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JAC • Class XII • Mathematics • Ch 3
Estimated Time: 45 Mins
Study Progress: In Progress

Matrices

आव्यूह (Matrix) संख्याओं अथवा फलनों का एक आयताकार क्रमित विन्यास (Rectangular Array) है, जो आधुनिक कंप्यूटर विज्ञान, क्वांटम यांत्रिकी, क्रिप्टोग्राफी, बिग डेटा विश्लेषण तथा अर्थशास्त्र का मेरुदंड है। एक $m \times n$ कोटि के आव्यूह में $m$ पंक्तियाँ (Rows) तथा $n$ स्तंभ (Columns) होते हैं। प्रस्तुत अध्याय में आव्यूहों के प्रकार—स्तंभ आव्यूह, पंक्ति आव्यूह, वर्ग आव्यूह, विकर्ण आव्यूह, अदिश आव्यूह, तत्समिक आव्यूह ($I$) एवं शून्य आव्यूह ($O$) का वर्गीकरण किया गया है। आव्यूह बीजगणित के अंतर्गत आव्यूहों का योग, अदिश गुणन तथा सबसे महत्वपूर्ण आव्यूह गुणन (Matrix Multiplication) की शर्त ($A_{m \times n}$ तथा $B_{n \times p}$) एवं इसकी अ-क्रमविनिमेय (Non-commutative, $AB \ne BA$) प्रकृति को सिद्ध किया गया है। परिवर्त आव्यूह (Transpose, $A^T$ या $A'$) के गुणों—$(AB)^T = B^T A^T$ (उत्क्रमण नियम Reversal Law), सममित आव्यूह ($A^T = A$) तथा विषम-सममित आव्यूह ($A^T = -A$) का गहन अध्ययन किया गया है। अध्याय का एक प्रमुख प्रमेय यह सिद्ध करता है कि किसी भी वर्ग आव्यूह को एक सममित तथा एक विषम-सममित आव्यूह के योग के रूप में अद्वितीयतया व्यक्त किया जा सकता है: $A = \frac{1}{2}(A + A^T) + \frac{1}{2}(A - A^T)$। अंत में प्रारंभिक पंक्ति/स्तंभ संक्रियाओं (Elementary Transformations) द्वारा व्युत्क्रमणीय आव्यूह का व्युत्क्रम ($A^{-1}$) तथा व्युत्क्रम की अद्वितीयता (Uniqueness of Inverse) का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।

गूगल सर्च का PageRank और 3D कंप्यूटर ग्राफिक्स: पिक्सल के पीछे का आव्यूह जादू!

जब आप अपने फोन पर कोई 3D वीडियो गेम खेलते हैं और आपका कैरेक्टर घूमता, कूदता या आगे बढ़ता है, तो स्क्रीन के लाखों पिक्सल्स हर मिलीसेकंड में कैसे घूमते हैं? कंप्यूटर स्क्रीन के हर बिंदु को 3-विमीय आव्यूह ($3 \times 3$ Matrix) से गुणा किया जाता है, जिसे 'Transformation Matrix' कहते हैं! और क्या आप जानते हैं कि जब आप गूगल पर कोई शब्द खोजते हैं, तो अरबों वेब पेजों में से सबसे बेहतरीन पेज पहले नंबर पर कैसे आता है? गूगल का मूल पेटेंट 'PageRank' एल्गोरिद्म अरबों पंक्तियों और स्तंभों वाले एक विशालकाय आव्यूह के गुणन पर ही काम करता है! आव्यूह केवल संख्याओं की ग्रिड नहीं, बल्कि पूरे डिजिटल संसार की गणितीय भाषा है!

