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झारखण्ड बोर्ड (JAC) • कक्षा 8 • Social Science • अध्याय 12
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

उद्योग (Industries) (Industries)

झारखण्ड शैक्षणिक परिषद् (JAC) एवं NCERT पाठ्यक्रम पर आधारित कक्षा 8 भूगोल का चौथा अध्याय "उद्योग" (Industries) आधुनिक औद्योगिक अर्थव्यवस्था, विनिर्माण (Manufacturing) और वैश्विक औद्योगिक प्रदेशों का प्रामाणिक अध्ययन है। द्वितीयक क्रियाएँ या विनिर्माण कच्चे माल को अधिक मूल्यवान और उपयोगी उत्पादों में बदल देती हैं। इस अध्याय में उद्योगों का वर्गीकरण—कच्चे माल के आधार पर (कृषि-आधारित, खनिज-आधारित, समुद्र-आधारित, वन-आधारित), आकार के आधार पर (कुटीर/घरेलू उद्योग, लघु उद्योग, वृहद् उद्योग) तथा स्वामित्व के आधार पर (निजी क्षेत्र, सार्वजनिक क्षेत्र, संयुक्त क्षेत्र, सहकारी क्षेत्र जैसे अमूल), औद्योगिक तंत्र (निवेश, प्रक्रम, निर्गत) एवं औद्योगिक विपदाएँ (भोपाल गैस त्रासदी 1984), उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले कारक (कच्चा माल, बिजली, जल, श्रम, पूँजी, बाजार, परिवहन), वैश्विक औद्योगिक प्रदेश, तथा दो प्रमुख उद्योगों का गहन तुलनात्मक केस स्टडी: 1. लोहा और इस्पात उद्योग—झारखण्ड का गौरव जमशेदपुर (TISCO 1907) बनाम संयुक्त राज्य अमेरिका का पिट्सबर्ग (विश्व की इस्पात राजधानी); 2. सूती वस्त्र उद्योग—भारत का मैनचेस्टर अहमदाबाद बनाम जापान का मैनचेस्टर ओसाका; तथा सूचना प्रौद्योगिकी (IT Industry: सिलिकॉन वैली, कैलिफोर्निया बनाम सिलिकॉन पठार, बेंगलुरु) का व्यापक व परीक्षा-उन्मुख विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।

🏭 1907 में जमशेदजी नवरोजी टाटा ने स्वर्णरेखा और खरकई नदियों के संगम पर स्थित "साकची" नामक एक छोटे से आदिवासी गाँव को भारत का पहला आधुनिक इस्पात नगर (जमशेदपुर) कैसे बना दिया?

क्या आपने कभी विचार किया है कि जिस कॉपी पर आप लिखते हैं, वह कभी जंगल का एक विशाल पेड़ थी जिसे लकड़ी की लुगदी बनाकर, रसायनों में मिलाकर और मशीनों में दबाकर सफेद कागज में बदला गया? यही विनिर्माण (Manufacturing) का जादू है! लौह एवं इस्पात उद्योग को अन्य सभी उद्योगों की "रीढ़ की हड्डी" (Backbone of Modern Industry) क्यों कहा जाता है? क्योंकि सुई और सेफ्टी पिन से लेकर विशाल समुद्री जहाज, रेल पटरियाँ और गगनचुंबी इमारतें सब कुछ इस्पात से ही बनती हैं! झारखण्ड का जमशेदपुर (TISCO) और अमेरिका का पिट्सबर्ग विश्व स्तर पर इस्पात उत्पादन के दो सबसे बड़े केंद्र कैसे बने? और अहमदाबाद को "भारत का मैनचेस्टर" क्यों कहा गया? आइए, कल-कारखानों और औद्योगिक क्रांति की इस गाथा को समझें!

