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JAC • Class 7 • Mathematics • Ch 3
Estimated Time: 45 Mins
Study Progress: In Progress

Data Handling

झारखण्ड शैक्षिक परिषद् (JAC) एवं NCERT कक्षा 7 गणित का तृतीय अध्याय "आँकड़ों का प्रबंधन" (Data Handling) सूचनाओं के व्यवस्थित संकलन, विश्लेषण एवं निष्कर्ष निकालने का सांख्यिकीय विज्ञान है। दैनिक जीवन में परीक्षा परिणाम, मौसम का पूर्वानुमान, खेल स्कोर या जनसंख्या से जुड़े विशाल आँकड़ों को समझने योग्य बनाने के लिए केंद्रीय प्रवृत्ति के माप—अंकगणितीय माध्य (Mean), परिसर (Range), बहुलक (Mode) तथा माध्यक (Median) की अवधारणाएँ अनिवार्य हैं। इसके अतिरिक्त यह अध्याय दोहरे दंड आलेख (Double Bar Graph) के द्वारा तुलनात्मक विश्लेषण तथा संभावना एवं प्रायिकता (Chance & Probability) के वैज्ञानिक नियमों का संपूर्ण परिचय प्रदान करता है।

📊 क्या आपने कभी सोचा है?

🏏 जब क्रिकेट मैच चल रहा होता है, तो टीवी स्क्रीन पर दोनों टीमों के रन-रेट और प्रत्येक ओवर के स्कोर को रंगीन स्तंभों (Bars) में कैसे दिखाया जाता है?

🌡️ मौसम वैज्ञानिक कैसे बताते हैं कि आज राँची या धनबाद में वर्षा होने की संभावना 80% है? क्या मौसम का अनुमान केवल एक तुक्का है या कोई ठोस गणितीय गणना?

👟 जूते की दुकान का मालिक अपने स्टॉक में किस नंबर का जूता सबसे ज्यादा मँगाता है—औसत (Mean) नंबर का या जो सबसे ज्यादा बिकता है (Mode)?

इन सभी वास्तविक जीवन की व्यावहारिक गुत्थियों को सुलझाने के लिए आँकड़ों का प्रबंधन (Data Handling) का अध्ययन किया जाता है। यह अध्याय हमें कच्ची सूचनाओं (Raw Data) को उपयोगी ज्ञान और सही निर्णयों में बदलने की क्षमता देता है।

Why This Chapter Matters

आज का युग "डेटा साइंस" और "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस" का युग है। कंपनियों के व्यापारिक निर्णय, सरकारों द्वारा योजनाएँ बनाना, चुनावी एग्जिट पोल, चिकित्सा परीक्षण और गूगल सर्च एल्गोरिद्म—सभी आँकड़ों के विश्लेषण पर आधारित हैं। कक्षा 7 में माध्य, माध्यक, बहुलक, बार ग्राफ और प्रायिकता की समझ विकसित करके आप भविष्य के डेटा एनालिटिक्स, अर्थशास्त्र और वैज्ञानिक अनुसंधानों की मजबूत नींव तैयार करते हैं।

Before You Begin (Prerequisites)

  • प्राकृत संख्याओं के बुनियादी संक्रिया नियम (जोड़, घटाव, गुणा, भाग)।
  • आँकड़ा (Data) और सूचना की सामान्य समझ।
  • मिलान चिह्न (Tally Marks) लगाना तथा प्राथमिक बारंबारता सारणी (Frequency Table) बनाना।
  • कक्षा 6 में पढ़ा गया एकल दंड आलेख (Single Bar Graph) पढ़ना और पैमाना (Scale) समझना।
  • भिन्नों और दशमलव संख्याओं के मान की समझ।

What You Will Learn (Core Objectives)

