पौधों से तैयार उत्पाद तक के रूपांतरण में तीन प्रकार की आर्थिक क्रियाएँ (Economic Activities) शामिल होती हैं:
- प्राथमिक क्रियाएँ (Primary Activities): उन सभी क्रियाओं को शामिल करती हैं जिनका संबंध प्राकृतिक संसाधनों के उत्पादन और निष्कर्षण से है; जैसे कृषि, मत्स्यन और खनन।
- द्वितीयक क्रियाएँ (Secondary Activities): इन संसाधनों के प्रसंस्करण से संबंधित हैं; जैसे लोहे से इस्पात बनाना, गेहूँ से डबलरोटी पकाना और कपास से कपड़ा बुनना।
- तृतीयक क्रियाएँ (Tertiary Activities): प्राथमिक और द्वितीयक क्षेत्र को सेवा कार्यों द्वारा सहयोग प्रदान करती हैं; जैसे यातायात, व्यापार, बैंकिंग, बीमा और विज्ञापन।
कृषि तंत्र (Agricultural System):
कृषि को एक प्रणाली (System) के रूप में देखा जा सकता है:
- निवेश (Inputs): भौतिक निवेश (सूर्य का प्रकाश, तापमान, वर्षा, मृदा, ढाल) तथा मानवीय निवेश (बीज, उर्वरक, मशीनरी, श्रम, कीटनाशक)।
- प्रक्रम (Processes): खेत की जुताई, बुआई, सिंचाई, निराई और फसलों की कटाई।
- निर्गत (Outputs): प्राप्त होने वाले उत्पाद; जैसे फसलें, चारा, ऊन, रेशम और डेयरी उत्पाद।