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

झारखण्ड भारत का अग्रणी औद्योगिक राज्य है। जमशेदपुर (टाटा स्टील), बोकारो (सेल - बोकारो स्टील प्लांट), धनबाद (कोयला राजधानी), राँची (एचईसी - हेवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन) राज्य के आर्थिक जीवन की रीढ़ हैं। उद्योगों की अवस्थिति, प्रदूषण नियंत्रण और रोजगार सृजन की समझ विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के लिए आवश्यक है।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • द्वितीयक आर्थिक क्रिया (Secondary Activity) की मूल परिभाषा।
  • कच्चे माल (खनिज, कृषि उत्पाद) और तैयार माल में अंतर।
  • परिवहन, बिजली और जल स्रोतों की औद्योगिक आवश्यकता।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • कच्चे माल, आकार और स्वामित्व के आधार पर उद्योगों का सटीक वर्गीकरण कर सकेंगे।
  • उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले भौगोलिक और गैर-भौगोलिक कारकों का विश्लेषण कर सकेंगे।
  • लोहा-इस्पात उद्योग की विनिर्माण प्रक्रिया (प्रगलन / Smelting) और उसके महत्व को समझा सकेंगे।
  • जमशेदपुर (TISCO) और पिट्सबर्ग (USA) के लौह-इस्पात केंद्रों के भौगोलिक लाभों की तुलना कर सकेंगे।
  • अहमदाबाद और ओसाका (जापान) के सूती वस्त्र उद्योग तथा बेंगलुरु और सिलिकॉन वैली के आईटी हब का मूल्यांकन कर सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. उद्योग की संकल्पना एवं वर्गीकरण...
2 2. उद्योगों की अवस्थिति के कारक एवं...
3 3. लोहा और इस्पात उद्योग: जमशेदपुर...
4 4. सूती वस्त्र उद्योग (अहमदाबाद vs...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. उद्योग की संकल्पना एवं वर्गीकरण (कच्चा माल, आकार व स्वामित्व)

उद्योग (Industry) का संबंध उन आर्थिक गतिविधियों से है जो वस्तुओं के उत्पादन, खनिजों के निष्कर्षण अथवा सेवाओं की व्यवस्था से जुड़ी हैं।

उद्योगों का वर्गीकरण:

1. कच्चे माल के आधार पर:

  • कृषि-आधारित: वनस्पति व जंतु उत्पादों का उपयोग; जैसे खाद्य प्रसंस्करण, सूती वस्त्र, वनस्पति तेल, डेयरी।
  • खनिज-आधारित: खनिज अयस्कों का उपयोग; जैसे लोहा-इस्पात उद्योग, एल्युमिनियम उद्योग, सीमेंट उद्योग।
  • समुद्र-आधारित: सागरों-महासागरों के उत्पाद; जैसे समुद्री खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्य तेल निर्माण।
  • वन-आधारित: वनों से प्राप्त लकड़ी व पत्तों का उपयोग; जैसे कागज उद्योग, फर्नीचर, औषध निर्माण।

2. आकार के आधार पर (पूँजी, श्रमिक संख्या व उत्पादन मात्रा):

  • कुटीर या घरेलू उद्योग: दस्तकार अपने परिवार के साथ हाथों से उत्पादन करते हैं; जैसे टोकरी बुनना, मिट्टी के बर्तन।
  • लघु आकार के उद्योग (Small Scale): कम पूँजी और साधारण तकनीक से विनिर्माण (जैसे रेशम बुनाई, खाद्य वस्तुएँ)।
  • वृहद् आकार के उद्योग (Large Scale): भारी पूँजी निवेश, हजारों श्रमिक और आधुनिक उच्च तकनीक (जैसे ऑटोमोबाइल, भारी इस्पात)।

3. स्वामित्व के आधार पर:

