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CBSE • कक्षा 7 • Science • अध्याय 8
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

समय एवं गति का मापन

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) कक्षा 7 विज्ञान का नवम अध्याय "गति एवं समय" (Motion and Time) भौतिक विज्ञान के आधारभूत सिद्धांतों—दूरी, समय, चाल तथा गति के आलेखीय निरूपण—का गहन व प्रामाणिक अध्ययन है। इस अध्याय में मंद एवं तीव्र गति, चाल का गणितीय सूत्र ($v = \frac{s}{t}$), एकसमान व असमान गति, सरल लोलक (Simple Pendulum) की आवर्ती दोलन गति व आवर्तकाल ($T$), स्पीडोमीटर व ओडोमीटर की कार्यप्रणाली, तथा दूरी-समय ग्राफ (Distance-Time Graph) से चाल की गणना का विस्तृत शिक्षण शामिल है।

⏱️ क्या आपने कभी सोचा है?

🚗 जब आप राँची से धनबाद या जमशेदपुर बस से जाते हैं, तो ड्राइवर के सामने डैशबोर्ड पर लगा गोल काँटा कभी 40 तो कभी 80 पर क्यों नाचता रहता है, और नीचे लिखी संख्या लगातार कैसे बढ़ती जाती है?

🕰️ हमारे दादा-परदादा के जमाने में जब कलाई घड़ियाँ या डिजिटल फोन नहीं थे, तब वे केवल पेड़ की परछाईं या धूप देखकर ठीक-ठीक समय कैसे बता देते थे?

⏳ दीवार घड़ी के नीचे लटका हुआ भारी पीतल का लोलक (Pendulum) लगातार टिक-टिक करते हुए इधर-उधर क्यों डोलता है, और क्या धागे की लंबाई बदलने से घड़ी की चाल बदल जाती है?

📈 क्रिकेट मैच में टीवी स्क्रीन पर दिखने वाला ग्राफ (Run-rate graph) देखकर कोई भी कैसे बता देता है कि कौन-सी टीम तेजी से रन बना रही है?

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

गति और समय का मापन केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने का विषय नहीं, बल्कि आधुनिक मानव सभ्यता की रीढ़ है। रेलगाड़ियों और हवाई जहाजों की समय-सारिणी तय करने, उपग्रहों को अंतरिक्ष में सटीक कक्षा में स्थापित करने, ट्रैफिक पुलिस द्वारा ओवर-स्पीडिंग गाड़ियों का चालान काटने, और यहाँ तक कि ओलंपिक में 100 मीटर दौड़ में सेकंड के सौवें हिस्से से स्वर्ण पदक विजेता तय करने तक—सब कुछ चाल और समय के सटीक मापन पर निर्भर है। इस अध्याय को पढ़कर विद्यार्थी वैज्ञानिक गणना और ग्राफिकल विश्लेषण की बुनियादी समझ विकसित कर सकेंगे।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • गति का अर्थ है समय के साथ वस्तु की स्थिति में परिवर्तन होना।
  • दूरी की मानक इकाई मीटर ($m$) और किलोमीटर ($km$) होती है।
  • समय की मानक इकाई सेकंड ($s$), मिनट ($min$) और घंटा ($h$) होती है।
  • ग्राफ में दो परस्पर लंबवत अक्ष (X-अक्ष और Y-अक्ष) होते हैं।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • मंद (Slow) एवं तीव्र (Fast) गति की तुलना चाल के आधार पर कर सकेंगे।
  • चाल की परिभाषा, गणितीय सूत्र ($Speed = \frac{Distance}{Time}$) एवं मानक मात्रक ($m/s, km/h$) में निपुण हो सकेंगे।
  • मात्रक रूपांतरण: $km/h$ को $m/s$ में बदलने के लिए $\frac{5}{18}$ से गुणा करने की विधि सिद्ध कर सकेंगे।
  • एकसमान गति (Uniform Motion) और असमान गति (Non-uniform Motion) में विभेद कर सकेंगे।
  • सरल लोलक की संरचना (गोलक, निलंबन बिंदु), दोलन और आवर्तकाल ($T$) की गणना कर सकेंगे।
  • वाहनों के स्पीडोमीटर (Speedometer) और ओडोमीटर (Odometer) के कार्यों में अंतर कर सकेंगे।
  • दूरी-समय ग्राफ (Distance-Time Graph) खींचना, ग्राफ के ढाल (Slope) से चाल ज्ञात करना और विभिन्न गति अवस्थाओं की पहचान कर सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. मंद एवं तीव्र गति तथा चाल की वैज...
2 2. समय का मापन एवं सरल लोलक का सिद्...
3 3. वाहनों में चाल व दूरी मापन: स्पी...
4 4. दूरी-समय ग्राफ: आलेखीय निरूपण एव...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. मंद एवं तीव्र गति तथा चाल की वैज्ञानिक संकल्पना (Speed Concept)

