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NIOS • कक्षा X • Science & Technology (212) • अध्याय 3
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

परमाणु एवं अणु (Atom and Molecules)

प्राचीन काल से ही भारतीय एवं यूनानी सैद्धांतिक द्रव्य के अज्ञात एवं सूक्ष्म सूक्ष्म रूप को जानने के लिए प्रयासरत हैं। लगभग 500 ईसा पूर्व भारत के महान सिद्धांत महर्षि कणाद ने यह प्रतिपादित किया था कि यदि हम पदार्थों को विभाजित करते हैं, तो हमें छोटे-छोटे कण प्राप्त होते हैं और अंत में एक ऐसी सीमा प्राप्त होती है जब प्राप्त कण को ​​और आगे विभाजित नहीं किया जाता है। इस सूक्ष्मतम अविभाज्य कण को ​​उन्होंने 'परमाणु' नाम दिया। लगभग इसी समय ग्रीक सैद्धांतिक डेमोक्रिट्स और ल्यूसिपस ने भी इन अविभाज्य संप्रदाय को 'एटम' (जिसका ग्रीक भाषा में अर्थ है 'अविभाज्य' या 'अकाट्य') कहा है। 18वीं सदी के अंत में वैज्ञानिक एंटोनी एल. लैवोजियर और जोसेफ एल. प्राउस्ट ने मानक आधार पर रासायनिक संयोजन के दो सामान्य नियम (द्रव्यमान संरक्षण के नियम एवं स्थिर अनुपात के नियम) प्रतिपादित। इसके बाद 1808 में ब्रिटिश स्कूल के शिक्षक जॉन डाल्टन ने अपना क्रांतिकारी 'डाल्टन का परमाणु सिद्धांत' (डाल्टन का परमाणु सिद्धांत) प्रस्तुत किया, जिसने रासायनिक संघटन के सिद्धांत की व्याख्या की। इस अध्याय में हम रासायनिक संयोजन के नियम, डाल्टन के सिद्धांत के प्रमुख अभिगृहीत, परमाणु का आकार और द्रव्यमान, रासायनिक प्रतीक, आणविक सूत्र (रासायनिक सूत्र) निर्मित की यौगिक विधि (क्रिस-क्रॉस नियम), बहुपरमाणुक आयन (बहुपरमाणु आयन), आण्विक द्रव्यमान (आणविक द्रव्यमान), सूत्र इकाई द्रव्यमान (सूत्र इकाई द्रव्यमान) और रासायनिक विज्ञान की हृदय-स्थली कहनी जाने वाली 'मोल संकल्पना' (मोल) संकल्पना) एवं आवोगाद्रो संख्या ($6.022 \times 10^{23}$) का विस्तृत सिद्धांत और वैज्ञानिक अध्ययन करेंगे। झारखंड अधिविद्य परिषद (एनआईओएस रांची) की कक्षा 9वीं बोर्ड परीक्षा में यह अध्याय 6 से 8 अंकों का सर्वोच्च आधार है। विशेष रूप से रासायनिक सूत्र उपकरण की विधि (उदा. मैग्नीशियम क्लोराइड, कैल्शियम क्लोराइड, एल्यूमीनियम मिश्र धातु), आण्विक द्रव्यमान की गणना तथा मोल समग्र, द्रव्यमान के अंतःरूप रूपांतरण के संख्या प्रश्न परीक्षण में अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं।

🔬 यदि संसार के सभी कण सूक्ष्म हैं, तो मात्र एक चम्मच पानी में आकाश के सभी तारों से भी अधिक अणु कैसे समाए होते हैं?

अपनी पथरी पर मात्रा 18 ग्राम (लगभग एक बड़ा अमेरीका) स्वच्छ जल उपयोग। यह साधारण जल दिखता है, लेकिन यदि आप इसे आण्विक स्तर पर खरीदकर देखते हैं, तो आपकी रोंगटे हो जाएगी!

वह एक आयतन (18 ग्राम) जल में जल के थोक ($H_2O$) की कुल संख्या $602,200,000,000,000,000,000,000$ (6 लाख 2 हजार 200 अरब खरब अर्थात $6.022 \times 10^{23}$) होती है! यह संख्या इतनी बड़ी है कि यदि पूरी पृथ्वी का प्रत्येक व्यक्ति दिन-रात बिना प्रति सेकंड एक वर्ष का गिनना शुरू कर दे, तो भी इस एक धार्मिक जल के रथ को गिनने में लाखों वर्ष लग जायेंगे!

वैज्ञानिक इस अकल्पनीय संख्या को किस पैमाने पर तौलते हैं? दो गैसें—हाइड्रोजन और ऑक्सीजन—मिल्ककर द्रव जल कैसे बनाये जाते हैं? और किसी वैज्ञानिक का रासायनिक सूत्र (जैसे $Al_2(SO_4)_3$) बिना रटे केवल रासायनिक सूत्र के सरल खेल से कैसे लिखा जा सकता है? आओ, परमाणुओं और पौधों की इस जादुई दुनिया में प्रवेश करें!

