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झारखण्ड बोर्ड (JAC) • कक्षा 7 • Mathematics • अध्याय 1
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

पूर्णांक (Integers)

झारखण्ड शैक्षणिक परिषद् (JAC) कक्षा 7 गणित के अध्याय 1 "पूर्णांक" (Integers) में हम धनात्मक, ऋणात्मक एवं शून्य संख्याओं के संपूर्ण परिवार, संख्या रेखा पर उनका निरूपण, योग व व्यवकलन के संवृत, क्रमविनिमेय व साहचर्य गुण, योज्य प्रतिलोम, गुणन के चिह्न नियम, वितरण गुणधर्म (Distributive Property), तथा विभाजन की संक्रियाओं और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों का संपूर्ण एवं गहन अध्ययन करेंगे।

क्या आपने कभी सोचा है कि जब आप -5 को -5 से गुणा करते हैं, तो उत्तर अचानक +25 कैसे बन जाता है?

दैनिक जीवन में अगर तापमान 0°C से नीचे गिरकर -10°C हो जाए, या समुद्र तल से नीचे पनडुब्बी -200 मीटर पर तैर रही हो, या बैंक खाते से पैसे निकालने पर बैलेंस ऋणात्मक हो जाए—तो इन स्थितियों को गणित में कैसे हल किया जाता है? पूर्णांक केवल संख्याओं का खेल नहीं हैं, बल्कि यह दिशा, लाभ-हानि और प्रकृति के संतुलन को मापने का सबसे शक्तिशाली गणितीय औजार हैं।

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

पूर्णांक बीजगणित (Algebra), निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry), भौतिकी में वेग व त्वरण, और वित्तीय गणित की रीढ़ हैं। यदि चिह्नों (+ और -) के नियम यहाँ स्पष्ट हो जाएं, तो कक्षा 8, 9, 10 तथा बोर्ड परीक्षाओं में कभी कोई गणना त्रुटि नहीं होती।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • प्राकृत संख्याएँ (1, 2, 3, ...) और पूर्ण संख्याएँ (0, 1, 2, 3, ...) की बुनियादी समझ।
  • संख्या रेखा पर संख्याओं को दर्शाने और उनके क्रम की प्राथमिक अवधारणा।
  • साधारण जोड़, घटाव, गुणा और भाग की अंकगणितीय दक्षता।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • धनात्मक पूर्णांकों, ऋणात्मक पूर्णांकों और शून्य की पहचान कर उन्हें संख्या रेखा पर शुद्धता से निरूपित करना।
  • योग एवं व्यवकलन के अंतर्गत संवृत (Closure), क्रमविनिमेय (Commutative) तथा साहचर्य (Associative) गुणधर्मों को सत्यापित करना।
  • योज्य तत्समक ($0$) तथा योज्य प्रतिलोम ($-a$) के सिद्धांतों को विभिन्न समीकरणों में लागू करना।
  • पूर्णांकों के गुणन के चिह्न नियमों ($+ \times + = +$, $+ \times - = -$, $- \times - = +$) और वितरण गुणधर्म ($a \times (b + c) = ab + ac$) का दक्षतापूर्वक प्रयोग करना।
  • पूर्णांकों के विभाजन के नियमों और शून्य से विभाजन ($a \div 0 = \text{अपरिभाषित}$) की वैज्ञानिक सीमा को समझना।
  • तापमान, खदान में लिफ्ट की गति, और परीक्षा में ऋणात्मक अंकन (Negative Marking) पर आधारित व्यावहारिक इबारती प्रश्नों को चरणबद्ध हल करना।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. पूर्णांकों का परिचय एवं संख्या र...
2 2. योग एवं व्यवकलन के मूलभूत गुणधर्...
3 3. पूर्णांकों का गुणन एवं वितरण गुण...
4 4. पूर्णांकों का विभाजन एवं व्यावहा...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. पूर्णांकों का परिचय एवं संख्या रेखा पर संक्रियाएँ (Introduction to Integers & Number Line)

