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NIOS • कक्षा X • Science & Technology (212) • अध्याय 10
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

बल एवं गति (Force and Motion)

पिछले अध्याय में हमने किसी वस्तु की सरल रेखा में गति, वेग और पिरामिड का केवल वर्णनात्मक अध्ययन किया था, लेकिन यह विचार नहीं किया गया कि गति का कारण क्या है? किसी स्थिर वस्तु को गति में कौन लाया जाता है? किसी मोटर वाहन वस्तु की दुकान कौन है? और उसकी गति की दिशा को कौन मोड़ता है? इन सभी अवशेषों का अलौकिक वैज्ञानिक उत्तर है—बल (बल)। सदियों से चले आ रहे सिद्धांतों में यह भ्रान्ति दस्तावेज़ जारी है कि किसी भी वस्तु को सतत् गतिशील रखने के लिए लगातार लोचदार बल की आवश्यकता होती है। इस क्रांति में प्रथम महान इतालवी वैज्ञानिक गैलीलियो गैलीली (गैलीलियो गैलीली) ने अपने अनात ताल (ढालू ताल / झुका हुआ विमान) के ऐतिहासिक अर्थों का निर्माण किया। उन्होंने सिद्ध किया कि जब तक किसी वस्तु पर कोई आकर्षक असंतुलित बल न लगे, वस्तु की गति बिना किसी स्तर के स्थिर बनी रहती है। गैलीलियो के डिजाइन विचारों को आधार बनाया सर आइजक न्यूटन ने 1687 में अपने अमर ग्रंथ 'प्रिंसिपिया' में गति के तीन सार्वभौमिक नियम प्रस्तुत किए। न्यूटन का प्रथम गति नियम (जड़त्व का नियम / जड़त्व का नियम) बताता है कि पदार्थ अपने अवस्था परिवर्तन का विरोध करता है और द्रव्यमान जड़त्व का माप है। द्वितीय गति नियम ($F = ma$) बल की माप प्रदान की जाती है और यह स्थापित किया जाता है कि संवेग परिवर्तन के दर में समस्या बल के अनुरूप होती है। क्रिया प्रतिक्रिया का नियम (क्रिया प्रतिक्रिया का नियम) यह सिद्ध होता है कि जोड़े में बल उत्पन्न होते हैं—प्रकृति में कोई भी एकल वैधानिक बल संभव नहीं है। इसके साथ ही ब्रह्मांड का सबसे सार्वभौमिक संरक्षण नियम-'संवेग संरक्षण का सिद्धांत' ($m_1u_1 + m_2u_2 = m_1v_1 + m_2v_2$) रॉकेट और बंदूक के प्रतिक्षेप अजूबों को प्रतिरोध रूप से सिद्ध किया जाता है। झारखंड बोर्ड (एनआईओएस कक्षा 9) परीक्षा में इस अध्याय 6 से 8 अंकों का सर्वोच्च वैज्ञानिक महत्व है। गति के त्रिमूर्ति के सिद्धांत और उदाहरण, क्रिकेट खिलाड़ी द्वारा कैच लेने का समय हाथ से पीछे खींचना, बंदूक का प्रतिक्षेप वेग (रिकॉइल वेलोसिटी) ज्ञात करना, और संवेग सुरक्षा के आदिक प्रश्न बोर्ड के सबसे लोकप्रिय प्रश्न हैं।

🔫 जब एक 5 ग्राम की नन्हीं गोली 2 किलो की भारी बंदूक से निकलती है, तो बंदूक चलाने वाले का कंधा पीछे की ओर जोर से क्यों दहल उठता है?

ओल शॉट या सेना की राइफल रेंज में देखें: जब एक सैनिक ट्रिगर दबाता है, तो केवल कुछ ग्राम की छोटी सी गोल भयानक वेग से नीचे की ओर झुकता है, लेकिन वही भारी राइफल चालित के कंधे पर पीछे की ओर एक एस्ट्रिक शॉक (धक्का) मारती है! यदि सैनिकों ने राइफल को कंधे से सटाकर विखंडन से नहीं पकड़ा हो, तो उसका कंधा फ्रैक्चर तक हो जाता है!

गोली चली, तो बंदूक पीछे क्यों भागी? और जब आप प्रमाण पत्र से मोटरसाइकिल हुई बस में स्टेक होते हैं और ड्राइवर अचानक ब्रेक मार देता है, तो आप आगे क्यों गिरें हैं? बस के कागजात से तो आपके पैर जुड़े थे, फिर आपके ऊपरी शरीर को आगे की तरफ किस अदृश्य हाथ ने धक्का दिया?

