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JAC • Class XII • Mathematics • Ch 4
Estimated Time: 45 Mins
Study Progress: In Progress

Determinants

सारणिक (Determinant) प्रत्येक वर्ग आव्यूह (Square Matrix) से संबंधित एक विशिष्ट संख्यात्मक मान (अदिश मान) है, जो रैखिक समीकरण निकायों (System of Linear Equations) की संगतता (Consistency), अद्वितीय हल, त्रिभुज का क्षेत्रफल तथा आव्यूह के व्युत्क्रम के अस्तित्व का निर्धारण करने वाला शक्तिशाली गणितीय उपकरण है। यदि $A = [a_{ij}]$ एक वर्ग आव्यूह है, तो इसके सारणिक को $|A|$ अथवा $\det(A)$ से निरूपित किया जाता है। प्रस्तुत अध्याय में $2 \times 2$ तथा $3 \times 3$ कोटि के सारणिकों का प्रसार (Expansion along any row or column), शीर्ष बिंदुओं $(x_1, y_1), (x_2, y_2), (x_3, y_3)$ वाले त्रिभुज का क्षेत्रफल सूत्र एवं तीन बिंदुओं के संरेख (Collinear) होने की शर्त का अध्ययन किया जाता है। अध्याय का सबसे महत्वपूर्ण खंड उपसारणिक (Minors, $M_{ij}$) तथा सहखंड (Cofactors, $A_{ij} = (-1)^{i+j} M_{ij}$), वर्ग आव्यूह का सहखंडज (Adjoint, $\text{adj } A = [A_{ij}]^T$) तथा मूलभूत प्रमेय $A \cdot (\text{adj } A) = (\text{adj } A) \cdot A = |A| I$ का सत्यापन है। इसके द्वारा व्युत्क्रम आव्यूह का प्रसिद्ध सूत्र $A^{-1} = \frac{1}{|A|} \text{adj } A$ ($|A| \ne 0$, व्युत्क्रमणीय आव्यूह) प्राप्त होता है। अंत में, आव्यूह विधि (Matrix Method) द्वारा 3 अज्ञात राशियों वाले रैखिक समीकरण निकाय ($AX = B \implies X = A^{-1} B$) को हल करने की संपूर्ण कलनविधि प्रस्तुत की गई है, जो बोर्ड परीक्षा में 5 से 6 अंक का अनिवार्य दीर्घ-उत्तरीय प्रश्न है।

समीकरणों के जाल को सुलझाने वाला गणितीय कंपास और कंप्यूटर ग्राफिक्स का एरिया चेकर!

कल्पना कीजिए कि आपके पास 3 चर राशियों—$x, y, z$ वाले तीन जटिल समीकरण हैं, जो किसी विद्युत परिपथ में बहने वाली धाराओं (Kirchhoff's Laws) को दर्शाते हैं। आप कैसे जानेंगे कि इन धाराओं का कोई वास्तविक, संतुलित हल संभव भी है या परिपथ में शॉर्ट सर्किट हो जाएगा? यहीं काम आता है सारणिक का मान—$|A|$! यदि $|A| \ne 0$ है, तो परिपथ का एक अद्वितीय और संतुलित हल निश्चित है! और यदि $|A| = 0$ हो जाए, तो कंप्यूटर ग्राफिक्स तुरंत समझ जाता है कि $3D$ स्पेस में खींचे गए तीन बिंदु एक ही सीधी रेखा में हैं (संरेख हैं) और कोई त्रिभुज नहीं बन सकता! आव्यूह की आत्मा उसका सारणिक है—आइए समझें इसके सिद्धांतों को!