हम जानते हैं कि प्राकृत संख्याओं ($1, 2, 3, \dots$) के समूह में जब शून्य ($0$) को मिलाया जाता है, तो हमें पूर्ण संख्याएँ (Whole Numbers, $W$) प्राप्त होती हैं। परंतु जब हम किसी संख्या में से उससे बड़ी संख्या घटाते हैं (जैसे $3 - 5 = ?$), तो हमें ऋणात्मक संख्याओं की आवश्यकता होती है।

पूर्णांक (Integers, $\mathbb{Z}$) का संग्रह

सभी पूर्ण संख्याओं ($0, 1, 2, 3, \dots$) और ऋणात्मक प्राकृत संख्याओं ($-1, -2, -3, \dots$) के संयुक्त संग्रह को पूर्णांक (Integers) कहा जाता है। इसे जर्मन शब्द "Zahlen" (अर्थात गिनना) के आधार पर प्रतीक $\mathbb{Z}$ द्वारा दर्शाया जाता है:

$\mathbb{Z} = \{\dots, -4, -3, -2, -1, 0, 1, 2, 3, 4, \dots\}$

  • धनात्मक पूर्णांक (Positive Integers) : $1, 2, 3, 4, \dots$ (शून्य से बड़े)
  • ऋणात्मक पूर्णांक (Negative Integers) : $-1, -2, -3, -4, \dots$ (शून्य से छोटे)
  • शून्य ($0$) : शून्य एक पूर्णांक है जो न तो धनात्मक है और न ही ऋणात्मक।
संख्या रेखा पर गति के नियम
  • एक धनात्मक पूर्णांक जोड़ने पर हम दाईं ओर चलते हैं।
  • एक ऋणात्मक पूर्णांक जोड़ने पर हम बाईं ओर चलते हैं।
  • एक धनात्मक पूर्णांक घटाने पर हम बाईं ओर चलते हैं।
  • एक ऋणात्मक पूर्णांक घटाने पर हम दाईं ओर चलते हैं।
पूर्णांकों की तुलना के स्वर्णिम नियम
  • प्रत्येक धनात्मक पूर्णांक किसी भी ऋणात्मक पूर्णांक से बड़ा होता है ($5 > -10$)।
  • शून्य प्रत्येक ऋणात्मक पूर्णांक से बड़ा होता है ($0 > -3$)।
  • दो ऋणात्मक पूर्णांकों में, जिस संख्या का संख्यात्मक मान छोटा होता है, वह वास्तव में बड़ी होती है ($-2 > -8$)।

2. योग एवं व्यवकलन के मूलभूत गुणधर्म (Properties of Addition and Subtraction)

पूर्णांकों के जोड़ और घटाव में बीजगणितीय संरचना को बनाए रखने के लिए पाँच प्रमुख नियम काम करते हैं:

गुणधर्म (Property) गणितीय सूत्र विस्तृत व्याख्या एवं उदाहरण
1. संवृत गुण (Closure) $a + b \in \mathbb{Z}$
$a - b \in \mathbb{Z}$
किन्हीं दो पूर्णांकों का योग एवं अंतर सदैव एक पूर्णांक होता है।
उदा. $(-3) + 8 = 5 \in \mathbb{Z}$ तथा $4 - 9 = -5 \in \mathbb{Z}$।
2. क्रमविनिमेय (Commutative) $a + b = b + a$
$a - b \neq b - a$
योग क्रम बदलने पर समान रहता है: $(-8) + (-5) = (-5) + (-8) = -13$।
परंतु घटाव क्रमविनिमेय नहीं होता: $5 - 3 = 2$, परंतु $3 - 5 = -2$।
3. साहचर्य (Associative) $(a + b) + c = a + (b + c)$ तीन पूर्णांकों को किसी भी समूह में जोड़ें, योगफल अपरिवर्तित रहता है।
उदा. $[(-3) + 1] + (-7) = -2 + (-7) = -9$।
व्यवकलन साहचर्य नहीं होता।
4. योज्य तत्समक (Identity) $a + 0 = 0 + a = a$ किसी भी पूर्णांक में शून्य ($0$) जोड़ने पर वही पूर्णांक मिलता है। अतः $0$ पूर्णांकों का योज्य तत्समक है।
5. योज्य प्रतिलोम (Inverse) $a + (-a) = 0$ किसी संख्या का चिह्न उलट देने पर उसका योज्य प्रतिलोम प्राप्त होता है।
उदा. $+15$ का योज्य प्रतिलोम $-15$, और $-28$ का योज्य प्रतिलोम $+28$ है।

