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JAC • Class X • Science • Ch 6
Estimated Time: 45 Mins
Study Progress: In Progress

Control and Coordination

सभी सजीव अपने पर्यावरण में होने वाले परिवर्तनों (उद्दीपनों / Stimuli) के प्रति अनुक्रिया (Response) व्यक्त करते हैं। उदाहरण के लिए, जब हमारी उंगली किसी गर्म वस्तु को छूती है, तो हम बिना सोचे-समझे तुरंत हाथ पीछे खींच लेते हैं; जब हम किसी स्वादिष्ट भोजन को देखते हैं, तो हमारे मुँह में अनायास पानी आ जाता है; और जब पौधे की शाखा पर धूप पड़ती है, तो वह प्रकाश की दिशा में झुक जाती है। शरीर के विभिन्न अंगों का एक सुनियोजित और सामंजस्यपूर्ण व्यवस्था के तहत मिलकर कार्य करना समन्वय (Coordination) कहलाता है। जंतुओं में नियंत्रण एवं समन्वय दो परस्पर पूरक प्रणालियों द्वारा संपन्न होता है: (1) तंत्रिका तंत्र (Nervous System)—जो विद्युत-रासायनिक आवेगों (Electrical Impulses) द्वारा तीव्र गति से सूचनाओं का आदान-प्रदान करता है, तथा (2) अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System)—जो नलिकाविहीन ग्रंथियों द्वारा स्रावित रासायनिक संदेशवाहकों यानी हॉर्मोनों (Hormones) के माध्यम से रक्त द्वारा धीमी किंतु दूरगामी सूचनाएं भेजता है। तंत्रिका तंत्र की मूलभूत संरचनात्मक एवं कार्यात्मक इकाई न्यूरॉन (तंत्रिका कोशिका) है, जो मानव शरीर की सबसे लंबी कोशिका है। इसके तीन प्रमुख भाग होते हैं: द्रुमिका (Dendrite), कोशिकाकाय (Cyton), तथा तंत्रिकाक्ष (Axon)। दो न्यूरॉनों के बीच के सूक्ष्म रिक्त स्थान को सिनेप्स (Synapse) कहते हैं, जहाँ विद्युत आवेग रासायनिक न्यूरोट्रांसमीटर में परिवर्तित होकर अगले न्यूरॉन में जाता है। आपातकालीन सुरक्षा तंत्र के रूप में कार्य करने वाली अनैच्छिक क्रिया को प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action) कहते हैं, जिसका नियंत्रण मस्तिष्क के बजाय मेरुरज्जु (Spinal Cord) द्वारा 'प्रतिवर्ती चाप' के माध्यम से पलक झपकते ही हो जाता है। मानव मस्तिष्क केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का सर्वोच्च नियंत्रक केंद्र है, जो तीन भागों में विभाजित है: (क) अग्र-मस्तिष्क (प्रमस्तिष्क - Cerebrum)—सोचने, स्मृति, तर्क और ऐच्छिक गतियों का केंद्र, (ख) मध्य-मस्तिष्क—नेत्र पुतली और श्रवण प्रतिवर्त, तथा (ग) पश्च-मस्तिष्क—जिसमें अनुमस्तिष्क (Cerebellum) शरीर का संतुलन व मुद्रा (Posture) बनाता है और मेडुला ऑब्लांगेटा अनैच्छिक क्रियाओं (हृदय स्पंदन, रक्तचाप, लार आना, उल्टी) का नियंत्रण करता है। पौधों में तंत्रिका तंत्र न होने के बावजूद वे पादप हॉर्मोनों (ऑक्सिन, जिबरेलिन, साइटोकाइनिन, एब्सिसिक अम्ल) तथा गतियों (कंपानुकुंचन एवं अनुवर्तन) द्वारा अद्भुत समन्वय प्रदर्शित करते हैं। झारखंड बोर्ड (JAC Class 10) विज्ञान परीक्षा में यह अध्याय 6 से 8 अंकों का महत्वपूर्ण भार रखता है। इसमें न्यूरॉन का नामांकित चित्र, प्रतिवर्ती चाप का रेखाचित्र, मानव मस्तिष्क के विभिन्न भागों के कार्य, पादप हॉर्मोन, तथा थायरोक्सिन व इंसुलिन हॉर्मोन की कमी से होने वाले रोगों पर प्रश्न निश्चित रूप से पूछे जाते हैं।

⚡ क्या आपने कभी सोचा है: जब पैर में अचानक नुकीला कांटा चुभता है, तो दिमाग के सोचने से पहले ही आपका पैर अपने आप हवा में कैसे उठ जाता है?

जरा सोचिए: आप सड़क पर चल रहे हैं और अचानक आपका पैर किसी जलते अंगारे या नुकीले कांच पर पड़ जाता है। क्या आप पहले खड़े होकर आराम से सोचते हैं कि 'ओह, यह कांच है, इससे पैर कट सकता है, मुझे अब अपना पैर ऊपर उठाना चाहिए'? बिल्कुल नहीं!

आपके सोचने, समझने और दर्द का अहसास होने से भी पहले—पलक झपकते ही—आपका पैर हवा में उछल जाता है! यह बिजली जैसी फुर्ती आपके शरीर में किसने दिखाई? उस समय आपका सुपर-कंप्यूटर जैसा दिमाग कहाँ था?

