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CBSE • कक्षा 8 • Science • अध्याय 6
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

Pressure, Winds, Storms, and Cyclones

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) एवं NCERT पाठ्यक्रम पर आधारित कक्षा 8 विज्ञान का आठवाँ अध्याय "बल तथा दाब" (Force and Pressure) भौतिक विज्ञान की आधारशिला है। दैनिक जीवन में किसी वस्तु को धकेलना, खींचना, उठाना, मोड़ना या रोकना सभी बलों के प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। इस अध्याय में बल की वैज्ञानिक अवधारणा (Push or Pull), बलों की अन्योन्यक्रिया (Interaction), परिणामी बल (Net Force), बल के प्रभाव (गति, दिशा, चाल एवं आकार में परिवर्तन), संपर्क एवं असंपर्क बल (पेशीय, घर्षण, चुंबकीय, स्थिरवैद्युत एवं गुरुत्वाकर्षण बल), दाब की गणितीय व्याख्या ($P = F/A$), द्रवों व गैसों द्वारा आरोपित दाब तथा वायुमंडलीय दाब का अत्यंत सूक्ष्म, विश्लेषणात्मक व परीक्षा-उपयोगी अध्ययन प्रस्तुत किया गया है।

📌 एक नुकीली कील दीवार में आसानी से क्यों धँस जाती है, पर कुंद कील क्यों नहीं?

क्या आपने कभी गौर किया है कि सेब काटने के लिए चाकू की धार जितनी तेज होगी, सेब उतनी ही आसानी से कटता है? भारी ट्रकों और स्कूल बसों के पहिए चौड़े और दोहरे क्यों बनाए जाते हैं? बाँध की दीवारें नीचे से बहुत मोटी क्यों की जाती हैं? और पृथ्वी का विशाल वायुमंडल हमारे सिर पर हाथियों जितना वजन डाल रहा है, फिर भी हम पिचकते क्यों नहीं? इन सभी दैनिक आश्चर्यों का रहस्य केवल एक भौतिक राशि में छिपा है—"दाब" (Pressure), जो बल और क्षेत्रफल के अद्वितीय संतुलन पर निर्भर करता है। आइए, बल और दाब की इस यांत्रिक दुनिया को वैज्ञानिक दृष्टि से समझें!

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

झारखण्ड एक समृद्ध औद्योगिक और खनन प्रदेश है। धनबाद, बोकारो, जमशेदपुर और राँची के भारी उद्योगों, क्रेन प्रणालियों, हाइड्रोलिक लिफ्टों, खनन मशीनों और गहरे कुओं व जलाशयों के निर्माण में बल एवं द्रव-दाब के सिद्धांतों का सीधा अनुप्रयोग होता है। कक्षा 8 का यह अध्याय आगे चलकर कक्षा 9 और 11 के न्यूटन के गति नियम, गुरुत्वाकर्षण, द्रवस्थैतिकी और यांत्रिकी का आधार बनता है।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • गति की मूल अवधारणा: विश्रामावस्था (Rest) तथा गतिशील अवस्था (Motion)।
  • चाल (Speed) और दिशा (Direction) का प्राथमिक ज्ञान।
  • क्षेत्रफल (Area) की माप (लंबाई × चौड़ाई) और उसकी मानक इकाइयाँ ($m^2, cm^2$)।
  • पृथ्वी द्वारा वस्तुओं को अपनी ओर आकर्षित करने का सामान्य अनुभव।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • बल की वैज्ञानिक परिभाषा (धक्का या खिंचाव) तथा इसके सदिश गुणों (परिमाण व दिशा) को स्पष्ट कर सकेंगे।
  • संपर्क बलों (पेशीय बल, घर्षण) तथा असंपर्क बलों (चुंबकीय, स्थिरवैद्युत, गुरुत्वाकर्षण) का सप्रमाण वर्गीकरण कर सकेंगे।
  • दाब के सूत्र ($P = F/A$) का अनुप्रयोग कर व्यावहारिक एवं संख्यात्मक समस्याओं को हल कर सकेंगे।
  • द्रवों में गहराई के साथ दाब में वृद्धि और वायुमंडलीय दाब के अस्तित्व को प्रयोगों द्वारा प्रमाणित कर सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. बल की अवधारणा, अन्योन्यक्रिया एव...
2 2. बल के प्रभाव एवं बलों का विस्तृत...
3 3. दाब की अवधारणा एवं दैनिक जीवन मे...
4 4. द्रवों तथा गैसों द्वारा आरोपित द...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. बल की अवधारणा, अन्योन्यक्रिया एवं परिणामी बल

