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झारखण्ड बोर्ड (JAC) • कक्षा XII • Mathematics • अध्याय 13
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

प्रायिकता (Probability)

प्रायिकता (Probability) अनिश्चितता का गणितीय विज्ञान तथा आधुनिक डेटा साइंस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI/ML), क्वांटम यांत्रिकी, बीमा और वित्तीय जोखिम प्रबंधन का आधारभूत दर्शन है। कक्षा 11वीं में प्रायिकता के अभिगृहीत दृष्टिकोण (Axiomatic Approach) को पढ़ने के पश्चात, कक्षा 12वीं में यह अध्याय अत्यंत परिष्कृत एवं उच्च-स्तरीय प्रायिकताओं का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्याय का शुभारंभ सप्रतिबंध प्रायिकता (Conditional Probability) से होता है: किसी घटना $B$ के घटित हो जाने की सूचना के उपरांत घटना $A$ के घटित होने की प्रायिकता $P(A|B) = \frac{P(A \cap B)}{P(B)}$ ($P(B) \neq 0$)। इसके पश्चात प्रायिकता का गुणन नियम (Multiplication Theorem) तथा स्वतंत्र घटनाएं (Independent Events) जहाँ $P(A \cap B) = P(A) \cdot P(B)$ होता है (जो परस्पर अपवर्जी घटनाओं $A \cap B = \phi$ से सर्वथा भिन्न है), का सूक्ष्म अध्ययन होता है। अध्याय का केंद्रीय आकर्षण प्रतिलोम प्रायिकता (Inverse Probability) तथा बेज़ का प्रमेय (Bayes' Theorem) है, जहाँ किसी ज्ञात परिणाम के घटित होने के पश्चात उसके किसी विशिष्ट कारण ($E_i$) द्वारा उत्पन्न होने की पश्च प्रायिकता (Posterior Probability) परिकलित की जाती है। अंत में यादृच्छिक चर (Random Variable $X$), उसका प्रायिकता बंटन (Probability Distribution), माध्य (Expectation $\mu = \sum x_i p_i$), प्रसरण (Variance $\sigma^2$), तथा बरनौली परीक्षण एवं द्विपद बंटन (Binomial Distribution: $P(X = r) = {}^nC_r p^r q^{n-r}$) का संपूर्ण सैद्धांतिक एवं परीक्षा-उन्मुख निरूपण किया गया है।

कैंसर का मेडिकल टेस्ट और एआई स्पैम फिल्टर: बेज़ प्रमेय से अप्रत्यक्ष सत्य की खोज!

मान लीजिए एक अत्यंत घातक बीमारी का मेडिकल टेस्ट 99% सटीक (Accurate) है, और कुल आबादी में केवल 0.1% लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं। यदि किसी व्यक्ति की टेस्ट रिपोर्ट 'पॉजिटिव' आती है, तो वास्तव में उसे बीमारी होने की प्रायिकता कितनी है? आप सोचेंगे 99%? लेकिन बेज़ प्रमेय (Bayes' Theorem) गणना करके बताता है कि वास्तविक प्रायिकता 10% से भी कम है! यह चौंकाने वाला विरोधाभास 'फॉल्स पॉजिटिव' और पूर्व प्रायिकता (Prior Probability) के कारण उत्पन्न होता है। यही बेज़ियन गणित जीमेल के स्पैम फिल्टर, सेल्फ-ड्राइविंग कारों के रडार और कोरोना आरटी-पीसीआर टेस्ट के विश्लेषण में प्रयुक्त होता है!