वास्तव में, प्रकृति ने हमारे जीवन की रक्षा के लिए रीढ़ की हड्डी में एक 'इमरजेंसी कंट्रोल रूम' बना रखा है जिसे मेरुरज्जु (Spinal Cord) कहते हैं! जब कोई जानलेवा खतरा सामने आता है, तो सूचना दिमाग तक जाने का इंतजार नहीं करती, बल्कि मेरुरज्जु तुरंत 'शॉर्टकट' से मांसपेशियों को पैर हटाने का आदेश दे देती है! इसे विज्ञान में प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action) कहते हैं।

इसी प्रकार, क्या कभी आपने सोचा कि 'छुईमुई' (Touch-me-not) के पौधे को छूते ही उसकी सारी पत्तियां शर्म से क्यों मुरझा जाती हैं? और सर्कस में एक पतली रस्सी पर बिना गिरे चलने वाले नट का संतुलन मस्तिष्क का कौन-सा हिस्सा संभालता है? आइए, हमारे शरीर के इस अविश्वसनीय तंत्रिका नेटवर्क के रहस्यों को समझें!

Why This Chapter Matters

इस अध्याय का अध्ययन आपके लिए क्यों अनिवार्य है?

  1. बोर्ड परीक्षा में उच्च स्कोरिंग: JAC कक्षा 10वीं में "न्यूरॉन (तंत्रिका कोशिका) का नामांकित चित्र", "प्रतिवर्ती चाप का सचित्र वर्णन", "मानव मस्तिष्क के प्रमुख भाग एवं कार्य", और "पादप हॉर्मोनों के कार्य" पर सीधे 3 से 5 अंक के प्रश्न आते हैं।
  2. तंत्रिका विज्ञान (Neuroscience) एवं अंतःस्रावी विज्ञान की नींव: भविष्य में जीवविज्ञान, चिकित्सा विज्ञान (MBBS) या फिजियोलॉजी की पढ़ाई के लिए मस्तिष्क, न्यूरोट्रांसमीटर और हार्मोनों की कार्यप्रणाली का ज्ञान सर्वोपरि है।
  3. दैनिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा: मधुमेह (Diabetes - इंसुलिन की कमी), घेंघा रोग (Goitre - आयोडीन व थायरोक्सिन), तथा तनाव के समय एड्रिनलिन हार्मोन के प्रभाव को वैज्ञानिक रूप से समझना।

Before You Begin (Prerequisites)

  • सजीवों में संवेदनशीलता और उद्दीपन (Stimulus) व अनुक्रिया (Response) की अवधारणा।
  • जंतु कोशिका की संरचना और कोशिका झिल्ली से विद्युत विभव का संचरण।
  • ग्रंथियों का प्राथमिक ज्ञान (बहिःस्रावी बनाम अंतःस्रावी ग्रंथियाँ)।

What You Will Learn (Core Objectives)

  • न्यूरॉन (तंत्रिका कोशिका) के विभिन्न भागों (द्रुमिका, एक्सॉन, सिनेप्स) की संरचना व विद्युत-रासायनिक आवेग संचरण की व्याख्या कर सकेंगे।
  • प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action) की परिभाषा देकर मेरुरज्जु में बनने वाले प्रतिवर्ती चाप (Reflex Arc) का आरेख बना सकेंगे।
  • मानव मस्तिष्क के तीनों मुख्य भागों (अग्र, मध्य, पश्च मस्तिष्क) और उनके विशिष्ट कार्यों (प्रमस्तिष्क, अनुमस्तिष्क, मेडुला) को वर्गीकृत कर सकेंगे।
  • पादपों में गतियों (वृद्धि से मुक्त कंपानुकुंचन बनाम वृद्धि पर आधारित दिशिक अनुवर्तन: प्रकाश, गुरुत्व, जल, रसायन) में अंतर स्पष्ट कर सकेंगे।
  • चार प्रमुख पादप हॉर्मोनों (ऑक्सिन, जिबरेलिन, साइटोकाइनिन, एब्सिसिक अम्ल) के विशिष्ट कार्यों का विश्लेषण कर सकेंगे।
  • मानव अंतःस्रावी ग्रंथियों (थायरॉयड, अग्न्याशय, अधिवृक्क, पीयूष, जनन ग्रंथियां), उनके स्रावित हॉर्मोनों और कमी/अधिकता से होने वाले विकारों (घेंघा, मधुमेह, बौनापन) का मूल्यांकन कर सकेंगे।

Chapter Roadmap & Progression

1 1. न्यूरॉन (तंत्रिका कोशिका) एवं सि...
2 2. प्रतिवर्ती क्रिया एवं प्रतिवर्ती...
3 3. मानव मस्तिष्क: संरचना एवं विभिन्...
4 4. पादपों में नियंत्रण एवं समन्वय:...
5 5. जंतुओं में अंतःस्रावी तंत्र एवं...

