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NIOS • कक्षा X • Mathematics (211) • अध्याय 15
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

वृत्त (Circles)

एक समांतर में सभी बिन्दुओं का समूह जो उस सममित में एक निश्चित स्थिर बिन्दु (केन्द्र) से एक अचर दूरी (त्रिज्या) पर स्थित होता है, वृत्त (वृत्त) का समूह होता है। कक्षा 9वीं में हमने वृत्तखंड के जीव (कॉर्ड), चाप (आर्क), वृत्तखंड (सेगमेंट) और त्रिज्यखंड (सेक्टर) के गुणखंड का अध्ययन किया था। कक्षा 10वीं में हम वृत्त का एक अत्यंत विशिष्ट और व्यावहारिक संकल्पना-स्पर्श रेखा (एक वृत्त की स्पर्शरेखा)-का गहन अध्ययन करते हैं। किसी भी समरूप में एक वृत्त और एक सरल रेखा के बीच तीन ही अंतर संभव हैं: (1) अप्रतिच्छेदी रेखा (गैर-प्रतिच्छेदी रेखा), (2) छेत्र रेखा (सेकेंट रेखा - जो वृत्त को दो भिन्न कोणों पर काटती है), तथा (3) स्पर्श रेखा (स्पर्शरेखा रेखा)—एक ऐसी अनोखी रेखा जो केवल और केवल एक ही बिंदु पर लागू होती है। जिस बिंदु पर स्पर्श रेखा वृत्त को छुआ जाता है, उसे स्पर्श बिंदु (संपर्क बिंदु) कहते हैं। इस अध्याय के दो सर्वोपरी और विश्व-प्रसिद्ध ज्यामितीय आधारस्तंभ हैं: प्रक्षेपास्त्र 10.1: *"वृत्त के किसी बिंदु पर स्पर्श रेखा, स्पर्श बिंदु से जाने वाली त्रिमूर्ति पर लंब होता है।" प्रस्ताव 10.2: *"बाह्य बिंदु से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाएँ $P$ से वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ $PA$ और $PB$ खींची जाती हैं, तो $PA = PB$ होती हैं।" झारखंड अधिविद्य परिषद (एनआईओएस कक्षा 10) के बोर्ड परीक्षा में प्राइम 10.2 की उपपत्ति 3 से 5 अंक के प्रश्न के रूप में विस्तृत जानकारी दी गई है। साथ ही बने स्पर्श रेखा की लंबाई ज्ञात करने पर 1, 2 और 3 बिंदु के प्रश्न अनिवार्य रूप से आते हैं।

🎡 क्या आपने कभी सोचा है: जब आप गोफन (गुलेल) से पत्थर घुमाकर छोड़ते हैं, तो वह गोल न घूमकर एकदम सीधी रेखा में गोली की तरह क्यों उड़ जाता है?

जरा सोचिए: जब आप किसी तरह से पत्थर के गोले में उसे गोल-गोल घुमाते हैं, तो पत्थर एक वृत्ताकार पथ पर गति करता है। लेकिन जिस टुकड़े का धागा टूट गया है या आप उसमें से तीन हैं—क्या पत्थर का टुकड़ा पत्थर पथ पर आगे बढ़ गया है?

बिल्कुल नहीं! वह पत्थर की रेखा ठीक एक ही बिंदु पर वृत्त की दिशा से $90^\circ$ के समकोण पर एक सीधी रेखा में स्पर्श (स्पर्शरेखा) की दिशा में सनसनाती हुई गति से उड़ती है! भौतिक में इसे 'स्पर्शरेखीय वेग' (स्पर्शरेखीय वेग) कहते हैं।

यही नहीं, जब एक साइकिल या मोटर गाड़ी गहरी सड़क पर तेजी से दौड़ती है, तो डायनासोर से उड़ने वाली चप्पलों की बौछारें पहिए के चारों ओर गोल न घूमकर स्पर्श मंच के रूप में सीधी बाहर की ओर जाती हैं—इसीलिए सागर को जमीन के ऊपर 'मडगार्ड' (मडगार्ड) के रूप में दिखाया गया है! स्पर्श रेखा केवल ज्यामिति का एक सूखा सिद्धांत नहीं है, बल्कि हमारे ब्रह्मांड की दिशा और गति का मूल नियम है। आओ, इस अध्याय में वृत्तान्त की स्पर्श संरचना के जादुई अनुमान को समझें!

