भौतिक विज्ञान में किसी वस्तु पर लगने वाले धक्के (Push) या खिंचाव (Pull) को बल (Force) कहते हैं। बल केवल तभी अस्तित्व में आता है जब कम से कम दो वस्तुओं के बीच अन्योन्यक्रिया (Interaction) होती है; जैसे—मेज को खिसकाने के लिए हमारे हाथ और मेज के बीच संपर्क व अन्योन्यक्रिया आवश्यक है।
बल के मौलिक लक्षण:
- बल में परिमाण (Magnitude) और दिशा (Direction) दोनों होते हैं। अतः बल एक सदिश राशि है।
- बल का SI मात्रक न्यूटन (Newton, N) है। ($1 \text{ N} = 1 \text{ kg}\cdot\text{m/s}^2$)
- यदि लगाए गए बल की दिशा या परिमाण बदल जाए, तो उसका प्रभाव भी बदल जाता है।
परिणामी बल (Net Force) के नियम:
| स्थिति | बलों की दिशा | परिणामी बल ($F_{net}$) | व्यावहारिक उदाहरण |
|---|---|---|---|
| समान दिशा में बल | एक ही दिशा में ($F_1$ व $F_2$) | $F_{net} = F_1 + F_2$ (बल जुड़ जाते हैं) | दो मित्र मिलकर भारी बक्से को एक ही दिशा में धक्का देते हैं। |
| विपरीत दिशा में असमान बल | विपरीत दिशा में ($F_1 > F_2$) | $F_{net} = F_1 - F_2$ (अधिक बल की दिशा में) | रस्साकशी (Tug-of-war) में अधिक बल लगाने वाला दल जीतता है। |
| विपरीत दिशा में समान बल | परस्पर विपरीत ($F_1 = F_2$) | $F_{net} = 0$ (संतुलित बल) | रस्साकशी में जब दोनों दल बराबर बल लगाते हैं, तो रस्सी स्थिर रहती है। |