Follow Us
माध्यम चुनें / Select Medium:
Eng (English) Hindi (हिन्दी)
झारखण्ड बोर्ड (JAC) • कक्षा XII • Mathematics • अध्याय 11
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

त्रिविमीय ज्यामिति (Three Dimensional Geometry) (Three Dimensional Geometry)

त्रि-विमीय ज्यामिति (Three Dimensional Geometry) सदिश बीजगणित का ज्यामितीय विस्तार एवं भौतिक ब्रह्मांड की वास्तविक त्रिविमीय संरचना का गणितीय अध्ययन है। वास्तविक अंतरिक्ष में किसी बिंदु, रेखा अथवा समतल की स्थिति को केवल दो अक्षों ($x, y$) से नहीं बल्कि तीन परस्पर लंबवत अक्षों ($X, Y, Z$) द्वारा निर्धारित किया जाता है। प्रस्तुत अध्याय में रेखा की दिक-कोज्याएँ (Direction Cosines: $l, m, n$), जो रेखा द्वारा तीनों धनात्मक अक्षों के साथ बनाए गए कोणों की कोज्याएँ हैं ($l = \cos \alpha, m = \cos \beta, n = \cos \gamma$ जहाँ $l^2 + m^2 + n^2 = 1$), तथा उनके समानुपाती दिक-अनुपात (Direction Ratios: $a, b, c$) का गहन अध्ययन किया जाता है। इसके उपरांत त्रिविम में सरल रेखा के दो मानक रूप—सदिश समीकरण (Vector Form: $\vec{r} = \vec{a} + \lambda \vec{b}$) तथा कार्तीय समीकरण (Cartesian Form: $\frac{x - x_1}{a} = \frac{y - y_1}{b} = \frac{z - z_1}{c}$), दो रेखाओं के मध्य कोण $\cos \theta = \frac{\vec{b}_1 \cdot \vec{b}_2}{|\vec{b}_1||\vec{b}_2|}$, तथा उनके लंबवत होने ($a_1 a_2 + b_1 b_2 + c_1 c_2 = 0$) अथवा समांतर होने की शर्तों का प्रतिपादन किया गया है। अध्याय का सर्वाधिक महत्वपूर्ण एवं उच्च अंक-भार वाला भाग विषमतलीय रेखाएं (Skew Lines)—अर्थात वे रेखाएं जो न तो समांतर हैं और न ही एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करती हैं—तथा उनके मध्य न्यूनतम दूरी (Shortest Distance: $d = \left| \frac{(\vec{b}_1 \times \vec{b}_2) \cdot (\vec{a}_2 - \vec{a}_1)}{|\vec{b}_1 \times \vec{b}_2|} \right|$) की विस्तृत गणना का संपूर्ण परीक्षा-उन्मुख निरूपण प्रस्तुत करता है।

हवाई जहाजों के सुरक्षित गलियारे और सैटेलाइट कक्षाएं: जब रेखाएं कभी नहीं मिलतीं फिर भी समांतर नहीं होतीं!

क्या आपने कभी सोचा है कि एक ही समय में आकाश में सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय उड़ानें उड़ती हैं, किंतु वे आपस में टकराती क्यों नहीं? समतल (2D) में दो रेखाएं या तो प्रतिच्छेद करेंगी या फिर वे समांतर होंगी। किंतु 3D अंतरिक्ष में एक तीसरी रोमांचक श्रेणी होती है: विषमतलीय रेखाएं (Skew Lines)! एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (ATC) दो विमानों के उड़ने के 3D रेखा-पथों के बीच समाकलित 'न्यूनतम दूरी' (Shortest Distance) की गणना करते हैं। यदि यह न्यूनतम दूरी सुरक्षा मानक (उदा. 1000 फीट ऊर्ध्वाधर और 5 मील क्षैतिज) से अधिक है, तो दोनों विमान अलग-अलग ऊंचाइयों पर बिना टकराए सुरक्षित रूप से एक-दूसरे के ऊपर-नीचे से निकल जाते हैं!

