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NIOS • Class X • Science & Technology (212) • Ch 13
Estimated Time: 45 Mins
Study Progress: In Progress

Work and Energy

दैनिक बोलचाल में हम 'कार्य' शब्द का उपयोग किसी भी प्रकार के शारीरिक अथवा मानसिक श्रम के लिए करते हैं—जैसे परीक्षा के लिए घंटों बैठकर पढ़ाई करना, दीवार को जोर से धक्का देना, या सिर पर भारी बोझा रखकर खड़े रहना। परंतु भौतिक विज्ञान की भाषा में इन तीनों ही स्थितियों में 'कार्य' शून्य (0) माना जाता है! भौतिकी में कार्य की परिभाषा अत्यंत सटीक और कठोर है। कार्य केवल तभी संपन्न माना जाता है जब किसी वस्तु पर बल (Force) आरोपित किया जाए और उस बल के कारण वस्तु में विस्थापन (Displacement) उत्पन्न हो। कार्य तथा ऊर्जा परस्पर अभिन्न रूप से जुड़े हुए हैं। किसी वस्तु की कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा (Energy) कहते हैं। जिस वस्तु द्वारा कार्य किया जाता है उसकी ऊर्जा में कमी होती है, तथा जिस वस्तु पर कार्य किया जाता है उसकी ऊर्जा में वृद्धि होती है। अतः कार्य और ऊर्जा दोनों का SI मात्रक समान—जूल (Joule - J) होता है। प्रकृति में ऊर्जा अनेक रूपों में विद्यमान रहती है—जैसे गतिज ऊर्जा, स्थितिज ऊर्जा, ऊष्मीय ऊर्जा, रासायनिक ऊर्जा, प्रकाश ऊर्जा, ध्वनि ऊर्जा तथा विद्युत ऊर्जा। किसी वस्तु की गति के कारण उसमें निहित ऊर्जा को गतिज ऊर्जा ($E_k = \frac{1}{2}mv^2$) कहते हैं, जबकि उसकी स्थिति अथवा विन्यास में परिवर्तन के कारण संचित ऊर्जा को स्थितिज ऊर्जा ($E_p = mgh$) कहते हैं। इन दोनों के योग को यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) कहा जाता है। ब्रह्मांड का शाश्वत नियम—'ऊर्जा संरक्षण का नियम' (Law of Conservation of Energy) यह स्थापित करता है कि ऊर्जा को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट; इसका केवल एक रूप से दूसरे रूप में रूपांतरण हो सकता है। अंत में, कार्य करने की समय दर को शक्ति (Power, $P = W/t$) कहते हैं, जिसका मात्रक वाट (Watt - W) होता है, तथा घरों में बिजली खपत मापने के लिए व्यावसायिक मात्रक किलोवाट-घंटा (kWh / यूनिट) का उपयोग किया जाता है। झारखंड अधिविद्य परिषद् (NIOS Class 9) बोर्ड परीक्षा में यह अध्याय 6 से 8 अंकों का सर्वोच्च व्यावहारिक महत्व रखता है। 1 जूल कार्य की परिभाषा, गतिज ऊर्जा के सूत्र ($E_k = \frac{1}{2}mv^2$) का गणितीय निगमन, मुक्त रूप से गिरती वस्तु में कुल यांत्रिक ऊर्जा का संरक्षण सिद्ध करना, शक्ति की परिभाषा व 1 वाट की व्याख्या, तथा बिजली के घरेलू बिल (किलोवाट-घंटा) के संख्यात्मक प्रश्न प्रतिवर्ष शत-प्रतिशत पूछे जाते हैं।

🏋️ क्या यह संभव है कि एक कुली सिर पर 50 किलो का भारी सूटकेस लेकर 2 घंटे तक धूप में खड़ा रहे, और भौतिकी कहे कि उसने शून्य (0) कार्य किया?