भौतिक विज्ञान में किसी वस्तु पर लगने वाले धक्के (Push) या खिंचाव (Pull) को बल (Force) कहते हैं। बल केवल तभी अस्तित्व में आता है जब कम से कम दो वस्तुओं के बीच अन्योन्यक्रिया (Interaction) होती है; जैसे—मेज को खिसकाने के लिए हमारे हाथ और मेज के बीच संपर्क व अन्योन्यक्रिया आवश्यक है।

बल के मौलिक लक्षण:

  • बल में परिमाण (Magnitude) और दिशा (Direction) दोनों होते हैं। अतः बल एक सदिश राशि है।
  • बल का SI मात्रक न्यूटन (Newton, N) है। ($1 \text{ N} = 1 \text{ kg}\cdot\text{m/s}^2$)
  • यदि लगाए गए बल की दिशा या परिमाण बदल जाए, तो उसका प्रभाव भी बदल जाता है।

परिणामी बल (Net Force) के नियम:

स्थिति बलों की दिशा परिणामी बल ($F_{net}$) व्यावहारिक उदाहरण
समान दिशा में बल एक ही दिशा में ($F_1$ व $F_2$) $F_{net} = F_1 + F_2$ (बल जुड़ जाते हैं) दो मित्र मिलकर भारी बक्से को एक ही दिशा में धक्का देते हैं।
विपरीत दिशा में असमान बल विपरीत दिशा में ($F_1 > F_2$) $F_{net} = F_1 - F_2$ (अधिक बल की दिशा में) रस्साकशी (Tug-of-war) में अधिक बल लगाने वाला दल जीतता है।
विपरीत दिशा में समान बल परस्पर विपरीत ($F_1 = F_2$) $F_{net} = 0$ (संतुलित बल) रस्साकशी में जब दोनों दल बराबर बल लगाते हैं, तो रस्सी स्थिर रहती है।

2. बल के प्रभाव एवं बलों का विस्तृत वर्गीकरण

किसी वस्तु पर आरोपित बल निम्नलिखित पाँच प्रमुख भौतिक परिवर्तन उत्पन्न कर सकता है:

  1. विरामावस्था से गति में लाना: स्थिर फुटबॉल को किक मारने पर वह गतिशील हो जाती है।
  2. गतिशील वस्तु की चाल में परिवर्तन: साइकिल के पैडल पर अधिक बल लगाने से उसकी चाल बढ़ जाती है, जबकि ब्रेक लगाने से घट जाती है।
  3. गति की दिशा में परिवर्तन: क्रिकेट में बल्लेबाज बल्ले से बल लगाकर गेंद की दिशा बदल देता है।
  4. वस्तु की आकृति व परिमाप में परिवर्तन: गुंथे हुए आटे को बेलने पर या रबर बैंड को खींचने पर उसका आकार बदल जाता है।

बलों का वैज्ञानिक वर्गीकरण:

A. संपर्क बल (Contact Forces)

वे बल जो केवल तभी कार्य करते हैं जब वस्तुएँ परस्पर भौतिक संपर्क में हों:

  • पेशीय बल (Muscular Force): हमारे शरीर की पेशियों की क्रिया द्वारा लगने वाला बल; जैसे—बोझ उठाना, चलना, साँस लेना, हृदय का धड़कना। पशुओं (बैल, घोड़ा) द्वारा गाड़ी खींचना।
  • घर्षण बल (Frictional Force): दो संपर्क तलों के मध्य आपेक्षिक गति का विरोध करने वाला बल। यह सदैव गति के विपरीत दिशा में कार्य करता है; जैसे—फर्श पर लुढ़कती गेंद का रुक जाना।
B. असंपर्क बल (Non-Contact Forces)

वे बल जो वस्तुओं के परस्पर भौतिक संपर्क में न होने पर भी दूरी से कार्य करते हैं:

  • चुंबकीय बल (Magnetic Force): चुंबक द्वारा लोहे की वस्तुओं या अन्य चुंबक पर लगाया गया आकर्षण अथवा प्रतिकर्षण बल। (समान ध्रुवों में प्रतिकर्षण, असमान में आकर्षण)।
  • स्थिरवैद्युत बल (Electrostatic Force): एक आवेशित वस्तु द्वारा किसी दूसरी आवेशित अथवा अनावेशित वस्तु पर लगाया गया बल; जैसे—सूखे बालों में कंघी रगड़कर कागज के टुकड़ों को आकर्षित करना।
  • गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force): ब्रह्मांड में प्रत्येक पिंड अन्य पिंडों को अपने द्रव्यमान के कारण आकर्षित करता है। पृथ्वी का गुरुत्व बल सभी वस्तुओं को अपने केंद्र की ओर खींचता है। यह सर्वव्यापी आकर्षण बल है।

3. दाब की अवधारणा एवं दैनिक जीवन में अनुप्रयोग

किसी पृष्ठ के प्रति एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाले लम्बवत बल को दाब (Pressure) कहते हैं। इसका गणितीय सूत्र है:

$$\text{दाब (Pressure, } P) = \frac{\text{बल (Force, } F)}{\text{क्षेत्रफल (Area, } A)}$$

SI मात्रक: न्यूटन प्रति वर्ग मीटर ($N/m^2$) अथवा पास्कल (Pascal, Pa)। (1 Pa = $1 \text{ N/m}^2$)

दाब और क्षेत्रफल का व्युत्क्रमानुपाती संबंध:

यदि बल ($F$) नियत रहे, तो क्षेत्रफल ($A$) जितना कम होगा, पृष्ठ पर लगने वाला दाब ($P$) उतना ही अधिक होगा ($P \propto 1/A$):

  • नुकीली कील व सुई: कील के नुकीले सिरे का क्षेत्रफल बहुत कम होता है, अतः हथौड़े का थोड़ा-सा बल भी अत्यधिक दाब उत्पन्न करता है, जिससे कील लकड़ी या दीवार में आसानी से धँस जाती है।
  • चाकू की तेज धार: धारदार चाकू का संपर्क क्षेत्रफल कुंद चाकू की तुलना में नगण्य होता है, जिससे अल्प बल से भी उच्च दाब उत्पन्न होकर फल/सब्जी कट जाते हैं।
  • स्कूल बैग की चौड़ी पट्टियाँ: बैग के पट्टे चौड़े बनाए जाते हैं ताकि छात्र के कंधे पर भार (बल) अधिक क्षेत्रफल में फैल जाए और कंधे पर दाब कम पड़े, जिससे दर्द न हो।
  • भारी वाहनों के चौड़े व दोहरे पहिए: ट्रकों, ट्रेलरों और ट्रैक्टरों के पहिए चौड़े बनाए जाते हैं ताकि उनका विशाल भार सड़क पर कम दाब डाले और पहिए जमीन में न धँसें।
  • ऊँट के चौड़े खुर: रेगिस्तान में ऊँट आसानी से चल पाता है क्योंकि उसके चौड़े पैरों के कारण रेत पर दाब कम पड़ता है और उसके पैर धँसते नहीं हैं।
  • कुली द्वारा पगड़ी (कपड़े का गोल लपेटा) बाँधना: भारी बोझ उठाने से पहले कुली सिर पर कपड़े का लपेटा रखते हैं, जिससे बोझ का संपर्क क्षेत्रफल बढ़ जाता है और सिर पर दाब घट जाता है।

4. द्रवों तथा गैसों द्वारा आरोपित दाब एवं वायुमंडलीय दाब

ठोस केवल अपने आधार पर नीचे की ओर दाब डालते हैं, परंतु तरल (द्रव और गैस) अपने धारक पात्र की सभी दिशाओं में दाब डालते हैं:

A. द्रवों द्वारा आरोपित दाब (Pressure Exerted by Liquids):

  • बर्तन की तली पर दाब द्रव स्तंभ की ऊँचाई पर निर्भर करता है: नली में जल स्तंभ की ऊँचाई जितनी अधिक होगी, नीचे बंधे रबर के गुब्बारे का फुलाव उतना ही अधिक होगा ($P = h \rho g$)।
  • द्रव बर्तन की दीवारों पर भी पार्श्व दाब आरोपित करते हैं: प्लास्टिक की बोतल की दीवार में छेद करने पर जल की धार बाहर निकलती है, जो सिद्ध करती है कि द्रव दीवारों पर क्षैतिज दाब डालते हैं।
  • समान गहराई पर द्रव समान दाब डालता है: यदि बोतल के चारों ओर एक ही क्षैतिज ऊँचाई पर छेद किए जाएँ, तो सभी छेदों से जल बराबर दूरी तक गिरता है।
  • गहराई बढ़ने पर दाब बढ़ता है: बोतल में ऊपर से नीचे तीन छेद करने पर सबसे नीचे वाले छेद से जल की धार सबसे दूर जाकर गिरती है। इसी वैज्ञानिक कारण से नदियों पर बाँध (Dams) की दीवारें आधार पर अत्यधिक चौड़ी और मजबूत बनाई जाती हैं।

B. वायुमंडलीय दाब (Atmospheric Pressure):

हमारी पृथ्वी के चारों ओर सैकड़ों किलोमीटर ऊँचाई तक वायु का आवरण फैला है, जिसे वायुमंडल (Atmosphere) कहते हैं। इस वायु के विशाल भार द्वारा पृथ्वी की सतह पर प्रति एकांक क्षेत्रफल पर आरोपित दाब को वायुमंडलीय दाब (Atmospheric Pressure) कहते हैं।

समुद्र तल पर मानक वायुमंडलीय दाब:

समुद्र तल पर वायुमंडलीय दाब का मान लगभग $1.013 \times 10^5 \text{ N/m}^2$ (या $1.013 \times 10^5 \text{ Pa}$) होता है, जो पारे के 76 सेमी (760 mm Hg) स्तंभ के बराबर है। यह प्रति वर्ग मीटर पर लगभग 10 टन भार के बराबर है!

हम वायुमंडलीय दाब से पिचकते क्यों नहीं?

हमारे शरीर के भीतर का आंतरिक रक्तचाप (Blood Pressure) और कोशिकाओं के द्रवों का दाब बाहर के वायुमंडलीय दाब के ठीक बराबर होता है, जो बाहर से लगने वाले दाब को संतुलित कर देता है।

  • रबर चूषक (Rubber Sucker): जब रबर चूषक को चिकनी सतह पर जोर से दबाया जाता है, तो उसके भीतर की अधिकांश वायु बाहर निकल जाती है। बाहर का वायुमंडलीय दाब इसे सतह से मजबूती से चिपकाए रखता है।
  • स्ट्रॉ द्वारा पेय पीना: जब हम स्ट्रॉ से हवा खींचते हैं, तो स्ट्रॉ के भीतर दाब कम हो जाता है, और गिलास में द्रव की सतह पर लगने वाला वायुमंडलीय दाब पेय को स्ट्रॉ में ऊपर चढ़ा देता है।
  • ऊँचे पहाड़ों पर नाक से खून आना: अधिक ऊँचाई पर वायुमंडलीय दाब घट जाता है, परंतु शरीर का आंतरिक रक्तचाप वही रहता है। इस दाबांतर के कारण कोमल रक्त नलिकाएँ फट जाती हैं।

महत्वपूर्ण रासायनिक सूत्र, अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

