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झारखण्ड बोर्ड (JAC) • कक्षा 8 • Social Science • अध्याय 13
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

मानव संसाधन (Human Resources) (Human Resources)

झारखण्ड शैक्षणिक परिषद् (JAC) एवं NCERT पाठ्यक्रम पर आधारित कक्षा 8 भूगोल का पाँचवाँ और अंतिम अध्याय "मानव संसाधन" (Human Resources) जनसांख्यिकी (Demography), मानव विकास और जनसंख्या भूगोल का वैज्ञानिक विश्लेषण है। किसी भी राष्ट्र की वास्तविक और सर्वश्रेष्ठ संपदा उसके लोग होते हैं—प्रकृति की देनें तभी महत्वपूर्ण बनती हैं जब लोग अपने कौशल और तकनीक से उन्हें उपयोगी बनाते हैं। इस अध्याय में जनसंख्या का असमान वैश्विक वितरण (विश्व की 90% आबादी केवल 30% भूभाग पर रहती है), जनसंख्या घनत्व (Population Density: भारत का औसत घनत्व 382 व्यक्ति/किमी² तथा झारखण्ड का 414 व्यक्ति/किमी²), जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाले भौगोलिक कारक (स्थलाकृति, जलवायु, मृदा, जल, खनिज) एवं सामाजिक, सांस्कृतिक व आर्थिक कारक, जनसंख्या परिवर्तन के तीन प्रमुख निर्धारक (जन्म दर, मृत्यु दर और प्रवास/Migration: आप्रवास vs उत्प्रवास), जनसंख्या वृद्धि का प्राकृतिक स्वरूप (प्राकृतिक संवृद्धि दर = जन्म दर − मृत्यु दर), जनसंख्या परिवर्तन के वैश्विक प्रतिरूप, तथा जनसंख्या संघटन (Age-Sex Pyramid / जनसंख्या पिरामिड: केन्या का चौड़ा आधार वाला पिरामिड, भारत का युवा पिरामिड, जापान का घटता संकरा पिरामिड) और कार्यशील जनसंख्या के आर्थिक महत्व का समग्र, प्रामाणिक व परीक्षा-उन्मुख अध्ययन प्रस्तुत किया गया है।

👥 पूरी दुनिया की 800 करोड़ आबादी में से 60% से अधिक लोग केवल 10 देशों में ही क्यों रहते हैं और जापान की आधी आबादी बुजुर्ग क्यों हो रही है जबकि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है?

क्या आपने कभी विचार किया है कि पहाड़ों, रेगिस्तानों और ध्रुवों की विशाल बर्फीली जमीन बिल्कुल खाली क्यों पड़ी है, जबकि गंगा के मैदानों और तटीय इलाकों में पैर रखने की जगह नहीं है? एक देश केवल अपनी नदियों, पहाड़ों और खदानों से अमीर नहीं बनता; वह अमीर बनता है अपने स्वस्थ, शिक्षित और कुशल नागरिकों की शक्ति से! जब किसी देश में बच्चों का जन्म अधिक और स्वास्थ्य अच्छा होता है, तो उसका जनसंख्या पिरामिड त्रिकोण जैसा दिखता है। लेकिन जापान में अस्पताल और स्कूल बुजुर्गों की देखभाल में क्यों लगे हैं, और भारत की 65% कार्यशील युवा आबादी (डेमोग्राफिक डिविडेंड) देश को दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति कैसे बना सकती है? आइए, मानव संसाधन के इस अदभुत जनसांख्यिकीय विज्ञान को समझें!