Why This Chapter Matters

JAC तथा CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा में आव्यूह अध्याय से 6 से 8 अंकों के प्रश्न आते हैं: 1. आव्यूह गुणन ($AB$ तथा $BA$): गुणन की संभावना की जांच, गुणनफल ज्ञात करना और सिद्ध करना कि $AB \ne BA$। 2. सममित एवं विषम-सममित आव्यूह के योग के रूप में व्यक्त करना: $A = \frac{1}{2}(A + A') + \frac{1}{2}(A - A')$ पर 4-अंकीय प्रश्न निश्चित आता है। 3. आव्यूह समीकरण हल करना: सिद्ध करना कि $A^2 - 5A + 7I = O$ और इसकी सहायता से $A^{-1}$ ज्ञात करना। 4. परिवर्त का उत्क्रमण नियम: सिद्ध करना कि $(AB)' = B' A'$।

Before You Begin (Prerequisites)

  • वास्तविक संख्याओं का बीजीय गुणन व योग।
  • रैखिक समीकरणों की मूलभूत अवधारणा।
  • क्रमित युग्म एवं सारणीयन।

What You Will Learn (Core Objectives)

  • आव्यूहों की कोटि, अवयव स्थिति ($a_{ij}$) तथा विभिन्न प्रकार के आव्यूहों की पहचान करना।
  • आव्यूहों के योग, अंतर, अदिश गुणन एवं गुणनफल को यथार्थता से ज्ञात करना।
  • परिवर्त आव्यूह के गुणों एवं $(AB)^T = B^T A^T$ को सत्यापित करना।
  • किसी भी वर्ग आव्यूह को सममित और विषम-सममित आव्यूह के योग के रूप में निरूपित करना।
  • आव्यूह बहुपद समीकरणों ($f(A) = O$) को संतुष्ट कर $A^{-1}$ परिकलित करना।

Chapter Roadmap & Progression

1 1. आव्यूह की कोटि, अवयव एवं प्रकार
2 2. आव्यूह संक्रियाएं: योग, अदिश गुण...
3 3. परिवर्त आव्यूह, सममित एवं विषम-स...
4 4. व्युत्क्रमणीय आव्यूह एवं आव्यूह...

Complete Concept Guide (100% Curriculum Coverage)

1. आव्यूह की कोटि, अवयव एवं प्रकार

आव्यूह की परिभाषा एवं कोटि (Order):

संख्याओं (वास्तविक या सम्मिश्र) अथवा फलनों के आयताकार विन्यास को आव्यूह कहते हैं।

  • यदि किसी आव्यूह में $m$ क्षैतिज पंक्तियाँ (Rows) तथा $n$ ऊर्ध्वाधर स्तंभ (Columns) हों, तो उसकी कोटि $m \times n$ ('$m$ बाई $n$') कहलाती है।
  • कुल अवयवों की संख्या = $m \times n$।
  • व्यापक रूप: $A = [a_{ij}]_{m \times n}$, जहाँ $a_{ij}$ $i$-वीं पंक्ति तथा $j$-वें स्तंभ का अवयव है।

आव्यूहों के प्रमुख प्रकार:

  1. स्तंभ आव्यूह (Column Matrix): जिसमें केवल एक स्तंभ हो ($m \times 1$), उदा. $\begin{bmatrix} 1 \\ 2 \\ 3 \end{bmatrix}$।
  2. पंक्ति आव्यूह (Row Matrix): जिसमें केवल एक पंक्ति हो ($1 \times n$), उदा. $\begin{bmatrix} 1 & 2 & 3 \end{bmatrix}$।
  3. वर्ग आव्यूह (Square Matrix): जिसमें पंक्तियों और स्तंभों की संख्या समान हो ($m = n$)।
  4. विकर्ण आव्यूह (Diagonal Matrix): ऐसा वर्ग आव्यूह जिसके मुख्य विकर्ण ($a_{ii}$) के अतिरिक्त शेष सभी अवयव शून्य हों ($a_{ij} = 0$ जब $i \ne j$)।
  5. अदिश आव्यूह (Scalar Matrix): ऐसा विकर्ण आव्यूह जिसके मुख्य विकर्ण के सभी अवयव समान हों ($a_{11} = a_{22} = a_{33} = k$)।
  6. तत्समिक आव्यूह (Identity / Unit Matrix, $I$): ऐसा विकर्ण आव्यूह जिसके मुख्य विकर्ण के सभी अवयव 1 हों ($I_2 = \begin{bmatrix} 1 & 0 \\ 0 & 1 \end{bmatrix}, I_3 = \begin{bmatrix} 1 & 0 & 0 \\ 0 & 1 & 0 \\ 0 & 0 & 1 \end{bmatrix}$)।
  7. शून्य आव्यूह (Zero Matrix, $O$): जिसके सभी अवयव शून्य हों।

