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WBB • कक्षा X • Mathematics • अध्याय 26
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

Statistics: Mean, Median, Ogive, Mode

पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (WBBSE) कक्षा 10 गणित के 'गणित प्रकाश' पाठ्यक्रम का 26वां अध्याय 'सांख्यिकी' (Statistics) है। माध्यमिक परीक्षा में यह अध्याय निश्चित रूप से सर्वाधिक अंक दिलाने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है। इस अध्याय में मुख्य रूप से केंद्रीय प्रवृत्ति के तीन आधारभूत मापकों—समांतर माध्य (Arithmetic Mean), माध्यक या माध्यिका (Median) और बहुलक (Mode)—का विस्तृत अध्ययन कराया जाता है। विद्यार्थियों को अवर्गीकृत आंकड़ों से आगे बढ़ाकर वर्गीकृत एवं सतत बारंबारता बंटन की समस्याओं को हल करने में दक्ष बनाया जाता है। माध्य निकालने के लिए तीन विधियां समझाई गई हैं: प्रत्यक्ष विधि, कल्पित माध्य विधि और समान वर्ग अंतराल के लिए पद-विचलन विधि। माध्यिका के अंतर्गत संचयी बारंबारता तालिका तैयार कर माध्यक वर्ग का निर्धारण और सटीक सूत्र का अनुप्रयोग सिखाया जाता है। बहुलक के लिए सर्वाधिक बारंबारता वाले वर्ग के सापेक्ष सूत्र का उपयोग किया जाता है। अध्याय का एक प्रमुख आकर्षण 'तोरण' (Ogive) यानी संचयी बारंबारता वक्र है, जिसमें 'से कम' तथा 'से अधिक' प्रकार के तोरणों के प्रतिच्छेदन बिंदु द्वारा माध्यक का आलेखीय मान प्राप्त किया जाता है। परीक्षा में अज्ञात बारंबारता ज्ञात करने और कार्ल पियर्सन के आनुभविक सूत्र के प्रश्न अत्यधिक पूछे जाते हैं।

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

सांख्यिकी न केवल बोर्ड परीक्षा के दृष्टिकोण से अनिवार्य है, बल्कि आधुनिक डेटा विज्ञान, अर्थशास्त्र, मौसम विज्ञान, वैज्ञानिक अनुसंधान और व्यावसायिक निर्णयों की रीढ़ है। माध्यमिक परीक्षा के प्रश्नपत्र में सांख्यिकी से 4-4 अंकों के दो विस्तृत उत्तरीय प्रश्न (कुल 8 अंक) तथा 1 और 2 अंकों के संक्षिप्त प्रश्न पूछे जाते हैं। यदि विद्यार्थी सही सूत्रों का चयन करें और गणना में सतर्क रहें, तो इस खंड में पूर्ण 100% अंक सरलता से प्राप्त किए जा सकते हैं।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. केंद्रीय प्रवृत्ति की अवधारणा एव...
2 2. माध्यक या माध्यिका (Median) एवं...
3 3. तोरण (Ogive): आलेखीय विधि द्वारा...
4 4. बहुलक (Mode) एवं कार्ल पियर्सन क...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. केंद्रीय प्रवृत्ति की अवधारणा एवं समांतर माध्य (Mean) ज्ञात करने की तीन विधियां

समांतर माध्य के सिद्धांत एवं गणना पद्धतियां

किसी सांख्यिकीय आंकड़े के सभी मानों का प्रतिनिधित्व करने वाले केंद्रीय मान को केंद्रीय प्रवृत्ति की माप कहते हैं। इसका सबसे लोकप्रिय मापक समांतर माध्य ($\bar{x}$) है। वर्गीकृत आंकड़ों में वर्ग अंतराल का मध्य-मान ($x_i = \frac{\text{उच्च सीमा} + \text{निम्न सीमा}}{2}$) निकालकर माध्य की गणना की जाती है।