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

यह अध्याय आपकी साहित्यिक यात्रा एवं भविष्य के लिए क्यों है?

  1. NIOS बोर्ड परीक्षा में अचूक स्कोरिंग: रासायनिक सूत्र निर्माण (2 अंक), आण्विक द्रव्यमान गणना (2 अंक) और मोल संकल्पना के अचुक स्कोरिंग (3 अंक) हर साल बोर्ड प्रश्नपत्र का अनिवार्य अंग होते हैं।
  2. कक्षा 11 और 12 रसायन विज्ञान का महास्तंभ: 11वीं कक्षा का प्रथम अध्याय 'रसायन विज्ञान की कुछ बुनियादी अवधारणाएँ' (स्टोइकोमेट्री, सीमित अभिकर्मक, अनुभवजन्य सूत्र) शत-शैक्षणिक इसी अध्याय के मोल संकल्पना और सूत्र निर्माण पर नज़र है।
  3. दैनिक जीवन एवं वैज्ञानिक गणना: रासायनिक मूलांकों की मात्रा, औषधियों का सही रासायनिक संयोजन, तथा कच्चे माल के रसायन भारानुपात का आधार समान ज्ञान से होता है।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • द्रव्यमान एवं भार की रूपरेखा समझ
  • आपदा के सामान्य प्रतीक (जैसे H, O, N, C, Na, Mg, Fe, Cu, Cl, S)।
  • अवस्था परिवर्तन एवं रासायनिक अभिक्रिया का प्राथमिक परिचय।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • रासायनिक संयोजन के दोनों नियमों—द्रव्यमान संरक्षण का नियम एवं स्थिर अनुपात का नियम की प्रायोगिक पुष्टि कर सकेंगे।
  • डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के सभी 6 प्रमुख अभिगृहीतों को सूचीबद्ध कर उनकी सीमाओं को समझ सकेंगे।
  • परमाणु द्रव्यमान इकाई (परमाणु द्रव्यमान इकाई - amu या $u$) और कार्बन-12 समस्थानिक के मानक संदर्भ की व्याख्या।
  • धनायन, ऋणायन और बहुपरमाणुक आयन (जैसे $SO_4^{2-}, CO_3^{2-}, NH_4^+$) की संयोजकता याद रखिए।
  • क्रिस-क्रॉस (क्रिस-क्रॉस) विधि का उपयोग करके किसी भी अकार्बनिक घटक का सही रासायनिक सूत्र बनाएं।
  • किसी भी यौगिक के आण्विक द्रव्यमान एवं सूत्र इकाई द्रव्यमान की सटीक गणना कर सकेंगे।
  • मोल संकल्पना, अवोगाद्रो स्थिरांक ($N_A = 6.022 \times 10^{23}$), मोलर द्रव्यमान और समुच्चय की संख्या के संख्यात्मक अनुपात को हल कर दिया गया।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. रासायनिक संयोजन के मूलभूत नियम ए...
2 2. परमाणु क्या है? परमाणु द्रव्यमान...
3 3. रासायनिक सूत्र सूत्र की क्रिस-क्...
4 4. आण्विक द्रव्यमान, सूत्र इकाई द्र...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. रासायनिक संयोजन के मूलभूत नियम एवं डाल्टन का परमाणु सिद्धांत

(क) रासायनिक संयोजन के दो आधारभूत नियम

वैज्ञानिक एंटोनी एल. लैवोजियर और जोसेफ एल. प्राउस्ट ने अनगिनत प्रयोगों के पश्चात निम्नलिखित दो नियमों की स्थापना की:

  1. द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass):

    "किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो सृजन (निर्माण) किया जा सकता है और न ही विनाश।"

    अर्थात किसी रासायनिक अभिक्रिया में उत्पादों का कुल द्रव्यमान अभिकारकों के कुल द्रव्यमान के ठीक बराबर होता है।
    $$ ext{अभिकारकों का कुल द्रव्यमान} = ext{उत्पादों का कुल द्रव्यमान}$$ प्रयोग: बेरियम क्लोराइड ($BaCl_2$) और सोडियम सल्फेट ($Na_2SO_4$) के जलीय घोलों को एक शंक्वाकार फ्लास्क में अलग-अलग रखकर तौलते हैं। जब दोनों को आपस में मिलाया जाता है, तो बेरियम सल्फेट का सफेद अवक्षेप बनता है। पुनः तौलने पर फ्लास्क का कुल भार बिल्कुल अपरिवर्तित रहता है।

  2. स्थिर अनुपात का नियम (Law of Constant / Definite Proportions):

