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झारखण्ड बोर्ड (JAC) • कक्षा X • Social Science • अध्याय 12
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ (Lifelines of National Economy)

किसी भी देश या क्षेत्र के विकास की गति केवल वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन पर ही नहीं, बल्कि उनके एक स्थान से दूसरे स्थान तक संचलन और सुगम परिवहन की सुविधा पर भी निर्भर करती है। परिवहन के साधन (सड़क, रेल, पाइपलाइन, जल और वायु) तथा तीव्र संचार माध्यम (डाक, टेलीकॉम, इंटरनेट, जनसंचार) देश को एक सूत्र में बांधते हैं और आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करते हैं; इसीलिए इन्हें 'राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ' कहा जाता है। भारत का सड़क जाल लगभग 62.16 लाख किलोमीटर के साथ विश्व के विशालतम नेटवर्कों में से एक है। सड़क परिवहन अपनी कम लागत, घर-घर सेवा और उबड़-खाबड़ भूभागों पर निर्माण की सुगमता के कारण रेल परिवहन से श्रेष्ठ है। स्वर्णिम चतुर्भुज महामार्ग (Golden Quadrilateral), उत्तर-दक्षिण व पूर्व-पश्चिम गलियारे, और 1960 में गठित 'सीमा सड़क संगठन' (BRO) की सामरिक सड़कें (जैसे 9.02 किमी लंबी अटल टनल) देश के आर्थिक व रक्षा ढांचे को सुदृढ़ करती हैं। रेलवे देश में भारी माल और लंबी दूरी के यात्री परिवहन की रीढ़ है (1853 में मुंबई से ठाणे पहली यात्रा)। पाइपलाइन परिवहन ने खनिज तेल और प्राकृतिक गैस के रिसाव-मुक्त परिवहन में क्रांति ला दी है (HVJ पाइपलाइन)। जल परिवहन सबसे सस्ता और पर्यावरण-अनुकूल साधन है (NW 1 गंगा नदी, NW 2 ब्रह्मपुत्र नदी) तथा भारत के 12 प्रमुख समुद्री पत्तन (कांडला, मुंबई, मारमागाओ, न्यू मंगलुरु, कोच्चि, तूतीकोरिन, चेन्नई, विशाखापट्टनम, पारादीप, कोलकाता) विदेशी व्यापार के मुख्य द्वार हैं। इसके अलावा, वायु परिवहन (तीव्रतम व प्रतिष्ठित), भारतीय डाक नेटवर्क, जनसंचार, तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार का 'अनुकूल व्यापार संतुलन' एवं 'पर्यटन एक व्यापार के रूप में' देश के आर्थिक रूपांतरण के प्रमुख स्तंभ हैं।

क्या सड़कें और इंटरनेट किसी देश की रक्त वाहिनियों (Blood Vessels) की तरह काम करते हैं?

हमारे शरीर में जैसे धमनियां और शिराएं सिर से पैर तक खून, ऑक्सीजन और पोषक तत्वों को पहुंचाती हैं, ठीक वैसे ही सड़कें, रेलवे पटरियां, पाइपलाइनें, बंदरगाह और फाइबर-ऑप्टिक केबल किसी देश की धमनियां हैं! यदि एक दिन के लिए देश की सड़कें और इंटरनेट बंद हो जाएं, तो शहर भूखे मर जाएंगे, कारखाने ठप हो जाएंगे और व्यापार शून्य हो जाएगा। परिवहन और संचार केवल गाड़ियां और फोन नहीं हैं—वे भारत के 140 करोड़ लोगों को जोड़ने वाला धड़कता हुआ दिल हैं। आइए जानें कि कैसे ये जीवन रेखाएँ हमारे भारत को सशक्त और समृद्ध बनाती हैं!

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

JAC और CBSE कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में 'राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ' भूगोल का अनिवार्य और उच्च अंक-प्रदाता अध्याय है। सड़क परिवहन की रेल परिवहन पर श्रेष्ठता के कारण, स्वर्णिम चतुर्भुज महामार्ग के उद्देश्य, भारत के प्रमुख राष्ट्रीय जलमार्ग (NW 1 और NW 2), भारत के प्रमुख समुद्री पत्तनों की भौगोलिक विशेषताएं (कांडला, मुंबई, मारमागाओ, विशाखापट्टनम, कोलकाता), पाइपलाइन परिवहन के लाभ, अनुकूल बनाम प्रतिकूल व्यापार संतुलन, तथा 'पर्यटन एक फलता-फूलता उद्योग' पर 3 से 5 अंकों के प्रश्न प्रतिवर्ष पूछे जाते हैं। मानचित्र कार्य (Map Work) में कांडला, मुंबई, मारमागाओ, कोच्चि, तूतीकोरिन, चेन्नई, विशाखापट्टनम, पारादीप, हल्दिया पत्तनों, तथा अमृतसर, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और हैदराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को दर्शाना शत-प्रतिशत निश्चित होता है।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • परिवहन के प्रमुख साधनों (स्थल, जल, वायु) की प्राथमिक समझ।
  • भारत की तटीय सीमा (7,516.6 किमी) और प्रमुख समुद्री राज्यों का सामान्य ज्ञान।
  • आयात और निर्यात के बुनियादी आर्थिक अर्थ से परिचय।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • सड़क परिवहन की रेल परिवहन पर तुलनात्मक श्रेष्ठता और भारत में सड़कों के षट्-स्तरीय वर्गीकरण का विश्लेषण करना।
  • भारतीय रेल तंत्र के महत्व, वितरण प्रारूप को प्रभावित करने वाले कारकों और पाइपलाइन परिवहन के लाभों की व्याख्या करना।
  • राष्ट्रीय जलमार्गों (NW 1, NW 2) और भारत के 12 प्रमुख समुद्री पत्तनों (कांडला, मारमागाओ, विशाखापट्टनम आदि) की विशिष्टताओं का परीक्षण करना।
  • वायु परिवहन, भारतीय डाक प्रणाली (प्रथम व द्वितीय श्रेणी डाक) और जनसंचार माध्यमों के महत्व को समझना।
  • अंतरराष्ट्रीय व्यापार के संतुलन (अनुकूल बनाम प्रतिकूल) तथा भारतीय अर्थव्यवस्था में पर्यटन की भूमिका का मूल्यांकन करना।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. स्थल परिवहन: सड़क परिवहन एवं सड़...
2 2. रेल परिवहन एवं पाइपलाइन परिवहन न...
3 3. जल परिवहन: राष्ट्रीय जलमार्ग एवं...
4 4. वायु परिवहन एवं संचार साधन (डाक,...
5 5. अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं पर्यटन...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. स्थल परिवहन: सड़क परिवहन एवं सड़कों का वर्गीकरण