3. पूर्णांकों का गुणन एवं वितरण गुणधर्म (Multiplication & Distributive Property)

पूर्णांकों के गुणन में चिह्नों का व्यवहार अत्यंत सटीक नियमों से संचालित होता है:

चिह्नों के गुणन नियम (Sign Multiplication Rules)
  • समान चिह्न ➔ धनात्मक ($+$) :
    $(+) \times (+) = (+)$ उदा. $4 \times 3 = +12$
    $(-) \times (-) = (+)$ उदा. $(-4) \times (-3) = +12$
  • विपरीत चिह्न ➔ ऋणात्मक ($-$) :
    $(+) \times (-) = (-)$ उदा. $4 \times (-3) = -12$
    $(-) \times (+) = (-)$ उदा. $(-4) \times 3 = -12$
  • शून्य से गुणन : $a \times 0 = 0 \times a = 0$
  • गुणनात्मक तत्समक : $a \times 1 = a$ (संख्या $1$ गुणन तत्समक है)।
ऋणात्मक पूर्णांकों की सम/विषम घात

जब कई ऋणात्मक संख्याओं का परस्पर गुणा किया जाता है:

• यदि ऋण चिह्नों की संख्या सम (Even) है ➔ गुणनफल धनात्मक ($+$) होगा।
उदा. $(-2) \times (-3) \times (-1) \times (-4) = +24$

• यदि ऋण चिह्नों की संख्या विषम (Odd) है ➔ गुणनफल ऋणात्मक ($-$) होगा।
उदा. $(-2) \times (-3) \times (-4) = -24$

• $(-1)^{100} = +1$ (क्योंकि 100 सम है); $(-1)^{99} = -1$ (क्योंकि 99 विषम है)।

गुणन का वितरण गुणधर्म (Distributive Property of Multiplication)

योग एवं व्यवकलन पर गुणन का वितरण नियम जटिल गणनाओं को मानसिक रूप से सेकंडों में हल करने का सबसे महत्वपूर्ण सूत्र है:

$a \times (b + c) = (a \times b) + (a \times c)$
$a \times (b - c) = (a \times b) - (a \times c)$

उदाहरण : $(-25) \times 102 = (-25) \times (100 + 2) = [(-25) \times 100] + [(-25) \times 2] = -2500 + (-50) = -2550$।

4. पूर्णांकों का विभाजन एवं व्यावहारिक अनुप्रयोग (Division & Real-World Applications)

विभाजन गुणन की विपरीत (Inverse) संक्रिया है। चूँकि $3 \times 5 = 15$, इसलिए $15 \div 5 = 3$ और $15 \div 3 = 5$ होता है।

विभाजन के चिह्न नियम
  • $(+) \div (+) = (+)$ उदा. $20 \div 4 = 5$
  • $(-) \div (-) = (+)$ उदा. $(-20) \div (-4) = +5$
  • $(+) \div (-) = (-)$ उदा. $20 \div (-4) = -5$
  • $(-) \div (+) = (-)$ उदा. $(-20) \div 4 = -5$
  • अति-महत्वपूर्ण सीमा : किसी भी संख्या को शून्य से भाग देना अपरिभाषित (Undefined) होता है: $a \div 0 = \text{अर्थहीन}$। जबकि $0 \div a = 0$ ($a \neq 0$)।
दैनिक जीवन में पूर्णांकों के अनुप्रयोग
  • तापमान : शिमला का तापमान शून्य से 5°C नीचे $= -5^\circ\text{C}$।
  • खदान में लिफ्ट : भूमि स्तर से 10 मीटर ऊपर $+10\text{ m}$, और 350 मीटर भूमिगत तलहटी $-350\text{ m}$।
  • बैंक खाता : जमा राशि $+₹5000$, निकासी राशि $-₹2000$।
  • प्रतियोगी परीक्षा : सही उत्तर पर $+4$ अंक, गलत उत्तर (ऋणात्मक अंकन) पर $-1$ अंक।

