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JAC • Class X • Mathematics • Ch 1
Estimated Time: 45 Mins
Study Progress: In Progress

Real Numbers

संख्याएँ गणित की आधारशिला हैं। कक्षा 9वीं में हमने परिमेय और अपरिमेय संख्याओं के बारे में पढ़ा था, जिन्हें सम्मिलित रूप से वास्तविक संख्याएँ (Real Numbers - $\mathbb{R}$) कहा जाता है। वास्तविक संख्याओं के समुच्चय में प्राकृत संख्याएँ ($\mathbb{N}$), पूर्ण संख्याएँ ($\mathbb{W}$), पूर्णांक ($\mathbb{Z}$), परिमेय संख्याएँ ($\mathbb{Q}$) तथा अपरिमेय संख्याएँ सभी समाहित होती हैं। किसी भी वास्तविक संख्या को संख्या रेखा (Number Line) पर एक अद्वितीय बिंदु द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है। कक्षा 10वीं के इस अध्याय का मुख्य केंद्र बिंदु दो अत्यंत महत्वपूर्ण गणितीय संकल्पनाएं हैं: (1) अंकगणित की आधारभूत प्रमेय (Fundamental Theorem of Arithmetic)—जिसके अनुसार प्रत्येक भाज्य संख्या (Composite number) को अभाज्य संख्याओं (Prime numbers) के एक अद्वितीय गुणनफल के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, भले ही उनके गुणनखंडों का क्रम कुछ भी हो। यह प्रमेय हमें बड़ी संख्याओं का अभाज्य गुणनखंडन करने, महत्तम समापवर्तक (HCF) तथा लघुत्तम समापवर्त्य (LCM) ज्ञात करने की सशक्त विधि प्रदान करती है। दो धनात्मक पूर्णांकों $a$ और $b$ के लिए संबंध $\text{HCF}(a, b) \times \text{LCM}(a, b) = a \times b$ अंकगणित का एक अत्यंत उपयोगी नियम है। (2) अपरिमेय संख्याओं का पुनर्भ्रमण एवं उपपत्ति: किसी संख्या को अपरिमेय कैसे सिद्ध किया जाए? प्राचीन ग्रीक गणितज्ञ पाइथागोरस के अनुयायियों ने पहली बार सिद्ध किया था कि $\sqrt{2}$ एक अपरिमेय संख्या है। इस अध्याय में हम विरोधाभास विधि (Proof by Contradiction) का उपयोग करके यह सिद्ध करते हैं कि $\sqrt{2}, \sqrt{3}, \sqrt{5}$ तथा $3 + 2\sqrt{5}$ जैसी संख्याएँ अपरिमेय हैं। साथ ही, परिमेय संख्याओं $p/q$ के दशमलव प्रसार (Decimal Expansion) की प्रकृति की जाँच—बिना लंबी विभाजन प्रक्रिया किए—केवल हर ($q$) के अभाज्य गुणनखंड $2^m \times 5^n$ के रूप में होने या न होने के आधार पर शांत (Terminating) अथवा अशांत आवर्ती (Non-terminating repeating) ज्ञात करने के नियमों का विस्तृत अध्ययन किया जाता है। झारखंड बोर्ड (JAC Class 10) में इस अध्याय से 4 से 6 अंकों के प्रश्न निश्चित पूछे जाते हैं।

🔢 क्या आपने कभी सोचा है: कंप्यूटर पासवर्ड और ऑनलाइन बैंकिंग का सारा डेटा अभाज्य संख्याओं के रहस्यों पर ही क्यों टिका है?

जरा सोचिए: जब आप Google Pay, PhonePe या ऑनलाइन बैंकिंग से किसी को पैसे भेजते हैं, तो आपका पासवर्ड और बैंक डेटा हवा में तैरते हुए भी दुनिया के सबसे बड़े हैकर्स से 100% सुरक्षित कैसे रहता है?

आधुनिक साइबर सुरक्षा (Cryptography / RSA Encryption) का पूरा का पूरा साम्राज्य कक्षा 10वीं के इसी पहले अध्याय—अंकगणित की आधारभूत प्रमेय—पर खड़ा है! किसी भी दो विशाल 100-अंकों वाली अभाज्य संख्याओं का आपस में गुणा करना तो कुछ मिलीसेकंड का काम है, लेकिन उनके 200-अंकों वाले गुणनफल को वापस तोड़कर मूल अभाज्य संख्याएं ढूंढने में दुनिया के सबसे तेज सुपरकंप्यूटर को भी करोड़ों वर्ष लग जाएंगे!

और उससे भी बड़ा रहस्य: जब प्राचीन यूनान में एक गणितज्ञ हिपासस ने पहली बार यह सिद्ध कर दिया कि $\sqrt{2}$ को कभी भी दो पूर्ण संख्याओं के अनुपात ($p/q$) में नहीं लिखा जा सकता (अर्थात यह अपरिमेय है), तो पाइथागोरस के कट्टरपंथियों ने इसे गणित का सबसे बड़ा पाप मानकर हिपासस को समुद्र में डुबोकर मार डाला था! आइए, संख्याओं के इस रोमांचक, युगांतरकारी और शक्तिशाली संसार का अन्वेषण करें!

Why This Chapter Matters

इस अध्याय का अध्ययन आपके लिए क्यों अनिवार्य है?

  1. बोर्ड परीक्षा में पक्के अंक: झारखंड बोर्ड (JAC Class 10) गणित परीक्षा में "सिद्ध कीजिए कि $\sqrt{5}$ (या $\sqrt{3}$, $2+\sqrt{3}$) एक अपरिमेय संख्या है" पर 3 अंक का प्रश्न प्रतिवर्ष 100% निश्चित आता है। साथ ही अभाज्य गुणनखंडन से HCF-LCM तथा दशमलव प्रसार पर 1-1 अंक के वस्तुनिष्ठ प्रश्न आते हैं।
  2. उच्च गणित (Higher Mathematics) की नींव: ग्यारहवीं में सम्मिश्र संख्याएँ (Complex numbers), कैलकुलस और बीजगणित की सभी प्रमेय संख्याओं के इसी मौलिक वर्गीकरण पर निर्भर हैं।
  3. तार्किक क्षमता (Logical Reasoning): 'विरोधाभास द्वारा उपपत्ति' (Proof by Contradiction) विधि गणितीय प्रमाण देने की सबसे शक्तिशाली तार्किक शैली है।

Before You Begin (Prerequisites)

  • प्राकृत, पूर्ण, पूर्णांक, परिमेय और अपरिमेय संख्याओं का मौलिक अंतर।
  • अभाज्य संख्याएँ (2, 3, 5, 7, 11...) तथा भाज्य संख्याएँ (4, 6, 8, 9...) की पहचान।
  • सह-अभाज्य संख्याएँ (Co-prime numbers - जिनका HCF केवल 1 हो)।
  • लघुत्तम समापवर्त्य (LCM) तथा महत्तम समापवर्तक (HCF) की आधारभूत संकल्पना।

What You Will Learn (Core Objectives)

  • अंकगणित की आधारभूत प्रमेय का कथन और भाज्य संख्याओं का अभाज्य गुणनखंडन कर सकेंगे।
  • अभाज्य गुणनखंडन विधि द्वारा दो या तीन संख्याओं का HCF और LCM ज्ञात कर सकेंगे तथा $\text{HCF}(a, b) \times \text{LCM}(a, b) = a \times b$ संबंध को सत्यापित कर सकेंगे।
  • विरोधाभास विधि (Contradiction Method) का सटीक चरणबद्ध प्रयोग करके $\sqrt{2}, \sqrt{3}, \sqrt{5}$ तथा $a \pm b\sqrt{c}$ के अपरिमेय होने का प्रमाण लिख सकेंगे।
  • बिना लंबी विभाजन प्रक्रिया किए किसी परिमेय संख्या $p/q$ के हर $q$ के गुणनखंड ($2^m \times 5^n$) के आधार पर शांत अथवा अशांत आवर्ती दशमलव प्रसार की पहचान कर सकेंगे।

Chapter Roadmap & Progression

1 1. वास्तविक संख्याओं का वर्गीकरण एव...
2 2. अंकगणित की आधारभूत प्रमेय एवं HC...
3 3. अपरिमेय संख्याओं की उपपत्ति (विर...
4 4. परिमेय संख्याओं के दशमलव प्रसार...

Complete Concept Guide (100% Curriculum Coverage)

1. वास्तविक संख्याओं का वर्गीकरण एवं मूल संकल्पनाएँ

वास्तविक संख्याओं (Real Numbers - $\mathbb{R}$) को मुख्य रूप से दो विशाल वर्गों में विभाजित किया जाता है:

संख्या का प्रकार परिभाषा एवं विशेषता उदाहरण
1. परिमेय संख्याएँ (Rational Numbers - $\mathbb{Q}$) वे संख्याएँ जिन्हें $\frac{p}{q}$ के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ $p$ और $q$ पूर्णांक हैं तथा $q \neq 0$ है। इनका दशमलव प्रसार या तो शांत (Terminating) होता है या अशांत आवर्ती (Non-terminating Repeating) होता है। $\frac{3}{4} = 0.75$, $\frac{1}{3} = 0.333\dots = 0.\bar{3}$, $-5 = -\frac{5}{1}$, $0 = \frac{0}{1}$
2. अपरिमेय संख्याएँ (Irrational Numbers) वे संख्याएँ जिन्हें $\frac{p}{q}$ के रूप में नहीं लिखा जा सकता। इनका दशमलव प्रसार अशांत अनावर्ती (Non-terminating Non-repeating) होता है। $\sqrt{2} = 1.41421356\dots$, $\sqrt{3}$, $\sqrt{5}$, $\pi = 3.14159\dots$, $0.1010010001\dots$
3. सह-अभाज्य संख्याएँ (Co-prime Numbers) दो पूर्णांक $a$ और $b$ सह-अभाज्य कहलाते हैं यदि उनका केवल एक ही सार्व गुणनखंड (Common Factor) हो, अर्थात् $\text{HCF}(a, b) = 1$। $(2, 3)$, $(4, 9)$, $(15, 28)$
विशेष सावधानी: $\pi$ (पाई) एक अपरिमेय संख्या है, जबकि $\frac{22}{7}$ एक परिमेय संख्या है। $\frac{22}{7}$ केवल गणना की सुविधा के लिए $\pi$ का एक सन्निकट (लगभग) मान है, वास्तविक मान नहीं!

2. अंकगणित की आधारभूत प्रमेय एवं HCF-LCM

(क) अंकगणित की आधारभूत प्रमेय (Fundamental Theorem of Arithmetic)

प्रमेय का कथन (JAC Board 2 अंक):
"प्रत्येक भाज्य संख्या को अभाज्य संख्याओं के एक गुणनफल के रूप में व्यक्त (गुणनखंडित) किया जा सकता है, तथा यह गुणनखंडन अभाज्य गुणनखंडों के आने वाले क्रम के बिना अद्वितीय (Unique) होता है।"

अर्थात, किसी भाज्य संख्या $x$ को $x = p_1^{a_1} \times p_2^{a_2} \times p_3^{a_3} \dots$ के रूप में केवल एक ही तरीके से लिखा जा सकता है (यदि हम अभाज्य गुणनखंडों को आरोही क्रम में लिखें)।

उदाहरण: $140 = 2 \times 2 \times 5 \times 7 = 2^2 \times 5 \times 7$

(ख) अभाज्य गुणनखंडन विधि द्वारा HCF एवं LCM ज्ञात करने का नियम:

  • महत्तम समापवर्तक (HCF): संख्याओं में प्रत्येक उभयनिष्ठ (Common) अभाज्य गुणनखंड की सबसे छोटी घात का गुणनफल।
  • लघुत्तम समापवर्त्य (LCM): संख्याओं में संबद्ध प्रत्येक अभाज्य गुणनखंड की सबसे बड़ी घात का गुणनफल।

(ग) दो संख्याओं के HCF और LCM का स्वर्णिम संबंध:

किन्हीं दो धनात्मक पूर्णांकों $a$ और $b$ के लिए:
$$\mathbf{\text{HCF}(a, b) \times \text{LCM}(a, b) = a \times b}$$ $$\text{अर्थात: HCF} \times \text{LCM} = \text{दोनों संख्याओं का गुणनफल}$$

चेतावनी: यह संबंध केवल दो संख्याओं के लिए सत्य है, तीन या अधिक संख्याओं के लिए $\text{HCF}(a,b,c) \times \text{LCM}(a,b,c) \neq a \times b \times c$ होता है!

3. अपरिमेय संख्याओं की उपपत्ति (विरोधाभास विधि)

अपरिमेय संख्याओं को सिद्ध करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत प्रमेय निम्नलिखित है:

प्रमेय 1.2: मान लीजिए $p$ एक अभाज्य संख्या है। यदि $p, a^2$ को विभाजित करता है, तो $p, a$ को भी अवश्य विभाजित करेगा (जहाँ $a$ एक धनात्मक पूर्णांक है)।
उदाहरण: यदि 3, $6^2 = 36$ को विभाजित करता है, तो 3, $6$ को भी विभाजित करता है।

(क) $\sqrt{5}$ एक अपरिमेय संख्या है — मानक उपपत्ति (JAC Board 3 अंक):

उपपत्ति (विरोधाभास विधि द्वारा):

  1. हम इसके विपरीत मान लेते हैं कि $\sqrt{5}$ एक परिमेय संख्या है।
  2. अतः हम दो सह-अभाज्य पूर्णांक $a$ और $b$ ($b \neq 0$) ज्ञात कर सकते हैं कि: $$\sqrt{5} = \frac{a}{b} \quad [\text{जहाँ } a \text{ और } b \text{ सह-अभाज्य हैं, अर्थात् } \text{HCF}(a, b) = 1]$$
  3. दोनों पक्षों का वर्ग करने पर: $$5 = \frac{a^2}{b^2} \implies 5b^2 = a^2 \quad \dots (1)$$
  4. समीकरण (1) से स्पष्ट है कि $5, a^2$ को विभाजित करता है। अतः प्रमेय 1.2 के अनुसार, $5, a$ को भी विभाजित करेगा।
  5. अतः हम $a = 5c$ लिख सकते हैं (जहाँ $c$ कोई पूर्णांक है)।
  6. $a$ का यह मान समीकरण (1) में प्रतिस्थापित करने पर: $$5b^2 = (5c)^2 = 25c^2 \implies b^2 = 5c^2$$
  7. इसका अर्थ है कि $5, b^2$ को विभाजित करता है। अतः $5, b$ को भी विभाजित करेगा।
  8. चरण 4 और 7 से हमें प्राप्त होता है कि $5, a$ और $b$ दोनों का एक उभयनिष्ठ गुणनखंड (Common Factor) है।
  9. परंतु यह हमारी प्रारंभिक परिकल्पना का विरोधाभास है कि $a$ और $b$ सह-अभाज्य हैं (अर्थात 1 के अतिरिक्त कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं है)।
  10. यह विरोधाभास हमारी गलत कल्पना के कारण उत्पन्न हुआ है कि $\sqrt{5}$ एक परिमेय संख्या है।
  11. अतः निष्कर्ष निकलता है कि $\sqrt{5}$ एक अपरिमेय संख्या है। (इति सिद्धम् / Proved)

4. परिमेय संख्याओं के दशमलव प्रसार की प्रकृति (शांत बनाम अशांत आवर्ती)

किसी परिमेय संख्या $\frac{p}{q}$ (जहाँ $p$ और $q$ सह-अभाज्य हैं) के दशमलव प्रसार की प्रकृति बिना भाग दिए केवल हर ($q$) के अभाज्य गुणनखंडों की जाँच करके बताई जा सकती है:

हर ($q$) का अभाज्य गुणनखंडन दशमलव प्रसार की प्रकृति उदाहरण एवं व्याख्या
$q = 2^m \times 5^n$
(जहाँ $m, n$ ऋणेतर पूर्णांक हैं, केवल 2 या 5 या दोनों)
शांत (Terminating) दशमलव प्रसार $\frac{13}{3125} = \frac{13}{5^5} = \frac{13}{2^0 \times 5^5}$ $\to$ शांत ($0.00416$)
$\frac{17}{8} = \frac{17}{2^3} = \frac{17}{2^3 \times 5^0}$ $\to$ शांत ($2.125$)
$q \neq 2^m \times 5^n$
(2 और 5 के अतिरिक्त कोई अन्य अभाज्य संख्या जैसे 3, 7, 11 आदि उपस्थित हो)
अशांत आवर्ती (Non-terminating Repeating) दशमलव प्रसार $\frac{64}{455} = \frac{64}{5 \times 7 \times 13}$ (7 और 13 उपस्थित हैं) $\to$ अशांत आवर्ती
$\frac{29}{343} = \frac{29}{7^3}$ $\to$ अशांत आवर्ती
अति महत्वपूर्ण बोर्ड सावधानी (Trap): जाँच करने से पहले भिन्न को उसके सरलतम रूप (Lowest form) में अवश्य लाएं! जैसे $\frac{6}{15}$ में हर $15 = 3 \times 5$ दिखता है, लेकिन 3 से अंश और हर को काटने पर $\frac{6}{15} = \frac{2}{5}$ बनता है, जिसका हर केवल 5 है। अतः $\frac{6}{15} = 0.4$ शांत है, अशांत नहीं!

Key Formulas, Identities & Theorems

अंकगणित की आधारभूत प्रमेय
x = p_1^{a_1} × p_2^{a_2} × p_3^{a_3} … p_k^{a_k} (p_i = अभाज्य संख्याएँ)
दो संख्याओं का HCF और LCM संबंध
$$\text{HCF}(a, b) \times \text{LCM}(a, b) = a \times b$$
HCF निकालने का सूत्र
$$\text{HCF}(a, b) = \frac{a \times b}{\text{LCM}(a, b)}$$
LCM निकालने का सूत्र
$$\text{LCM}(a, b) = \frac{a \times b}{\text{HCF}(a, b)}$$
शांत दशमलव प्रसार की शर्त
$$q = 2^m \times 5^n \quad (m, n \in \{0, 1, 2, 3, \dots\})$$
सह-अभाज्य संख्याओं की शर्त
$$\text{HCF}(a, b) = 1$$
परिमेय + अपरिमेय का योग
परिमेय + अपरिमेय = अपरिमेय (उदा. 3 + {2})
अशून्य परिमेय × अपरिमेय
परिमेय × अपरिमेय = अपरिमेय (उदा. 2{3})

Conceptual Solved Examples & Case Studies

Example 1
प्रश्न 1 (JAC 2023 - 3 अंक): अभाज्य गुणनखंडन विधि द्वारा 96 और 404 का HCF ज्ञात कीजिए और फिर इनका LCM ज्ञात कीजिए।
Step-by-Step Solution:

हल: 1. 96 और 404 का अभाज्य गुणनखंडन करने पर:

$$96 = 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 3 = 2^5 \times 3^1$$

$$404 = 2 \times 2 \times 101 = 2^2 \times 101^1$$

2. HCF की गणना: उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंडों की सबसे छोटी घात का गुणनफल:

$$\text{HCF}(96, 404) = 2^2 = \mathbf{4}$$

3. संबंध सूत्र से LCM की गणना: सूत्र: $\text{HCF}(a, b) \times \text{LCM}(a, b) = a \times b$

$$\text{LCM}(96, 404) = \frac{96 \times 404}{\text{HCF}(96, 404)} = \frac{96 \times 404}{4} = 96 \times 101 = \mathbf{9696}$$

उत्तर: $\text{HCF} = 4$ तथा $\text{LCM} = 9696$।

Example 2
प्रश्न 2 (JAC 2022 - 3 अंक): सिद्ध कीजिए कि 3 + 2√5 एक अपरिमेय संख्या है, जहाँ दिया है कि √5 एक अपरिमेय संख्या है।
Step-by-Step Solution:

हल: उपपत्ति:

  1. हम इसके विपरीत मान लेते हैं कि $3 + 2\sqrt{5}$ एक परिमेय संख्या है।
  2. अतः हम दो सह-अभाज्य पूर्णांक $a$ और $b$ ($b \neq 0$) ज्ञात कर सकते हैं कि:

$$3 + 2\sqrt{5} = \frac{a}{b}$$

  1. 3 का पक्षांतरण करने पर:

$$2\sqrt{5} = \frac{a}{b} - 3 = \frac{a - 3b}{b}$$

  1. 2 से दोनों पक्षों में भाग देने पर:

$$\sqrt{5} = \frac{a - 3b}{2b}$$

  1. चूँकि $a$ और $b$ पूर्णांक हैं, अतः $(a - 3b)$ तथा $2b$ भी पूर्णांक होंगे। इसलिए $\frac{a - 3b}{2b}$ एक परिमेय संख्या है।
  2. समीकरण के अनुसार, $\sqrt{5}$ भी एक परिमेय संख्या होनी चाहिए।
  3. परंतु यह इस ज्ञात तथ्य का विरोधाभास है कि $\sqrt{5}$ एक अपरिमेय संख्या है।
  4. यह विरोधाभास हमारी गलत कल्पना के कारण उत्पन्न हुआ है कि $3 + 2\sqrt{5}$ एक परिमेय संख्या है।
  5. अतः निष्कर्ष निकलता है कि $3 + 2\sqrt{5}$ एक अपरिमेय संख्या है। (इति सिद्धम्)
Example 3
प्रश्न 3 (JAC 2021 - 3 अंक): जाँच कीजिए कि क्या किसी प्राकृत संख्या n के लिए संख्या 6ⁿ अंक 0 पर समाप्त हो सकती है?
Step-by-Step Solution:

हल: 1. अंक 0 पर समाप्त होने की शर्त: यदि कोई संख्या अंक 0 पर समाप्त होती है, तो वह 10 से विभाज्य होगी, अर्थात उसके अभाज्य गुणनखंडन में अभाज्य गुणनखंड 2 और 5 दोनों अनिवार्य रूप से उपस्थित होने चाहिए ($10 = 2 \times 5$)।

2. 6ⁿ का अभाज्य गुणनखंडन:

$$6^n = (2 \times 3)^n = 2^n \times 3^n$$

3. विश्लेषण एवं निष्कर्ष: • $6^n$ के अभाज्य गुणनखंडन में केवल 2 और 3 ही अभाज्य संख्याएँ हैं; इसमें अभाज्य गुणनखंड 5 उपस्थित नहीं है। • अंकगणित की आधारभूत प्रमेय की अद्वितीयता हमें यह आश्वस्त करती है कि $6^n$ के गुणनखंडन में 2 और 3 के अतिरिक्त कोई अन्य अभाज्य गुणनखंड नहीं हो सकता। • अतः ऐसी कोई प्राकृत संख्या $n$ नहीं है जिसके लिए संख्या $6^n$ अंक 0 पर समाप्त हो सके।

Example 4
प्रश्न 4 (JAC 2020 - 3 अंक): किसी खेल के मैदान के चारों ओर एक वृत्ताकार पथ है। इस मैदान का एक चक्कर लगाने में सोनिया को 18 मिनट लगते हैं, जबकि इसी मैदान का एक चक्कर लगाने में रवि को 12 मिनट लगते हैं। मान लीजिए वे दोनों एक ही स्थान और एक ही समय पर चलना प्रारंभ करके एक ही दिशा में चलते हैं। कितने समय बाद वे पुनः प्रारंभिक स्थान पर मिलेंगे?
Step-by-Step Solution:

हल: 1. समस्या की गणितीय पहचान: दोनों को पुनः प्रारंभिक स्थान पर मिलने में लगा समय 18 और 12 का वह न्यूनतम उभयनिष्ठ गुणज होगा जब दोनों के पूरे चक्कर पूर्ण हो चुके होंगे। अतः अभीष्ट समय = $\text{LCM}(18, 12)$।

2. अभाज्य गुणनखंडन करने पर:

$$18 = 2 \times 3 \times 3 = 2^1 \times 3^2$$

$$12 = 2 \times 2 \times 3 = 2^2 \times 3^1$$

3. LCM की गणना: संबद्ध प्रत्येक अभाज्य गुणनखंड की अधिकतम घात का गुणनफल:

$$\text{LCM}(18, 12) = 2^2 \times 3^2 = 4 \times 9 = \mathbf{36}$$

उत्तर: वे दोनों 36 मिनट बाद पुनः प्रारंभिक स्थान पर मिलेंगे (इस समय में सोनिया 2 चक्कर और रवि 3 चक्कर पूरे कर चुका होगा)।