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

JAC तथा CBSE 12वीं गणित बोर्ड परीक्षा में यह अध्याय 8 से 10 अंकों का अत्यधिक महत्वपूर्ण स्थान रखता है: 1. बेज़ के प्रमेय का 6-अंकीय गारंटीड दीर्घ उत्तरीय प्रश्न: तीन थैलियों में से गेंद चुनना, कारखाने में मशीनों A, B, C द्वारा खराब उत्पाद बनाना, अथवा रक्त परीक्षण के प्रश्न लगभग हर वर्ष पूछे जाते हैं। 2. यादृच्छिक चर का प्रायिकता बंटन, माध्य व प्रसरण (4 अंक): ताश की गड्डी अथवा पांसों के उछाल पर आधारित बंटन सारणी। 3. सप्रतिबंध प्रायिकता एवं स्वतंत्र घटनाएं (2 अंक): $P(A|B)$ और $P(A \cup B)$ के त्वरित वस्तुनिष्ठ प्रश्न। 4. प्रतियोगी परीक्षाएं (JEE Main/Advanced): बेज़ प्रमेय और द्विपद बंटन पर प्रतिवर्ष कठिन बहुविकल्पीय प्रश्न आते हैं।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • समुच्चय सिद्धांत (Set Theory): सर्वनिष्ठ ($A \cap B$), संघ ($A \cup B$) तथा पूरक ($A'$)।
  • क्रमचय एवं संचय (Permutations and Combinations): ${}^nC_r = \frac{n!}{r!(n-r)!}$।
  • प्रायिकता की प्राथमिक अभिगृहीतीय परिभाषा ($P(A) = \frac{n(A)}{n(S)}$)।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • सप्रतिबंध प्रायिकता $P(A|B)$ की परिभाषा लागू कर घटनाओं की सशर्त संभावना ज्ञात करना।
  • गुणन प्रमेय का उपयोग कर स्वतंत्र एवं आश्रित घटनाओं की पहचान करना।
  • प्रतिदर्श समष्टि के विभाजन (Partition of Sample Space) एवं संपूर्ण प्रायिकता प्रमेय को समझना।
  • बेज़ के प्रमेय (Bayes' Theorem) का सटीक अनुप्रयोग कर पश्च प्रायिकता (Posterior Probability) परिकलित करना।
  • किसी यादृच्छिक चर का प्रायिकता बंटन निर्मित कर उसका माध्य (Mean) तथा प्रसरण (Variance) ज्ञात करना।
  • बरनौली परीक्षणों के अंतर्गत द्विपद बंटन (Binomial Distribution) के सूत्रों से सफलता की प्रायिकता निकालना।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. सप्रतिबंध प्रायिकता एवं गुणन प्र...
2 2. स्वतंत्र घटनाएं बनाम परस्पर अपवर...
3 3. संपूर्ण प्रायिकता का प्रमेय एवं...
4 4. यादृच्छिक चर, प्रायिकता बंटन, मा...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. सप्रतिबंध प्रायिकता एवं गुणन प्रमेय (Conditional Probability & Multiplication Rule)

1.1 सप्रतिबंध प्रायिकता की परिभाषा

यदि $A$ और $B$ किसी यादृच्छिक प्रयोग की प्रतिदर्श समष्टि $S$ की दो घटनाएं हैं तथा $P(B) \neq 0$, तो घटना $B$ के घटित हो चुकने की दशा में घटना $A$ के घटित होने की सप्रतिबंध प्रायिकता (Conditional Probability) कहलाती है:

$$P(A|B) = \frac{P(A \cap B)}{P(B)}$$

समान रूप से, यदि $P(A) \neq 0$ हो, तो $P(B|A) = \frac{P(A \cap B)}{P(A)}$।

1.2 महत्वपूर्ण गुणधर्म

  • $P(S|B) = 1$ तथा $P(B|B) = 1$
  • $P((A \cup B)|E) = P(A|E) + P(B|E) - P((A \cap B)|E)$
  • $P(A'|B) = 1 - P(A|B)$

1.3 प्रायिकता का गुणन नियम (Multiplication Theorem)

दो घटनाओं $A$ और $B$ के एक साथ घटित होने की प्रायिकता:

$$P(A \cap B) = P(A) \cdot P(B|A) = P(B) \cdot P(A|B)$$

तीन घटनाओं के लिए: $P(A \cap B \cap C) = P(A) \cdot P(B|A) \cdot P(C|(A \cap B))$।

2. स्वतंत्र घटनाएं बनाम परस्पर अपवर्जी घटनाएं (Independent vs Mutually Exclusive)

2.1 स्वतंत्र घटनाएं (Independent Events)