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

झारखण्ड की जनसंख्या (लगभग 3.3 करोड़) में 26% से अधिक जनजातीय समुदाय हैं। राज्य में साक्षरता दर, कौशल विकास, रोजगार हेतु युवाओं का अन्य राज्यों में प्रवास (Migration), तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य नीतियों के कुशल प्रबंधन को समझने के लिए मानव संसाधन का ज्ञान परम आवश्यक है।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • संसाधन के रूप में मानव की अवधारणा (अध्याय 1 की पुनरावृत्ति)।
  • जनसंख्या, जन्म, मृत्यु और प्रवास की सामान्य समझ।
  • ग्राफ और बार चार्ट (आलेख) पढ़ने का अनुभव।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • मानव संसाधन की महत्ता और जनसंख्या के असमान वितरण के कारणों का विश्लेषण कर सकेंगे।
  • जनसंख्या घनत्व (Population Density) की परिभाषा और गणना सूत्र समझ सकेंगे।
  • जन्म दर, मृत्यु दर और प्रवास (आप्रवास/उत्प्रवास) के अंतर्संबंध से जनसंख्या परिवर्तन की दर निकाल सकेंगे।
  • जनसंख्या पिरामिड (Age-Sex Pyramid) की संरचना और विभिन्न देशों (केन्या, भारत, जापान) के पिरामिडों की तुलना कर सकेंगे।
  • कार्यशील जनसंख्या (15-65 वर्ष) और जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) के आर्थिक महत्व को स्पष्ट कर सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. मानव संसाधन एवं जनसंख्या का वितर...
2 2. जनसंख्या घनत्व एवं वितरण को प्रभ...
3 3. जनसंख्या परिवर्तन: जन्म दर, मृत्...
4 4. जनसंख्या संघटन एवं जनसंख्या पिरा...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. मानव संसाधन एवं जनसंख्या का वितरण (Distribution of Population)

लोग ही किसी राष्ट्र के सबसे बड़े संसाधन होते हैं। स्वस्थ, शिक्षित और अभिप्रेरित लोग ही अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप संसाधनों का सृजन करते हैं।

जनसंख्या का असमान वितरण:

भूपृष्ठ पर जिस प्रकार लोग फैले हैं, उसे जनसंख्या वितरण का प्रतिरूप (Pattern of Population Distribution) कहते हैं।

  • विश्व की 90% से अधिक जनसंख्या भूपृष्ठ के केवल लगभग 30% भाग पर निवास करती है। शेष 70% भूभाग या तो वीरान है या बहुत कम लोग रहते हैं।
  • विश्व की कुल जनसंख्या के लगभग तीन-चौथाई लोग केवल दो महाद्वीपों—एशिया और अफ्रीका में रहते हैं।
  • विश्व के 60% लोग केवल 10 देशों में रहते हैं (चीन, भारत, अमेरिका, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, नाइजीरिया, ब्राजील, बांग्लादेश, रूस, मैक्सिको)। 2023 के बाद भारत विश्व का सर्वाधिक आबादी वाला देश बन चुका है।

2. जनसंख्या घनत्व एवं वितरण को प्रभावित करने वाले कारक

जनसंख्या का घनत्व (Density of Population): पृथ्वी पृष्ठ के प्रति इकाई क्षेत्रफल (1 वर्ग किलोमीटर) में रहने वाले लोगों की औसत संख्या को जनसंख्या घनत्व कहते हैं:

$$\text{जनसंख्या घनत्व} = \frac{\text{कुल जनसंख्या}}{\text{कुल क्षेत्रफल (वर्ग किमी)}}$$

• संपूर्ण विश्व का औसत घनत्व: 51 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है।

• भारत का औसत घनत्व: 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी (2011 की जनगणना)।

• झारखण्ड का औसत घनत्व: 414 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है।

जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाले कारक:

A. भौगोलिक कारक:

  • स्थलाकृति: लोग पर्वतों (हिमालय) की तुलना में मैदानी भागों (गंगा-ब्रह्मपुत्र मैदान) में रहना पसंद करते हैं।
  • जलवायु: अत्यधिक गर्म (सहारा) या अत्यधिक ठंडी (ध्रुवों) जलवायु में लोग नहीं रहते।
  • मृदा: उपजाऊ जलोढ़ मृदा कृषि के लिए सघन आबादी आकर्षित करती है।
  • जल: अलवण जल वाले नदी घाटियों में सघन बस्तियाँ पाई जाती हैं।
  • खनिज: खनिज निक्षेप वाले क्षेत्र (जैसे झारखण्ड का छोटानागपुर) लोगों को आकर्षित करते हैं।

