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झारखण्ड बोर्ड (JAC) • कक्षा 7 • Mathematics • अध्याय 7
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

राशियों की तुलना (Comparing Quantities)

झारखण्ड शैक्षिक परिषद् (JAC) एवं NCERT कक्षा 7 गणित का सप्तम अध्याय "राशियों की तुलना" (Comparing Quantities) व्यावहारिक अंकगणित और वित्तीय साक्षरता (Financial Literacy) का प्रवेश द्वार है। दैनिक जीवन में दो वस्तुओं की लंबाई, भार, गति या कीमतों की तुलना करने के लिए अनुपात (Ratio), समानुपात (Proportion), प्रतिशतता (Percentage), लाभ एवं हानि (Profit and Loss) तथा साधारण ब्याज (Simple Interest) की अवधारणाएँ अनिवार्य हैं। इस अध्याय में अनुपात से प्रतिशत में रूपांतरण, प्रतिशत वृद्धि व कमी, व्यापारिक लेन-देन में लाभ% व हानि% की गणना तथा बैंक एवं साहूकारी लेन-देन में मूलधन, दर, समय और मिश्रधन ज्ञात करने के व्यावहारिक नियमों का संपूर्ण वैज्ञानिक अध्ययन प्रस्तुत किया गया है।

💰 क्या आपने कभी सोचा है?

🏷️ किसी मॉल में कपड़े की दुकान पर "Flat 50% Off" या "Buy 1 Get 1 Free" का बोर्ड लगा देखकर आपको वास्तव में कितनी छूट मिल रही होती है?

🏦 जब आपके माता-पिता बैंक में फिक्स डिपॉजिट (FD) में पैसे जमा करते हैं या किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से ऋण लेते हैं, तो बैंक उन्हें मूलधन से अधिक पैसे क्यों देता है या वापस लेता है?

📈 यदि दो भाइयों की ऊँचाई 120 सेमी और 150 सेमी है, तो उनकी ऊँचाइयों की तुलना भाग (अनुपात) द्वारा करना घटाव द्वारा करने से बेहतर क्यों माना जाता है?

इन सभी वित्तीय, व्यापारिक और रोजमर्रा की तुलनाओं को सटीक गणितीय भाषा में व्यक्त करने की कला हमें राशियों की तुलना (Comparing Quantities) से मिलती है। यह अध्याय आपको एक चतुर और जागरूक उपभोक्ता बनाता है।

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

व्यापार, बैंकिंग, शेयर बाजार, बजट निर्माण और कर (Tax) प्रणाली की पूरी दुनिया प्रतिशत, अनुपात और ब्याज के इर्द-गिर्द घूमती है। किसी देश की आर्थिक विकास दर (GDP Growth Rate), मुद्रास्फीति (महंगाई दर) और बैंकों की ब्याज दरें सभी प्रतिशत में ही मापी जाती हैं। वित्तीय स्वतंत्रता और सही आर्थिक निर्णय लेने के लिए इस अध्याय की गहरी समझ प्रत्येक नागरिक के लिए जीवनपर्यंत उपयोगी है।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • भिन्न (Fractions) और दशमलव (Decimals) का बुनियादी ज्ञान एवं परस्पर रूपांतरण।
  • एकैक नियम (Unitary Method) द्वारा 1 इकाई का मान ज्ञात करना।
  • समान मात्रकों (Units) में राशियों का रूपांतरण (जैसे किमी को मीटर में, रुपए को पैसे में बदलना)।
  • साधारण जोड़, घटाव, गुणा और भाग की त्वरित गणना।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • समान मात्रकों वाली दो राशियों का सरलतम अनुपात (Ratio) ज्ञात कर सकेंगे।
  • अनुपात को प्रतिशत में तथा प्रतिशत को भिन्न एवं दशमलव में बदल सकेंगे।
  • दैनिक जीवन में प्रतिशत वृद्धि (Percentage Increase) और प्रतिशत कमी (Percentage Decrease) की गणना कर सकेंगे।
  • क्रय मूल्य (CP) और विक्रय मूल्य (SP) के आधार पर लाभ या हानि की पहचान कर सकेंगे।
  • लाभ प्रतिशत (Profit%) और हानि प्रतिशत (Loss%) सदैव क्रय मूल्य (CP) पर निकालने का नियम सिद्ध कर सकेंगे।
  • मूलधन (Principal), ब्याज दर (Rate) और समय (Time) की पहचान कर सकेंगे।
  • साधारण ब्याज के मौलिक सूत्र ($SI = \frac{P \times R \times T}{100}$) से ब्याज और मिश्रधन (Amount) ज्ञात कर सकेंगे।
  • व्यापारिक बट्टे (Discount) और आर्थिक लेन-देन के इबारती प्रश्नों को आत्मविश्वास से हल कर सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. अनुपात एवं समानुपात की अवधारणा (...
2 2. प्रतिशतता: प्रति सौ पर तुलना (Pe...
3 3. क्रय, विक्रय, लाभ एवं हानि (Cost...
4 4. साधारण ब्याज एवं मिश्रधन (Simple...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. अनुपात एवं समानुपात की अवधारणा (Concept of Ratio & Proportion)

