(क) कार्य की वैज्ञानिक परिभाषा
विज्ञान में कार्य करने के लिए दो दशाओं का पूरा होना अनिवार्य है:
- वस्तु पर कोई बल (बल) लगना चाहिए।
- वस्तु अपनी स्थिति से विस्थापित (विस्थापित) होना चाहिए।
यदि बल की दिशा में वस्तु का गुणनफल $s$ हो, तो गया कार्य ($W$) बल तथा आयाम के गुणनफल के बराबर होता है:
$$\mathbf{W = F imes s}$$- कार्य एक आदिश राशि (अदिश राशि) है (इसमें केवल परिमाण होता है, कोई दिशा नहीं होती)।
- कार्य का SI माप: न्यूटन-मीटर ($ ext{N}\cdot ext{m}$) या जूल (जूल - J) है।
- 1 जूल कार्य की मानक परिभाषा (JAC बोर्ड पसंदीदा): "जब 1 न्यूटन का बल किसी वस्तु को बल की दिशा में 1 मीटर की दूरी पर देता है, तो किया गया कार्य 1 जूल विशेषज्ञ है।" ($1 ext{ J} = 1 ext{ N} imes 1 ext{ m}$).
(ख) कार्य के तीन प्रकार: धनात्मक, ऋणात्मक एवं शून्य कार्य
यदि बल और शक्ति के बीच का कोण $ heta$ हो, तो व्यापक सूत्र $W = F \cdot s \cos heta$ होता है:
| कार्य का प्रकार | शर्त (कोण $ heta$) | व्यावहारिक वैज्ञानिक उदाहरण |
|---|---|---|
| 1. धनात्मक कार्य (सकारात्मक कार्य) | विस्थापन बल की ही दिशा में हो ($ heta = 0^\circ$)। कार्य $W = +F \cdot s$. | • किसी खिलौना कार को आगे की ओर खींचना। • किसी वस्तु का गुरुत्वाकर्षण बल की दिशा में नीचे गिरना। |
| 2. ऋणात्मक कार्य (नकारात्मक कार्य) | विस्थापन बल की विपरीत दिशा में हो ($ heta = 180^\circ$)। कार्य $W = -F \cdot s$. | • किसी वस्तु को ऊपर उठाने का समय घर्षण बल द्वारा किया गया कार्य। • किसी वस्तु को ऊपर उठाने का समय घर्षण बल द्वारा किया गया कार्य। |
| 3. शून्य कार्य (शून्य कार्य) | (i) ताकत और ताकत $s = 0$ हो, या (ii) बल और प्रतिभा $ heta = 90^\circ$, $\cos 90^\circ = 0$. |
• दीवार को धक्का देना (विस्थापन $s=0$)। • सिर पर पाइपलाइन से धक्का देना (विस्थापन $s=0$)। • सिर पर पाइपलाइन से धक्का देना (गुरुत्व बल नीचे, दिशा आगे, कोण $90^\circ$)। • सूर्य के चारों ओर वृत्ताकार कक्षा में घूमती पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण बल कार्य किया गया। |