B. सामाजिक, सांस्कृतिक व आर्थिक कारक:

  • आर्थिक कारक: औद्योगिक क्षेत्र रोजगार देते हैं (जैसे मुम्बई, जमशेदपुर)।
  • सांस्कृतिक कारक: धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व के नगर (वाराणसी, यरुशलम, वेटिकन सिटी)।
  • सामाजिक कारक: अच्छे आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधा वाले क्षेत्र (जैसे पुणे, बेंगलुरु)।

3. जनसंख्या परिवर्तन: जन्म दर, मृत्यु दर एवं प्रवास (Migration)

जनसंख्या परिवर्तन (Population Change): एक निश्चित समयावधि के दौरान लोगों की संख्या में होने वाले परिवर्तन को जनसंख्या परिवर्तन कहते हैं। 1800 ई. तक विश्व की आबादी बहुत धीमी गति से बढ़ी। 1974 में यह 4 अरब हुई और 2022 में 8 अरब पार कर गई। इस तीव्र वृद्धि को जनसंख्या विस्फोट कहते हैं।

जनसंख्या परिवर्तन के तीन मुख्य घटक:

  • जन्म दर (Birth Rate): प्रति 1,000 व्यक्तियों पर जीवित जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या।
  • मृत्यु दर (Death Rate): प्रति 1,000 व्यक्तियों पर मरने वाले लोगों की संख्या।
  • प्राकृतिक संवृद्धि दर (Natural Growth Rate): किसी देश में जन्म दर और मृत्यु दर के अंतर को प्राकृतिक संवृद्धि दर कहते हैं: $$\text{प्राकृतिक वृद्धि} = \text{जन्म दर} - \text{मृत्यु दर}$$ चिकित्सा सुविधाओं, टीकों और खाद्य आपूर्ति में सुधार से मृत्यु दर में भारी गिरावट आई, जबकि जन्म दर ऊँची रही; यही जनसंख्या वृद्धि का मूल कारण है।
  • प्रवास (Migration): किसी व्यक्ति का एक स्थान से दूसरे स्थान पर आना-जाना।
    • उत्प्रवासी (Emigrants): वे लोग जो देश छोड़ते हैं (देश की आबादी घटती है)।
    • आप्रवासी (Immigrants): वे लोग जो किसी नए देश में आते हैं (उस देश की आबादी बढ़ती है; जैसे USA और ऑस्ट्रेलिया)।

4. जनसंख्या संघटन एवं जनसंख्या पिरामिड (Age-Sex Pyramid)

किसी देश में कितने पुरुष और कितनी स्त्रियाँ हैं, वे किस आयु वर्ग के हैं, कितने पढ़े-लिखे हैं और क्या काम करते हैं—इसकी संरचना को जनसंख्या संघटन (Population Composition) कहते हैं। इसे समझने का सबसे सशक्त साधन जनसंख्या पिरामिड (आयु-लिंग पिरामिड) है:

A. उच्च जन्म व उच्च मृत्यु दर वाला पिरामिड (केन्या):

पिरामिड आधार पर बहुत चौड़ा है (बहुत बच्चे जन्म लेते हैं), किंतु ऊपर की ओर तेजी से संकरा होता जाता है (स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में बहुत से बच्चे युवा होने से पहले ही मर जाते हैं और बुजुर्गों की संख्या कम है)।

B. युवा और उभरता हुआ पिरामिड (भारत):

शिशु मृत्यु दर कम होने के कारण आधार सुदृढ़ है और 15 से 65 वर्ष के कार्यशील आयु वर्ग (Working Age Population) में भारी संख्या है। इसे "जनसांख्यिकीय लाभांश" (Demographic Dividend) कहते हैं, जो भारत के आर्थिक विकास का सबसे बड़ा इंजन है!

