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JAC • Class 8 • Science • Ch 7
Estimated Time: 45 Mins
Study Progress: In Progress

Reaching the Age of Adolescence

झारखण्ड शैक्षणिक परिषद् (JAC) एवं NCERT कक्षा 8 विज्ञान का सातवाँ अध्याय "किशोरावस्था की ओर" (Reaching the Age of Adolescence) मानव जीवन के उस क्रांतिकारी परिवर्तनकारी कालखंड का अध्ययन है जो बचपन और वयस्कता के बीच सेतु का कार्य करता है। लगभग 11 से 18-19 वर्ष की इस आयु में शारीरिक, लैंगिक, मानसिक और भावनात्मक परिपक्वता आती है। इस अध्याय में यौवनारंभ (Puberty) के शारीरिक परिवर्तन (लंबाई में वृद्धि, स्वर परिवर्तन - एडम्स ऐपल, स्वेद ग्रंथियों की सक्रियता), गौण लैंगिक लक्षण, अंतःस्रावी ग्रंथियाँ (Endocrine Glands) और उनके द्वारा स्रावित जीवन-रक्षक हार्मोन (थायरॉक्सिन, इंसुलिन, एड्रीनेलिन, टेस्टोस्टेरोन, एस्ट्रोजन), संतति का लिंग निर्धारण (XY गुणसूत्र), ऋतुस्राव चक्र (Menstruation) तथा किशोरों के प्रजनन स्वास्थ्य, संतुलित आहार और नशीली दवाओं (Drugs) से सुरक्षा का वैज्ञानिक व संवेदनशील अध्ययन प्रस्तुत किया गया है।

🌱 बचपन से युवावस्था की दहलीज़: हमारे शरीर में अचानक क्या बदलने लगता है?

क्या आपने कभी महसूस किया है कि 11-12 वर्ष की उम्र के बाद अचानक आपकी लंबाई तेजी से बढ़ने लगती है, लड़कों की आवाज भारी व फटने लगती है, चेहरे पर कील-मुंहासे उभर आते हैं और स्वभाव में संवेदनशीलता बढ़ जाती है? हमारे शरीर का यह रिमोट कंट्रोल किसके हाथ में है? वे कौन-से रासायनिक संदेशवाहक (हॉर्मोन्स) हैं जो हमें बालक से वयस्क बनाते हैं? आइए, अपने ही शरीर के इस अद्भुत परिवर्तन की वैज्ञानिक यात्रा को समझें!

Why This Chapter Matters

किशोरावस्था मानव विकास की सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण अवस्था है। इस दौरान शरीर और मन में होने वाले परिवर्तनों के प्रति वैज्ञानिक समझ न होने से किशोर भ्रांतियों, तनाव और अनुचित आदतों के शिकार हो जाते हैं। यह अध्याय विद्यार्थियों को व्यक्तिगत स्वच्छता, पोषक आहार (आयरन व कैल्शियम), लिंग निर्धारण के वैज्ञानिक सत्य (माँ पर मिथ्या दोषारोपण की समाप्ति) और ड्रग्स/एचआईवी से सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाकर एक स्वस्थ व सशक्त नागरिक बनाता है।

Before You Begin (Prerequisites)

  • मानव शरीर की विभिन्न क्रियाओं का नियंत्रण तंत्रिका तंत्र और रासायनिक पदार्थों द्वारा होता है।
  • लैंगिक जनन में नर और मादा जननांगों की परिपक्वता आवश्यक होती है।
  • संतुलित आहार में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन और खनिज लवण उचित अनुपात में होने चाहिए।
  • कोशिका के केंद्रक में आनुवंशिक गुणों को ले जाने वाले गुणसूत्र (Chromosomes) उपस्थित होते हैं।

What You Will Learn (Core Objectives)

  • किशोरावस्था (Adolescence) और यौवनारंभ (Puberty) की परिभाषा व मुख्य शारीरिक परिवर्तनों को सूचीबद्ध कर सकेंगे।
  • गौण लैंगिक लक्षणों और अंतःस्रावी ग्रंथियों (पीयूष, थायरॉइड, अग्न्याशय, एड्रिनल) के हॉर्मोन्स के कार्यों का विश्लेषण कर सकेंगे।
  • गुणसूत्रों (XX और XY) के आधार पर मनुष्य में संतति के लिंग निर्धारण की वैज्ञानिक प्रक्रिया का रेखाचित्र बना सकेंगे।
  • ऋतुस्राव चक्र, किशोरों के लिए संतुलित पोषण और नशीले पदार्थों (Drugs) के दुष्प्रभावों के प्रति स्वस्थ दृष्टिकोण अपना सकेंगे।

Chapter Roadmap & Progression

1 1. किशोरावस्था, यौवनारंभ एवं शारीरि...
2 2. गौण लैंगिक लक्षण एवं अंतःस्रावी...
3 3. संतति का लिंग निर्धारण (Sex Dete...
4 4. ऋतुस्राव चक्र, प्रजनन स्वास्थ्य...