Example 5
प्रश्न 5 (JAC 2019 - 2 अंक): बिना लंबी विभाजन प्रक्रिया किए बताइए कि परिमेय संख्या 35/50 का दशमलव प्रसार शांत है या अशांत आवर्ती। यदि शांत है, तो इसका दशमलव प्रसार लिखिए।
Step-by-Step Solution:

हल: 1. भिन्न को सरलतम रूप में लिखने पर:

$$\frac{35}{50} = \frac{5 \times 7}{5 \times 10} = \frac{7}{10}$$

यहाँ $p = 7$ और $q = 10$ सह-अभाज्य हैं।

2. हर (q = 10) का अभाज्य गुणनखंडन:

$$q = 10 = 2^1 \times 5^1$$

चूँकि हर का अभाज्य गुणनखंडन $2^m \times 5^n$ के रूप का है (जहाँ $m = 1, n = 1$), अतः इसका दशमलव प्रसार शांत (Terminating) है।

3. दशमलव प्रसार:

$$\frac{7}{10} = \mathbf{0.7}$$

Common Misconceptions & Examiner Traps

Common Misconception

तीन संख्याओं के लिए HCF × LCM = a × b × c सूत्र का उपयोग कर देना।

Scientific Reality & Correction

यह सूत्र केवल दो संख्याओं के लिए मान्य है; तीन संख्याओं (a, b, c) के लिए यह कभी लागू नहीं होता!

Common Misconception

अपरिमेयता सिद्ध करते समय a और b को केवल पूर्णांक मान लेना और "सह-अभाज्य" न लिखना।

Scientific Reality & Correction

यह स्पष्ट रूप से लिखना अनिवार्य है कि a और b "सह-अभाज्य" (Co-prime, HCF=1) हैं; इसी पर पूरा विरोधाभास टिका होता है।

Common Misconception

दशमलव प्रसार की जाँच में भिन्न को पहले सरलतम रूप में न बदलना।

Scientific Reality & Correction

हमेशा पहले अंश और हर के उभयनिष्ठ गुणनखंडों को काटें; अन्यथा 6/15 को अशांत लिखने जैसी गंभीर त्रुटि हो जाती है।

Common Misconception

HCF में बड़ी घात और LCM में छोटी घात ले लेना।

Scientific Reality & Correction

याद रखें: HCF = Highest Common Factor, लेकिन घात सबसे छोटी (Smallest power); LCM = Least Common Multiple, लेकिन घात सबसे बड़ी (Highest power)!

Common Misconception

0 को प्राकृत संख्या मान लेना।

Scientific Reality & Correction

0 एक पूर्ण संख्या (Whole number) और पूर्णांक है, किंतु प्राकृत संख्या (Natural number) 1 से शुरू होती है।

वास्तविक संख्याएँ: वर्गीकरण, अंकगणित की आधारभूत प्रमेय एवं अपरिमेयता उपपत्ति चार्ट

वास्तविक संख्याएँ: वर्गीकरण, अभाज्य गुणनखंडन एवं अपरिमेयता (Real Numbers Map) अंकगणित की आधारभूत प्रमेय एवं संबंध आधारभूत प्रमेय (Unique Factorization): प्रत्येक भाज्य संख्या = अभाज्य गुणनखंडों का अद्वितीय गुणनफल x = p₁ᵃ¹ × p₂ᵃ² × p₃ᵃ³ ... दो संख्याओं का स्वर्णिम संबंध: HCF(a, b) × LCM(a, b) = a × b (केवल दो संख्याओं के लिए मान्य, तीन के लिए नहीं!) दशमलव प्रसार की प्रकृति (p / q): • यदि q = 2ᵐ × 5ⁿ (केवल 2 व 5) \to शांत (Terminating) • यदि q में 3, 7, 11 आदि आए \to अशांत आवर्ती टिप: पहले भिन्न को सरलतम रूप में अवश्य लाएं! उदा. 6/15 = 2/5 (q=5) ⇒ शांत (0.4) अपरिमेयता उपपत्ति (विरोधाभास विधि) चरण 1: विपरीत कल्पना (Assumption) माना √5 = a / b परिमेय है [HCF(a, b) = 1 (सह-अभाज्य)] चरण 2: वर्ग करने पर (Squaring) 5b² = a² ⇒ 5, a² को और अतः 5, a को विभाजित करता है चरण 3: प्रतिस्थापन (Substitution) a = 5c रखने पर: 5b² = 25c² ⇒ b² = 5c² ⇒ 5, b को भी काटता है चरण 4: विरोधाभास (Contradiction!) 5, a और b दोनों का उभयनिष्ठ गुणनखंड निकला! यह HCF(a, b) = 1 का सीधा विरोध करता है। निष्कर्ष (Conclusion): √5 एक अपरिमेय संख्या है। (Q.E.D.)