Why This Chapter Matters

JAC तथा CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा में 'सारणिक' अध्याय से 6 से 8 अंकों के प्रश्न प्रतिवर्ष निश्चित होते हैं: 1. आव्यूह विधि से समीकरण निकाय हल करना (5 या 6 अंक का 100% Guaranteed Question): $AX = B \implies X = A^{-1} B$ द्वारा 3 चरों ($x, y, z$) का मान ज्ञात करना। 2. सहखंडज (Adjoint) एवं व्युत्क्रम ($A^{-1}$): $A^{-1} = \frac{1}{|A|} \text{adj } A$ का परिकलन। 3. प्रमेय सत्यापन: $A(\text{adj } A) = |A|I$ तथा $|\text{adj } A| = |A|^{n-1}$ पर आधारित प्रश्न। 4. त्रिभुज का क्षेत्रफल एवं संरेखता: सारणिक सूत्र द्वारा क्षेत्रफल ज्ञात करना।

Before You Begin (Prerequisites)

  • वर्ग आव्यूह की संकल्पना।
  • बीजीय चिन्ह नियम (Alternating signs $+ - +$).
  • सहखंडों का क्रम एवं परिवर्त आव्यूह।

What You Will Learn (Core Objectives)

  • किसी भी पंक्ति अथवा स्तंभ के अनुदिश $3 \times 3$ सारणिक का यथार्थ प्रसार करना।
  • सारणिक द्वारा त्रिभुज का क्षेत्रफल निकालना तथा संरेखता सिद्ध करना।
  • सभी अवयवों के उपसारणिक ($M_{ij}$) एवं सहखंड ($A_{ij}$) ज्ञात कर सहखंडज आव्यूह ($\text{adj } A$) बनाना।
  • सूत्र $A^{-1} = \frac{1}{|A|} \text{adj } A$ द्वारा व्युत्क्रम आव्यूह ज्ञात करना।
  • आव्यूह विधि ($X = A^{-1} B$) द्वारा रैखिक समीकरण निकाय को पूर्ण शुद्धता से हल करना।

Chapter Roadmap & Progression

1 1. सारणिक का प्रसार एवं त्रिभुज का...
2 2. उपसारणिक, सहखंड एवं सहखंडज आव्यू...
3 3. व्युत्क्रमणीय आव्यूह एवं Adjoint...
4 4. आव्यूह विधि द्वारा रैखिक समीकरण...

Complete Concept Guide (100% Curriculum Coverage)

1. सारणिक का प्रसार एवं त्रिभुज का क्षेत्रफल

सारणिक का मान:

  1. $2 \times 2$ कोटि का सारणिक:

$$|A| = \begin{vmatrix} a & b \\ c & d \end{vmatrix} = ad - bc$$

  1. $3 \times 3$ कोटि का सारणिक (प्रथम पंक्ति के अनुदिश प्रसार):

$$|A| = \begin{vmatrix} a_{11} & a_{12} & a_{13} \\ a_{21} & a_{22} & a_{23} \\ a_{31} & a_{32} & a_{33} \end{vmatrix} = a_{11}\begin{vmatrix} a_{22} & a_{23} \\ a_{32} & a_{33} \end{vmatrix} - a_{12}\begin{vmatrix} a_{21} & a_{23} \\ a_{31} & a_{33} \end{vmatrix} + a_{13}\begin{vmatrix} a_{21} & a_{22} \\ a_{31} & a_{32} \end{vmatrix}$$

टिप: सारणिक का प्रसार उस पंक्ति या स्तंभ के अनुदिश करना चाहिए जिसमें अधिकतम शून्य (0) हों, जिससे गणना अत्यंत सरल हो जाती है!

सारणिक द्वारा त्रिभुज का क्षेत्रफल:

यदि किसी त्रिभुज के शीर्ष $(x_1, y_1), (x_2, y_2)$ तथा $(x_3, y_3)$ हों, तो क्षेत्रफल:

$$\Delta = \frac{1}{2} \left| \begin{matrix} x_1 & y_1 & 1 \\ x_2 & y_2 & 1 \\ x_3 & y_3 & 1 \end{matrix} \right|$$

  • चूँकि क्षेत्रफल हमेशा धनात्मक होता है, अतः सारणिक का निरपेक्ष मान (Absolute value) लिया जाता है।
  • संरेखता की शर्त (Condition of Collinearity): यदि तीन बिंदु संरेख हों, तो उनसे बनने वाले त्रिभुज का क्षेत्रफल शून्य होता है: $\Delta = 0$।

2. उपसारणिक, सहखंड एवं सहखंडज आव्यूह (Adjoint)

(क) उपसारणिक (Minor, $M_{ij}$):