  • दिए गए संख्यात्मक आँकड़ों का परिसर (Range) ज्ञात कर सकेंगे।
  • अंकगणितीय माध्य (Arithmetic Mean) का सूत्र समझकर विभिन्न परिस्थितियों में औसत निकाल सकेंगे।
  • बहुलक (Mode) की पहचान कर सकेंगे तथा यह समझ सकेंगे कि बड़े व्यापारिक निर्णयों में बहुलक क्यों उपयोगी है।
  • आँकड़ों को आरोही/अवरोही क्रम में व्यवस्थित करके माध्यक (Median) की सही गणना कर सकेंगे।
  • माध्य, माध्यक एवं बहुलक के बीच के अंतर तथा उपयुक्तता को स्पष्ट कर सकेंगे।
  • एकल दंड आलेख एवं दोहरा दंड आलेख (Double Bar Graph) खींचकर दो समूहों की तुलना कर सकेंगे।
  • संयोग (Chance) और प्रायिकता (Probability) की गणितीय परिभाषा ($P = \frac{\text{अनुकूल परिणाम}}{\text{कुल परिणाम}}$) सिद्ध कर सकेंगे।
  • निश्चित घटना (Certain Event, P=1) तथा असंभव घटना (Impossible Event, P=0) में विभेद कर सकेंगे।

Chapter Roadmap & Progression

1 1. आँकड़ों का संगठन एवं अंकगणितीय म...
2 2. बहुलक एवं माध्यक: केंद्रीय प्रवृ...
3 3. दंड आलेख एवं दोहरा दंड आलेख (Bar...
4 4. संयोग एवं प्रायिकता (Chance & Pr...

Complete Concept Guide (100% Curriculum Coverage)

1. आँकड़ों का संगठन एवं अंकगणितीय माध्य व परिसर (Data Organization, Mean & Range)

1. आँकड़ों का संकलन एवं सारणीकरण

निरीक्षणों (Observations) के संग्रह को आँकड़ा (Data) कहा जाता है। असंगठित रूप में प्राप्त आँकड़ों को कच्चा आँकड़ा (Raw Data) कहते हैं। इन्हें मिलान चिह्नों (Tally Marks) और बारंबारता (Frequency) के साथ सारणीबद्ध करने से वे समझने योग्य बनते हैं।

2. परिसर (Range)

आँकड़ों के उच्चतम (Maximum) मान और न्यूनतम (Minimum) मान के अंतर को आँकड़ों का परिसर (Range) कहते हैं। परिसर हमें यह बताता है कि आँकड़े कितने फैले हुए हैं:

$$\text{परिसर (Range)} = \text{अधिकतम प्रेक्षण} - \text{न्यूनतम प्रेक्षण}$$
3. अंकगणितीय माध्य (Arithmetic Mean / Average)

माध्य आँकड़ों के समूह का सबसे सामान्य प्रतिनिधि मान (Representative Value) या केंद्रीय मान है। यह सभी प्रेक्षणों के योग को प्रेक्षणों की कुल संख्या से भाग देकर प्राप्त किया जाता है:

$$\text{माध्य (Mean)} = \frac{\text{सभी प्रेक्षणों का योग}}{\text{प्रेक्षणों की कुल संख्या}} = \frac{\sum x}{n}$$

विशेष गुण: माध्य हमेशा आँकड़ों के सबसे छोटे और सबसे बड़े मान के बीच में स्थित होता है।

2. बहुलक एवं माध्यक: केंद्रीय प्रवृत्ति के अन्य माप (Mode & Median)

1. बहुलक (Mode)

प्रेक्षणों के उस मान को बहुलक कहते हैं जो आँकड़ों में सबसे अधिक बार आता है (अर्थात जिसकी बारंबारता सर्वाधिक हो)।

  • यदि किसी समूह में कोई मान सबसे ज्यादा बार आए, तो वह बहुलक है। जैसे: 2, 3, 2, 4, 2, 5 में बहुलक = 2।
  • एक समूह में एक से अधिक बहुलक भी हो सकते हैं (द्विबहुलक / Bimodal)।
  • व्यावहारिक उपयोग: रेडीमेड कपड़ों के व्यापारी, जूता निर्माता आदि सबसे अधिक बिकने वाले साइज (बहुलक) का अधिक स्टॉक रखते हैं।
2. माध्यक (Median)