    जोसेफ प्राउस्ट के अनुसार—"किसी भी रासायनिक यौगिक में तत्व सदैव एक निश्चित द्रव्यमान के अनुपात में विद्यमान होते हैं, चाहे वह यौगिक किसी भी स्रोत से प्राप्त किया गया हो अथवा किसी भी विधि से बनाया गया हो।"

    उदाहरण 1 (जल - $H_2O$): शुद्ध जल चाहे नदी का हो, कुएं का हो, समुद्र का हो या प्रयोगशाला में संश्लेषित किया गया हो, उसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के द्रव्यमानों का अनुपात सदैव $1:8$ ही होता है ($2\text{ g हाइड्रोजन} : 16\text{ g ऑक्सीजन} = 1:8$)। यदि $9\text{ g}$ जल का अपघटन किया जाए, तो सदैव $1\text{ g}$ हाइड्रोजन तथा $8\text{ g}$ ऑक्सीजन प्राप्त होगी।

    उदाहरण 2 (अमोनिया - $NH_3$): अमोनिया में नाइट्रोजन और हाइड्रोजन के द्रव्यमानों का अनुपात सदैव $14:3$ होता है।

(ख) जॉन डाल्टन का परमाणु सिद्धांत (Dalton's Atomic Theory, 1808)

डाल्टन ने रासायनिक संयोजन के नियमों की व्याख्या करने के लिए अपना परमाणु सिद्धांत प्रस्तुत किया, जिसके प्रमुख अभिगृहीत निम्नलिखित हैं:

  • सभी द्रव्य (चाहे तत्व, यौगिक या मिश्रण हों) अत्यंत सूक्ष्म कणों से बने होते हैं, जिन्हें परमाणु (Atoms) कहते हैं।
  • परमाणु अविभाज्य सूक्ष्मतम कण होते हैं, जो रासायनिक अभिक्रिया में न तो बनाए जा सकते हैं और न ही नष्ट किए जा सकते हैं (द्रव्यमान संरक्षण के नियम की पुष्टि)।
  • किसी एक दिए गए तत्व के सभी परमाणुओं का द्रव्यमान एवं रासायनिक गुणधर्म पूर्णतः समान होते हैं।
  • भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणुओं के द्रव्यमान एवं रासायनिक गुणधर्म भिन्न-भिन्न होते हैं।
  • परमाणु परस्पर छोटी पूर्ण संख्याओं के सरल अनुपात में संयोग करके यौगिक (Compounds) का निर्माण करते हैं (स्थिर अनुपात के नियम की पुष्टि)।
  • किसी भी यौगिक में परमाणुओं की सापेक्ष संख्या एवं प्रकार निश्चित होते हैं।

2. परमाणु क्या है? परमाणु द्रव्यमान, अणु एवं आयन की संकल्पना

(क) परमाणु का आकार एवं आधुनिक प्रतीक

परमाणु अति सूक्ष्म सूक्ष्म होते हैं। तीन भागों को तीन मीटर ($1 ext{ nm} = 10^{-9} ext{ m}$) में विभाजित किया जाता है। मूल परमाणु की त्रिमात्रा $10^{-10} ext{ m}$ (लगभग $0.1 ext{ nm}$) होती है।

IUPAC (इंटरनेशनल यूनियन ऑफ प्योर एंड एप्लाइड केमिस्ट्री) नामकरण: भौतिक विज्ञान के आधुनिक प्रतीकों को जे.जे. बर्जिलियस की कार्यप्रणाली पर आधारित है। प्रतीक तत्व के अंग्रेजी, लैटिन, जर्मन या ग्रीक नाम के प्रथम एक या दो अक्षर से बने होते हैं। पहला अक्षर हमेशा बड़ा (पूंजी) और दूसरा अक्षर हमेशा छोटा (छोटा) लिखा जाता है।
लैटिन कैसल से लिए गए प्रतीक: लोहा (आयरन) = फेरम $\to$ Fe; तांबा (तांबा) = क्यूप्रम $\to$ Cu; सोडियम = नैट्रियम $\to$ Na; पोटेशियमियम = कलियम $\to$ K; सोना (सोना) = ऑरम $\to$ Au; चाँदी (सिल्वर) = अर्जेंटम $\to$ Ag; सीसा (लीड) = प्लंबम $\to$ Pb.