Complete Concept Guide (100% Curriculum Coverage)

1. न्यूरॉन (तंत्रिका कोशिका) एवं सिनेप्स पर आवेग संचरण

(क) न्यूरॉन की संरचना के तीन प्रमुख भाग

न्यूरॉन तंत्रिका तंत्र की सूक्ष्मतम संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है:

  1. द्रुमिका (Dendrite): कोशिकाकाय से निकलने वाले छोटे-छोटे धागेनुमा प्रवर्ध, जो ज्ञानेंद्रियों (रिसेप्टर्स) से सूचनाओं या उद्दीपनों को रासायनिक रूप में ग्रहण कर उन्हें विद्युत आवेग में बदलते हैं।
  2. कोशिकाकाय (Cyton / Cell Body): इसमें एक सुस्पष्ट केंद्रक और विशिष्ट कोशिकाद्रव्य (निसल कणिकाएं) होते हैं। यह आवेग को एक्सॉन की ओर भेजता है।
  3. तंत्रिकाक्ष (Axon): कोशिकाकाय से निकलने वाला एक लंबा बेलनाकार प्रवर्ध, जिसके ऊपर माइलिन शीथ (सुरक्षा कवच) चढ़ी होती है। यह विद्युत आवेग को कोशिकाकाय से दूर अंतिम सिरों (Axon Terminals) तक ले जाता है।

(ख) सिनेप्स (Synapse / अंतर्ग्रथन) पर रासायनिक संचरण

दो समीपवर्ती न्यूरॉनों के बीच के अत्यंत सूक्ष्म रिक्त स्थान को सिनेप्स (Synapse) कहते हैं:

  • जब विद्युत आवेग एक्सॉन के अंतिम छोर पर पहुँचता है, तो विद्युत संकेत आगे नहीं कूद सकता क्योंकि बीच में खाली स्थान (सिनेप्स) होता है।
  • अतः एक्सॉन का सिरा कुछ रासायनिक संदेशवाहकों—न्यूरोट्रांसमीटर (जैसे एसिटिलकोलीन)—को सिनेप्टिक दरार में मुक्त करता है।
  • ये रसायन विसरित होकर अगले न्यूरॉन की द्रुमिका (Dendrite) की सतह पर स्थित ग्राहियों से जुड़ जाते हैं और वहाँ पुनः एक नया विद्युत आवेग उत्पन्न कर देते हैं।
  • नोट: सिनेप्स यह सुनिश्चित करता है कि तंत्रिका आवेग केवल एक ही दिशा में (द्रुमिका $\to$ एक्सॉन $\to$ सिनेप्स $\to$ अगली द्रुमिका) प्रवाहित हो, कभी उल्टी दिशा में नहीं।

2. प्रतिवर्ती क्रिया एवं प्रतिवर्ती चाप (Reflex Arc)

(क) प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action) की परिभाषा

किसी पर्यावरण उद्दीपन (जैसे अत्यधिक गर्मी, नुकीली सुई, तेज रोशनी) के प्रति बिना सोचे-समझे, स्वचालित, अनैच्छिक और बिजली की गति से होने वाली त्वरित शारीरिक अनुक्रिया को प्रतिवर्ती क्रिया कहते हैं। इसका नियंत्रण मस्तिष्क के स्थान पर मेरुरज्जु (Spinal Cord) द्वारा किया जाता है।

(ख) प्रतिवर्ती चाप (Reflex Arc) का मार्ग (पाँच घटक)

प्रतिवर्ती क्रिया के दौरान तंत्रिका आवेग जिस मार्ग से होकर गुजरता है, उसे प्रतिवर्ती चाप कहते हैं। इसके पाँच चरण होते हैं:

  1. ग्राही अंग (Receptor): त्वचा में उपस्थित ताप-ग्राही (थर्मोरिसेप्टर) जो गर्म वस्तु के उद्दीपन को ग्रहण करता है।
  2. संवेदी न्यूरॉन (Sensory Neuron): आवेग को हाथ की त्वचा से मेरुरज्जु तक ले जाता है।
  3. मेरुरज्जु / रिले न्यूरॉन (Spinal Cord / Relay Neuron): संवेदी संकेत का त्वरित विश्लेषण कर तुरंत प्रेरक आदेश उत्पन्न करता है।
  4. प्रेरक न्यूरॉन (Motor Neuron): मेरुरज्जु से कार्यवाहक आदेश को हाथ की पेशियों तक ले जाता है।
  5. कार्यकारक अंग / पेशी (Effector): हाथ की बाइसेप्स मांसपेशियाँ संकुचित हो जाती हैं और हाथ तुरंत झटके से पीछे हट जाता है।

3. मानव मस्तिष्क: संरचना एवं विभिन्न भागों के कार्य

मानव मस्तिष्क कपाल (क्रेनियम / Cranium) नामक अत्यंत कठोर अस्थि-खोपड़ी के भीतर सुरक्षित रहता है। मस्तिष्क के चारों ओर तीन सुरक्षात्मक झिल्लियाँ (Meninges) होती हैं जिनके बीच मस्तिष्क-मेरुद्रव (Cerebrospinal Fluid - CSF) भरा होता है, जो मस्तिष्क को बाहरी झटकों और चोटों से बचाता है। मस्तिष्क के तीन मुख्य भाग हैं:

मस्तिष्क का भाग उप-भाग विशिष्ट कार्य एवं नियंत्रण क्षेत्र
1. अग्र-मस्तिष्क (Forebrain) प्रमस्तिष्क (Cerebrum) (मस्तिष्क का सबसे बड़ा भाग - 80%) • सोचने, समझने, तर्क करने और निर्णय लेने का मुख्य केंद्र।
• स्मृति (Memory), बुद्धिमत्ता और चेतना का केंद्र।
• देखना, सुनना, सूंघना और छूना जैसी संवेदी सूचनाओं का विश्लेषण।
• ऐच्छिक पेशियों की गति का नियंत्रण (जैसे लिखना, बोलना, चलना)।
• भूख, प्यास और तृप्ति के केंद्र।
2. मध्य-मस्तिष्क (Midbrain) मध्य-मस्तिष्क केंद्र • सिर, गर्दन और धड़ की प्रतिवर्ती गतियाँ।
• नेत्र पुतली के आकार में परिवर्तन तथा दृष्टि व श्रवण प्रतिवर्त।
3. पश्च-मस्तिष्क (Hindbrain) 1. अनुमस्तिष्क (Cerebellum)
2. पोंस (Pons)
3. मेडुला (Medulla Oblongata)
• अनुमस्तिष्क: शरीर की मुद्रा (Posture), शारीरिक संतुलन (Balance) तथा ऐच्छिक क्रियाओं की परिशुद्धता (Precision) बनाए रखना (जैसे एक सीधी रेखा में चलना, साइकिल चलाना, पेंसिल उठाना)।
• पोंस: श्वसन दर का नियमन।
• मेडुला: सभी अनैच्छिक क्रियाओं का नियंत्रण केंद्र—जैसे रक्तचाप (BP), हृदय स्पंदन, लार आना, उल्टी होना (Vomiting), छींकना व निगलना।

4. पादपों में नियंत्रण एवं समन्वय: गतियाँ तथा पादप हॉर्मोन

(क) पादपों में दो प्रकार की गतियाँ

  1. वृद्धि से मुक्त गति (नैस्टिक / कुंचन गति - Nastic Movement):
    यह गति उद्दीपन की दिशा पर निर्भर नहीं करती। उदाहरण: छुईमुई (Mimosa pudica) की पत्तियाँ छूते ही तुरंत झुककर बंद हो जाती हैं। यह गति पत्तियों के आधार (पल्वीनस) की कोशिकाओं में जल की मात्रा (स्फीति दाब / Turgor Pressure) में अचानक परिवर्तन के कारण होती है।
  2. वृद्धि पर आधारित दिशिक गति (अनुवर्तन गति - Tropic Movement):
    पौधे के अंगों की वह गति जो बाह्य उद्दीपन की दिशा की ओर (धनात्मक) अथवा विपरीत दिशा में (ऋणात्मक) होती है:
    • प्रकाशानुवर्तन (Phototropism): प्ररोह (तना) प्रकाश की ओर मुड़ता है (धनात्मक), जबकि जड़ें प्रकाश से दूर मुड़ती हैं (ऋणात्मक)।
    • गुरुत्वानुवर्तन (Geotropism): जड़ें सदैव पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण की दिशा में नीचे जाती हैं (धनात्मक), जबकि तना ऊपर की ओर बढ़ता है (ऋणात्मक)।
    • जलानुवर्तन (Hydrotropism): जड़ें सदैव नमी अथवा जल के स्रोत की दिशा में मुड़कर वृद्धि करती हैं।
    • रसायनानुवर्तन (Chemotropism): रासायनिक उद्दीपन के प्रति गति। सर्वप्रमुख उदाहरण: परागकण से पराग नलिका का बीजांड (Ovule) की ओर बढ़ना।

(ख) चार प्रमुख पादप हॉर्मोन (Phytohormones)

पादप हॉर्मोन प्रकृति मुख्य कार्य एवं पादप पर प्रभाव
ऑक्सिन (Auxin) वृद्धि प्रवर्धक (Promoter) प्ररोह के अग्रभाग (Shoot tip) पर संश्लेषित होता है। कोशिकाओं की लंबाई में वृद्धि करता है। छाया वाले भाग में विसरित होकर तने को प्रकाश की ओर झुका देता है।
जिबरेलिन (Gibberellin) वृद्धि प्रवर्धक तने (Stem) की लंबाई में तीव्र वृद्धि करता है, बीजों के अंकुरण को प्रेरित करता है।
साइटोकाइनिन (Cytokinin) वृद्धि प्रवर्धक तीव्र कोशिका विभाजन (Cell Division) को प्रेरित करता है। फलों और बीजों में उच्च सांद्रता में पाया जाता है। रंध्रों को खोलने में सहायक।
एब्सिसिक अम्ल (Abscisic Acid - ABA) वृद्धि संदमक (Inhibitor) वृद्धि को रोकता है; पत्तियों का मुरझाना एवं गिरना (Wilting of leaves); तनाव की स्थिति में रंध्रों को बंद करता है। इसे 'तनाव हॉर्मोन' भी कहते हैं।

5. जंतुओं में अंतःस्रावी तंत्र एवं प्रमुख हॉर्मोन

अंतःस्रावी ग्रंथियाँ नलिकाविहीन (Ductless) होती हैं और अपने रासायनिक स्राव (हॉर्मोन) को सीधे रुधिर में छोड़ती हैं:

अंतःस्रावी ग्रंथि स्रावित हॉर्मोन शरीर में मुख्य कार्य कमी/अधिकता से विकार
थायरॉयड ग्रंथि (गले में) थायरोक्सिन (Thyroxine) कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन एवं वसा के उपापचय (Metabolism) का नियंत्रण। इसके संश्लेषण के लिए आयोडीन अनिवार्य है। आयोडीन की कमी से घेंघा रोग (Goitre)—गले में सूजन आ जाती है।
अग्न्याशय (Pancreas) इंसुलिन (Insulin) रक्त में शर्करा (ग्लूकोज) के स्तर को नियंत्रित व कम करना। कमी से मधुमेह (Diabetes)—रक्त में शुगर बढ़ जाती है; रोगी को इंसुलिन इंजेक्शन दिया जाता है।
अधिवृक्क (Adrenal - वृक्क के ऊपर) एड्रिनलिन (Adrenaline) आपातकालीन 'करो या मरो' (Fight or Flight) हॉर्मोन। हृदय की धड़कन तेज करना, श्वास दर बढ़ाना, पेशियों में रक्त प्रवाह तेज करना। डर, क्रोध या संकट के समय शरीर को तत्काल तैयार करना।
पीयूष ग्रंथि (Pituitary - मास्टर ग्रंथि) वृद्धि हॉर्मोन (Growth Hormone - GH) शरीर की हड्डियों और मांसपेशियों की सामान्य वृद्धि एवं विकास का नियमन। • बाल्यावस्था में कमी: बौनापन (Dwarfism)
• अतिस्राव: विशालकायता (Gigantism)
वृषण (Testis - नर) टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) शुक्राणु निर्माण तथा किशोरावस्था में द्वितीयक लैंगिक लक्षणों (दाढ़ी-मूँछ, भारी आवाज) का विकास। यौवनारंभ का नियमन।
अंडाशय (Ovary - मादा) एस्ट्रोजन एवं प्रोजेस्टेरोन अंडाणु निर्माण, मासिक चक्र (Menstruation) का नियमन तथा मादा लैंगिक लक्षणों का विकास। प्रजनन चक्र का नियंत्रण।

Key Formulas, Reactions & Definitions

प्रतिवर्ती चाप का मार्ग
ग्राही अंग (त्वचा) → संवेदी न्यूरॉन → मेरुरज्जु (रिले न्यूरॉन) → प्रेरक न्यूरॉन → कार्यवाहक पेशी
थायरोक्सिन संश्लेषण हेतु अनिवार्य तत्व
आयोडीन (Iodine) - कमी से घेंघा रोग (Goitre)
इंसुलिन का मुख्य कार्य
रक्त शर्करा (Blood Glucose) के स्तर को नियंत्रित करना - कमी से मधुमेह (Diabetes)
आपातकालीन हॉर्मोन (Fight or Flight)
एड्रिनलिन (अधिवृक्क ग्रंथि द्वारा स्रावित) - हृदय गति व श्वास दर में तीव्र वृद्धि
कोशिका विभाजन प्रेरित करने वाला पादप हॉर्मोन
साइटोकाइनिन (Cytokinin) - फलों एवं बीजों में प्रचुर मात्रा में
पत्तियों को मुरझाने वाला वृद्धि संदमक हॉर्मोन
एब्सिसिक अम्ल (Abscisic Acid - ABA / तनाव हॉर्मोन)
रसायनानुवर्तन का सर्वप्रमुख उदाहरण
पराग नलिका का बीजांड (Ovule) की ओर रासायनिक आकर्षण द्वारा बढ़ना
शारीरिक संतुलन एवं मुद्रा नियंत्रक केंद्र
अनुमस्तिष्क (Cerebellum - पश्च-मस्तिष्क का भाग)
अनैच्छिक क्रियाओं (रक्तचाप, उल्टी, लार) का केंद्र
मेडुला ऑब्लांगेटा (Medulla - पश्च-मस्तिष्क का भाग)
सोचने, स्मृति और ऐच्छिक गतियों का सर्वोच्च केंद्र
प्रमस्तिष्क (Cerebrum - अग्र-मस्तिष्क का 80% भाग)

Conceptual Solved Examples & Case Studies

Example 1
प्रश्न 1 (अति लघु उत्तरीय - 1 अंक): छुईमुई के पौधे की पत्तियों की गति और हमारी टांग की गति में क्या मूलभूत अंतर है?
Step-by-Step Solution:
उत्तर:
छुईमुई की पत्तियों की गति एक अनैच्छिक, वृद्धि से मुक्त और कुंचन गति (Nastic Movement) है, जिसमें कोई तंत्रिका ऊतक भाग नहीं लेता बल्कि कोशिकाओं के स्फीति दाब (जल की मात्रा) में बदलाव से पत्तियां झुकती हैं। इसके विपरीत, हमारी टांग की गति एक ऐच्छिक गति है, जो तंत्रिका तंत्र (मस्तिष्क व मेरुरज्जु) द्वारा पेशियों के संकुचन एवं तंत्रिका आवेगों के पूर्ण नियंत्रण में होती है।
Example 2
प्रश्न 2 (लघु उत्तरीय - 2 अंक): मधुमेह (Diabetes) के कुछ रोगियों की चिकित्सा इंसुलिन का इंजेक्शन देकर क्यों की जाती है?
Step-by-Step Solution:
उत्तर:
इंसुलिन एक अत्यंत महत्वपूर्ण हॉर्मोन है जो अग्न्याशय (Pancreas) की लैंगरहेंस की द्वीपिकाओं द्वारा स्रावित होता है। इसका मुख्य कार्य रुधिर में शर्करा (ग्लूकोज) के स्तर को नियंत्रित रखना है। मधुमेह के रोगियों में अग्न्याशय द्वारा इंसुलिन का स्राव पर्याप्त मात्रा में नहीं होता, जिससे उनके रक्त में ग्लूकोज की मात्रा खतरनाक स्तर तक बढ़ जाती है और गुर्दे, आँख तथा हृदय पर घातक प्रभाव पड़ता है। अतः रक्त में शर्करा के स्तर को सामान्य बनाए रखने के लिए ऐसे रोगियों को इंसुलिन का इंजेक्शन दिया जाता है।
Example 3
प्रश्न 3 (लघु उत्तरीय - 3 अंक): आयोडीन युक्त नमक के उपयोग की सलाह क्यों दी जाती है? आयोडीन की कमी से कौन-सा रोग होता है?
Step-by-Step Solution:
उत्तर:
हमारे गले में स्थित थायरॉयड ग्रंथि को थायरोक्सिन हॉर्मोन के संश्लेषण के लिए आयोडीन की अनिवार्य आवश्यकता होती है। थायरोक्सिन हॉर्मोन हमारे शरीर में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन तथा वसा के उपापचय (Metabolism) का नियंत्रण करता है ताकि शरीर की समुचित और संतुलित वृद्धि हो सके।