कल्पना कीजिए कि रेलवे स्टेशन पर एक कुली आपके 50 किलोग्राम के भारी ट्रंक को अपने सिर पर उठाकर 2 घंटे तक ट्रेन का इंतजार करते हुए खड़ा रहता है। उसका पसीना बह रहा है, उसकी मांसपेशियां कांप रही हैं, और वह बुरी तरह थक जाता है। जब वह आपसे मजदूरी मांगता है, तो यदि कोई भौतिकशास्त्री वहां आकर कहे—"विज्ञान के अनुसार तुमने शून्य जूल (0 J) कार्य किया है, तुम्हें कोई पैसा नहीं मिलना चाहिए!"—तो कुली को कैसा लगेगा?

क्या भौतिक विज्ञान इतना क्रूर और अव्यावहारिक है? बिल्कुल नहीं! भौतिक विज्ञान कहता है कि कार्य तभी होता है जब लगाए गए बल की दिशा में कोई विस्थापन (Displacement) हो ($W = F imes s$)। चूँकि कुली स्थिर खड़ा था, विस्थापन $s = 0$ था, इसलिए किया गया यांत्रिक कार्य गणितीय रूप से शून्य था! और तो और, जब कुली सूटकेस लेकर प्लेटफार्म पर क्षैतिज रूप से चलता है, तब भी गुरुत्वाकर्षण बल के विरुद्ध उसका कार्य शून्य होता है क्योंकि बल नीचे की ओर और विस्थापन आगे की ओर—दोनों के बीच 90° का समकोण बनता है!

आखिर कार्य कब धनात्मक, कब ऋणात्मक और कब शून्य होता है? और एक खिलौना बंदूक की स्प्रिंग दबाने पर उसमें ऐसी कौन सी अदृश्य शक्ति भर जाती है जो गोली को दूर फेंक देती है? आइए, कार्य, ऊर्जा और शक्ति के इस रहस्यमयी संसार का वैज्ञानिक विश्लेषण करें!

Why This Chapter Matters

यह अध्याय आपकी शैक्षणिक यात्रा एवं जीवन के लिए क्यों निर्णायक है?

  1. NIOS बोर्ड परीक्षा में निश्चित अंक: $E_k = \frac{1}{2}mv^2$ का निगमन (3 अंक), ऊर्जा संरक्षण नियम का सत्यापन (3 अंक), 1 kWh में जूल की संख्या ($3.6 \times 10^6\text{ J}$) और बिजली खपत के आंकिक प्रश्न 100% पूछे जाते हैं।
  2. Class 11 Physics (Work, Energy and Power) का मुख्य आधार: ग्यारहवीं कक्षा का संपूर्ण वर्क-एनर्जी प्रमेय (Work-Energy Theorem), संघट्ट (Collisions), और संरक्षी व असंरक्षी बल इसी अध्याय की सीधी निरंतरता हैं।
  3. घरेलू बिजली बिल और ऊर्जा साक्षरता: घर में बिजली के पंखों, हीटर, बल्बों द्वारा खर्च की गई यूनिटों ($kWh$) का हिसाब लगाना और सौर ऊर्जा व हरित ऊर्जा की कार्यक्षमता को समझना।

Before You Begin (Prerequisites)

  • बल का सूत्र ($F = ma$) और मात्रक न्यूटन (N)।
  • गति के तीन समीकरण ($v^2 = u^2 + 2as$)।
  • गुरुत्वीय त्वरण ($g = 9.8\text{ m/s}^2$)।

What You Will Learn (Core Objectives)

  • कार्य की वैज्ञानिक परिभाषा देते हुए धनात्मक, ऋणात्मक एवं शून्य कार्य की दशाओं की व्याख्या कर सकेंगे।
  • कार्य की SI इकाई "1 जूल" को वैज्ञानिक रूप से परिभाषित कर सकेंगे।
  • गतिज ऊर्जा की परिभाषा देते हुए सूत्र $E_k = \frac{1}{2}mv^2$ का चरणबद्ध गणितीय निगमन कर सकेंगे।
  • गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा ($E_p = mgh$) की अवधारणा को स्पष्ट कर सकेंगे।
  • मुक्त रूप से नीचे गिरती किसी वस्तु के प्रत्येक बिंदु पर कुल यांत्रिक ऊर्जा ($E = E_k + E_p$) के संरक्षण को गणितीय रूप से सिद्ध कर सकेंगे।
  • शक्ति ($P = W/t$) और 1 वाट की परिभाषा दे सकेंगे।
  • ऊर्जा के व्यावसायिक मात्रक "किलोवाट-घंटा" ($kWh$) को जूल में बदल सकेंगे तथा घरेलू बिजली खपत (यूनिट) के संख्यात्मक प्रश्नों को हल कर सकेंगे।

Chapter Roadmap & Progression

1 1. कार्य की वैज्ञानिक अवधारणा, मात्...
2 2. ऊर्जा के रूप: गतिज ऊर्जा एवं स्थ...
3 3. ऊर्जा संरक्षण का नियम (Law of Co...
4 4. शक्ति (Power) एवं ऊर्जा का व्याव...