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

JAC तथा CBSE 12वीं गणित बोर्ड परीक्षा में यह अध्याय 8 से 10 अंकों का विशाल स्थान रखता है: 1. 6-अंकीय गारंटीड दीर्घ उत्तरीय प्रश्न: दो विषमतलीय रेखाओं के मध्य न्यूनतम दूरी (Shortest Distance) ज्ञात करने का प्रश्न लगभग 100% निश्चित रूप से हर वर्ष पूछा जाता है। 2. कार्तीय से सदिश रूपांतरण (2 अंक): रेखा के कार्तीय समीकरण को मानक रूप में बदलकर सदिश रूप में लिखना। 3. दिक-कोज्याएँ एवं लंबवतता (2 अंक): दो बिंदुओं से गुजरने वाली रेखा के दिक-अनुपात एवं लंबवत होने की शर्त पर आधारित प्रश्न। 4. JEE / NDA: 3D ज्यामिति से प्रतिवर्ष 2 से 3 प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • सदिशों का घटक रूप, परिमाण तथा एकांक सदिश।
  • सदिशों का अदिश (डॉट) गुणनफल एवं सदिश (क्रॉस) गुणनफल।
  • सारणिकों का मान ज्ञात करना।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • दो बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा की दिक-कोज्याएँ एवं दिक-अनुपात ज्ञात करना।
  • दिए गए बिंदु तथा समांतर सदिश से रेखा का सदिश एवं कार्तीय समीकरण स्थापित करना।
  • कार्तीय समीकरण को मानक रूप में व्यवस्थित कर सदिश समीकरण में रूपांतरित करना।
  • दो रेखाओं के मध्य कोण ज्ञात कर उनकी लंबवतता अथवा समांतरता का परीक्षण करना।
  • दो विषमतलीय रेखाओं (Skew Lines) के मध्य न्यूनतम दूरी के सूत्र का सफल प्रयोग कर सटीक दूरी परिकलित करना।
  • दो समांतर रेखाओं के मध्य न्यूनतम दूरी ज्ञात करना।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. दिक-कोज्याएँ एवं दिक-अनुपात (Dir...
2 2. त्रिविम में रेखा के समीकरण (Equa...
3 3. दो रेखाओं के मध्य कोण एवं लंबवतत...
4 4. विषमतलीय रेखाओं के मध्य न्यूनतम...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. दिक-कोज्याएँ एवं दिक-अनुपात (Direction Cosines and Direction Ratios)

1.1 दिक-कोज्याएँ (Direction Cosines)

यदि कोई दिष्ट रेखा $L$ मूलबिंदु से गुजरती है और $x, y, z$ अक्षों की धनात्मक दिशाओं के साथ क्रमशः $\alpha, \beta, \gamma$ कोण बनाती है, तो इन कोणों की कोज्याओं को रेखा की दिक-कोज्याएँ (Direction Cosines) कहते हैं और इन्हें $l, m, n$ से प्रदर्शित करते हैं:

$$l = \cos \alpha, \quad m = \cos \beta, \quad n = \cos \gamma$$

मौलिक सर्वसमिका:

$$l^2 + m^2 + n^2 = 1 \iff \cos^2 \alpha + \cos^2 \beta + \cos^2 \gamma = 1$$

1.2 दिक-अनुपात (Direction Ratios)

वे तीन संख्याएँ $a, b, c$ जो दिक-कोज्याओं $l, m, n$ के समानुपाती हों, रेखा के दिक-अनुपात (Direction Ratios) कहलाती हैं:

$$\frac{l}{a} = \frac{m}{b} = \frac{n}{c} = \pm \frac{1}{\sqrt{a^2 + b^2 + c^2}}$$$$l = \pm \frac{a}{\sqrt{a^2 + b^2 + c^2}}, \quad m = \pm \frac{b}{\sqrt{a^2 + b^2 + c^2}}, \quad n = \pm \frac{c}{\sqrt{a^2 + b^2 + c^2}}$$

1.3 दो बिंदुओं $P(x_1, y_1, z_1)$ तथा $Q(x_2, y_2, z_2)$ से गुजरने वाली रेखा के दिक-अनुपात

$$a = x_2 - x_1, \quad b = y_2 - y_1, \quad c = z_2 - z_1$$

2. त्रिविम में रेखा के समीकरण (Equations of a Line in Space)

2.1 बिंदु $\vec{a}$ से गुजरने वाली तथा सदिश $\vec{b}$ के समांतर रेखा

  • सदिश समीकरण (Vector Equation):
    $$\vec{r} = \vec{a} + \lambda \vec{b}$$
    जहाँ $\vec{a} = x_1\hat{i} + y_1\hat{j} + z_1\hat{k}$ दिए गए बिंदु का स्थिति सदिश है, $\vec{b} = a\hat{i} + b\hat{j} + c\hat{k}$ रेखा की दिशा में सदिश (दिक-अनुपात $a, b, c$) है, तथा $\lambda$ एक वास्तविक प्राचल (Parameter) है।
  • कार्तीय समीकरण (Cartesian Equation):
    $$\frac{x - x_1}{a} = \frac{y - y_1}{b} = \frac{z - z_1}{c} = \lambda$$