1.1 सड़क परिवहन का महत्व एवं रेलवे पर श्रेष्ठता

भारत विश्व के सबसे बड़े सड़क नेटवर्कों में से एक है जिसकी कुल लंबाई लगभग 62.16 लाख किलोमीटर है। भारत में सड़क परिवहन रेल परिवहन से पहले प्रारंभ हुआ और आज भी कई कारणों से अधिक उपयोगी है:

रेलवे की तुलना में सड़क परिवहन की श्रेष्ठता के प्रमुख कारण:
1. कम निर्माण लागत: रेलवे लाइन बिछाने की तुलना में सड़कों के निर्माण और रखरखाव की लागत बहुत कम होती है。
2. विषम व ढलवां भूभागों पर सुगम: सड़कें अत्यधिक उबड़-खाबड़, विच्छिन्न और तीव्र ढालों वाले पर्वतीय क्षेत्रों (जैसे हिमालय) में भी आसानी से बनाई जा सकती हैं जहाँ रेल लाइन बिछाना असंभव होता है。
3. कम दूरी व कम माल हेतु किफायती: कम दूरी की यात्रा तथा थोड़े माल और कम यात्रियों के लिए सड़क परिवहन सबसे किफायती और लचीला साधन है。
4. घर-घर सेवा (Door-to-door service): सड़कें सीधे खेत से मंडी और घर के दरवाजे तक माल पहुंचाती हैं, जिससे सामान चढ़ाने-उतारने की लागत न्यूनतम होती है。
5. अन्य परिवहन साधनों के लिए पूरक (Feeder): सड़कें रेलवे स्टेशनों, वायु पत्तनों और समुद्री बंदरगाहों को जोड़ने वाली 'फीडर' (पोषक कड़ी) का कार्य करती हैं।

1.2 भारत में सड़कों का वर्गीकरण (Classification of Roads)

सड़क का प्रकारप्रबंधन एजेंसीउद्देश्य एवं प्रमुख विशेषताएं
1. स्वर्णिम चतुर्भुज महामार्ग (Golden Quadrilateral)NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण)देश के चार बड़े महानगरों—दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई को 6-लेन वाले महामार्ग से जोड़ना। इसके दो बड़े गलियारे हैं:
• उत्तर-दक्षिण गलियारा: श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) को कन्याकुमारी (तमिलनाडु) से जोड़ता है।
• पूर्व-पश्चिम गलियारा: सिल्चर (असम) को पोरबंदर (गुजरात) से जोड़ता है। इसका मुख्य उद्देश्य महानगरों के बीच दूरी और समय को न्यूनतम करना है।
2. राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highways)CPWD (केंद्रीय लोक निर्माण विभाग)देश के दूरस्थ भागों को जोड़ने वाला प्राथमिक सड़क तंत्र। ऐतिहासिक शेरशाह सूरी मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 1) दिल्ली और अमृतसर के बीच स्थित है।
3. राज्य राजमार्ग (State Highways)PWD (लोक निर्माण विभाग)राज्यों की राजधानियों को जिला मुख्यालयों से जोड़ने वाली सड़कें।
4. जिला मार्ग (District Roads)जिला परिषदजिले के विभिन्न प्रशासनिक केंद्रों को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली सड़कें।
5. अन्य (ग्रामीण) सड़केंPMGSY (प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना)ग्रामीण क्षेत्रों और गांवों को शहरों से जोड़ने वाली सड़कें। PMGSY के तहत देश के हर गांव को वर्ष भर चलने वाली पक्की सड़क से जोड़ा जा रहा है।
6. सीमांत सड़कें (Border Roads)BRO (सीमा सड़क संगठन - 1960 में गठित)उत्तरी तथा उत्तर-पूर्वी सीमावर्ती क्षेत्रों में सामरिक महत्व की सड़कों का निर्माण व रखरखाव। इसने दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन सुगम किया है। विश्व की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग अटल टनल (9.02 किमी) पूरे साल मनाली को लाहुल-स्पीति घाटी से जोड़ती है।

2. रेल परिवहन एवं पाइपलाइन परिवहन नेटवर्क

2.1 रेल परिवहन (Railways): अर्थव्यवस्था की मुख्य रीढ़

भारत में रेल परिवहन वस्तुओं और यात्रियों के आवागमन का प्रमुख साधन है। भारत में पहली रेलगाड़ी 16 अप्रैल 1853 को मुंबई से ठाणे के बीच (34 किमी की दूरी) चलाई गई थी। वर्तमान में भारतीय रेल नेटवर्क 16 जोनों (प्रखों) में विभाजित है।