यह कोई जादू नहीं है, बल्कि न्यूटन की गति के मूल तत्व और पदार्थ के निष्क्रिय गुण-जड़त्व (जड़त्व) का प्रत्यक्ष प्रमाण है! आइए, उस रहस्यमयी भौतिक शक्ति 'बल' और उसके तीन प्राचीन सिद्धांतों की खोज करें!

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

यह अध्याय आपकी वैज्ञानिक यात्रा एवं जीवन के लिए क्यों भिन्न है?

  1. NIOS बोर्ड परीक्षा में अचूक स्कोरिंग: $F = ma$ का निगमन (3 अंक), संवेग संरक्षण सिद्धांत का निगमन व संख्यात्मक प्रश्न (3-5 अंक), तथा जड़त्व के दैनिक उदाहरणों पर प्रश्न विचित्र आते हैं।
  2. संपूर्ण शास्त्रीय यांत्रिकी की परिभाषा: 11वीं कक्षा का 'गति के नियम' (घरेलू बल, घर्षण तंत्र, संवेग संरक्षण, वृत्तीय गति में बल) पूरी तरह से इसी तरह के अध्याय का विस्तार है।
  3. दैनिक सुरक्षा एवं इंजीनियरिंग इंजीनियरिंग: कार में सीट बेल्ट (सीट बेल्ट) का जीवन-रक्षक महत्व, एयरबैग की रैली, और कराटे खिलाड़ी द्वारा एक ही संकेत में स्नो की सिल्ली तोड़ने का वैज्ञानिक रहस्य इसी अध्याय से स्पष्ट होता है।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • द्रव्यमान (मास) की माप (किग्रा) त्वरण (त्वरण) की अवधारणा ($m/s^2$)।
  • गति के तीन गुणांक ($v = u + at$, आदि)।
  • अदिश एवं सदिश राशियों का ज्ञान।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • संतुलित (संतुलित) एवं असंतुलित (असंतुलित) कब्जे के बीच का अंतर स्पष्ट कर सस्ता।
  • गैलीलियो के प्रयोगों और न्यूटन के प्रथम गति नियम (जड़त्व का नियम) की व्याख्या कर सकेंगे।
  • जड़त्व के तीनों प्रकारों (विराम, गति एवं दिशा का जड़त्व) के दैनिक जीवन में उदाहरण दे सकेंगे।
  • संवेग ($p = mv$) की परिभाषा एवं इसके मात्रात्मक ($kg \cdot m/s$) को समझना आवश्यक है।
  • न्यूटन के द्वितीय गति नियमों से बल के सूत्र ($F = ma$) का चरणबद्ध ऑपरेशन निगमन कर भुगतान।
  • न्यूटन के तृतीय गति नियम (क्रिया = -प्रतिक्रिया) के सिद्धांतों को बंदूक के प्रतिक्षेप व रॉकेट गति में लागू कर सकेंगे।
  • संवेग संरक्षण के नियम का निगमन कर सकेंगे तथा इसके संख्यात्मक प्रश्नों को हल कर सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. बल की अवधारणा एवं न्यूटन का प्रथ...
2 2. संवेग (मोमेंटम) एवं न्यूटन का द्...
3 3. न्यूटन का तृतीय गति नियम एवं संव...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. बल की अवधारणा एवं न्यूटन का प्रथम गति नियम (जड़त्व)

(क) बल क्या है? संतुलित बनाम असंतुलित बल

किसी वस्तु पर लगने वाले धक्के (Push) या खिंचाव (Pull) को बल (Force) कहते हैं। बल किसी वस्तु की स्थिति, गति की दिशा अथवा आकार/आकृति में परिवर्तन कर सकता है या करने का प्रयास करता है। यह एक सदिश राशि है।

  • संतुलित बल (Balanced Forces): जब किसी वस्तु पर एक साथ कई बल कार्य कर रहे हों और उनका परिणामी बल (Net Force) शून्य हो, तो उन्हें संतुलित बल कहते हैं। ये गति की अवस्था में कोई परिवर्तन नहीं ला सकते (केवल आकार बदल सकते हैं)।
  • असंतुलित बल (Unbalanced Forces): जब किसी वस्तु पर लगने वाले बलों का परिणामी बल शून्य न हो, तो उन्हें असंतुलित बल कहते हैं। किसी स्थिर वस्तु को गति में लाने या उसकी चाल/दिशा बदलने के लिए सदैव एक असंतुलित बाह्य बल अनिवार्य होता है।