2.2 दो दिए गए बिंदुओं $(x_1, y_1, z_1)$ तथा $(x_2, y_2, z_2)$ से गुजरने वाली रेखा

  • सदिश समीकरण: $\vec{r} = \vec{a} + \lambda(\vec{b} - \vec{a})$
  • कार्तीय समीकरण:
    $$\frac{x - x_1}{x_2 - x_1} = \frac{y - y_1}{y_2 - y_1} = \frac{z - z_1}{z_2 - z_1}$$
अति महत्वपूर्ण परीक्षा चेतावनी (मानक रूप में बदलना):
यदि प्रश्न में समीकरण $\frac{1 - x}{2} = \frac{2y + 1}{4} = \frac{3 - z}{5}$ दिया हो, तो पहले $x, y, z$ के गुणांकों को $+1$ बनाएं:
$\frac{x - 1}{-2} = \frac{y + 1/2}{2} = \frac{z - 3}{-5}$। इसके बिना दिक-अनुपात निकालना घातक भूल होगी!

3. दो रेखाओं के मध्य कोण एवं लंबवतता/समांतरता (Angle Between Two Lines)

3.1 कोण का सूत्र

मान लीजिए दो रेखाएं हैं: $\vec{r} = \vec{a}_1 + \lambda \vec{b}_1$ तथा $\vec{r} = \vec{a}_2 + \mu \vec{b}_2$। इन दोनों रेखाओं के मध्य का न्यून कोण $\theta$ वही होता है जो उनके दिशा सदिशों $\vec{b}_1$ तथा $\vec{b}_2$ के मध्य होता है:

$$\cos \theta = \frac{|\vec{b}_1 \cdot \vec{b}_2|}{|\vec{b}_1| |\vec{b}_2|}$$

कार्तीय रूप में: यदि दिक-अनुपात क्रमशः $a_1, b_1, c_1$ तथा $a_2, b_2, c_2$ हों:

$$\cos \theta = \frac{|a_1 a_2 + b_1 b_2 + c_1 c_2|}{\sqrt{a_1^2 + b_1^2 + c_1^2}\sqrt{a_2^2 + b_2^2 + c_2^2}}$$

3.2 महत्वपूर्ण स्थितियाँ

  • परस्पर लंबवत (Perpendicular Lines, $\theta = 90^\circ$):
    $$\vec{b}_1 \cdot \vec{b}_2 = 0 \iff a_1 a_2 + b_1 b_2 + c_1 c_2 = 0$$
  • परस्पर समांतर (Parallel Lines, $\theta = 0^\circ$):
    $$\frac{a_1}{a_2} = \frac{b_1}{b_2} = \frac{c_1}{c_2}$$

4. विषमतलीय रेखाओं के मध्य न्यूनतम दूरी (Shortest Distance Between Skew Lines)

4.1 विषमतलीय रेखाओं (Skew Lines) की परिभाषा

त्रिविम में वे दो रेखाएं जो न तो एक-दूसरे के समांतर हों और न ही एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करती हों (अर्थात वे एक ही तल में स्थित न हों), विषमतलीय रेखाएं कहलाती हैं।

4.2 न्यूनतम दूरी का सदिश सूत्र (6-अंकीय अनिवार्य सूत्र)

मान लीजिए दो विषमतलीय रेखाओं के समीकरण हैं:

$$L_1 : \vec{r} = \vec{a}_1 + \lambda \vec{b}_1$$$$L_2 : \vec{r} = \vec{a}_2 + \mu \vec{b}_2$$

इन दोनों रेखाओं के मध्य न्यूनतम दूरी $d$ दोनों रेखाओं के उभयनिष्ठ लंबवत सदिश $\vec{b}_1 \times \vec{b}_2$ पर $(\vec{a}_2 - \vec{a}_1)$ के प्रक्षेप के बराबर होती है:

$$d = \left| \frac{(\vec{b}_1 \times \vec{b}_2) \cdot (\vec{a}_2 - \vec{a}_1)}{|\vec{b}_1 \times \vec{b}_2|} \right|$$