किसी अवयव $a_{ij}$ का उपसारणिक उस सारणिक का मान है जो $i$-वीं पंक्ति तथा $j$-वें स्तंभ को हटाने पर प्राप्त होता है।

(ख) सहखंड (Cofactor, $A_{ij}$):

अवयव $a_{ij}$ का सहखंड $A_{ij} = (-1)^{i+j} M_{ij}$ द्वारा परिभाषित होता है।

  • चिन्ह परिपाटी: $\begin{bmatrix} + & - & + \\ - & + & - \\ + & - & + \end{bmatrix}$।
  • महत्वपूर्ण संबंध: यदि किसी पंक्ति के अवयवों को उनके संगत सहखंडों से गुणा किया जाए, तो सारणिक का मान प्राप्त होता है ($|A| = a_{11}A_{11} + a_{12}A_{12} + a_{13}A_{13}$)।
  • यदि किसी पंक्ति के अवयवों को किसी अन्य पंक्ति के सहखंडों से गुणा किया जाए, तो योगफल शून्य होता है ($a_{11}A_{21} + a_{12}A_{22} + a_{13}A_{23} = 0$)!

(ग) सहखंडज आव्यूह (Adjoint of a Matrix, $\text{adj } A$):

किसी वर्ग आव्यूह $A$ के सभी अवयवों के सहखंडों से बने आव्यूह के परिवर्त (Transpose) को $A$ का सहखंडज (Adjoint) कहते हैं:

$$\text{adj } A = [A_{ij}]^T = \begin{bmatrix} A_{11} & A_{21} & A_{31} \\ A_{12} & A_{22} & A_{32} \\ A_{13} & A_{23} & A_{33} \end{bmatrix}$$

ध्यान दें: सहखंडों को पंक्ति में निकालकर उनका स्तंभों में लिखना (Transpose लेना) न भूलें!

$2 \times 2$ आव्यूह का सहखंडज निकालने की शॉर्टकट ट्रिक:

मुख्य विकर्ण के अवयवों को परस्पर बदलें तथा अन्य विकर्ण के अवयवों के चिन्ह बदलें:

$$A = \begin{bmatrix} a & b \\ c & d \end{bmatrix} \implies \text{adj } A = \begin{bmatrix} d & -b \\ -c & a \end{bmatrix}$$

3. व्युत्क्रमणीय आव्यूह एवं Adjoint के महत्वपूर्ण गुण

सहखंडज का मूलभूत प्रमेय (Fundamental Theorem of Adjoint):

किसी भी वर्ग आव्यूह $A$ के लिए:

$$A \cdot (\text{adj } A) = (\text{adj } A) \cdot A = |A| \cdot I$$

आव्यूह का व्युत्क्रम ($A^{-1}$):

यदि $|A| \ne 0$ (व्युत्क्रमणीय / Non-singular आव्यूह), तो:

$$A^{-1} = \frac{1}{|A|} \text{adj } A$$

  • यदि $|A| = 0$ हो, तो आव्यूह अव्युत्क्रमणीय (Singular) कहलाता है और इसका $A^{-1}$ अस्तित्व में नहीं होता।

Adjoint के परीक्षा उपयोगी गुणधर्म (Formula Box):

  1. $|\text{adj } A| = |A|^{n-1}$ (जहाँ $n$ आव्यूह की कोटि है)।
    • यदि $A$ की कोटि $3 \times 3$ तथा $|A| = 5$ हो, तो $|\text{adj } A| = 5^{3-1} = 5^2 = 25$!
  2. $\text{adj}(\text{adj } A) = |A|^{n-2} A$
  3. $|\text{adj}(\text{adj } A)| = |A|^{(n-1)^2}$
  4. $\text{adj}(AB) = (\text{adj } B) \cdot (\text{adj } A)$
  5. $(A^{-1})' = (A')^{-1}$