(ख) न्यूटन का प्रथम गति नियम (जड़त्व का नियम)

नियम का कथन: "प्रत्येक वस्तु अपनी विरामावस्था अथवा सरल रेखा में एकसमान गति की अवस्था में तब तक बनी रहती है, जब तक कि उस पर कोई बाह्य असंतुलित बल कार्यरत न हो।"

वस्तुओं द्वारा अपनी गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करने की इस स्वाभाविक प्रवृत्ति को जड़त्व (Inertia) कहते हैं। इसीलिए प्रथम नियम को 'जड़त्व का नियम' भी कहा जाता है।

द्रव्यमान और जड़त्व का संबंध: किसी वस्तु का जड़त्व उसके द्रव्यमान (Mass) पर निर्भर करता है। भारी वस्तु का जड़त्व अधिक तथा हल्की वस्तु का जड़त्व कम होता है। "द्रव्यमान किसी वस्तु के जड़त्व की प्राकृतिक माप है।"

जड़त्व का प्रकार दैनिक जीवन के प्रमुख वैज्ञानिक उदाहरण
1. विराम का जड़त्व (Inertia of Rest) • अचानक बस के चलने पर यात्री पीछे की ओर झुक जाते हैं (निचला भाग गतिशील हो जाता है किंतु ऊपरी शरीर विराम में रहना चाहता है)।
• पेड़ की शाखा को जोर से हिलाने पर सूखे फल और पत्तियां टूटकर गिर पड़ते हैं।
• दरी/कंबल को डंडे से पीटने पर धूल के कण बाहर निकल आते हैं।
2. गति का जड़त्व (Inertia of Motion) • चलती बस में अचानक ब्रेक लगने पर यात्री आगे की ओर गिरते हैं (सीट बेल्ट इसी से जान बचाती है)।
• चलती रेलगाड़ी से बाहर कूदने पर व्यक्ति आगे की ओर गिर पड़ता है।
• लंबी कूद का एथलीट कूदने से पहले दूर से तेजी से दौड़कर आता है।
3. दिशा का जड़त्व (Inertia of Direction) • तीव्र गति से मुड़ती कार में बैठे यात्री मोड़ के विपरीत बाहर की ओर झुक जाते हैं।
• घूमते पहिये से उड़ने वाले कीचड़ के कण स्पर्शरेखीय दिशा में उड़ते हैं।

2. संवेग (मोमेंटम) एवं न्यूटन का द्वितीय गति नियम ($F = ma$)

(क) संवेग (मोमेंटम - $p$) की अवधारणा

किसी वस्तु का द्रव्यमान ($m$) तथा उसके वेग ($v$) के गुणनफल को उस वस्तु का संवेग (मोमेंटम) कहते हैं:

$$p = m imes v$$
  • संवेग एक सादिश राशि है। इसकी दिशा जो वेग की दिशा होती है।
  • इसका एसआई मात्रा किलोग्राम-मीटर प्रति सेकंड ($ ext{kg}\cdot ext{m/s}$ या $ ext{kg m s}^{-1}$) होता है।
  • व्यावहारिक अर्थ: तेज गति से अति क्रिकेट की भारी गेंद प्रभाव डालती है, और बहुत कम द्रव्यमान वाली बंदूक की गोली भी भारी वेग के कारण घातक संवेग कहानी है।

(ख) न्यूटन की द्वितीय गति एवं नियम $F = ma$ का निगमन

नियम का वर्णन: "किसी वस्तु के संवेग में परिवर्तन की दर पर उस पर आरोप लगाया जाता है कि असंतुलित बल के अनुरूपता होती है और यह परिवर्तन उसी दिशा में होता है जिस दिशा में बल श्रमिकों की होती है।"

गणितीय निगमन (गणितीय व्युत्पत्ति):
मैन मास $m$ का एक वस्तु प्रारंभिक वेग $u$ से गतिमान है। उस पर एक नियत बल $F$, $t$ समय तक कार्य करता है, जिससे उसका अंतिम वेग $v$ हो जाता है।

$$ ext{प्रारंभिक संवेग } (p_1) = m imes u$$ $$ ext{अंतिम संवेग } (p_2) = m imes v$$ $$ ext{संवेग में परिवर्तन } (\Delta p) = p_2 - p_1 = m(v - u)$$ द्वितीय खोज, बल संवेग परिवर्तन की दर के अनुरूप होती है: $$F \propto rac{p_2 - p_1}{t} \implies F \propto rac{m(v - u)}{t}$$ $a = rac{v - u}{t}$, मूलतः: $$F \propto m imes a \implies F = k \cdot m \cdot a$$ जहाँ $k$ एक अणुगति स्थिरांक है। एसआई पद्धति में बल की इकाई को इस प्रकार परिभाषित किया गया है कि $k = 1$ हो। $$\mathbf{F = m imes a} \quad ( ext{बल} = ext{द्रव्यमान} imes ext{त्वरण})$$

