यदि किसी प्राकृत संख्या $m$ को $n^2$ के रूप में व्यक्त किया जा सके (जहाँ $n$ भी एक प्राकृत संख्या है), तो $m$ को एक वर्ग संख्या (Square Number) या पूर्ण वर्ग (Perfect Square) कहते हैं।
| संख्या ($n$) | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| वर्ग ($n^2$) | 1 | 4 | 9 | 16 | 25 | 36 | 49 | 64 | 81 | 100 |
पूर्ण वर्ग संख्याओं के स्वर्णिम नियम:
- इकाई अंक का नियम: किसी भी पूर्ण वर्ग संख्या का इकाई अंक केवल 0, 1, 4, 5, 6 या 9 ही हो सकता है।
नियम: जिस संख्या के अंत में 2, 3, 7 या 8 आता है, वह कभी भी पूर्ण वर्ग नहीं हो सकती (जैसे 1057, 23453, 7928 पूर्ण वर्ग नहीं हैं)।
- शून्यों की संख्या: किसी पूर्ण वर्ग संख्या के अंत में शून्यों की संख्या सदैव सम (Even) होती है (जैसे 100, 2500, 90000); यदि शून्यों की संख्या विषम हो (जैसे 1000, 500000), तो वह पूर्ण वर्ग नहीं हो सकती।
- सम व विषम संख्याओं के वर्ग: सम संख्या का वर्ग सदैव सम होता है (जैसे $6^2 = 36$), तथा विषम संख्या का वर्ग सदैव विषम होता है (जैसे $9^2 = 81$)।