2. आव्यूह संक्रियाएं: योग, अदिश गुणन एवं आव्यूह गुणन

(क) आव्यूहों का योग एवं अंतर:

दो आव्यूह $A$ और $B$ केवल तभी जोड़े या घटाए जा सकते हैं जब उनकी कोटि सर्वसम (समान) हो।

  • योग संगत अवयवों को जोड़कर प्राप्त होता है: $(A + B)_{ij} = a_{ij} + b_{ij}$।
  • आव्यूह योग क्रमविनिमेय ($A+B = B+A$) तथा साहचर्य ($(A+B)+C = A+(B+C)$) होता है।

(ख) अदिश गुणन (Scalar Multiplication):

किसी आव्यूह $A$ को अदिश $k$ से गुणा करने पर उसके प्रत्येक अवयव को $k$ से गुणा किया जाता है: $kA = [k \cdot a_{ij}]$।

(ग) आव्यूह गुणन (Matrix Multiplication - अत्यंत महत्वपूर्ण):

दो आव्यूहों $A$ और $B$ का गुणनफल $AB$ केवल तभी संभव है जब प्रथम आव्यूह ($A$) के स्तंभों की संख्या द्वितीय आव्यूह ($B$) की पंक्तियों की संख्या के बराबर हो:

$$A_{m \times \mathbf{n}} \cdot B_{\mathbf{n} \times p} = C_{m \times p}$$

  • गुणनफल का अवयव $c_{ij} = \sum_{k=1}^n a_{ik} b_{kj}$ (अर्थात् $A$ की $i$-वीं पंक्ति का $B$ के $j$-वें स्तंभ के साथ संगत गुणा कर योग)।
  • प्रमुख गुणधर्म:
    1. अ-क्रमविनिमेयता: सामान्यतः $AB \ne BA$।
    2. साहचर्य नियम: $A(BC) = (AB)C$।
    3. वितरण नियम: $A(B + C) = AB + AC$।
    4. यदि $AB = O$ हो, तो यह आवश्यक नहीं कि $A = O$ या $B = O$ हो (शून्य के भाजक उपस्थित हो सकते हैं)!
    5. तत्समिक आव्यूह का गुण: $AI = IA = A$।

3. परिवर्त आव्यूह, सममित एवं विषम-सममित आव्यूह

परिवर्त आव्यूह (Transpose of a Matrix, $A^T$ या $A'$):

किसी आव्यूह की पंक्तियों को स्तंभों में तथा स्तंभों को पंक्तियों में बदलने पर प्राप्त आव्यूह उसका परिवर्त कहलाता है। यदि $A$ की कोटि $m \times n$ है, तो $A'$ की कोटि $n \times m$ होगी।

  • परिवर्त के गुणधर्म:
    1. $(A')' = A$
    2. $(kA)' = kA'$
    3. $(A + B)' = A' + B'$
    4. उत्क्रमण नियम (Reversal Law): $(AB)' = B' A'$ (अत्यंत महत्वपूर्ण)।

सममित एवं विषम-सममित आव्यूह:

  1. सममित आव्यूह (Symmetric Matrix): एक वर्ग आव्यूह $A$ सममित कहलाता है यदि $A' = A$ (अर्थात् $a_{ji} = a_{ij}$)।
  2. विषम-सममित आव्यूह (Skew-Symmetric Matrix): एक वर्ग आव्यूह $A$ विषम-सममित कहलाता है यदि $A' = -A$ (अर्थात् $a_{ji} = -a_{ij}$)।
    • महत्वपूर्ण प्रमेय: विषम-सममित आव्यूह के मुख्य विकर्ण के सभी अवयव हमेशा शून्य होते हैं! (प्रमाण: $a_{ii} = -a_{ii} \implies 2a_{ii} = 0 \implies a_{ii} = 0$)।