4.3 दो रेखाओं के प्रतिच्छेदन की शर्त

दो रेखाएं एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करेंगी यदि उनके मध्य की न्यूनतम दूरी शून्य हो ($d = 0$):

$$(\vec{b}_1 \times \vec{b}_2) \cdot (\vec{a}_2 - \vec{a}_1) = 0$$

4.4 दो समांतर रेखाओं के मध्य न्यूनतम दूरी

यदि रेखाएं समांतर हों ($L_1: \vec{r} = \vec{a}_1 + \lambda \vec{b}$ तथा $L_2: \vec{r} = \vec{a}_2 + \mu \vec{b}$), तो दूरी:

$$d = \frac{|\vec{b} \times (\vec{a}_2 - \vec{a}_1)|}{|\vec{b}|}$$

महत्वपूर्ण सूत्र, सर्वसमिकाएँ एवं प्रमेय

दिक-कोज्या सर्वसमिका
$$l^2 + m^2 + n^2 = 1$$
त्रिविम में रेखा की दिक-कोज्याओं के वर्गों का योग सदैव 1 होता है।
रेखा का सदिश समीकरण (Vector Form)
$$\vec{r} = \vec{a} + \lambda \vec{b}$$
बिंदु a से गुजरने वाली तथा सदिश b के समांतर रेखा।
रेखा का कार्तीय समीकरण (Cartesian Form)
$$\frac{x - x_1}{a} = \frac{y - y_1}{b} = \frac{z - z_1}{c}$$
बिंदु (x₁, y₁, z₁) व दिक-अनुपात a, b, c वाली रेखा।
दो रेखाओं के मध्य कोण
$$\cos \theta = \frac{|\vec{b}_1 \cdot \vec{b}_2|}{|\vec{b}_1||\vec{b}_2|}$$
दिशा सदिशों b₁ व b₂ के मध्य का न्यून कोण।
परस्पर लंबवत होने की शर्त
$$a_1 a_2 + b_1 b_2 + c_1 c_2 = 0$$
दो रेखाओं के परस्पर लंबवत होने की अनिवार्य शर्त।
विषमतलीय रेखाओं के मध्य न्यूनतम दूरी (Shortest Distance)
$$d = \left| \frac{(\vec{b}_1 \times \vec{b}_2) \cdot (\vec{a}_2 - \vec{a}_1)}{|\vec{b}_1 \times \vec{b}_2|} \right|$$
6-अंकीय बोर्ड परीक्षा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण सूत्र।
समांतर रेखाओं के मध्य दूरी
$$d = \frac{|\vec{b} \times (\vec{a}_2 - \vec{a}_1)|}{|\vec{b}|}$$
समान दिशा सदिश b वाली दो समांतर रेखाओं के मध्य दूरी।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
निम्नलिखित रेखाओं के मध्य न्यूनतम दूरी ज्ञात कीजिए: [JAC 2018, 2021, 2024 - 6 अंक]
$$\vec{r} = (\hat{i} + 2\hat{j} + \hat{k}) + \lambda(\hat{i} - \hat{j} + \hat{k})$$
$$\vec{r} = (2\hat{i} - \hat{j} - \hat{k}) + \mu(2\hat{i} + \hat{j} + 2\hat{k})$$
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: मानक रूपों से तुलना कर $\vec{a}_1, \vec{b}_1, \vec{a}_2, \vec{b}_2$ की पहचान:
$\vec{a}_1 = \hat{i} + 2\hat{j} + \hat{k}$ तथा $\vec{b}_1 = \hat{i} - \hat{j} + \hat{k}$
$\vec{a}_2 = 2\hat{i} - \hat{j} - \hat{k}$ तथा $\vec{b}_2 = 2\hat{i} + \hat{j} + 2\hat{k}$

चरण 2: $(\vec{a}_2 - \vec{a}_1)$ ज्ञात करना:
$$\vec{a}_2 - \vec{a}_1 = (2 - 1)\hat{i} + (-1 - 2)\hat{j} + (-1 - 1)\hat{k} = \hat{i} - 3\hat{j} - 2\hat{k}$$

चरण 3: वज्र गुणनफल $\vec{b}_1 \times \vec{b}_2$ ज्ञात करना:
$$\vec{b}_1 \times \vec{b}_2 = \begin{vmatrix} \hat{i} & \hat{j} & \hat{k} \\ 1 & -1 & 1 \\ 2 & 1 & 2 \end{vmatrix}$$
$$= \hat{i}((-1)(2) - (1)(1)) - \hat{j}((1)(2) - (1)(2)) + \hat{k}((1)(1) - (-1)(2))$$
$$= \hat{i}(-2 - 1) - \hat{j}(2 - 2) + \hat{k}(1 + 2) = -3\hat{i} + 0\hat{j} + 3\hat{k} = -3\hat{i} + 3\hat{k}$$