विधि का नामगणितीय सूत्रउपयोगिता एवं विशेषताएं
प्रत्यक्ष विधि (Direct Method)$\bar{x} = \frac{\sum f_i x_i}{\sum f_i}$जब $x_i$ और $f_i$ के संख्यात्मक मान छोटे हों।
कल्पित माध्य विधि (Assumed Mean Method)$\bar{x} = a + \frac{\sum f_i d_i}{\sum f_i}$$a$ कल्पित माध्य है तथा विचलन $d_i = x_i - a$। बड़ी संख्याओं का गुणा कम करने में उपयोगी।
पद-विचलन विधि (Step Deviation Method)$\bar{x} = a + h \cdot \frac{\sum f_i u_i}{\sum f_i}$$u_i = \frac{x_i - a}{h}$, जहां $h$ समान वर्ग माप है। गणना अत्यंत सरल एवं संक्षिप्त हो जाती है।

2. माध्यक या माध्यिका (Median) एवं संचयी बारंबारता का अनुप्रयोग

माध्यिका की परिभाषा और वर्गीकृत सूत्र

आंकड़ों को आरोही या अवरोही क्रम में व्यवस्थित करने पर जो मान पूरे बंटन को ठीक दो बराबर भागों में बांटता है, उसे माध्यक (Median) कहते हैं। यह चरम मानों (outliers) से प्रभावित नहीं होता।

वर्गीकृत बारंबारता बंटन की माध्यिका का सूत्र:

$$\text{Median} = L + \left(\frac{\frac{N}{2} - cf}{f}\right) \times h$$

  • $L$ = माध्यक वर्ग की वास्तविक निचली सीमा (Lower limit of median class)
  • $N$ = कुल बारंबारता ($\sum f_i$)
  • $cf$ = माध्यक वर्ग से ठीक पहले वाले वर्ग की संचयी बारंबारता
  • $f$ = माध्यक वर्ग की अपनी वास्तविक बारंबारता
  • $h$ = माध्यक वर्ग का माप या विस्तार (Class size)

कार्यप्रणाली: सबसे पहले कुल बारंबारता $N$ से $\frac{N}{2}$ ज्ञात करें। संचयी बारंबारता स्तम्भ में $\frac{N}{2}$ के बराबर या उससे ठीक बड़ी संचयी बारंबारता वाला वर्ग माध्यक वर्ग कहलाता है।

3. तोरण (Ogive): आलेखीय विधि द्वारा माध्यिका निर्धारण

कम प्रकार और अधिक प्रकार के तोरण का आलेखन

संचयी बारंबारता बंटन को ग्राफ पेपर पर बिंदुओं के रूप में दर्शाकर मुक्त हस्त से खींचे गए वक्र को तोरण (Ogive) कहते हैं।

  • 'से कम' प्रकार का तोरण (Less than Ogive): X-अक्ष पर ऊपरी वर्ग सीमाएं और Y-अक्ष पर 'से कम' संचयी बारंबारता लेकर ऊपर चढ़ता हुआ वक्र खींचा जाता है।
  • 'से अधिक' प्रकार का तोरण (More than Ogive): X-अक्ष पर निचली वर्ग सीमाएं और Y-अक्ष पर 'से अधिक' संचयी बारंबारता लेकर नीचे उतरता हुआ वक्र खींचा जाता है।
  • माध्यक ज्ञात करना: दोनों तोरण एक-दूसरे को जिस बिंदु पर काटते हैं, उस प्रतिच्छेदन बिंदु से X-अक्ष पर डाले गए लंब का पाद-बिंदु ही उस बंटन की माध्यिका होती है। वैकल्पिक रूप से, Y-अक्ष पर $\frac{N}{2}$ से तोरण तक क्षैतिज रेखा खींचकर X-अक्ष पर प्रक्षेप लिया जा सकता है।

4. बहुलक (Mode) एवं कार्ल पियर्सन का आनुभविक संबंध

बहुलक का सूत्र और केंद्रीय प्रवृत्तियों का परस्पर संबंध

किसी आंकड़े में जिस प्रेक्षण की आवृत्ति (बारंबारता) सबसे अधिक होती है, उसे बहुलक (Mode) कहते हैं। वर्गीकृत आंकड़ों में जिस वर्ग की बारंबारता अधिकतम हो, उसे बहुलक वर्ग (Modal Class) कहा जाता है।

