1.1 संक्रमण तत्व (d-ब्लॉक तत्व) की परिभाषा
वे तत्व जिनके परमाण्विक अवस्था में अथवा किसी भी स्थायी ऑक्सीकरण अवस्था में उपांतिम $(n-1)d$ कक्षक आंशिक रूप से भरे (Partially filled) होते हैं ($d^1$ से $d^9$), संक्रमण तत्व (Transition Elements) कहलाते हैं।
जिंक ($\text{Zn}$), कैडमियम ($\text{Cd}$) तथा मर्करी ($\text{Hg}$) की मूल अवस्था (Ground state) तथा इनकी सामान्य ऑक्सीकरण अवस्था ($+2$) दोनों में $d$-उपकोश पूर्ण रूप से भरे ($d^{10}$) होते हैं (उदा. $\text{Zn} = [\text{Ar}] 3d^{10} 4s^2$, $\text{Zn}^{2+} = [\text{Ar}] 3d^{10}$)। अतः उपांतिम d-कक्षक आंशिक रूप से न भरे होने के कारण इन्हें संक्रमण तत्व नहीं माना जाता, यद्यपि ये d-ब्लॉक के तत्व हैं।
1.2 सामान्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास एवं $3d$ श्रेणी के अपवाद
d-ब्लॉक तत्वों का सामान्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: $(n-1)d^{1-10} ns^{1-2}$ होता है (जहाँ $n = 4, 5, 6, 7$)।
प्रथम संक्रमण श्रेणी ($3d$ श्रेणी: $\text{Sc}_{21}$ से $\text{Zn}_{30}$):
| तत्व | संकेत ($Z$) | इलेक्ट्रॉनिक विन्यास | टिप्पणी / अपवाद |
|---|---|---|---|
| स्कैंडियम | $\text{Sc} (21)$ | $[\text{Ar}] 3d^1 4s^2$ | प्रथम संक्रमण तत्व |
| टाइटेनियम | $\text{Ti} (22)$ | $[\text{Ar}] 3d^2 4s^2$ | सामान्य विन्यास |
| वैनेडियम | $\text{V} (23)$ | $[\text{Ar}] 3d^3 4s^2$ | सामान्य विन्यास |
| क्रोमियम | $\mathbf{\text{Cr} (24)}$ | $\mathbf{[\text{Ar}] 3d^5 4s^1}$ | अपवाद: अर्ध-पूरित $3d^5$ कक्षक का अतिरिक्त स्थायित्व एवं उच्च विनिमय ऊर्जा (Exchange energy)। |
| मैंगनीज | $\text{Mn} (25)$ | $[\text{Ar}] 3d^5 4s^2$ | अधिकतम 5 अयुग्मित इलेक्ट्रॉन ($+7$ तक ऑक्सीकरण) |
| आयरन | $\text{Fe} (26)$ | $[\text{Ar}] 3d^6 4s^2$ | फेरोमैग्नेटिक |
| कोबाल्ट | $\text{Co} (27)$ | $[\text{Ar}] 3d^7 4s^2$ | संकुल निर्माण |
| निकेल | $\text{Ni} (28)$ | $[\text{Ar}] 3d^8 4s^2$ | उत्प्रेरक |
| कॉपर | $\mathbf{\text{Cu} (29)}$ | $\mathbf{[\text{Ar}] 3d^{10} 4s^1}$ | अपवाद: पूर्ण-पूरित $3d^{10}$ कक्षक का अधिकतम सममितीय स्थायित्व। |
| जिंक | $\text{Zn} (30)$ | $[\text{Ar}] 3d^{10} 4s^2$ | पूर्ण पूरित $d^{10}$, अ-संक्रमण तत्व |