(ख) परमाणु द्रव्यमान इकाई (परमाणु द्रव्यमान इकाई - $u$)

किसी एक परमाणु का वास्तविक द्रव्यमान इतना कम होता है कि उसे सीधे ग्राम मापना व्यावहारिक नहीं है। मूल रूप से 1961 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्बन-12 समस्थानिक ($^{12}C$) को परमाणु द्रव्यमान के मानक संदर्भ के रूप में चुना गया।

परिभाषा: "कार्बन-12 समस्थानिक के एक परमाणु द्रव्यमान के $ rac{1}{12}$वेन भाग को मानक 'परमाणु द्रव्यमान इकाई' (एकीकृत द्रव्यमान - $u$) कहा जाता है।"

उदाहरण: उदाहरण = $1 ext{ u}$, कार्बन = $12 ext{ u}$, ऑक्सीजन = $14 ext{ u}$, ऑक्सीजन = $16 ext{ u}$, ऑक्सीजन = $23 ext{ u}$, मैग्नीशियम = $24 ext{ u}$, सागर = $32 ext{ u}$, ऑक्सीजन = $35.5 ext{ u}$, ऑक्सीजन = $40 ext{ u}$।

(जी) परमाणु (अणु) एवं आयन (आयन)

  • अणु (अणु): दो या दो से अधिक परमाणुओं का समूह जो रासायनिक बंधों द्वारा दृढ़ता से जुड़े होते हैं। परम स्वतंत्र राज्य में रह सकते हैं।
    • तत्व के सिद्धांत: एक ही प्रकार के परमाणुओं से बने (उदा: $O_2$ द्वि-परमाणुक, $O_3$ त्रि-परमाणुक, $P_4$ चतुर्-परमाणुक, $S_8$ बहु-परमाणुक)। उत्कृष्ट गैसें (He, Ne, Ar) एक-परमाणु होती हैं।
    • योगिक के नियम: भिन्न-भिन्न पदार्थों के परमाणुओं के निश्चित अनुपात से बने (उदा: $H_2O, CO_2, NH_3$).
  • आयन (Ions): आवेशित समुच्चय को आयन कहते हैं।
    • धनायण (Cation): धनावेशित कण (उदा: $Na^+, K^+, Ca^{2+}, Mg^{2+}, Al^{3+}$).
    • ऋणायण (आयन): ऋणावेशित कण (उदा: $Cl^-, O^{2-}, N^{3-}$).
    • बहुपरमाणुक आयन (बहुपरमाणुक आयन): परमाणुओं का ऐसा समूह जिस पर एक निश्चित नेट आवेश होता है (उदा: अमोनियम $NH_4^+$, ऑक्साइड $OH^-$, नाइट्रेट $NO_3^-$, आस्था $CO_3^{2-}$, रसायन $SO_4^{2-}$, $PO_4^{3-}$.

3. रासायनिक सूत्र सूत्र की क्रिस-क्रॉस (क्रिस-क्रॉस) विधि

किसी रासायनिक सूत्र का रासायनिक सूत्र उनके संघटक तत्वों के प्रतीक और उनके संयोजकता (संयोजकता - संयोजन क्षमता) का रासायनिक सूत्रीकरण होता है।

रासायनिक सूत्र के तीन स्वर्णिम नियम:

  1. अय्यन की यात्रा या यात्रा हमेशा जारी रहनी चाहिए।
  2. जब किसी शास्त्र में धातु एवं धातु दोनों हों, तो धातु का नाम या प्रतीक पहले (बाईं ओर) लिखा जाता है तथा धातु का बाद में (धातु की ओर) लिखा जाता है। उदा: $NaCl$ (सोडियम सोडियम), $CaO$ (कैल्शियम सोडियम), $CuO$ (कॉपरपोरेटेड).
  3. बहुपरमानुक आयनों वाले भंडार में आयन को कोष्ठक (ब्रैकेट) में उसके बाद पादांक (सबस्क्रिप्ट) लिखा जाता है। यदि संख्या 1 हो, तो कोष्ठक की आवश्यकता नहीं है।

क्रिस-क्रॉस द्वारा प्रमुख मन्दिरों का निर्माण विधि:

योगिक का नाम प्रतीक (प्रतीक) संयोजकता (वैलेंसी / चार्ज) रासायनिक सूत्र (सूत्र)
हाइड्रोजन ग्लोबाल एच     सीएल 1    · 1 $HCl$
जल (जल) H     O 1        2 $H_2O$
कार्बन टेट्राक्लोराइड C    Cl 4        1 $CCl_4$
मैग्नीशियम क्लोराइड Mg   Cl +2     -1 $MgCl_2$
एल्यूमीनियम Al     O +3     -2 $Al_2O_3$
कैल्शियम§ Ca     O +2     -2 (सरल अनुपात 1:1) $CaO$
सोडियम नाइट्रेट ना     $NO_3$ +1     -1 $NaNO_3$
कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड Ca     OH +2     -1 $Ca(OH)_2$
एल्यूमीनियम मोनोम अल     $SO_4$ +3     -2 $Al_2(SO_4)_3$
अमोनियम सोडियम $NH_4$ $CO_3$ +1     -2 $(NH_4)_2CO_3$

4. आण्विक द्रव्यमान, सूत्र इकाई द्रव्यमान एवं मोल संकल्पना (मोल संकल्पना)