Complete Concept Guide (100% Curriculum Coverage)

1. कार्य की वैज्ञानिक अवधारणा, मात्रक एवं प्रकार (धनात्मक, ऋणात्मक, शून्य कार्य)

(क) कार्य की वैज्ञानिक परिभाषा

विज्ञान में कार्य होने के लिए दो दशाओं का पूरा होना अनिवार्य है:

  1. वस्तु पर कोई बल (Force) लगना चाहिए।
  2. वस्तु अपनी स्थिति से विस्थापित (Displaced) होनी चाहिए।

यदि बल की दिशा में वस्तु का विस्थापन $s$ हो, तो किया गया कार्य ($W$) बल तथा विस्थापन के गुणनफल के बराबर होता है:

$$\mathbf{W = F imes s}$$
  • कार्य एक अदिश राशि (Scalar Quantity) है (इसमें केवल परिमाण होता है, कोई दिशा नहीं होती)।
  • कार्य का SI मात्रक: न्यूटन-मीटर ($ ext{N}\cdot ext{m}$) अथवा जूल (Joule - J) है।
  • 1 जूल कार्य की मानक परिभाषा (JAC Board Favorite): "जब 1 न्यूटन का बल किसी वस्तु को बल की दिशा में 1 मीटर विस्थापित कर देता है, तो किया गया कार्य 1 जूल कहलाता है।" ($1 ext{ J} = 1 ext{ N} imes 1 ext{ m}$)।

(ख) कार्य के तीन प्रकार: धनात्मक, ऋणात्मक एवं शून्य कार्य

यदि बल और विस्थापन के बीच का कोण $ heta$ हो, तो व्यापक सूत्र $W = F \cdot s \cos heta$ होता है:

कार्य का प्रकार शर्त (कोण $ heta$) व्यावहारिक वैज्ञानिक उदाहरण
1. धनात्मक कार्य (Positive Work) विस्थापन बल की ही दिशा में हो ($ heta = 0^\circ$)। कार्य $W = +F \cdot s$। • किसी खिलौना कार को आगे की ओर खींचना।
• किसी वस्तु का गुरुत्वाकर्षण बल की दिशा में नीचे गिरना।
2. ऋणात्मक कार्य (Negative Work) विस्थापन बल की विपरीत दिशा में हो ($ heta = 180^\circ$)। कार्य $W = -F \cdot s$। • फर्श पर चलती गेंद पर घर्षण बल द्वारा किया गया कार्य।
• किसी वस्तु को ऊपर उठाते समय गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा किया गया कार्य।
• चलती कार में ब्रेक द्वारा किया गया कार्य।
3. शून्य कार्य (Zero Work) (i) विस्थापन $s = 0$ हो, अथवा
(ii) बल और विस्थापन परस्पर लंबवत हों ($ heta = 90^\circ$, $\cos 90^\circ = 0$)।
• दीवार को धक्का देना (विस्थापन $s=0$)।
• सिर पर बोझा रखकर क्षैतिज सड़क पर चलना (गुरुत्व बल नीचे, विस्थापन आगे, कोण $90^\circ$)।
• सूर्य के चारों ओर वृत्ताकार कक्षा में घूमती पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा किया गया कार्य।

2. ऊर्जा के रूप: गतिज ऊर्जा एवं स्थितिज ऊर्जा का गणितीय निगमन

(क) गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy - $E_k$) का निगमन

किसी वस्तु में उसकी गति के कारण निहित कार्य करने की क्षमता को गतिज ऊर्जा कहते हैं (उदा: बहता हुआ पानी, चलती हुई गोली, उड़ता हुआ हवाई जहाज)।