1. अनुपात (Ratio)

अनुपात दो समान प्रकार और समान मात्रकों (Units) वाली राशियों की भाग द्वारा तुलना है। अनुपात को संकेत $:$ द्वारा व्यक्त किया जाता है:

$$\text{अनुपात} = \frac{a}{b} = a : b$$

अनिवार्य नियम:

  • दोनों राशियों की इकाई (Unit) समान होनी चाहिए। (जैसे 3 किमी और 300 मीटर का अनुपात निकालते समय 3 किमी को $3000$ मीटर में बदलना होगा: $3000 : 300 = 10 : 1$)।
  • अनुपात की कोई इकाई (मात्रक) नहीं होती।
2. समानुपात (Proportion)

यदि दो अनुपात आपस में समान हों, तो वे समानुपात में कहलाते हैं। इसे संकेत $::$ या $=$ द्वारा दर्शाया जाता है:

$$a : b :: c : d \implies \frac{a}{b} = \frac{c}{d} \implies a \times d = b \times c$$ $$\text{चरम पदों का गुणनफल (Product of Extremes)} = \text{मध्य पदों का गुणनफल (Product of Means)}$$

2. प्रतिशतता: प्रति सौ पर तुलना (Percentage: Out of Hundred)

1. प्रतिशत की परिभाषा एवं रूपांतरण

प्रतिशत शब्द लैटिन भाषा के ‘Per Centum’ से बना है जिसका अर्थ है ‘प्रति सौ’। प्रतिशत वह भिन्न है जिसका हर सदैव 100 होता है। इसका संकेत $\%$ है।

रूपांतरण का प्रकार नियम / विधि उदाहरण
भिन्न को प्रतिशत में बदलना 100 से गुणा करके $\%$ का चिह्न लगाएँ $\frac{3}{4} \times 100 = 75\%$
दशमलव को प्रतिशत में बदलना 100 से गुणा करें (दशमलव 2 स्थान दाईं ओर) $0.35 \times 100 = 35\%$
प्रतिशत को भिन्न में बदलना $\%$ हटाकर 100 से भाग दें और सरल करें $20\% = \frac{20}{100} = \frac{1}{5}$
2. प्रतिशत वृद्धि एवं कमी
$$\text{प्रतिशत वृद्धि / कमी} = \frac{\text{राशि में हुआ परिवर्तन (वृद्धि या कमी)}}{\text{मूल राशि (Original Amount)}} \times 100$$

3. क्रय, विक्रय, लाभ एवं हानि (Cost Price, Selling Price, Profit & Loss)

