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झारखण्ड बोर्ड (JAC) • कक्षा 7 • Mathematics • अध्याय 8
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

परिमेय संख्याएँ (Rational Numbers)

झारखण्ड शैक्षिक परिषद् (JAC) एवं NCERT कक्षा 7 गणित का अष्टम अध्याय "परिमेय संख्याएँ" (Rational Numbers) संख्या पद्धति (Number System) के क्षितिज का सबसे क्रांतिकारी विस्तार है। प्राकृत संख्याओं, पूर्ण संख्याओं, पूर्णांकों और भिन्नों की सीमाओं को लांघकर जब ऋणात्मक दिशा में भी भागों और अनुपातों को मापने की आवश्यकता पड़ी, तब परिमेय संख्याओं का प्रादुर्भाव हुआ। इस अध्याय में परिमेय संख्या की प्रामाणिक परिभाषा ($p/q$, जहाँ $q \neq 0$), धनात्मक व ऋणात्मक परिमेय संख्याएँ, मानक रूप (Standard Form), समतुल्य परिमेय संख्याएँ, संख्या रेखा पर सटीक निरूपण, किन्हीं दो परिमेय संख्याओं के बीच असीमित परिमेय संख्याएँ ज्ञात करने की विधियाँ तथा इन पर योग, व्यवकलन, गुणन व विभाजन की चारों मौलिक संक्रियाओं का विशद अध्ययन प्रस्तुत किया गया है।

🔢 क्या आपने कभी सोचा है?

🌊 यदि समुद्र तल से 750 मीटर ऊपर की ऊँचाई को $+3/4$ किमी लिखा जाता है, तो समुद्र तल से 750 मीटर नीचे की गहराई को आप किस संख्या से दर्शाएँगे?

❄️ शून्य से नीचे $-2.5^\circ\text{C}$ तापमान को भिन्न के रूप में कैसे लिखा जाएगा? क्या भिन्न (Fraction) कभी ऋणात्मक हो सकती है? यदि नहीं, तो $-5/2$ क्या है?

🌌 1 और 2 के बीच कितने पूर्णांक हैं? शून्य! लेकिन 1 और 2 के बीच कितनी परिमेय संख्याएँ हो सकती हैं? 10? 100? या अनंत?

इन सभी गणितीय सीमाओं को तोड़कर एक संपूर्ण और अनंत संख्या जगत की सैर हमें परिमेय संख्याएँ (Rational Numbers) कराती हैं। यह अध्याय उच्च गणित, कैलकुलस और भौतिक विज्ञान की वैज्ञानिक गणनाओं का प्राण है।

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

भौतिकी में किसी वस्तु के मंदन (Negative Acceleration), विद्युत धारा के विपरीत प्रवाह, वित्तीय लेखा-जोखा में घाटे के अनुपात और तापमान के शून्य से नीचे गिरने पर केवल धनात्मक भिन्नें काम नहीं आतीं। वहाँ ऋणात्मक परिमेय संख्याएँ अनिवार्य हो जाती हैं। कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और क्वांटम फिजिक्स में सभी वास्तविक संख्याएँ परिमेय संख्याओं के सन्निकटन (Approximation) पर ही कार्य करती हैं।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • पूर्णांकों (Integers) के जोड़, घटाव, गुणा और भाग के नियम।
  • भिन्न (Fractions) की समझ: अंश, हर, समान व असमान हर।
  • संख्या रेखा (Number Line) पर धनात्मक व ऋणात्मक संख्याओं का स्थान।
  • महत्तम समापवर्तक (HCF / म.स.प.) एवं लघुत्तम समापवर्त्य (LCM / ल.स.प.) निकालने की विधि।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • परिमेय संख्या की सटीक परिभाषा ($p/q$, जहाँ $p, q$ पूर्णांक हैं और $q \neq 0$) समझा सकेंगे।
  • धनात्मक और ऋणात्मक परिमेय संख्याओं में अंतर पहचान सकेंगे।
  • सिद्ध कर सकेंगे कि सभी पूर्णांक और भिन्न वस्तुतः परिमेय संख्याएँ ही हैं।
  • किसी भी परिमेय संख्या को उसके मानक रूप (Standard Form / सरलतम रूप) में बदल सकेंगे।
  • समतुल्य परिमेय संख्याएँ (Equivalent Rational Numbers) बना सकेंगे।
  • संख्या रेखा पर किसी भी परिमेय संख्या को यथार्थ बिंदु पर निरूपित कर सकेंगे।
  • किन्हीं दो दी गई परिमेय संख्याओं के बीच जितनी चाहें उतनी (असीमित) परिमेय संख्याएँ खोज सकेंगे।
  • परिमेय संख्याओं के जोड़, घटाव, गुणा और भाग के प्रश्नों को बिना किसी चिन्ह त्रुटि के हल कर सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. परिमेय संख्या की परिभाषा एवं संक...
2 2. मानक रूप एवं समतुल्य परिमेय संख्...
3 3. संख्या रेखा एवं दो परिमेय संख्या...
4 4. परिमेय संख्याओं पर संक्रियाएँ: य...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. परिमेय संख्या की परिभाषा एवं संकल्पना (Definition & Anatomy of Rational Numbers)

