(क) एक चर वाले रैखिक समीकरण:
जिस समीकरण में केवल एक अज्ञात चर उपस्थित हो तथा चर की अधिकतम घात 1 हो, उसे एक चर वाला रैखिक समीकरण कहते हैं। इसका मानक रूप:
$$ax + b = 0, \quad \text{जहाँ } a, b \in \mathbb{R} \text{ तथा } a \neq 0$$हल / मूल (Root): समीकरण को संतुष्ट करने वाला $x$ का मान $x = -\frac{b}{a}$ होता है। एक चर वाले रैखिक समीकरण का सदैव केवल एक अद्वितीय हल होता है।
उदाहरण: $3x - 7 = 14 \implies 3x = 14 + 7 = 21 \implies x = 7$।
(ख) दो चरों वाले रैखिक समीकरण:
वह समीकरण जिसे निम्न रूप में व्यक्त किया जा सके:
$$ax + by + c = 0, \quad \text{जहाँ } a, b, c \in \mathbb{R} \text{ तथा } a^2 + b^2 \neq 0$$उसे दो चरों $x$ और $y$ का रैखिक समीकरण कहते हैं।
- ज्यामितीय अर्थ: कार्तीय तल पर प्रत्येक दो चरों वाला रैखिक समीकरण एक सरल रेखा को निरूपित करता है।
- अपरिमित हल: रेखा पर स्थित प्रत्येक बिंदु $(x_1, y_1)$ उस समीकरण का एक हल होता है। अतः दो चरों वाले एक रैखिक समीकरण के अपरिमित रूप से अनेक हल होते हैं।