1. शब्दावली एवं मूल सूत्र
  • क्रय मूल्य (Cost Price - CP): वह मूल्य जिस पर कोई वस्तु खरीदी जाती है (इसमें मरम्मत, भाड़ा आदि उपरी व्यय भी जुड़ते हैं)।
  • विक्रय मूल्य (Selling Price - SP): वह मूल्य जिस पर कोई वस्तु बेची जाती है।
यदि SP > CP (लाभ / Profit):
$$\text{लाभ} = \text{SP} - \text{CP}$$
$$\text{लाभ}\% = \left(\frac{\text{लाभ}}{\text{CP}}\right) \times 100$$

यदि CP > SP (हानि / Loss):
$$\text{हानि} = \text{CP} - \text{SP}$$
$$\text{हानि}\% = \left(\frac{\text{हानि}}{\text{CP}}\right) \times 100$$

अति महत्वपूर्ण स्वर्णिम नियम: लाभ प्रतिशत या हानि प्रतिशत की गणना सदैव क्रय मूल्य (CP) पर ही की जाती है, विक्रय मूल्य पर नहीं!

4. साधारण ब्याज एवं मिश्रधन (Simple Interest & Amount)

1. ब्याज की पारिभाषिक शब्दावली
  • मूलधन (Principal - P): उधार ली गई या बैंक में जमा की गई मूल राशि।
  • ब्याज दर (Rate of Interest - R): प्रति ₹100 पर 1 वर्ष का ब्याज (सामान्यतः वार्षिक प्रतिशत में)।
  • समय (Time - T): वह अवधि (वर्षों में) जिसके लिए धन उधार लिया या दिया जाता है।
  • ब्याज (Interest - I): उधार लिए गए धन का उपयोग करने के बदले दिया जाने वाला अतिरिक्त शुल्क।
2. साधारण ब्याज एवं मिश्रधन के सूत्र
$$\text{साधारण ब्याज (SI)} = \frac{P \times R \times T}{100}$$

$$\text{मिश्रधन (Amount - A)} = \text{मूलधन (P)} + \text{ब्याज (SI)}$$

यदि समय महीनों या दिनों में दिया हो, तो उसे 12 से भाग देकर या 365 से भाग देकर पहले वर्षों (Years) में परिवर्तित करना अनिवार्य है।