सूत्र $E_k = rac{1}{2}mv^2$ का निगमन (Derivation):
मान लीजिए द्रव्यमान $m$ की एक वस्तु विरामावस्था ($u = 0$) में है। उस पर एक नियत बल $F$ लगाने से वह $s$ दूरी विस्थापित होती है तथा उसका अंतिम वेग $v$ हो जाता है।
किया गया कार्य: $W = F imes s$ ... (समीकरण 1)
न्यूटन के द्वितीय नियमानुसार: $F = m imes a$
गति के तृतीय समीकरण से: $v^2 = u^2 + 2as \implies v^2 = 0 + 2as \implies s = rac{v^2}{2a}$

$F$ और $s$ के मान समीकरण 1 में रखने पर:

$$W = (m imes a) imes \left( rac{v^2}{2a} ight) = rac{1}{2} m v^2$$ यह किया गया कार्य ही वस्तु में गतिज ऊर्जा ($E_k$) के रूप में संचित होता है: $$\mathbf{E_k = rac{1}{2} m v^2}$$ निष्कर्ष: किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा उसके द्रव्यमान के समानुपाती तथा उसके वेग के वर्ग के समानुपाती होती है। यदि किसी वस्तु का वेग दुगुना कर दिया जाए, तो उसकी गतिज ऊर्जा $2^2 = 4$ गुनी (चार गुनी) हो जाएगी!

(ख) गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy - $E_p$) का निगमन

किसी वस्तु में उसकी स्थिति (ऊँचाई) अथवा आकार/विन्यास में परिवर्तन के कारण संचित ऊर्जा को स्थितिज ऊर्जा कहते हैं (उदा: बांध में संचित जल, खींचा हुआ धनुष, चाबी भरी घड़ी की स्प्रिंग)।

सूत्र $E_p = mgh$ का निगमन:
मान लीजिए $m$ द्रव्यमान की वस्तु को पृथ्वी तल से $h$ ऊँचाई तक ऊपर उठाया जाता है। वस्तु को उठाने के लिए गुरुत्वीय बल ($mg$) के विरुद्ध न्यूनतम बल $F = mg$ लगाना पड़ता है।
अतः गुरुत्वीय बल के विरुद्ध किया गया कार्य:
$$W = ext{बल } (F) imes ext{विस्थापन } (h) = (m imes g) imes h = mgh$$ यह कार्य वस्तु में गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा ($E_p$) के रूप में संचित हो जाता है: $$\mathbf{E_p = mgh}$$

3. ऊर्जा संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Energy) एवं सत्यापन

ऊर्जा संरक्षण का सार्वत्रिक नियम: "ऊर्जा का न तो निर्माण किया जा सकता है और न ही विनाश; इसका केवल एक रूप से दूसरे रूप में रूपांतरण हो सकता है। किसी विलगित निकाय की कुल ऊर्जा सदैव अचर (संरक्षित) रहती है।"

$$\mathbf{ ext{कुल यांत्रिक ऊर्जा } (E) = E_k + E_p = ext{स्थिरांक (Constant)}}$$

मुक्त रूप से गिरती वस्तु के लिए ऊर्जा संरक्षण का सत्यापन:

मान लीजिए $m$ द्रव्यमान की एक वस्तु $h$ ऊँचाई पर स्थित बिंदु A से मुक्त रूप से नीचे गिरती है:

  1. उच्चतम बिंदु A पर ($h$ ऊँचाई पर, विरामावस्था $u = 0$):
    गतिज ऊर्जा $E_k = rac{1}{2}m(0)^2 = 0$
    स्थितिज ऊर्जा $E_p = mgh$
    कुल ऊर्जा $E_A = E_k + E_p = 0 + mgh = \mathbf{mgh}$ ... (1)
  2. मध्यवर्ती बिंदु B पर ($x$ दूरी नीचे गिरने पर, ऊँचाई $h - x$):
    बिंदु B पर वेग $v_B^2 = u^2 + 2gx = 0 + 2gx = 2gx$
    गतिज ऊर्जा $E_k = rac{1}{2}m v_B^2 = rac{1}{2}m(2gx) = mgx$
    स्थितिज ऊर्जा $E_p = mg(h - x) = mgh - mgx$
    कुल ऊर्जा $E_B = E_k + E_p = mgx + (mgh - mgx) = \mathbf{mgh}$ ... (2)
  3. जमीन से ठीक टकराने से पूर्व बिंदु C पर (ऊँचाई $h = 0$, कुल दूरी $h$):
    बिंदु C पर वेग $v_C^2 = 0 + 2gh = 2gh$
    गतिज ऊर्जा $E_k = rac{1}{2}m(2gh) = mgh$
    स्थितिज ऊर्जा $E_p = mg(0) = 0$
    कुल ऊर्जा $E_C = E_k + E_p = mgh + 0 = \mathbf{mgh}$ ... (3)