1. परिमेय संख्या (Rational Number) क्या है?

‘परिमेय’ (Rational) शब्द की उत्पत्ति ‘अनुपात’ (Ratio) से हुई है।

परिभाषा: एक ऐसी संख्या जिसे $\frac{p}{q}$ के रूप में व्यक्त किया जा सके, जहाँ $p$ और $q$ दोनों पूर्णांक (Integers) हों तथा $q \neq 0$ हो, परिमेय संख्या कहलाती है।

विशेष तथ्य:

  • शून्य (0) एक परिमेय संख्या है: क्योंकि इसे $\frac{0}{1}, \frac{0}{5}, \frac{0}{-3}$ आदि के रूप में लिखा जा सकता है।
  • प्रत्येक पूर्णांक एक परिमेय संख्या है: किसी भी पूर्णांक $n$ को $\frac{n}{1}$ लिखा जा सकता है (जैसे $-7 = \frac{-7}{1}$)।
  • भिन्न बनाम परिमेय संख्या: भिन्न में अंश और हर केवल पूर्ण संख्याएँ (धनात्मक) होती हैं, जबकि परिमेय संख्या में $p$ और $q$ ऋणात्मक पूर्णांक भी हो सकते हैं। अतः सभी भिन्न परिमेय संख्याएँ हैं, किंतु सभी परिमेय संख्याएँ भिन्न नहीं हैं।
2. धनात्मक एवं ऋणात्मक परिमेय संख्याएँ
प्रकार शर्त उदाहरण संख्या रेखा पर स्थिति
धनात्मक परिमेय संख्या अंश और हर दोनों के चिह्न समान हों (दोनों $+$ या दोनों $-$) $\frac{3}{4}, \frac{-5}{-7} = \frac{5}{7}$ शून्य (0) के दाईं ओर
ऋणात्मक परिमेय संख्या अंश या हर में से कोई एक ऋणात्मक हो $\frac{-2}{5}, \frac{7}{-9} = \frac{-7}{9}$ शून्य (0) के बाईं ओर

2. मानक रूप एवं समतुल्य परिमेय संख्याएँ (Standard Form & Equivalent Rational Numbers)

1. मानक रूप (Standard Form) की दो अनिवार्य शर्तें

एक परिमेय संख्या $\frac{p}{q}$ मानक रूप में कही जाती है यदि:

  1. उसका हर ($q$) एक धनात्मक पूर्णांक हो ($q > 0$)। यदि हर ऋणात्मक है, तो अंश व हर दोनों को $-1$ से गुणा करके हर को धनात्मक बनाया जाता है (जैसे $\frac{4}{-7} = \frac{-4}{7}$)।
  2. अंश ($p$) और हर ($q$) में $1$ के अतिरिक्त कोई अन्य उभयनिष्ठ गुणनखंड (HCF) न हो (अर्थात $p$ और $q$ परस्पर सह-अभाज्य हों)।
2. समतुल्य परिमेय संख्याएँ (Equivalent Rational Numbers)

किसी परिमेय संख्या के अंश और हर दोनों को एक ही शून्येतर पूर्णांक से गुणा या भाग करने पर समतुल्य परिमेय संख्याएँ प्राप्त होती हैं:

$$\frac{-3}{5} = \frac{-3 \times 2}{5 \times 2} = \frac{-6}{10} = \frac{-3 \times 3}{5 \times 3} = \frac{-9}{15}$$