दो घटनाएं $A$ और $B$ स्वतंत्र कहलाती हैं यदि किसी एक घटना के घटित होने की संभावना दूसरी घटना के घटित होने या न होने से बिल्कुल प्रभावित न हो।

गणितीय कसौटी:

$$P(A \cap B) = P(A) \cdot P(B)$$

महत्वपूर्ण प्रमेय: यदि $A$ और $B$ स्वतंत्र हैं, तो:

  • $A$ और $B'$ भी स्वतंत्र होते हैं।
  • $A'$ और $B$ भी स्वतंत्र होते हैं।
  • $A'$ और $B'$ भी स्वतंत्र होते हैं ($P(A' \cap B') = P(A') \cdot P(B')$)।
विशाल भ्रम निवारण (Critical Distinction):
छात्र प्रायः 'परस्पर अपवर्जी' और 'स्वतंत्र' को एक ही समझ लेते हैं!
• परस्पर अपवर्जी (Mutually Exclusive): दोनों घटनाएं एक साथ कभी नहीं घट सकतीं ($A \cap B = \phi \implies P(A \cap B) = 0$)।
• स्वतंत्र (Independent): दोनों एक साथ घट सकती हैं और $P(A \cap B) = P(A) \cdot P(B) \neq 0$ (शून्येतर प्रायिकता हेतु)।
अतः दो शून्येतर घटनाएं एक साथ कभी भी परस्पर अपवर्जी और स्वतंत्र दोनों नहीं हो सकतीं!

3. संपूर्ण प्रायिकता का प्रमेय एवं बेज़ प्रमेय (Total Probability & Bayes' Theorem)

3.1 प्रतिदर्श समष्टि का विभाजन (Partition of Sample Space)

घटनाओं का एक समुच्चय $\{E_1, E_2, \dots, E_n\}$ प्रतिदर्श समष्टि $S$ का एक विभाजन कहलाता है यदि:

  1. वे परस्पर अपवर्जी हों: $E_i \cap E_j = \phi$ ($i \neq j$)
  2. वे संपूर्ण (Exhaustive) हों: $E_1 \cup E_2 \cup \dots \cup E_n = S$
  3. प्रत्येक की प्रायिकता शून्येतर हो: $P(E_i) > 0$

3.2 संपूर्ण प्रायिकता का प्रमेय (Theorem of Total Probability)

यदि $\{E_1, E_2, \dots, E_n\}$ प्रतिदर्श समष्टि $S$ का एक विभाजन है और $A$, $S$ से संबंधित कोई भी घटना है, तो:

$$P(A) = \sum_{i=1}^n P(E_i) \cdot P(A|E_i) = P(E_1)P(A|E_1) + P(E_2)P(A|E_2) + \dots + P(E_n)P(A|E_n)$$

3.3 बेज़ का प्रमेय (Bayes' Theorem - 6 अंक निश्चित)

यदि घटना $A$ घटित हो चुकी है, तो इसके किसी विशिष्ट कारण $E_i$ द्वारा उत्पन्न होने की पश्च प्रायिकता (Posterior Probability):

$$P(E_i|A) = \frac{P(E_i) \cdot P(A|E_i)}{\sum_{j=1}^n P(E_j) \cdot P(A|E_j)}$$

जहाँ $P(E_i)$ को पूर्व प्रायिकता (Prior Probability) तथा $P(A|E_i)$ को संभाव्यता (Likelihood) कहते हैं।

4. यादृच्छिक चर, प्रायिकता बंटन, माध्य एवं द्विपद बंटन (Random Variable & Distributions)

4.1 यादृच्छिक चर (Random Variable $X$)

यादृच्छिक चर एक ऐसा वास्तविक मान फलन (Real-valued Function) है जिसका प्रांत किसी यादृच्छिक प्रयोग की प्रतिदर्श समष्टि $S$ होती है।

4.2 प्रायिकता बंटन (Probability Distribution)

यदि यादृच्छिक चर $X$ मान $x_1, x_2, \dots, x_n$ संगत प्रायिकताओं $p_1, p_2, \dots, p_n$ के साथ ग्रहण करता है, तब:

