1.1 जैव विविधता और भारत की स्थिति
जैव विविधता (Biodiversity): पृथ्वी पर पाए जाने वाले सभी जीवों (वनस्पतियों, प्राणियों और सूक्ष्मजीवों) की विविधता, उनके आवासों और उनके मध्य जटिल पारिस्थितिक अंतर्संबंधों को जैव विविधता कहा जाता है।
- भारत विश्व के 12 महा-विविधता (Mega-biodiversity) वाले देशों में से एक है।
- भारत में लगभग 81,000 वन्यजीव प्रजातियाँ और 47,000 वनस्पति प्रजातियाँ पाई जाती हैं। वनस्पति प्रजातियों में लगभग 15,000 प्रजातियाँ देशज (स्थानिक) हैं जो केवल भारत में पाई जाती हैं।
- वर्तमान में भारत में कम से कम 10% वन्य वनस्पतिजात और 20% स्तनधारियों के लुप्त होने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
1.2 IUCN के अनुसार प्रजातियों का वर्गीकरण
अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक संरक्षण संघ (IUCN - International Union for Conservation of Nature and Natural Resources) के अनुसार पौधों और प्राणियों की जातियों को निम्नलिखित श्रेणियों में बांटा गया है:
| श्रेणी का नाम | लक्षण एवं परिभाषा | प्रमुख उदाहरण |
|---|---|---|
| 1. सामान्य जातियाँ (Normal Species) | वे जातियाँ जिनकी संख्या जीवित रहने के लिए सामान्य मानी जाती है। | साल, चीड़, मवेशी, कृंतक (Rodents)। |
| 2. संकटग्रस्त जातियाँ (Endangered Species) | वे जातियाँ जिनके लुप्त होने का खतरा है। यदि विपरीत परिस्थितियाँ जारी रहीं तो इनका जीवित रहना कठिन हो जाएगा। | काला हिरण (Black buck), मगरमच्छ, भारतीय जंगली गधा, गेंडा (Indian Rhino), शेर की पूंछ वाला मकाक बंदर, संगाई (मणिपुर का हिरण)। |
| 3. सुभेद्य जातियाँ (Vulnerable Species) | वे जातियाँ जिनकी संख्या लगातार घट रही है। यदि इनकी आबादी घटाने वाले कारकों को नहीं रोका गया तो ये संकटग्रस्त श्रेणी में आ जाएंगी। | नीली भेड़, एशियाई हाथी, गंगा नदी की डॉल्फिन। |
| 4. दुर्लभ जातियाँ (Rare Species) | इन जातियों की संख्या बहुत कम या विषम है। यदि विपरीत परिस्थितियों में सुधार नहीं हुआ तो ये संकटग्रस्त या सुभेद्य बन सकती हैं। | हिमालयी भूरा भालू, जंगली एशियाई भैंस, मरुस्थली लोमड़ी, हॉर्नबिल। |
| 5. स्थानिक जातियाँ (Endemic Species) | प्राकृतिक या भौगोलिक सीमाओं द्वारा अलग-थलग विशेष क्षेत्रों में ही पाई जाने वाली जातियाँ। | अंडमानी टील (जंगली बत्तख), निकोबारी कबूतर, अंडमानी जंगली सूअर, मिथुन (अरुणाचल प्रदेश)। |
| 6. लुप्त जातियाँ (Extinct Species) | वे जातियाँ जो अपने आवास स्थलों में खोज करने पर पूरी तरह अनुपस्थित पाई गई हैं; जो पृथ्वी से हमेशा के लिए विलुप्त हो चुकी हैं। | एशियाई चीता (1952 में भारत में लुप्त घोषित), गुलाबी सिर वाली बत्तख (Pink-headed duck)। |