3. संख्या रेखा एवं दो परिमेय संख्याओं के बीच असीमित संख्याएँ (Number Line & Density)

1. संख्या रेखा पर निरूपण

संख्या रेखा पर शून्य के दाईं ओर धनात्मक तथा बाईं ओर ऋणात्मक परिमेय संख्याएँ निरूपित होती हैं। जैसे $\frac{-3}{4}$ को दर्शाने के लिए $0$ और $-1$ के बीच की दूरी को $4$ बराबर भागों में बाँटकर तीसरे भाग पर बिंदु अंकित किया जाता है।

2. सघनता गुण: दो परिमेय संख्याओं के बीच असीमित परिमेय संख्याएँ

किन्हीं दो परिमेय संख्याओं के बीच अनंत (असीमित) परिमेय संख्याएँ स्थित होती हैं। इन्हें खोजने के दो मुख्य तरीके हैं:

विधि 1 (समान हर बनाना - LCM विधि):
दोनों भिन्नों के हर समान करें। यदि अभीष्ट संख्याएँ न मिलें, तो अंश व हर को $10$ या $100$ से गुणा कर दें। जैसे $\frac{-1}{10}$ और $\frac{3}{10}$ के बीच $\frac{0}{10}, \frac{1}{10}, \frac{2}{10}$ हैं।

विधि 2 (माध्य विधि): दो संख्याओं $a$ और $b$ के ठीक बीच की परिमेय संख्या $= \frac{a + b}{2}$ होती है।

4. परिमेय संख्याओं पर संक्रियाएँ: योग, व्यवकलन, गुणन एवं भाग (Operations on Rational Numbers)

चारों मौलिक संक्रियाओं के नियम
संक्रिया सूत्र / विधि सावधानी
योग (Addition) हर समान हो: $\frac{a}{b} + \frac{c}{b} = \frac{a+c}{b}$
हर असमान हो: हरों का LCM लेकर समान हर बनाएँ
पूर्णांकों के चिन्ह नियमों ($- + - = -$) का कड़ाई से पालन करें।
व्यवकलन (Subtraction) $\frac{a}{b} - \frac{c}{d} = \frac{a}{b} + \left(\frac{-c}{d}\right)$ घटाने वाली संख्या का योज्य प्रतिलोम (Additive Inverse) जोड़ें।
गुणन (Multiplication) $$\frac{a}{b} \times \frac{c}{d} = \frac{a \times c}{b \times d}$$ चिन्हों का गुणा: $(-) \times (-) = (+)$, $(-) \times (+) = (-)$
विभाजन (Division) $$\frac{a}{b} \div \frac{c}{d} = \frac{a}{b} \times \frac{d}{c}$$ भाजक का व्युत्क्रम (Reciprocal) लें; $\frac{0}{d}$ से भाग अपरिभाषित है।