समीकरण (1), (2) एवं (3) से स्पष्ट है कि $E_A = E_B = E_C = mgh$। जैसे-जैसे वस्तु नीचे गिरती है, उसकी स्थितिज ऊर्जा घटती जाती है और ठीक उतनी ही मात्रा में गतिज ऊर्जा बढ़ती जाती है, परंतु प्रत्येक बिंदु पर कुल यांत्रिक ऊर्जा ($E_k + E_p$) सदैव अचर ($mgh$) रहती है।

4. शक्ति (Power) एवं ऊर्जा का व्यावसायिक मात्रक (kWh)

(क) शक्ति की वैज्ञानिक परिभाषा एवं मात्रक

कार्य करने की समय दर अथवा ऊर्जा रूपांतरण की दर को शक्ति (Power) कहते हैं:

$$\mathbf{ ext{शक्ति } (P) = rac{ ext{किया गया कार्य } (W)}{ ext{समय } (t)} = rac{ ext{ऊर्जा } (E)}{t}}$$
  • शक्ति का SI मात्रक वाट (Watt - W) है (जेम्स वाट के सम्मान में)।
    $$1 ext{ Watt} = 1 ext{ Joule/second} = 1 ext{ J/s}$$
  • 1 वाट शक्ति की परिभाषा (JAC Board Hot Question): "यदि कोई स्रोत 1 सेकंड में 1 जूल कार्य करता है (या 1 जूल ऊर्जा की खपत करता है), तो उसकी शक्ति 1 वाट कहलाती है।"
  • बड़े मात्रक: 1 किलोवाट ($ ext{kW}$) = $1000 ext{ W}$; 1 मेगावाट ($ ext{MW}$) = $10^6 ext{ W}$।
  • अश्वशक्ति (Horsepower): $1 ext{ HP} = 746 ext{ W}$।

(ख) ऊर्जा का व्यावसायिक मात्रक: किलोवाट-घंटा (kWh / यूनिट)

दैनिक जीवन एवं उद्योगों में प्रयुक्त होने वाली विद्युत ऊर्जा अत्यधिक विशाल होती है, अतः जूल बहुत छोटी इकाई पड़ जाती है। इसलिए विद्युत ऊर्जा की खपत मापने के लिए किलोवाट-घंटा (Kilowatt-hour - kWh) का उपयोग किया जाता है, जिसे बोलचाल में 'यूनिट' (Unit) कहते हैं।

1 kWh को जूल (J) में बदलना:

$$1 ext{ kWh} = 1 ext{ kW} imes 1 ext{ घंटा}$$ $$1 ext{ kWh} = 1000 ext{ W} imes 3600 ext{ सेकंड}$$ $$1 ext{ kWh} = 1000 ext{ J/s} imes 3600 ext{ s} = 3,600,000 ext{ J} = \mathbf{3.6 imes 10^6 ext{ जूल}}$$ $$\mathbf{1 ext{ यूनिट} = 1 ext{ kWh} = 3.6 imes 10^6 ext{ J}}$$