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

इस अध्याय का अध्ययन आपके लिए क्यों आवश्यक है?

  1. बोर्ड परीक्षा में 4-5 अंकों की निश्चितता: NIOS कक्षा 10वीं गणित परीक्षा में "बाह्य बिंदु से स्पर्शरेखा की संगति सिद्ध किग (प्रमेय 10.2)" तथा "सिद्ध किग कि परिगत समांतर चतुर्भुज समचतुर्भुज होता है" अनिवार्य प्रश्न हैं।
  2. भौतिकी में वृत्तीय गति (वृत्ताकार गति):कक्षा 11वीं में अभिकेन्द्रीय बल (केन्द्रीय बल), जड़त्व और स्पर्शरेखा रेखा का विश्लेषण इसी स्पर्श रेखा पर आधारित होता है।
  3. ऑटोमैटिक्स एवं स्थिर डिज़ाइन: सूक्ष्मदर्शी एवं स्थिर के स्थिर उपकरणों की सतह पर प्रकाश की किरण का अपवर्तन स्पर्श रेखा के लंब (अभिलंब) से ही निर्धारित होता है।
  4. इंजीनियरिंग डिजाइन: गियर चक्र (गियर दांत), बेल्ट-पुली ड्राइव और रेलवे के झुकाव (कर्व्स) स्पर्श प्रशिक्षण के सिद्धांतों पर डिजाइन किए गए हैं।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • वृत्तांत के दर्शन अंग: केंद्र ($O$), त्रिगुण ($r$), व्यास ($d = 2r$), जीवा (कॉर्ड)।
  • समकोण संगीत में पायथागोरस प्रमेय: $(\text{कर्ण})^2 = (\text{लंब})^2 + (\text{आधार})^2$।
  • त्रिभुजों के सर्वांगसमता का RHS नियम (समकोण - कर्ण - भुजा): यदि दो समकोण त्रिभुजों के कर्ण और एक भुज समता हो, तो वे सर्वांगसम होते हैं।
  • चतुर्भुज के अंतःकोणों का योग $360^\circ$ होता है।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • छेदक रेखा और स्पर्श रेखा के बीच का संरचनात्मक अंतर स्पष्ट कर सकेंगे।
  • प्रमेय 10.1 (त्रिज्या रेखा होन पर लंब मौजूद है: $OP \perp XY$) की आध्यात्म व्याख्या कर आकर्षक.
  • प्रमेय 10.2 (बाह्य बिंदु से स्पर्श पिक्सेल की समानता: $PA = PB$) का संपूर्ण चरण उपपट्ट बोर्ड परीक्षा प्रारूप में लिखावट।
  • पाइथागोरस प्रमेय का प्रयोग कर स्पर्श रेखा की लंबाई, त्रिज्या अथवा केंद्र से बाह्य बिंदु की दूरी निकाल सकेंगे।
  • सिद्ध कर धन कि वृत्तान्त के परिगत बने चतुर्भुज की सम्मुख भुजाओं का योग समान होता है ($AB + CD = AD + BC$)।
  • सिद्ध कर फ़ायदा कि किसी वृत्त के परिगत बना समांतर चतुर्भुज एक समचतुर्भुज (Rhombus) होता है।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. वृत्त की स्पर्श रेखा, छेदक रेखा...
2 2. प्रमेय 10.1: स्पर्श रेखा और स्पर...
3 3. प्राइमे 10.2: लचीले बिंदु से खीं...
4 4. स्पर्श रेखाओं के बीच का कोण एवं...
5 5. वृत्त के परिगत चतुर्भुज एवं समचत...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. वृत्त की स्पर्श रेखा, छेदक रेखा एवं स्पर्श बिंदु की संकल्पना

(क) वृत्त और रेखा की तीन हस्तियाँ:

एक सममिति में एक वृत्त और एक रेखा के बीच तीन रेखाएँ होती हैं:

  1. अप्रतिच्छेदी रेखा: रेखा वृत्त को कहीं नहीं छूती (उभयनिष्ठ बिंदु की संख्या $= 0$).
  2. छेदक रेखा (सेकेंट): वृत्त को दो अलग-अलग बिंदु पर कटी हुई आर-पार निकल जाती है (उभयनिष्ठ बिंदु की संख्या $= 2$).
  3. स्पर्श रेखा (स्पर्शरेखा): रेखा वृत्त को केवल और केवल एक ही बिंदु पर स्पर्श करती है (उभयनिष्ठ बिंदु की संख्या $= 1$).
स्पर्श रेखा की परिभाषा: किसी भी वृत्त की स्पर्श रेखा वह है जो वृत्त को केवल एक बिंदु पर प्रतिच्छेद (स्पर्श) देती है। स्पर्श रेखा और वृत्त के इस उभयनिष्ठ बिंदु को स्पर्श बिंदु (संपर्क बिंदु) कहते हैं।

(ख) अंकों की स्थिति के आधार पर स्पर्श की संख्या (JAC 1 अंक MCQs):

बिंदु की स्थिति खींची जा सकने वाली टच आर्किटेक्चर की संख्या विवरण
वृत्त के अंदर स्थित बिंदु 0 (शून्य) अंदर के बिंदु से जाने वाली रेखा वृत्त को दो बिंदुओं पर काटेगी (छेदक जाएगी)।
वृत्त की परिक्रमा पर स्थित बिंदु 1 (केवल एक) वृत्त के किसी एक निश्चित बिंदु पर केवल एक ही स्पर्श रेखा हो सकती है।
वृत्ताकार के बाहर स्थित लचीला बिंदु 2 (ठीक दो) बाहरी बिंदु से वृत्त पर ठीक दो स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं।
संपूर्ण वृत्त पर कुल स्पर्श रेखा अपरिमित रूप से अनेक (अनंत) इस वृत्त पर अनंत बिंदु होते हैं।

2. प्रमेय 10.1: स्पर्श रेखा और स्पर्श बिंदु की त्रिज्या के बीच लंबवत संबंध

प्रमीया 10.1 (जेएसी बोर्ड 3 अंक):
कथन: "वृत्त के किसी बिंदु पर स्पर्श रेखा बिंदु स्पर्श से जाने वाली त्रिमूर्ति पर लंब होता है।"

उपपत्ति (प्रमाण):

दिया है: एक वृत्त जिसका केंद्र $O$ है, और एक स्पर्श रेखा $XY$ जो वृत्त को बिंदु $P$ पर स्पर्श करती है। $OP$ स्पर्श बिंदु से जाने वाली त्रिमात्रा है।

सिद्ध करना है: $\mathbf{OP \perp XY}$

रचना: $XY$ पर $P$ के अतिरिक्त कोई अन्य बिंदु $Q$ और $O$ को $Q$ से मिलाइए।

उपपट्टा: बिंदु $Q$ को वृत्त के बाहर होना चाहिए (क्योंकि यदि $Q$ वृत्त के भीतर हुआ, तो $XY$ वृत्त की छेदक रेखा बन जाएगी, स्पर्श रेखा नहीं रहेगी)।
मूलतः $OQ$ की लंबाई वृत्त की त्रिशूल $OP$ से सदैव बड़ी होगी:
$$OQ > OP$$ यह संबंध $P$ के अतिरिक्त रेखा $XY$ के प्रत्येक बिंदु $Q$ के लिए सत्य है।
अर्थात, $OP$ केन्द्र $O$ से रेखा $XY$ के बिन्दुओं की न्यूनतम (सबसे छोटी) दूरी है।
हम जानते हैं कि किसी बिंदु से किसी रेखा की सबसे छोटी दूरी ही उस रेखा पर लंबवत दूरी होती है।
मूलतः:
$$\mathbf{OP \perp XY}$$

इति सिद्धम्।

3. प्राइमे 10.2: लचीले बिंदु से खींचे गए स्पर्शोन्मुख की सहायक वस्तु (जेएसी 5 अंक)

प्रमुख 10.2 (जेएसी बोर्ड 5 अंक अनिवार्य प्रश्न):
कथन: "बाह्य बिंदु से वृत्त पर खींचे गए स्पर्श ढांचे की लंबाई समान होती है।"

बोर्ड परीक्षा विवरण संपूर्ण चरणबद्ध उपपट्ट:

1. दिया है (दिया गया है):
केंद्र $O$ वाला एक वृत्त और वृत्त के बाहर एक बिंदु $P$ स्थित है। $P$ से वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएं $PQ$ और $PR$ खींची गई हैं, जहां $Q$ और $R$ स्पर्श बिंदु हैं।