Chapter Summary & 10 Key Takeaways

Takeaway 1
वास्तविक संख्याओं में परिमेय (p/q, शांत या अशांत आवर्ती) और अपरिमेय (अशांत अनावर्ती) सम्मिलित हैं।
Takeaway 2
अंकगणित की आधारभूत प्रमेय: प्रत्येक भाज्य संख्या अभाज्य गुणनखंडों के अद्वितीय गुणनफल के रूप में व्यक्त होती है।
Takeaway 3
HCF उभयनिष्ठ गुणनखंडों की न्यूनतम घातों का गुणनफल है; LCM सभी गुणनखंडों की अधिकतम घातों का गुणनफल है।
Takeaway 4
दो संख्याओं के लिए: HCF(a, b) × LCM(a, b) = a × b (तीन संख्याओं के लिए मान्य नहीं)।
Takeaway 5
यदि अभाज्य p, a² को विभाजित करता है, तो p, a को भी विभाजित करता है।
Takeaway 6
√2, √3, √5 को विरोधाभास विधि (a/b सह-अभाज्य मानकर) द्वारा अपरिमेय सिद्ध किया जाता है।
Takeaway 7
एक परिमेय और अपरिमेय संख्या का योग या अंतर सदैव अपरिमेय होता है (जैसे 3 + 2√5)।
Takeaway 8
यदि हर q = 2ᵐ × 5ⁿ (ऋणेतर पूर्णांक m, n) के रूप का हो, तो दशमलव प्रसार शांत होता है।
Takeaway 9
यदि हर में 2 और 5 के अतिरिक्त कोई अन्य अभाज्य (3, 7, 11) हो, तो दशमलव प्रसार अशांत आवर्ती होता है।
Takeaway 10
दशमलव प्रसार की प्रकृति जाँचने से पहले भिन्न को उसके सरलतम रूप (Lowest terms) में लाना अनिवार्य है।

Check Your Understanding (Diagnostic Practice Questions)

Diagnostic questions testing core conceptual clarity. Answers are hidden initially — solve each problem first, then click to reveal the step-by-step verified solution.

1
1. यदि दो संख्याओं का HCF = 12 और उनका गुणनफल 2160 है, तो उनका LCM क्या होगा?
Reveal Answer & Explanation
Answer: LCM = (a × b) / HCF = 2160 / 12 = 180।
2
2. 64/455 का दशमलव प्रसार शांत है या अशांत आवर्ती? कारण सहित बताइए।
Reveal Answer & Explanation
Answer: अशांत आवर्ती; क्योंकि 455 = 5 × 7 × 13 है, जिसमें 2 और 5 के अतिरिक्त 7 और 13 उपस्थित हैं।
3
3. क्या दो सह-अभाज्य संख्याओं का HCF सदैव 1 होता है? एक उदाहरण दीजिए।
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Answer: हाँ, सह-अभाज्य संख्याओं की परिभाषा ही यह है कि उनका HCF = 1 हो; उदाहरण: (8, 9), क्योंकि 8 = 2³ और 9 = 3² में कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं है।
4
4. यदि p एक अभाज्य संख्या है, तो √p किस प्रकार की संख्या होगी?
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Answer: किसी भी अभाज्य संख्या का वर्गमूल सदैव एक अपरिमेय संख्या (Irrational Number) होता है।
5
5. 140 को अभाज्य गुणनखंडों के गुणनफल के रूप में व्यक्त कीजिए।
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Answer: 140 = 2 × 2 × 5 × 7 = 2² × 5¹ × 7¹।
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