सत्यनिष्ठा की अमूल्य शक्ति:
ईमानदारी केवल झूठ न बोलने का नाम नहीं है, अपितु किसी भी परिस्थिति में अपने कर्तव्य, वचन और न्याय के प्रति अडिग रहना है। प्रस्तुत पाठ में मुख्य पात्र को जब धन और ऐश्वर्य का अवसर मिलता है, तब भी वह अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करता।
- आत्मसंतोष: बेईमानी से अर्जित धन क्षणिक सुख दे सकता है, किंतु वह पश्चाताप लाता है। ईमानदारी मनुष्य को निर्भीक बनाती है।