हम दैनिक जीवन में देखते हैं कि कुछ वस्तुएं धीमी चलती हैं (जैसे बैलगाड़ी या साइकिल) और कुछ बहुत तेज चलती हैं (जैसे कार, राजधानी एक्सप्रेस या हवाई जहाज)। कौन-सी वस्तु धीमी चल रही है और कौन-सी तेज, इसका सटीक निर्णय हम चाल (Speed) की गणना करके करते हैं।

परिभाषा (Definition): किसी वस्तु द्वारा एकांक समय (Unit Time) में तय की गई कुल दूरी को उस वस्तु की चाल (Speed) कहते हैं।
$$\mathbf{\text{चाल (Speed, } v)} = \frac{\mathbf{\text{तय की गई कुल दूरी (Distance, } s)}}{\mathbf{\text{लिया गया कुल समय (Time, } t)}}$$
चाल के मात्रक (Units of Speed):
  • SI मूल मात्रक: मीटर प्रति सेकंड ($\text{m/s}$ या $\text{m s}^{-1}$)।
  • दैनिक व्यावहारिक मात्रक: किलोमीटर प्रति घंटा ($\text{km/h}$)।
  • मात्रक रूपांतरण नियम (Golden Rule):
    $$1 \text{ km/h} = \frac{1000 \text{ m}}{3600 \text{ s}} = \frac{5}{18} \text{ m/s}$$
    अर्थात: $\text{km/h}$ को $\text{m/s}$ में बदलने के लिए $\frac{5}{18}$ से गुणा करें, तथा $\text{m/s}$ को $\text{km/h}$ में बदलने के लिए $\frac{18}{5}$ से गुणा करें।
एकसमान बनाम असमान गति:
  • एकसमान गति (Uniform Motion): यदि कोई वस्तु सरल रेखा में गति करते हुए समान समयांतरालों में समान दूरी तय करती है, तो उसकी चाल नियत रहती है।
  • असमान गति (Non-uniform Motion): यदि सरल रेखा में गति करती वस्तु की चाल समय के साथ बदलती रहती है (जैसे शहर की भीड़भाड़ वाली सड़क पर कार की गति)। व्यावहारिक जीवन में अधिकांश गतियाँ असमान गति ही होती हैं, इसलिए हम औसत चाल (Average Speed) की गणना करते हैं: $$\text{औसत चाल} = \frac{\text{तय की गई कुल दूरी}}{\text{लगा कुल समय}}$$

2. समय का मापन एवं सरल लोलक का सिद्धांत (Measurement of Time & Simple Pendulum)

समय का मापन उन घटनाओं पर आधारित होता है जो एक निश्चित समयांतराल के बाद स्वयं को दोहराती हैं, जिन्हें आवर्ती घटनाएं (Periodic Events) कहते हैं (जैसे सूर्योदय से अगला सूर्योदय = एक दिन, एक पूर्णिमा से अगली पूर्णिमा = एक मास, पृथ्वी द्वारा सूर्य की एक परिक्रमा = एक वर्ष)।

सरल लोलक (Simple Pendulum):

