कंप्यूटर नैतिकता (Computer Ethics) दर्शनशास्त्र की वह अनुप्रयुक्त शाखा है जो कंप्यूटर, इंटरनेट एवं डिजिटल तकनीकों के विकास, उपयोग और प्रसार से उत्पन्न नैतिक दुविधाओं, कानूनी मर्यादाओं और सामाजिक उत्तरदायित्वों का विश्लेषण करती है। चूंकि साइबर स्पेस में सीमाहीन पहुंच और प्रयोक्ता की गोपनीयता (anonymity) होती है, इसलिए यहां अनैतिक आचरण का खतरा भौतिक समाज की तुलना में कई गुना अधिक होता है।
कंप्यूटर पेशेवरों एवं उपयोगकर्ताओं के प्रमुख नैतिक उत्तरदायित्व निम्नलिखित हैं:
- निजता का सम्मान (Respect for Privacy): दूसरों की पूर्व अनुमति के बिना उनकी व्यक्तिगत फाइलों, तस्वीरों या गोपनीय डेटा में ताक-झांक न करना और न ही उसे वाणिज्यिक लाभ हेतु बेचना।
- सत्यनिष्ठा एवं ईमानदारी (Integrity & Honesty): सॉफ्टवेयर में कोई गुप्त हानिकारक कोड (जैसे ट्रोजन या स्पाइवेयर) न जोड़ना तथा प्रणालियों की क्षमता के संबंध में सत्य जानकारी देना।
- न्यायसंगतता एवं निष्पक्षता (Fairness): एल्गोरिदम और सॉफ्टवेयर के विकास में यह सुनिश्चित करना कि वे किसी विशेष वर्ग, जाति या लिंग के प्रति पक्षपाती न हों।
- सामाजिक दायित्व (Social Responsibility): ऐसे सॉफ्टवेयर या तकनीक का विकास न करना जो मानव स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक सद्भाव या पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंचाए।
1992 में कंप्यूटर एथिक्स इंस्टीट्यूट (CEI) द्वारा प्रतिपादित ये दस सिद्धांत वैश्विक स्तर पर कंप्यूटर आचार संहिता का मानक माने जाते हैं:
- दूसरों को नुकसान पहुंचाने के लिए कंप्यूटर का उपयोग नहीं करोगे।
- दूसरों के कंप्यूटर कार्य में बाधा नहीं डालोगे।
- दूसरों की कंप्यूटर फाइलों में ताक-झांक नहीं करोगे।
- चोरी करने के उद्देश्य से कंप्यूटर का उपयोग नहीं करोगे।
- झूठे साक्ष्य (अफवाहें व भ्रामक जानकारी) फैलाने हेतु कंप्यूटर का उपयोग नहीं करोगे।
- जिस वाणिज्यिक सॉफ्टवेयर के लिए तुमने भुगतान नहीं किया है, उसे कॉपी या उपयोग नहीं करोगे।
- बिना अनुमति या उचित मुआवजे के दूसरों के कंप्यूटर संसाधनों का उपयोग नहीं करोगे।
- दूसरों के बौद्धिक उत्पादन (कोड व रचना) को अपना नहीं बताओगे।
- तुम जो सॉफ्टवेयर लिख रहे हो, उसके सामाजिक प्रभाव पर विचार करोगे।
- कंप्यूटर का उपयोग सदैव इस प्रकार करोगे जिससे साथी मनुष्यों के प्रति सम्मान और विचारशीलता प्रकट हो।
नेटीकेट (Network + Etiquette) इंटरनेट पर सभ्य, मर्यादित और सम्मानजनक संवाद के नियम हैं:
| शिष्टाचार का क्षेत्र | करणीय व्यवहार (Do's) | वर्जित व्यवहार (Don'ts) |
|---|---|---|
| भाषा व टोन | स्पष्ट, शालीन और आदरपूर्ण भाषा में संदेश लिखना। | सभी अक्षरों को बड़े रूप (ALL CAPS) में लिखना (जिसे चिल्लाना माना जाता है) या अभद्र भाषा का प्रयोग करना। |
| बैंडविड्थ का ध्यान | संक्षिप्त संदेश भेजना, बड़ी फाइलों को कंप्रेस या क्लाउड लिंक द्वारा साझा करना। | सैकड़ों लोगों को एक साथ अनावश्यक विशाल फाइलें ईमेल कर उनका मेलबॉक्स भरना (Spamming)। |
| दूसरों की निजता | किसी अन्य का ईमेल या तस्वीर आगे भेजने से पूर्व उसकी सहमति लेना। | बिना अनुमति किसी का निजी पता, फोन नंबर या फोटो ऑनलाइन उजागर करना (Doxxing)। |
| बहस व विमर्श | तार्किक व सकारात्मक वाद-विवाद करना, मतभेदों का सम्मान करना। | व्यक्तिगत आक्षेप, ट्रोलिंग, भड़काऊ टिप्पणियां या साइबर झगड़े (Flame Wars) शुरू करना। |
| ईमेल शिष्टाचार | उचित विषय (Subject Line) लिखना, औपचारिक अभिवादन व हस्ताक्षर जोड़ना। | विषय खाली छोड़ना, अस्पष्ट एक-शब्द के संदेश भेजना या अंधविश्वास भरी फॉरवर्डेड चेन भेजना। |