1.1 अपवर्तन के नियम एवं वास्तविक व आभासी गहराई
जब प्रकाश की किरण एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे में जाती है, तो अपने मार्ग से विचलित हो जाती है:
- स्नेल का नियम (Snell's Law): $\mathbf{\frac{\sin i}{\sin r} = \frac{n_2}{n_1} = {_1n_2}}$ (जहाँ $n = \frac{c}{v}$ निरपेक्ष अपवर्तनांक है)।
- वास्तविक एवं आभासी गहराई (Real & Apparent Depth): जब सघन माध्यम (अपवर्तनांक $n$) में रखी वस्तु को विरल माध्यम (वायु) से देखते हैं:
$$\mathbf{d_{\text{apparent}} = \frac{d_{\text{real}}}{n}} \quad \implies \text{उठाव (Shift) } \Delta y = d\left(1 - \frac{1}{n}\right)$$उदाहरण: पानी में पड़ी पेंसिल का मुड़ी हुई दिखना, सिक्का ऊपर उठा दिखना।
1.2 पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection - TIR)
दो अनिवार्य शर्तें (Two Mandatory Conditions):
1. प्रकाश की किरण सर्वदा सघन माध्यम से विरल माध्यम की ओर जानी चाहिए।
2. सघन माध्यम में आपतन कोण का मान उस माध्यम युग्म के क्रांतिक कोण से बड़ा होना चाहिए ($i > i_c$)।
क्रांतिक कोण व अपवर्तनांक में संबंध:
स्नेल के नियमानुसार: $n_1 \sin i_c = n_2 \sin 90^\circ \implies n \sin i_c = 1 \times 1$
$$\mathbf{\sin i_c = \frac{1}{n} \quad \iff \quad n = \frac{1}{\sin i_c}}$$विशेष मान: हीरे के लिए $n \approx 2.42 \implies i_c \approx 24.4^\circ$ (अत्यंत कम क्रांतिक कोण के कारण तराशा गया हीरा अंदर ही बार-बार TIR करके जगमगाता है)।
1.3 प्रकाशिक तंतु (Optical Fibre) की संरचना एवं कार्यप्रणाली
ऑप्टिकल फाइबर पूर्ण आंतरिक परावर्तन पर आधारित अति-तीव्र दूरसंचार युक्ति है:
- संरचना: यह उच्च गुणवत्ता वाले सिलिका या क्वार्ट्ज कांच की अत्यधिक पतली नली (बाल जितनी महीन) होती है। इसके दो मुख्य भाग होते हैं:
- क्रोड (Core): केंद्रीय आंतरिक भाग जिसका अपवर्तनांक उच्च ($n_1 \approx 1.5$) होता है।
- आवरण / क्लैडिंग (Cladding): क्रोड के चारों ओर कांच/प्लास्टिक की सुरक्षात्मक परत जिसका अपवर्तनांक अपेक्षाकृत कम ($n_2 < n_1, n_2 \approx 1.45$) होता है।
- कार्यप्रणाली: जब प्रकाश सिग्नल को एक सिरे से क्रोड-क्लैडिंग अंतरापृष्ठ पर $i > i_c$ कोण पर प्रवेश कराया जाता है, तो किरण बिना किसी ऊर्जा क्षय के बार-बार पूर्ण आंतरिक परावर्तित होकर किलोमीटरों दूर दूसरे सिरे पर प्रकाश के वेग से पहुँच जाती है।
- अनुप्रयोग: उच्च-गति इंटरनेट (ब्राडबैंड), चिकित्सा में एंडोस्कोपी (आंतरिक अंगों की जांच)।