पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (WBBSE) कक्षा १०वीं (माध्यमिक) गणित (Mathematics) अध्याय 6 'चक्रवृद्धि ब्याज एवं वृद्धि या ह्रास की समान दर' का ऑनलाइन मॉक टेस्ट अभ्यास करें। 20 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs), 20 मिनट, तुरंत स्कोरकार्ड एवं आधिकारिक पाठ्यक्रम पर आधारित विस्तृत समाधान।
ऑनलाइन टेस्ट शुरू करने से पहले इस अध्याय का विस्तृत सारांश एवं सूत्र अवश्य पढ़ें।
पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (WBBSE) कक्षा १० गणित पाठ्यक्रम ('गणित प्रकाश') के अंतर्गत सरल ब्याज (Simple Interest - अध्याय २) व्यावहारिक अंकगणित (Commercial Arithmetic) का सर्वाधिक महत्वपूर्ण एवं जीवनोपयोगी आधारस्तंभ है। जब कोई व्यक्ति, संस्था या बैंक किसी अन्य पक्ष से एक निश्चित समयावधि के लिए धन उधार लेता है अथवा जमा करता है, तो मूलधन के उपयोग के बदले चुकाई गई या अर्जित की गई अतिरिक्त धनराशि को ब्याज (Interest - $I$) कहते हैं।
यदि संपूर्ण ऋण अवधि के दौरान ब्याज की गणना केवल प्रारंभिक मूलधन ($P$) पर ही की जाए और ब्याज को मूलधन में न जोड़ा जाए, तो उसे सरल ब्याज (Simple Interest) कहते हैं। सरल ब्याज का आधारभूत गणितीय नियम निम्नलिखित सार्वभौमिक सूत्र द्वारा व्यक्त किया जाता है: $$I = \frac{P \times R \times T}{100}$$ जहाँ $P$ = मूलधन (उधार लिया अथवा जमा किया गया धन, ₹ में), $R$ = वार्षिक ब्याज दर (प्रति वर्ष प्रतिशत में - $\%$ p.a.), $T$ = समय (अनिवार्य रूप से वर्षों (Years) में), और $I$ = कुल सरल ब्याज है।
समयावधि समाप्त होने पर मूलधन और उपचित ब्याज के योग को मिश्रधन या सबृद्धिमूल (Total Amount / Subriddhimul - $A$) कहा जाता है: $$A = P + I = P\left(1 + \frac{RT}{100}\right)$$ यदि समय दिनों में दिया हो (जैसे 73 दिन, 146 दिन, 219 दिन), तो WBBSE परीक्षा नियमों के अनुसार उसे वर्ष में बदलने के लिए 365 से भाग दिया जाता है: $T = \frac{\text{दिन}}{365}$ वर्ष। इसी प्रकार, महीनों को वर्ष में बदलने के लिए 12 से भाग दिया जाता है ($T = \frac{\text{महीने}}{12}$)। इन सूत्रों के दक्ष अनुप्रयोग से विद्यार्थी माध्यमिक परीक्षा में समय, मूलधन, दर और मिश्रधन से संबंधित प्रश्नों में १००% सटीकता प्राप्त कर सकते हैं।
मूलधन $P$, वार्षिक दर $R$, समय $T$ (वर्षों में) के अंतर्संबंधों $I = \frac{PRT}{100}$ और मिश्रधन $A = P(1 + \frac{RT}{100})$ पर मजबूत पकड़ WBBSE माध्यमिक परीक्षा में पूर्ण अंक सुनिश्चित करती है।
| शब्द / सूत्र | प्रकार | विवरण (English) | परिभाषा / अर्थ | उदाहरण / प्रयोग |
|---|---|---|---|---|
| सरल ब्याज सूत्र (Simple Interest) | मूल सूत्र | I = (P · R · T) / 100 | कुल सरल ब्याज = (मूलधन × वार्षिक दर × समय) / १००। | "₹1000 का 5% दर से 2 वर्ष का ब्याज: (1000 × 5 × 2)/100 = ₹100।" |
| मूलधन (Principal - P) | व्युत्पन्न सूत्र | P = (100 · I) / (R · T) | उधार लिया या दिया गया मूल धन = (100 × ब्याज) / (दर × समय)। | "यदि I=₹120, R=6%, T=2 वर्ष, तो P = (100×120)/(6×2) = ₹1000।" |