महत्वपूर्ण सूत्र, सर्वसमिकाएँ एवं प्रमेय

गुणन का वितरण नियम (Distributive Property)
a × (b + c) = (a × b) + (a × c) तथा a × (b - c) = (a × b) - (a × c)
गणनाओं को सरल और तीव्र बनाने में सर्वाधिक उपयोगी बीजगणितीय नियम।
योज्य तत्समक एवं योज्य प्रतिलोम सूत्र
a + 0 = a (योज्य तत्समक = 0) | a + (-a) = 0 (योज्य प्रतिलोम = -a)
संख्या का चिह्न बदलने से उसका योज्य प्रतिलोम प्राप्त होता है।
चिह्न गुणन एवं विभाजन नियम (Sign Rules)
(+) × (+) = +, (-) × (-) = +, (+) × (-) = -, (-) × (+) = -
समान चिह्न मिलकर धनात्मक बनाते हैं; विपरीत चिह्न मिलकर ऋणात्मक बनाते हैं।
ऋणात्मक पूर्णांकों की घात नियम
(-1)^n = +1 (यदि n सम संख्या है) | (-1)^n = -1 (यदि n विषम संख्या है)
उदा. (-1)^100 = +1 तथा (-1)^99 = -1।
शून्य विभाजन सीमा (Division by Zero)
0 ÷ a = 0 (जहाँ a ≠ 0) | a ÷ 0 = अपरिभाषित (Undefined)
किसी भी संख्या को शून्य से विभाजित करना गणित में पूर्णतः अपरिभाषित है।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
मान ज्ञात कीजिए: $(-8) + (-5) - (-12) + (-2)$
विस्तृत समाधान / उत्तर:

चरण 1 (समान चिह्नों को सरल करना) :

$-(-12)$ में दोहरे ऋण चिह्न मिलकर धन बन जाते हैं: $-(-12) = +12$।

व्यंजक बन जाता है: $(-8) + (-5) + 12 + (-2)$

चरण 2 (ऋणात्मक संख्याओं को एक साथ जोड़ना) :

$[(-8) + (-5) + (-2)] + 12 = (-15) + 12$

चरण 3 (अंतिम घटाव) :

$(-15) + 12 = -3$ (क्योंकि 15 बड़ा है और उसका चिह्न ऋणात्मक है)।

अतः अभीष्ट उत्तर = $-3$

उदाहरण 2
उचित गुणधर्म (वितरण नियम) का प्रयोग करके मान ज्ञात कीजिए: $625 \times (-35) + (-625) \times 65$
विस्तृत समाधान / उत्तर:

चरण 1 : व्यंजक में $625$ को उभयनिष्ठ (Common) लेने के लिए $(-625) \times 65$ को $625 \times (-65)$ के रूप में लिखें:

$= [625 \times (-35)] + [625 \times (-65)]$

चरण 2 (वितरण नियम $a \times b + a \times c = a \times (b + c)$ का प्रयोग) :

$= 625 \times [(-35) + (-65)]$

चरण 3 (कोष्ठक को हल करना) :

$(-35) + (-65) = -100$

चरण 4 (गुणनफल) :

$= 625 \times (-100) = -62,500$

अतः अभीष्ट उत्तर = $-62,500$

उदाहरण 3
एक लिफ्ट (एलिवेटर) किसी खदान की खान में 6 मीटर प्रति मिनट की दर से नीचे उतरती है। यदि वह जमीन से 10 मीटर ऊपर से नीचे उतरना शुरू करती है, तो -350 मीटर की गहराई तक पहुँचने में उसे कितना समय लगेगा?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

चरण 1 (आरंभिक और अंतिम स्थिति) :

लिफ्ट की प्रारंभिक स्थिति $= +10\text{ m}$ (जमीन से ऊपर)

लिफ्ट की अंतिम स्थिति $= -350\text{ m}$ (जमीन से नीचे)

चरण 2 (तय की जाने वाली कुल दूरी) :

कुल दूरी $= \text{प्रारंभिक स्थिति} - \text{अंतिम स्थिति} = 10 - (-350) = 10 + 350 = 360\text{ m}$

चरण 3 (समय की गणना) :

लिफ्ट के उतरने की गति $= 6\text{ m/minute}$

$\text{समय} = \frac{\text{कुल दूरी}}{\text{चाल}} = \frac{360}{6} = 60\text{ मिनट}$