दाब का मौलिक सूत्र (Formula for Pressure)
P = F / A
जहाँ P = दाब (पास्कल, Pa), F = लम्बवत बल (न्यूटन, N), A = संपर्क क्षेत्रफल (वर्ग मीटर, m²)।
द्रव-स्तंभ दाब (Hydrostatic Pressure of Liquid Column)
P = h · ρ · g
जहाँ h = गहराई/ऊँचाई (m), ρ (रो) = द्रव का घनत्व (kg/m³), g = गुरुत्वीय त्वरण (9.8 m/s²)। गहराई बढ़ने पर द्रव दाब रैखिक रूप से बढ़ता है।
समान दिशा में परिणामी बल (Net Force in Same Direction)
$$F_net = F₁ + F₂$$
जब दो बल एक ही दिशा में एक साथ कार्य करते हैं, तो कुल बल उनके योग के बराबर होता है।
विपरीत दिशा में परिणामी बल (Net Force in Opposite Direction)
$$F_net = |F₁ - F₂|$$
विपरीत दिशा में लगने वाले दो बलों का परिणामी बल उनके अंतर के बराबर होता है तथा गति बड़े बल की दिशा में होती है।
मानक वायुमंडलीय दाब (Standard Atmospheric Pressure at Sea Level)
1 atm = 1.013 × 10⁵ Pa = 760 mm of Hg
समुद्र तल पर वायुमंडल द्वारा प्रति वर्ग मीटर पर लगभग 1,01,300 न्यूटन का बल आरोपित किया जाता है।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
एक बक्से पर 200 न्यूटन का बल लगाया जाता है। यदि बक्से का फर्श से संपर्क क्षेत्रफल 0.5 वर्ग मीटर ($0.5 \text{ m}^2$) हो, तो फर्श पर लगने वाले दाब की गणना कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:\nदिया गया है:\nआरोपित बल ($F$) = 200 N\nसंपर्क क्षेत्रफल ($A$) = $0.5 \text{ m}^2$\n\nसूत्र:\n$$\text{दाब } (P) = \frac{F}{A}$$\n$$P = \frac{200}{0.5} = \frac{200 \times 10}{5} = 400 \text{ N/m}^2$$\n\nअतः फर्श पर आरोपित दाब 400 पास्कल (Pa) है।
उदाहरण 2
एक कील के नुकीले सिरे का क्षेत्रफल $0.0001 \text{ m}^2$ ($10^{-4} \text{ m}^2$) है। यदि उस पर हथौड़े से 50 न्यूटन का बल लगाया जाए, तो कील द्वारा दीवार पर आरोपित दाब क्या होगा? यदि कील का सिरा कुंद हो और क्षेत्रफल $0.01 \text{ m}^2$ हो, तो दाब कितना होगा?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:\nस्थिति 1: नुकीला सिरा\n$F = 50 \text{ N}$, $A_1 = 0.0001 \text{ m}^2$\n$$P_1 = \frac{50}{0.0001} = 5,00,000 \text{ Pa} = 5 \times 10^5 \text{ Pa}$$\n\nस्थिति 2: कुंद सिरा\n$F = 50 \text{ N}$, $A_2 = 0.01 \text{ m}^2$\n$$P_2 = \frac{50}{0.01} = 5,000 \text{ Pa}$$\n\nनिष्कर्ष: नुकीले सिरे पर दाब कुंद सिरे की तुलना में 100 गुना अधिक ($5,00,000 \text{ Pa}$ बनाम $5,000 \text{ Pa}$) है, इसलिए नुकीली कील आसानी से दीवार में धँस जाती है।
उदाहरण 3
रस्साकशी के खेल में टीम A पूर्व दिशा में 650 न्यूटन का बल लगाती है, जबकि टीम B पश्चिम दिशा में 580 न्यूटन का बल लगाती है। परिणामी बल का परिमाण तथा दिशा बताइए। खेल में कौन सी टीम जीतेगी?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:\nचूँकि दोनों बल परस्पर विपरीत दिशा में हैं:\nटीम A का बल ($F_A$) = 650 N (पूर्व)\nटीम B का बल ($F_B$) = 580 N (पश्चिम)\n\nपरिणामी बल ($F_{net}$):\n$$F_{net} = F_A - F_B = 650 \text{ N} - 580 \text{ N} = 70 \text{ N}$$\nदिशा: अधिक बल लगाने वाली टीम की ओर (पूर्व दिशा में)।\n\nनिष्कर्ष: टीम A 70 न्यूटन के परिणामी बल से रस्सी को पूर्व की ओर खींच लेगी और विजयी होगी।
उदाहरण 4
एक हाथी का द्रव्यमान 2400 kg है और उसके चारों पैरों का कुल संपर्क क्षेत्रफल $0.24 \text{ m}^2$ है। पृथ्वी द्वारा उस पर लगने वाला गुरुत्व बल $24000 \text{ N}$ ($g = 10 \text{ m/s}^2$) है। हाथी जमीन पर कितना दाब डालता है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:\nदिया गया है:\nकुल भार (बल, $F$) = 24000 N\nचारों पैरों का कुल क्षेत्रफल ($A$) = $0.24 \text{ m}^2$\n\nदाब का सूत्र:\n$$P = \frac{F}{A} = \frac{24000}{0.24} = \frac{2400000}{24} = 1,00,000 \text{ Pa} = 10^5 \text{ Pa}$$\n\nअतः हाथी जमीन पर $1,00,000 \text{ Pa}$ का दाब डालता है।
उदाहरण 5
पानी से भरी एक टंकी में तल से 1 मीटर, 2 मीटर और 3 मीटर की गहराई पर तीन समान आकार के नल लगे हैं। किस नल से पानी सबसे अधिक वेग और दाब के साथ निकलेगा और क्यों?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:\nद्रव द्वारा आरोपित दाब गहराई के समानुपाती होता है ($P = h \rho g$)।\n- 1 मीटर गहराई पर दाब न्यूनतम होगा।\n- 3 मीटर गहराई (सबसे नीचे) पर जल स्तंभ की ऊँचाई $h$ सर्वाधिक है, अतः वहाँ द्रव दाब सर्वाधिक होगा।\n\nनिष्कर्ष: 3 मीटर की गहराई पर लगे सबसे निचले नल से पानी सबसे अधिक वेग और दाब के साथ निकलेगा तथा सबसे दूर जाकर गिरेगा।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