2. सिद्ध करना है (To Prove):
$$\mathbf{PQ = PR}$$

3. रचना (निर्माण):
$OP, OQ$ तथा $OR$ का सिद्धांत।

4. उपपत्ति (प्रमाण):
प्रमेय 10.1 के अनुसार, स्पर्श बिंदु पर त्रिशूल स्पर्श रेखा पर लंब होता है:
$$\angle OQP = 90^\circ \qquad \text{तथा} \qquad \angle ORP = 90^\circ$$ अब दो समकोण मॉडल $\triangle OQP$ और $\triangle ORP$ में विचार किग:

  • $\angle OQP = \angle ORP = 90^\circ$ (प्रत्येक समकोण)
  • $OP = OP$ (उभयनिष्ठ कर्ण - सामान्य कर्ण)
  • $OQ = OR$ (एक ही वृत्त की त्रित्रियाँ - एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ)
मूलतः RHS सर्वांगसमता कथा से:
$$\triangle OQP \cong \triangle ORP$$ सभी सर्वांगसम मॉडलों के संगत भाग असमान होते हैं (CPCT द्वारा):
$$\mathbf{PQ = PR}$$

इति सिद्धम् (इसलिए सिद्ध हुआ).

अतिरिक्त महत्वपूर्ण निष्कर्ष (CPCT):
1. $\angle OPQ = \angle OPR$: केंद्र को खिंचाव बिंदु से मिलाने वाली रेखा स्पर्श करती है दोनों ढांचे के बीच के कोण को समद्विभाजित करती है।
2. $\angle QOP = \angle ROP$: केंद्र पर अंतरित कोण भी समान होते हैं।

4. स्पर्श रेखाओं के बीच का कोण एवं केंद्र पर अंतरित कोण का संपूरक संबंध

संपूरक कोण संबंध (पूरक कोण):

प्रमेय / गुणधर्म: किसी भी बाह्य बिंदु से वृत्त पर खींचा गया दो स्पर्श के बीच का कोण और स्पर्श बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण संबंध संपूरक ($180^\circ$) होते हैं:
$$\mathbf{\angle QPR + \angle QOR = 180^\circ}$$

उपपट्टा:
चतुर्भुज $OQPR$ में चारों ओर अंतःकोणों का योग $360^\circ$ होता है:
$$\angle OQP + \angle QPR + \angle PRO + \angle QOR = 360^\circ$$ $\angle OQP = 90^\circ$ तथा $\angle PRO = 90^\circ$ (प्रथम 10.1 से):
$$90^\circ + \angle QPR + 90^\circ + \angle QOR = 360^\circ$$ $$180^\circ + \angle QPR + \angle QOR = 360^\circ$$ $$\mathbf{\angle QPR + \angle QOR = 360^\circ - 180^\circ = 180^\circ}$$ उदाहरण: यदि दो स्पर्श चट्टानों के बीच का कोण $80^\circ$ हो, तो केन्द्र पर सीधा कोण $180^\circ - 80^\circ = 100^\circ$ बनेगा!

5. वृत्त के परिगत चतुर्भुज एवं समचतुर्भुज के सिद्ध करने वाले प्रश्न

(क) वृत्त के परिगत चतुर्भुज की सम्मुख भुजाओं का योग (JAC 4 अंक):

प्रमेय: यदि कोई चतुर्भुज $ABCD$ किसी वृत्त के परिगत (परिक्रमाबद्ध) बना हो, तो उसका सम्मुख भुजाओं का योग बराबर होता है:
$$\mathbf{AB + CD = AD + BC}$$

उपपट्टा:
माना वृत्त चतुर्भुज की भुजाओं $AB, BC, CD, DA$ को क्रमशः $P, Q, R, S$ पर स्पर्श करता है।
तरंग बिंदु से स्पर्श ढांचे की विशेषताएँ समान हैं (प्राइमे 10.2):
$$AP = AS \quad \text{--- (1)}$$ $$BP = BQ \quad \text{--- (2)}$$ $$CR = CQ \quad \text{--- (3)}$$ $$DR = DS \quad \text{--- (4)}$$ गुणांक (1), (2), (3), (4) को जोड़ने पर:
$$(AP + BP) + (CR + DR) = (AS + DS) + (BQ + CQ)$$ $$\mathbf{AB + CD = AD + BC}$$