  1. प्रत्येक $p_i \ge 0$
  2. कुल प्रायिकताओं का योग सदैव $1$ होता है: $\sum_{i=1}^n p_i = p_1 + p_2 + \dots + p_n = 1$

4.3 माध्य एवं प्रसरण (Mean & Variance)

  • माध्य (Mean / Expectation $\mu$): $\mu = E(X) = \sum x_i p_i$
  • प्रसरण (Variance $\sigma^2$): $\sigma^2 = \text{Var}(X) = E(X^2) - [E(X)]^2 = \sum x_i^2 p_i - \mu^2$
  • मानक विचलन (Standard Deviation $\sigma$): $\sigma = \sqrt{\text{Var}(X)}$

4.4 बरनौली परीक्षण एवं द्विपद बंटन (Bernoulli Trials & Binomial Distribution)

यदि कोई प्रयोग $n$ बार दोहराया जाए जहाँ प्रत्येक परीक्षण में केवल दो ही परिणाम (सफलता $p$ अथवा असफलता $q = 1 - p$) हों, तो ठीक $r$ सफलताओं की प्रायिकता द्विपद बंटन द्वारा दी जाती है:

$$P(X = r) = {}^nC_r \, p^r \, q^{n-r}, \quad r = 0, 1, 2, \dots, n$$

द्विपद बंटन का माध्य $= n p$ तथा प्रसरण $= n p q$ होता है।

महत्वपूर्ण सूत्र, सर्वसमिकाएँ एवं प्रमेय

सप्रतिबंध प्रायिकता (Conditional Probability)
$$P(A|B) = \frac{P(A \cap B)}{P(B)}, \quad P(B) \neq 0$$
घटना B के घटने के उपरांत घटना A की प्रायिकता।
स्वतंत्र घटनाओं की शर्त (Condition for Independent Events)
$$P(A \cap B) = P(A) \cdot P(B)$$
दो घटनाओं के सांख्यिकीय रूप से स्वतंत्र होने की शर्त।
संपूर्ण प्रायिकता का प्रमेय (Total Probability)
$$P(A) = \sum_{i=1}^n P(E_i) P(A|E_i)$$
प्रतिदर्श समष्टि के सभी विभाजनों से कुल प्रायिकता।
बेज़ का प्रमेय (Bayes' Theorem)
$$P(E_i|A) = \frac{P(E_i) P(A|E_i)}{\sum_{j=1}^n P(E_j) P(A|E_j)}$$
6-अंकीय बोर्ड परीक्षा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण प्रमेय।
यादृच्छिक चर का माध्य (Mean of Random Variable)
$$\mu = E(X) = \sum x_i p_i$$
प्रायिकता बंटन का अपेक्षित मान।
यादृच्छिक चर का प्रसरण (Variance)
$$\text{Var}(X) = \sum x_i^2 p_i - \mu^2$$
माध्य के परितः प्रायिकता फैलाव का माप।
द्विपद बंटन (Binomial Distribution)
$$P(X = r) = {}^nC_r p^r q^{n-r}, \quad q = 1 - p$$
n स्वतंत्र परीक्षणों में ठीक r सफलताओं की प्रायिकता।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
तीन अभिन्न पेटियाँ I, II और III दी गई हैं। पेटी I में 2 सोने के सिक्के हैं, पेटी II में 2 चांदी के सिक्के हैं और पेटी III में 1 सोने तथा 1 चांदी का सिक्का है। एक व्यक्ति यादृच्छया एक पेटी चुनता है और उसमें से एक सिक्का निकालता है। यदि सिक्का सोने का है, तो क्या प्रायिकता है कि पेटी में उपस्थित दूसरा सिक्का भी सोने का ही है? [NCERT / JAC 2018, 2021, 2024 - 6 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: घटनाओं की पहचान एवं पूर्व प्रायिकताएं (Prior Probabilities):
माना घटनाएं हैं:
$E_1$: पेटी I को चुनना (जिसमें 2 सोने के सिक्के हैं)
$E_2$: पेटी II को चुनना (जिसमें 2 चांदी के सिक्के हैं)
$E_3$: पेटी III को चुनना (जिसमें 1 सोना व 1 चांदी का सिक्का है)
$A$: निकाला गया सिक्का सोने (Gold) का होना।