अद्वितीय योग प्रमेय (Unique Sum Theorem - 100% Exam Question):

किसी भी वर्ग आव्यूह $A$ को एक सममित आव्यूह ($P$) तथा एक विषम-सममित आव्यूह ($Q$) के योग के रूप में अद्वितीयतया व्यक्त किया जा सकता है:

$$A = \mathbf{P + Q}$$

जहाँ:

$$P = \frac{1}{2}(A + A') \quad (\text{सममित आव्यूह, क्योंकि } P' = P)$$

$$Q = \frac{1}{2}(A - A') \quad (\text{विषम-सममित आव्यूह, क्योंकि } Q' = -Q)$$

4. व्युत्क्रमणीय आव्यूह एवं आव्यूह बहुपद

व्युत्क्रमणीय आव्यूह (Invertible Matrix):

यदि $A$ कोटि $n$ का एक वर्ग आव्यूह है, और उसी कोटि का एक अन्य वर्ग आव्यूह $B$ इस प्रकार अस्तित्व में हो कि:

$$AB = BA = I$$

तो $B$ को $A$ का व्युत्क्रम (Inverse) कहते हैं और इसे $A^{-1}$ से निरूपित करते हैं ($B = A^{-1}$)।

  • व्युत्क्रम की अद्वितीयता प्रमेय: किसी वर्ग आव्यूह का व्युत्क्रम (यदि अस्तित्व हो) अद्वितीय (Unique) होता है।
  • उत्क्रमण नियम: यदि $A$ और $B$ समान कोटि के व्युत्क्रमणीय आव्यूह हों, तो $(AB)^{-1} = B^{-1} A^{-1}$।

आव्यूह बहुपद विधि द्वारा $A^{-1}$ ज्ञात करना:

यदि कोई आव्यूह समीकरण $A^2 - 5A + 7I = O$ को संतुष्ट करता है, तो दोनों ओर $A^{-1}$ से पश्च-गुणन (Post-multiplying) करके:

$$A^2 A^{-1} - 5A A^{-1} + 7I A^{-1} = O$$

$$A - 5I + 7A^{-1} = O \implies 7A^{-1} = 5I - A \implies A^{-1} = \frac{1}{7}(5I - A)$$

यह परीक्षा में 3 से 4 अंक का अत्यंत लोकप्रिय प्रश्न है।

Key Formulas, Identities & Theorems

आव्यूह गुणन एवं कोटि नियम
A(m x n) . B(n x p) = C(m x p); गुणन तभी संभव है जब प्रथम के स्तंभ = द्वितीय की पंक्तियाँ; सामान्यतः AB ≠ BA।
परिवर्त एवं उत्क्रमण नियम
(A')' = A; (A+B)' = A'+B'; (AB)' = B'A' (Reversal Law); (AB)⁻¹ = B⁻¹A⁻¹.
सममित एवं विषम-सममित वियोजन
A = P + Q = 1/2(A + A') + 1/2(A - A'); जहाँ P सममित (P'=P) तथा Q विषम-सममित (Q'=-Q); विषम-सममित के विकर्ण अवयव a_ii = 0।

Conceptual Solved Examples & Case Studies

Example 1
यदि $A = \begin{bmatrix} 3 & 5 \\ 1 & -1 \end{bmatrix}$ है, तो आव्यूह $A$ को एक सममित तथा एक विषम-सममित आव्यूह के योग के रूप में व्यक्त कीजिए। (JAC Board 4 Marks Question)
Step-by-Step Solution:

हल: दिया गया आव्यूह: $A = \begin{bmatrix} 3 & 5 \\ 1 & -1 \end{bmatrix}$

$A$ का परिवर्त (Transpose): $A' = \begin{bmatrix} 3 & 1 \\ 5 & -1 \end{bmatrix}$

1. सममित भाग ($P$):

$$P = \frac{1}{2}(A + A') = \frac{1}{2}\left( \begin{bmatrix} 3 & 5 \\ 1 & -1 \end{bmatrix} + \begin{bmatrix} 3 & 1 \\ 5 & -1 \end{bmatrix} \right) = \frac{1}{2}\begin{bmatrix} 6 & 6 \\ 6 & -2 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 3 & 3 \\ 3 & -1 \end{bmatrix}$$

जाँच: $P' = \begin{bmatrix} 3 & 3 \\ 3 & -1 \end{bmatrix} = P$ (अतः $P$ सममित आव्यूह है)।

2. विषम-सममित भाग ($Q$):

$$Q = \frac{1}{2}(A - A') = \frac{1}{2}\left( \begin{bmatrix} 3 & 5 \\ 1 & -1 \end{bmatrix} - \begin{bmatrix} 3 & 1 \\ 5 & -1 \end{bmatrix} \right) = \frac{1}{2}\begin{bmatrix} 0 & 4 \\ -4 & 0 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 0 & 2 \\ -2 & 0 \end{bmatrix}$$

जाँच: $Q' = \begin{bmatrix} 0 & -2 \\ 2 & 0 \end{bmatrix} = -\begin{bmatrix} 0 & 2 \\ -2 & 0 \end{bmatrix} = -Q$ (अतः $Q$ विषम-सममित आव्यूह है)।

3. योग के रूप में निरूपण:

$$P + Q = \begin{bmatrix} 3 & 3 \\ 3 & -1 \end{bmatrix} + \begin{bmatrix} 0 & 2 \\ -2 & 0 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 3+0 & 3+2 \\ 3-2 & -1+0 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 3 & 5 \\ 1 & -1 \end{bmatrix} = A$$

अतः $A = \mathbf{\begin{bmatrix} 3 & 3 \\ 3 & -1 \end{bmatrix} + \begin{bmatrix} 0 & 2 \\ -2 & 0 \end{bmatrix}}$।

Example 2
यदि $A = \begin{bmatrix} 1 & 2 \\ 2 & 1 \end{bmatrix}$ हो, तो दर्शाइए कि $A^2 - 4A - 5I = O$ है, और इसकी सहायता से $A^{-1}$ ज्ञात कीजिए। (JAC Board High-Yield Question)
Step-by-Step Solution:

हल: दिया है: $A = \begin{bmatrix} 1 & 2 \\ 2 & 1 \end{bmatrix}$

1. $A^2$ का परिकलन:

$$A^2 = A \cdot A = \begin{bmatrix} 1 & 2 \\ 2 & 1 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 1 & 2 \\ 2 & 1 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 1(1)+2(2) & 1(2)+2(1) \\ 2(1)+1(2) & 2(2)+1(1) \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 5 & 4 \\ 4 & 5 \end{bmatrix}$$

2. समीकरण में मान रखने पर:

$$4A = 4\begin{bmatrix} 1 & 2 \\ 2 & 1 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 4 & 8 \\ 8 & 4 \end{bmatrix}, \quad 5I = 5\begin{bmatrix} 1 & 0 \\ 0 & 1 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 5 & 0 \\ 0 & 5 \end{bmatrix}$$

$$\text{L.H.S.} = A^2 - 4A - 5I = \begin{bmatrix} 5 & 4 \\ 4 & 5 \end{bmatrix} - \begin{bmatrix} 4 & 8 \\ 8 & 4 \end{bmatrix} - \begin{bmatrix} 5 & 0 \\ 0 & 5 \end{bmatrix}$$

$$= \begin{bmatrix} 5 - 4 - 5 & 4 - 8 - 0 \\ 4 - 8 - 0 & 5 - 4 - 5 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} -4 & -4 \\ -4 & -4 \end{bmatrix} \ne O$$