इति सिद्धम्।

(ख) परिगत समांतर चतुर्भुज एक समचतुर्भुज होता है (JAC 4 अंक):

यदि $ABCD$ एक समांश चतुर्भुज हो, तो सम्मुख भुजाओं के समान हैं: $AB = CD$ तथा $BC = AD$।
मूल सूत्र में रखें:
$$AB + AB = AD + AD \implies 2AB = 2AD \implies AB = AD$$ बाकी चारों तरफ भुजाए बराबर हो गए, चारों तरफ भुजाए बराबर हैं: $AB = BC = CD = DA$.
मूलतः $ABCD$ एक समचतुर्भुज (रोम्बस) है!

महत्वपूर्ण सूत्र, सर्वसमिकाएँ एवं प्रमेय

स्पर्श रेखा और त्रिज्या का संबंध (प्रमेय 10.1)
OP ⊥ XY (स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लंब होती है)
बाह्य बिंदु से स्पर्श रेखाओं की समानता (प्रमेय 10.2)
PA = PB
स्पर्श रेखा की लंबाई सूत्र (पाइथागोरस प्रमेय)
L = √(d² - r²) [जहाँ d = OP केंद्र से दूरी, r = त्रिज्या]
त्रिज्या सूत्र
r = √(d² - L²)
केंद्र से बाह्य बिंदु की दूरी सूत्र
d = √(L² + r²)
स्पर्श रेखाओं और केंद्र के कोण का योग
∠APB + ∠AOB = 180° (परस्पर संपूरक)
परिगत चतुर्भुज की भुजाओं का संबंध
AB + CD = AD + BC
वृत्त पर बाह्य बिंदु से अधिकतम स्पर्श रेखाएँ
ठीक 2 स्पर्श रेखाएँ
वृत्त की परिधि पर स्थित बिंदु पर स्पर्श रेखाएँ
केवल 1 स्पर्श रेखा
वृत्त के अंदर स्थित बिंदु से स्पर्श रेखाएँ
0 (शून्य स्पर्श रेखा)

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
उदा 1. एक बिंदु Q से एक वृत्त पर स्पर्श रेखा की लंबाई 24 सेमी और Q के केंद्र से दूरी 25 सेमी है। वृत्तान्त की वृत्तान्त ज्ञात कोइ। (जेएसी 2020, 2023 - 2 अंक)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: समकोण टेल की पहचान करें:
वृत्त का केंद्र $O$ और स्पर्श बिंदु $P$ माना जाता है।
प्राइमे 10.1 के अनुसार, त्रिशूल स्पर्श रेखा पर लम्बवत है:
$$\angle OPQ = 90^\circ$$ मूलतः $\triangle OPQ$ एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें कर्ण $OQ = 25 \text{ cm}$ तथा आधार (स्पर्श) $PQ = 24 \text{ cm}$ है।

चरण 2: पाइथागोरस प्रमेय लागू करें:
$$OQ^2 = OP^2 + PQ^2$$ $$25^2 = OP^2 + 24^2$$ $$625 = OP^2 + 576$$ $$OP^2 = 625 - 576 = 49$$ $$OP = \sqrt{49} = 7 \text{ cm}$$
उत्तर: वृत्त की त्रिमूर्ति 7 सेमी है।
उदाहरण 2
उदा 2. यदि एक बिंदु P से O केंद्र किसी वाले वृत्त पर PA, PB स्पर्श रेखाएं 80° के कोण पर झुका हुआ हो, तो ∠POA का मान ज्ञात होता है। (एनसीईआरटी/जेएसी 2019, 2022 - 3 अंक)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: चतुर्भुज में संपूरक कोण नियम कक्ष:
हम जानते हैं कि $\angle OAP = 90^\circ$ और $\angle OBP = 90^\circ$.
दोनों स्पर्श उपकरण के बीच का कोण $\angle APB = 80^\circ$ है।
चतुर्भुज $OAPB$ में सम्मुख कोण संपूरक होते हैं:
$$\angle AOB + \angle APB = 180^\circ$$ $$\angle AOB + 80^\circ = 180^\circ \implies \angle AOB = 100^\circ$$
चरण 2: रेखा ओपी द्वारा कोण समद्विभाजन:
हम जानते हैं कि रेखा $OP$ केन्द्र पर बने कोण $\angle AOB$ को समद्विभाजित करती है:
$$\angle POA = \frac{1}{2} \angle AOB = \frac{1}{2} \times 100^\circ = 50^\circ$$
उत्तर: $\angle POA$ का मन $50^\circ$ है।
उदाहरण 3
उदा 3. सिद्ध गायक कि किसी वृत्त के किसी व्यास के सिरों पर खींची गई स्पर्श रेखाएँ समान हैं। (जेएसी 2018, 2021 - 3 अंक)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: दिया गया है आण्विक:
माना $AB$ वृत्त का एक व्यास है जिसका केंद्र $O$ है।
व्यास के सिरों $A$ और $B$ पर दो स्पर्श रेखाएँ क्रमशः $PQ$ और $RS$ खींची गई हैं।