  • निजी क्षेत्र: व्यक्तियों या व्यक्तियों के समूह का स्वामित्व (जैसे टाटा स्टील, रिलायंस)।
  • सार्वजनिक क्षेत्र (सरकारी): सरकार का स्वामित्व व संचालन (जैसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड - HAL, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया - SAIL)।
  • संयुक्त क्षेत्र: राज्य और व्यक्तियों का साझा स्वामित्व (जैसे मारुति उद्योग लिमिटेड)।
  • सहकारी क्षेत्र (Cooperative): कच्चे माल के उत्पादकों, श्रमिकों या दोनों का साझा स्वामित्व (जैसे आनंद मिल्क यूनियन लिमिटेड - AMUL, सुधा डेयरी)।

2. उद्योगों की अवस्थिति के कारक एवं औद्योगिक तंत्र व विपदा

उद्योग आमतौर पर उन्हीं स्थानों पर केंद्रित होते हैं जहाँ अनुकूल भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियाँ उपलब्ध हों:

अवस्थिति को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक:

कच्चा माल (Raw Material)
सस्ती बिजली (Power)
प्रचुर जल (Water)
सस्ता श्रम (Labour)
पूँजी (Capital)
बाजार (Market)
परिवहन (Transport)
समतल भूमि (Land)

औद्योगिक विपदा: भोपाल गैस त्रासदी (3 दिसंबर 1984):

यूनियन कार्बाइड की कीटनाशक फैक्ट्री से अत्यधिक विषैली गैस मिथाइल आइसोसाइनाइड (MIC) के रिसाव से रातोंरात हजारों निर्दोष लोग मारे गए और लाखों लोग अंधापन व फेफड़ों की गंभीर बीमारियों से पीड़ित हुए। औद्योगिक सुरक्षा उपाय और आवासीय क्षेत्रों से कारखानों की दूरी जीवन रक्षा के लिए अनिवार्य है।

3. लोहा और इस्पात उद्योग: जमशेदपुर (TISCO) बनाम पिट्सबर्ग (USA)

लोहा एवं इस्पात उद्योग एक पोषक उद्योग (Feeder Industry) है जिसके उत्पाद अन्य उद्योगों के लिए कच्चे माल के रूप में उपयोग किए जाते हैं। इसे आधुनिक उद्योग का मेरुदंड (Backbone) कहते हैं।

A. जमशेदपुर (TISCO) - झारखण्ड का गौरव

1907 में जमशेदजी टाटा द्वारा साकची (वर्तमान जमशेदपुर) में स्थापित। भौगोलिक लाभ:

  • कच्चा माल: सिंहभूम और मयूरभंज (ओडिशा) से उच्च कोटि का लौह अयस्क; झरिया व रानीगंज से कोयला; सुंदरगढ़ से चूना पत्थर और डोलोमाइट।
  • जल आपूर्ति: स्वर्णरेखा और खरकई नदियों से वर्ष भर प्रचुर जलापूर्ति।
  • परिवहन व बाजार: केवल 32 किमी दूर कालीमाटी (टाटानगर) रेलवे स्टेशन (हावड़ा-मुंबई रेलमार्ग); कलकत्ता बंदरगाह विशाल बाजार और निर्यात सुविधा देता है।
B. पिट्सबर्ग (Pittsburgh) - USA की इस्पात नगरी

संयुक्त राज्य अमेरिका का एक प्रमुख इस्पात नगर। भौगोलिक लाभ:

  • कच्चा माल: कोयला पिट्सबर्ग में ही स्थानीय रूप से उपलब्ध है; लौह अयस्क मिनेसोटा की प्रसिद्ध मेसाबी खानों से आता है।
  • सस्ता जल परिवहन: ग्रेट लेक्स (सुपीरियर, ह्यूरन, मिशिगन, ओंटारियो, इरी) का विश्व विख्यात जलमार्ग। सुपीरियर झील से पिट्सबर्ग तक रेल और जहाजों से अयस्क आता है।
  • जल आपूर्ति: ओहियो, मोनोगहेला और एलेघनी नदियों से भरपूर जल।

4. सूती वस्त्र उद्योग (अहमदाबाद vs ओसाका) एवं सूचना प्रौद्योगिकी (IT)