जब दिए गए आँकड़ों को आरोही क्रम (Ascending Order) या अवरोही क्रम (Descending Order) में व्यवस्थित किया जाता है, तो ठीक बीच में आने वाले प्रेक्षण का मान माध्यक (Median) कहलाता है। माध्यक आँकड़ों को दो बराबर भागों में बाँटता है।

यदि कुल प्रेक्षणों की संख्या $n$ विषम (Odd) है, तो:
$$\text{माध्यक} = \left(\frac{n + 1}{2}\right)^{\text{वाँ प्रेक्षण}}$$
माप अर्थ कब अधिक उपयोगी?
माध्य (Mean) सभी मानों का गणितीय औसत जब सभी आँकड़े समान रूप से महत्वपूर्ण हों।
माध्यक (Median) ठीक बीच का मान जब समूह में कुछ मान अत्यंत छोटे या बहुत बड़े (Outliers) हों।
बहुलक (Mode) सर्वाधिक बारंबारता वाला मान व्यापार, लोकप्रियता और सबसे पसंदीदा वस्तु जानने में।

3. दंड आलेख एवं दोहरा दंड आलेख (Bar Graphs & Double Bar Graphs)

1. दंड आलेख (Bar Graph) के नियम

समान चौड़ाई के आयताकार दंडों (Bars) द्वारा आँकड़ों के चित्रात्मक निरूपण को दंड आलेख कहते हैं। इसमें:

  • प्रत्येक दंड की चौड़ाई समान रखी जाती है।
  • दंडों के बीच की दूरी एकसमान छोड़ी जाती है।
  • दंड की लंबाई या ऊँचाई संबंधित बारंबारता (आँकड़े के मान) के समानुपाती होती है।
  • एक उपयुक्त पैमाना (Scale) चुनना अनिवार्य है (जैसे 1 इकाई = 10 विद्यार्थी)।
2. दोहरा दंड आलेख (Double Bar Graph)

जब एक ही दृष्टि में आँकड़ों के दो समूहों की परस्पर तुलना करनी हो, तो दोहरा दंड आलेख खींचा जाता है।

अनुप्रयोग:
- त्रैमासिक परीक्षा बनाम अर्धवार्षिक परीक्षा में विद्यार्थियों के अंकों की तुलना।
- दो भिन्न वर्षों (जैसे 2023 व 2024) में किसी कंपनी के उत्पादन की तुलना।
- सप्ताह के विभिन्न दिनों में अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान की तुलना।

4. संयोग एवं प्रायिकता (Chance & Probability)

1. घटनाओं के प्रकार (Types of Events)

दैनिक जीवन की घटनाएँ तीन श्रेणियों में बाँटी जा सकती हैं:

  1. निश्चित घटना (Certain to happen): जिसका घटित होना 100% तय है (जैसे सूर्य का पूर्व से निकलना)। प्रायिकता = 1।
  2. असंभव घटना (Impossible to happen): जो कभी घटित नहीं हो सकती (जैसे एक पासे को फेंकने पर संख्या 8 आना)। प्रायिकता = 0।
  3. संभाव्य घटना (May happen but not certain): जो घट भी सकती है और नहीं भी (जैसे आज वर्षा होना, सिक्के पर चित्त आना)। प्रायिकता 0 और 1 के बीच होती है।
2. प्रायिकता का गणितीय सूत्र
$$\text{प्रायिकता } P(E) = \frac{\text{घटना के अनुकूल परिणामों की संख्या}}{\text{प्रयोग के कुल संभावित परिणामों की संख्या}}$$

सिक्के और पासे के मानक उदाहरण:

  • सिक्का उछालने पर: कुल परिणाम = 2 {चित्त (Head), पट (Tail)}।
    चित्त आने की प्रायिकता = $\frac{1}{2}$, पट आने की प्रायिकता = $\frac{1}{2}$।
  • पासा (Dice) फेंकने पर: कुल परिणाम = 6 {1, 2, 3, 4, 5, 6}।
    संख्या 5 आने की प्रायिकता = $\frac{1}{6}$।
    एक सम संख्या (2, 4, 6) आने की प्रायिकता = $\frac{3}{6} = \frac{1}{2}$।

Key Formulas, Identities & Theorems

अंकगणितीय माध्य सूत्र
Mean ({x}) = { x_i}{n} = {सभी प्रेक्षणों का योग}{प्रेक्षणों की कुल संख्या}
माध्य आँकड़ों के न्यूनतम और अधिकतम मान के मध्य में होता है।
आँकड़ों का परिसर सूत्र
$$\text{Range} = X_{\max} - X_{\min}$$
उच्चतम मान में से न्यूनतम मान घटाने पर परिसर प्राप्त होता है।
विषम संख्या (n) हेतु माध्यक सूत्र
$$\text{Median} = \left(\frac{n + 1}{2}\right)^{\text{th}} \text{ observation}$$
आँकड़ों को अनिवार्य रूप से आरोही या अवरोही क्रम में व्यवस्थित करें।
प्रायिकता का मौलिक सूत्र
$$P(E) = \frac{n(E)}{n(S)} = \frac{\text{Number of Favourable Outcomes}}{\text{Total Number of Possible Outcomes}}$$
किसी भी घटना की प्रायिकता सदैव 0 से 1 के बीच (0 ≤ P(E) ≤ 1) होती है।
निश्चित एवं असंभव घटना प्रायिकता
$$P(\text{Certain}) = 1, \quad P(\text{Impossible}) = 0$$
असंभव घटना की संभावना शून्य तथा निश्चित घटना की संभावना इकाई होती है।

Conceptual Solved Examples & Case Studies

Example 1
एक बल्लेबाज ने 6 पारियों में निम्नलिखित रन बनाए: 36, 35, 50, 46, 60, 55। एक पारी में उसके द्वारा बनाए गए रनों का माध्य और परिसर ज्ञात कीजिए।
Step-by-Step Solution:
(i) परिसर (Range) ज्ञात करना:
दिए गए रनों में अधिकतम मान = 60
न्यूनतम मान = 35
$$\text{परिसर} = \text{अधिकतम मान} - \text{न्यूनतम मान} = 60 - 35 = 25\text{ रन}$$
(ii) माध्य (Mean) ज्ञात करना:
$$\text{माध्य} = \frac{\text{सभी पारियों के रनों का योग}}{\text{कुल पारियों की संख्या}}$$
$$\text{रनों का योग} = 36 + 35 + 50 + 46 + 60 + 55 = 282$$
कुल पारियाँ ($n$) = 6
$$\text{माध्य} = \frac{282}{6} = 47\text{ रन}$$
उत्तर: परिसर = 25 रन, माध्य = 47 रन।
Example 2
संख्याओं 1, 3, 2, 5, 1, 4, 6, 2, 5, 2, 2, 2, 4, 1, 2 का बहुलक (Mode) ज्ञात कीजिए।
Step-by-Step Solution:
चरण 1: दिए गए आँकड़ों को समान संख्याओं के अनुसार व्यवस्थित या सारणीबद्ध करें:
1 आता है: 3 बार
2 आता है: 6 बार
3 आता है: 1 बार
4 आता है: 2 बार
5 आता है: 2 बार
6 आता है: 1 बार
चरण 2: हम देखते हैं कि संख्या 2 की बारंबारता सबसे अधिक (6 बार) है।
अतः आँकड़ों का बहुलक = 2 है।
उत्तर: बहुलक = 2
Example 3
निम्नलिखित आँकड़ों का माध्यक (Median) ज्ञात कीजिए: 24, 36, 46, 17, 18, 25, 35
Step-by-Step Solution:
चरण 1: सर्वप्रथम दिए गए आँकड़ों को आरोही क्रम (बढ़ते क्रम) में व्यवस्थित करें:
$$17, 18, 24, 25, 35, 36, 46$$
चरण 2: कुल प्रेक्षणों की संख्या गिनें:
यहाँ $n = 7$ (जो कि एक विषम संख्या है)।
चरण 3: माध्यक का सूत्र लगाएँ:
$$\text{माध्यक} = \left(\frac{n + 1}{2}\right)^{\text{वाँ पद}} = \left(\frac{7 + 1}{2}\right)^{\text{वाँ पद}} = 4^{\text{था पद}}$$
आरोही क्रम में चौथा पद = 25 है।
उत्तर: माध्यक = 25
Example 4
एक पासे (Dice) को एक बार फेंका जाता है। निम्नलिखित प्राप्त करने की प्रायिकता क्या होगी?
(i) संख्या 5
(ii) एक विषम संख्या
(iii) 6 से बड़ी संख्या
Step-by-Step Solution:
पासे को फेंकने पर कुल संभावित परिणाम = $\{1, 2, 3, 4, 5, 6\}$
अतः कुल परिणामों की संख्या ($n(S)$) = 6