गैलीलियो गैलीली (1564-1642 ई.) ने सबसे पहले यह खोजा कि एक निश्चित लंबाई के लोलक को एक दोलन पूरा करने में सदैव समान समय लगता है। इसी खोज ने आधुनिक पेंडुलम घड़ियों की नींव रखी।

सरल लोलक के मुख्य भाग:
  • दृढ़ आधार (Rigid Support): जहाँ से धागा बँधा होता है।
  • धागा (String): निश्चित लंबाई ($l$) का भारहीन, अप्रसार्य धागा।
  • गोलक (Bob): धातु या पत्थर की छोटी भारी गोली।
  • माध्य स्थिति (Mean Position, O): विरामावस्था में लोलक की स्थिति।
  • चरम स्थितियाँ (Extreme Positions, A व B): दोनों ओर अधिकतम विस्थापन।
महत्वपूर्ण परिभाषाएं:
  • एक दोलन (One Oscillation): जब गोलक माध्य स्थिति $O$ से चरम स्थिति $A$ तक, फिर $A$ से दूसरी चरम स्थिति $B$ तक, और वापस $O$ पर आता है ($O \to A \to B \to O$)।
  • आवर्तकाल (Time Period, $T$): एक पूर्ण दोलन करने में लोलक द्वारा लिया गया समय आवर्तकाल कहलाता है।
    $$T = \frac{\text{कुल समय (सेकंड)}}{\text{कुल दोलनों की संख्या (}n\text{)}}$$
महत्वपूर्ण वैज्ञानिक तथ्य: किसी दिए गए स्थान पर सरल लोलक का आवर्तकाल केवल धागे की प्रभावी लंबाई ($l$) पर निर्भर करता है। यह गोलक के द्रव्यमान (लोहा, पीतल या लकड़ी) अथवा दोलन के आयाम (विस्थापन) पर बिल्कुल निर्भर नहीं करता!

3. वाहनों में चाल व दूरी मापन: स्पीडोमीटर एवं ओडोमीटर

मोटरसाइकिल, कार, बस और ट्रकों के डैशबोर्ड पर चालकों की सुविधा और सड़क सुरक्षा के लिए दो अत्यंत महत्वपूर्ण मीटर लगे होते हैं:

मापक यंत्रस्पीडोमीटर (Speedometer / चालमापी)ओडोमीटर (Odometer / पथमापी)
क्या मापता है?वाहन की तात्कालिक चाल (Instantaneous Speed)।वाहन द्वारा तय की गई कुल दूरी (Total Distance)।
मात्रक (Unit)किलोमीटर प्रति घंटा ($\text{km/h}$)।किलोमीटर ($\text{km}$)।
प्रकृतिगतिशील सुई या डिजिटल स्क्रीन पर चाल हर सेकंड बदलती है।संख्याएँ लगातार जुड़ती जाती हैं (कभी घटती नहीं)।
उपयोगितासड़क पर गति सीमा (Speed limit) का पालन करने हेतु।यात्रा का किराया, माइलेज तथा ईंधन खपत का हिसाब रखने हेतु।

स्मरण सूत्र: स्पीडोमीटर = स्पीड (चाल) और ओडोमीटर = ओडो (पथ/दूरी)।

4. दूरी-समय ग्राफ: आलेखीय निरूपण एवं व्याख्या (Distance-Time Graphs)

किसी वस्तु की गति को ग्राफ पेपर पर सचित्र रूप में प्रदर्शित करना दूरी-समय ग्राफ (Distance-Time Graph) कहलाता है। इसमें:

  • X-अक्ष (क्षैतिज अक्ष): स्वतंत्र चर अर्थात समय ($t$) को दर्शाया जाता है।
  • Y-अक्ष (ऊर्ध्वाधर अक्ष): परतंत्र चर अर्थात तय की गई दूरी ($s$) को दर्शाया जाता है।
ग्राफ के विभिन्न रूप एवं उनका भौतिक अर्थ:
1. सीधी तिर्यक रेखा (Straight Slanted Line)