Key Formulas, Reactions & Definitions

कार्य का सूत्र (Work)
W = F × s × cosθ; मात्रक: जूल (1 J = 1 N·m)
गतिज ऊर्जा का सूत्र (Kinetic Energy)
E_k = (1/2) × m × v²; मात्रक: जूल
स्थितिज ऊर्जा का सूत्र (Potential Energy)
E_p = m × g × h; मात्रक: जूल
कुल यांत्रिक ऊर्जा
E = E_k + E_p = (1/2)mv² + mgh = स्थिरांक
शक्ति का सूत्र (Power)
P = W / t = E / t; मात्रक: वाट (1 W = 1 J/s)
1 अश्वशक्ति (Horsepower)
1 HP = 746 Watt
1 किलोवाट-घंटा (व्यावसायिक यूनिट)
1 kWh = 1 Unit = 3.6 × 10⁶ Joule (J)
विद्युत ऊर्जा खपत (यूनिटों की संख्या)
यूनिट = (कुल वाट × घंटे × दिन) / 1000

Conceptual Solved Examples & Case Studies

Example 1
JAC बोर्ड संख्यात्मक प्रश्न (3 अंक): 15 kg द्रव्यमान की एक वस्तु $4\text{ m/s}$ के एकसमान वेग से गतिशील है। वस्तु की गतिज ऊर्जा कितनी होगी? यदि इसके वेग को दोगुना कर दिया जाए, तो इसकी गतिज ऊर्जा कितनी हो जाएगी?
Step-by-Step Solution:

दिया गया है: द्रव्यमान ($m$) = $15\text{ kg}$ प्रारंभिक वेग ($v_1$) = $4\text{ m/s}$

चरण 1: प्रारंभिक गतिज ऊर्जा ($E_{k1}$):

$$E_{k1} = \frac{1}{2} m v_1^2 = \frac{1}{2} \times 15 \times (4)^2 = \frac{1}{2} \times 15 \times 16 = 120\text{ J}$$

चरण 2: वेग को दोगुना करने पर नया वेग $v_2 = 2 \times 4 = 8\text{ m/s}$:

$$E_{k2} = \frac{1}{2} m v_2^2 = \frac{1}{2} \times 15 \times (8)^2 = \frac{1}{2} \times 15 \times 64 = 480\text{ J}$$

(हम देख सकते हैं कि $480 = 4 \times 120$, अर्थात वेग दोगुना करने पर गतिज ऊर्जा 4 गुनी हो गई)।

अतः प्रारंभिक गतिज ऊर्जा $120\text{ जूल}$ तथा वेग दोगुना करने पर गतिज ऊर्जा $480\text{ जूल}$ होगी।

Example 2
JAC बोर्ड संख्यात्मक प्रश्न (3 अंक): 10 kg द्रव्यमान की एक वस्तु को धरती से 6 मीटर की ऊँचाई तक उठाया गया है। इसमें विद्यमान स्थितिज ऊर्जा का परिकलन कीजिए। ($g = 9.8\text{ m/s}^2$)
Step-by-Step Solution:

दिया गया है: द्रव्यमान ($m$) = $10\text{ kg}$ ऊँचाई ($h$) = $6\text{ m}$ गुरुत्वीय त्वरण ($g$) = $9.8\text{ m/s}^2$

सूत्र:

$$E_p = m \times g \times h$$

$$E_p = 10\text{ kg} \times 9.8\text{ m/s}^2 \times 6\text{ m} = 588\text{ J}$$

अतः वस्तु में विद्यमान गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा $588\text{ जूल}$ है।

Example 3
JAC बोर्ड घरेलू बिजली खपत प्रश्न (3 अंक): 60 वाट का एक विद्युत बल्ब प्रतिदिन 6 घंटे उपयोग किया जाता है। बल्ब द्वारा 30 दिन के एक महीने में कितनी "यूनिट" (kWh) ऊर्जा का उपभोग किया जाएगा?
Step-by-Step Solution:

दिया गया है: बल्ब की शक्ति ($P$) = $60\text{ W} = \frac{60}{1000}\text{ kW} = 0.06\text{ kW}$ प्रतिदिन समय = 6 घंटे कुल दिन = 30 दिन

कुल समय ($t$) = $6 \times 30 = 180\text{ घंटे}$

उपभुक्त विद्युत ऊर्जा ($E$):

$$E = \text{शक्ति (kW)} \times \text{समय (घंटे)}$$

$$E = 0.06\text{ kW} \times 180\text{ h} = 10.8\text{ kWh}$$

चूँकि $1\text{ kWh} = 1\text{ यूनिट}$, अतः बल्ब द्वारा 30 दिन में कुल $10.8\text{ यूनिट}$ विद्युत ऊर्जा की खपत होगी।