चरण 4: परिमाण $|\vec{b}_1 \times \vec{b}_2|$ निकालना:
$$|\vec{b}_1 \times \vec{b}_2| = \sqrt{(-3)^2 + 0^2 + 3^2} = \sqrt{9 + 0 + 9} = \sqrt{18} = 3\sqrt{2}$$

चरण 5: अदिश गुणनफल $(\vec{b}_1 \times \vec{b}_2) \cdot (\vec{a}_2 - \vec{a}_1)$ निकालना:
$$(-3\hat{i} + 3\hat{k}) \cdot (\hat{i} - 3\hat{j} - 2\hat{k}) = (-3)(1) + (0)(-3) + (3)(-2) = -3 + 0 - 6 = -9$$

चरण 6: न्यूनतम दूरी $d$ के सूत्र में मान रखना:
$$d = \left| \frac{(\vec{b}_1 \times \vec{b}_2) \cdot (\vec{a}_2 - \vec{a}_1)}{|\vec{b}_1 \times \vec{b}_2|} \right| = \left| \frac{-9}{3\sqrt{2}} \right| = \frac{9}{3\sqrt{2}} = \frac{3}{\sqrt{2}} = \frac{3\sqrt{2}}{2}\text{ इकाई}$$
उत्तर: दोनों रेखाओं के मध्य न्यूनतम दूरी $\frac{3}{\sqrt{2}}\text{ इकाई}$ है।
अंक योजना (Marking Scheme): 1 अंक: a1, b1, a2, b2 पहचानना; 1 अंक: a2 - a1 निकालना; 2 अंक: b1 × b2 व उसका परिमाण 3√2 निकालना; 1 अंक: अदिश गुणनफल -9 निकालना; 1 अंक: d = 3/√2 अंतिम उत्तर। कुल: 6 अंक।
उदाहरण 2
कार्तीय रूप में दी गई रेखाओं के मध्य न्यूनतम दूरी ज्ञात कीजिए: [JAC 2019, 2023]
$$\frac{x + 1}{7} = \frac{y + 1}{-6} = \frac{z + 1}{1} \quad \text{तथा} \quad \frac{x - 3}{1} = \frac{y - 5}{-2} = \frac{z - 7}{1}$$
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: कार्तीय समीकरणों से सदिश रूप बनाना:
प्रथम रेखा $L_1$: बिंदु $(-1, -1, -1)$ से गुजरती है और दिक-अनुपात $7, -6, 1$ हैं:
$$\vec{a}_1 = -\hat{i} - \hat{j} - \hat{k}, \quad \vec{b}_1 = 7\hat{i} - 6\hat{j} + \hat{k}$$
द्वितीय रेखा $L_2$: बिंदु $(3, 5, 7)$ से गुजरती है और दिक-अनुपात $1, -2, 1$ हैं:
$$\vec{a}_2 = 3\hat{i} + 5\hat{j} + 7\hat{k}, \quad \vec{b}_2 = \hat{i} - 2\hat{j} + \hat{k}$$

चरण 2: अंतर $(\vec{a}_2 - \vec{a}_1)$:
$$\vec{a}_2 - \vec{a}_1 = (3 - (-1))\hat{i} + (5 - (-1))\hat{j} + (7 - (-1))\hat{k} = 4\hat{i} + 6\hat{j} + 8\hat{k}$$

चरण 3: $\vec{b}_1 \times \vec{b}_2$:
$$\vec{b}_1 \times \vec{b}_2 = \begin{vmatrix} \hat{i} & \hat{j} & \hat{k} \\ 7 & -6 & 1 \\ 1 & -2 & 1 \end{vmatrix} = \hat{i}(-6 + 2) - \hat{j}(7 - 1) + \hat{k}(-14 + 6) = -4\hat{i} - 6\hat{j} - 8\hat{k}$$

चरण 4: परिमाण $|\vec{b}_1 \times \vec{b}_2|$:
$$|\vec{b}_1 \times \vec{b}_2| = \sqrt{(-4)^2 + (-6)^2 + (-8)^2} = \sqrt{16 + 36 + 64} = \sqrt{116} = 2\sqrt{29}$$

चरण 5: अदिश गुणनफल:
$$(\vec{b}_1 \times \vec{b}_2) \cdot (\vec{a}_2 - \vec{a}_1) = (-4)(4) + (-6)(6) + (-8)(8) = -16 - 36 - 64 = -116$$