वस्तु एकसमान चाल (Uniform Speed) से चल रही है। रेखा जितनी अधिक खड़ी होगी, चाल उतनी ही अधिक होगी।

2. X-अक्ष के समांतर क्षैतिज रेखा (Horizontal Line)

समय बीत रहा है किंतु दूरी स्थिर है। अर्थात वस्तु विरामावस्था (At Rest / स्थिर) में है ($v = 0$)।

3. वक्र रेखा (Curved Line)

दूरी समान समयांतरालों में असमान रूप से बदल रही है। अर्थात वस्तु की गति असमान चाल (Non-uniform Speed) है।

ग्राफ से चाल ज्ञात करने का सूत्र (Slope of Graph): $$\text{दूरी-समय ग्राफ की ढाल (Slope)} = \frac{\text{दूरी में परिवर्तन (}\Delta s\text{)}}{\text{समय में परिवर्तन (}\Delta t\text{)}} = \mathbf{\text{चाल (Speed, } v)}$$ अर्थात: ढाल जितना तीव्र (steep) होगा, वस्तु उतनी ही तेज गति से चलेगी।

महत्वपूर्ण रासायनिक सूत्र, अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

चाल का सूत्र
v = s / t
चाल = दूरी / समय
दूरी का सूत्र
s = v * t
दूरी = चाल * समय
समय का सूत्र
t = s / v
समय = दूरी / चाल
मात्रक रूपांतरण
1 km/h = 5/18 m/s
m/s = km/h * (5/18)
लोलक का आवर्तकाल
T = t / n
T = कुल समय / दोलनों की संख्या
ग्राफ का ढाल
Slope = Δs / Δt = v
दूरी-समय ग्राफ की प्रवणता = चाल

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
Q1 (संख्यात्मक - चाल गणना): एक बस राँची से जमशेदपुर की 130 किलोमीटर की दूरी 2.5 घंटे में तय करती है। बस की औसत चाल (A) $\text{km/h}$ में और (B) $\text{m/s}$ में ज्ञात कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:
दिया गया है:
तय की गई कुल दूरी ($s$) = $130\text{ km}$
लिया गया कुल समय ($t$) = $2.5\text{ h}$

(A) चाल $\text{km/h}$ में:
$$\text{चाल } (v) = \frac{s}{t} = \frac{130}{2.5} = \mathbf{52 \text{ km/h}}$$
(B) चाल $\text{m/s}$ में:
$$\text{चाल } (v) = 52 \times \frac{5}{18} = \frac{260}{18} = \mathbf{14.44 \text{ m/s}}$$
अतः बस की चाल $52\text{ km/h}$ या $14.44\text{ m/s}$ है।
उदाहरण 2
Q2 (संख्यात्मक - लोलक आवर्तकाल): एक सरल लोलक 20 पूर्ण दोलन पूरे करने में 40 सेकंड का समय लेता है। इस लोलक का आवर्तकाल ($T$) क्या होगा?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:
दिया गया है:
दोलनों की कुल संख्या ($n$) = $20$
लिया गया कुल समय ($t$) = $40\text{ s}$

सूत्र:
$$\text{आवर्तकाल } (T) = \frac{\text{लिया गया कुल समय (}t\text{)}}{\text{दोलनों की संख्या (}n\text{)}} = \frac{40}{20} = \mathbf{2.0 \text{ s}}$$
उत्तर: लोलक का आवर्तकाल $2$ सेकंड है (अर्थात 1 दोलन में 2 सेकंड लगते हैं)।
उदाहरण 3
Q3 (संख्यात्मक - ओडोमीटर पाठ्यांक): सुबह 8:00 AM पर एक कार के ओडोमीटर का पाठ्यांक $57321.0\text{ km}$ था। सुबह 8:30 AM पर पाठ्यांक बदलकर $57336.0\text{ km}$ हो गया। इस समयावधि में कार की चाल $\text{km/min}$ तथा $\text{km/h}$ में ज्ञात कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

हल:
कार द्वारा तय की गई दूरी ($s$) = $57336.0 - 57321.0 = 15.0\text{ km}$
लिया गया समय ($t$) = सुबह 8:00 से 8:30 = $30\text{ मिनट} = 0.5\text{ घंटा}$