Complete Concept Guide (100% Curriculum Coverage)

1. किशोरावस्था, यौवनारंभ एवं शारीरिक परिवर्तन

जीवन काल की वह अवधि जब शरीर में ऐसे परिवर्तन होते हैं जिसके परिणामस्वरूप जनन परिपक्वता आती है, किशोरावस्था (Adolescence) कहलाती है। यह लगभग 11 वर्ष की आयु से प्रारंभ होकर 18 या 19 वर्ष की आयु तक रहती है। किशोरों को टीनेजर्स (Teens) भी कहा जाता है। किशोरावस्था के दौरान होने वाले परिवर्तनों की शुरुआत को यौवनारंभ (Puberty) कहते हैं:

  • 1. लंबाई में तीव्र वृद्धि: हाथ और पैरों की लंबी अस्थियों (हड्डियों) की लंबाई तेजी से बढ़ती है। 18 वर्ष की आयु तक व्यक्ति अपनी अधिकतम संभावित लंबाई प्राप्त कर लेता है।
  • 2. शारीरिक आकृति में परिवर्तन: लड़कों के कंधे चौड़े और सीना विस्तृत हो जाता है, जबकि लड़कियों में कमर का निचला भाग (कूल्हे) चौड़ा हो जाता है।
  • 3. स्वर में परिवर्तन (एडम्स ऐपल): लड़कों का स्वरयंत्र (Larynx) बड़ा होकर गले के सामने उभरे हुए भाग के रूप में दिखाई देने लगता है, जिसे एडम्स ऐपल (कंठमणी) कहते हैं। इससे लड़कों की आवाज भारी और गहरी हो जाती है, जबकि लड़कियों का स्वरयंत्र छोटा रहता है और उनकी आवाज उच्च तारत्व (High pitch) वाली व महीन होती है।
  • 4. स्वेद एवं तैल ग्रंथियों की सक्रियता: पसीने और तेल (सिबेसियस) ग्रंथियों का स्राव बढ़ जाता है, जिससे कई किशोरों के चेहरे पर कील-मुंहासे (Acne/Pimples) निकल आते हैं।
  • 5. मानसिक एवं बौद्धिक परिपक्वता: सोचने की क्षमता में तीव्र विकास होता है और किशोर अधिक स्वतंत्र व आत्म-सचेत हो जाते हैं।

2. गौण लैंगिक लक्षण एवं अंतःस्रावी ग्रंथियाँ (हॉर्मोन्स)

वे लक्षण जो लड़कों को लड़कियों से बाह्य रूप से पहचानने में सहायता करते हैं, गौण लैंगिक लक्षण (Secondary Sexual Characters) कहलाते हैं; जैसे—लड़कों में दाढ़ी-मूँछ का आना, सीने पर बाल, और लड़कियों में स्तनों का विकास। ये परिवर्तन हॉर्मोन्स (Hormones) द्वारा नियंत्रित होते हैं:

अंतःस्रावी ग्रंथि स्रावित मुख्य हॉर्मोन शरीर में मुख्य कार्य एवं प्रभाव कमी से होने वाला रोग
पीयूष ग्रंथि (Pituitary) वृद्धि हॉर्मोन (Growth Hormone) मास्टर ग्रंथि; शरीर की सामान्य वृद्धि और अन्य ग्रंथियों को हॉर्मोन स्राव का आदेश देती है। बौनापन (Dwarfism) या अतिविशालकायता।
थायरॉइड ग्रंथि (Thyroid) थायरॉक्सिन (Thyroxine) उपापचय (Metabolism) और वृद्धि का नियमन। इसके निर्माण हेतु आयोडीन अनिवार्य है। घेंघा रोग (Goitre - गले का फूलना)।
अग्न्याशय (Pancreas) इंसुलिन (Insulin) रक्त में शर्करा (ग्लूकोज) के स्तर का नियंत्रण करना। मधुमेह (Diabetes / शुगर)।
एड्रिनल ग्रंथि (Adrenal) एड्रीनेलिन (Adrenaline) आपातकालीन हॉर्मोन; गुस्सा, भय, चिंता व तनाव के समय हृदय गति व रक्तचाप संतुलित रखना। तनाव असंतुलन।
वृषण (Testes - नर) टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) नर गौण लैंगिक लक्षणों का विकास एवं शुक्राणु उत्पादन। प्रजनन अपरिपक्वता।
अंडाशय (Ovary - मादा) एस्ट्रोजन (Estrogen) मादा गौण लैंगिक लक्षणों का विकास एवं मासिक चक्र नियमन। प्रजनन चक्र असंतुलन।

3. संतति का लिंग निर्धारण (Sex Determination)

मनुष्य की प्रत्येक कोशिका के केंद्रक में 23 जोड़े (कुल 46) गुणसूत्र (Chromosomes) होते हैं। इनमें से 22 जोड़े कायिक गुणसूत्र होते हैं और 1 जोड़ा लिंग गुणसूत्र (Sex Chromosomes) होता है:

  • स्त्री में लिंग गुणसूत्र: मादा में दो समान XX गुणसूत्र होते हैं। अतः सभी अंडाणुओं में केवल एक ही प्रकार का X गुणसूत्र होता है।
  • पुरुष में लिंग गुणसूत्र: नर में दो भिन्न XY गुणसूत्र होते हैं। अतः आधे शुक्राणुओं में X गुणसूत्र और आधे शुक्राणुओं में Y गुणसूत्र होता है।
  • लिंग निर्धारण का वैज्ञानिक नियम:

    1. यदि X गुणसूत्र वाला शुक्राणु अंडाणु (X) को निषेचित करता है, तो युग्मनज में XX होगा और उत्पन्न होने वाली संतति लड़की (कन्या) होगी।
    2. यदि Y गुणसूत्र वाला शुक्राणु अंडाणु (X) को निषेचित करता है, तो युग्मनज में XY होगा और उत्पन्न होने वाली संतति लड़का (पुत्र) होगा।

सामाजिक कुरीति पर वैज्ञानिक प्रहार:

स्पष्ट है कि बच्चे का लिंग पिता के शुक्राणु (X या Y) पर निर्भर करता है, न कि माता पर। अतः कन्या के जन्म के लिए महिला को दोष देना पूर्णतः अज्ञानता, अवैज्ञानिक और घोर अन्यायपूर्ण सामाजिक बुराई है।

4. ऋतुस्राव चक्र, प्रजनन स्वास्थ्य एवं नशीली दवाओं से बचाव

स्वस्थ किशोरावस्था के लिए शारीरिक व मानसिक स्वच्छता अपरिहार्य है:

  • ऋतुस्राव / माहवारी (Menstruation): यौवनारंभ के बाद स्त्रियों में प्रतिमाह एक अंडाणु परिपक्व होकर अंडाशय से निकलता है। इसी समय गर्भाशय की दीवार मोटी व स्पंजी हो जाती है ताकि निषेचित अंडे को ग्रहण कर सके। यदि निषेचन नहीं होता, तो अंडाणु तथा गर्भाशय की मोटी परत रक्त व श्लेष्मा के रूप में योनि मार्ग से बाहर बह जाती है। इसे ऋतुस्राव या मासिक धर्म कहते हैं। यह चक्र लगभग 28 से 30 दिनों में दोहराया जाता है।

    • प्रथम ऋतुस्राव को रजोदर्शन (Menarche) कहते हैं (11-13 वर्ष की आयु में)।
    • लगभग 45 से 50 वर्ष की आयु में ऋतुस्राव स्थायी रूप से बंद हो जाता है, जिसे रजोनिवृत्ति (Menopause) कहते हैं।