4. आव्यूह विधि द्वारा रैखिक समीकरण निकाय का हल

तीन अज्ञात राशियों वाले रैखिक समीकरण निकाय:

$$a_1 x + b_1 y + c_1 z = d_1$$

$$a_2 x + b_2 y + c_2 z = d_2$$

$$a_3 x + b_3 y + c_3 z = d_3$$

आव्यूह रूप में निरूपण:

$$AX = B$$

जहाँ:

$$A = \begin{bmatrix} a_1 & b_1 & c_1 \\ a_2 & b_2 & c_2 \\ a_3 & b_3 & c_3 \end{bmatrix}, \quad X = \begin{bmatrix} x \\ y \\ z \end{bmatrix}, \quad B = \begin{bmatrix} d_1 \\ d_2 \\ d_3 \end{bmatrix}$$

हल की कलनविधि (Step-by-Step Algorithm):

  1. पद 1: सारणिक $|A|$ का मान ज्ञात करें।
    • यदि $|A| \ne 0$, तो निकाय संगत (Consistent) है तथा इसका एक अद्वितीय हल (Unique Solution) होगा:

$$X = A^{-1} B = \frac{1}{|A|} (\text{adj } A) B$$

  1. पद 2: यदि $|A| = 0$ हो, तो $(\text{adj } A) B$ की गणना करें:
    • यदि $(\text{adj } A) B \ne O$, तो निकाय असंगत (Inconsistent) है और इसका कोई हल नहीं होगा।
    • यदि $(\text{adj } A) B = O$, तो निकाय के अनंत हल (Infinitely many solutions) हो सकते हैं।

Key Formulas, Identities & Theorems

सारणिक व्युत्क्रम सूत्र
A⁻¹ = (1 / |A|) . adj(A); शर्त: |A| ≠ 0 (Non-singular matrix); A . adj(A) = |A| . I.
Adjoint सारणिक मान गुणधर्म
|adj A| = |A|^(n-1); |adj(adj A)| = |A|^((n-1)²); adj(AB) = (adj B)(adj A).
आव्यूह विधि समीकरण निकाय हल
AX = B => X = A⁻¹B = (1 / |A|) (adj A) B; संगतता: |A| ≠ 0 (अद्वितीय हल); |A| = 0 व (adj A)B ≠ O (असंगत, कोई हल नहीं)।
त्रिभुज क्षेत्रफल व संरेखता
क्षेत्रफल = 1/2 |[x1 y1 1; x2 y2 1; x3 y3 1]|; यदि तीन बिंदु संरेख हों तो क्षेत्रफल = 0।

Conceptual Solved Examples & Case Studies

Example 1
आव्यूह विधि से निम्नलिखित रैखिक समीकरण निकाय को हल कीजिए: $$x - y + 2z = 7$$ $$3x + 4y - 5z = -5$$ $$2x - y + 3z = 12$$ (JAC Board 6 Marks Guaranteed Question)
Step-by-Step Solution:

हल: दिए गए निकाय को आव्यूह समीकरण $AX = B$ के रूप में लिखने पर:

$$A = \begin{bmatrix} 1 & -1 & 2 \\ 3 & 4 & -5 \\ 2 & -1 & 3 \end{bmatrix}, \quad X = \begin{bmatrix} x \\ y \\ z \end{bmatrix}, \quad B = \begin{bmatrix} 7 \\ -5 \\ 12 \end{bmatrix}$$

1. $|A|$ का मान परिकलित करना:

$$|A| = 1(12 - 5) - (-1)(9 - (-10)) + 2(-3 - 8)$$

$$= 1(7) + 1(19) + 2(-11) = 7 + 19 - 22 = \mathbf{4}$$

चूंकि $|A| = 4 \ne 0$, अतः आव्यूह व्युत्क्रमणीय है और निकाय का एक अद्वितीय हल $X = A^{-1} B$ है।

2. सहखंडों ($A_{ij}$) का परिकलन:

  • $A_{11} = +(12 - 5) = 7$
  • $A_{12} = -(9 - (-10)) = -19$
  • $A_{13} = +(-3 - 8) = -11$
  • $A_{21} = -(-3 - (-2)) = -(-1) = 1$
  • $A_{22} = +(3 - 4) = -1$
  • $A_{23} = -(-1 - (-2)) = -(1) = -1$
  • $A_{31} = +(5 - 8) = -3$
  • $A_{32} = -(-5 - 6) = -(-11) = 11$
  • $A_{33} = +(4 - (-3)) = 7$

