1.1 वैद्युत आवेश क्या है? आवेशन की विधियां
वैद्युत आवेश (Electric Charge): द्रव्य का वह अंतर्निहित गुण जिसके कारण वह वैद्युत तथा चुंबकीय क्षेत्रों को उत्पन्न करता है और उनका अनुभव करता है। इसका SI मात्रक कूलॉम (Coulomb - C) है और इसकी विमा $[AT]$ होती है।
- आवेश के प्रकार: अमेरिकी वैज्ञानिक बेंजामिन फ्रैंकलिन ने आवेशों को दो वर्गों में विभाजित किया—धनात्मक (+ve) एवं ऋणात्मक (-ve)। सजातीय आवेश एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं जबकि विजातीय आवेश एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।
- आवेशन की विधियां (Methods of Charging):
- घर्षण द्वारा आवेशन (Charging by Friction): दो वस्तुओं को परस्पर रगड़ने पर इलेक्ट्रॉनों का स्थानांतरण होता है। (जैसे कांच की छड़ को रेशम से रगड़ने पर कांच धनावेशित व रेशम ऋणावेशित हो जाता है)।
- चालन / स्पर्श द्वारा आवेशन (Charging by Conduction): किसी अनावेशित चालक को आवेशित चालक के सीधे संपर्क में लाने पर आवेश का पुनर्वितरण।
- स्थिरवैद्युत प्रेरण (Electrostatic Induction): बिना किसी भौतिक संपर्क के, निकट रखे आवेशित पिंड के प्रभाव से अनावेशित चालक के समीपवर्ती पृष्ठ पर विपरीत प्रकृति का तथा दूरवर्ती पृष्ठ पर समान प्रकृति का आवेश उत्पन्न हो जाना।
1.2 वैद्युत आवेश के तीन आधारभूत गुणधर्म (Fundamental Properties of Charge)
- 1. आवेश की योज्यता (Additivity of Electric Charges):
आवेश एक अदिश राशि है। किसी निकाय का कुल वैद्युत आवेश उसमें उपस्थित सभी व्यक्तिगत आवेशों के बीजगणितीय योग (Algebraic Sum) के बराबर होता है:
$$Q = q_1 + q_2 + q_3 + \dots + q_n$$(चिह्नों का ध्यान रखा जाता है, जैसे $+5\text{ C} - 3\text{ C} = +2\text{ C}$)। - 2. वैद्युत आवेश का संरक्षण (Conservation of Electric Charge):
किसी विलगित निकाय (Isolated System) का कुल आवेश सदैव संरक्षित (अपरिवर्तनीय) रहता है। आवेश को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है; इसे केवल एक पिंड से दूसरे पिंड में स्थानांतरित किया जा सकता है। - 3. आवेश का क्वांटीकरण (Quantisation of Electric Charge):क्वांटीकरण का सिद्धांत: प्रकृति में किसी भी आवेशित वस्तु पर कुल आवेश सदैव एक मूल आवेश (इलेक्ट्रॉनिक आवेश $e$) का पूर्ण गुणज (Integral Multiple) ही हो सकता है:
$$\mathbf{q = \pm n e}$$जहाँ $n = 1, 2, 3, \dots$ (एक पूर्णांक है) तथा $e = 1.602 \times 10^{-19}\text{ C}$ (मूल आवेश)।
टिप्पणी: आवेश कभी भी $1.5e, 2.7e$ या भिन्न (fraction) के रूप में स्वतंत्र अवस्था में नहीं पाया जा सकता।