बल का परिमाण: बल का एसआई परिमाण न्यूटन (न्यूटन - एन) है।
$$1 ext{ N} = 1 ext{ kg} imes 1 ext{ m/s}^2 = 1 ext{ kg m s}^{-2}$$ 1 न्यूटन की परिभाषा: 1 न्यूटन वह बल है जो 1 नरसंहार की वस्तु में $1 ext{ m/s}^2$ का ज्वालामुखी उत्पन्न कर दे।

दैनिक जीवन में दिव्य नियम
सूत्र $F = rac{\Delta p}{\Delta t}$ के अनुसार, संवेग परिवर्तन में जितना अधिक समय ($\Delta t$) स्थिर, सतत बल ($F$) अस्तित्व ही कम होगा!
  • क्रिकेट में कैच लेने का समय हाथ से पीछे की ओर खींचना: हाथ से पीछे की ओर खींचने से गेंद को रोकने का समय बढ़ जाता है, जिससे संवेग शहर की दर घाट जाती है और खिलाड़ी की गेंद पर चोट बहुत कम लगती है।
  • ऊंची जंप में व्यायाम या सवारी का उपयोग: एथलीट के प्रशिक्षकों द्वारा दिए गए वजन में समय बढ़ जाता है, जिससे बल कम हो जाता है और हड्डी टूट जाती है।

3. न्यूटन का तृतीय गति नियम एवं संवेग संरक्षण का सिद्धांत

(क) न्यूटन का तृतीय गति नियम (क्रिया-क्रिया नियम)

नियम का वर्णन: "प्रत्येक क्रिया के समान लेकिन विपरीत दिशा में एक प्रतिक्रिया होती है।"

$$\mathbf{F_{AB} = -F_{BA}}$$

तृतीय नियम के तीन महत्वपूर्ण तथ्य:

  1. क्रिया और प्रतिक्रिया बल हमेशा दो भिन्न-भिन्न कृतियों पर एक साथ कार्य करते हैं (यह कभी भी एक ही वस्तु पर लागू नहीं होता है, इसलिए ये एक-दूसरे को प्रभावित नहीं करता है)। करते
  2. पुराने ज़माने की इमारतों का आकार हमेशा एक जैसा होता है, लेकिन उनकी दिशाएँ भिन्न-भिन्न होती हैं।
  3. प्रकृति में एकल विलगित बल संभव नहीं है; बल हमेशा दोस्तों में पैदा होते हैं।

दैनिक जीवन के उदाहरण:

  • जमीन पर सैर: जब हम रहते हैं, तो अपनी यात्राओं से जमीन को पीछे की ओर झुकाते हैं (क्रिया)। इसके प्रत्युत्तर में जमीन पर हमारी जमीन पर आगे की ओर समान बल लगता है (क्रिया), जिससे हम आगे बढ़ रहे हैं।
  • बंदूक का प्रतिक्षेप (प्रतिक्रिया): जब गोली आगे की ओर की ओर बल लगती है (क्रिया), तो गोली भी बंदूक के पीछे की ओर समान बल लगाती है (प्रतिक्रिया), जिससे बंदूक पीछे की ओर झटका मारती है।
  • रॉकेट का नोड: रॉकेट के पिछले रॉकेट से स्पीड स्पीड से गैसें नीचे की ओर हैं (क्रिया), जो रॉकेट को ऊपर की ओर तेज पुश पॉइंट हैं (प्रतिक्रिया)।

(ख) संवेग संरक्षण का नियम (संवेग संरक्षण का नियम)

नियम का वर्णन: " यदि दो या दो से अधिक जादुई असंतुलित बल कार्य न कर रहा हो, तो वह मूर्ति का कुल संवेग सदैव संरक्षित (अपरिवर्तित) रहता है।"

अर्थात, टक्कर से पहले का कुल संवेग = टक्कर के बाद का कुल संवेग:
$$\mathbf{m_1 u_1 + m_2 u_2 = m_1 v_1 + m_2 v_2}$$