A. अहमदाबाद बनाम ओसाका: सूती वस्त्र केंद्र:

अहमदाबाद ("भारत का मैनचेस्टर"):

गुजरात में साबरमती नदी के किनारे स्थित। 1859 में पहली मिल स्थापित हुई। लाभ: गुजरात-महाराष्ट्र के कपास उत्पादक क्षेत्र की निकटता, साबरमती से जल, आर्द्र जलवायु (धागा नहीं टूटता), कुशल गुजराती मजदूर, मुंबई बंदरगाह से मशीन आयात व कपड़ा निर्यात।

ओसाका ("जापान का मैनचेस्टर"):

जापान का प्रमुख वस्त्र केंद्र। लाभ: योडो नदी से प्रचुर जल, आर्द्र जलवायु, गर्म मैदानी क्षेत्र। विशेषता: कच्चा माल (कपास) 100% आयातित होता है (मिस्र, भारत, चीन, USA से)। उच्च गुणवत्ता और सस्ते दामों के कारण पूरे विश्व में प्रसिद्ध।

B. सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग (Information Technology - IT):

ज्ञान-आधारित आईटी उद्योग सूचना के संग्रहण, प्रक्रमण और वितरण से जुड़ा है। इसके दो विश्व प्रसिद्ध केंद्र हैं: सिलिकॉन वैली (कैलिफोर्निया, USA) तथा बेंगलुरु (कर्नाटक, भारत - "सिलिकॉन पठार")। दोनों केंद्रों को सुखद समशीतोष्ण जलवायु, उच्च शैक्षणिक संस्थानों की प्रचुरता, कुशल आईटी इंजीनियरों की उपलब्धता और सरकारी समर्थन का अनूठा लाभ मिला है।