3. सहखंडज आव्यूह ($\text{adj } A$):

$$\text{adj } A = [A_{ij}]^T = \begin{bmatrix} 7 & 1 & -3 \\ -19 & -1 & 11 \\ -11 & -1 & 7 \end{bmatrix}$$

4. व्युत्क्रम $A^{-1}$:

$$A^{-1} = \frac{1}{|A|} \text{adj } A = \frac{1}{4}\begin{bmatrix} 7 & 1 & -3 \\ -19 & -1 & 11 \\ -11 & -1 & 7 \end{bmatrix}$$

5. $X = A^{-1} B$ द्वारा चरों का मान ज्ञात करना:

$$X = \frac{1}{4}\begin{bmatrix} 7 & 1 & -3 \\ -19 & -1 & 11 \\ -11 & -1 & 7 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 7 \\ -5 \\ 12 \end{bmatrix}$$

$$X = \frac{1}{4}\begin{bmatrix} 7(7) + 1(-5) + (-3)(12) \\ -19(7) + (-1)(-5) + 11(12) \\ -11(7) + (-1)(-5) + 7(12) \end{bmatrix} = \frac{1}{4}\begin{bmatrix} 49 - 5 - 36 \\ -133 + 5 + 132 \\ -77 + 5 + 84 \end{bmatrix} = \frac{1}{4}\begin{bmatrix} 8 \\ 4 \\ 12 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 2 \\ 1 \\ 3 \end{bmatrix}$$

अतः तुलना करने पर अभीष्ट हल:

$$\mathbf{x = 2, \quad y = 1, \quad z = 3}$$

Example 2
यदि $A$ एक $3 \times 3$ कोटि का वर्ग आव्यूह है और $|A| = 4$ है, तो $|\text{adj } A|$ का मान क्या होगा? (JAC Board 1 Mark Question)
Step-by-Step Solution:

हल: हम जानते हैं कि यदि $A$ की कोटि $n$ हो, तो:

$$|\text{adj } A| = |A|^{n-1}$$

यहाँ कोटि $n = 3$ तथा $|A| = 4$ दिया गया है।

$$|\text{adj } A| = 4^{3-1} = 4^2 = \mathbf{16}$$

Example 3
सारणिकों का प्रयोग करके सिद्ध कीजिए कि बिंदु $A(a, b+c), B(b, c+a)$ तथा $C(c, a+b)$ संरेख (Collinear) हैं।
Step-by-Step Solution:

हल: तीन बिंदुओं $A(x_1, y_1), B(x_2, y_2), C(x_3, y_3)$ के संरेख होने के लिए उनसे बनने वाले त्रिभुज का क्षेत्रफल शून्य होना चाहिए:

$$\Delta = \frac{1}{2} \begin{vmatrix} a & b+c & 1 \\ b & c+a & 1 \\ c & a+b & 1 \end{vmatrix}$$

संक्रिया $C_1 \rightarrow C_1 + C_2$ लगाने पर:

$$= \frac{1}{2} \begin{vmatrix} a+b+c & b+c & 1 \\ a+b+c & c+a & 1 \\ a+b+c & a+b & 1 \end{vmatrix}$$

प्रथम स्तंभ $C_1$ से $(a+b+c)$ उभयनिष्ठ (Common) लेने पर:

$$= \frac{1}{2}(a+b+c) \begin{vmatrix} 1 & b+c & 1 \\ 1 & c+a & 1 \\ 1 & a+b & 1 \end{vmatrix}$$

यहाँ स्तंभ $C_1$ तथा स्तंभ $C_3$ सर्वसम (Identical, समान) हैं। हम जानते हैं कि यदि किसी सारणिक के दो स्तंभ समान हों, तो उसका मान शून्य होता है।

$$= \frac{1}{2}(a+b+c) \times 0 = \mathbf{0}$$

चूँकि त्रिभुज का क्षेत्रफल शून्य है, अतः दिए गए तीनों बिंदु $A, B, C$ संरेख हैं। [इति सिद्धम्]

