(क) कार्बन आयनिक बंध क्यों नहीं बनाता?
कार्बन का परमाणु क्रमांक 6 है (K=2, L=4)। उत्कृष्ट गैस (निऑन 2,8 अथवा हीलियम 2) जैसा स्थायी विन्यास प्राप्त करने के लिए कार्बन के समक्ष दो विकल्प होते हैं, किंतु दोनों ही ऊर्जा की दृष्टि से असंभव हैं:
- चार इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके $C^{4-}$ ऋणायन बनाना: 6 प्रोटॉन वाले कार्बन के छोटे नाभिक के लिए 10 इलेक्ट्रॉनों (6 मूल + 4 अतिरिक्त) को संभाल पाना अत्यधिक कठिन और अस्थिर होता है।
- चार इलेक्ट्रॉन त्यागकर $C^{4+}$ धनायन बनाना: 6 प्रोटॉन के आकर्षण बल के विरुद्ध चार इलेक्ट्रॉनों को एक-एक करके बाहर निकालने के लिए अत्यधिक विशाल मात्रा में ऊर्जा (Ionisation Energy) की आवश्यकता होती है, जो संभव नहीं है।
अतः कार्बन इस समस्या का समाधान इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी (Sharing of Electrons) करके निकालता है, जिससे सहसंयोजी आबंध (Covalent Bond) बनते हैं।
(ख) सहसंयोजी अणुओं की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचनाएँ (Electron Dot Structures)
- हाइड्रोजन अणु ($H_2$ - एकल सहसंयोजी आबंध): दो हाइड्रोजन परमाणु एक-एक इलेक्ट्रॉन की साझेदारी करके हीलियम जैसा द्विक विन्यास प्राप्त करते हैं: $H:H$ या $H-H$।
- ऑक्सीजन अणु ($O_2$ - द्वि-सहसंयोजी आबंध): दो ऑक्सीजन परमाणु (संयोजकता 6) दो-दो इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी करके अष्टक पूर्ण करते हैं: $O::O$ या $O=O$।
- नाइट्रोजन अणु ($N_2$ - त्रि-सहसंयोजी आबंध): दो नाइट्रोजन परमाणु (संयोजकता 5) तीन-तीन इलेक्ट्रॉनों की परस्पर साझेदारी करते हैं: $N:::N$ या $N \equiv N$।
- मेथेन अणु ($CH_4$): कार्बन का एक परमाणु अपने 4 संयोजी इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी चार अलग-अलग हाइड्रोजन परमाणुओं के साथ करता है।
(ग) कार्बन के अपररूप (Allotropes of Carbon)
| अपररूप | संरचना एवं आबंधन | अभिलाक्षणिक गुणधर्म एवं उपयोग |
|---|---|---|
| हीरा (Diamond) | प्रत्येक कार्बन परमाणु 4 अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़कर एक त्रिविमीय कठोर जालक बनाता है। कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं होता। | प्रकृति का सबसे कठोरतम पदार्थ, विद्युत का पूर्ण कुचालक, उच्च अपवर्तनांक (चमक)। उपयोग: कांच काटने में, रत्न आभूषण। |
| ग्रेफाइट (Graphite) | प्रत्येक कार्बन परमाणु 3 अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़कर षट्कोणीय परतों (Hexagonal Layers) में व्यवस्थित होता है। चौथा इलेक्ट्रॉन मुक्त होता है। | मुलायम, चिकना और फिसलनदार। मुक्त इलेक्ट्रॉन के कारण विद्युत का उत्तम सुचालक। उपयोग: पेंसिल लेड, शुष्क स्नेहक (Lubricant)। |
| फुलरीन (Fullerene - C₆₀) | 60 कार्बन परमाणु फुटबॉल के रूप में पंचभुज और षट्भुज के आकार में व्यवस्थित होते हैं (बकमिनिस्टर फुलर के नाम पर)। | अत्यंत हल्की एवं मजबूत नैनो-संरचना। उपयोग: नैनो-प्रौद्योगिकी, कैंसर चिकित्सा में औषधि वाहक। |