महत्वपूर्ण ऐतिहासिक शब्दावली, कालक्रम एवं प्रशासनिक व्यवस्था

उद्योगों की अवस्थिति के 8 निर्धारक कारक
अवस्थिति = f(कच्चा माल, शक्ति, जल, श्रम, पूँजी, बाजार, परिवहन, भूमि)
उद्योग वहीं स्थापित होते हैं जहाँ लागत न्यूनतम और लाभ अधिकतम हो।
लोहा-इस्पात प्रगलन सूत्र (Smelting)
लौह अयस्क + कोयला (कोक) + चूना पत्थर (फ्लक्स) → वात्या भट्टी (Blast Furnace) → कच्चा लोहा → इस्पात
इस्पात को अन्य सभी आधुनिक उद्योगों की रीढ़ (Backbone) कहा जाता है।
जमशेदपुर (TISCO) के भौगोलिक लाभ
साकची (1907): स्वर्णरेखा-खरकई का जल + झरिया का कोयला + सिंहभूम का लौह अयस्क + टाटानगर रेलवे
भारत का पहला योजनाबद्ध औद्योगिक इस्पात नगर।
सूती वस्त्र उद्योग के दो मैनचेस्टर
भारत का मैनचेस्टर = अहमदाबाद (साबरमती) | जापान का मैनचेस्टर = ओसाका (योडो नदी)
आर्द्र जलवायु कताई और बुनाई के लिए अनिवार्य होती है।
आईटी उद्योग के दो वैश्विक ध्रुव
सिलिकॉन वैली (कैलिफोर्निया, USA) ↔ सिलिकॉन पठार (बेंगलुरु, भारत)
ज्ञान, उच्च तकनीक, सुखद जलवायु और कुशल सॉफ्टवेयर इंजीनियरों का संगम।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
उद्योगों को कच्चे माल, आकार और स्वामित्व के आधार पर किस प्रकार वर्गीकृत किया जाता है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:\n1. कच्चे माल के आधार पर:\n- कृषि-आधारित (सूती वस्त्र, चीनी, खाद्य तेल)।\n- खनिज-आधारित (लोहा-इस्पात, सीमेंट)।\n- समुद्र-आधारित (समुद्री आहार प्रसंस्करण, मछली तेल)।\n- वन-आधारित (कागज, फर्नीचर, लाख, औषधि)।\n2. आकार के आधार पर:\n- कुटीर/घरेलू उद्योग: परिवार के सदस्यों द्वारा हस्तशिल्प (टोकरी, बर्तन)।\n- लघु उद्योग: कम पूँजी और सीमित तकनीक (रेशम बुनाई)।\n- वृहद् उद्योग: भारी पूँजी, आधुनिक मशीनें और भारी उत्पादन (इस्पात, ऑटोमोबाइल)।\n3. स्वामित्व के आधार पर:\n- निजी क्षेत्र (टाटा, रिलायंस)।\n- सार्वजनिक क्षेत्र (HAL, SAIL - सरकारी)।\n- संयुक्त क्षेत्र (मारुति उद्योग - सरकार व निजी साझेदारी)।\n- सहकारी क्षेत्र (अमूल, सुधा डेयरी - उत्पादकों व श्रमिकों की सहकारिता)।
उदाहरण 2
लोहा और इस्पात उद्योग को "आधुनिक उद्योग का मेरुदंड" (Backbone) क्यों कहा जाता है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:\nलोहा और इस्पात उद्योग को आधुनिक सभ्यता और उद्योग का मेरुदंड कहा जाता है क्योंकि:\n1. सभी मशीनों का आधार: अन्य सभी उद्योगों में उपयोग होने वाली लगभग सभी मशीनें, औजार और उपकरण इस्पात से बने होते हैं।\n2. परिवहन के साधन: रेल पटरियाँ, ट्रेन के डिब्बे, ऑटोमोबाइल, बसें, ट्रक, हवाई जहाज और विशाल मालवाहक समुद्री जहाज इस्पात से ही बनते हैं।\n3. निर्माण कार्य: गगनचुंबी इमारतें, बड़े-बड़े पुल, बाँध, कंक्रीट के लेंटर और सुरक्षा संयंत्र इस्पात के ढाँचों पर टिके हैं।\n4. दैनिक जीवन: सुई, सेफ्टी पिन से लेकर रसोई के बर्तनों और कृषि औजारों (ट्रैक्टर, हल) तक इस्पात अपरिहार्य है।\nयदि इस्पात न हो, तो आधुनिक औद्योगिक उत्पादन ठप हो जाएगा।
उदाहरण 3