यदि हमारे भोजन में आयोडीन की कमी हो जाए, तो थायरॉयड ग्रंथि थायरोक्सिन नहीं बना पाती और अधिक काम करने के प्रयास में फूल जाती है, जिससे गले में एक विशाल सूजन आ जाती है। इस रोग को घेंघा या गलगंड (Goitre) कहते हैं। अतः घेंघा रोग से बचाव और थायरोक्सिन के उचित निर्माण के लिए डॉक्टरों द्वारा आयोडीन युक्त नमक खाने की सलाह दी जाती है।
Example 4
प्रश्न 4 (दीर्घ उत्तरीय - 5 अंक): प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action) क्या है? किसी गर्म वस्तु को अचानक छू लेने पर उत्पन्न होने वाले "प्रतिवर्ती चाप" (Reflex Arc) का सचित्र चरणबद्ध वर्णन कीजिए।
Step-by-Step Solution:
उत्तर:
प्रतिवर्ती क्रिया की परिभाषा:
पर्यावरण में किसी अचानक आए हानिकारक या संकटपूर्ण उद्दीपन के प्रति शरीर द्वारा मस्तिष्क की संलिप्तता के बिना, मेरुरज्जु के नियंत्रण में बिजली की गति से की जाने वाली त्वरित, स्वचालित एवं अनैच्छिक अनुक्रिया को प्रतिवर्ती क्रिया कहते हैं।
प्रतिवर्ती चाप का सचित्र चरणबद्ध मार्ग:
जब हमारी उंगली अचानक किसी गर्म वस्तु को छूती है, तो निम्नलिखित पाँच घटकों के माध्यम से प्रतिवर्ती चाप पूर्ण होता है:
  1. उद्दीपन एवं ग्राही अंग (Receptor): उंगली की त्वचा में स्थित ताप-संवेदी ग्राही (Thermoreceptor) अत्यधिक ऊष्मा के उद्दीपन को तुरंत ग्रहण करते हैं।
  2. संवेदी न्यूरॉन (Sensory Neuron): यह ग्राही से प्राप्त रासायनिक संकेत को विद्युत आवेग में बदलकर हाथ की तंत्रिका से होते हुए मेरुरज्जु (Spinal Cord) तक पहुँचाता है।
  3. रिले न्यूरॉन (मेरुरज्जु में): मेरुरज्जु में स्थित रिले न्यूरॉन संवेदी सूचना को ग्रहण करता है और बिना मस्तिष्क के निर्णय की प्रतीक्षा किए तुरंत एक प्रेरक आदेश (Motor Command) उत्पन्न कर देता है।
  4. प्रेरक न्यूरॉन (Motor Neuron): यह मेरुरज्जु से त्वरित प्रेरक संदेश को विद्युत आवेग के रूप में हाथ की बाइसेप्स पेशियों तक पहुँचाता है।
  5. कार्यकारक अंग (Effector): हाथ की पेशियाँ तुरंत संकुचित हो जाती हैं और हाथ एक सेकंड के सौवें हिस्से में गर्म वस्तु से झटके के साथ पीछे हट जाता है। (इसके बाद दर्द की सूचना मस्तिष्क तक पहुँचती है)।
Example 5
प्रश्न 5 (दीर्घ उत्तरीय - 5 अंक): मानव मस्तिष्क के तीन मुख्य भागों के नाम लिखिए। प्रमस्तिष्क (Cerebrum), अनुमस्तिष्क (Cerebellum) और मेडुला (Medulla) के कार्यों की सविस्तार विवेचना कीजिए।
Step-by-Step Solution:
उत्तर:
मानव मस्तिष्क केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का सर्वोच्च नियंत्रण केंद्र है। इसे तीन मुख्य भागों में विभाजित किया गया है:
  1. अग्र-मस्तिष्क (Forebrain)
  2. मध्य-मस्तिष्क (Midbrain)
  3. पश्च-मस्तिष्क (Hindbrain)