तीनों पेटियों के चुने जाने की प्रायिकता समान है:
$$P(E_1) = P(E_2) = P(E_3) = \frac{1}{3}$$

चरण 2: सप्रतिबंध प्रायिकताएं (Likelihoods) ज्ञात करना:
  • पेटी I में दोनों सिक्के सोने के हैं: $P(A|E_1) = \frac{2}{2} = 1$
  • पेटी II में कोई सिक्का सोने का नहीं है: $P(A|E_2) = \frac{0}{2} = 0$
  • पेटी III में 1 सोने का सिक्का 2 सिक्कों में से है: $P(A|E_3) = \frac{1}{2}$
चरण 3: प्रश्न की शर्त समझना:
यदि निकाला गया सिक्का सोने का है, तो दूसरा सिक्का भी सोने का होने का अर्थ है कि वह सिक्का पेटी I से ही निकाला गया था (क्योंकि केवल पेटी I में ही दोनों सिक्के सोने के हैं)।
अतः हमें $P(E_1|A)$ ज्ञात करना है।

चरण 4: बेज़ के प्रमेय का प्रयोग:
$$P(E_1|A) = \frac{P(E_1) P(A|E_1)}{P(E_1) P(A|E_1) + P(E_2) P(A|E_2) + P(E_3) P(A|E_3)}$$
मान प्रतिस्थापित करने पर:
$$P(E_1|A) = \frac{\frac{1}{3} \times 1}{\frac{1}{3} \times 1 + \frac{1}{3} \times 0 + \frac{1}{3} \times \frac{1}{2}}$$
अंश और हर में से $\frac{1}{3}$ निरस्त करने पर:
$$P(E_1|A) = \frac{1}{1 + 0 + \frac{1}{2}} = \frac{1}{\frac{3}{2}} = \frac{2}{3}$$
उत्तर: अभीष्ट प्रायिकता $\frac{2}{3}$ है।
अंक योजना (Marking Scheme): 1 अंक: E1, E2, E3 व A परिभाषित कर P(Ei) = 1/3; 2 अंक: P(A|Ei) के मान 1, 0, 1/2 निकालना; 2 अंक: बेज़ सूत्र लिखकर मान रखना; 1 अंक: 2/3 अंतिम उत्तर। कुल: 6 अंक।
उदाहरण 2
एक कारखाने में दो मशीनें A और B हैं। पिछले रिकॉर्ड से ज्ञात होता है कि मशीन A कुल उत्पादन का 60% तथा मशीन B कुल उत्पादन का 40% निर्माण करती है। इसके अतिरिक्त, मशीन A द्वारा निर्मित उत्पादों का 2% और मशीन B द्वारा निर्मित उत्पादों का 1% खराब (Defective) है। कुल उत्पादन में से यादृच्छया निकाला गया एक उत्पाद खराब पाया जाता है। इसकी क्या प्रायिकता है कि यह उत्पाद मशीन B द्वारा निर्मित किया गया था? [JAC 2019, 2022]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: घटनाएं एवं पूर्व प्रायिकताएं:
$E_1$: उत्पाद मशीन A द्वारा निर्मित होना $\implies P(E_1) = 60\% = \frac{60}{100} = 0.6$
$E_2$: उत्पाद मशीन B द्वारा निर्मित होना $\implies P(E_2) = 40\% = \frac{40}{100} = 0.4$
$D$: उत्पाद का खराब (Defective) होना।

चरण 2: सप्रतिबंध प्रायिकताएं:
मशीन A से खराब उत्पाद की प्रायिकता: $P(D|E_1) = 2\% = \frac{2}{100} = 0.02$
मशीन B से खराब उत्पाद की प्रायिकता: $P(D|E_2) = 1\% = \frac{1}{100} = 0.01$