1907 में जमशेदपुर में टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी (TISCO) स्थापित करने के क्या भौगोलिक कारण थे?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:\nजमशेदजी टाटा ने साकची (वर्तमान जमशेदपुर) को निम्न भौगोलिक लाभों के कारण चुना:\n1. कच्चे माल की निकटता: सिंहभूम (झारखण्ड) और मयूरभंज (ओडिशा) से लौह अयस्क; झरिया से कोकिंग कोयला; सुंदरगढ़ से चूना पत्थर और डोलोमाइट सुलभ था।\n2. वर्ष भर प्रचुर जल: स्वर्णरेखा और खरकई नदियों के संगम पर स्थित होने से शीतलन और औद्योगिक कार्यों के लिए स्वच्छ जल उपलब्ध था।\n3. उत्तम रेल परिवहन: यह स्थान बंगाल-नागपुर रेलवे के कालीमाटी (टाटानगर) स्टेशन से केवल 32 किमी दूर था।\n4. विशाल बाजार और बंदरगाह: कलकत्ता (कोलकाता) का विशाल औद्योगिक बाजार और बंदरगाह केवल 240 किमी दूर था, जिससे उपकरण मँगाना और इस्पात बेचना आसान था।\n5. सस्ता जनजातीय श्रम: छोटानागपुर के घनी आबादी वाले जनजातीय क्षेत्रों से मेहनती और सस्ता श्रम उपलब्ध था।
उदाहरण 4
अहमदाबाद में सूती वस्त्र उद्योग के अत्यधिक विकसित होने के क्या कारण हैं?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:\nअहमदाबाद को "भारत का मैनचेस्टर" कहा जाता है, जिसके प्रमुख कारण हैं:\n1. कपास उत्पादक क्षेत्र: गुजरात और महाराष्ट्र की काली मिट्टी के कपास उत्पादक क्षेत्र के केंद्र में स्थित होने से उच्च कोटि का कच्चा माल सस्ता मिलता है।\n2. अनुकूल आर्द्र जलवायु: यहाँ की नम जलवायु कताई और बुनाई के लिए आदर्श है, जिससे धागा बार-बार टूटता नहीं है।\n3. जल आपूर्ति: साबरमती नदी से रंगाई और धुलाई के लिए प्रचुर मीठा जल मिलता है।\n4. कुशल श्रम: गुजरात के पारंपरिक बुनकर और घनी आबादी से सस्ता व कुशल श्रम सुलभ है।\n5. बाजार और बंदरगाह: मुंबई और कांडला बंदरगाहों की निकटता से मशीनरी का आयात और सूती कपड़ों का विश्व भर में निर्यात सुगम है।
उदाहरण 5
सूचना प्रौद्योगिकी (IT) उद्योग के मुख्य आकर्षण क्या हैं और बेंगलुरु तथा सिलिकॉन वैली में क्या समानताएँ हैं?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:\nसूचना प्रौद्योगिकी (IT) उद्योग सूचना के संग्रहण, प्रोसेसिंग और वितरण का ज्ञान-आधारित उद्योग है।\nबेंगलुरु और सिलिकॉन वैली (कैलिफोर्निया) के बीच समानताएँ:\n1. सुखद जलवायु: दोनों शहरों में वर्ष भर स्वच्छ, सुहावना और समशीतोष्ण मौसम रहता है, जो मानसिक कार्य और सॉफ्टवेयर विकास के लिए उत्तम है।\n2. विश्वस्तरीय तकनीकी संस्थान: सिलिकॉन वैली स्टैनफोर्ड और बर्कले विश्वविद्यालय से जुड़ी है, जबकि बेंगलुरु में भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), IIT, IIM और सैकड़ों इंजीनियरिंग कॉलेज हैं।\n3. कुशल सॉफ्टवेयर प्रतिभा: दोनों केंद्रों पर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कंप्यूटर प्रोग्रामर, वैज्ञानिक और सॉफ्टवेयर इंजीनियर उपलब्ध हैं।\n4. पूँजी और स्टार्टअप संस्कृति: उद्यम पूँजी (Venture Capital), सरकारी आईटी नीतियाँ और प्रगतिशील कार्य संस्कृति दोनों को विश्व के सिरमौर आईटी हब बनाती हैं।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