Example 4
व्याख्या कीजिए (2 अंक): 1 जूल कार्य तथा 1 वाट शक्ति को परिभाषित कीजिए।
Step-by-Step Solution:
  • 1 जूल कार्य: जब 1 न्यूटन का बल किसी वस्तु को बल की दिशा में 1 मीटर विस्थापित कर देता है, तो किया गया कार्य 1 जूल कहलाता है ($1\text{ J} = 1\text{ N} \times 1\text{ m}$)।
  • 1 वाट शक्ति: यदि कोई उपकरण या कारक 1 सेकंड में 1 जूल ऊर्जा का उपभोग करता है (या 1 जूल कार्य करता है), तो उसकी शक्ति 1 वाट कहलाती है ($1\text{ W} = 1\text{ J/s}$)।
Example 5
कारण बताइए (2 अंक): एक कुली अपने सिर पर 20 kg का बोझ रखकर क्षैतिज रेलवे प्लेटफार्म पर 50 मीटर चलता है। गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा कुली पर किया गया कार्य कितना होगा?
Step-by-Step Solution:

गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा किया गया कार्य शून्य (0 जूल) होगा। वैज्ञानिक कारण: गुरुत्वाकर्षण बल ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर ($F = mg$) कार्य कर रहा है, जबकि कुली का विस्थापन क्षैतिज दिशा में ($s = 50\text{ m}$) आगे की ओर है। अतः बल और विस्थापन के बीच का कोण $\theta = 90^\circ$ है। सूत्र: $W = F \cdot s \cos 90^\circ = F \cdot s \times 0 = 0\text{ J}$।

Common Misconceptions & Examiner Traps

Common Misconception

kW और kWh को एक ही समझ लेना।

Scientific Reality & Correction

kW (किलोवाट) शक्ति (Power) का मात्रक है, जबकि kWh (किलोवाट-घंटा) ऊर्जा (Energy) का मात्रक है। $1\text{ kWh} = \text{शक्ति} \times \text{समय}$।

Common Misconception

1 kWh को जूल में बदलते समय 3600 लिखना भूल जाना।

Scientific Reality & Correction

याद रखें: 1 घंटा = 3600 सेकंड होता है, अतः $1\text{ kWh} = 1000\text{ W} \times 3600\text{ s} = 3.6 \times 10^6\text{ J}$।

Common Misconception

वेग आधा होने पर गतिज ऊर्जा आधी मान लेना।

Scientific Reality & Correction

गतिज ऊर्जा वेग के वर्ग ($v^2$) के समानुपाती होती है। यदि वेग आधा ($v/2$) होगा तो गतिज ऊर्जा $(1/2)^2 = 1/4$ (चौथाई) रह जाएगी।

Common Misconception

घर्षण बल द्वारा किए गए कार्य को धनात्मक लिख देना।

Scientific Reality & Correction

घर्षण बल सदैव गति की विपरीत दिशा में लगता है ($ heta = 180^\circ$), अतः घर्षण द्वारा किया गया कार्य सदैव ऋणात्मक (Negative) होता है।

Common Misconception

ऊर्जा और कार्य के मात्रकों को भिन्न मानना।

Scientific Reality & Correction

कार्य और ऊर्जा दोनों की विमाएँ एवं SI मात्रक बिल्कुल समान—"जूल" (J) होते हैं।

ऊर्जा रूपांतरण एवं मुक्त पतन में यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण (Conservation of Energy Map)

मुक्त पतन में यांत्रिक ऊर्जा का संरक्षण (E_k + E_p = mgh) NCERT / JAC Board Class 9 Science Chapter 10 A बिंदु A (ऊँचाई h): E_k = 0 (विराम u=0) | E_p = mgh | कुल E = mgh B बिंदु B (ऊँचाई h - x): E_k = mgx | E_p = mg(h-x) | कुल E = mgh C बिंदु C (जमीन से ठीक पूर्व): E_k = mgh | E_p = 0 (h=0) | कुल E = mgh ऊर्जा एवं कार्य सूत्र • कार्य: W = F × s (जूल) • गतिज ऊर्जा: E_k = ½ mv² • स्थितिज ऊर्जा: E_p = mgh • शक्ति: P = W / t (वाट) व्यावसायिक विद्युत मात्रक 1 यूनिट = 1 kWh 1 kWh = 3.6 × 10⁶ जूल (J) 1 HP = 746 वाट ऊर्जा न तो बनती है न नष्ट होती है • केवल स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा में बदलती है