छात्र अक्सर बल (Force) और दाब (Pressure) को एक ही भौतिक राशि मान लेते हैं।

सही वैज्ञानिक तथ्य

बल और दाब सर्वथा भिन्न हैं; बल (N) किसी वस्तु पर आरोपित कुल धक्का या खिंचाव है, जबकि दाब (N/m² या Pa) प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगने वाला बल है। समान बल कम क्षेत्रफल पर बहुत बड़ा दाब और बड़े क्षेत्रफल पर बहुत कम दाब उत्पन्न करता है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

यह सोचना कि गुरुत्वाकर्षण बल केवल पृथ्वी और भारी वस्तुओं के बीच ही लगता है।

सही वैज्ञानिक तथ्य

गुरुत्वाकर्षण बल ब्रह्मांड के किन्हीं भी दो द्रव्यमानयुक्त पिंडों के बीच लगने वाला सर्वव्यापी आकर्षण बल है। दो पेनों या दो व्यक्तियों के बीच भी गुरुत्वाकर्षण बल लगता है, परंतु द्रव्यमान कम होने के कारण यह अनुभव नहीं होता।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

यह गलत धारणा कि द्रव केवल बर्तन की तली पर नीचे की ओर ही दाब डालता है।

सही वैज्ञानिक तथ्य

द्रव बर्तन की तली के साथ-साथ उसकी दीवारों पर भी सभी दिशाओं में समान रूप से क्षैतिज व पार्श्व दाब आरोपित करता है।

चित्रात्मक व्याख्या एवं मॉडल

बल तथा दाब (Force & Pressure): भौतिक विज्ञान व दाब-नियम A. क्षेत्रफल व दाब का संबंध लकड़ी का तख्ता (Wood) बल F = 100 N सूक्ष्म क्षेत्रफल (A कम) P = F/A ⇒ अत्यधिक दाब B. द्रवों में गहराई व दाब जल (Water) h₁: कम दाब h₂: मध्यम h₃: अधिकतम दाब P ∝ गहराई (Depth h) C. वायुमंडलीय दाब वायुमंडलीय दाब भीतर निर्वात (Vacuum) 1 atm = 1.013 × 10⁵ Pa

