पर्यावरण के मुद्दे वैश्विक राजनीति में क्यों आए? 1972 में 'क्लब ऑफ रोम' ने 'लिमिट्स टू ग्रोथ' (Limits to Growth) नामक पुस्तक प्रकाशित की। 1987 में ब्रंटलैंड रिपोर्ट 'हमारा साझा भविष्य' (Our Common Future) आई जिसने सतत विकास (Sustainable Development) की अवधारणा दी।
| ऐतिहासिक सम्मेलन | स्थान एवं वर्ष | प्रमुख परिणाम एवं उपलब्धियां |
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| रियो पृथ्वी सम्मेलन (Earth Summit) | जून 1992, रियो डी जेनेरो (ब्राजील) | 170 देश, हजारों NGOs और बहुराष्ट्रीय निगम शामिल हुए। जलवायु परिवर्तन (UNFCCC), जैव विविधता (CBD) और वानिकी के सिद्धांतों पर ऐतिहासिक समझौते। |
| एजेंडा 21 (Agenda 21) | 1992 (रियो सम्मेलन) | 21वीं सदी में सतत विकास प्राप्त करने हेतु विकास और पर्यावरण संरक्षण की 21 सूत्रीय वैश्विक कार्ययोजना। |
| क्योटो प्रोटोकॉल (Kyoto Protocol) | 1997 (क्योटो, जापान) | औद्योगिक (विकसित) देशों द्वारा ग्रीनहाउस गैसों (CO2, मीथेन) के उत्सर्जन में बाध्यकारी कटौती का अंतर्राष्ट्रीय समझौता। भारत ने 2002 में इस पर हस्ताक्षर किए। |