सार्वजनिक क्षेत्र और संयुक्त क्षेत्र के उद्योगों में अंतर न समझना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

सार्वजनिक क्षेत्र का मालिक 100% सरकार होती है (SAIL, HAL), जबकि संयुक्त क्षेत्र में सरकार और निजी व्यक्ति मिलकर साझेदारी करते हैं (मारुति उद्योग)।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

जापान के ओसाका में कपास की स्थानीय खेती मान लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

ओसाका में कपास की खेती बिल्कुल नहीं होती; वह 100% कच्चा माल मिस्र, भारत और अमेरिका से आयात करता है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

यह सोचना कि टीआईएससीओ (TISCO) एक सरकारी कंपनी थी।

सही वैज्ञानिक तथ्य

TISCO (टाटा स्टील) 1907 में स्थापित एक पूर्णतः निजी क्षेत्र की भारतीय कंपनी थी, जिसे जमशेदजी टाटा के विजन से स्थापित किया गया था।

चित्रात्मक व्याख्या एवं मॉडल

उद्योग (Industries): वर्गीकरण, इस्पात नगरी जमशेदपुर एवं IT हब A. जमशेदपुर (TISCO): भारत की इस्पात राजधानी साकची (जमशेदपुर 1907) के भौगोलिक लाभ: • लौह अयस्क: सिंहभूम (झारखण्ड) व मयूरभंज (ओडिशा) • कोयला: झरिया की कोयला खदानों से सुलभ • प्रचुर जल: स्वर्णरेखा और खरकई नदियों का संगम • परिवहन: टाटानगर स्टेशन (हावड़ा-मुंबई मुख्य रेलमार्ग) कलकत्ता का विशाल बाजार व बंदरगाह मात्र 240 किमी दूर लोहा-इस्पात: आधुनिक उद्योग का मेरुदंड • पोषक उद्योग (Feeder Industry): अन्य उद्योगों का आधार • वात्या भट्टी प्रक्रम: अयस्क + कोक + चूना पत्थर = इस्पात • सुई, रेल पटरियाँ, जहाज, वाहन, पुल—सबका मूल इस्पात USA का पिट्सबर्ग: मेसाबी अयस्क + ग्रेट लेक्स जलमार्ग B. वस्त्र एवं सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के वैश्विक केंद्र सूती वस्त्र के दो मैनचेस्टर: • अहमदाबाद (भारत का मैनचेस्टर): साबरमती नदी का जल, गुजरात की काली कपास मिट्टी, नम मौसम, मुंबई बंदरगाह • ओसाका (जापान का मैनचेस्टर): योडो नदी, 100% आयातित कपास (मिस्र, भारत, USA), उत्तम गुणवत्ता व निर्यात आर्द्र जलवायु धागा टूटने से रोकती है सूचना प्रौद्योगिकी (IT): सिलिकॉन वैली व बेंगलुरु • सिलिकॉन वैली (कैलिफोर्निया): स्टैनफोर्ड, नवाचार, पूँजी • बेंगलुरु (सिलिकॉन पठार): IISc, लाखों सॉफ्टवेयर इंजीनियर • दोनों का सुखद समशीतोष्ण मौसम और तकनीकी संस्कृति 24 घंटे का निरंतर वैश्विक सॉफ्टवेयर कार्यचक्र

