1| = 4 \text{ इकाई}$$

  • बिंदु $D(1, 4)$ और $A(1, 1)$ दोनों का $x$-निर्देशांक $1$ समान है। अतः भुजा $DA$ ऊर्ध्वाधर है।

$$\text{लंबाई } DA = |4 - 1| = 3 \text{ इकाई}$$

चरण 2: आकृति की पहचान: यहाँ सम्मुख भुजाएँ परस्पर समान और समांतर हैं ($AB = CD = 4 \text{ इकाई}$ तथा $BC = DA = 3 \text{ इकाई}$), और क्षैतिज व ऊर्ध्वाधर भुजाओं के बीच का प्रत्येक कोण $90^\circ$ है। अतः आकृति $ABCD$ एक आयत (Rectangle) है।

चरण 3: क्षेत्रफल की गणना:

$$\text{आयत का क्षेत्रफल} = \text{लंबाई} \times \text{चौड़ाई}$$

$$= AB \times BC = 4 \times 3 = 12 \text{ वर्ग इकाई}$$

उत्तर: प्राप्त आकृति एक आयत है जिसका क्षेत्रफल $12 \text{ वर्ग इकाई}$ है।

Example 5
एक वर्ग $ABCD$ के तीन शीर्ष $A(2, 2), B(-2, 2)$ तथा $C(-2, -2)$ हैं। इस वर्ग को कार्तीय तल पर आलेखित करके चौथे शीर्ष $D$ के निर्देशांक ज्ञात कीजिए। वर्ग का परिमाप भी ज्ञात कीजिए।
Step-by-Step Solution:

हल: चरण 1: दिए गए शीर्षों का विश्लेषण:

  • शीर्ष $A(2, 2)$ प्रथम चतुर्थांश में है।
  • शीर्ष $B(-2, 2)$ द्वितीय चतुर्थांश में है। भुजा $AB$ की लंबाई $= |2 - (-2)| = |2 + 2| = 4 \text{ इकाई}$। (यह $x$-अक्ष के समांतर है)।
  • शीर्ष $C(-2, -2)$ तृतीय चतुर्थांश में है। भुजा $BC$ की लंबाई $= |2 - (-2)| = |2 + 2| = 4 \text{ इकाई}$। (यह $y$-अक्ष के समांतर है)।

चरण 2: शीर्ष $D$ के निर्देशांक: चूँकि $ABCD$ एक वर्ग है:

  • भुजा $CD$ क्षैतिज होगी, अतः $D$ की कोटि ($y$-निर्देशांक) $C$ की कोटि के बराबर होगी $\implies y = -2$।
  • भुजा $AD$ ऊर्ध्वाधर होगी, अतः $D$ का भुज ($x$-निर्देशांक) $A$ के भुज के बराबर होगा $\implies x = 2$। अतः चौथे शीर्ष $D$ के अभीष्ट निर्देशांक:

$$D = (2, -2)$$

(यह बिंदु चतुर्थ चतुर्थांश $Q_{IV}$ में स्थित है)।

चरण 3: परिमाप की गणना: वर्ग की प्रत्येक भुजा $s = 4 \text{ इकाई}$ है।

$$\text{वर्ग का परिमाप} = 4 \times \text{भुजा} = 4 \times 4 = 16 \text{ इकाई}$$

उत्तर: शीर्ष $D$ के निर्देशांक $(2, -2)$ हैं तथा वर्ग का परिमाप $16 \text{ इकाई}$ है।

Common Misconceptions & Examiner Traps

Common Misconception

$(x, y)$ और $(y, x)$ को एक ही बिंदु समझ लेना।

Scientific Reality & Correction

$(x, y)$ और $(y, x)$ दो भिन्न बिंदु होते हैं यदि $x \ne y$ हो। उदाहरण के लिए $(3, 1)$ और $(1, 3)$ कार्तीय तल पर पूर्णतः अलग स्थानों पर होते हैं।

Common Misconception

अक्षों से दूरी लिखते समय ऋणात्मक चिह्न लगा देना, जैसे $(-4, 5)$ की $y$-अक्ष से दूरी $-4$ लिखना।

Scientific Reality & Correction

दूरी सदैव धनात्मक होती है। $y$-अक्ष से लंबवत दूरी $= |x| = |-4| = 4 \text{ इकाई}$ होगी।

Common Misconception

$(0, 4)$ को $x$-अक्ष पर और $(5, 0)$ को $y$-अक्ष पर मान लेना।

Scientific Reality & Correction

$(0, 4)$ में $x = 0$ है, अतः यह $y$-अक्ष पर स्थित है। $(5, 0)$ में $y = 0$ है, अतः यह $x$-अक्ष पर स्थित है।

Common Misconception

निर्देशांक अक्षों को किसी चतुर्थांश के अंतर्गत मान लेना।

Scientific Reality & Correction

निर्देशांक अक्ष (जैसे बिंदु $(3, 0)$ या $(0, -5)$) किसी भी चतुर्थांश (I, II, III, IV) में नहीं होते; वे चतुर्थांशों की विभाजक सीमाएँ हैं।