(समीकरण $A^2 - 2A - 3I = O$ हेतु जाँच: $A^2 - 2A - 3I = \begin{bmatrix} 5 & 4 \\ 4 & 5 \end{bmatrix} - \begin{bmatrix} 2 & 4 \\ 4 & 2 \end{bmatrix} - \begin{bmatrix} 3 & 0 \\ 0 & 3 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 0 & 0 \\ 0 & 0 \end{bmatrix} = O$)*

अतः $A^2 - 2A - 3I = O$ से $A^{-1}$ निकालने पर: दोनों ओर $A^{-1}$ से पश्च-गुणन करने पर:

$$A^2 A^{-1} - 2A A^{-1} - 3I A^{-1} = O \implies A - 2I - 3A^{-1} = O$$

$$3A^{-1} = A - 2I = \begin{bmatrix} 1 & 2 \\ 2 & 1 \end{bmatrix} - \begin{bmatrix} 2 & 0 \\ 0 & 2 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} -1 & 2 \\ 2 & -1 \end{bmatrix}$$

$$A^{-1} = \mathbf{\frac{1}{3}\begin{bmatrix} -1 & 2 \\ 2 & -1 \end{bmatrix}}$$

Example 3
यदि $A = \begin{bmatrix} 1 \\ -4 \\ 3 \end{bmatrix}$ तथा $B = \begin{bmatrix} -1 & 2 & 1 \end{bmatrix}$ हैं, तो सत्यापित कीजिए कि $(AB)' = B' A'$ है।
Step-by-Step Solution:

हल: $A$ की कोटि = $3 \times 1$, $B$ की कोटि = $1 \times 3$।

1. $AB$ का परिकलन:

$$AB = \begin{bmatrix} 1 \\ -4 \\ 3 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} -1 & 2 & 1 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 1(-1) & 1(2) & 1(1) \\ -4(-1) & -4(2) & -4(1) \\ 3(-1) & 3(2) & 3(1) \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} -1 & 2 & 1 \\ 4 & -8 & -4 \\ -3 & 6 & 3 \end{bmatrix}_{3 \times 3}$$

L.H.S. = $(AB)' = \begin{bmatrix} -1 & 4 & -3 \\ 2 & -8 & 6 \\ 1 & -4 & 3 \end{bmatrix}$

2. $B' A'$ का परिकलन:

$$B' = \begin{bmatrix} -1 \\ 2 \\ 1 \end{bmatrix}_{3 \times 1}, \quad A' = \begin{bmatrix} 1 & -4 & 3 \end{bmatrix}_{1 \times 3}$$

R.H.S. = $B' A' = \begin{bmatrix} -1 \\ 2 \\ 1 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 1 & -4 & 3 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} -1(1) & -1(-4) & -1(3) \\ 2(1) & 2(-4) & 2(3) \\ 1(1) & 1(-4) & 1(3) \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} -1 & 4 & -3 \\ 2 & -8 & 6 \\ 1 & -4 & 3 \end{bmatrix}$

अतः L.H.S. = R.H.S. = $\mathbf{(AB)' = B' A'}$ [सत्यापित]।

Example 4
$x, y, z$ तथा $w$ के मान ज्ञात कीजिए यदि: $2\begin{bmatrix} x & z \\ y & w \end{bmatrix} + 3\begin{bmatrix} 1 & -1 \\ 0 & 2 \end{bmatrix} = 3\begin{bmatrix} 3 & 5 \\ 4 & 6 \end{bmatrix}$।
Step-by-Step Solution:

हल: दिए गए समीकरण में अदिश गुणन करने पर:

$$\begin{bmatrix} 2x & 2z \\ 2y & 2w \end{bmatrix} + \begin{bmatrix} 3 & -3 \\ 0 & 6 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 9 & 15 \\ 12 & 18 \end{bmatrix}$$

बायें पक्ष का योग करने पर:

$$\begin{bmatrix} 2x + 3 & 2z - 3 \\ 2y + 0 & 2w + 6 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 9 & 15 \\ 12 & 18 \end{bmatrix}$$

संगत अवयवों की तुलना करने पर:

  1. $2x + 3 = 9 \implies 2x = 6 \implies \mathbf{x = 3}$
  2. $2z - 3 = 15 \implies 2z = 18 \implies \mathbf{z = 9}$
  3. $2y = 12 \implies \mathbf{y = 6}$
  4. $2w + 6 = 18 \implies 2w = 12 \implies \mathbf{w = 6}$

अतः $x = 3, y = 6, z = 9, w = 6$।

Example 5
प्रारंभिक पंक्ति संक्रियाओं द्वारा आव्यूह $A = \begin{bmatrix} 2 & 1 \\ 1 & 1 \end{bmatrix}$ का व्युत्क्रम ($A^{-1}$) ज्ञात कीजिए।
Step-by-Step Solution:

हल: हम जानते हैं कि $A = IA$ लिखा जा सकता है:

$$\begin{bmatrix} 2 & 1 \\ 1 & 1 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 1 & 0 \\ 0 & 1 \end{bmatrix} A$$

पद 1: संक्रिया $R_1 \leftrightarrow R_2$ लगाने पर:

$$\begin{bmatrix} 1 & 1 \\ 2 & 1 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 0 & 1 \\ 1 & 0 \end{bmatrix} A$$

पद 2: संक्रिया $R_2 \rightarrow R_2 - 2R_1$ लगाने पर:

$$\begin{bmatrix} 1 & 1 \\ 0 & -1 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 0 & 1 \\ 1 - 0 & 0 - 2 \end{bmatrix} A = \begin{bmatrix} 0 & 1 \\ 1 & -2 \end{bmatrix} A$$

पद 3: संक्रिया $R_2 \rightarrow -1 \cdot R_2$ लगाने पर:

$$\begin{bmatrix} 1 & 1 \\ 0 & 1 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 0 & 1 \\ -1 & 2 \end{bmatrix} A$$

पद 4: संक्रिया $R_1 \rightarrow R_1 - R_2$ लगाने पर:

$$\begin{bmatrix} 1 & 0 \\ 0 & 1 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 0 - (-1) & 1 - 2 \\ -1 & 2 \end{bmatrix} A = \begin{bmatrix} 1 & -1 \\ -1 & 2 \end{bmatrix} A$$

चूंकि बायाँ पक्ष तत्समिक आव्यूह $I$ बन चुका है ($I = B A$), अतः:

$$A^{-1} = \mathbf{\begin{bmatrix} 1 & -1 \\ -1 & 2 \end{bmatrix}}$$

Common Misconceptions & Examiner Traps

Common Misconception

आव्यूह गुणन को क्रमविनिमेय मानकर $AB = BA$ लिख देना।

Scientific Reality & Correction

आव्यूह गुणन सामान्यतः क्रमविनिमेय नहीं होता ($AB \ne BA$); कभी-कभी तो $AB$ संभव होने पर $BA$ परिभाषित भी नहीं होता।

Common Misconception

विषम-सममित आव्यूह के मुख्य विकर्ण पर अशून्य संख्याएं लिख देना।

Scientific Reality & Correction

विषम-सममित आव्यूह के विकर्ण अवयव हमेशा शून्य ($a_{ii} = 0$) होते हैं।

आव्यूह: गुणन की शर्तें, परिवर्त एवं सममित वियोजन

आव्यूह गुणन (Multiplication) • Am×n × Bn×p = Cm×p • प्रथम के स्तंभ = द्वितीय की पंक्तियाँ • अ-क्रमविनिमेय: AB ≠ BA • साहचर्य: A(BC) = (AB)C • तत्समिक: AI = IA = A पंक्ति × स्तंभ का संगत योग परिवर्त व उत्क्रमण नियम • पंक्तियों को स्तंभों में बदलना (A') • (A')' = A, (kA)' = kA' • (A + B)' = A' + B' • उत्क्रमण नियम: (AB)' = B'A' • व्युत्क्रम: (AB)⁻¹ = B⁻¹A⁻¹ गुणन के क्रम का उलट जाना सममित + विषम-सममित • सममित: A' = A • विषम-सममित: A' = -A (aii = 0) • A = P + Q (अद्वितीय वियोजन) • P = 1/2(A + A') [सममित] • Q = 1/2(A - A') [विषम-सममित] बोर्ड परीक्षा का निश्चित 4-अंक प्रश्न