वर्गीकृत आंकड़ों के बहुलक का मानक सूत्र:

$$\text{Mode} = L + \left(\frac{f_1 - f_0}{2f_1 - f_0 - f_2}\right) \times h$$

  • $L$ = बहुलक वर्ग की निचली सीमा
  • $f_1$ = बहुलक वर्ग की बारंबारता (अधिकतम मान)
  • $f_0$ = बहुलक वर्ग से ठीक पूर्व वाले वर्ग की बारंबारता
  • $f_2$ = बहुलक वर्ग के ठीक बाद वाले वर्ग की बारंबारता
  • $h$ = वर्ग अंतराल की चौड़ाई

कार्ल पियर्सन का आनुभविक संबंध: मध्यम असममित बंटन के लिए:
बहुलक $\approx 3 \times$ माध्यक $- 2 \times$ माध्य (Mode $\approx 3 \text{ Median} - 2 \text{ Mean}$)।

महत्वपूर्ण सूत्र, सर्वसमिकाएँ एवं प्रमेय

प्रत्यक्ष माध्य (Direct Mean)
$\bar{x} = \frac{\sum f_i x_i}{\sum f_i}$
कल्पित माध्य (Assumed Mean)
$\bar{x} = a + \frac{\sum f_i d_i}{\sum f_i}, \quad d_i = x_i - a$
पद-विचलन माध्य (Step-Deviation)
$\bar{x} = a + h\left(\frac{\sum f_i u_i}{\sum f_i}\right), \quad u_i = \frac{x_i - a}{h}$
माध्यक सूत्र (Median Formula)
$\text{Median} = L + \left(\frac{\frac{N}{2} - cf}{f}\right) \times h$
बहुलक सूत्र (Mode Formula)
$\text{Mode} = L + \left(\frac{f_1 - f_0}{2f_1 - f_0 - f_2}\right) \times h$
कार्ल पियर्सन का आनुभविक संबंध
$\text{Mode} \approx 3 \text{ Median} - 2 \text{ Mean}$

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
एक परीक्षा में 50 विद्यार्थियों द्वारा प्राप्त प्राप्तांकों का पद-विचलन विधि से माध्य ज्ञात कीजिए: वर्ग (0-10, 10-20, 20-30, 30-40, 40-50), बारंबारता (4, 8, 16, 12, 10)।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
  • 1. वर्ग मध्य-मान ($x_i$): 5, 15, 25, 35, 45। कुल बारंबारता $N = \sum f_i = 4 + 8 + 16 + 12 + 10 = 50$।
  • 2. कल्पित माध्य $a = 25$ और वर्ग माप $h = 10$ चुनते हैं।
  • 3. पद-विचलन $u_i = \frac{x_i - 25}{10}$ निकालते हैं: -2, -1, 0, 1, 2।
  • 4. $f_i u_i$ का गुणनफल: 4(-2) = -8, 8(-1) = -8, 16(0) = 0, 12(1) = 12, 10(2) = 20।
  • 5. योगफल $\sum f_i u_i = (-8 - 8 + 0 + 12 + 20) = 16$।
  • 6. पद-विचलन सूत्र से: $\bar{x} = a + h \cdot \frac{\sum f_i u_i}{\sum f_i} = 25 + 10 \times \frac{16}{50} = 25 + 3.2 = 28.2$।

विद्यार्थियों के प्राप्तांकों का अभीष्ट समांतर माध्य = 28.2 अंक।

उदाहरण 2
निम्नलिखित बारंबारता बंटन की माध्यिका ज्ञात कीजिए: वर्ग (0-10, 10-20, 20-30, 30-40, 40-50, 50-60), बारंबारता (5, 8, 12, 15, 6, 4)।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
  • 1. संचयी बारंबारता सारणी: 5, 13, 25, 40, 46, 50। कुल बारंबारता $N = 50$।
  • 2. $\frac{N}{2} = \frac{50}{2} = 25$। अतः 25 के बराबर या ठीक अगली संचयी बारंबारता वाला वर्ग 30-40 है। अतः माध्यक वर्ग = 30-40।
  • 3. घटक: $L = 30$, $\frac{N}{2} = 25$, पूर्व संचयी बारंबारता $cf = 25$, वर्ग बारंबारता $f = 15$, वर्ग विस्तार $h = 10$।
  • 4. सूत्र में मान रखने पर: $\text{Median} = L + \left(\frac{\frac{N}{2} - cf}{f}\right) \times h = 30 + \left(\frac{25 - 25}{15}\right) \times 10 = 30 + 0 = 30$।