(क) आण्विक द्रव्यमान (आण्विक द्रव्यमान) की गणना

किसी पदार्थ का आण्विक द्रव्यमान उसके सभी संघटक परमाणुओं के द्रव्यमानों का कुल योग होता है। इसे परमाणु द्रव्यमान इकाई ($u$) में व्यक्त किया जाता है।

  • जल ($H_2O$): $2 imes ( ext{H का द्रव्यमान}) + 1 imes ( ext{O का द्रव्यमान}) = 2 imes 1 + 1 imes 16 = 18 ext{ u}$
  • नाइट्रिक एसिड ($HNO_3$): $1 imes 1 + 1 imes 14 + 3 imes 16 = 1 + 14 + 48 = 63 ext{ u}$
  • ग्लूकोज़ ($C_6H_{12}O_6$): $6 imes 12 + 12 imes 1 + 6 imes 16 = 72 + 12 + 96 = 180 ext{ u}$

(ख) मोल संकल्पना (The Mole Concept)

जिस प्रकार के एक जीवों में 12 अवशेष होते हैं और एक ग्रूस में 144 अवशेष होते हैं, उसी प्रकार के रासायनिक विज्ञान में परमाणुओं, अणुओं या आयनों के सूक्ष्म जीवों को गिनाने के लिए 'मोल' (मोल) का उपयोग किया जाता है।

1 मोल की परिभाषा: "किसी पदार्थ का 1 मोल उसकी मात्रा होती है जिसमें परमाणु, अणु या आयन शामिल होते हैं।

आवोगाद्रो स्थिरांक (अवोगाद्रो स्थिरांक - $N_A$):
परिभाषा के अनुसार 1 मोल में स्वामी की निश्चित संख्या है:
$$N_A = 6.02214076 imes 10^{23} \u0007pprox 6.022 imes 10^{23} ext{ कण/मोल}$$ इटालियन वैज्ञानिक एमेडियो एवोगाड्रो के सम्मान में इसे 'एवोगाड्रो स्थिरांक' ($N_A$) कहा जाता है।

(जी) मोल संकल्पना के तीन प्रमुख सूत्र

  1. मोलों की संख्या ($n$) द्रव्यमान के उत्तर में: $$n = rac{m}{M} = rac{ ext{दिया गया द्रव्यमान (g)}}{ ext{मोलर द्रव्यमान (g/mol)}}$$
  2. मोलों की संख्या ($n$) बस्ती की संख्या के विवरण में: $$n = rac{N}{N_A} = rac{ ext{दिए गए कणों की संख्या}}{ ext{आवोगाद्रो संख्या } (6.022 imes 10^{23})}$$
  3. द्रव्यमान एवं समुंद्र की संख्या का सीधा संबंध: $$ rac{m}{M} = rac{N}{N_A} \implies N = rac{m}{M} imes N_A \quad ext{तथा} \quad m = rac{N}{N_A} imes M$$

महत्वपूर्ण रासायनिक सूत्र, अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

अवोगाद्रो संख्या (अवोगाद्रो संख्या)
N_A = 6.022 × 10²³ कण/मोल
मोल संख्या सूत्र 1 (द्रव्यमान से)
n = m / M (जहाँ m = दिया गया द्रव्यमान, M = मोलर द्रव्यमान)
मोल संख्या सूत्र 2 (कणों से)
n = N / N_A (जहाँ N = कणों की संख्या, N_A = 6.022 × 10²³)
कणों की संख्या ज्ञात करना
$$N = (m / M) × N_A$$
पदार्थ का द्रव्यमान ज्ञात करना
$$m = n × M = (N / N_A) × M$$
जल का मोलर द्रव्यमान (H₂O का M)
18 g/mol (आण्विक द्रव्यमान = 18 u)
कार्बन डाइऑक्साइड का मोलर द्रव्यमान
44 g/mol (12 + 2 × 16 = 44 u)
कैल्शियम कार्बोनेट का मोलर द्रव्यमान
100 g/mol (Ca=40, C=12, O₃=48)
1 amu (u) का ग्राम में मान
1 u = 1.6605 × 10⁻²⁴ g = 1.6605 × 10⁻²⁷ kg
एनटीपी पर 1 मोल गैस का आयतन
22.4 लीटर (NTP / STP पर मानक मोलर आयतन)

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
JAC बोर्ड संख्यात्मक प्रश्न (3 अंक): (a) 52 ग्राम हीलियम (He) मोलर द्रव्यमान की संख्या ज्ञात है। (बी) $12.044 \times 10^{23}$ हीलियम परमाणुओं से मोलों की संख्या परिकलित की जाती है। (उसका परमाणु द्रव्यमान = 4 u)
विस्तृत समाधान / उत्तर:

(a) दिया गया है: हीलियम का द्रव्यमान ($m$) = $52\text{ g}$ हीलियम का मोलर द्रव्यमान ($M$) = $4\text{ g/mol}$