महत्वपूर्ण सूत्र, सर्वसमिकाएँ एवं प्रमेय

प्रतिशत भिन्न रूपांतरण सूत्र
$$\text{Percentage} = \left(\frac{\text{Value}}{\text{Total}}\right) \times 100$$
किसी भी भिन्न को 100 से गुणा करने पर प्रतिशत प्राप्त होता है।
लाभ प्रतिशत सूत्र (CP पर)
$$\text{Profit}\% = \left(\frac{\text{SP} - \text{CP}}{\text{CP}}\right) \times 100$$
लाभ प्रतिशत सदैव क्रय मूल्य (Cost Price) पर निकाला जाता है।
हानि प्रतिशत सूत्र (CP पर)
$$\text{Loss}\% = \left(\frac{\text{CP} - \text{SP}}{\text{CP}}\right) \times 100$$
हानि प्रतिशत भी सदैव क्रय मूल्य (Cost Price) पर निकाला जाता है।
साधारण ब्याज (Simple Interest) सूत्र
$$SI = \frac{P \times R \times T}{100}$$
जहाँ P = मूलधन, R = वार्षिक दर (%), T = समय (वर्षों में)।
मिश्रधन (Total Amount) सूत्र
$$A = P + SI = P \left(1 + \frac{R \times T}{100}\right)$$
मिश्रधन मूलधन और साधारण ब्याज का कुल योग होता है।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
अनुपात ज्ञात कीजिए: (i) ₹5 का 50 पैसे से, (ii) 15 किग्रा का 210 ग्राम से।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
(i) ₹5 का 50 पैसे से:
सर्वप्रथम दोनों राशियों की इकाई समान करें:
₹5 = $5 \times 100 = 500$ पैसे
$$\text{अनुपात} = \frac{500}{50} = \frac{10}{1} = 10 : 1$$
(ii) 15 किग्रा का 210 ग्राम से:
15 किग्रा = $15 \times 1000 = 15000$ ग्राम
$$\text{अनुपात} = \frac{15000}{210} = \frac{1500}{21} = \frac{500}{7} = 500 : 7$$
उत्तर: (i) $10 : 1$, (ii) $500 : 7$
उदाहरण 2
एक नगर की जनसंख्या 25,000 से बढ़कर 24,500 हो गई (अर्थात घट गई)। घटने का प्रतिशत ज्ञात कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
प्रारंभिक जनसंख्या (मूल मान) = 25,000
नई जनसंख्या = 24,500
जनसंख्या में कमी = $25,000 - 24,500 = 500$
घटने का प्रतिशत (प्रतिशत कमी):
$$\text{प्रतिशत कमी} = \left(\frac{\text{कमी}}{\text{मूल जनसंख्या}}\right) \times 100$$
$$\text{प्रतिशत कमी} = \left(\frac{500}{25000}\right) \times 100 = \frac{500}{250} = 2\%$$
उत्तर: जनसंख्या में $2\%$ की कमी हुई।
उदाहरण 3
एक दुकानदार ने एक कुर्सी ₹375 में खरीदी और उसे ₹400 में बेची। उसका लाभ प्रतिशत ज्ञात कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
क्रय मूल्य (CP) = ₹375
विक्रय मूल्य (SP) = ₹400
चूँकि SP > CP, अतः दुकानदार को लाभ हुआ:
$$\text{लाभ} = \text{SP} - \text{CP} = 400 - 375 = ₹25$$
अब लाभ प्रतिशत निकालें:
$$\text{लाभ}\% = \left(\frac{\text{लाभ}}{\text{CP}}\right) \times 100 = \left(\frac{25}{375}\right) \times 100$$
25 से 375 को काटने पर 15 प्राप्त होता है:
$$\text{लाभ}\% = \frac{100}{15} = \frac{20}{3}\% = 6\frac{2}{3}\% \approx 6.67\%$$
उत्तर: दुकानदार को $6\frac{2}{3}\%$ (या $6.67\%$) लाभ हुआ।
उदाहरण 4
₹10,000 पर 5% वार्षिक दर से 3 वर्ष का साधारण ब्याज और मिश्रधन ज्ञात कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
दिया है:
मूलधन ($P$) = ₹10,000
वार्षिक दर ($R$) = $5\%$
समय ($T$) = 3 वर्ष
सूत्र:
$$SI = \frac{P \times R \times T}{100}$$
$$SI = \frac{10000 \times 5 \times 3}{100} = 100 \times 15 = ₹1,500$$
मिश्रधन (Amount):
$$A = P + SI = 10000 + 1500 = ₹11,500$$
उत्तर: साधारण ब्याज = ₹1,500 तथा मिश्रधन = ₹11,500
उदाहरण 5
किस वार्षिक ब्याज दर से ₹450 का 3 वर्ष में साधारण ब्याज ₹81 हो जाएगा?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
दिया है:
मूलधन ($P$) = ₹450
समय ($T$) = 3 वर्ष
साधारण ब्याज ($SI$) = ₹81
वार्षिक दर ($R$) = ?
सूत्र $SI = \frac{P \times R \times T}{100}$ से पक्षांतरण करने पर:
$$R = \frac{SI \times 100}{P \times T}$$
$$R = \frac{81 \times 100}{450 \times 3} = \frac{8100}{1350} = 6\%$$
उत्तर: वार्षिक ब्याज दर $6\%$ होगी।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

लाभ या हानि प्रतिशत की गणना विक्रय मूल्य (SP) पर कर देना!

सही वैज्ञानिक तथ्य

लाभ% और हानि% की गणना सदैव क्रय मूल्य (Cost Price - CP) पर की जाती है। यदि ₹100 की वस्तु ₹120 में बिकी, तो लाभ ₹20 है और लाभ% = (20/100)×100 = 20% होगा, (20/120) नहीं!