(i) संख्या 5 प्राप्त होना:
अनुकूल परिणाम = $\{5\}$, अनुकूल संख्या ($n(E)$) = 1
$$P(5) = \frac{1}{6}$$
(ii) एक विषम संख्या प्राप्त होना:
विषम संख्याएँ = $\{1, 3, 5\}$, अनुकूल संख्या ($n(E)$) = 3
$$P(\text{विषम}) = \frac{3}{6} = \frac{1}{2}$$
(iii) 6 से बड़ी संख्या प्राप्त होना:
पासे पर 6 से बड़ी कोई संख्या नहीं होती। अनुकूल संख्या = 0 (असंभव घटना)
$$P(>6) = \frac{0}{6} = 0$$
उत्तर: (i) $1/6$, (ii) $1/2$, (iii) $0$
Example 5
प्रथम 5 पूर्ण संख्याओं (Whole Numbers) का माध्य ज्ञात कीजिए।
Step-by-Step Solution:
हल:
विद्यार्थी अक्सर पूर्ण संख्याओं में 0 को भूल जाते हैं।
प्रथम 5 पूर्ण संख्याएँ हैं: $0, 1, 2, 3, 4$
कुल संख्याओं की संख्या ($n$) = 5
संख्याओं का योग = $0 + 1 + 2 + 3 + 4 = 10$
$$\text{माध्य} = \frac{\text{संख्याओं का योग}}{\text{कुल संख्याएँ}} = \frac{10}{5} = 2$$
उत्तर: प्रथम 5 पूर्ण संख्याओं का माध्य 2 है।

Common Misconceptions & Examiner Traps

Common Misconception

प्रथम n पूर्ण संख्याओं का माध्य निकालते समय 0 को छोड़कर 1, 2, 3, 4, 5 ले लेना!

Scientific Reality & Correction

पूर्ण संख्याएँ 0 से प्रारंभ होती हैं (0, 1, 2, 3, 4)। 1 से प्रारंभ होने वाली संख्याएँ प्राकृत संख्याएँ (Natural Numbers) कहलाती हैं।

Common Misconception

आँकड़ों को बिना आरोही/अवरोही क्रम में व्यवस्थित किए सीधे बीच की संख्या को माध्यक मान लेना!

Scientific Reality & Correction

माध्यक निकालने का सबसे पहला और अनिवार्य नियम आँकड़ों को आरोही (या अवरोही) क्रम में सजाना है, अन्यथा उत्तर गलत हो जाएगा।

Common Misconception

प्रायिकता का मान 1 से बड़ा या ऋणात्मक लिख देना!