तीनों प्रमुख भागों के विशिष्ट कार्य:
  1. प्रमस्तिष्क (Cerebrum - अग्र-मस्तिष्क का मुख्य भाग):
    यह मानव मस्तिष्क का सबसे विकसित और सबसे बड़ा भाग (लगभग 80%) है:
    • सोचने एवं चेतना का केंद्र: सभी प्रकार के विचार, तर्क, बुद्धिमत्ता, योजना और निर्णय प्रमस्तिष्क में लिए जाते हैं।
    • स्मृति (Memory): ज्ञान, अनुभव, यादों और सीखी गई बातों का संचय यहीं होता है।
    • संवेदी विश्लेषण: आँख (देखना), कान (सुनना), नाक (सूंघना), जीभ (स्वाद) और त्वचा से आने वाले सभी संवेदी आवेगों का विश्लेषण प्रमस्तिष्क के विशिष्ट संवेदी क्षेत्रों में होता है।
    • ऐच्छिक गतियों का नियमन: हाथ-पैर हिलाने, लिखने, दौड़ने और बोलने जैसी सभी ऐच्छिक पेशियों की गतियों का संचालन यहीं से होता है।
  2. अनुमस्तिष्क (Cerebellum - पश्च-मस्तिष्क का भाग):
    यह सिर के पिछले निचले हिस्से में स्थित होता है:
    • शारीरिक संतुलन एवं मुद्रा (Balance & Posture): यह खड़े होने, चलने, दौड़ने और बैठने के समय शरीर का संपूर्ण संतुलन बनाए रखता है। शराब पीने पर अनुमस्तिष्क प्रभावित होता है जिससे शराबी सीधे पैर नहीं रख पाता।
    • ऐच्छिक क्रियाओं की परिशुद्धता (Precision): एक सीधी रेखा में चलना, साइकिल चलाना, सुई में धागा पिरोना, या जमीन से गिरी हुई पेंसिल उठाना जैसी सूक्ष्म क्रियाएं अनुमस्तिष्क द्वारा ही नियंत्रित होती हैं।
  3. मेडुला ऑब्लांगेटा (Medulla - पश्च-मस्तिष्क का भाग):
    यह मस्तिष्क के सबसे निचले सिरे पर मेरुरज्जु से जुड़ा होता है:
    • जीवन रक्षक अनैच्छिक क्रियाओं का नियंत्रण: यह उन सभी क्रियाओं को नियंत्रित करता है जो हमारी इच्छा पर निर्भर नहीं हैं—जैसे रक्तचाप (Blood Pressure), हृदय की धड़कन (Heartbeat), तथा श्वसन गति।
    • प्रतिवर्ती केंद्र: लार आना (Salivation), उल्टी होना (Vomiting), छींकना, खांसना और भोजन निगलने जैसी अनैच्छिक प्रतिवर्त क्रियाओं का संचालन मेडुला ही करता है। मेडुला पर गंभीर चोट लगने से तत्काल मृत्यु हो जाती है।

Common Misconceptions & Examiner Traps

Common Misconception

प्रतिवर्ती क्रिया और ऐच्छिक क्रिया दोनों को मस्तिष्क द्वारा नियंत्रित मानना।

Scientific Reality & Correction

ऐच्छिक क्रियाएं मस्तिष्क के प्रमस्तिष्क (Cerebrum) द्वारा सोच-समझकर की जाती हैं; जबकि प्रतिवर्ती क्रियाएं (Reflex Actions) आपातकालीन सुरक्षा के लिए मेरुरज्जु (Spinal Cord) द्वारा स्वचालित रूप से नियंत्रित होती हैं।

Common Misconception

पौधों में तंत्रिका तंत्र और मांसपेशियों की उपस्थिति का भ्रम।

Scientific Reality & Correction

पादपों में न तो कोई तंत्रिका तंत्र होता है और न ही कोई पेशीय ऊतक। पादपों में सारा समन्वय केवल हॉर्मोनों और कोशिकाओं में जल की मात्रा (स्फीति दाब) के परिवर्तन द्वारा ही संपन्न होता है।

Common Misconception

इंसुलिन को रक्त में शर्करा बढ़ाने वाला हार्मोन समझना।

Scientific Reality & Correction

इंसुलिन रक्त में शर्करा के स्तर को कम (नियंत्रित) करता है। जब इंसुलिन की कमी होती है, तभी रक्त में ग्लूकोज की मात्रा अनियंत्रित रूप से बढ़ जाती है (मधुमेह रोग)।

Common Misconception

अनुमस्तिष्क (Cerebellum) और प्रमस्तिष्क (Cerebrum) के कार्यों में भ्रमित होना।

Scientific Reality & Correction

प्रमस्तिष्क (Cerebrum) सोचने, याद रखने और तर्क करने का केंद्र है; जबकि अनुमस्तिष्क (Cerebellum) शारीरिक संतुलन और मुद्रा बनाए रखने का केंद्र है।

Common Misconception

सिनेप्स पर विद्युत आवेग के सीधे पार होने की कल्पना करना।

Scientific Reality & Correction

सिनेप्स (सूक्ष्म रिक्त स्थान) पर विद्युत आवेग सीधे नहीं जा सकता; यह एक्सॉन छोर पर रासायनिक न्यूरोट्रांसमीटर में परिवर्तित होकर विसरित होता है और फिर अगले न्यूरॉन में पुनः विद्युत आवेग बनाता है।

मानव मस्तिष्क एवं अंतःस्रावी ग्रंथियों का समन्वय मानचित्र

🧠 मानव नियंत्रण एवं समन्वय तंत्र (Nervous & Endocrine Control)

प्रमस्तिष्क (Cerebrum)

• अग्र-मस्तिष्क का 80% भाग
• चिंतन, तर्क, स्मृति, बुद्धिमत्ता
• समस्त ऐच्छिक पेशियों की गतियों का नियंत्रण

अनुमस्तिष्क (Cerebellum)

• पश्च-मस्तिष्क का भाग
• शारीरिक संतुलन व मुद्रा
• सूक्ष्म ऐच्छिक क्रियाओं की शुद्धता (साइकिल चलाना, पेन पकड़ना)

मेडुला (Medulla)

• पश्च-मस्तिष्क का निचला भाग
• अनैच्छिक क्रियाएं: रक्तचाप, हृदय स्पंदन, लार, उल्टी
• जीवन का अति-संवेदनशील केंद्र

