वह विशेष सांख्यिकीय आलेखीय चित्र जिसमें किसी संपूर्ण आँकड़े को एक वृत्त के कुल क्षेत्रफल द्वारा निरूपित किया जाता है और उसके विभिन्न घटकों या भागों को वृत्त के विभिन्न त्रिज्यखंडों (Circular Sectors) द्वारा प्रदर्शित किया जाता है, उसे पाई चार्ट (Pie Chart) या वृत्त चित्र कहते हैं।
- संपूर्ण वृत्ताकार क्षेत्र कुल आँकड़े या 1 पूर्ण इकाई (100%) को दर्शाता है।
- प्रत्येक त्रिज्यखंड उस संपूर्ण आँकड़े के किसी विशिष्ट वर्ग या घटक के भाग को निरूपित करता है।
ज्यामितीय दृष्टि से एक त्रिज्यखंड (Sector) वृत्त का वह भाग होता है जो दो त्रिज्याओं और उनके बीच स्थित चाप से घिरा होता है:
- केंद्र बिंदु ($O$): वह बिंदु जहाँ सभी त्रिज्यखंडों के शीर्ष मिलते हैं।
- परिसीमा त्रिज्याएँ ($OA, OB$): त्रिज्यखंड की सीधी भुजाएँ।
- चाप ($AB$): परिधि पर त्रिज्यखंड द्वारा घेरा गया वक्राकार भाग।
- केंद्रीय कोण ($ngle AOB = heta$): वृत्त के केंद्र पर चाप द्वारा अंतरित कोण, जो घटक की मात्रा का आनुपातिक सूचक होता है।
यूक्लिडीय ज्यामिति के अनुसार, किसी बिंदु के चारों ओर बनने वाले सभी कोणों का योग सदैव 360° (चार समकोण, $4 imes 90^\circ = 360^\circ$) होता है।
चूँकि संपूर्ण आँकड़ा पूरे वृत्त में समाहित होता है, अतः पाई चार्ट का मूल नियम है:
$$\mathbf{\sum_{i=1}^n \theta_i = \theta_1 + \theta_2 + \theta_3 + \dots + \theta_n = 360^\circ}$$
किसी भी सही पाई चार्ट के सभी केंद्रीय कोणों का योग कभी भी 360° से कम या अधिक नहीं हो सकता।
पाई चार्ट का केंद्रीय आधार प्रत्यक्ष समानुपात है। घटक के मान ($x_i$), कुल मान ($T$), त्रिज्यखंड के क्षेत्रफल ($A_i$) और केंद्रीय कोण ($\theta_i$) के मध्य संबंध निम्नलिखित है:
$$\mathbf{\frac{x_i}{T} = \frac{\text{त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल}}{\text{वृत्त का कुल क्षेत्रफल}} = \frac{\theta_i}{360^\circ} = \frac{P_i}{100\%}}$$
अर्थात, यदि कोई घटक कुल आँकड़ों का $\frac{1}{4}$ भाग है, तो पाई चार्ट में उसका त्रिज्यखंड वृत्त के क्षेत्रफल का $\frac{1}{4}$ भाग घेरेगा और केंद्र पर $\frac{1}{4} \times 360^\circ = 90^\circ$ का कोण बनाएगा।
परीक्षा में दंड आलेख (Bar Graph) और पाई चार्ट (Pie Chart) के चयन का आधार:
| तुलना का बिंदु | पाई चार्ट (वृत्त चित्र) | दंड आलेख (Bar Graph) |
|---|---|---|
| मुख्य उद्देश्य | संपूर्ण के साथ विभिन्न भागों के आनुपातिक संबंध को दर्शाना | स्वतंत्र वर्गों या निरपेक्ष मानों की सीधी तुलना करना |
| उपयुक्त आँकड़ा रूप | एक निश्चित कुल मान के परस्पर अनन्य हिस्से | समय या श्रेणियों के आधार पर स्वतंत्र आँकड़े |
| वर्गों की संख्या | सीमित वर्ग (सामान्यतः 3 से 7 घटक) | अधिक संख्या में वर्ग होने पर भी उपयुक्त |
| दृश्य समझ | कोणीय फैलाव एवं त्रिज्यखंड के क्षेत्रफल से बोधगम्य | स्तंभ की लंबाई या ऊँचाई से सरलता से दृश्यमान |