अभीष्ट माध्यिका = 30।

उदाहरण 3
60 श्रमिकों के दैनिक वेतन का बहुलक ज्ञात कीजिए: वेतन वर्ग (100-120, 120-140, 140-160, 160-180, 180-200), श्रमिक संख्या (8, 12, 20, 14, 6)।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
  • 1. अधिकतम बारंबारता 20 वर्ग 140-160 की है। अतः बहुलक वर्ग = 140-160।
  • 2. घटक: $L = 140$, $f_1 = 20$, पूर्व बारंबारता $f_0 = 12$, परवर्ती बारंबारता $f_2 = 14$, वर्ग चौड़ाई $h = 20$।
  • 3. बहुलक सूत्र: $\text{Mode} = L + \left(\frac{f_1 - f_0}{2f_1 - f_0 - f_2}\right) \times h$
  • 4. गणना: $\text{Mode} = 140 + \left(\frac{20 - 12}{2(20) - 12 - 14}\right) \times 20 = 140 + \left(\frac{8}{40 - 26}\right) \times 20 = 140 + \left(\frac{8}{14}\right) \times 20 = 140 + 11.43 = 151.43$ रुपये।

श्रमिकों के दैनिक वेतन का बहुलक = 151.43 रुपये (लगभग)।

उदाहरण 4
यदि किसी आंकड़े का समांतर माध्य 25 तथा माध्यिका 26 हो, तो आनुभविक संबंध से बहुलक ज्ञात कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
  • 1. दिया है: माध्य = 25, माध्यिका = 26।
  • 2. कार्ल पियर्सन का सूत्र: $\text{Mode} \approx 3 \times \text{Median} - 2 \times \text{Mean}$।
  • 3. गणना: $\text{Mode} = 3(26) - 2(25) = 78 - 50 = 28$।

अभीष्ट बहुलक = 28।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

वर्ग सीमाओं के बिना समावेशी वर्गों का उपयोग करना

सही वैज्ञानिक तथ्य

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

माध्यक सूत्र में माध्यक वर्ग की संचयी बारंबारता लिखना

सही वैज्ञानिक तथ्य

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

तोरण से माध्यक पढ़ते समय Y-अक्ष का मान लिख देना

सही वैज्ञानिक तथ्य

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

बहुलक में $f_0$ और $f_1$ को परस्पर बदल देना

सही वैज्ञानिक तथ्य

सांख्यिकी केंद्रीय प्रवृत्ति के सूत्र एवं तोरण आरेख

सांख्यिकी: केंद्रीय प्रवृत्ति के मापक एवं तोरण 1. समांतर माध्य (Mean) • प्रत्यक्ष विधि: x̄ = Σfi·xi / Σfi • कल्पित माध्य: x̄ = a + Σfi·di / Σfi (di = xi - a) • पद-विचलन: x̄ = a + h·(Σfi·ui / Σfi) ui = (xi - a) / h से गणना सरल होती है 2. माध्यक/माध्यिका (Median) Median = L + [(N/2 - cf) / f] × h • L = माध्यक वर्ग की निचली सीमा • cf = पूर्व वर्ग की संचयी बारंबारता • f = माध्यक वर्ग की बारंबारता, h = वर्ग चौड़ाई 3. बहुलक (Mode) Mode = L + [(f1 - f0) / (2f1 - f0 - f2)] × h • f1 = अधिकतम बारंबारता (Modal Class) • f0 = पूर्व वर्ग, f2 = परवर्ती वर्ग बारंबारता आनुभविक संबंध: Mode ≈ 3·Median - 2·Mean 4. तोरण (Ogive - आलेखीय माध्यक) • 'से कम' प्रकार: ऊपर चढ़ता वक्र (उच्च सीमा vs cf) • 'से अधिक' प्रकार: नीचे उतरता वक्र (निम्न सीमा vs cf) • दोनों तोरणों के प्रतिच्छेदन बिंदु का X = माध्यक Y-अक्ष पर मान N/2 के तुल्य होता है