बंदूक के प्रतिक्षेपण वेग (Recoil Velocity - $V$) का सूत्र:
यदि बंदूक का द्रव्यमान $M$ और गोली का द्रव्यमान $m$ हो, और गोली का द्रव्यमान $v$ हो:
टक्कर/फायरिंग से पूर्व कुल संवेग = 0
राइफल की शुरुआत: $M V + m v = 0 \implies \mathbf{V = - rac{m \cdot v}{M}}$
(ऋणात्मक चिन्ह में बंदूक की गोली की विपरीत दिशा में गति होती है)।

महत्वपूर्ण रासायनिक सूत्र, अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

संवेग का सूत्र (मोमेंटम)
p = m × v; मात्रक: kg·m/s (सदिश राशि)
न्यूटन का द्वितीय नियम (बल का सूत्र)
F = m × a = m(v - u)/t; मात्रक: न्यूटन (N = kg·m/s²)
1 न्यूटन बल की परिभाषा
1 N = 1 kg × 1 m/s²
संवेग संरक्षण का मौलिक समीकरण
m₁u₁ + m₂u₂ = m₁v₁ + m₂v₂ (बाह्य बल की अनुपस्थिति में)
बंदूक का प्रतिक्षेप वेग (रीकॉइल वेलोसिटी)
V = -(m × v) / M (जहाँ m = गोली द्रव्यमान, M = बंदूक द्रव्यमान)
संवेग परिवर्तन की दर
Δp / Δt = (p₂ - p₁) / t = F
आवेग (बल का आवेग)
I = F × t = Δp (संवेग में परिवर्तन)

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
JAC बोर्ड संख्यात्मक प्रश्न (3 अंक): 2 किलो द्रव्यमान की एक गणना से 20 ग्राम द्रव्यमान की एक गोली 150 मीटर/सेकंड की गति से निकलती है। प्रक्षेप के पीछे औद्योगिक के प्रारंभिक वेग (प्रतिक्षेप वेग) का परिकलन किग।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

दिया गया है: आस्था का द्रव्यमान ($M$) = $2\text{ kg}$ गोली का द्रव्यमान ($m$) = $20\text{ g} = \frac{20}{1000}\text{ kg} = 0.02\text{ kg}$ गोली का प्रारंभिक वेग ($v$) = $+150\text{ m/s}$ $V$ का प्रतिक्षेप वेग = $V$

गॉल्ज़ टर्बोचार्ज्ड से पूर्व पिस्तौल तथा गॉल्ज़ टर्बोचार्ज्ड से पूर्व-पिशाच में हैं: प्रारंभिक संवेग = 0

गोलियाँ चलाने के बाद कुल संवेग:

$$\text{अंतिम संवेग} = M V + m v = (2 \times V) + (0.02 \times 150) = 2V + 3$$

संवेग संरक्षण के संरक्षण:

$$\text{प्रारंभिक संवेग} = \text{अंतिम संवेग}$$

$$0 = 2V + 3 \implies 2V = -3 \implies V = -\frac{3}{2} = -1.5\text{ m/s}$$

ऋणात्मक चिह्न में यह उल्लेख है कि पिस्तौल की गोली की दिशा पीछे की ओर हटेगी के विपरीत है। मूल रूप से रिफिल का प्रतिक्षेप वेग $1.5\text{ m/s}$ पीछे की ओर होगा।

उदाहरण 2
JAC बिलबोर्ड संख्यात्मक प्रश्न (3 अंक): 5 N का एक बल किसी द्रव्यमान $m_1$ को $10\text{ m/s}^2$ का झटका देता है तथा द्रव्यमान $m_2$ को $20\text{ m/s}^2$ का झटका देता है। यदि दोनों द्रव्यमानों को एक साथ बांध दिया जाए, तो इस बल से क्या ज्वालामुखी उत्पन्न होगा?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

दिया गया है: बल ($F$) = $5\text{ N}$ फ़िल्म $a_1 = 10\text{ m/s}^2$, फ़िल्म $a_2 = 20\text{ m/s}^2$

चरण 1: दोनों द्रव्यमानों का मान ज्ञात करना ($m = F/a$):

$$m_1 = \frac{F}{a_1} = \frac{5}{10} = 0.5\text{ kg}$$

$$m_2 = \frac{F}{a_2} = \frac{5}{20} = 0.25\text{ kg}$$

चरण 2: संयुक्त द्रव्यमान ($M$):

$$M = m_1 + m_2 = 0.5 + 0.25 = 0.75\text{ kg}$$

चरण 3: यूनाइटेड मास पर पिज़्ज़ा ($a$):

$$a = \frac{F}{M} = \frac{5\text{ N}}{0.75\text{ kg}} = \frac{500}{75} = \frac{20}{3} \approx 6.67\text{ m/s}^2$$