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

अनुपात निकालते समय असमान इकाइयों को बिना बदले सीधा भाग दे देना (जैसे 2 किमी और 200 मीटर का अनुपात 2:200 = 1:100 लिख देना)!

सही वैज्ञानिक तथ्य

अनुपात निकालने से पहले दोनों राशियों की इकाई समान बनाना अनिवार्य है: 2 किमी = 2000 मीटर, अतः सही अनुपात 2000:200 = 10:1 होगा।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

समय को महीनों में दिए होने पर सीधे T के स्थान पर रख देना!

सही वैज्ञानिक तथ्य

साधारण ब्याज सूत्र में समय सदैव वर्षों (Years) में होना चाहिए। यदि समय 6 माह दिया हो, तो उसे 6/12 = 1/2 वर्ष लिखना अनिवार्य है।

चित्रात्मक व्याख्या एवं मॉडल

राशियों की तुलना: लाभ-हानि एवं साधारण ब्याज सूत्र मानचित्र (Visual Summary) लाभ एवं हानि चक्र (Profit & Loss) लाभ (Profit) SP > CP हानि (Loss) CP > SP प्रतिशत गणना (सदैव CP पर): लाभ% = (लाभ / CP) × 100 साधारण ब्याज ढाँचा (Simple Interest) SI = (P × R × T) / 100 मिश्रधन (Amount): A = P + SI (मूलधन + ब्याज)

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
अनुपात दो समान इकाइयों वाली राशियों की भाग द्वारा तुलना है; इसकी कोई इकाई नहीं होती।
मुख्य बिंदु 2
दो अनुपातों की समानता को समानुपात कहते हैं ($ad = bc$)।
मुख्य बिंदु 3
प्रतिशत का अर्थ ‘प्रति सौ’ होता है; किसी भिन्न को 100 से गुणा करके प्रतिशत बनाया जाता है।
मुख्य बिंदु 4
प्रतिशत वृद्धि/कमी = (परिवर्तन / मूल मान) × 100।
मुख्य बिंदु 5
क्रय मूल्य (CP) खरीदने का मूल्य है तथा विक्रय मूल्य (SP) बेचने का मूल्य है।
मुख्य बिंदु 6
यदि SP > CP हो तो लाभ = SP - CP; यदि CP > SP हो तो हानि = CP - SP।
मुख्य बिंदु 7
लाभ प्रतिशत और हानि प्रतिशत की गणना सदैव क्रय मूल्य (CP) पर ही की जाती है।
मुख्य बिंदु 8
साधारण ब्याज (SI) = (P × R × T) / 100, जहाँ T सदैव वर्षों में होता है।
मुख्य बिंदु 9
मिश्रधन (Amount) = मूलधन (P) + साधारण ब्याज (SI)।
मुख्य बिंदु 10
वित्तीय निर्णय लेने और बट्टे (छूट) का सटीक आकलन करने में यह अध्याय सर्वाधिक उपयोगी है।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
भिन्न $\frac{4}{5}$ को प्रतिशत में बदलिए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: 80%
$\frac{4}{5} \times 100 = 4 \times 20 = 80\%$।
2
यदि ₹200 की वस्तु ₹250 में बेची जाए, तो लाभ प्रतिशत क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: 25%
लाभ = ₹250 - ₹200 = ₹50। लाभ% = (50 / 200) × 100 = 25%।
3
1 मीटर का 25 सेमी से क्या अनुपात होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: 4 : 1
1 मीटर = 100 सेमी। अतः अनुपात = 100 : 25 = 4 : 1।
4
₹2,000 पर 10% वार्षिक दर से 2 वर्ष का साधारण ब्याज कितना होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: ₹400
$SI = \frac{2000 \times 10 \times 2}{100} = 20 \times 20 = ₹400$।
5
लाभ प्रतिशत निकालने का आधार कौन-सा मूल्य होता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: क्रय मूल्य (Cost Price - CP)
लाभ या हानि की गणना सदैव वस्तु के क्रय मूल्य पर ही की जाती है।
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
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