चरण 3: बेज़ प्रमेय द्वारा $P(E_2|D)$ की गणना:
$$P(E_2|D) = \frac{P(E_2) P(D|E_2)}{P(E_1) P(D|E_1) + P(E_2) P(D|E_2)}$$
मान रखने पर:
$$P(E_2|D) = \frac{0.4 \times 0.01}{0.6 \times 0.02 + 0.4 \times 0.01} = \frac{0.004}{0.012 + 0.004} = \frac{0.004}{0.016} = \frac{4}{16} = \frac{1}{4}$$
उत्तर: अभीष्ट प्रायिकता $\frac{1}{4}$ (अथवा $0.25$) है।
अंक योजना (Marking Scheme): 1 अंक: P(E1)=0.6, P(E2)=0.4; 1 अंक: P(D|E1)=0.02, P(D|E2)=0.01; 2 अंक: बेज़ सूत्र में मान रखना; 1 अंक: 1/4 सही उत्तर। कुल: 5 अंक।
उदाहरण 3
एक सिक्के की तीन उछालों में शीर्षों (Heads) की संख्या का प्रायिकता बंटन, माध्य तथा प्रसरण ज्ञात कीजिए। [NCERT / JAC 2017, 2023]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: प्रतिदर्श समष्टि एवं यादृच्छिक चर $X$:
एक सिक्के को 3 बार उछालने पर प्रतिदर्श समष्टि $S$ में $2^3 = 8$ परिणाम होते हैं:
$S = \{HHH, HHT, HTH, THH, HTT, THT, TTH, TTT\}$
माना $X$ = प्राप्त शीर्षों (Heads) की संख्या। $X$ के संभावित मान $0, 1, 2, 3$ हैं।

चरण 2: प्रायिकता बंटन सारणी:
  • $P(X = 0) = P(\{TTT\}) = \frac{1}{8}$
  • $P(X = 1) = P(\{HTT, THT, TTH\}) = \frac{3}{8}$
  • $P(X = 2) = P(\{HHT, HTH, THH\}) = \frac{3}{8}$
  • $P(X = 3) = P(\{HHH\}) = \frac{1}{8}$
जांच: $\sum p_i = \frac{1}{8} + \frac{3}{8} + \frac{3}{8} + \frac{1}{8} = 1$ (सत्य है)।

चरण 3: माध्य $\mu = E(X)$ की गणना:
$$\mu = \sum x_i p_i = (0)\left(\frac{1}{8}\right) + (1)\left(\frac{3}{8}\right) + (2)\left(\frac{3}{8}\right) + (3)\left(\frac{1}{8}\right)$$
$$\mu = 0 + \frac{3}{8} + \frac{6}{8} + \frac{3}{8} = \frac{12}{8} = \frac{3}{2} = 1.5$$

चरण 4: प्रसरण $\text{Var}(X)$ की गणना:
$$E(X^2) = \sum x_i^2 p_i = (0^2)\left(\frac{1}{8}\right) + (1^2)\left(\frac{3}{8}\right) + (2^2)\left(\frac{3}{8}\right) + (3^2)\left(\frac{1}{8}\right)$$
$$E(X^2) = 0 + \frac{3}{8} + \frac{12}{8} + \frac{9}{8} = \frac{24}{8} = 3$$
$$\text{Var}(X) = E(X^2) - [E(X)]^2 = 3 - \left(\frac{3}{2}\right)^2 = 3 - \frac{9}{4} = \frac{12 - 9}{4} = \frac{3}{4} = 0.75$$
उत्तर: माध्य $= 1.5$ तथा प्रसरण $= 0.75$।
अंक योजना (Marking Scheme): 2 अंक: प्रायिकता बंटन सारणी (1/8, 3/8, 3/8, 1/8); 1 अंक: माध्य = 3/2; 2 अंक: E(X²) = 3 व प्रसरण = 3/4। कुल: 5 अंक।
उदाहरण 4
यदि $A$ और $B$ दो स्वतंत्र घटनाएं हैं जहाँ $P(A) = 0.3$ तथा $P(B) = 0.4$, तो ज्ञात कीजिए: (i) $P(A \cap B)$, (ii) $P(A \cup B)$, (iii) $P(A|B)$। [JAC 2020]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: $P(A \cap B)$ ज्ञात करना:
चूँकि $A$ और $B$ स्वतंत्र घटनाएं हैं:
$$P(A \cap B) = P(A) \cdot P(B) = (0.3) \times (0.4) = 0.12$$

