1. गैब्रिएल थैलिमाइड संश्लेषण (Gabriel Phthalimide Synthesis):
यह केवल प्राथमिक एलिफैटिक ऐमीन ($1^\circ$) के निर्माण की सर्वश्रेष्ठ विधि है:
- थैलिमाइड की क्रिया एल्कोहॉलिक $KOH$ से कराने पर पोटैशियम थैलिमाइड बनता है, जो एल्किल हैलाइड ($R-X$) के साथ $S_N2$ प्रतिस्थापन द्वारा N-एल्किल थैलिमाइड देता है।
- इसका क्षारीय जल-अपघटन करने पर शुद्ध प्राथमिक ऐमीन प्राप्त होती है:
$$\text{Phthalimide} \xrightarrow{KOH} \text{Potassium Phthalimide} \xrightarrow{R-X} \text{N-Alkyl Phthalimide} \xrightarrow{NaOH / H_2O} R-NH_2 + \text{Sodium Phthalate}$$
- महत्वपूर्ण सीमा: ऐरोमैटिक प्राथमिक ऐमीन (जैसे एनिलीन) इस विधि से नहीं बनाई जा सकती, क्योंकि एरिल हैलाइड ($Ar-X$) अनुनाद के कारण थैलिमाइड ऋणायन के साथ $S_N2$ नाभिकरागी प्रतिस्थापन नहीं दर्शाते!
2. हॉफमान ब्रोमेमाइड निम्नीकरण (Hoffmann Bromamide Degradation):
जब किसी प्राथमिक ऐमाइड ($R-CONH_2$) को ब्रोमीन ($Br_2$) तथा जलीय अथवा एल्कोहॉलिक $KOH$ के साथ गर्म किया जाता है, तो अभिकारक से एक कार्बन कम वाला प्राथमिक ऐमीन प्राप्त होता है:
$$R-CONH_2 + Br_2 + 4KOH \xrightarrow{\Delta} R-NH_2 + K_2CO_3 + 2KBr + 2H_2O$$
उदाहरण: एसीटामाइड ($CH_3CONH_2$) से मेथिलएमीन ($CH_3NH_2$) तथा बेंजैमाइड ($C_6H_5CONH_2$) से एनिलीन ($C_6H_5NH_2$) प्राप्त होती है।
3. नाइट्रो यौगिकों तथा नाइट्राइलों का अपचयन:
- नाइट्रो यौगिक: $R-NO_2 + 6[H] \xrightarrow{Fe / HCl} R-NH_2 + 2H_2O$ (लोहा व $HCl$ सर्वोत्तम उत्प्रेरक है)।
- नाइट्राइल (सायनाइड): $R-C\equiv N + 4[H] \xrightarrow{H_2 / Ni} R-CH_2-NH_2$ (मेन्डियस अभिक्रिया)।