महत्वपूर्ण सूत्र, सर्वसमिकाएँ एवं प्रमेय

परिमेय संख्या की मानक परिभाषा सूत्र
$$Q = \left\{ \frac{p}{q} : p, q \in \mathbb{Z}, \; q \neq 0 \right\}$$
जहाँ p अंश और q हर है; q शून्य नहीं हो सकता।
समतुल्य परिमेय संख्या सूत्र
$$\frac{p}{q} = \frac{p \times m}{q \times m} = \frac{p \div k}{q \div k} \quad (m, k \neq 0)$$
अंश व हर को समान शून्येतर संख्या से गुणा या भाग करने पर मान अपरिवर्तित रहता है।
परिमेय संख्याओं का गुणन सूत्र
$$\frac{a}{b} \times \frac{c}{d} = \frac{a \times c}{b \times d}$$
अंशों का गुणनफल बटे हरों का गुणनफल।
परिमेय संख्याओं का विभाजन सूत्र
$$\frac{a}{b} \div \frac{c}{d} = \frac{a}{b} \times \left(\frac{c}{d}\right)^{-1} = \frac{a \times d}{b \times c}$$
भाजक भिन्न के व्युत्क्रम (Reciprocal) से गुणा किया जाता है।
मध्यमान (औसत) परिमेय संख्या सूत्र
$$M = \frac{1}{2} \left(\frac{a}{b} + \frac{c}{d}\right)$$
दो परिमेय संख्याओं के ठीक मध्य की संख्या ज्ञात करने का सूत्र।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
$\frac{-36}{24}$ को इसके मानक रूप (Standard Form) में व्यक्त कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
चरण 1: हर की जाँच करें:
यहाँ हर = $24$ (धनात्मक है, अतः पहली शर्त पूरी है)।
चरण 2: अंश ($36$) और हर ($24$) का महत्तम समापवर्तक (HCF) ज्ञात करें:
$36 = 12 \times 3$
$24 = 12 \times 2$
अतः $\text{HCF}(36, 24) = 12$
चरण 3: अंश और हर दोनों को HCF ($12$) से विभाजित करें:
$$\frac{-36 \div 12}{24 \div 12} = \frac{-3}{2}$$
उत्तर: मानक रूप $\frac{-3}{2}$ है।
उदाहरण 2
मान ज्ञात कीजिए: $\frac{-3}{5} + \frac{2}{7}$
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हर $5$ और $7$ असमान हैं।
$5$ और $7$ का $\text{LCM} = 5 \times 7 = 35$
दोनों भिन्नों को समान हर $35$ में बदलें:
$$\frac{-3}{5} = \frac{-3 \times 7}{5 \times 7} = \frac{-21}{35}$$
$$\frac{2}{7} = \frac{2 \times 5}{7 \times 5} = \frac{10}{35}$$
अब अंशों को जोड़ें:
$$\frac{-21 + 10}{35} = \frac{-11}{35}$$
उत्तर: $\frac{-11}{35}$
उदाहरण 3
हल कीजिए: $\frac{-2}{3} - \left(\frac{-5}{6}\right)$
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हम जानते हैं कि $-(-a) = +a$ होता है:
$$\frac{-2}{3} + \frac{5}{6}$$
$3$ और $6$ का $\text{LCM} = 6$
$$\frac{-2 \times 2}{3 \times 2} + \frac{5}{6} = \frac{-4}{6} + \frac{5}{6}$$
$$\frac{-4 + 5}{6} = \frac{1}{6}$$
उत्तर: $\frac{1}{6}$
उदाहरण 4
हल कीजिए: (i) $\frac{-3}{8} \times \frac{5}{7}$ और (ii) $\frac{-4}{5} \div \frac{-2}{15}$
विस्तृत समाधान / उत्तर:
(i) गुणन:
$$\frac{-3 \times 5}{8 \times 7} = \frac{-15}{56}$$

(ii) विभाजन:
भाजक $\frac{-2}{15}$ का व्युत्क्रम = $\frac{15}{-2} = \frac{-15}{2}$
$$\frac{-4}{5} \times \frac{-15}{2} = \frac{(-4) \times (-15)}{5 \times 2} = \frac{60}{10} = 6$$
उत्तर: (i) $\frac{-15}{56}$, (ii) $6$
उदाहरण 5
$-2$ और $-1$ के बीच 3 परिमेय संख्याएँ ज्ञात कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
$-2$ और $-1$ को परिमेय संख्या के रूप में लिखें:
$-2 = \frac{-2}{1}$ तथा $-1 = \frac{-1}{1}$
चूँकि हमें 3 संख्याएँ चाहिए, अतः अंश और हर में $(3 + 1 = 4)$ या $5$ या $10$ से गुणा करें।
10 से गुणा करने पर:
$$-2 = \frac{-20}{10} \quad \text{तथा} \quad -1 = \frac{-10}{10}$$
अब $\frac{-20}{10}$ और $\frac{-10}{10}$ के बीच की संख्याएँ आसानी से चुन सकते हैं:
$$\frac{-19}{10}, \frac{-18}{10}, \frac{-17}{10}, \frac{-15}{10} \; (=-1.5), \frac{-12}{10}$$
किन्हीं भी 3 संख्याओं को सरल रूप में लिखें:
उत्तर: $\frac{-19}{10}, \frac{-9}{5}, \frac{-3}{2}$

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

हर में शून्य होने पर भी उसे परिमेय संख्या मान लेना (जैसे 5/0 को परिमेय संख्या कहना)!