चरण 6: न्यूनतम दूरी:
$$d = \left| \frac{-116}{2\sqrt{29}} \right| = \frac{116}{2\sqrt{29}} = \frac{58}{\sqrt{29}} = 2\sqrt{29}\text{ इकाई}$$
अंक योजना (Marking Scheme): 1 अंक: सदिश रूप में रूपांतरण; 2 अंक: a2-a1 व b1×b2 की सही गणना; 1 अंक: परिमाण √116 = 2√29; 2 अंक: सूत्र प्रयोग कर d = 2√29 इकाई उत्तर। कुल: 6 अंक।
उदाहरण 3
मान ज्ञात कीजिए $p$ का ताकि रेखाएं परस्पर लंबवत हों: [NCERT / JAC 2020]
$$\frac{1 - x}{3} = \frac{7y - 14}{2p} = \frac{z - 3}{2} \quad \text{तथा} \quad \frac{7 - 7x}{3p} = \frac{y - 5}{1} = \frac{6 - z}{5}$$
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: दोनों समीकरणों को मानक रूप $\frac{x - x_1}{a} = \frac{y - y_1}{b} = \frac{z - z_1}{c}$ में बदलना:
प्रथम रेखा:
$$\frac{-(x - 1)}{3} = \frac{7(y - 2)}{2p} = \frac{z - 3}{2} \implies \frac{x - 1}{-3} = \frac{y - 2}{2p/7} = \frac{z - 3}{2}$$
अतः प्रथम रेखा के दिक-अनुपात: $a_1 = -3, \; b_1 = \frac{2p}{7}, \; c_1 = 2$।

द्वितीय रेखा:
$$\frac{-7(x - 1)}{3p} = \frac{y - 5}{1} = \frac{-(z - 6)}{5} \implies \frac{x - 1}{-3p/7} = \frac{y - 5}{1} = \frac{z - 6}{-5}$$
अतः द्वितीय रेखा के दिक-अनुपात: $a_2 = -\frac{3p}{7}, \; b_2 = 1, \; c_2 = -5$।

चरण 2: लंबवत होने की शर्त लागू करना:
$$a_1 a_2 + b_1 b_2 + c_1 c_2 = 0$$
$$(-3)\left(-\frac{3p}{7}\right) + \left(\frac{2p}{7}\right)(1) + (2)(-5) = 0$$
$$\frac{9p}{7} + \frac{2p}{7} - 10 = 0 \implies \frac{11p}{7} = 10 \implies 11p = 70 \implies p = \frac{70}{11}$$
उत्तर: $p = \frac{70}{11}$।
अंक योजना (Marking Scheme): 2 अंक: दोनों रेखाओं को मानक रूप में बदलकर सही दिक-अनुपात निकालना; 1 अंक: a1a2 + b1b2 + c1c2 = 0 सूत्र; 1 अंक: p = 70/11 सही उत्तर। कुल: 4 अंक।
उदाहरण 4
बिंदुओं $(1, 2, 3)$ तथा $(4, 5, 6)$ से गुजरने वाली रेखा का सदिश एवं कार्तीय समीकरण ज्ञात कीजिए। [JAC 2017]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: दिक-अनुपात की गणना:
दिए गए बिंदु $A(1, 2, 3)$ तथा $B(4, 5, 6)$ हैं।
दिक-अनुपात: $a = x_2 - x_1 = 4 - 1 = 3$
$b = y_2 - y_1 = 5 - 2 = 3$
$c = z_2 - z_1 = 6 - 3 = 3$
अतः दिशा सदिश: $\vec{b} = 3\hat{i} + 3\hat{j} + 3\hat{k}$ (अथवा उभयनिष्ठ 3 हटाकर $\hat{i} + \hat{j} + \hat{k}$)।

चरण 2: सदिश समीकरण:
$$\vec{r} = \vec{a} + \lambda \vec{b} \implies \vec{r} = (\hat{i} + 2\hat{j} + 3\hat{k}) + \lambda(\hat{i} + \hat{j} + \hat{k})$$

चरण 3: कार्तीय समीकरण:
$$\frac{x - 1}{3} = \frac{y - 2}{3} = \frac{z - 3}{3} \quad \text{अथवा} \quad \frac{x - 1}{1} = \frac{y - 2}{1} = \frac{z - 3}{1}$$
अंक योजना (Marking Scheme): 1 अंक: दिक-अनुपात 3, 3, 3 निकालना; 1 अंक: सदिश समीकरण; 1 अंक: कार्तीय समीकरण। कुल: 3 अंक।
उदाहरण 5
समांतर रेखाओं $\vec{r} = (\hat{i} + 2\hat{j} + 3\hat{k}) + \lambda(2\hat{i} + 3\hat{j} + 4\hat{k})$ तथा $\vec{r} = (2\hat{i} + 4\hat{j} + 5\hat{k}) + \mu(2\hat{i} + 3\hat{j} + 4\hat{k})$ के मध्य न्यूनतम दूरी ज्ञात कीजिए। [NCERT Exemplar / JAC Model]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: सदिशों की पहचान:
चूँकि दोनों रेखाओं के दिशा सदिश समान हैं: $\vec{b} = 2\hat{i} + 3\hat{j} + 4\hat{k}$, अतः दोनों रेखाएं समांतर हैं।
$\vec{a}_1 = \hat{i} + 2\hat{j} + 3\hat{k}$ तथा $\vec{a}_2 = 2\hat{i} + 4\hat{j} + 5\hat{k}$