C. घटती जन्म दर व वृद्ध पिरामिड (जापान):

कम जन्म दर के कारण पिरामिड का आधार संकरा है, और उच्च जीवन प्रत्याशा के कारण शीर्ष (वृद्ध आबादी) चौड़ा है। यहाँ कार्यशील युवाओं की कमी और वृद्ध आश्रितों की अधिकता एक बड़ी चुनौती है।

महत्वपूर्ण ऐतिहासिक शब्दावली, कालक्रम एवं प्रशासनिक व्यवस्था

जनसंख्या घनत्व सूत्र (Population Density)
घनत्व = कुल जनसंख्या / कुल क्षेत्रफल (व्यक्ति प्रति वर्ग किमी)
भारत: 382 व्यक्ति/किमी² | झारखण्ड: 414 व्यक्ति/किमी² (2011 जनगणना)।
प्राकृतिक संवृद्धि दर सूत्र
प्राकृतिक वृद्धि = जन्म दर (Birth Rate) − मृत्यु दर (Death Rate)
जन्म दर अधिक और मृत्यु दर कम होने पर जनसंख्या तेजी से बढ़ती है।
प्रवास के दो रूप (Migration Dynamics)
आप्रवास (In-migration / आने वाले) vs उत्प्रवास (Out-migration / जाने वाले)
कुल जनसंख्या = प्राकृतिक वृद्धि + (आप्रवास − उत्प्रवास)।
आयु-लिंग पिरामिड के तीन वर्ग
बालक आश्रित (0-14 वर्ष) + कार्यशील वर्ग (15-64 वर्ष) + वृद्ध आश्रित (65+ वर्ष)
कार्यशील वर्ग पर दोनों आश्रित वर्गों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी होती है।
जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend)
कार्यशील युवा आबादी (15-64 वर्ष) का कुल जनसंख्या में अधिकतम अनुपात
भारत विश्व का सबसे युवा देश है, जो तीव्र आर्थिक वृद्धि का आधार है।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
जनसंख्या घनत्व किसे कहते हैं? विश्व, भारत और झारखण्ड के औसत जनसंख्या घनत्व का उल्लेख कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:\nपृथ्वी पृष्ठ के प्रति इकाई क्षेत्रफल (सामान्यतः 1 वर्ग किलोमीटर) में निवास करने वाले लोगों की औसत संख्या को जनसंख्या घनत्व (Population Density) कहते हैं।\nसूत्र:\n$$\text{जनसंख्या घनत्व} = \frac{\text{कुल जनसंख्या}}{\text{कुल क्षेत्रफल (वर्ग किमी)}}$$\n\nप्रमुख आँकड़े:\n1. संपूर्ण विश्व का औसत घनत्व: लगभग 51 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है।\n2. भारत का औसत घनत्व: 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी (2011 की जनगणना के अनुसार; बिहार 1,106 के साथ सर्वाधिक सघन राज्य है)।\n3. झारखण्ड का औसत घनत्व: 414 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है (धनबाद जिला झारखण्ड में सर्वाधिक सघन 1,316 व्यक्ति/किमी² है)।
उदाहरण 2
विश्व में जनसंख्या के वितरण को कौन-से भौगोलिक कारक सबसे अधिक प्रभावित करते हैं?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:\nजनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाले पाँच प्रमुख भौगोलिक कारक हैं:\n1. स्थलाकृति (Relief): लोग समतल मैदानों में रहना पसंद करते हैं क्योंकि वहाँ खेती, कारखाने और परिवहन आसान होते हैं। गंगा के मैदान घने बसे हैं, जबकि हिमालय पर्वत विरल आबादी वाले हैं।\n2. जलवायु (Climate): अत्यधिक ठंडे (ध्रुवीय) और अत्यधिक गर्म (थार, सहारा मरुस्थल) क्षेत्रों में जीवन कठिन होता है, अतः समशीतोष्ण जलवायु वाले क्षेत्र घने बसे होते हैं।\n3. मृदा (Soil): उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी कृषि के लिए श्रेष्ठ होती है, जिससे नदी घाटियों (मिस्र की नील नदी, भारत की गंगा) में भारी जनसंख्या पाई जाती है।\n4. जल (Water): लोग उन क्षेत्रों में बसते हैं जहाँ पीने और सिंचाई के लिए स्वच्छ अलवण जल आसानी से उपलब्ध हो।\n5. खनिज (Minerals): खनिज निक्षेप वाले क्षेत्रों में उद्योग और रोजगार पनपते हैं (जैसे दक्षिण अफ्रीका की सोने की खदानें और झारखण्ड का छोटानागपुर पठार)।