सही वैज्ञानिक तथ्य

परिमेय संख्या की मूल शर्त है कि $q \neq 0$ होना चाहिए। शून्य से विभाजन गणित में सर्वथा अपरिभाषित (Undefined) है, अतः $\frac{5}{0}$ कोई संख्या नहीं है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

ऋणात्मक परिमेय संख्याओं के जोड़ में साधारण जोड़-घटाव के चिन्हों में गलती करना (जैसे $-7 + 3 = -10$ लिख देना)!

सही वैज्ञानिक तथ्य

विपरीत चिह्नों वाली संख्याओं में हमेशा बड़ी संख्या में से छोटी संख्या घटती है और बड़ी संख्या का चिह्न लगता है: $-7 + 3 = -4$।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

दो परिमेय संख्याओं के बीच सीमित संख्याएँ मानना!

सही वैज्ञानिक तथ्य

किन्हीं भी दो परिमेय संख्याओं के बीच हमेशा असीमित (अनंत) परिमेय संख्याएँ होती हैं।

चित्रात्मक व्याख्या एवं मॉडल

संख्या रेखा पर परिमेय संख्याओं का निरूपण (Rational Numbers on Number Line) -2 -1 0 1 2 +1/2 -3/4 -3/2 ← ऋणात्मक परिमेय संख्याएँ (0 के बाईं ओर) | 0 | धनात्मक परिमेय संख्याएँ (0 के दाईं ओर) →

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
परिमेय संख्या वह संख्या है जिसे $p/q$ के रूप में लिखा जा सके, जहाँ $p, q$ पूर्णांक हैं और $q \neq 0$।
मुख्य बिंदु 2
प्रत्येक प्राकृत संख्या, पूर्ण संख्या, पूर्णांक एवं भिन्न एक परिमेय संख्या होती है।
मुख्य बिंदु 3
शून्य (0) एक परिमेय संख्या है क्योंकि इसे $\frac{0}{1}$ के रूप में लिखा जा सकता है।
मुख्य बिंदु 4
अंश और हर दोनों के समान चिह्न होने पर परिमेय संख्या धनात्मक और विपरीत चिह्न होने पर ऋणात्मक होती है।
मुख्य बिंदु 5
मानक रूप में हर सदैव धनात्मक होता है और अंश व हर का उभयनिष्ठ गुणनखंड केवल 1 होता है।
मुख्य बिंदु 6
अंश व हर को समान शून्येतर संख्या से गुणा/भाग करने पर समतुल्य परिमेय संख्याएँ बनती हैं।
मुख्य बिंदु 7
संख्या रेखा पर धनात्मक संख्याएँ शून्य के दाईं ओर और ऋणात्मक संख्याएँ बाईं ओर स्थित होती हैं।
मुख्य बिंदु 8
किन्हीं दो परिमेय संख्याओं के बीच अनंत (असीमित) परिमेय संख्याएँ होती हैं।
मुख्य बिंदु 9
विभाजन में भाजक भिन्न के व्युत्क्रम (Reciprocal) से गुणा किया जाता है।
मुख्य बिंदु 10
शून्य से किसी भी संख्या का विभाजन अपरिभाषित (Undefined) होता है।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
क्या $\frac{7}{0}$ एक परिमेय संख्या है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: नहीं
परिमेय संख्या की शर्त है कि हर $q \neq 0$ होना चाहिए। शून्य से विभाजन अपरिभाषित है।
2
$\frac{-8}{-12}$ का मानक रूप क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: $\frac{2}{3}$
दोनों ऋण चिह्न कटकर धनात्मक बनेंगे: $\frac{8}{12}$। 4 से सरल करने पर $\frac{2}{3}$ प्राप्त होगा।
3
$\frac{-4}{7}$ का योज्य प्रतिलोम (Additive Inverse) क्या है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: $\frac{4}{7}$
योज्य प्रतिलोम वह संख्या है जिसे जोड़ने पर योग शून्य हो जाए: $\frac{-4}{7} + \frac{4}{7} = 0$।
4
$\frac{-5}{9}$ का व्युत्क्रम (Multiplicative Inverse) क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: $\frac{-9}{5}$ (या $\frac{9}{-5}$)
अंश और हर को आपस में बदलने पर व्युत्क्रम प्राप्त होता है: $\frac{9}{-5} = \frac{-9}{5}$।
5
0 और 1 के ठीक बीच की परिमेय संख्या क्या है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: $\frac{1}{2}$ (0.5)
माध्य सूत्र: $(0 + 1) / 2 = 1/2$।
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
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