चरण 2: चरण 10.1 लागू करें:
चतुर्थ चतुर्थ स्पर्श रेखा पर लम्बवत है:
$$OA \perp PQ \implies \angle PAB = 90^\circ \quad \text{--- (समीकरण 1)}$$ $$OB \perp RS \implies \angle ABS = 90^\circ \quad \text{--- (समीकरण 2)}$$
चरण 3: एकांश अंतःकोणों की समानता:
आउटपुट (1) और (2) से:
$$\angle PAB = \angle ABS = 90^\circ$$ लेकिन ये दोनों वास्तुशिल्प $PQ$ और $RS$ के लिए तिर्यक रेखा $AB$ द्वारा बनाए गए एक अंश अंतःकोण (वैकल्पिक आंतरिक कोण) हैं।
मूल रूप से रेखाएं सुसंगत हैं $$\mathbf{PQ \parallel RS}$$
इति सिद्धम्।
उदाहरण 4
उदा 4. सिद्ध कि किस वृत्त के परिगत समांतर चतुर्भुज समचतुर्भुज होता है। (एनसीईआरटी/जेएसी 2019, 2023, 2024 - 4 अंक)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: परिगत चतुर्भुज की प्रमेय लागू करें:
माना $ABCD$ एक समांश चतुर्भुज है जो केन्द्र $O$ वाले वृत्तान्त का परिणत बना है।
हम जानते हैं कि किसी भी चतुर्भुज में सम्मुख भुजाओं का योग बराबर होता है:
$$AB + CD = AD + BC \quad \text{--- (समीकरण 1)}$$
चरण 2: समांतर चतुर्भुज के गुण का उपयोग करें:
$ABCD$ एक समांश चतुर्भुज है, मूलतः सम्मुख भुजाओं के समान हैं:
$$AB = CD \qquad \text{तथा} \qquad BC = AD$$
चरण 3: गुणांक (1) में मान लेख:
$$AB + AB = AD + AD$$ $$2AB = 2AD$$ $$AB = AD$$
मोटे समांतर चतुर्भुज के दो शेष भुजाओं ($AB$ और $AD$) बराबर हैं, बल्कि इसके चारों ओर भुजाओं की समानता है:
$$AB = BC = CD = DA$$
मूलतः $ABCD$ एक समचतुर्भुज (रोम्बस) है।
इति सिद्धम्।
उदाहरण 5
उदा 5. दो संकेंद्रीय वृत्तों के त्रित्र 5 सेमी और 3 सेमी हैं। बड़े वृत्त की उस जीव की लंबाई ज्ञात होती है जो छोटे वृत्त को स्पर्श करता है। (जेएसी 2020, 2022 - 3 अंक)
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: तिमाही स्थिति:
माना $O$ दोनों संकेंद्रीय वृत्तों का उभयनिष्ठ केंद्र है।
बड़े वृत्त की त्रिमूर्ति $R = 5 \text{ cm}$ और छोटे वृत्त की त्रिमूर्ति $r = 3 \text{ cm}$ है.
माना $AB$ बड़े वृत्त का जीव है जो छोटे वृत्त को बिंदु $P$ पर स्पर्श करता है।
मूलतः $OP$ लघु वृत्त की त्रिमूर्ति है और $AB$ उसकी स्पर्श रेखा है।