  • रेलवे जाल के वितरण को प्रभावित करने वाले कारक:
    • उत्तरी भारत का विशाल मैदान: अपनी समतल भूमि, सघन जनसंख्या घनत्व, समृद्ध कृषि और संपन्न औद्योगिक संसाधनों के कारण रेल परिवहन के विकास के लिए सर्वाधिक अनुकूल है (यहाँ रेलवे का सबसे सघन जाल है)। यद्यपि चौड़ी नदियों पर पुल बनाने में भारी लागत आती है।
    • प्रायद्वीपीय पठार एवं पहाड़ी क्षेत्र: ऊबड़-खाबड़ धरातल और पहाड़ियों के कारण यहाँ रेल लाइनें संकरे दर्रों और सुरंगों से होकर गुजरती हैं।
    • प्रतिकूल क्षेत्र: हिमालय की तीव्र ढाल व विरल आबादी, पश्चिमी राजस्थान का रेतीला मरुस्थल, गुजरात का दलदली कच्छ और मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ के घने दलदली वन रेल लाइनों के निर्माण के लिए अत्यंत प्रतिकूल हैं।
  • रेलवे की प्रमुख समस्याएँ: बिना टिकट यात्रा, अनावश्यक रूप से जंजीर खींचकर गाड़ियों को रोकना, और रेलवे संपत्ति की चोरी व तोड़फोड़ से भारी वित्तीय नुकसान।

2.2 पाइपलाइन परिवहन (Pipelines): आधुनिक परिवहन माध्यम

पहले पाइपलाइन का उपयोग केवल शहरों और उद्योगों में पानी पहुंचाने के लिए होता था। आज इसका उपयोग कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पाद तथा प्राकृतिक गैस को तेल व गैस क्षेत्रों से शोधनशालाओं (Refineries), उर्वरक कारखानों और ताप विद्युत संयंत्रों तक ले जाने में किया जाता है। यहाँ तक कि ठोस पदार्थों को भी घोल (Slurry) बनाकर पाइपलाइन द्वारा भेजा जाता है।

पाइपलाइन के लाभ: पाइपलाइन बिछाने की आरंभिक लागत अधिक होती है, परंतु इसके संचालन (रखरखाव) की लागत नगण्य होती है। इसमें माल के संचरण में होने वाली देरी और रास्ते में होने वाले नुकसान व रिसाव (Trans-shipment losses) पूरी तरह समाप्त हो जाते हैं।

भारत के तीन प्रमुख पाइपलाइन नेटवर्क:

  1. असम से कानपुर: असम के ऊपरी तेल क्षेत्रों से गुवाहाटी, बरौनी (बिहार) और प्रयागराज होते हुए कानपुर (उ.प्र.) तक।
  2. सलाया से जालंधर: गुजरात के सलाया से विरमगाम, मथुरा, दिल्ली और सोनीपत होते हुए जालंधर (पंजाब) तक।
  3. HVJ पाइपलाइन: गैस पाइपलाइन जो गुजरात के हजीरा को मध्य प्रदेश के विजयपुर के रास्ते उत्तर प्रदेश के जगदीशपुर से जोड़ती है (लंबाई: 1700 किमी)।

3. जल परिवहन: राष्ट्रीय जलमार्ग एवं प्रमुख समुद्री पत्तन

3.1 जल परिवहन एवं राष्ट्रीय जलमार्ग (National Waterways)

जल परिवहन परिवहन का सबसे सस्ता साधन है। यह भारी और स्थूल (Bulky) वस्तुओं के परिवहन के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है। यह ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण-अनुकूल साधन है। भारत में 14,500 किमी अंतर्देशीय जलमार्ग है जिसमें 5,685 किमी मशीनीकृत नौकाओं द्वारा नौगम्य है।

जलमार्गनदी / नहर एवं विस्तारलंबाई (किमी)
राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 1 (NW 1)गंगा नदी पर प्रयागराज (इलाहाबाद) से हल्दिया तक (नौगम्य जलमार्ग)।1,620 किमी (भारत का सबसे लंबा NW)
राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 2 (NW 2)ब्रह्मपुत्र नदी पर सदिया से धुबरी तक।891 किमी
राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 3 (NW 3)केरल में पश्चिमी तटीय नहर (कोट्टापुरम से कोल्लम, उद्योगमंडल तथा चंपकारा नहरें)।205 किमी
राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 4 (NW 4)गोदावरी और कृष्णा नदियों के साथ-साथ काकीनाडा-पुडुचेरी नहर विस्तार।1,078 किमी
राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 5 (NW 5)ओडिशा में ब्राह्मणी नदी, मताई नदी और महानदी डेल्टा की नहरें।588 किमी

3.2 भारत के प्रमुख समुद्री पत्तन (Major Sea Ports)

भारत की 7,516.6 किमी लंबी तटरेखा पर 12 प्रमुख और 200 मध्यम व छोटे पत्तन स्थित हैं। देश का 95% विदेशी व्यापार (मूल्य अनुसार 68%) इन्हीं पत्तनों द्वारा संचालित होता है:

पत्तन का नामतट / राज्यविशिष्ट भौगोलिक एवं व्यापारिक महत्व
कांडला (दीनदयाल पत्तन)पश्चिमी तट (गुजरात, कच्छ)स्वतंत्रता के बाद कराची पत्तन के पाकिस्तान चले जाने पर मुंबई पत्तन के दबाव को घटाने हेतु विकसित पहला पत्तन। यह एक ज्वारीय पत्तन (Tidal Port) और कर-मुक्त व्यापार क्षेत्र (SEZ) है।
मुंबई पत्तनपश्चिमी तट (महाराष्ट्र)भारत का सबसे बड़ा प्राकृतिक पत्तन एवं विशाल पोताश्रय। इसके दबाव को कम करने हेतु पास में जवाहरलाल नेहरू पत्तन (न्हावा शेवा) बनाया गया।
मारमागाओ पत्तनपश्चिमी तट (गोवा)देश के लौह अयस्क निर्यात का लगभग 50% अकेले इसी पत्तन से होता है।
न्यू मंगलुरु पत्तनपश्चिमी तट (कर्नाटक)कुद्रेमुख खदानों के लौह अयस्क सांद्रण का शत-प्रतिशत निर्यात करता है।
कोच्चि पत्तनपश्चिमी तट (केरल)एक लैगून के मुहाने पर स्थित प्राकृतिक पोताश्रय।
तूतीकोरिन पत्तनपूर्वी तट (तमिलनाडु)दक्षिण-पूर्वी छोर पर प्राकृतिक पोताश्रय; श्रीलंका व मालदीव के साथ व्यापार।
चेन्नई पत्तनपूर्वी तट (तमिलनाडु)भारत का सबसे पुराना कृत्रिम पत्तन (Artificial Port); व्यापार में मुंबई के बाद दूसरा स्थान।
विशाखापट्टनम पत्तनपूर्वी तट (आंध्र प्रदेश)भारत का सबसे गहरा, स्थल से घिरा (Landlocked) और सुरक्षित पत्तन; लौह अयस्क निर्यात हेतु प्रसिद्ध।
पारादीप पत्तनपूर्वी तट (ओडिशा)ओडिशा और झारखंड के लौह अयस्क का मुख्य निर्यातक।
कोलकाता पत्तनपूर्वी तट (पश्चिम बंगाल)एक नदीय पत्तन (Riverine Port) जो हुगली नदी पर स्थित है। यह ज्वारीय पत्तन है अतः हुगली में नियमित तलछट हटाने (Dredging) की आवश्यकता होती है।
हल्दिया पत्तनपूर्वी तट (पश्चिम बंगाल)कोलकाता पत्तन के बढ़ते व्यापारिक भार को कम करने हेतु सहायक पत्तन के रूप में विकसित।

4. वायु परिवहन एवं संचार साधन (डाक, टेलीकॉम व जनसंचार)

4.1 वायु परिवहन (Airways)

वायु परिवहन सबसे तीव्र, आरामदायक और प्रतिष्ठित परिवहन साधन है। यह ऊंचे पर्वतों, विशाल मरुस्थलों, घने जंगलों और लंबी समुद्री दूरियों को सुगमता से पार कर सकता है (पूर्वोत्तर राज्यों में नदियों की बाढ़ और उबड़-खाबड़ धरातल के कारण वायु परिवहन जीवन रेखा है)।

  • 1953 में वायु परिवहन का राष्ट्रीयकरण किया गया। एयर इंडिया (Air India) अंतरराष्ट्रीय और घरेलू सेवाएं प्रदान करती है।
  • पवन हंस हेलीकॉप्टर्स लिमिटेड: तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग (ONGC) को उसके अपतटीय संक्रियाओं में तथा पूर्वोत्तर राज्यों व जम्मू-कश्मीर के दुर्गम व बीहड़ इलाकों में हेलीकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध कराता है।
  • प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे: अमृतसर (राजा सांसी / गुरु रामदास जी), दिल्ली (इंदिरा गांधी), मुंबई (छत्रपति शिवाजी), चेन्नई (मीनांबक्कम), कोलकाता (नेताजी सुभाष चंद्र बोस), हैदराबाद (राजीव गांधी)।

4.2 संचार सेवाएं: डाक नेटवर्क एवं जनसंचार

भारतीय डाक नेटवर्क (Postal Network)

• भारत का डाक संचार नेटवर्क विश्व का सबसे बड़ा नेटवर्क है।
• प्रथम श्रेणी डाक (First Class Mail): पोस्टकार्ड और अंतर्देशीय पत्र/लिफाफे—इन्हें हवाई जहाजों द्वारा तेजी से गंतव्य तक पहुंचाया जाता है।
• द्वितीय श्रेणी डाक: रजिस्टर्ड पैकेट, किताबें और समाचार पत्र—इन्हें थल और जल मार्गों द्वारा ले जाया जाता है।
• बड़े शहरों में डाक वितरण को त्वरित करने हेतु 6 डाक चैनल बनाए गए हैं: राजधानी चैनल, मेट्रो चैनल, ग्रीन चैनल, व्यापार चैनल, पत्रिका चैनल और त्वरित डाक चैनल (Speed Post)।

दूरसंचार एवं जनसंचार (Mass Media)

• भारत एशिया में सबसे बड़े टेलीकॉम नेटवर्कों में से एक है। STD (सब्सक्राइबर ट्रंक डायलिंग) ने दूर-दराज के गांवों को शहरों से जोड़ दिया है।
• आकाशवाणी (All India Radio): राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और स्थानीय भाषाओं में विविध शैक्षणिक व मनोरंजक कार्यक्रम प्रसारित करता है।
• दूरदर्शन (Doordarshan): भारत का राष्ट्रीय टेलीविजन नेटवर्क; विश्व के सबसे बड़े स्थलीय नेटवर्कों में से एक है।
• सिनेमा: भारत विश्व में सबसे अधिक फीचर फिल्मों का निर्माण करता है। CBFC (केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड) फिल्मों को प्रमाणित करता है।

5. अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं पर्यटन: आर्थिक विकास के संवाहक

5.1 अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं व्यापार संतुलन (Balance of Trade)

राज्यों और देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के आदान-प्रदान को व्यापार कहते हैं। दो देशों के बीच होने वाले व्यापार को अंतरराष्ट्रीय व्यापार (International Trade) कहा जाता है।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार किसी देश की 'आर्थिक प्रगति का बैरोमीटर' क्यों है?
कोई भी देश संसाधनों के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर नहीं हो सकता। अंतरराष्ट्रीय व्यापार का स्तर किसी देश की आर्थिक समृद्धि, उत्पादन क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सूचक होता है। इसलिए इसे देश का 'आर्थिक बैरोमीटर' कहा जाता है।

व्यापार संतुलन (Balance of Trade): किसी देश के निर्यात मूल्य (Export Value) और आयात मूल्य (Import Value) के अंतर को व्यापार संतुलन कहते हैं:

व्यापार संतुलन का प्रकारस्थिति (सूत्र)आर्थिक परिणाम
अनुकूल व्यापार संतुलन (Favourable Balance of Trade)निर्यात मूल्य > आयात मूल्य
(जब देश द्वारा बेची गई वस्तुओं का मूल्य खरीदी गई वस्तुओं से अधिक हो)
देश को शुद्ध विदेशी मुद्रा का लाभ होता है; अर्थव्यवस्था सुदृढ़ और संपन्न बनती है।
प्रतिकूल व्यापार संतुलन (Unfavourable Balance of Trade)आयात मूल्य > निर्यात मूल्य
(जब देश द्वारा खरीदी गई वस्तुओं का मूल्य बेची गई वस्तुओं से अधिक हो)
विदेशी मुद्रा का भंडार घटता है; देश पर विदेशी ऋण का बोझ बढ़ता है।

5.2 पर्यटन एक व्यापार के रूप में (Tourism as a Trade)

भारत में पिछले तीन दशकों में पर्यटन उद्योग में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। आज 150 लाख (15 मिलियन) से अधिक लोग प्रत्यक्ष रूप से पर्यटन उद्योग में कार्यरत हैं:

  • राष्ट्रीय एकता: विभिन्न राज्यों और संस्कृतियों के लोग जब एक-दूसरे के क्षेत्रों में भ्रमण करते हैं, तो राष्ट्रीय एकता और बंधुत्व की भावना प्रगाढ़ होती है।
  • स्थानीय हस्तकला और सांस्कृतिक उद्यमों को समर्थन: विदेशी और घरेलू पर्यटक स्थानीय दस्तकारों, कारीगरों और बुनकरों से हस्तशिल्प खरीदते हैं जिससे कुटीर उद्योगों को भारी संबल मिलता है।
  • विदेशी मुद्रा अर्जन: विदेशी पर्यटक भारत आकर होटल, परिवहन, खान-पान और खरीदारी पर अरबों डॉलर की विदेशी मुद्रा खर्च करते हैं।
  • पर्यटन के विविध रूप: भारत में विरासत पर्यटन (Heritage tourism), पर्यावरण पर्यटन (Eco-tourism), रोमांचकारी पर्यटन (Adventure tourism), सांस्कृतिक पर्यटन, और चिकित्सा पर्यटन (Medical tourism) तेजी से फल-फूल रहे हैं। भारत के विश्व-स्तरीय और किफायती अस्पतालों के कारण लाखों विदेशी नागरिक इलाज कराने भारत आते हैं।

महत्वपूर्ण ऐतिहासिक शब्दावली, कालक्रम एवं प्रशासनिक व्यवस्था

62.16 लाख किमी
भारत का कुल सड़क नेटवर्क; विश्व के सबसे बड़े सड़क तंत्रों में से एक।
स्वर्णिम चतुर्भुज
दिल्ली-कोलकाता-चेन्नई-मुंबई को जोड़ने वाला 6-लेन महामार्ग (NHAI)।
1960 BRO व अटल टनल
सीमा सड़क संगठन; सामरिक सड़कें; 9.02 किमी लंबी अटल टनल (मनाली-लाहुल)।
16 अप्रैल 1853
भारत की पहली रेलगाड़ी: मुंबई से ठाणे के बीच 34 किमी की ऐतिहासिक यात्रा।
HVJ गैस पाइपलाइन
1700 किमी लंबी हजीरा-विजयपुर-जगदीशपुर पाइपलाइन; उर्वरक व ऊर्जा रीढ़।
NW 1 (1620 किमी)
गंगा नदी पर प्रयागराज से हल्दिया तक; भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय जलमार्ग।
NW 2 (891 किमी)
ब्रह्मपुत्र नदी पर सदिया से धुबरी तक राष्ट्रीय जलमार्ग।
7516.6 किमी तटरेखा
भारत की तटरेखा पर 12 प्रमुख पत्तन; 95% विदेशी व्यापार की जीवन रेखा।
कांडला (दीनदयाल पत्तन)
गुजरात का ज्वारीय पत्तन (Tidal Port); स्वतंत्रता बाद कराची के विकल्प हेतु विकसित।
विशाखापट्टनम पत्तन
भारत का सबसे गहरा, स्थल से घिरा (Landlocked) और सुरक्षित प्राकृतिक बंदरगाह।
अनुकूल व्यापार संतुलन
जब निर्यात का मूल्य आयात के मूल्य से अधिक होता है (Export > Import)।
150 लाख+ रोजगार
भारत के पर्यटन उद्योग से प्रत्यक्ष रूप से आजीविका पाने वाले लोगों की संख्या।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
रेलवे की तुलना में सड़क परिवहन की श्रेष्ठता सिद्ध करने वाले किन्हीं चार प्रमुख तर्कों की व्याख्या कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
यद्यपि रेल परिवहन भारी माल के लिए महत्वपूर्ण है, परंतु दैनिक जीवन और भौगोलिक लचीलेपन में सड़क परिवहन रेलवे से कहीं अधिक श्रेष्ठ सिद्ध होता है। इसके चार प्रमुख कारण निम्न हैं:

1. अपेक्षाकृत कम निर्माण व रखरखाव लागत: रेलवे लाइन बिछाने, सिगनलिंग और स्टेशनों के निर्माण में भारी पूंजी निवेश होता है, जबकि सड़कों का निर्माण और मरम्मत बहुत कम लागत में तेजी से की जा सकती है।
2. विषम और ढलवां भूभागों पर निर्माण संभव: सड़कें अत्यधिक उबड़-खाबड़, विच्छिन्न और तीव्र ढालों वाले पर्वतीय क्षेत्रों (जैसे हिमालय की ऊंची चोटियों) में भी बनाई जा सकती हैं जहाँ रेल पटरियां बिछाना तकनीकी रूप से असंभव होता है।
3. घर-घर तक सीधी सेवा (Door-to-door Service): सड़कें सीधे खेत से माल उठाकर उपभोक्ता के घर के दरवाजे तक पहुंचाती हैं। इसमें सामान को बार-बार उतारने और चढ़ाने की मजदूरी और टूट-फूट का खर्च नहीं होता, जबकि रेलवे में स्टेशन तक सामान ढोने के लिए सड़कों पर ही निर्भर रहना पड़ता है।
4. कम दूरी और थोड़े माल के लिए सर्वाधिक किफायती: कम दूरी की यात्रा तथा कम मात्रा में माल भेजने के लिए सड़क परिवहन सबसे तेज, लचीला और किफायती साधन है। साथ ही सड़कें रेलवे स्टेशनों, बंदरगाहों और हवाई अड्डों को आपस में जोड़ने वाली पोषक (Feeder) कड़ी का कार्य करती हैं।
उदाहरण 2
स्वर्णिम चतुर्भुज महामार्ग (Golden Quadrilateral) की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं? इसके दोनों प्रमुख गलियारों का वर्णन कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
स्वर्णिम चतुर्भुज महामार्ग की विशेषताएं:
भारत सरकार ने देश के चार प्रमुख महानगरों—दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई को आपस में जोड़ने के लिए 6-लेन वाली एक महत्वाकांक्षी सुपर हाइवे सड़क परियोजना शुरू की, जिसे 'स्वर्णिम चतुर्भुज महामार्ग' कहा जाता है। इसका निर्माण और रखरखाव भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जाता है।
इसका मुख्य उद्देश्य भारत के विशाल महानगरों के मध्य की भौतिक दूरी और यात्रा के समय को न्यूनतम करना है जिससे व्यापार में तेजी आए。

इसके दो प्रमुख गलियारे (Corridors):
1. उत्तर-दक्षिण गलियारा (North-South Corridor): यह जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर को दक्षिण भारत के अंतिम छोर तमिलनाडु के कन्याकुमारी से जोड़ता है।
2. पूर्व-पश्चिम गलियारा (East-West Corridor): यह पूर्वोत्तर राज्य असम के सिल्चर को पश्चिमी छोर गुजरात के पोरबंदर से जोड़ता है। ये दोनों गलियारे उत्तर प्रदेश के झांसी में एक-दूसरे को काटते हैं।
उदाहरण 3
पाइपलाइन परिवहन क्या है? इसके प्रमुख लाभों और भारत के किन्हीं दो प्रमुख पाइपलाइन नेटवर्कों का उल्लेख कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
पाइपलाइन परिवहन का अर्थ:
पाइपलाइन भारत के परिवहन मानचित्र पर एक नया और अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है। पूर्व में इसका उपयोग केवल शहरों और कारखानों में पानी पहुंचाने के लिए होता था, परंतु आज इसका उपयोग कच्चा तेल, परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पाद तथा प्राकृतिक गैस को तेल क्षेत्रों से शोधनशालाओं, उर्वरक संयंत्रों और ताप बिजलीघरों तक ले जाने में किया जाता है। यहाँ तक कि लोहे के अयस्क को भी महीन पीसकर पानी के साथ घोल (Slurry) बनाकर पाइपलाइन द्वारा बंदरगाह तक भेजा जाता है。

पाइपलाइन परिवहन के मुख्य लाभ:
1. संचालन लागत लगभग शून्य: यद्यपि पाइपलाइन बिछाने की प्रारंभिक लागत अधिक होती है, परंतु एक बार चालू होने के बाद इसके संचालन और रखरखाव की लागत नगण्य होती है।
2. देरी और नुकसान की समाप्ति: सड़कों या रेलवे की तरह इसमें ट्रैफिक जाम, देरी या हड़ताल की कोई समस्या नहीं होती। रास्ते में माल के रिसाव, चोरी या चोरी-छिपे नुकसान (Trans-shipment losses) की संभावना पूरी तरह समाप्त हो जाती है。

दो प्रमुख पाइपलाइन नेटवर्क:
1. HVJ गैस पाइपलाइन: यह 1700 किमी लंबी पाइपलाइन गुजरात के हजीरा को मध्य प्रदेश के विजयपुर होते हुए उत्तर प्रदेश के जगदीशपुर से जोड़ती है।
2. सलाया-जालंधर पाइपलाइन: गुजरात के सलाया से विरमगाम, मथुरा, दिल्ली होते हुए पंजाब के जालंधर तक।
उदाहरण 4
भारत के पश्चिमी तट पर स्थित 'कांडला' और पूर्वी तट पर स्थित 'विशाखापट्टनम' पत्तनों की भौगोलिक और व्यापारिक विशेषताओं की तुलना कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
कांडला और विशाखापट्टनम भारत के दो अत्यंत रणनीतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री पत्तन हैं:

तुलना का आधारकांडला पत्तन (दीनदयाल पत्तन)विशाखापट्टनम पत्तन
भौगोलिक स्थितिपश्चिमी तट पर गुजरात के कच्छ जिले में स्थित।पूर्वी तट पर आंध्र प्रदेश में बंगाल की खाड़ी पर स्थित।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि1947 में देश के विभाजन के बाद कराची पत्तन के पाकिस्तान में चले जाने पर मुंबई पत्तन पर बढ़े भारी दबाव को कम करने हेतु स्वतंत्रता के तुरंत बाद विकसित किया गया पहला पत्तन।प्राकृतिक रूप से अत्यंत अनुकूल अवस्थिति वाला प्राचीन विकसित बंदरगाह।
पत्तन की प्रकृतियह एक ज्वारीय पत्तन (Tidal Port) है जहाँ जहाजों का प्रवेश ज्वार के समय होता है। इसे कर-मुक्त व्यापार क्षेत्र (Free Trade Zone) बनाया गया है।यह भारत का सबसे गहरा, स्थल से घिरा (Landlocked) और पूर्णतः सुरक्षित प्राकृतिक पत्तन है जो तूफानों से सुरक्षित रहता है।
मुख्य व्यापारिक सामग्रीउत्तरी व पश्चिमी भारत (जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान) के पेट्रोलियम उत्पादों, खाद्यान्न, उर्वरक और कच्चे माल का आयात-निर्यात।छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की खदानों से आने वाले लौह अयस्क का भारी मात्रा में जापान और विदेशों को निर्यात।
उदाहरण 5
अंतरराष्ट्रीय व्यापार में 'अनुकूल व्यापार संतुलन' और 'प्रतिकूल व्यापार संतुलन' से क्या तात्पर्य है? भारत में 'पर्यटन' को एक फलता-फूलता व्यापार क्यों माना जाता है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
व्यापार संतुलन (Balance of Trade):
किसी भी देश के अंतरराष्ट्रीय व्यापार में कुल 'निर्यात मूल्य' (देश से बाहर बेची गई वस्तुएं) और कुल 'आयात मूल्य' (विदेशों से खरीदी गई वस्तुएं) के अंतर को व्यापार संतुलन कहा जाता है:
1. अनुकूल व्यापार संतुलन (Favourable Balance of Trade): जब किसी देश का निर्यात मूल्य उसके आयात मूल्य से अधिक होता है (निर्यात > आयात), तो उसे अनुकूल व्यापार संतुलन कहते हैं। इससे देश को विदेशी मुद्रा की शुद्ध बचत होती है और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।
2. प्रतिकूल व्यापार संतुलन (Unfavourable Balance of Trade): जब किसी देश का आयात मूल्य उसके निर्यात मूल्य से अधिक हो जाता है (आयात > निर्यात), तो उसे प्रतिकूल व्यापार संतुलन कहते हैं। इससे विदेशी मुद्रा का ह्रास होता है और देश पर कर्ज बढ़ता है。

पर्यटन एक फलता-फूलता उद्योग क्यों है?
1. विशाल रोजगार सृजन: भारत में लगभग 150 लाख (1.5 करोड़) से अधिक लोग प्रत्यक्ष रूप से पर्यटन उद्योग (होटल, गाइड, परिवहन, हस्तशिल्प) से आजीविका प्राप्त कर रहे हैं।
2. विदेशी मुद्रा की प्रचुर प्राप्ति: विदेशी पर्यटक भारत में ऐतिहासिक स्मारकों, योग केंद्रों और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने आते हैं और भोजन, ठहरने व खरीदारी पर अरबों डॉलर की विदेशी मुद्रा खर्च करते हैं।
3. स्थानीय कला और हस्तशिल्प को बढ़ावा: पर्यटन से ग्रामीण और स्थानीय दस्तकारों, कशीदाकारों और बुनकरों के उत्पादों को सीधा बाजार मिलता है।
4. चिकित्सा पर्यटन (Medical Tourism): भारत में आधुनिक चिकित्सा सेवाएं पश्चिमी देशों की तुलना में अत्यंत सस्ती और विश्वस्तरीय हैं, जिसके कारण लाखों विदेशी मरीज इलाज कराने भारत आते हैं।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

कांडला पत्तन को पूर्वी तट पर स्थित मान लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

कांडला पत्तन (दीनदयाल पत्तन) पश्चिमी तट पर गुजरात के कच्छ की खाड़ी में स्थित है। पारादीप और विशाखापट्टनम पूर्वी तट पर स्थित हैं।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

भारत का सबसे पुराना बंदरगाह मुंबई को लिख देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

चेन्नई भारत का सबसे पुराना 'कृत्रिम' पत्तन है; जबकि मुंबई भारत का सबसे बड़ा 'प्राकृतिक' पत्तन है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 1 (NW 1) को ब्रह्मपुत्र नदी पर समझना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

NW 1 गंगा नदी पर प्रयागराज से हल्दिया तक (1620 किमी) है। NW 2 ब्रह्मपुत्र नदी पर सदिया से धुबरी तक (891 किमी) है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

व्यापार संतुलन में 'अनुकूल' और 'प्रतिकूल' के अर्थ में भ्रम होना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

अनुकूल व्यापार संतुलन वह स्थिति है जब 'निर्यात मूल्य आयात मूल्य से अधिक हो' (मुनाफा)। प्रतिकूल तब होता है जब 'आयात मूल्य निर्यात से अधिक हो' (घाटा)।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

भारत में पहली रेलगाड़ी का वर्ष 1857 या 1947 लिख देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

भारत में पहली रेलगाड़ी 16 अप्रैल 1853 को मुंबई से ठाणे के बीच मात्र 34 किलोमीटर की दूरी पर चलाई गई थी।

राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ: महामार्ग, रेल, पत्तन एवं अंतरराष्ट्रीय व्यापार

राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ: स्थल, जल, वायु परिवहन एवं व्यापार1. सड़क, रेल व पाइपलाइनस्थल परिवहन की रीढ़• 62.16 लाख किमी सड़क जाल• स्वर्णिम चतुर्भुज (6-लेन):दिल्ली-कोलकाता-चेन्नई-मुंबई;श्रीनगर-कन्याकुमारी उत्तर-दक्षिण• 1960 BRO व अटल टनल (9.02km)• 1853 पहली रेल: मुंबई-ठाणे• HVJ पाइपलाइन (1700 किमी):हजीरा-विजयपुर-जगदीशपुर गैस2. राष्ट्रीय जलमार्ग व पत्तनसस्ता जल परिवहन• NW 1: गंगा (प्रयागराज-हल्दिया)1620 किमी (सबसे लंबा जलमार्ग)• NW 2: ब्रह्मपुत्र (सदिया-धुबरी)• प्रमुख 12 समुद्री पत्तन:कांडला (ज्वारीय), मुंबई (विशालतम),मारमागाओ (50% अयस्क निर्यात),विशाखापट्टनम (गहरा, सुरक्षित),चेन्नई (कृत्रिम), कोलकाता (नदीय)• 95% विदेशी व्यापार पत्तनों से3. वायु, संचार व व्यापारआर्थिक बैरोमीटर व पर्यटन• 1953: वायु परिवहन राष्ट्रीयकरण• डाक तंत्र: 6 चैनल (राजधानी, स्पीड)• व्यापार संतुलन (Balance):अनुकूल: निर्यात > आयात (लाभ)प्रतिकूल: आयात > निर्यात (घाटा)• पर्यटन एक व्यापार:150 लाख प्रत्यक्ष रोजगार;विदेशी मुद्रा, चिकित्सा व हेरिटेज• भारत विश्व का सबसे बड़ा फिल्म निर्माताबोर्ड परीक्षा के प्रमुख संप्रत्यय (Golden Transport & Trade Capsule)सड़क की श्रेष्ठता:कम निर्माण लागत, घर-घर सेवा, तीव्र ढालों पर सुगम व अन्य साधनों हेतु पूरक।कांडला व विशाखापट्टनम:कांडला: ज्वारीय पत्तन (कच्छ); विशाखापट्टनम: सबसे गहरा व सुरक्षित प्राकृतिक पत्तन।अनुकूल व्यापार संतुलन:निर्यात मूल्य > आयात मूल्य; देश के आर्थिक विकास व विदेशी मुद्रा का बैरोमीटर।