  • किशोरों के लिए संतुलित आहार: तीव्र वृद्धि के कारण किशोरों को प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, कैल्शियम (हड्डियों के लिए) और आयरन/लोहा (रक्त निर्माण हेतु) प्रचुर मात्रा में लेना चाहिए (जैसे हरी पत्तेदार सब्जियाँ, गुड़, संतरा, दूध, दालें)। चिप्स और जंक फूड केवल स्वाद देते हैं, पोषण नहीं।
  • नशीली दवाओं (Drugs) को स्पष्ट ना कहें: किशोरावस्था असुरक्षा और प्रयोग की उम्र होती है, लेकिन कभी भी जिज्ञासा या दबाव में ड्रग्स नहीं लेना चाहिए। ड्रग्स न केवल मस्तिष्क व शरीर को खोखला कर देती हैं, बल्कि सुईयों के साझा उपयोग से घातक AIDS (एड्स - HIV वायरस जनित) का संक्रमण हो सकता है, जिसका कोई इलाज नहीं है।

Key Formulas, Reactions & Definitions

मानव गुणसूत्र सूत्र
46 गुणसूत्र = 44 कायिक गुणसूत्र (Autosomes) + 2 लिंग गुणसूत्र (XX या XY)
मादा: 44 + XX | नर: 44 + XY।
लिंग निर्धारण समीकरण
अंडाणु (X) + शुक्राणु (X) = XX (कन्या) | अंडाणु (X) + शुक्राणु (Y) = XY (पुत्र)
पुत्र या पुत्री होने की प्रायिकता सदैव 50% : 50% होती है।
थायरॉक्सिन संश्लेषण शर्त
थायरॉयड ग्रंथि + आहार में आयोडीन (Iodised Salt) = थायरॉक्सिन हॉर्मोन
आयोडीन की कमी से घेंघा (Goitre) रोग होता है।
मासिक चक्र की समय-सीमा
ऋतुस्राव अवधि: 3-5 दिन • कुल चक्र अंतराल: 28-30 दिन
रजोदर्शन (11-13 वर्ष) से रजोनिवृत्ति (45-50 वर्ष) तक।
किशोर स्वास्थ्य त्रिकोण
संतुलित आहार (आयरन/कैल्शियम) + व्यक्तिगत स्वच्छता + शारीरिक व्यायाम
पूर्ण शारीरिक, मानसिक व सामाजिक आरोग्यता का आधार।

Conceptual Solved Examples & Case Studies

Example 1
प्रश्न 1: एडम्स ऐपल (कंठमणी) क्या है और यह लड़कियों की अपेक्षा लड़कों में ही बाहर क्यों उभरा दिखाई देता है?
Step-by-Step Solution:
उत्तर: यौवनारंभ के समय लड़कों में स्वरयंत्र (Larynx / Voice box) का आकार लड़कियों की तुलना में बहुत बड़ा हो जाता है। यह बढ़ा हुआ स्वरयंत्र लड़कों के गले के सामने एक स्पष्ट उभार के रूप में बाहर दिखाई देने लगता है, जिसे एडम्स ऐपल (कंठमणी) कहते हैं। लड़कियों में स्वरयंत्र का आकार छोटा होने के कारण यह बाहर से दिखाई नहीं देता।
Example 2
प्रश्न 2: आनुवंशिक रूप से समझाइए कि किसी नवजात शिशु का लिंग पिता के गुणसूत्रों पर किस प्रकार निर्भर करता है।
Step-by-Step Solution:
उत्तर: माता के पास केवल दो समान लिंग गुणसूत्र (XX) होते हैं, अतः सभी अंडाणुओं में केवल "X" गुणसूत्र ही होता है। परंतु पिता के पास दो भिन्न लिंग गुणसूत्र (XY) होते हैं, जिससे 50% शुक्राणुओं में "X" और 50% शुक्राणुओं में "Y" गुणसूत्र होता है।\n• जब X-युक्त शुक्राणु अंडाणु से मिलता है, तो XX युग्मनज बनकर "लड़की" पैदा होती है।\n• जब Y-युक्त शुक्राणु अंडाणु से मिलता है, तो XY युग्मनज बनकर "लड़का" पैदा होता है।\nअतः शिशु का लिंग पूर्णतः पिता के शुक्राणु पर निर्भर करता है, माता पर नहीं।
Example 3
प्रश्न 3: पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland) को "मास्टर ग्रंथि" क्यों कहा जाता है?
Step-by-Step Solution:
उत्तर: पीयूष ग्रंथि मस्तिष्क के आधार में स्थित एक अत्यंत छोटी ग्रंथि है। इसे मास्टर ग्रंथि इसलिए कहते हैं क्योंकि यह वृद्धि हॉर्मोन स्रावित करने के साथ-साथ शरीर की अन्य सभी प्रमुख अंतःस्रावी ग्रंथियों (जैसे थायरॉइड, एड्रिनल, वृषण और अंडाशय) को अपने हॉर्मोन स्रावित करने के लिए निर्देशित और नियंत्रित करती है।
Example 4
प्रश्न 4: रजोदर्शन (Menarche) और रजोनिवृत्ति (Menopause) में क्या अंतर है?
Step-by-Step Solution:
उत्तर:\n• रजोदर्शन (Menarche): यौवनारंभ (11-13 वर्ष की आयु) में किसी किशोरी के जीवन में प्रारंभ होने वाले प्रथम मासिक धर्म (ऋतुस्राव) को रजोदर्शन कहते हैं। यह प्रजनन क्षमता के प्रारंभ का संकेत है।\n• रजोनिवृत्ति (Menopause): लगभग 45 से 50 वर्ष की आयु में जब मासिक धर्म चक्र स्थायी रूप से बंद हो जाता है, तो इस अवस्था को रजोनिवृत्ति कहते हैं। यह महिला की प्रजनन अवधि की समाप्ति का सूचक है।
Example 5
प्रश्न 5: किशोरों के लिए जंक फूड (पिज्जा, बर्गर, चिप्स) की जगह संतुलित आहार (दालें, हरी सब्जियाँ, दूध) क्यों आवश्यक है?
Step-by-Step Solution:
उत्तर: किशोरावस्था तीव्र शारीरिक वृद्धि, मांसपेशियों के विकास, हड्डियों की मजबूती और नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण का काल है। जंक फूड में अत्यधिक वसा और चीनी होती है, परंतु प्रोटीन, विटामिन, आयरन और कैल्शियम जैसे आवश्यक पोषक तत्व नहीं होते। हरी पत्तेदार सब्जियों और गुड़ से मिलने वाला आयरन रक्त (हीमोग्लोबिन) बढ़ाता है तथा दूध का कैल्शियम हड्डियों को मजबूत करता है। अतः संपूर्ण शारीरिक व मानसिक विकास के लिए संतुलित आहार अनिवार्य है।