अंतःस्रावी ग्रंथियाँ

• थायरोक्सिन (उपापचय / आयोडीन)
• इंसुलिन (रक्त शर्करा नियमन)
• एड्रिनलिन (आपातकालीन प्रतिक्रिया)

⚡ प्रतिवर्ती चाप: ग्राही → संवेदी न्यूरॉन → मेरुरज्जु → प्रेरक न्यूरॉन → पेशी (बिजली की गति से बचाव)।

Chapter Summary & 10 Key Takeaways

Takeaway 1
  1. जंतुओं में नियंत्रण व समन्वय तंत्रिका तंत्र (विद्युत आवेग) तथा अंतःस्रावी तंत्र (हॉर्मोन) द्वारा होता है।
Takeaway 2
  1. न्यूरॉन की द्रुमिका उद्दीपन ग्रहण करती है; एक्सॉन आवेग को आगे ले जाता है; सिनेप्स पर रासायनिक न्यूरोट्रांसमीटर आवेग का संचरण करते हैं।
Takeaway 3
  1. प्रतिवर्ती क्रियाएं संकट के समय मेरुरज्जु द्वारा बिना मस्तिष्क की प्रतीक्षा के त्वरित रूप से संपन्न होती हैं (प्रतिवर्ती चाप)।
Takeaway 4
  1. प्रमस्तिष्क सोचने, स्मृति व ऐच्छिक गतियों का केंद्र है; अनुमस्तिष्क शारीरिक संतुलन बनाता है; मेडुला अनैच्छिक क्रियाओं (हृदय, BP) को नियंत्रित करता है।
Takeaway 5
  1. पादपों में छुईमुई की पत्तियां कोशिकाओं के स्फीति दाब में बदलाव से मुड़ती हैं (वृद्धि से मुक्त कुंचन गति)।
Takeaway 6
  1. पादपों में दिशिक अनुवर्तन: प्रकाशानुवर्तन (तना प्रकाश की ओर), गुरुत्वानुवर्तन (जड़ें नीचे), जलानुवर्तन, रसायनानुवर्तन (पराग नलिका का बीजांड की ओर बढ़ना)।
Takeaway 7
  1. पादप हॉर्मोन: ऑक्सिन (प्ररोह वृद्धि), जिबरेलिन (तना वृद्धि), साइटोकाइनिन (कोशिका विभाजन), एब्सिसिक अम्ल (वृद्धि संदमक, पत्तियां मुरझाना)।
Takeaway 8
  1. थायरॉयड ग्रंथि थायरोक्सिन बनाती है (उपापचय नियंत्रण); आयोडीन की कमी से घेंघा रोग (Goitre) होता है।
Takeaway 9
  1. अग्न्याशय का इंसुलिन रक्त शर्करा को नियंत्रित करता है; इसकी कमी से मधुमेह (Diabetes) होता है।
Takeaway 10
  1. अधिवृक्क ग्रंथि का एड्रिनलिन संकट के समय "लड़ो या भागो" (Fight or Flight) की स्थिति हेतु शरीर को तैयार करता है।

Check Your Understanding (Diagnostic Practice Questions)

Diagnostic questions testing core conceptual clarity. Answers are hidden initially — solve each problem first, then click to reveal the step-by-step verified solution.

1
1. सिनेप्स (Synapse) क्या है और इस पर तंत्रिका आवेग का संचरण किस प्रकार होता है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: दो समीपवर्ती न्यूरॉनों के बीच के सूक्ष्म रिक्त स्थान को सिनेप्स कहते हैं; एक्सॉन के सिरे पर विद्युत आवेग रासायनिक न्यूरोट्रांसमीटर में बदलता है, जो विसरित होकर अगले न्यूरॉन की द्रुमिका में नया विद्युत आवेग उत्पन्न करता है।
2
2. यदि किसी व्यक्ति के पश्च-मस्तिष्क का अनुमस्तिष्क (Cerebellum) क्षतिग्रस्त हो जाए, तो उसके शरीर पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
Reveal Answer & Explanation
Answer: उस व्यक्ति का शारीरिक संतुलन और मुद्रा (Posture) नष्ट हो जाएगी; वह सीधी रेखा में नहीं चल पाएगा, लड़खड़ाएगा और सुई में धागा पिरोने जैसी सूक्ष्म ऐच्छिक क्रियाएं नहीं कर पाएगा।
3
3. पौधों में पराग नलिका का बीजांड (Ovule) की ओर बढ़ना किस प्रकार के अनुवर्तन का उदाहरण है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: यह रसायनानुवर्तन (Chemotropism) का उदाहरण है, जहाँ बीजांड द्वारा स्रावित रसायनों के आकर्षण से पराग नलिका उसकी ओर वृद्धि करती है।
4
4. "आपातकालीन हॉर्मोन" किसे कहा जाता है और संकट के समय शरीर में क्या परिवर्तन लाता है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: अधिवृक्क ग्रंथि द्वारा स्रावित एड्रिनलिन (Adrenaline) को; यह संकट के समय हृदय की धड़कन तेज करता है, श्वास दर बढ़ाता है और पेशियों में रक्त प्रवाह बढ़ाकर शरीर को लड़ने या भागने के लिए तैयार करता है।
5
5. पादपों में कोशिका विभाजन को तीव्र करने वाले हॉर्मोन का नाम क्या है और यह कहाँ अधिक पाया जाता है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: साइटोकाइनिन (Cytokinin); यह तीव्र वृद्धि वाले क्षेत्रों जैसे फलों और बीजों में उच्च सांद्रता में पाया जाता है।
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