वैश्वीकरण (Globalisation): किसी वस्तु, सेवा, पूंजी, विचार और व्यक्तियों का एक देश से दूसरे देश में बिना किसी भौगोलिक या राजनीतिक अवरोध के निर्बाध प्रवाह (Flow)। यह एक बहुआयामी (Multidimensional) अवधारणा है जिसके राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक आयाम हैं।
| वैश्वीकरण के 4 बुनियादी प्रवाह (Flows) | व्यावहारिक उदाहरण |
|---|---|
| 1. विचारों का प्रवाह (Flow of Ideas) | इंटरनेट, सोशल मीडिया और संचार माध्यमों से लोकतंत्र, मानवाधिकार व ज्ञान का वैश्विक प्रसार। |
| 2. पूंजी का प्रवाह (Flow of Capital) | विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI), शेयर बाजार और बहुराष्ट्रीय बैंकों द्वारा सीमाओं के पार धन का निवेश। |
| 3. वस्तुओं का प्रवाह (Flow of Commodities) | मुक्त व्यापार के तहत विभिन्न देशों में बने इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़े, दवाइयों का वैश्विक क्रय-विक्रय। |
| 4. लोगों का प्रवाह (Flow of People) | शिक्षा, रोजगार और बेहतर जीवन की तलाश में कुशल व अकुशल श्रमिकों का विदेशों में प्रवास (हालाँकि इस पर वीजा प्रतिबंध सर्वाधिक हैं)। |
वैश्वीकरण का मुख्य उत्प्रेरक: प्रौद्योगिकी (Technology), विशेषकर टेलीग्राफ, टेलीफोन, माइक्रोचिप और इंटरनेट का तीव्र विकास जिसने दुनिया को एक 'ग्लोबल विलेज' (Global Village) बना दिया।