मूल रूप से दोनों मासों को एक साथ बांधने पर तराशा हुआ $6.67\text{ m/s}^2$ होगा।

उदाहरण 3
कारण स्पष्ट कीजिए (3 अंक): (a) किसी पेड़ की शाखा को तीव्रता से हिलाने पर कुछ पत्तियां क्यों झड़ जाती हैं? (b) जब कोई व्यक्ति नाव से किनारे पर कूदता है, तो नाव पीछे की ओर क्यों खिसक जाती है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

(a) पत्तियों का चित्रा (विराम का जड़त्व): पेड़ की शाखा को हिलाने से पूर्व शाखा और स्तम्भ दोनों युगयुग में होते हैं। जब शाखा को जोर से हिलाया जाता है, तो शाखा तुरंत गति में आ जाती है, लेकिन शाखा अपने विराम के जड़त्व (विश्राम की जड़ता) के कारण स्थिर बने रहने का प्रयास करती है। इस अस्थिर के कारण नोट के टुकड़े टुकड़े हो जाते हैं और वे नीचे गिर जाते हैं।

(बी) नव का पीछे खिसकना (न्यूटन का तृतीय गति नियम): जब कोई व्यक्ति नाव से किनारे की ओर कूदता है, तो वह अपनी नाव से पीछे की ओर बल लगाता है (क्रिया बल)। न्यूटन की तृतीय श्रेणी, नाव भी व्यक्ति पर आगे की ओर से प्रतिक्रिया बल लगाती है जिससे व्यक्ति किनारे पर कूद पाता है। व्यक्ति द्वारा पीछे दिए गए बल के कारण नाव पीछे की ओर खिसकती है।

उदाहरण 4
JAC बोर्ड विश्लेषणात्मक प्रश्न (3 अंक): क्रिकेट खिलाड़ी कैच लेते समय अपने हाथों को पीछे की ओर क्यों खिसकाता है? न्यूटन के द्वितीय नियम से समझें।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

न्यूटन के द्वितीय नियमों के अनुसार:

$$F = \frac{\text{संवेग परिवर्तन } (\Delta p)}{\text{समय } (\Delta t)}$$

  1. जब तेज़ गति से अति क्रिकेट गेंद को हाथों से पढ़ा जाता है, तो उसका संवेग शून्य हो जाता है।
  2. यदि खिलाड़ी के हाथ स्थिर स्थिर होंगे, तो गेंद बहुत कम समय में रुक जाएगी ($\Delta t$ अत्यंत सूक्ष्म होगी), जिससे हाथों पर लचीला बल $F$ होगा और खिलाड़ी की हथेली गंभीर रूप से हो सकती है।
  3. हाथ पीछे खींचने से गेंद को रोकने का समय अंतरित ($\Delta t$) बढ़ जाता है, जिससे संवेग परिवर्तन की दर घट जाती है। हालाँकि खिलाड़ी के हाथों पर बहुत कम बल लगता है और उसे चोट नहीं लगती।
उदाहरण 5
संख्या प्रश्न (2 अंक): 1000 किलो द्रव्यमान की एक कार 72 किमी/घंटा के वेग से चल रही है। ब्रेक ब्रेक पर 4 सेकंड में कार रुक जाती है। ब्रेक मंदाक बल की गणना।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

दिया गया है: कार का द्रव्यमान ($m$) = $1000\text{ kg}$ प्रारंभिक वेग ($u$) = $72\text{ km/h} = 72 \times \frac{5}{18} = 20\text{ m/s}$ अंतिम वेग ($v$) = $0\text{ m/s}$ (कार रुक जाती है) समय ($t$) = $4\text{ s}$

किराया ($a$) = $\frac{v - u}{t} = \frac{0 - 20}{4} = -5\text{ m/s}^2$

आपेक्षिक ($F$) = $m \times a = 1000 \times (-5) = -5000\text{ N}$

मूल रूप से मंदक बल द्वारा उपयोग किया गया ब्रेक $5000\text{ न्यूटन}$ गति के विपरीत दिशा में है।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

क्रिया और प्रतिक्रिया को एक ही वस्तु पर कार्यरत मान लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

क्रिया और प्रतिक्रिया बल सदैव दो भिन्न-भिन्न वस्तुओं पर परस्पर विपरीत दिशाओं में लगते हैं। यदि ये एक ही वस्तु पर लगते तो एक-दूसरे को निरस्त कर देते और कोई गति संभव न होती।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