चरण 2: प्रमेय 10.1 तथा जीव समद्विभाजन:
प्रमेय 10.1 से $OP \perp AB$ होगा।
कक्षा 9वीं के अध्याय के अनुसार: केंद्र से जीवा डाला गया लंब जीवा को समद्विभाजित करता है:
$$AP = PB = \frac{AB}{2}$$
चरण 3: समकोण $\triangle OPA$ पायथागोरस प्रमेय:
$$OA^2 = OP^2 + AP^2$$ $$5^2 = 3^2 + AP^2$$ $$25 = 9 + AP^2$$ $$AP^2 = 25 - 9 = 16 \implies AP = 4 \text{ cm}$$
चरण 4: जीवा एबी की कुल लंबाई:
$$AB = 2 \times AP = 2 \times 4 = 8 \text{ cm}$$
उत्तर: बड़ा वृत्तान्त की जीव की लम्बाई 8 सेमी है।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

स्पर्श रेखा को वृत्त के दो बिंदुओं पर छूती हुई रेखा मान लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

स्पर्श रेखा वृत्त को केवल एक बिंदु पर दर्शाया गया है। दो नमूने पर कटर वाली रेखा को छेदक रेखा (सेकेंट) कहा जाता है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

प्रमेय 10.2 में सीधे पीए = पीबी लिखना आ जाना और उपपत्ति न देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

परीक्षा में 5 अंक के प्रश्न RHS सर्वांगसमता बोर्ड द्वारा △OAP ≅ △OBP पूरा सिद्ध करना अनिवार्य है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

स्पर्श रेखाओं के बीच के कोण और केंद्र के कोण को बराबर समझ लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

ये दोनों कोण समान नहीं होते, बल्कि संपूरक (योग = 180°) होते हैं: ∠APB + ∠AOB = 180°।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

संकेन्द्रीय वृत्तों के प्रश्न में जीव की लंबाई शेष समय आधा जीव (एपी = 4) को ही अंतिम उत्तर मान लिया गया है।

सही वैज्ञानिक तथ्य

पाइथागोरस से आधा जीवा एपी नष्ट हो गया है। कुल जीवन AB = 2 × AP = 8 सेमी होगी।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

वृत्त के अंदर स्थित बिंदु से स्पर्श रेखा खींचने का प्रयास करना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

वृत्त के अंदर स्थित किसी भी बिंदु से वृत्त पर कोई भी स्पर्श रेखा नहीं खींची जा सकती (संख्या = 0)।

वृत्त - स्पर्श रेखा प्रमेय (10.1 एवं 10.2) एवं परिगत चतुर्भुज संकल्पना मानचित्र

वृत्त (Circles) - स्पर्श रेखा प्रमेय 10.1 एवं 10.2 संपूर्ण संकल्पना प्रमेय 10.2: बाह्य बिंदु से स्पर्श रेखाएं (PA = PB) O P A B PA = PB | ∠OAP = ∠OBP = 90° महत्वपूर्ण परिणाम एवं सूत्र प्रमेय 10.1 (लंबवत संबंध): स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या ⊥ स्पर्श रेखा (OP ⊥ XY) संपूरक कोण संबंध: ∠APB + ∠AOB = 180° परिगत चतुर्भुज गुणधर्म: AB + CD = AD + BC स्पर्श रेखा की लंबाई (पाइथागोरस): L = √(d² - r²)