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
  1. किसी वस्तु पर लगने वाले धक्के या खिंचाव को बल कहते हैं; यह दो वस्तुओं के बीच अन्योन्यक्रिया से उत्पन्न होता है।
मुख्य बिंदु 2
  1. बल में परिमाण और दिशा दोनों होते हैं; इसका अंतरराष्ट्रीय मानक मात्रक न्यूटन (N) है।
मुख्य बिंदु 3
  1. एक ही दिशा में लगने वाले बल जुड़ जाते हैं ($F_1 + F_2$), जबकि विपरीत दिशा में लगने वाले बल घट जाते हैं ($|F_1 - F_2|$)।
मुख्य बिंदु 4
  1. बल किसी वस्तु को विरामावस्था से गतिशील कर सकता है, चाल बदल सकता है, गति की दिशा बदल सकता है तथा उसका आकार परिवर्तित कर सकता है।
मुख्य बिंदु 5
  1. संपर्क बलों में पेशीय बल और घर्षण बल शामिल हैं, जिनके लिए वस्तुओं का परस्पर भौतिक संपर्क आवश्यक है।
मुख्य बिंदु 6
  1. असंपर्क बलों में चुंबकीय बल, स्थिरवैद्युत बल और गुरुत्वाकर्षण बल शामिल हैं, जो बिना संपर्क के दूरी से भी कार्य करते हैं।
मुख्य बिंदु 7
  1. किसी पृष्ठ के एकांक क्षेत्रफल पर लम्बवत लगने वाले बल को दाब (Pressure = F/A) कहते हैं; इसका SI मात्रक पास्कल (Pa = N/m²) है।
मुख्य बिंदु 8
  1. यदि बल नियत रहे, तो क्षेत्रफल कम होने पर दाब बढ़ जाता है (जैसे सुई या कील का नुकीला सिरा) और क्षेत्रफल बढ़ने पर दाब घट जाता है (जैसे बैग के चौड़े पट्टे)।
मुख्य बिंदु 9
  1. द्रव अपने बर्तन के पेंदे तथा दीवारों पर सभी दिशाओं में दाब डालते हैं; द्रव में गहराई बढ़ने पर द्रव दाब में निरंतर वृद्धि होती है।
मुख्य बिंदु 10
  1. हमारे चारों ओर उपस्थित वायु के आवरण द्वारा आरोपित दाब को वायुमंडलीय दाब कहते हैं; समुद्र तल पर इसका मान लगभग 1.013 × 10⁵ Pa होता है।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
स्कूल बैग की पट्टियाँ चौड़ी क्यों बनाई जाती हैं?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: दाब के सूत्र (P = F/A) के अनुसार चौड़ी पट्टी का संपर्क क्षेत्रफल अधिक होता है, जिससे कंधे पर लगने वाला दाब बहुत कम हो जाता है और भार उठाने में दर्द नहीं होता।
क्षेत्रफल और दाब में व्युत्क्रमानुपाती संबंध है; क्षेत्रफल बढ़ने पर दाब घट जाता है।
2
बाँध (Dam) की दीवारें नीचे (आधार पर) अधिक चौड़ी क्यों बनाई जाती हैं?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: क्योंकि द्रवों का दाब गहराई बढ़ने के साथ अत्यधिक बढ़ जाता है (P = hρg)।
पेंदे पर जल का अत्यधिक क्षैतिज दाब सहन करने के लिए दीवार को नीचे से अत्यधिक मजबूत और चौड़ा बनाया जाता है।
3
रबर चूषक (Rubber Sucker) चिकनी दीवार पर दबाने पर मजबूती से क्यों चिपक जाता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: दबाने पर चूषक के भीतर की वायु बाहर निकल जाती है और बाहर का वायुमंडलीय दाब उसे दीवार पर मजबूती से चिपकाए रखता है।
चूषक के अंदर आंशिक निर्वात बनने से बाहर और अंदर के दाब में बड़ा अंतर पैदा हो जाता है।
4
अधिक ऊँचाई पर जाने पर कुछ व्यक्तियों की नाक से खून क्यों बहने लगता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: क्योंकि ऊँचे पहाड़ों पर वायुमंडलीय दाब काफी कम हो जाता है, जबकि शरीर के भीतर रक्त का दाब अधिक रहता है।
इस असंतुलित दाबांतर के कारण नाक की कोमल केशिकाएँ (रक्त वाहिकाएँ) फट जाती हैं।
5
यदि किसी वस्तु पर 50 न्यूटन का बल पूर्व की ओर और 50 न्यूटन का बल पश्चिम की ओर लगाया जाए, तो वस्तु की गति पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: वस्तु विरामावस्था में ही रहेगी (गति नहीं करेगी) क्योंकि परिणामी बल शून्य (F_net = 50 - 50 = 0 N) है।
विपरीत दिशा में समान परिमाण के बल परस्पर संतुलित होकर एक-दूसरे के प्रभाव को निरस्त कर देते हैं।
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
अभ्यास के लिए तैयार?

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