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
  1. उद्योग द्वितीयक आर्थिक क्रिया है जो कच्चे माल को मूल्यवान व उपयोगी तैयार उत्पादों में बदलती है।
मुख्य बिंदु 2
  1. कच्चे माल के आधार पर उद्योग कृषि, खनिज, समुद्र और वन-आधारित चार प्रकार के होते हैं।
मुख्य बिंदु 3
  1. आकार के आधार पर उद्योग कुटीर (घरेलू), लघु और वृहद् आकार में बाँटे जाते हैं।
मुख्य बिंदु 4
  1. स्वामित्व के आधार पर उद्योग निजी, सार्वजनिक (सरकारी), संयुक्त (साझा) और सहकारी (अमूल) प्रकार के होते हैं।
मुख्य बिंदु 5
  1. उद्योगों की स्थापना कच्चा माल, सस्ती बिजली, जल, श्रम, पूँजी, बाजार और परिवहन की उपलब्धता पर निर्भर करती है।
मुख्य बिंदु 6
  1. 3 दिसंबर 1984 को भोपाल में यूनियन कार्बाइड से मिथाइल आइसोसाइनाइड (MIC) गैस रिसाव भीषण औद्योगिक विपदा थी।
मुख्य बिंदु 7
  1. लोहा-इस्पात उद्योग को आधुनिक सभ्यता का मेरुदंड (Backbone) कहते हैं; यह अन्य उद्योगों का पोषक उद्योग है।
मुख्य बिंदु 8
  1. 1907 में जमशेदपुर में TISCO स्थापित हुआ, जिसे झरिया का कोयला, सिंहभूम का लोहा और स्वर्णरेखा-खरकई का जल मिला।
मुख्य बिंदु 9
  1. अहमदाबाद को "भारत का मैनचेस्टर" तथा ओसाका को "जापान का मैनचेस्टर" कहा जाता है।
मुख्य बिंदु 10
  1. सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के दो वैश्विक ध्रुव कैलिफोर्निया की सिलिकॉन वैली और भारत का सिलिकॉन पठार (बेंगलुरु) हैं।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
लोहा-इस्पात उद्योग को अन्य सभी उद्योगों का "पोषक उद्योग" (Feeder Industry) क्यों कहते हैं?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: क्योंकि इसका तैयार उत्पाद (इस्पात) अन्य सभी उद्योगों में मशीनरी व औजार बनाने का कच्चा माल होता है।
सभी निर्माण और विनिर्माण इस्पात की रीढ़ पर टिके हैं।
2
TISCO (टाटा स्टील) की स्थापना कब, कहाँ और किसके द्वारा की गई थी?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: 1907 में साकची (वर्तमान जमशेदपुर, झारखण्ड) में, जमशेदजी टाटा के विजन से।
यह भारत का पहला आधुनिक नियोजित इस्पात कारखाना था।
3
भोपाल गैस त्रासदी कब हुई थी और किस जहरीली गैस के रिसाव से हुई थी?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: 3 दिसंबर 1984 को; मिथाइल आइसोसाइनाइड (MIC) गैस के रिसाव से।
यह भारत के इतिहास की सबसे भयानक औद्योगिक दुर्घटना थी।
4
"भारत का मैनचेस्टर" किसे कहा जाता है और क्यों?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: अहमदाबाद (गुजरात) को; प्रचुर सूती वस्त्र मिलों और अनुकूल भौगोलिक दशाओं के कारण।
ब्रिटेन के मैनचेस्टर शहर की तरह यह भारत का प्रमुख कपड़ा हब बना।
5
भारत का "सिलिकॉन पठार" (Silicon Plateau) किस शहर को कहा जाता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: बेंगलुरु (कर्नाटक) को।
सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और सॉफ्टवेयर कंपनियों का प्रमुख केंद्र होने के कारण।
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
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कक्षा 8 Social Science के सभी अध्याय

अध्याय 1: कैसे, कब और कहाँ (How, When and Where) अध्याय 2: व्यापार से साम्राज्य तक (From Trade to Territory) अध्याय 3: ग्रामीण क्षेत्र पर शासन चलाना (Ruling the Countryside) अध्याय 4: आदिवासी, दीकु और एक स्वर्ण युग की कल्पना (Tribals, Dikus and the Vision of a Golden Age) अध्याय 5: जब जनता बगावत करती है (1857 और उसके बाद) (When People Rebel) अध्याय 6: देशी जनता को सभ्य बनाना, राष्ट्र को शिक्षित करना (Civilising the Native, Educating the Nation) अध्याय 7: महिलाएं, जाति एवं सुधार (Women, Caste and Reform) अध्याय 8: राष्ट्रीय आंदोलन का संघटन: 1870 के दशक से 1947 तक (The Making of the National Movement: 1870s-1947) अध्याय 9: संसाधन (Resources) (Resources) अध्याय 10: भूमि, मृदा, जल, प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीवन संसाधन (Land, Soil, Water, Natural Vegetation and Wildlife Resources) अध्याय 11: कृषि (Agriculture) अध्याय 12: उद्योग (Industries) (Industries) अध्याय 13: मानव संसाधन (Human Resources) (Human Resources) अध्याय 14: भारतीय संविधान (The Indian Constitution) (The Indian Constitution) अध्याय 15: धर्मनिरपेक्षता की समझ (Understanding Secularism) अध्याय 16: संसद तथा कानूनों का निर्माण (Parliament and the Making of Laws) अध्याय 17: न्यायपालिका (Judiciary) (Judiciary) अध्याय 18: हाशियाकरण की समझ (Understanding Marginalisation) अध्याय 19: हाशियाकरण से निपटना (Confronting Marginalisation) अध्याय 20: जनसुविधाएं (Public Facilities) (Public Facilities) अध्याय 21: कानून और सामाजिक न्याय (Law and Social Justice)

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