चरण 2: $P(A \cup B)$ ज्ञात करना:
प्रायिकता के योग नियम द्वारा:
$$P(A \cup B) = P(A) + P(B) - P(A \cap B) = 0.3 + 0.4 - 0.12 = 0.70 - 0.12 = 0.58$$

चरण 3: $P(A|B)$ ज्ञात करना:
सप्रतिबंध प्रायिकता की परिभाषा से:
$$P(A|B) = \frac{P(A \cap B)}{P(B)} = \frac{0.12}{0.4} = 0.3$$
(वैकल्पिक: स्वतंत्र घटनाओं हेतु सीधे $P(A|B) = P(A) = 0.3$ होता है।)
अंक योजना (Marking Scheme): 1 अंक: P(A ∩ B) = 0.12; 1 अंक: P(A ∪ B) = 0.58; 1 अंक: P(A|B) = 0.3। कुल: 3 अंक।
उदाहरण 5
एक पासे को 6 बार फेंका जाता है। यदि 'पासे पर विषम संख्या प्राप्त होना' एक सफलता है, तो ठीक 5 सफलताओं की प्रायिकता ज्ञात कीजिए। [NCERT / JAC 2019, 2022]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: बरनौली परीक्षण के प्राचल पहचानना:
परीक्षणों की कुल संख्या: $n = 6$।
एक पासे को फेंकने पर विषम संख्याएं $\{1, 3, 5\}$ होती हैं।
सफलता की प्रायिकता: $p = \frac{3}{6} = \frac{1}{2}$।
असफलता की प्रायिकता: $q = 1 - p = 1 - \frac{1}{2} = \frac{1}{2}$।

चरण 2: द्विपद बंटन सूत्र का अनुप्रयोग:
द्विपद बंटन सूत्र: $P(X = r) = {}^nC_r \, p^r \, q^{n-r}$
यहाँ ठीक $5$ सफलताएं चाहिए, अतः $r = 5$:
$$P(X = 5) = {}^6C_5 \left(\frac{1}{2}\right)^5 \left(\frac{1}{2}\right)^{6-5} = 6 \times \left(\frac{1}{2}\right)^5 \times \left(\frac{1}{2}\right)^1 = 6 \times \left(\frac{1}{2}\right)^6$$
$$P(X = 5) = \frac{6}{64} = \frac{3}{32}$$
उत्तर: ठीक 5 सफलताओं की प्रायिकता $\frac{3}{32}$ है।
अंक योजना (Marking Scheme): 1 अंक: n = 6, p = 1/2, q = 1/2; 1 अंक: द्विपद बंटन सूत्र लिखना; 1 अंक: ⁶C₅ (1/2)⁶ = 3/32 सही उत्तर। कुल: 3 अंक।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

परस्पर अपवर्जी (Mutually Exclusive) और स्वतंत्र (Independent) घटनाओं को एक ही मान लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

परस्पर अपवर्जी में P(A ∩ B) = 0 होता है, जबकि स्वतंत्र में P(A ∩ B) = P(A) · P(B) होता है। दोनों सर्वथा भिन्न हैं।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

बेज़ प्रमेय के प्रश्नों में पूर्व प्रायिकताओं P(E₁) व P(E₂) को घटना के घटित होने के बाद की प्रायिकता मान लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

P(E_i) वह प्रायिकता है जो परीक्षण से पूर्व होती है (उदा. थैली चुनना = 1/3)। परिणाम ज्ञात होने के बाद P(E_i|A) ज्ञात किया जाता है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

प्रायिकता बंटन बनाते समय कुल प्रायिकताओं का योग (∑ p_i) 1 आ रहा है या नहीं, इसकी जांच न करना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

सारणी बनाने के तुरंत बाद ∑ p_i = 1 की जांच अवश्य करें। यदि योग 1 नहीं है, तो कोई परिणाम छूट गया है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

प्रसरण Var(X) निकालते समय [E(X)]² घटाना भूल जाना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