सूत्र: $n = \frac{m}{M}$

$$n = \frac{52}{4} = 13\text{ मोल}$$

मूलतः 52 ग्राम हीलियम में 13 मोल उपस्थित होते हैं।

(बी) दिया गया है: मस्जिद की संख्या ($N$) = $12.044 \times 10^{23}$ अवोगाद्रो संख्या ($N_A$) = $6.022 \times 10^{23}$

सूत्र: $n = \frac{N}{N_A}$

$$n = \frac{12.044 \times 10^{23}}{6.022 \times 10^{23}} = 2\text{ मोल}$$

मूल रूप से दिए गए परमाणुओं से 2 मोल हीलियम प्राप्त होता है।

उदाहरण 2
JAC बोर्ड मॉडल प्रश्न (3 अंक): 0.5 मोल जल ($H_2O$) के द्रव्यमान का ग्राम में क्या होगा? उपस्थित जल के पार्ट की संख्या भी ज्ञात है।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

दिया गया है: मोलों की संख्या ($n$) = $0.5\text{ मोल}$ जल ($H_2O$) का मोलर द्रव्यमान ($M$) = $2 \times 1 + 16 = 18\text{ g/mol}$

चरण 1: द्रव्यमान ($m$) की गणना:

$$m = n \times M = 0.5\text{ मोल} \times 18\text{ g/mol} = 9\text{ g}$$

चरण 2: कारखाने की संख्या ($N$) की गणना:

$$N = n \times N_A = 0.5 \times (6.022 \times 10^{23}) = 3.011 \times 10^{23}\text{ अणु}$$

मूल रूप से 0.5 मोल जल का द्रव्यमान $9\text{ g}$ है तथा इसमें जल के $3.011 \times 10^{23}$ परमाणु उपस्थित होते हैं।

उदाहरण 3
रासायनिक सूत्रीकरण (3 अंक): (i) एल्युमिनियम एसॉलेम (ii) कैल्शियम हाइड्राॉक्साइड (iii) सामी रसायन।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

(i) एल्यूमीनियम एस्टोनियाई:

  • आयन: ऐल्युमिनियम आयन ($Al^{3+}$) एवं एस्ट्रोजन आयन ($SO_4^{2-}$)
  • संग्रहकर्ता: $Al = 3$, $SO_4 = 2$ -- क्रिसक्रॉस करने पर: $Al_2(SO_4)_3$

(ii) कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड (बुझा हुआ यौगिक):

  • आयन: कैल्शियम आयन ($Ca^{2+}$) एवं हाइड्रोक्साइड आयन ($OH^-$)
  • संग्रहकर्ता: $Ca = 2$, $OH = 1$ -- क्रिसक्रॉस करने पर: $Ca(OH)_2$

(iii) सोडियम स्प्रे:

  • आयन: ऑक्सीजन आयन ($Na^+$) एवं नाइट्रोजन आयन ($CO_3^{2-}$)
  • संग्रहकर्ता: $Na = 1$, $CO_3 = 2$ -- क्रिसक्रॉस करने पर: $Na_2CO_3$
उदाहरण 4
JAC बोर्ड विश्लेषणात्मक प्रश्न (3 अंक): यदि कार्बन परमाणु का एक मोल द्रव्यमान 12 ग्राम है, तो कार्बन के 1 परमाणु का द्रव्यमान ग्राम में क्या होगा?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

हम जानते हैं कि: कार्बन के 1 मोल में परमाणुओं की संख्या = $6.022 \times 10^{23}$ कार्बन के 1 मोल का द्रव्यमान = $12\text{ g}$

मूलतः, $6.022 \times 10^{23}$ कार्बन परमाणु का द्रव्यमान = $12\text{ g}$ इसलिए, 1 परमाणु परमाणु का द्रव्यमान:

$$\text{द्रव्यमान} = \frac{12\text{ g}}{6.022 \times 10^{23}} = 1.9926 \times 10^{-23}\text{ g}$$

मूलतः कार्बन का एक परमाणु का वास्तविक द्रव्यमान $1.99 \times 10^{-23}\text{ g}$होता है।

उदाहरण 5
संख्यात्मक प्रश्न (3 अंक): 16 ग्राम ठोस सल्फर ($S_8$) में सल्फर के अणुओं की संख्या परिकलित कीजिए। (S का परमाणु द्रव्यमान = 32 u)
विस्तृत समाधान / उत्तर:

दिया गया है: निर्माण का द्रव्यमान ($m$) = $16\text{ g}$ चतुर्थ का सूत्र = $S_8$ सकल द्रव्यमान ($S_8$) का आण्विक द्रव्यमान ($M$) = $8 \times 32 = 256\text{ g/mol}$