| वार्षिक ब्याज दर (Rate - R) | व्युत्पन्न सूत्र | R = (100 · I) / (P · T) % | वार्षिक ब्याज की प्रतिशत दर = (100 × ब्याज) / (मूलधन × समय)। | "P=₹500, T=3 वर्ष, I=₹60 होने पर R = (100×60)/(500×3) = 4% p.a." |
| समय अवधि (Time - T) | व्युत्पन्न सूत्र | T = (100 · I) / (P · R) years | समय (वर्षों में) = (100 × ब्याज) / (मूलधन × दर)। | "P=₹800, R=5%, I=₹160 होने पर T = (100×160)/(800×5) = 4 वर्ष।" |
| मिश्रधन / सबृद्धिमूल (Amount - A) | सर्वसमिका | A = P + I = P(1 + RT/100) | ऋण परिपक्वता पर कुल देय राशि = मूलधन + उपचित ब्याज। | "₹2000 पर ₹300 ब्याज मिलने पर मिश्रधन A = 2000 + 300 = ₹2300।" |
| दिनों का वर्ष में रूपांतरण | रूपांतरण नियम | T = days / 365 years | 73 दिन = 73/365 = 1/5 वर्ष; 146 दिन = 2/5 वर्ष; 219 दिन = 3/5 वर्ष। | "73 दिनों के लिए T = 1/5 वर्ष रखकर ही गणना करें।" |
| धनराशि का दोगुना होना (A = 2P) | त्वरित नियम | R · T = 100 | यदि धन दोगुना हो, तो I = P, अतः दर × समय = 100 होता है। | "8% की दर से धन 100/8 = 12.5 वर्षों में दोगुना होगा।" |
| धनराशि का तीन गुना होना (A = 3P) | त्वरित नियम | R · T = 200 | यदि धन तीन गुना हो, तो I = 2P, अतः दर × समय = 200 होता है। | "10 वर्षों में धन तीन गुना होने के लिए आवश्यक दर R = 200/10 = 20% p.a." |
इस टेस्ट सेट के कुछ प्रमुख अभ्यास प्रश्न नीचे दिए गए हैं। टेस्ट शुरू करने से पहले उत्तर और व्याख्या देखकर अपनी तैयारी परखें:
उलटी गिनती टाइमर, प्रश्न पैलेट नेविगेशन और तुरंत स्कोरकार्ड के साथ अभ्यास करें।
माध्यमिक कक्षाओं (कक्षा 8-10) में नियमित ऑनलाइन टेस्ट देने से विद्यार्थियों में समय प्रबंधन और एकाग्रता विकसित होती है जो NTSE, ओलंपियाड, नवोदय (JNVST), और सैनिक स्कूल परीक्षाओं में सफलता दिलाती है।
विद्यालय परीक्षाओं में छात्र बिना समय सीमा के लिखते हैं, लेकिन राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रत्येक प्रश्न के लिए मात्र 45 से 60 सेकंड मिलते हैं। 20 मिनट के टाइमर के साथ नियमित अभ्यास से समय प्रबंधन की स्वाभाविक आदत बनती है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के टॉपर्स सीधे हल करने के बजाय पहले दो गलत विकल्पों को तुरंत छांट देते हैं। हमारे 4-विकल्पीय प्रश्न छात्रों को भ्रामक विकल्पों में से सही उत्तर पहचानने की तार्किक क्षमता सिखाते हैं।
आज लगभग सभी राष्ट्रीय परीक्षाएं (CUET, JEE, NEET, SSC, बैंकिंग) कंप्यूटर आधारित (CBT) हैं। केवल कागज पर पढ़ने वाले छात्र स्क्रीन पर घबरा जाते हैं। कम उम्र से ऑनलाइन टेस्ट देने से कंप्यूटर स्क्रीन पर लंबा फोकस बनाने की आदत पड़ती है।
प्रश्नों में "नहीं" या "असत्य" जैसे शब्दों को नजरअंदाज करने से हजारों छात्र अंक गंवाते हैं। वस्तुनिष्ठ टेस्ट देने से प्रत्येक शब्द को ध्यान से पढ़कर सटीक उत्तर लॉक करने का अनुशासन बनता है।
कागज की जांच में हफ्तों लगते हैं, जिससे छात्र अपनी गलतियां भूल जाते हैं। हमारे प्लेटफॉर्म पर टेस्ट सबमिट होते ही तुरंत स्कोरकार्ड और 20 प्रश्नों की व्याख्या मिल जाती है, जिससे कमजोर बिंदु तुरंत दुरुस्त हो जाते हैं।
नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार इस टेस्ट में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं का मूल्यांकन किया जाता है: