सूक्ष्मजीव प्रतिदिन हमारे भोजन तथा औद्योगिक उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं:
A. घरेलू उत्पादों में सूक्ष्मजीव:
- 1. दूध से दही का निर्माण: लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया (LAB) जैसे Lactobacillus दूध में उचित ताप पर वृद्धि करते हैं। ये लैक्टोज शर्करा को लैक्टिक अम्ल में बदलकर दूध की कैसिइन प्रोटीन को जमा (Coagulate) देते हैं और आंशिक रूप से पचा देते हैं। लाभ: दही पोषण की दृष्टि से दूध से अधिक लाभदायक है क्योंकि यह विटामिन $B_{12}$ की मात्रा को अत्यधिक बढ़ा देता है। साथ ही हमारे आमाशय में हानिकारक रोगजनक जीवाणुओं की वृद्धि को रोकता है।
- 2. आटे का किण्वन (Dough Fermentation):
• डोसा एवं इडली के आटे का किण्वन जीवाणुओं द्वारा होता है; इसमें उभरी हुई फूली हुई संरचना $CO_2$ गैस के उत्पादन के कारण होती है।
• ब्रेड बनाने में बेकर्स यीस्ट (Saccharomyces cerevisiae) का उपयोग किया जाता है। - 3. पारंपरिक खाद्य एवं पेय: दक्षिणी भारत का पारंपरिक पेय 'टॉडी' (Toddy) ताड़ के वृक्षों के रस को किण्वित करके बनाया जाता है। सोयाबीन, बांस के प्ररोहों तथा मछलियों को किण्वित करके स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए जाते हैं।
- 4. पनीर (Cheese):
• स्विस पनीर (Swiss Cheese): इसमें बड़े-बड़े छिद्र होते हैं, जो Propionibacterium sharmanii जीवाणु द्वारा भारी मात्रा में $CO_2$ उत्पन्न करने के कारण बनते हैं।
• रॉकफोर्ट पनीर (Roquefort Cheese): यह एक विशेष कवक Penicillium roqueforti के संवर्धन द्वारा विशिष्ट स्वाद एवं सुगंध से परिपक्व (Ripened) की जाती है।
B. औद्योगिक उत्पादों में सूक्ष्मजीव:
उद्योगों में सूक्ष्मजीवों को बड़े बर्तनों में उगाया जाता है जिन्हें किण्वक (Fermentors / Bioreactors) कहते हैं।
- किण्वित पेय (Fermented Beverages): ब्रूअर्स यीस्ट (Saccharomyces cerevisiae) धान्य अनाजों एवं फलों के रसों का किण्वन कर एथेनॉल बनाती है।
• बिना आसवन वाले पेय (Without Distillation): वाइन (Wine) एवं बियर (Beer) — इनमें एल्कोहल प्रतिशत कम ($3-12\%$) होता है।
• आसवन द्वारा निर्मित पेय (With Distillation): व्हिस्की, ब्रांडी तथा रम — किण्वित रस के आसवन से बनते हैं, अतः एल्कोहल प्रतिशत अधिक ($40-50\%$) होता है। - प्रतिजैविक (Antibiotics): 20वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण खोज।
• 1928 में सर अलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने देखा कि Staphylococcus संवर्धन प्लेट पर कवक Penicillium notatum उगने से जीवाणु नष्ट हो गए। उन्होंने इससे पेनिसिलिन (Penicillin) की खोज की।
• अर्न्स्ट चेन एवं हॉवर्ड फ्लोरे ने द्वितीय विश्व युद्ध में घायल अमेरिकी सैनिकों के इलाज हेतु पेनिसिलिन की संपूर्ण क्षमता को प्रतिजैविक के रूप में स्थापित किया। (1945 में तीनों को नोबेल पुरस्कार मिला)। - रसायन, एंजाइम एवं जैव-सक्रिय अणु:
| उत्पाद | प्रकार | स्रोत सूक्ष्मजीव | औद्योगिक / चिकित्सीय अनुप्रयोग |
|---|---|---|---|
| सिट्रिक अम्ल | कार्बनिक अम्ल | कवक Aspergillus niger | खाद्य परिरक्षक एवं पेय पदार्थों में। |
| एसिटिक अम्ल (सिरका) | कार्बनिक अम्ल | जीवाणु Acetobacter aceti | सिरका निर्माण एवं खाद्य उद्योग। |
| ब्यूटिरिक अम्ल | कार्बनिक अम्ल | जीवाणु Clostridium butylicum | रासायनिक संश्लेषण में। |
| लाइपेस (Lipase) | एंजाइम | विभिन्न कवक एवं जीवाणु | डिटर्जेंट पाउडर में तेल व चिकनाई के धब्बे हटाने हेतु। |
| पेक्टिनेज व प्रोटिएज | एंजाइम | कवक | डिब्बाबंद फलों के रसों को बिल्कुल स्वच्छ व पारदर्शी बनाने हेतु। |
| स्ट्रेप्टोकाइनेज (Streptokinase) | एंजाइम | जीवाणु Streptococcus (आनुवंशिक रूप से रूपांतरित) | 'क्लॉट बस्टर' (Clot Buster) — मायोकार्डियल इन्फार्कशन (हार्ट अटैक) के मरीजों की रक्त वाहिकाओं के थक्कों को घोलने हेतु। |
| साइक्लोस्पोरिन-ए (Cyclosporin A) | जैव-सक्रिय अणु | कवक Trichoderma polysporum | प्रतिरक्षा-संदमक कारक (Immunosuppressive Agent) — अंग प्रत्यारोपण (Kidney transplant) के मरीजों में ग्राफ्ट अस्वीकृति रोकने हेतु। |
| स्टेटिन (Statins) | जैव-सक्रिय अणु | यीस्ट Monascus purpureus | रक्त कोलेस्ट्रॉल कम करने वाला कारक — कोलेस्ट्रॉल संश्लेषण के एंजाइम का प्रतिस्पर्धी संदमन करता है। |