उदाहरण 3
जन्म दर, मृत्यु दर और प्रवास किस प्रकार जनसंख्या के आकार को बदलते हैं?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:\nजनसंख्या का आकार इन तीन घटकों के संतुलन से बदलता है:\n1. जन्म दर (Birth Rate): प्रति 1,000 व्यक्तियों पर 1 वर्ष में जन्म लेने वाले जीवित बच्चों की संख्या। जन्म दर बढ़ने से आबादी बढ़ती है।\n2. मृत्यु दर (Death Rate): प्रति 1,000 व्यक्तियों पर 1 वर्ष में मरने वाले लोगों की संख्या। मृत्यु दर घटने से आबादी बढ़ती है।\n3. प्राकृतिक वृद्धि दर: जब जन्म दर, मृत्यु दर से अधिक होती है, तो प्राकृतिक रूप से जनसंख्या बढ़ती है।\n4. प्रवास (Migration):\n- आप्रवास (Immigration): जब लोग बाहर से किसी देश में आकर बसते हैं, तो वहाँ की जनसंख्या बढ़ती है (जैसे अमेरिका, खाड़ी देश)।\n- उत्प्रवास (Emigration): जब लोग अपने देश को छोड़कर बाहर चले जाते हैं, तो वहाँ की जनसंख्या घटती है।
उदाहरण 4
जनसंख्या पिरामिड (Age-Sex Pyramid) क्या है और यह किसी देश की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को कैसे दर्शाता है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:\nजनसंख्या पिरामिड एक आलेखीय चित्र है जो किसी देश की कुल जनसंख्या को विभिन्न आयु वर्गों (जैसे 0-4 वर्ष, 5-9 वर्ष, ... 65+ वर्ष) तथा पुरुषों और स्त्रियों के प्रतिशत में विभाजित करके दिखाता है।\nयह निम्न जानकारियाँ देता है:\n1. आश्रितों की संख्या: 15 वर्ष से कम आयु के बच्चे (तरुण आश्रित) और 65 वर्ष से अधिक के वृद्ध (वृद्ध आश्रित) कितने हैं।\n2. कार्यशील जनसंख्या: 15 से 64 वर्ष के उत्पादक आयु वर्ग के लोगों की संख्या कितनी है, जो देश की अर्थव्यवस्था चलाते हैं।\n3. स्वास्थ्य और जीवन प्रत्याशा: पिरामिड का शीर्ष यह बताता है कि लोग औसतन कितने वर्ष जीवित रहते हैं।\n4. भावी योजनाएँ: यह सरकार को स्कूलों, अस्पतालों, रोजगार और पेंशन योजनाओं की योजना बनाने में मदद करता है।
उदाहरण 5
भारत और जापान के जनसंख्या पिरामिडों में क्या बुनियादी अंतर है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:\n1. भारत का जनसंख्या पिरामिड:\n- आधार चौड़ा और मजबूत है क्योंकि शिशु मृत्यु दर कम हुई है और अधिक बच्चे युवावस्था में प्रवेश कर रहे हैं।\n- मध्य भाग (15-64 वर्ष) बहुत विशाल है, जो दर्शाता है कि भारत के पास युवाओं की विशाल कार्यशील फौज (Demographic Dividend) है।\n- यह एक विकासशील और तेजी से बढ़ती युवा अर्थव्यवस्था का प्रतीक है।\n\n2. जापान का जनसंख्या पिरामिड:\n- आधार अत्यंत संकरा है क्योंकि वहाँ जन्म दर बहुत कम हो चुकी है (कम बच्चे जन्म लेते हैं)।\n- शीर्ष बहुत चौड़ा है क्योंकि उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण जीवन प्रत्याशा बहुत ऊँची है और वृद्धों की संख्या बहुत अधिक है।\n- जापान में काम करने वाले युवाओं की भारी कमी और बुजुर्गों की पेंशन व स्वास्थ्य पर भारी सरकारी खर्च की चुनौती है।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