Scientific Reality & Correction

प्रायिकता का मान सदैव 0 से 1 के बीच (या प्रतिशत में 0% से 100%) ही हो सकता है। प्रायिकता कभी भी 1 से अधिक या ऋणात्मक नहीं हो सकती।

Visual Learning & Conceptual Map

दोहरा दंड आलेख (Double Bar Graph): गणित व विज्ञान के प्राप्तांकों की तुलना गणित (Maths) विज्ञान (Science) 0 25 50 75 100 अमन प्रिया राहुल स्नेहा

Chapter Summary & 10 Key Takeaways

Takeaway 1
आँकड़ा (Data) विभिन्न प्रेक्षणों का संख्यात्मक संग्रह है जिसे व्यवस्थित करके सूचना प्राप्त होती है।
Takeaway 2
परिसर (Range) = अधिकतम प्रेक्षण - न्यूनतम प्रेक्षण होता है।
Takeaway 3
अंकगणितीय माध्य (Mean) = (सभी प्रेक्षणों का योग) ÷ (प्रेक्षणों की कुल संख्या)।
Takeaway 4
माध्य सदैव दिए गए आँकड़ों के न्यूनतम और अधिकतम मान के बीच में स्थित होता है।
Takeaway 5
बहुलक (Mode) वह प्रेक्षण है जो आँकड़ों में सबसे अधिक बार (सर्वाधिक बारंबारता) आता है।
Takeaway 6
माध्यक (Median) आँकड़ों को आरोही क्रम में व्यवस्थित करने पर ठीक मध्य में आने वाला मान है।
Takeaway 7
दोहरा दंड आलेख (Double Bar Graph) दो स्वतंत्र आँकड़ा समूहों की तुलना एक साथ करने हेतु प्रयुक्त होता है।
Takeaway 8
प्रायिकता P(E) = (अनुकूल परिणामों की संख्या) ÷ (कुल संभावित परिणामों की संख्या)।
Takeaway 9
निश्चित घटना की प्रायिकता 1 तथा असंभव घटना की प्रायिकता 0 होती है।
Takeaway 10
प्रायिकता का मान सदैव 0 और 1 के बीच ($0 \le P(E) \le 1$) होता है।

Check Your Understanding (Diagnostic Practice Questions)

Diagnostic questions testing core conceptual clarity. Answers are hidden initially — solve each problem first, then click to reveal the step-by-step verified solution.

1
यदि किसी आँकड़े का अधिकतम मान 48 और न्यूनतम मान 12 है, तो परिसर क्या होगा?
Reveal Answer & Explanation
Answer: 36
परिसर = अधिकतम मान - न्यूनतम मान = 48 - 12 = 36।
2
संख्याओं 2, 4, 6, 8, 10 का अंकगणितीय माध्य क्या है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: 6
माध्य = (2 + 4 + 6 + 8 + 10) ÷ 5 = 30 ÷ 5 = 6।
3
संख्याओं 3, 5, 7, 5, 2, 5, 8 का बहुलक क्या होगा?
Reveal Answer & Explanation
Answer: 5
संख्या 5 सबसे अधिक (3 बार) आई है, अतः बहुलक 5 है।
4
एक अच्छी तरह फेंटी गई ताश की गड्डी में से या एक सिक्के को उछालने पर चित्त (Head) आने की प्रायिकता क्या है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: $\frac{1}{2}$ (या 0.5)
सिक्का उछालने पर कुल परिणाम 2 (चित्त, पट) हैं। चित्त का अनुकूल परिणाम 1 है। अतः $P = 1/2$।
5
क्या किसी घटना की प्रायिकता 1.5 हो सकती है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: नहीं
प्रायिकता का मान 0 से 1 के मध्य ही हो सकता है, 1 से अधिक प्रायिकता गणितीय रूप से असंभव है।
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