1. $\text{km/min}$ में चाल:

$$v = \frac{15\text{ km}}{30\text{ min}} = \mathbf{0.5 \text{ km/min}}$$


2. $\text{km/h}$ में चाल:

$$v = \frac{15\text{ km}}{0.5\text{ h}} = \mathbf{30 \text{ km/h}}$$


उत्तर: कार की चाल $0.5\text{ km/min}$ और $30\text{ km/h}$ है।
उदाहरण 4
Q4 (अवधारणात्मक - ग्राफ व्याख्या): नीचे दिए गए दूरी-समय ग्राफ में दो कारें A और B दिखाई गई हैं। कार A की रेखा कार B की तुलना में अधिक ढालू (steep) है। कौन-सी कार अधिक तेज चल रही है और क्यों?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर: कार A अधिक तेज चल रही है।
वैज्ञानिक कारण: दूरी-समय ग्राफ का ढाल (Slope / प्रवणता) वस्तु की चाल को दर्शाता है ($v = \frac{\Delta s}{\Delta t}$)। जिस रेखा का ढाल जितना अधिक (खड़ा) होता है, वह समान समय में उतनी ही अधिक दूरी तय करती है। चूंकि रेखा A का ढाल रेखा B से अधिक है, अतः कार A की चाल कार B से अधिक है।
उदाहरण 5
Q5 (दैनिक जीवन अनुप्रयोग): यदि प्रकाश की चाल $300,000\text{ km/s}$ है और सूर्य से पृथ्वी तक प्रकाश पहुँचने में 8 मिनट 20 सेकंड लगते हैं, तो पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:
प्रकाश की चाल ($v$) = $300,000\text{ km/s}$
समय ($t$) = $8\text{ मिनट } 20\text{ सेकंड} = (8 \times 60) + 20 = 480 + 20 = 500\text{ सेकंड}$

सूत्र:
$$\text{दूरी } (s) = \text{चाल } (v) \times \text{समय } (t)$$
$$s = 300,000\text{ km/s} \times 500\text{ s} = 150,000,000\text{ km}$$$$= \mathbf{15 \text{ करोड़ किलोमीटर (या } 1.5 \times 10^8 \text{ km)}}$$
उत्तर: सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी लगभग 15 करोड़ किलोमीटर है।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

ओडोमीटर (Odometer) और स्पीडोमीटर (Speedometer) के कार्यों में भ्रमित होना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

स्पीडोमीटर चाल ($km/h$) बताता है कि गाड़ी कितनी तेज चल रही है, जबकि ओडोमीटर कुल तय की गई दूरी ($km$) का हिसाब रखता है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

यह मानना कि भारी गोलक लटकाने से लोलक का आवर्तकाल बढ़ जाता है।

सही वैज्ञानिक तथ्य

लोलक का आवर्तकाल गोलक के भार पर बिल्कुल निर्भर नहीं करता; यदि एक ही लंबाई के धागे पर लोहे का 1 किलो का गोला या लकड़ी का 50 ग्राम का गोला लटकाया जाए, दोनों का आवर्तकाल बिल्कुल समान रहेगा।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

मात्रक रूपांतरण में $km/h$ को $m/s$ में बदलने के लिए $18/5$ से गुणा कर देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

$km/h$ (बड़ी इकाई) से $m/s$ (छोटी इकाई) में जाने के लिए सदैव छोटे अनुपात $5/18$ से गुणा करें, और $m/s$ से $km/h$ में जाने के लिए $18/5$ से गुणा करें।

चित्रात्मक व्याख्या एवं मॉडल

गति एवं समय के प्रमुख घटक (Core Components of Motion & Time)
चाल: v = s / t ➔ सरल लोलक: T = t / n ➔ स्पीडोमीटर (km/h) + ओडोमीटर (km) ➔ दूरी-समय ग्राफ (ढाल = चाल)