चरण 2: अंतर $(\vec{a}_2 - \vec{a}_1)$ निकालना:
$$\vec{a}_2 - \vec{a}_1 = (2 - 1)\hat{i} + (4 - 2)\hat{j} + (5 - 3)\hat{k} = \hat{i} + 2\hat{j} + 2\hat{k}$$

चरण 3: वज्र गुणनफल $\vec{b} \times (\vec{a}_2 - \vec{a}_1)$ निकालना:
$$\vec{b} \times (\vec{a}_2 - \vec{a}_1) = \begin{vmatrix} \hat{i} & \hat{j} & \hat{k} \\ 2 & 3 & 4 \\ 1 & 2 & 2 \end{vmatrix}$$
$$= \hat{i}(6 - 8) - \hat{j}(4 - 4) + \hat{k}(4 - 3) = -2\hat{i} + 0\hat{j} + \hat{k} = -2\hat{i} + \hat{k}$$

चरण 4: परिमाण ज्ञात करना:
$$|\vec{b} \times (\vec{a}_2 - \vec{a}_1)| = \sqrt{(-2)^2 + 0^2 + 1^2} = \sqrt{4 + 1} = \sqrt{5}$$
$$|\vec{b}| = \sqrt{2^2 + 3^2 + 4^2} = \sqrt{4 + 9 + 16} = \sqrt{29}$$

चरण 5: न्यूनतम दूरी $d$:
$$d = \frac{|\vec{b} \times (\vec{a}_2 - \vec{a}_1)|}{|\vec{b}|} = \frac{\sqrt{5}}{\sqrt{29}} = \sqrt{\frac{5}{29}}\text{ इकाई}$$
अंक योजना (Marking Scheme): 1 अंक: समांतर रेखाओं की पहचान व a2 - a1; 2 अंक: b × (a2-a1) = -2i + k व परिमाण √5; 1 अंक: d = √(5/29) इकाई उत्तर। कुल: 4 अंक।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

कार्तीय समीकरण (1 - x)/a को सीधे x - x₁ के रूप में मानकर दिक-अनुपात +a ले लेना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

मानक रूप में x का गुणांक धनात्मक 1 होना चाहिए: (1 - x)/a = (x - 1)/(-a)। अतः दिक-अनुपात -a होगा।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

न्यूनतम दूरी के सूत्र में अदिश गुणनफल ऋणात्मक आने पर दूरी को ऋणात्मक लिख देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

दूरी एक ज्यामितीय राशि है जो कभी ऋणात्मक नहीं हो सकती। सूत्र में मापांक (| |) अनिवार्य रूप से लगाएं।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

समांतर रेखाओं में विषमतलीय रेखाओं वाला सूत्र लगा देना (जिससे b₁ × b₂ = 0 हो जाने पर 0/0 आ जाएगा)।

सही वैज्ञानिक तथ्य

यदि दोनों रेखाओं के दिशा सदिश समान अथवा समानुपाती हों, तो वे समांतर हैं। उनके लिए d = |b × (a₂ - a₁)| / |b| का प्रयोग करें।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

दो रेखाओं के मध्य कोण निकालते समय यदि cos θ ऋणात्मक आए तो उसे न्यून कोण के स्थान पर अधिक कोण छोड़ देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

दो रेखाओं के मध्य कोण सदैव न्यून कोण (0 ≤ θ ≤ 90°) माना जाता है, अतः cos θ = |b₁ · b₂| / (|b₁||b₂|) में मापांक लगाएं।

3D अंतरिक्ष में दो विषमतलीय रेखाएं (Skew Lines) एवं न्यूनतम दूरी का उभयनिष्ठ लंब

3D विषमतलीय रेखाएं (Skew Lines) एवं न्यूनतम दूरी dYZXरेखा L₁: r⃗ = a⃗₁ + λ b⃗₁A(a⃗₁)रेखा L₂: r⃗ = a⃗₂ + μ b⃗₂B(a⃗₂)न्यूनतम दूरी (d)d = | (b⃗₁ × b⃗₂) · (a⃗₂ - a⃗₁) | / | b⃗₁ × b⃗₂ |