$60\text{ मिनट} = 1\text{ घंटा}$

अतः लिफ्ट को -350 मीटर पहुँचने में ठीक 1 घंटा लगेगा।

उदाहरण 4
किसी हिमीकरण (ठंडा करने की) प्रक्रिया में कमरे के तापमान को 40°C से 5°C प्रति घंटे की दर से कम करने की आवश्यकता है। प्रक्रिया शुरू होने के 10 घंटे बाद कमरे का तापमान क्या होगा?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

चरण 1 : कमरे का प्रारंभिक तापमान $= 40^\circ\text{C}$

चरण 2 : तापमान में परिवर्तन की दर $= -5^\circ\text{C}$ प्रति घंटा

चरण 3 : 10 घंटों में तापमान में कुल कमी $= 10 \times (-5^\circ\text{C}) = -50^\circ\text{C}$

चरण 4 : 10 घंटे बाद अंतिम तापमान $= 40^\circ\text{C} + (-50^\circ\text{C}) = 40 - 50 = -10^\circ\text{C}$

अतः 10 घंटे बाद कमरे का तापमान $-10^\circ\text{C}$ होगा।

उदाहरण 5
एक कक्षा टेस्ट में प्रत्येक सही उत्तर के लिए (+3) अंक दिए जाते हैं और प्रत्येक गलत उत्तर के लिए (-2) अंक दिए जाते हैं। राधिका ने 20 अंक प्राप्त किए। यदि उसके 12 उत्तर सही पाए जाते हैं, तो उसने कितने प्रश्नों का गलत उत्तर दिया?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

चरण 1 : 1 सही उत्तर के लिए अंक $= +3$

12 सही उत्तरों के लिए कुल अंक $= 12 \times 3 = 36$ अंक

चरण 2 : राधिका द्वारा प्राप्त कुल अंतिम अंक $= 20$ अंक

चरण 3 : गलत उत्तरों के कारण कटे कुल अंक $= 20 - 36 = -16$ अंक

चरण 4 : 1 गलत उत्तर के लिए अंक $= -2$

गलत उत्तरों की संख्या $= \frac{-16}{-2} = +8$

अतः राधिका ने कुल 8 प्रश्नों के गलत उत्तर दिए।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

दो ऋणात्मक संख्याओं को जोड़ते समय गुणन का नियम लगा देना और धन लिख देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

सावधान रहें! जोड़ते समय $(-4) + (-6) = -10$ होता है (ऋण चिन्ह बना रहता है)। गुणन का नियम केवल गुणा में लागू होता है: $(-4) \times (-6) = +24$।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

घटाव के बाद कोष्ठक खोलते समय अंदर के चिह्न को न बदलना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

जब भी कोष्ठक के बाहर माइनस हो, तो अंदर के सभी चिह्न पलट जाते हैं: $15 - (-8) = 15 + 8 = 23$ (न कि $7$)।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

शून्य से विभाजन को शून्य लिख देना (जैसे 7 ÷ 0 = 0)।

सही वैज्ञानिक तथ्य

$0 \div 7 = 0$ सत्य है, परंतु किसी भी संख्या को शून्य से भाग देना गणित में पूर्णतः अपरिभाषित (Undefined / Meaningless) होता है ($7 \div 0 \neq 0$)।

चित्रात्मक व्याख्या एवं मॉडल

पूर्णांक (Integers) : संख्या रेखा एवं बीजगणितीय संक्रियाएँ -4 -3 -2 -1 0 +1 +2 +3 +4 ← बाईं ओर : मान घटता है (ऋणात्मक) दाईं ओर : मान बढ़ता है (धनात्मक) → 1. योग एवं व्यवकलन • संवृत गुण : a + b ∈ Z, a - b ∈ Z • क्रमविनिमेय : a + b = b + a • घटाव क्रमविनिमेय नहीं : a-b ≠ b-a • योज्य तत्समक = 0 योज्य प्रतिलोम = -a 2. गुणन के नियम • (+) × (+) = (+), (-) × (-) = (+) • (+) × (-) = (-), (-) × (+) = (-) • a × 1 = a (गुणन तत्समक = 1) • वितरण नियम : a(b+c) = ab+ac (-1)^सम = +1, (-1)^विषम = -1 3. विभाजन एवं सीमा • विभाजन संवृत नहीं है • (-) ÷ (-) = (+), (-) ÷ (+) = (-) • 0 ÷ a = 0 (जहाँ a ≠ 0) • a ÷ 0 = अपरिभाषित (Undefined) विभाजन क्रमविनिमेय नहीं है