Example 4
आव्यूह $A = \begin{bmatrix} 2 & 3 \\ 1 & -4 \end{bmatrix}$ के लिए सत्यापित कीजिए कि $A(\text{adj } A) = |A|I$ है।
Step-by-Step Solution:

हल: दिया है: $A = \begin{bmatrix} 2 & 3 \\ 1 & -4 \end{bmatrix}$

1. $|A|$ का मान:

$$|A| = 2(-4) - 3(1) = -8 - 3 = -11$$

अतः $|A|I = -11\begin{bmatrix} 1 & 0 \\ 0 & 1 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} -11 & 0 \\ 0 & -11 \end{bmatrix}$

2. सहखंडज आव्यूह ($\text{adj } A$): $2 \times 2$ आव्यूह हेतु मुख्य विकर्ण को बदलें तथा अन्य के चिन्ह बदलें:

$$\text{adj } A = \begin{bmatrix} -4 & -3 \\ -1 & 2 \end{bmatrix}$$

3. $A \cdot (\text{adj } A)$ का गुणन:

$$A \cdot (\text{adj } A) = \begin{bmatrix} 2 & 3 \\ 1 & -4 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} -4 & -3 \\ -1 & 2 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 2(-4) + 3(-1) & 2(-3) + 3(2) \\ 1(-4) + (-4)(-1) & 1(-3) + (-4)(2) \end{bmatrix}$$

$$= \begin{bmatrix} -8 - 3 & -6 + 6 \\ -4 + 4 & -3 - 8 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} -11 & 0 \\ 0 & -11 \end{bmatrix} = |A|I$$

अतः $A(\text{adj } A) = |A|I$ सत्यापित हुआ।

Example 5
यदि $k$ का मान ज्ञात कीजिए यदि शीर्ष $(k, 0), (4, 0)$ तथा $(0, 2)$ वाले त्रिभुज का क्षेत्रफल 4 वर्ग इकाई हो।
Step-by-Step Solution:

हल: त्रिभुज का क्षेत्रफल = $\pm 4$ (क्योंकि सारणिक का मान धनात्मक या ऋणात्मक दोनों हो सकता है):

$$\frac{1}{2} \begin{vmatrix} k & 0 & 1 \\ 4 & 0 & 1 \\ 0 & 2 & 1 \end{vmatrix} = \pm 4$$

द्वितीय स्तंभ $C_2$ के अनुदिश प्रसार करने पर (जिसमें दो शून्य हैं):

$$\frac{1}{2} \left[ -2(k \cdot 1 - 4 \cdot 1) \right] = \pm 4$$

$$-(k - 4) = \pm 4 \implies 4 - k = \pm 4$$

  • धनात्मक चिन्ह लेने पर: $4 - k = 4 \implies \mathbf{k = 0}$
  • ऋणात्मक चिन्ह लेने पर: $4 - k = -4 \implies \mathbf{k = 8}$

अतः $k$ के अभीष्ट मान $k = 0$ अथवा $k = 8$ हैं।

Common Misconceptions & Examiner Traps

Common Misconception

सहखंडज आव्यूह ($ ext{adj } A$) निकालते समय सहखंडों के आव्यूह का परिवर्त (Transpose) लेना भूल जाना।

Scientific Reality & Correction

$ ext{adj } A = [A_{ij}]^T$ होता है; सहखंड निकालने के बाद पंक्तियों को स्तंभों में बदलना अनिवार्य है।

Common Misconception

आव्यूह विधि से हल करते समय $X = B A^{-1}$ लिख देना।

Scientific Reality & Correction

चूंकि $AX = B$ है, अतः पूर्व-गुणन करने पर $X = A^{-1} B$ होता है, $B A^{-1}$ नहीं।