Common Misconception

चतुर्थांशों का क्रम दक्षिणावर्त (Clockwise) गिनना।

Scientific Reality & Correction

चतुर्थांश सदैव वामावर्त (Anti-clockwise) दिशा में गिने जाते हैं: प्रथम (ऊपर दाएँ), द्वितीय (ऊपर बाएँ), तृतीय (नीचे बाएँ), चतुर्थ (नीचे दाएँ)।

कार्तीय तल (Cartesian Plane), चारों चतुर्थांश एवं भुज-कोटि संरचना

कार्तीय तल (CARTESIAN PLANE) : चतुर्थांश, अक्ष एवं निर्देशांक प्रथम चतुर्थांश (Q₁) x > 0, y > 0 ⇒ (+, +) द्वितीय चतुर्थांश (Q₂) x < 0, y > 0 ⇒ (-, +) तृतीय चतुर्थांश (Q₃) x < 0, y < 0 ⇒ (-, -) चतुर्थ चतुर्थांश (Q₄) x > 0, y < 0 ⇒ (+, -) X X' Y Y' O(0, 0) P(3, 4) भुज=3, कोटि=4 A(-3, 0) B(0, -3)

Chapter Summary & 10 Key Takeaways

Takeaway 1
कार्तीय तल में परस्पर लंबवत दो संख्या रेखाएँ होती हैं: क्षैतिज रेखा को $x$-अक्ष तथा ऊर्ध्वाधर रेखा को $y$-अक्ष कहते हैं।
Takeaway 2
दोनों अक्षों के लंबवत प्रतिच्छेद बिंदु को मूल बिंदु ($O$) कहते हैं, जिसके निर्देशांक $(0, 0)$ होते हैं।
Takeaway 3
अक्ष समतल को चार चतुर्थांशों (I, II, III, IV) में विभाजित करते हैं, जिनकी गणना वामावर्त दिशा में की जाती है।
Takeaway 4
किसी बिंदु के निर्देशांक क्रमित युग्म $(x, y)$ के रूप में लिखे जाते हैं, जहाँ $x$ भुज (Abscissa) तथा $y$ कोटि (Ordinate) कहलाता है।
Takeaway 5
बिंदु $P(x, y)$ की $x$-अक्ष से लंबवत दूरी $|y|$ तथा $y$-अक्ष से लंबवत दूरी $|x|$ होती है।
Takeaway 6
चतुर्थांशों के चिह्न नियम: प्रथम $(+, +)$, द्वितीय $(-, +)$, तृतीय $(-, -)$, तथा चतुर्थ $(+, -)$।
Takeaway 7
$x$-अक्ष पर स्थित किसी भी बिंदु के निर्देशांक $(x, 0)$ रूप के होते हैं (कोटि सदैव शून्य होती है)।
Takeaway 8
$y$-अक्ष पर स्थित किसी भी बिंदु के निर्देशांक $(0, y)$ रूप के होते हैं (भुज सदैव शून्य होता है)।
Takeaway 9
निर्देशांक अक्ष स्वयं किसी भी चतुर्थांश के भाग नहीं होते हैं।
Takeaway 10
यदि $x \ne y$ हो, तो क्रमित युग्म $(x, y) \ne (y, x)$ होता है।

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1
बिंदु $(-3, 5)$ किस चतुर्थांश में स्थित है? इसकी $x$-अक्ष और $y$-अक्ष से दूरियाँ क्या हैं?
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Answer:

यह बिंदु द्वितीय चतुर्थांश ($Q_{II}$) में स्थित है (चिह्न $(-, +)$)। इसकी $x$-अक्ष से लंबवत दूरी $|5| = 5 \text{ इकाई}$ तथा $y$-अक्ष से लंबवत दूरी $|-3| = 3 \text{ इकाई}$ है।


2
वह बिंदु कहाँ स्थित होगा जिसका भुज 0 हो और कोटि -4 हो?
Reveal Answer & Explanation
Answer:

चूँकि भुज $x = 0$ है, अतः यह बिंदु किसी चतुर्थांश में नहीं बल्कि ऋणात्मक $y$-अक्ष पर स्थित होगा। बिंदु کے निर्देशांक $(0, -4)$ हैं।


3
कार्तीय तल में मूल बिंदु के भुज और कोटि का योग क्या होता है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: मूल बिंदु के निर्देशांक $(0, 0)$ होते हैं। अतः भुज और कोटि का योग $= 0 + 0 = 0$ होता है।
4
यदि किसी बिंदु का भुज और कोटि दोनों ऋणात्मक हों, तो वह किस चतुर्थांश में होगा?
Reveal Answer & Explanation
Answer:

वह बिंदु तृतीय चतुर्थांश ($Q_{III}$) में स्थित होगा (चिह्न रूप $(-, -)$)।


5
क्या बिंदु $(4, 0)$ और $(0, 4)$ एक ही स्थिति को दर्शाते हैं? स्पष्ट कीजिए।
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Answer: नहीं! $(4, 0)$ धनात्मक $x$-अक्ष पर मूल बिंदु से 4 इकाई दाईं ओर स्थित है, जबकि $(0, 4)$ धनात्मक $y$-अक्ष पर मूल बिंदु से 4 इकाई ऊपर स्थित है। दोनों भिन्न अक्षों पर स्थित हैं।
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