सूत्र: कुल की संख्या ($N$) = $\frac{m}{M} \times N_A$

$$N = \frac{16\text{ g}}{256\text{ g/mol}} \times (6.022 \times 10^{23})$$

$$N = \frac{1}{16} \times (6.022 \times 10^{23}) = 0.0625 \times (6.022 \times 10^{23})$$

$$N = 3.763 \times 10^{22}\text{ अणु}$$

मूल रूप से 16 ग्राम ठोस पदार्थ में $3.76 \times 10^{22}$ अणु ($S_8$) उपस्थित होते हैं।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

सूत्र संरचना समय बहुपरमाणुक आयन पर कोष्ठक न लगना, जैसे $CaOH_2$ लिखना देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

यह पूर्ण कलाकार है! $CaOH_2$ का अर्थ है 1 कैल्शियम, 1 ऑक्सीजन और 2 साधारण। सही रूप $Ca(OH)_2$ है, जिसमें 2 का गुणन ऑक्सीजन और अनिश्चित दोनों मिलते हैं।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

परमाणु द्रव्यमान इकाई ($u$) और मोलर द्रव्यमान ($g$) के मात्रकों में भ्रम होना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

एक परमाणु का द्रव्यमान एकीकृत द्रव्यमान ($u$) में होता है (जैसे 1 जल परमाणु = 18 u)। परंतु 1 मोल पानी का द्रव्यमान ग्राम में होता है (जैसे 1 मोल जल = 18 ग्राम)। संख्या एक समान रहती है, केवल मात्रात्मक परिवर्तन होता है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

सल्फर के मोलर द्रव्यमान की गणना में S का मान (32 g) ले लेना जबकि $S_8$ दिया हो।

सही वैज्ञानिक तथ्य

यदि ठोस ठोस पदार्थ ($S_8$) दिया गया है, तो मोलर द्रव्यमान $8 \times 32 = 256\text{ g/mol}$ लिया जाएगा, केवल 32 नहीं।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

मूल का प्रतीक तो या एस लिख देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

यूक्रेनी का प्रतीक उनके लैटिन नाम "नेट्रियम" से लिया गया है, मूलतः यह सही प्रतीक ना है। एस फोर्ज़ा का प्रतीक है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

आवोगाद्रो संख्या की घात $+23$ की जगह $-23$ लिख देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

याद रखें: स्वामी संख्या की अत्यंत विशालता है, मूल रूप से घाट सदैव धनात्मक $+23$ ($6.022 \times 10^{+23}$) होती है।

मोल संकल्पना का त्रिकोणीय रूपांतरण चक्र (मोल त्रिभुज मानचित्र)

मोल संकल्पना का केंद्रीय रूपांतरण चक्र NCERT / JAC Board Class 9 Science Chapter 3 मोलों की संख्या (n) 1 मोल = N_A कण = M ग्राम द्रव्यमान (m, ग्राम में) m = n × M (मोलर द्रव्यमान) कणों की संख्या (N) परमाणु / अणु / आयन × M (मोलर द्रव्यमान) ÷ M × 6.022 × 10²³ ÷ 6.022 × 10²³ N = (m / M) × N_A किसी भी पदार्थ का 1 मोल = उसका ग्राम आण्विक द्रव्यमान = 6.022 × 10²³ कण