आप्रवासी (Immigrant) और उत्प्रवासी (Emigrant) के अंतर को उलट देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

आप्रवासी वह है जो किसी देश में "आता" है (In); उत्प्रवासी वह है जो देश छोड़कर "जाता" है (Exit)।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

अधिक जनसंख्या को केवल एक बोझ या समस्या मान लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

यदि जनसंख्या स्वस्थ, सुशिक्षित और कुशल हो, तो वह बोझ नहीं बल्कि राष्ट्र की सबसे बड़ी आर्थिक संपदा (Human Capital) बन जाती है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

जनसंख्या घनत्व में क्षेत्रफल की इकाई लिखना भूल जाना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

जनसंख्या घनत्व की मानक इकाई सदैव "व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर" (Persons per sq. km) होती है।

चित्रात्मक व्याख्या एवं मॉडल

मानव संसाधन (Human Resources): घनत्व, घटक एवं जनसंख्या पिरामिड A. जनसंख्या घनत्व एवं परिवर्तन के घटक जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किमी व्यक्ति): • विश्व औसत: 51 व्यक्ति/किमी² • भारत का औसत घनत्व: 382 व्यक्ति/किमी² (2011) • झारखण्ड का औसत घनत्व: 414 व्यक्ति/किमी² जनसंख्या परिवर्तन के 3 प्रमुख निर्धारक: 1. जन्म दर: प्रति 1,000 पर जीवित जन्म 2. मृत्यु दर: प्रति 1,000 पर मरने वालों की संख्या प्राकृतिक संवृद्धि = जन्म दर − मृत्यु दर 3. प्रवास (Migration): • आप्रवास (In): आबादी बढ़ती है (जैसे USA) • उत्प्रवास (Out): आबादी घटती है B. जनसंख्या पिरामिड: भारत बनाम जापान भारत: युवा पिरामिड (Demographic Dividend) • सुदृढ़ आधार: शिशु मृत्यु दर में भारी गिरावट • विशाल मध्य भाग: 15-64 वर्ष की कार्यशील युवा आबादी • विश्व का सबसे बड़ा कार्यबल (Workforce) आर्थिक महाशक्ति बनने की सबसे बड़ी ताकत जापान: संकरा आधार व वृद्ध पिरामिड • संकरा आधार: जन्म दर में अत्यधिक गिरावट (कम बच्चे) • चौड़ा शीर्ष: उच्च जीवन प्रत्याशा के कारण 65+ वृद्ध अधिक • चुनौती: कार्यशील युवाओं की कमी व भारी पेंशन खर्च रोबोटिक्स और स्वचालन पर भारी निर्भरता