Var(X) = E(X²) - [E(X)]² होता है। केवल E(X²) प्रसरण नहीं है।

बेज़ का प्रमेय (Bayes' Theorem): प्रतिदर्श समष्टि विभाजन एवं ट्री-डायग्राम

बेज़ प्रमेय: प्रतिदर्श समष्टि का विभाजन (E₁, E₂, E₃) एवं घटना Aप्रतिदर्श समष्टि (S)घटना E₁घटना E₂घटना E₃घटित घटना (Event A)A ∩ E₁A ∩ E₂A ∩ E₃बेज़ का सूत्र (Bayes' Theorem Formula):P(Eᵢ|A) = [ P(Eᵢ) · P(A|Eᵢ) ] / [ ∑ⱼ P(Eⱼ) · P(A|Eⱼ) ]

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
सप्रतिबंध प्रायिकता P(A|B) = P(A ∩ B) / P(B) होती है, जहाँ P(B) ≠ 0।
मुख्य बिंदु 2
प्रायिकता का गुणन नियम P(A ∩ B) = P(A) · P(B|A) होता है।
मुख्य बिंदु 3
दो घटनाएं स्वतंत्र होती हैं यदि और केवल यदि P(A ∩ B) = P(A) · P(B) हो।
मुख्य बिंदु 4
परस्पर अपवर्जी घटनाओं में P(A ∩ B) = 0 होता है, जो स्वतंत्र घटनाओं से पूर्णतः भिन्न है।
मुख्य बिंदु 5
संपूर्ण प्रायिकता का प्रमेय P(A) = ∑ P(E_i) P(A|E_i) द्वारा दिया जाता है।
मुख्य बिंदु 6
बेज़ का प्रमेय पश्च प्रायिकता P(E_i|A) ज्ञात करने का शक्तिशाली साधन है।
मुख्य बिंदु 7
यादृच्छिक चर के प्रायिकता बंटन में सभी p_i ≥ 0 तथा ∑ p_i = 1 होना अनिवार्य है।
मुख्य बिंदु 8
माध्य μ = E(X) = ∑ x_i p_i तथा प्रसरण Var(X) = ∑ x_i² p_i - μ² होता है।
मुख्य बिंदु 9
मानक विचलन σ = √(Var(X)) होता है।
मुख्य बिंदु 10
द्विपद बंटन में n स्वतंत्र परीक्षणों में r सफलताओं की प्रायिकता P(X = r) = ⁿC_r pʳ qⁿ⁻ʳ होती है।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
यदि P(A) = 1/2, P(B) = 0 हो, तो P(A|B) का मान क्या होगा?
(A) 0
(B) 1/2
(C) 1
(D) अपरिभाषित (Not Defined)
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: D
P(A|B) = P(A ∩ B) / P(B)। चूँकि हर P(B) = 0 है, अतः यह मान अपरिभाषित है।
2
यदि A और B स्वतंत्र घटनाएं हैं तथा P(A) = 0.2, P(B) = 0.5 हो, तो P(A ∪ B) का मान क्या होगा?
(A) 0.7
(B) 0.6
(C) 0.1
(D) 0.5
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: B
स्वतंत्र होने पर P(A ∩ B) = P(A) · P(B) = 0.2 × 0.5 = 0.1। अतः P(A ∪ B) = P(A) + P(B) - P(A ∩ B) = 0.2 + 0.5 - 0.1 = 0.6।
3
एक द्विपद बंटन में n = 4 तथा सफलता की प्रायिकता p = 1/3 है। इसका माध्य (Mean) क्या होगा?
(A) 4/3
(B) 8/9
(C) 1/3
(D) 2/3
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: A
द्विपद बंटन का माध्य μ = n p = 4 × (1/3) = 4/3।
4
यदि E₁ और E₂ परस्पर अपवर्जी एवं संपूर्ण घटनाएं हैं तथा P(E₁) = 0.4 है, तो P(E₂) का मान क्या होगा?
(A) 0.4
(B) 0.6
(C) 0
(D) 1
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: B
संपूर्ण एवं परस्पर अपवर्जी होने पर P(E₁) + P(E₂) = 1 ⇒ P(E₂) = 1 - 0.4 = 0.6।
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