सारणिक: सहखंडज, व्युत्क्रम एवं आव्यूह विधि समाधान

सहखंडज एवं व्युत्क्रम • Aij = (-1)ⁱ⁺ʲ Mij (सहखंड) • adj A = [Aij]ᵀ (परिवर्त) • A · (adj A) = |A| · I • A⁻¹ = (1 / |A|) · adj A • |adj A| = |A|ⁿ⁻¹ |A| ≠ 0 व्युत्क्रमणीयता की शर्त आव्यूह विधि (Matrix Method) • AX = B → X = A⁻¹B • |A| ≠ 0: संगत व अद्वितीय हल • |A| = 0 व (adj A)B ≠ O: असंगत • |A| = 0 व (adj A)B = O: अनंत हल • 3 चरों (x,y,z) का सटीक हल बोर्ड परीक्षा का 6-अंक अनिवार्य प्रश्न ज्यामितीय अनुप्रयोग • Δ = 1/2 |[x y 1]| • त्रिभुज क्षेत्रफल हमेशा धनात्मक • संरेखता शर्त: Δ = 0 • दो बिंदुओं से गुजरने वाली रेखा • अज्ञात निर्देशांक (k) का मान क्षेत्रफल एवं संरेखता की जांच

Chapter Summary & 10 Key Takeaways

Takeaway 1
सारणिक केवल वर्ग आव्यूहों के लिए परिभाषित एक अद्वितीय संख्यात्मक मान है।
Takeaway 2
सारणिक का प्रसार उस पंक्ति/स्तंभ के अनुदिश करना सरल होता है जिसमें अधिकतम शून्य हों।
Takeaway 3
शीर्ष बिंदुओं (x₁, y₁), (x₂, y₂), (x₃, y₃) वाले त्रिभुज का क्षेत्रफल Δ = 1/2 |[x y 1]| होता है।
Takeaway 4
तीन बिंदुओं के संरेख होने की अनिवार्य शर्त है कि त्रिभुज का क्षेत्रफल Δ = 0 हो।
Takeaway 5
अवयव aij का सहखंड Aij = (-1)ⁱ⁺ʲ Mij होता है।
Takeaway 6
सहखंडों के आव्यूह का परिवर्त (Transpose) सहखंडज आव्यूह (adj A) कहलाता है।
Takeaway 7
मूलभूत प्रमेय: A · (adj A) = (adj A) · A = |A| · I।
Takeaway 8
व्युत्क्रम आव्यूह A⁻¹ = (1/|A|) adj A होता है, बशर्ते |A| ≠ 0 हो।
Takeaway 9
|adj A| = |A|ⁿ⁻¹ होता है, जहाँ n आव्यूह की कोटि है।
Takeaway 10
आव्यूह विधि द्वारा AX = B का हल X = A⁻¹B द्वारा ज्ञात किया जाता है।

Check Your Understanding (Diagnostic Practice Questions)

Diagnostic questions testing core conceptual clarity. Answers are hidden initially — solve each problem first, then click to reveal the step-by-step verified solution.

1
यदि A कोटि 3 का एक वर्ग आव्यूह है और |A| = 5 है, तो |adj A| का मान क्या होगा?
(A) 5
(B) 25
(C) 125
(D) 1/5
Reveal Answer & Explanation
Answer: B
|adj A| = |A|ⁿ⁻¹ = 5³⁻¹ = 5² = 25।
2
यदि बिंदु (2, -3), (k, -1) तथा (0, 4) संरेख हों, तो त्रिभुज का क्षेत्रफल क्या होगा?
(A) 10
(B) 0
(C) 5
(D) -1
Reveal Answer & Explanation
Answer: B
संरेख बिंदुओं से बनने वाले त्रिभुज का क्षेत्रफल सदैव शून्य (0) होता है।
3
किसी वर्ग आव्यूह A का व्युत्क्रम (A⁻¹) केवल तभी अस्तित्व में होता है जब:
(A) |A| = 0
(B) |A| ≠ 0
(C) A सममित हो
(D) A शून्य आव्यूह हो
Reveal Answer & Explanation
Answer: B
A⁻¹ = (1/|A|) adj A में हर |A| अशून्य (|A| ≠ 0) होना अनिवार्य है।
4
आव्यूह समीकरण AX = B में यदि |A| = 0 तथा (adj A)B ≠ O हो, तो निकाय के कितने हल होंगे?
(A) एक अद्वितीय हल
(B) अनंत हल
(C) कोई हल नहीं (असंगत)
(D) दो हल
Reveal Answer & Explanation
Answer: C
|A| = 0 तथा (adj A)B ≠ O होने पर निकाय असंगत (Inconsistent) होता है और कोई हल नहीं होता।
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