Chapter Summary & 10 Key Takeaways

Takeaway 1
कार्य तभी संपन्न माना जाता है जब किसी वस्तु पर बल लगे और वह बल की दिशा में विस्थापित हो (W = F × s)।
Takeaway 2
कार्य एक अदिश राशि है; इसका मात्रक जूल (1 J = 1 N·m) है।
Takeaway 3
बल और विस्थापन एक ही दिशा में होने पर कार्य धनात्मक, विपरीत दिशा में होने पर ऋणात्मक तथा 90° पर होने पर शून्य होता है।
Takeaway 4
कार्य करने की क्षमता ऊर्जा कहलाती है; इसका मात्रक भी जूल (J) होता है।
Takeaway 5
गतिज ऊर्जा: E_k = 1/2 mv² (वेग दोगुना करने पर गतिज ऊर्जा 4 गुनी हो जाती है)।
Takeaway 6
गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा: E_p = mgh (ऊँचाई h पर संचित ऊर्जा)।
Takeaway 7
ऊर्जा संरक्षण का नियम: ऊर्जा न तो बनाई जा सकती है और न नष्ट; किसी विलगित तंत्र की कुल यांत्रिक ऊर्जा (E_k + E_p) सदैव अचर रहती है।
Takeaway 8
कार्य करने की समय दर शक्ति कहलाती है: P = W / t; इसका SI मात्रक वाट (1 W = 1 J/s) है।
Takeaway 9
ऊर्जा का व्यावसायिक मात्रक किलोवाट-घंटा (kWh) या यूनिट है: 1 kWh = 3.6 × 10⁶ जूल।

Check Your Understanding (Diagnostic Practice Questions)

Diagnostic questions testing core conceptual clarity. Answers are hidden initially — solve each problem first, then click to reveal the step-by-step verified solution.

1
1 जूल कार्य की वैज्ञानिक परिभाषा लिखिए।
Reveal Answer & Explanation
Answer: जब 1 न्यूटन का बल किसी वस्तु को बल की क्रिया-रेखा की दिशा में 1 मीटर विस्थापित कर देता है, तो उस बल द्वारा किया गया कार्य 1 जूल कहलाता है (1 J = 1 N × 1 m)।
2
यदि किसी वस्तु का वेग 3 गुना कर दिया जाए, तो उसकी गतिज ऊर्जा कितने गुना हो जाएगी?
Reveal Answer & Explanation
Answer: चूँकि गतिज ऊर्जा वेग के वर्ग के समानुपाती होती है (E_k ∝ v²), अतः वेग 3 गुना करने पर गतिज ऊर्जा 3² = 9 गुनी हो जाएगी।
3
सिर पर भारी बोझा रखकर खड़े रहने पर कोई कार्य क्यों नहीं होता?
Reveal Answer & Explanation
Answer: क्योंकि कार्य का सूत्र W = F × s होता है। खड़े रहने पर वस्तु में कोई विस्थापन नहीं होता (s = 0), अतः विस्थापन शून्य होने के कारण किया गया कार्य शून्य होता है।
4
1 किलोवाट-घंटा (1 kWh) में कितने जूल होते हैं? गणना दिखाइए।
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Answer: 1 kWh = 1 kW × 1 h = 1000 W × 3600 s = 1000 J/s × 3600 s = 3,600,000 J = 3.6 × 10⁶ जूल।
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ऊर्जा संरक्षण का नियम क्या है?
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Answer: ऊर्जा संरक्षण के नियम के अनुसार ऊर्जा का न तो सृजन किया जा सकता है और न ही विनाश; इसका केवल एक रूप से दूसरे रूप में रूपांतरण संभव है। ब्रह्मांड की कुल ऊर्जा सदैव नियत रहती है।
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