प्रकृति से प्राप्त वे सभी पदार्थ जिनका उपयोग मनुष्य अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए करता है, प्राकृतिक संसाधन (Natural Resources) कहलाते हैं। उपलब्धता के आधार पर इन्हें दो वर्गों में विभाजित किया गया है:
| वर्गीकरण का आधार | अक्षय प्राकृतिक संसाधन (Inexhaustible) | समाप्त होने वाले प्राकृतिक संसाधन (Exhaustible) |
|---|---|---|
| प्रकृति में मात्रा | प्रकृति में असीमित मात्रा में उपस्थित हैं। | प्रकृति में अत्यंत सीमित मात्रा में उपलब्ध हैं। |
| मानवीय उपभोग का प्रभाव | मानवीय क्रियाकलापों से कभी समाप्त नहीं हो सकते। | अत्यधिक या अनियंत्रित उपभोग से शीघ्र समाप्त हो सकते हैं। |
| प्रमुख उदाहरण | सूर्य का प्रकाश, वायु, जल। | कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, वन, वन्यजीव, खनिज। |
जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels):
कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस का निर्माण लाखों वर्ष पूर्व सजीव प्राणियों (वनस्पति व जन्तुओं) के मृत अवशेषों के पृथ्वी की परतों के नीचे दबने से हुआ है। अतः इन्हें जीवाश्म ईंधन कहा जाता है। इनके निर्माण में करोड़ों वर्ष लगते हैं, इसलिए ये अनवीकरणीय (Non-renewable) संसाधन हैं।