1783 में विलियम जोन्स कलकत्ता में सुप्रीम कोर्ट के जूनियर जज बनकर आए। वे एक असाधारण भाषाविद् (Linguist) थे जिन्हें ग्रीक, लैटिन, फ्रेंच, अंग्रेजी, अरबी और फारसी का ज्ञान था। कलकत्ता में उन्होंने संस्कृत विद्वानों से व्याकरण और दर्शन सीखा।
एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल (1784):
जोन्स ने हेनरी थॉमस कोलब्रुक और नथानिएल हैलहेड के साथ मिलकर एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल की स्थापना की और "एशियाटिक रिसर्च" नामक शोध-पत्रिका निकाली।
- प्राच्यवादी (Orientalists) सोच: प्राच्यवादियों का मानना था कि भारतीय सभ्यता प्राचीन काल में अपने वैभव के शिखर पर थी, किंतु बाद में उसका पतन हो गया। भारत को समझने के लिए उसके प्राचीन पवित्र और कानूनी ग्रंथों को खोजना और अनुवाद करना जरूरी है।
- अंग्रेजों को भारतीयों के अपने ही ग्रंथों के माध्यम से शासन करना चाहिए ताकि वे जनता का आदर पा सकें।
- प्रमुख संस्थान: 1781 में अरबी, फारसी और इस्लामी कानून के अध्ययन हेतु कलकत्ता मदरसा तथा 1791 में प्राचीन संस्कृत ग्रंथों के अध्ययन हेतु बनारस हिंदू कॉलेज स्थापित किया गया।