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
दिक-कोज्याओं l, m, n में संबंध l² + m² + n² = 1 होता है (cos²α + cos²β + cos²γ = 1)।
मुख्य बिंदु 2
दिक-अनुपात a, b, c दिक-कोज्याओं के समानुपाती होते हैं।
मुख्य बिंदु 3
बिंदु a से गुजरने वाली तथा सदिश b के समांतर रेखा का सदिश समीकरण r = a + λb होता है।
मुख्य बिंदु 4
कार्तीय समीकरण (x - x₁)/a = (y - y₁)/b = (z - z₁)/c होता है।
मुख्य बिंदु 5
दो रेखाओं के मध्य कोण cos θ = |b₁ · b₂| / (|b₁||b₂|) द्वारा ज्ञात किया जाता है।
मुख्य बिंदु 6
दो रेखाएं परस्पर लंबवत होती हैं यदि और केवल यदि a₁a₂ + b₁b₂ + c₁c₂ = 0 हो।
मुख्य बिंदु 7
दो रेखाएं परस्पर समांतर होती हैं यदि और केवल यदि a₁/a₂ = b₁/b₂ = c₁/c₂ हो।
मुख्य बिंदु 8
विषमतलीय रेखाएं वे होती हैं जो न समांतर हों और न ही प्रतिच्छेद करती हों।
मुख्य बिंदु 9
विषमतलीय रेखाओं के मध्य न्यूनतम दूरी d = |(b₁ × b₂) · (a₂ - a₁)| / |b₁ × b₂| होती है।
मुख्य बिंदु 10
दो रेखाएं प्रतिच्छेद करेंगी यदि उनके मध्य की न्यूनतम दूरी d = 0 हो।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
यदि एक रेखा x, y, z अक्षों के साथ क्रमशः 90°, 135°, 45° का कोण बनाती है, तो इसकी दिक-कोज्याएँ क्या होंगी?
(A) 0, -1/√2, 1/√2
(B) 1, 1/√2, 1/√2
(C) 0, 1/2, √3/2
(D) 0, -1/2, 1/2
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: A
l = cos 90° = 0, m = cos 135° = -1/√2, n = cos 45° = 1/√2। अतः दिक-कोज्याएँ (0, -1/√2, 1/√2) हैं।
2
यदि रेखा (x - 2)/1 = (y - 3)/k = (z + 1)/2 तथा (x + 1)/2 = (y - 1)/(-1) = (z - 2)/1 परस्पर लंबवत हों, तो k का मान क्या होगा?
(A) 4
(B) -4
(C) 2
(D) 0
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: A
लंबवत होने की शर्त: a₁a₂ + b₁b₂ + c₁c₂ = 0 ⇒ (1)(2) + (k)(-1) + (2)(1) = 0 ⇒ 2 - k + 2 = 0 ⇒ k = 4।
3
दो रेखाएं परस्पर प्रतिच्छेद करती हैं यदि और केवल यदि उनके मध्य न्यूनतम दूरी क्या हो?
(A) 1
(B) अनंत (∞)
(C) शून्य (0)
(D) ऋणात्मक
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: C
प्रतिच्छेदी रेखाओं का कम से कम एक उभयनिष्ठ बिंदु होता है, अतः उनके मध्य की न्यूनतम दूरी शून्य होती है।
4
रेखा (3 - x)/2 = (y - 1)/3 = (z + 2)/(-4) के दिक-अनुपात (Direction Ratios) क्या हैं?
(A) 2, 3, -4
(B) -2, 3, -4
(C) 2, -3, 4
(D) -2, -3, 4
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: B
मानक रूप: (x - 3)/(-2) = (y - 1)/3 = (z - (-2))/(-4)। अतः दिक-अनुपात (-2, 3, -4) हैं।
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
अभ्यास के लिए तैयार?

ऑनलाइन CBT टेस्ट देकर तैयारी का मूल्यांकन करें

झारखण्ड बोर्ड परीक्षा पैटर्न पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों का ऑनलाइन टेस्ट दें। तुरंत परिणाम, समय विश्लेषण और प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत हल प्राप्त करें।

AI अध्ययन मित्र

त्वरित शंका समाधान

त्रिविमीय ज्यामिति (Three Dimensional Geometry) (Three Dimensional Geometry) में कोई संदेह या प्रश्न है? हमारे AI अध्ययन मित्र से तुरंत समझें।