शरद ऋतु का भव्य स्वागत:
वर्षा ऋतु की समाप्ति के उपरांत आश्विन और कार्तिक मास में शरद ऋतु का आगमन होता है। इस ऋतु में आकाश बादलों से मुक्त होकर काँच के समान निर्मल हो जाता है। धूप की तीक्ष्णता कम हो जाती है और उसमें एक सुखद मधुरता आ जाती है। रात में चंद्रमा की अमृतमयी किरणें धरती को आलोकित करती हैं।
- प्रकृति का उल्लास: कमल के पुष्पों का खिलना, भौंरों का गुंजार, और पक्षियों का कलरव शरद के स्वागत में गाए जाने वाले गीतों के समान प्रतीत होता है।
- किसानों का हर्ष: खेतों में धान की बालियाँ पकने लगती हैं, जो कृषक समाज के लिए संपन्नता और समृद्धि का संदेश लाती हैं।