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
परिवहन के साधन (सड़क, रेल, जल, वायु, पाइपलाइन) और संचार माध्यम देश की आर्थिक जीवन रेखाएँ हैं।
मुख्य बिंदु 2
सड़क परिवहन कम लागत, घर-घर सेवा, उबड़-खाबड़ पर्वतों पर निर्माण की सुगमता और रेलवे के पूरक के रूप में रेलवे से श्रेष्ठ है।
मुख्य बिंदु 3
स्वर्णिम चतुर्भुज महामार्ग (NHAI) 6-लेन वाला सुपर हाइवे है जो दिल्ली-कोलकाता-चेन्नई-मुंबई को जोड़ता है; सीमा सड़क संगठन (BRO) सामरिक सड़कें बनाता है।
मुख्य बिंदु 4
1853 में मुंबई से ठाणे के बीच भारत की पहली रेलगाड़ी चली थी; आज रेलवे भारी माल व लंबी दूरी की यात्रा का मुख्य साधन है।
मुख्य बिंदु 5
पाइपलाइन परिवहन खनिज तेल और प्राकृतिक गैस के संचरण में रिसाव और देरी को समाप्त करता है (HVJ गैस पाइपलाइन 1700 किमी लंबी है)।
मुख्य बिंदु 6
जल परिवहन सबसे सस्ता और पर्यावरण-अनुकूल साधन है; NW 1 गंगा नदी पर प्रयागराज से हल्दिया तक (1620 किमी) देश का सबसे लंबा राष्ट्रीय जलमार्ग है।
मुख्य बिंदु 7
भारत के 12 प्रमुख समुद्री पत्तन देश का 95% विदेशी व्यापार संभालते हैं (कांडला ज्वारीय पत्तन, विशाखापट्टनम सबसे गहरा व सुरक्षित पत्तन)।
मुख्य बिंदु 8
वायु परिवहन तीव्रतम व दुर्गम क्षेत्रों (पूर्वोत्तर) हेतु अपरिहार्य है; 1953 में इसका राष्ट्रीयकरण हुआ।
मुख्य बिंदु 9
भारतीय डाक नेटवर्क विश्व का सबसे बड़ा तंत्र है; 6 त्वरित डाक चैनल संचालित हैं।
मुख्य बिंदु 10
जब निर्यात का मूल्य आयात से अधिक हो तो उसे 'अनुकूल व्यापार संतुलन' कहते हैं; पर्यटन 150 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष आजीविका देता है।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
रेलवे की तुलना में सड़क परिवहन के किन्हीं दो प्रमुख लाभों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर:
  1. सड़कें उबड़-खाबड़ और तीव्र पहाड़ी ढलानों पर भी बनाई जा सकती हैं जहाँ रेल पटरियां बिछाना संभव नहीं है। 2. सड़कें घर-घर तक सीधी सेवा (Door-to-door service) देती हैं जिससे सामान को चढ़ाने-उतारने की लागत बहुत कम होती है।

2
स्वर्णिम चतुर्भुज महामार्ग (Golden Quadrilateral) क्या है और इसका मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: यह देश के चार बड़े महानगरों—दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई—को आपस में जोड़ने वाला 6-लेन का सुपर हाइवे है। इसका मुख्य उद्देश्य महानगरों के बीच की दूरी और यात्रा के समय को न्यूनतम करना है।
3
भारत का राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 1 (NW 1) किस नदी पर और कहाँ से कहाँ तक विस्तृत है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 1 गंगा नदी पर प्रयागराज (इलाहाबाद) से हल्दिया तक 1,620 किलोमीटर की लंबाई में विस्तृत है। यह भारत का सबसे लंबा अंतर्देशीय राष्ट्रीय जलमार्ग है।
4
कांडला पत्तन की स्थापना स्वतंत्रता के बाद किस विशिष्ट उद्देश्य से की गई थी?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: 1947 में विभाजन के बाद कराची पत्तन के पाकिस्तान में चले जाने के कारण मुंबई बंदरगाह पर व्यापार का अत्यधिक बोझ बढ़ गया था, जिसे कम करने के लिए गुजरात के कच्छ में कांडला पत्तन विकसित किया गया।
5
'अनुकूल व्यापार संतुलन' (Favourable Balance of Trade) से आप क्या समझते हैं?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: जब किसी देश द्वारा विदेशों को बेचे गए माल (निर्यात) का कुल मूल्य विदेशों से खरीदे गए माल (आयात) के कुल मूल्य से अधिक होता है, तो उसे अनुकूल व्यापार संतुलन कहते हैं। इससे देश को विदेशी मुद्रा का शुद्ध लाभ होता है।
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
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