Chapter Summary & 10 Key Takeaways

Takeaway 1
m पंक्तियों और n स्तंभों वाले आयताकार विन्यास को m x n कोटि का आव्यूह कहते हैं।
Takeaway 2
आव्यूहों का योग व अंतर तभी संभव है जब दोनों की कोटि समान हो।
Takeaway 3
आव्यूह गुणन AB तभी संभव है जब A के स्तंभ = B की पंक्तियाँ हों; आव्यूह गुणन अ-क्रमविनिमेय (AB ≠ BA) होता है।
Takeaway 4
परिवर्त आव्यूह (A') पंक्तियों और स्तंभों को आपस में बदलने पर प्राप्त होता है; (AB)' = B'A' उत्क्रमण नियम है।
Takeaway 5
सममित आव्यूह में A' = A तथा विषम-सममित आव्यूह में A' = -A होता है।
Takeaway 6
विषम-सममित आव्यूह के मुख्य विकर्ण के सभी अवयव अनिवार्यतः शून्य (aii = 0) होते हैं।
Takeaway 7
किसी भी वर्ग आव्यूह को 1/2(A + A') [सममित] तथा 1/2(A - A') [विषम-सममित] के योग के रूप में लिखा जा सकता है।
Takeaway 8
यदि AB = BA = I हो, तो B को A का व्युत्क्रम (A⁻¹) कहते हैं।
Takeaway 9
किसी आव्यूह का व्युत्क्रम अस्तित्व में होने पर सदैव अद्वितीय होता है तथा (AB)⁻¹ = B⁻¹A⁻¹।
Takeaway 10
आव्यूह समीकरण (जैसे A² - 5A + 7I = O) से दोनों ओर A⁻¹ का गुणा कर व्युत्क्रम आसानी से निकाला जा सकता है।

Check Your Understanding (Diagnostic Practice Questions)

Diagnostic questions testing core conceptual clarity. Answers are hidden initially — solve each problem first, then click to reveal the step-by-step verified solution.

1
यदि A की कोटि 2 x 3 तथा B की कोटि 3 x 4 हो, तो AB की कोटि क्या होगी?
(A) 3 x 3
(B) 2 x 4
(C) 4 x 2
(D) गुणन संभव नहीं है
Reveal Answer & Explanation
Answer: B
A(2 x 3) . B(3 x 4) में 3 = 3 समान है, अतः गुणनफल की कोटि 2 x 4 होगी।
2
किसी विषम-सममित आव्यूह (Skew-Symmetric Matrix) के मुख्य विकर्ण के अवयव क्या होते हैं?
(A) सभी 1 होते हैं
(B) सभी शून्य होते हैं
(C) कोई भी वास्तविक संख्या
(D) सभी ऋणात्मक होते हैं
Reveal Answer & Explanation
Answer: B
aii = -aii => 2aii = 0 => aii = 0; अतः विकर्ण के सभी अवयव शून्य होते हैं।
3
यदि A एक वर्ग आव्यूह हो, तो A - A' सदैव क्या होगा?
(A) सममित आव्यूह
(B) विषम-सममित आव्यूह
(C) शून्य आव्यूह
(D) तत्समिक आव्यूह
Reveal Answer & Explanation
Answer: B
(A - A')' = A' - (A')' = A' - A = -(A - A'), अतः यह विषम-सममित आव्यूह है।
4
यदि A और B समान कोटि के व्युत्क्रमणीय आव्यूह हों, तो (AB)⁻¹ किसके बराबर होगा?
(A) A⁻¹B⁻¹
(B) B⁻¹A⁻¹
(C) AB
(D) B A
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Answer: B
उत्क्रमण नियम के अनुसार (AB)⁻¹ = B⁻¹ A⁻¹ होता है।
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