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
एकांक समय में किसी वस्तु द्वारा तय की गई दूरी को उसकी चाल (Speed) कहते हैं ($v = s / t$)।
मुख्य बिंदु 2
चाल का अंतर्राष्ट्रीय मानक (SI) मात्रक मीटर प्रति सेकंड ($m/s$) तथा व्यावहारिक मात्रक किलोमीटर प्रति घंटा ($km/h$) है।
मुख्य बिंदु 3
$1\text{ km/h} = \frac{5}{18}\text{ m/s}$ तथा $1\text{ m/s} = \frac{18}{5}\text{ km/h}$ होता है।
मुख्य बिंदु 4
यदि सरल रेखा में गतिमान वस्तु की चाल नियत रहती है तो गति एकसमान (Uniform) होती है, अन्यथा असमान (Non-uniform) होती है।
मुख्य बिंदु 5
आवर्ती गति (Periodic Motion) वह है जो निश्चित समयांतराल बाद खुद को दोहराती है; घड़ियाँ इसी सिद्धांत पर काम करती हैं।
मुख्य बिंदु 6
सरल लोलक के एक पूर्ण दोलन में लगे समय को उसका आवर्तकाल ($T = t / n$) कहते हैं।
मुख्य बिंदु 7
सरल लोलक का आवर्तकाल केवल उसकी लंबाई पर निर्भर करता है, गोलक के द्रव्यमान पर नहीं।
मुख्य बिंदु 8
स्पीडोमीटर वाहन की तात्कालिक चाल ($km/h$) मापता है जबकि ओडोमीटर तय की गई कुल दूरी ($km$) मापता है।
मुख्य बिंदु 9
दूरी-समय ग्राफ में X-अक्ष पर समय और Y-अक्ष पर दूरी को दर्शाया जाता है।
मुख्य बिंदु 10
दूरी-समय ग्राफ की सीधी रेखा एकसमान चाल दर्शाती है, क्षैतिज रेखा विरामावस्था दर्शाती है, और ग्राफ का ढाल (Slope) चाल के बराबर होता है।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
चाल की परिभाषा और इसका SI मात्रक लिखिए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: किसी वस्तु द्वारा एकांक समय में तय की गई दूरी को उसकी चाल कहते हैं ($v = s / t$)। चाल का अंतर्राष्ट्रीय मानक (SI) मात्रक मीटर प्रति सेकंड ($m/s$) है।
2
एकसमान गति और असमान गति में क्या अंतर है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: यदि कोई वस्तु सरल रेखा में समान समयांतरालों में समान दूरी तय करती है (चाल स्थिर रहती है), तो इसे एकसमान गति कहते हैं। यदि वस्तु की चाल समय के साथ बदलती रहती है, तो इसे असमान गति कहते हैं।
3
सरल लोलक का आवर्तकाल किन-किन बातों पर निर्भर करता है और किन पर नहीं?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: सरल लोलक का आवर्तकाल केवल धागे की लंबाई ($l$) और उस स्थान के गुरुत्वीय त्वरण पर निर्भर करता है। यह लोलक के गोलक के द्रव्यमान और दोलन के आयाम पर बिल्कुल निर्भर नहीं करता।
4
वाहनों में लगे स्पीडोमीटर और ओडोमीटर में मुख्य अंतर क्या है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: स्पीडोमीटर वाहन की तात्कालिक चाल ($km/h$) को मापता है, जबकि ओडोमीटर वाहन द्वारा यात्रा के दौरान तय की गई कुल दूरी ($km$) को मापता है।
5
दूरी-समय ग्राफ में यदि रेखा समय-अक्ष (X-अक्ष) के समानांतर एक क्षैतिज रेखा हो, तो इसका क्या अर्थ है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: यदि दूरी-समय ग्राफ क्षैतिज रेखा है, तो इसका अर्थ है कि समय तो बढ़ रहा है लेकिन वस्तु की दूरी में कोई बदलाव नहीं हो रहा है; अर्थात वस्तु पूरी तरह विरामावस्था (स्थिर अवस्था / Rest) में है।
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
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