द्रव्यमान और भार को एक ही समझना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

द्रव्यमान पदार्थ की वास्तविक मात्रा वह होती है जिसके स्थान पर अचर (स्थिर) रहता है। भार गुरुत्व बल है ($W = mg$) जो स्थान के साथ बदलता है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

संवेग में दिशा का ध्यान न रखना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

संवेग सदिश राशि है। यदि आगे की दिशा धनात्मक ली है, तो पीछे की दिशा को अनिवार्य रूप से ऋणात्मक ($-$) लेना होगा (जैसे बंदूक के प्रतिक्षेप वेग में)।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

बल के शब्द न्यूटन को केवल एन राइटिंग भूलकर केवल किलो लिखना चाहिए।

सही वैज्ञानिक तथ्य

याद रखें: $1\text{ N} = 1\text{ kg}\cdot\text{m/s}^2$। बल का मापक ऑलवेज़ न्यूटन (एन) होता है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

यह सोचना कि भारी वस्तु का त्वरण अधिक होगा जब समान बल लगाया जाए।

सही वैज्ञानिक तथ्य

सूत्र $a = F/m$ के अनुसार द्रव्यमान अधिक होने पर त्वरण कम होगा!

न्यूटन की गति के नियम एवं संवेग संरक्षण चार्ट (गति के तीन नियम)

न्यूटन के गति के तीन नियम एवं संवेग संरक्षण NCERT / JAC Board Class 9 Science Chapter 8 प्रथम नियम: जड़त्व "अवस्था परिवर्तन का विरोध" जब तक बाह्य असंतुलित बल न लगे, अवस्था वही रहेगी द्रव्यमान = जड़त्व की माप दैनिक उदाहरण: • बस चलने/रुकने पर झटका • पेड़ हिलाने पर फल गिरना • सीट बेल्ट की सुरक्षा बल की परिभाषा मिलती है द्वितीय नियम: F = ma "संवेग परिवर्तन की दर" F = m × a F = (p₂ - p₁) / t 1 N = 1 kg·m/s² दैनिक उदाहरण: • क्रिकेट में हाथ पीछे खींचना • ऊंची कूद में गद्दा बिछाना • कराटे से सिल्ली तोड़ना बल का परिमाण मिलता है तृतीय नियम: क्रिया-प्रतिक्रिया "F_AB = - F_BA" बराबर परंतु विपरीत बल दो भिन्न वस्तुओं पर लगते हैं कदापि निरस्त नहीं होते दैनिक उदाहरण: • बंदूक का प्रतिक्षेप (Recoil) • जमीन पर चलना / दौड़ना • रॉकेट का अंतरिक्ष में उड़ना बलों की प्रकृति मिलती है संवेग संरक्षण का नियम: m₁u₁ + m₂u₂ = m₁v₁ + m₂v₂ (टकराने से पूर्व कुल संवेग = टकराने के बाद कुल संवेग)