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार किसी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो सृजन होता है और न ही विनाश।
मुख्य बिंदु 2
स्थिर अनुपात के नियम के अनुसार किसी शुद्ध रासायनिक यौगिक में तत्व सदैव एक निश्चित द्रव्यमान अनुपात में जुड़े होते हैं।
मुख्य बिंदु 3
डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के अनुसार द्रव्य के अविभाज्य सूक्ष्मतम कण परमाणु कहलाते हैं।
मुख्य बिंदु 4
कार्बन-12 समस्थानिक के परमाणु के द्रव्यमान के 1/12वें भाग को मानक परमाणु द्रव्यमान इकाई (1 u) माना गया है।
मुख्य बिंदु 5
परमाणु संयोजक रासायनिक बंधन अणु (अणु) या आयन (आयन) टूटते हैं।
मुख्य बिंदु 6
धनावेशित आयन को ऋणायन (जैसे Na⁺) और ऋणावेशित आयन को ऋणायन (जैसे कि Cl⁻) कहते हैं; बहुपरमाणुक आयन आवेशित परमाणुओं का समूह होता है।
मुख्य बिंदु 7
रासायनिक सूत्र क्रिस-क्रॉस विधि से प्रतीकों के नीचे संयोजकता लिखकर परस्पर बदलकर लिखा जाता है।
मुख्य बिंदु 8
किसी यौगिक का आण्विक द्रव्यमान उसके सभी संघटक परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का कुल योग होता है।
मुख्य बिंदु 9
1 मोल पदार्थ में कणों की निश्चित संख्या 6.022 × 10²³ होती है, जिसे आवोगाद्रो स्थिरांक (N_A) कहते हैं।
मुख्य बिंदु 10
मोल संख्या सूत्र: n = m / M (द्रव्यमान के पदों में) तथा n = N / N_A (कणों के पदों में)।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
परमाणु द्रव्यमान इकाई (1 u) की मानक परिभाषा क्या है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: कार्बन-12 समस्थानिक के एक परमाणु के द्रव्यमान के 1/12 वेन भाग को मानक परमाणु द्रव्यमान इकाई (एकीकृत द्रव्यमान - u) कहा जाता है। 1 यू = 1.66 × 10⁻²⁴ ग्राम।
2
बहुपरमाणुक आयन क्या होते हैं? दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: परमाणुओं का ऐसा समूह जिस पर एक निश्चित शुद्ध विद्युत आवेश (धनात्मक या ऋणात्मक) स्थापित होता है, बहुपरमाणुक आयन पदार्थ होता है। उदाहरण: आइसोनियम आयन (SO₄²⁻) और अमोनियम आयन (NH₄⁺)।
3
मैग्नीशियम सिद्धांत का रासायनिक सूत्र लेखन और इसके सूत्र इकाई द्रव्यमान की गणना। (Mg = 24 u, O = 16 u)
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: मैग्नीशियम रसायनज्ञ का रासायनिक सूत्र MgO है (Mg की रासायनिक सूत्र +2 और O की -2 है)। इसका सूत्र इकाई द्रव्यमान = 24 + 16 = 40 यू है।
4
स्थिर अनुपात के नियम को जल (H₂O) के उदाहरण द्वारा स्पष्ट कीजिए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: जल चाहे किसी भी प्राकृतिक स्रोत (नदी, कुआं, वर्षा) से प्राप्त किया गया हो अथवा रासायनिक विधि से बनाया गया हो, उसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के द्रव्यमानों का अनुपात सदैव 1:8 ही होता है।
5
1 मोल नाइट्रोजन परमाणुओं तथा 1 मोल नाइट्रोजन गैस के द्रव्यमान में क्या अंतर है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: 1 मोल नाइट्रोजन परमाणुओं (N) का द्रव्यमान 14 ग्राम होता है, जबकि 1 मोल नाइट्रोजन गैस (N₂) के अणुओं का द्रव्यमान 2 × 14 = 28 ग्राम होता है।
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
अभ्यास के लिए तैयार?

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कक्षा 10 Science & Technology (212) के सभी अध्याय

अध्याय 1: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में मापन (Measurement in Science & Tech) अध्याय 2: हमारे आस-पास के पदार्थ (Matter in Our Surroundings) अध्याय 3: परमाणु एवं अणु (Atom and Molecules) अध्याय 4: रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण (Chemical Reactions & Equations) अध्याय 5: परमाणु संरचना (Atomic Structure) अध्याय 6: तत्वों का आवर्त वर्गीकरण (Periodic Classification of Elements) अध्याय 7: रासायनिक आबंधन (Chemical Bonding) अध्याय 8: अम्ल, क्षारक और लवण (Acids, Bases and Salts) अध्याय 9: गति और उसका वर्णन (Motion and its Description) अध्याय 10: बल एवं गति (Force and Motion) अध्याय 11: गुरुत्वाकर्षण (Gravitation) अध्याय 12: ऊर्जा के स्रोत (Sources of Energy) अध्याय 13: कार्य एवं ऊर्जा (Work and Energy) अध्याय 14: ऊष्मीय ऊर्जा (Thermal Energy) अध्याय 15: प्रकाश ऊर्जा (Light Energy) अध्याय 16: विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy) अध्याय 17: विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव (Magnetic Effects of Current) अध्याय 18: ध्वनि एवं संचार (Sound and Communication) अध्याय 19: सजीवों का वर्गीकरण (Classification of Living Organisms) अध्याय 20: पृथ्वी पर जीवन का इतिहास (History of Life on Earth) अध्याय 21: जीवन की इकाइयाँ: कोशिका एवं ऊतक (Cell and Tissues) अध्याय 22: जैव प्रक्रम-1: पोषण, वहन, श्वसन एवं उत्सर्जन (Life Processes - 1) अध्याय 23: जैव प्रक्रम-2: नियंत्रण एवं समन्वय (Control and Coordination) अध्याय 24: जैव प्रक्रम-3: जनन (Reproduction) अध्याय 25: आनुवंशिकता (Heredity) अध्याय 26: वायु एवं जल (Air and Water) अध्याय 27: धातु और अधातु (Metals and Non-metals) अध्याय 28: कार्बन और उसके यौगिक (Carbon and Its Compounds) अध्याय 29: प्राकृतिक पर्यावरण (Natural Environment) अध्याय 30: पर्यावरण पर मानवीय प्रभाव (Human Impact on Environment) अध्याय 31: खाद्य उत्पादन (Food Production) अध्याय 32: स्वास्थ्य एवं स्वच्छता (Health and Hygiene)

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