Common Misconceptions & Examiner Traps

Common Misconception

लड़की पैदा होने के लिए माँ को जिम्मेदार ठहराना।

Scientific Reality & Correction

लिंग निर्धारण पूरी तरह पिता के शुक्राणु (X या Y) पर निर्भर करता है; माँ के पास केवल X गुणसूत्र होता है।

Common Misconception

किशोरावस्था में चेहरे के मुंहासों को किसी भयानक बीमारी का लक्षण मानना।

Scientific Reality & Correction

मुंहासे किशोरावस्था में स्वेद और तैल ग्रंथियों के अत्यधिक सक्रिय होने के कारण होते हैं; यह एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है।

Common Misconception

माहवारी (ऋतुस्राव) के दिनों में रसोई या अन्य दैनिक कार्यों से अछूत मानना।

Scientific Reality & Correction

मासिक धर्म एक स्वाभाविक, स्वस्थ जैविक प्रक्रिया है; इसे अशुद्ध मानना अवैज्ञानिक रूढ़िवादिता है।

Visual Learning & Conceptual Map

संतति का लिंग निर्धारण (SEX DETERMINATION) पिता (Father) XY माता (Mother) XX X Y X X XX (50%) लड़की (Female) XY (50%) लड़का (Male) शिशु का लिंग पिता के शुक्राणु (X/Y) पर निर्भर माँ पर दोषारोपण पूर्णतः अवैज्ञानिक है प्रमुख अंतःस्रावी ग्रंथियाँ (ENDOCRINE GLANDS) पीयूष ग्रंथि (Pituitary) वृद्धि हॉर्मोन / मास्टर ग्रंथि थायरॉइड ग्रंथि (गला) थायरॉक्सिन (आयोडीन / घेंघा) एड्रिनल ग्रंथि एड्रीनेलिन (तनाव / गुस्सा नियंत्रण) अग्न्याशय (Pancreas) इंसुलिन (शुगर / मधुमेह नियंत्रण) जनन ग्रंथियाँ (वृषण व अंडाशय) टेस्टोस्टेरोन (नर) एवं एस्ट्रोजन (मादा) अध्याय 7: किशोरावस्था की ओर (ADOLESCENCE) संतुलित आहार (आयरन व कैल्शियम) • व्यक्तिगत स्वच्छता • नशीली दवाओं (Drugs/AIDS) को ना कहें