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
पूर्ण संख्याओं (0, 1, 2, ...) और ऋणात्मक प्राकृत संख्याओं (-1, -2, ...) के संपूर्ण संग्रह को पूर्णांक (Z) कहते हैं।
मुख्य बिंदु 2
संख्या रेखा पर शून्य के दाईं ओर चलने पर मान बढ़ता है तथा बाईं ओर चलने पर मान घटता है; शून्य न तो धनात्मक है और न ऋणात्मक।
मुख्य बिंदु 3
पूर्णांक योग और व्यवकलन दोनों के अंतर्गत संवृत (Closed) होते हैं; अर्थात किन्हीं दो पूर्णांकों का योग या अंतर सदैव एक पूर्णांक होता है।
मुख्य बिंदु 4
पूर्णांकों का योग क्रमविनिमेय (a + b = b + a) और साहचर्य होता है, परंतु व्यवकलन (घटाव) क्रमविनिमेय और साहचर्य नहीं होता।
मुख्य बिंदु 5
शून्य (0) पूर्णांकों का योज्य तत्समक (Additive Identity) है क्योंकि a + 0 = a; तथा a का योज्य प्रतिलोम -a होता है।
मुख्य बिंदु 6
समान चिह्नों का गुणनफल सदैव धनात्मक ((+) × (+) = + तथा (-) × (-) = +) और विपरीत चिह्नों का गुणनफल ऋणात्मक होता है।
मुख्य बिंदु 7
यदि ऋणात्मक पूर्णांकों की संख्या सम है तो गुणनफल धनात्मक होगा; यदि विषम है तो गुणनफल ऋणात्मक होगा ((-1)^100 = +1)।
मुख्य बिंदु 8
गुणन का योग पर वितरण नियम: a × (b + c) = (a × b) + (a × c); यह जटिल गणनाओं को सरल बनाने में सर्वाधिक उपयोगी है।
मुख्य बिंदु 9
पूर्णांकों में 1 गुणनात्मक तत्समक (Multiplicative Identity) है क्योंकि a × 1 = a; तथा किसी भी संख्या का 0 से गुणनफल 0 होता है।
मुख्य बिंदु 10
पूर्णांक विभाजन के अंतर्गत संवृत नहीं होते; तथा किसी भी पूर्णांक को शून्य से भाग देना गणित में अपरिभाषित (Undefined) होता है।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
$-15$ का योज्य प्रतिलोम (Additive Inverse) क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: $+15$
किसी संख्या का योज्य प्रतिलोम वह संख्या होती है जिसे जोड़ने पर योगफल शून्य प्राप्त हो: $(-15) + (+15) = 0$।
2
$(-1)$ को $99$ बार परस्पर गुणा करने पर क्या मान प्राप्त होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: $-1$
चूँकि घात $99$ एक विषम संख्या (Odd number) है, अतः $(-1)^{99} = -1$ होगा।
3
वितरण नियम का प्रयोग करते हुए $45 \times (-98)$ का मान क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: $-4,410$
$45 \times (-100 + 2) = [45 \times (-100)] + [45 \times 2] = -4500 + 90 = -4410$।
4
व्यंजक $(-36) \div [(-4) + (-2)]$ का मान क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: $+6$
पहले कोष्ठक हल करें: $(-4) + (-2) = -6$। अब $(-36) \div (-6) = +6$ (समान चिह्नों का भागफल धनात्मक होता है)।
5
क्या पूर्णांकों के लिए घटाव (व्यवकलन) क्रमविनिमेय (Commutative) होता है? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: नहीं, घटाव क्रमविनिमेय नहीं होता।
उदाहरण: $8 - 3 = 5$, परंतु $3 - 8 = -5$। चूँकि $5 \neq -5$, अतः $a - b \neq b - a$।
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