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
बल वह बाह्य कारक है जो किसी वस्तु की स्थिति, गति की दिशा अथवा आकार में परिवर्तन करता है; मात्रक न्यूटन (N) है।
मुख्य बिंदु 2
संतुलित बलों का परिणामी बल शून्य होता है; गति की अवस्था में परिवर्तन केवल असंतुलित बलों द्वारा होता है।
मुख्य बिंदु 3
प्रथम नियम (जड़त्व का नियम): वस्तु अपनी गति या विराम की अवस्था का विरोध करती है; द्रव्यमान जड़त्व की प्राकृतिक माप है।
मुख्य बिंदु 4
संवेग (पी) = द्रव्यमान (एम) × वेग (वी); इसका SI मात्रक kg·m/s है (साडिश राशि)।
मुख्य बिंदु 5
द्वितीय नियम: संवेग परिवर्तन की दर बल के समानुपति होती है (एफ = मा); इससे बल का परिमाण प्राप्त होता है।
मुख्य बिंदु 6
तृतीय नियम: प्रत्येक क्रिया के समान लेकिन विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया होती है (F_AB = -F_BA); ये दो अलग-अलग वस्तुएं शामिल हैं।
मुख्य बिंदु 7
संवेग संरक्षण का सिद्धांत: बाह्य बल की अनुपस्थिति में किसी निकाय का कुल संवेग सदैव अचर (संरक्षित) रहता है।
मुख्य बिंदु 8
बंदूक का प्रतिक्षेप वेग: V = -(m × v) / M होता है।
मुख्य बिंदु 9
क्रिकेट में कैच लेते समय हाथ पीछे खींचने से समय बढ़ता है, जिससे बल कम हो जाता है और चोट नहीं लगती।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
जड़त्व से क्या अभिप्राय है? यह किस भौतिक राशि पर निर्भर करता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: किसी भी वस्तु का वह प्राकृतिक गुण है जिसके कारण वह अपनी पुरानी क्रांति या एकसमान गति के राज्य में परिवर्तन का विरोध करता है, जड़त्व उत्पाद है। जड़त्व प्रत्यक्ष वस्तु के "द्रव्यमान" (द्रव्यमान) पर वर्जित है।
2
1 न्यूटन बल की मानक परिभाषा लिखिए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: 1 न्यूटन वह बल है जो 1 मीटर प्रति सेकंड वर्ग (1 m/s²) में किसी वस्तु का द्रव्यमान उत्पन्न करता है (1 N = 1 kg·m/s²)।
3
चलती बस से अचानक उतरने पर व्यक्ति आगे की ओर क्यों गिर पड़ता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: क्योंकि जैसे ही पैर जमीन को छूते हैं, पैर स्थिर हो जाते हैं, लेकिन शरीर का ऊपरी भाग गति के जड़त्व (गति की जड़ता) के कारण आगे की दिशा में गतिशीलता बनाना चाहता है।
4
रॉकेट किस भौतिक सिद्धांत पर कार्य करता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: रॉकेट न्यूटन के तृतीय गति नियम (क्रिया एवं प्रतिक्रिया) तथा "संवेग संरक्षण के सिद्धांत" पर कार्य करता है।
5
यदि किसी वस्तु पर लगने वाला नेट बाह्य बल शून्य हो, तो क्या वह गति कर सकती है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: हाँ, न्यूटन के प्रथम नियम के अनुसार यदि वस्तु पहले से गतिमान थी, तो वह उसी नियत चाल और उसी दिशा में एकसमान वेग से अनंत काल तक गति करती रहेगी।
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कक्षा 10 Science & Technology (212) के सभी अध्याय

अध्याय 1: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में मापन (Measurement in Science & Tech) अध्याय 2: हमारे आस-पास के पदार्थ (Matter in Our Surroundings) अध्याय 3: परमाणु एवं अणु (Atom and Molecules) अध्याय 4: रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण (Chemical Reactions & Equations) अध्याय 5: परमाणु संरचना (Atomic Structure) अध्याय 6: तत्वों का आवर्त वर्गीकरण (Periodic Classification of Elements) अध्याय 7: रासायनिक आबंधन (Chemical Bonding) अध्याय 8: अम्ल, क्षारक और लवण (Acids, Bases and Salts) अध्याय 9: गति और उसका वर्णन (Motion and its Description) अध्याय 10: बल एवं गति (Force and Motion) अध्याय 11: गुरुत्वाकर्षण (Gravitation) अध्याय 12: ऊर्जा के स्रोत (Sources of Energy) अध्याय 13: कार्य एवं ऊर्जा (Work and Energy) अध्याय 14: ऊष्मीय ऊर्जा (Thermal Energy) अध्याय 15: प्रकाश ऊर्जा (Light Energy) अध्याय 16: विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy) अध्याय 17: विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव (Magnetic Effects of Current) अध्याय 18: ध्वनि एवं संचार (Sound and Communication) अध्याय 19: सजीवों का वर्गीकरण (Classification of Living Organisms) अध्याय 20: पृथ्वी पर जीवन का इतिहास (History of Life on Earth) अध्याय 21: जीवन की इकाइयाँ: कोशिका एवं ऊतक (Cell and Tissues) अध्याय 22: जैव प्रक्रम-1: पोषण, वहन, श्वसन एवं उत्सर्जन (Life Processes - 1) अध्याय 23: जैव प्रक्रम-2: नियंत्रण एवं समन्वय (Control and Coordination) अध्याय 24: जैव प्रक्रम-3: जनन (Reproduction) अध्याय 25: आनुवंशिकता (Heredity) अध्याय 26: वायु एवं जल (Air and Water) अध्याय 27: धातु और अधातु (Metals and Non-metals) अध्याय 28: कार्बन और उसके यौगिक (Carbon and Its Compounds) अध्याय 29: प्राकृतिक पर्यावरण (Natural Environment) अध्याय 30: पर्यावरण पर मानवीय प्रभाव (Human Impact on Environment) अध्याय 31: खाद्य उत्पादन (Food Production) अध्याय 32: स्वास्थ्य एवं स्वच्छता (Health and Hygiene)

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