भूपृष्ठ के कुल क्षेत्रफल का लगभग 30% भाग भूमि है। भूमि और जलवायु के भिन्न-भिन्न लक्षणों के कारण विश्व में जनसंख्या का वितरण अत्यंत असमान है (उबड़-खाबड़ पर्वतों और मरुस्थलों में विरल आबादी तथा नदी घाटियों में सघन आबादी)।
भूमि उपयोग (Land Use):
भूमि का उपयोग विभिन्न कार्यों के लिए किया जाता है; जैसे कृषि, वानिकी, खनन, सड़कें व उद्योग स्थापित करना। स्वामित्व के आधार पर भूमि दो प्रकार की होती है: निजी भूमि (व्यक्तियों के स्वामित्व वाली) तथा सामुदायिक भूमि / साझा संपत्ति संसाधन (Common Property Resource) जिस पर पूरे समुदाय का चारा, फल, जड़ी-बूटियाँ इकट्ठा करने का साझा अधिकार होता है।
भूस्खलन (Landslides) एवं न्यूनीकरण क्रियाविधि:
भूस्खलन क्या है?
शैल, मलबे या ढाल से गिरती हुई मिट्टी के वृहद् संचलन को भूस्खलन कहते हैं। यह भूकंप, बाढ़, ज्वालामुखी और भारी वर्षा से होता है।
रोकथाम (न्यूनीकरण) की प्रविधियाँ:
- भूस्खलन-प्रवण क्षेत्रों का मानचित्र बनाकर वहाँ बस्तियाँ बसाने से बचना।
- ढाल को खिसकने से रोकने के लिए प्रतिधारी दीवार (Retention Wall) का निर्माण करना।
- वनस्पति आवरण (पेड़-पौधे) लगाना, जो मिट्टी को खिसकने से रोकते हैं।
- सतही अपवाह तथा झरना प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए अपवाह नियंत्रण प्रणाली विकसित करना।