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
  1. लोग ही किसी राष्ट्र के सबसे बड़े और वास्तविक संसाधन होते हैं; शिक्षा और स्वास्थ्य से मानव संसाधन समृद्ध होता है।
मुख्य बिंदु 2
  1. विश्व की 90% से अधिक जनसंख्या पृथ्वी के केवल 30% भूभाग पर असमान रूप से निवास करती है।
मुख्य बिंदु 3
  1. प्रति वर्ग किमी क्षेत्रफल में रहने वाले लोगों की औसत संख्या को जनसंख्या घनत्व कहते हैं।
मुख्य बिंदु 4
  1. भारत का औसत जनसंख्या घनत्व 382 व्यक्ति/किमी² तथा झारखण्ड का औसत घनत्व 414 व्यक्ति/किमी² है।
मुख्य बिंदु 5
  1. स्थलाकृति, जलवायु, उपजाऊ मृदा, अलवण जल और खनिज निक्षेप जनसंख्या वितरण के मुख्य भौगोलिक कारक हैं।
मुख्य बिंदु 6
  1. जनसंख्या परिवर्तन जन्म दर, मृत्यु दर और प्रवास (आप्रवास व उत्प्रवास) पर निर्भर करता है।
मुख्य बिंदु 7
  1. प्राकृतिक संवृद्धि दर = जन्म दर − मृत्यु दर होती है।
मुख्य बिंदु 8
  1. जनसंख्या पिरामिड (आयु-लिंग पिरामिड) किसी देश की आयु और लिंग संरचना को दर्शाने वाला आलेख है।
मुख्य बिंदु 9
  1. भारत का पिरामिड युवा कार्यशील आबादी (15-64 वर्ष) की बहुलता दर्शाता है, जिसे जनसांख्यिकीय लाभांश कहते हैं।
मुख्य बिंदु 10
  1. जापान का पिरामिड घटती जन्म दर और बढ़ती वृद्ध आबादी की जनसांख्यिकीय चुनौती को प्रदर्शित करता है।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
जनसंख्या घनत्व किसे कहते हैं और भारत का औसत घनत्व क्या है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: प्रति वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में रहने वाले लोगों की संख्या; भारत का औसत घनत्व 382 व्यक्ति/किमी² है।
2011 की जनगणना के अनुसार यह राष्ट्रीय औसत है।
2
प्राकृतिक संवृद्धि दर (Natural Growth Rate) का सूत्र क्या है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: जन्म दर − मृत्यु दर (Birth Rate − Death Rate)।
जब जन्म दर मृत्यु दर से अधिक हो, तो प्राकृतिक जनसंख्या वृद्धि होती है।
3
आप्रवासी (Immigrant) और उत्प्रवासी (Emigrant) में क्या अंतर है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: आप्रवासी नए देश में "आने वाले" होते हैं; उत्प्रवासी अपना देश छोड़कर "जाने वाले" होते हैं।
आप्रवास से आबादी बढ़ती है, उत्प्रवास से घटती है।
4
भारत के जनसंख्या पिरामिड की सबसे बड़ी विशेषता क्या है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: 15 से 64 वर्ष की कार्यशील युवा आबादी की भारी संख्या (जनसांख्यिकीय लाभांश)।
यह भारत को दुनिया की सबसे युवा अर्थव्यवस्था बनाती है।
5
झारखण्ड का औसत जनसंख्या घनत्व कितना है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: 414 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर।
धनबाद जिला झारखण्ड में सर्वाधिक सघन (1,316 व्यक्ति/किमी²) है।
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अध्याय 1: कैसे, कब और कहाँ (How, When and Where) अध्याय 2: व्यापार से साम्राज्य तक (From Trade to Territory) अध्याय 3: ग्रामीण क्षेत्र पर शासन चलाना (Ruling the Countryside) अध्याय 4: आदिवासी, दीकु और एक स्वर्ण युग की कल्पना (Tribals, Dikus and the Vision of a Golden Age) अध्याय 5: जब जनता बगावत करती है (1857 और उसके बाद) (When People Rebel) अध्याय 6: देशी जनता को सभ्य बनाना, राष्ट्र को शिक्षित करना (Civilising the Native, Educating the Nation) अध्याय 7: महिलाएं, जाति एवं सुधार (Women, Caste and Reform) अध्याय 8: राष्ट्रीय आंदोलन का संघटन: 1870 के दशक से 1947 तक (The Making of the National Movement: 1870s-1947) अध्याय 9: संसाधन (Resources) (Resources) अध्याय 10: भूमि, मृदा, जल, प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीवन संसाधन (Land, Soil, Water, Natural Vegetation and Wildlife Resources) अध्याय 11: कृषि (Agriculture) अध्याय 12: उद्योग (Industries) (Industries) अध्याय 13: मानव संसाधन (Human Resources) (Human Resources) अध्याय 14: भारतीय संविधान (The Indian Constitution) (The Indian Constitution) अध्याय 15: धर्मनिरपेक्षता की समझ (Understanding Secularism) अध्याय 16: संसद तथा कानूनों का निर्माण (Parliament and the Making of Laws) अध्याय 17: न्यायपालिका (Judiciary) (Judiciary) अध्याय 18: हाशियाकरण की समझ (Understanding Marginalisation) अध्याय 19: हाशियाकरण से निपटना (Confronting Marginalisation) अध्याय 20: जनसुविधाएं (Public Facilities) (Public Facilities) अध्याय 21: कानून और सामाजिक न्याय (Law and Social Justice)

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