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
वृत्त की स्पर्श रेखा वह रेखा है जो वृत्त को केवल और केवल एक ही बिंदु पर स्पर्श करती है।
मुख्य बिंदु 2
स्पर्श रेखा और वृत्त के उभयनिष्ठ बिंदु को स्पर्श बिंदु कहते हैं।
मुख्य बिंदु 3
उदाहरण 10.1: वृत्त के किसी भी बिंदु पर स्पर्श रेखा स्पर्श बिंदु से जाने वाली त्रिमूर्ति पर लंब होती है (OP ⊥ XY)।
मुख्य बिंदु 4
वृत्त के अंदर स्थित बिंदु से कोई स्पर्श रेखा नहीं खींची जा सकती।
मुख्य बिंदु 5
वृत्त पर स्थित बिंदु से केवल 1 स्पर्श रेखा और बाह्य बिंदु से ठीक 2 स्पर्श रेखाएं खींची जा सकती हैं।
मुख्य बिंदु 6
उदाहरण 10.2: लचीले बिंदु से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखा की मात्रा समान होती है (पीए = पीबी)।
मुख्य बिंदु 7
दो स्पर्श संरचनाओं के बीच का कोण और केंद्र पर अंतरित कोण संपर्क संपूरक होते हैं (∠APB + ∠AOB = 180°)।
मुख्य बिंदु 8
वृत्त के परिबद्ध बने चतुर्भुज का योग समतुल्य होता है (AB + CD = AD + BC)।
मुख्य बिंदु 9
वृत्त के परिगत से बना समचतुर्भुज सदैव एक समचतुर्भुज (Rhombus) होता है।
मुख्य बिंदु 10
पाइथागोरस प्रमेय से स्पर्श रेखा की लंबाई L = √(d² - r²) होती है।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
1. वृत्त के किसी बिंदु पर कितनी स्पर्श रेखाएं खींची जा सकती हैं?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: केवल 1 स्पर्श रेखा।
2
2. यदि केंद्र O वाले वृत्ताकार कोण पर कोण P से दो स्पर्श वाले कोण 70° हो, तो केंद्र पर कोण ∠AOB क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: ∠AOB = 180° - 70° = 110° (चुनकी दोनों संपूरक होते हैं)।
3
3. 5 सेमी त्रिशूल वाले वृत्त के केंद्र से 13 सेमी दूर स्थित बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखा की लंबाई क्या होगी?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: एल = √(13² - 5²) = √(169 - 25) = √144 = 12 सेमी।
4
4. वृत्त के व्यास के सिरों पर खींची गई स्पर्श रेखाओं के बीच क्या संबंध होता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: वे परस्पर समानांतर होती हैं।
5
5. यदि चतुर्भुज ABCD एक वृत्त का परिगणित है जिसमें AB = 6 सेमी, CD = 4 सेमी और BC = 7 सेमी है, तो AD की लंबाई क्या होगी?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: एबी + सीडी = एडी + बीसी ⇒ 6 + 4 = एडी + 7 ⇒ 10 = एडी + 7 ⇒ एडी = 3 सेमी।
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
अभ्यास के लिए तैयार?

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कक्षा 10 Mathematics (211) के सभी अध्याय

अध्याय 1: संख्या पद्धति (Number Systems) अध्याय 2: घातांक और करणी (Exponents and Radicals) अध्याय 3: बीजीय व्यंजक एवं बहुपद (Algebraic Expressions and Polynomials) अध्याय 4: विशेष गुणनफल एवं गुणनखंडन (Special Products and Factorization) अध्याय 5: रैखिक समीकरण (Linear Equations) अध्याय 6: द्विघात समीकरण (Quadratic Equations) अध्याय 7: समांतर श्रेढ़ी (Arithmetic Progressions) अध्याय 8: प्रतिशतता एवं उसके अनुप्रयोग (Percentage and Applications) अध्याय 9: किस्त खरीद (Instalment Buying) अध्याय 10: रेखाएँ और कोण (Lines and Angles) अध्याय 11: त्रिभुजों की सर्वांगसमता (Congruence of Triangles) अध्याय 12: संगामी रेखाएँ (Concurrent Lines) अध्याय 13: चतुर्भुज (Quadrilaterals) अध्याय 14: त्रिभुजों की समरूपता (Similarity of Triangles) अध्याय 15: वृत्त (Circles) अध्याय 16: वृत्त में कोण एवं चक्रीय चतुर्भुज (Angles in a Circle and Cyclic Quad) अध्याय 17: छेदक, स्पर्श रेखाएँ एवं उनके गुण (Secants and Tangents) अध्याय 18: रचनाएँ (Constructions) अध्याय 19: निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry) अध्याय 20: समतल आकृतियों के परिमाप एवं क्षेत्रफल (Perimeters and Area) अध्याय 21: ठोस आकृतियों के पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन (Surface Area and Volume) अध्याय 22: त्रिकोणमिति का परिचय (Introduction to Trigonometry) अध्याय 23: विशिष्ट कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपात (Trigonometric Ratios) अध्याय 24: आँकड़े एवं उनका निरूपण (Data and Their Representation) अध्याय 25: केन्द्रीय प्रवृत्ति के उपाय (Measures of Central Tendency) अध्याय 26: प्रायिकता का परिचय (Introduction to Probability)

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