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
केंद्रीय प्रवृत्ति के तीन मुख्य मापक समांतर माध्य, माध्यिका (माध्यक) और बहुलक हैं।
मुख्य बिंदु 2
माध्य ज्ञात करने की तीन विधियां हैं: प्रत्यक्ष विधि, कल्पित माध्य विधि और पद-विचलन विधि।
मुख्य बिंदु 3
समान वर्ग अंतराल होने पर पद-विचलन विधि गणना को सबसे तेज और सरल बनाती है।
मुख्य बिंदु 4
अवर्गीकृत आंकड़ों में n विषम होने पर माध्यक = (n+1)/2 वां पद; n सम होने पर n/2 तथा (n/2 + 1) वें पदों का औसत होता है।
मुख्य बिंदु 5
वर्गीकृत आंकड़ों में माध्यक वर्ग N/2 से बड़ी या बराबर संचयी बारंबारता देखकर चुना जाता है।
मुख्य बिंदु 6
माध्यक का सूत्र: Median = L + [(N/2 - cf) / f] × h।
मुख्य बिंदु 7
से कम और से अधिक प्रकार के तोरणों का प्रतिच्छेदन बिंदु X-अक्ष पर माध्यिका को दर्शाता है।
मुख्य बिंदु 8
अधिकतम बारंबारता वाले वर्ग को बहुलक वर्ग कहते हैं।
मुख्य बिंदु 9
बहुलक का सूत्र: Mode = L + [(f1 - f0) / (2f1 - f0 - f2)] × h।
मुख्य बिंदु 10
माध्य, माध्यक और बहुलक का आनुभविक संबंध: बहुलक = 3(माध्यक) - 2(माध्य)।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
कल्पित माध्य विधि में $d_i$ का क्या अर्थ है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: $d_i = x_i - a$, जहां $x_i$ वर्ग मध्य-मान तथा $a$ कल्पित माध्य है।
2
यदि किसी आंकड़े के दोनों तोरण (35, 40) पर प्रतिच्छेद करें, तो माध्यिका क्या होगी?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: माध्यिका प्रतिच्छेदन बिंदु का X-निर्देशांक यानी 35 होगी।
3
माध्यिका सूत्र में $cf$ क्या दर्शाता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: $cf$ माध्यक वर्ग से ठीक पूर्व वाले वर्ग की संचयी बारंबारता को दर्शाता है।
4
जिस वर्ग की बारंबारता सबसे अधिक होती है, उसे क्या कहते हैं?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: उसे बहुलक वर्ग (Modal Class) कहते हैं।
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कक्षा 10 Mathematics के सभी अध्याय

अध्याय 1: Quadratic Equations in One Variable अध्याय 2: Simple Interest अध्याय 3: Theorems related to Circle अध्याय 4: Rectangular Parallelopiped or Cuboid अध्याय 5: Ratio and Proportion अध्याय 6: Compound Interest and Uniform Rate of Increase or Decrease अध्याय 7: Theorems Related to Angles in a Circle अध्याय 8: Right Circular Cylinder अध्याय 9: Quadratic Surd अध्याय 10: Theorems Related to Cyclic Quadrilateral अध्याय 11: Construction of Circumcircle and Incircle of a Triangle अध्याय 12: Sphere अध्याय 13: Variation अध्याय 14: Partnership Business अध्याय 15: Theorems Related to Tangent to a Circle अध्याय 16: Right Circular Cone अध्याय 17: Construction of Tangent to a Circle अध्याय 18: Similarity अध्याय 19: Problems Related to Different Solid Objects अध्याय 20: Trigonometry: Concept of Measurement of Angle अध्याय 21: Construction: Determination of Mean Proportional अध्याय 22: Pythagoras Theorem अध्याय 23: Trigonometric Ratios and Trigonometric Identities अध्याय 24: Trigonometric Ratios of Complementary Angle अध्याय 25: Application of Trigonometric Ratios: Heights and Distances अध्याय 26: Statistics: Mean, Median, Ogive, Mode

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