Chapter Summary & 10 Key Takeaways

Takeaway 1
  1. किशोरावस्था (11 से 18-19 वर्ष) वह अवस्था है जिसमें जनन परिपक्वता और तीव्र शारीरिक वृद्धि होती है।
Takeaway 2
  1. लड़कों में स्वरयंत्र बड़ा होकर गले में उभर जाता है जिसे एडम्स ऐपल (कंठमणी) कहते हैं, जिससे आवाज भारी हो जाती है।
Takeaway 3
  1. दाढ़ी-मूँछ और स्तनों का विकास गौण लैंगिक लक्षण हैं जो हॉर्मोन्स (टेस्टोस्टेरोन व एस्ट्रोजन) द्वारा नियंत्रित होते हैं।
Takeaway 4
  1. पीयूष ग्रंथि (Pituitary) को मास्टर ग्रंथि कहते हैं जो अन्य ग्रंथियों को हॉर्मोन स्राव का निर्देश देती है।
Takeaway 5
  1. थायरॉक्सिन हॉर्मोन की कमी से घेंघा (Goitre) और इंसुलिन की कमी से मधुमेह (Diabetes) रोग होता है।
Takeaway 6
  1. एड्रीनेलिन हॉर्मोन क्रोध, भय और आपातकालीन तनाव के समय शरीर को संतुलित करता है।
Takeaway 7
  1. मनुष्य में 23 जोड़े गुणसूत्र होते हैं; नर में XY और मादा में XX लिंग गुणसूत्र होते हैं।
Takeaway 8
  1. संतति का लिंग पिता के शुक्राणु (X या Y) पर निर्भर करता है, अतः कन्या जन्म के लिए माँ को दोष देना अनुचित है।
Takeaway 9
  1. प्रथम ऋतुस्राव को रजोदर्शन (Menarche) तथा इसके स्थायी बंद होने को रजोनिवृत्ति (Menopause) कहते हैं।
Takeaway 10
  1. किशोरों को संतुलित आहार (आयरन व कैल्शियम) लेना चाहिए और नशीली दवाओं (ड्रग्स/HIV संक्रमण) से दूर रहना चाहिए।

Check Your Understanding (Diagnostic Practice Questions)

Diagnostic questions testing core conceptual clarity. Answers are hidden initially — solve each problem first, then click to reveal the step-by-step verified solution.

1
एडम्स ऐपल (कंठमणी) किसे कहते हैं?
Reveal Answer & Explanation
Answer: यौवनारंभ के समय लड़कों के गले में उभरे हुए बड़े स्वरयंत्र (Larynx) को एडम्स ऐपल कहते हैं।
इसके कारण लड़कों की आवाज गहरी और भारी हो जाती है।
2
इंसुलिन हॉर्मोन किस ग्रंथि द्वारा स्रावित होता है और इसकी कमी से कौन-सा रोग होता है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: इंसुलिन अग्न्याशय (Pancreas) द्वारा स्रावित होता है; इसकी कमी से मधुमेह (Diabetes) रोग होता है।
इंसुलिन रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है।
3
मनुष्य में कितने जोड़े गुणसूत्र होते हैं और लिंग गुणसूत्र कौन-से हैं?
Reveal Answer & Explanation
Answer: कुल 23 जोड़े (46) गुणसूत्र होते हैं; स्त्री में XX और पुरुष में XY लिंग गुणसूत्र होते हैं।
22 जोड़े कायिक और 1 जोड़ा लिंग निर्धारण करने वाले गुणसूत्र होते हैं।
4
थायरॉइड ग्रंथि के सुचारू कार्य के लिए भोजन में किस खनिज तत्व की उपस्थिति अनिवार्य है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: आयोडीन (Iodine)।
आयोडीन की कमी से थायरॉक्सिन नहीं बन पाता और गला फूलकर घेंघा (Goitre) रोग हो जाता है।
5
किशोरावस्था में संतुलित आहार में लोहे (आयरन) की प्रचुरता क्यों आवश्यक है?
Reveal Answer & Explanation
Answer: क्योंकि आयरन रक्त में हीमोग्लोबिन के निर्माण के लिए आवश्यक है, जिससे किशोरों में रक्ताल्पता (एनीमिया) नहीं होती।
हरी पत्तेदार सब्जियाँ, गुड़ और दालें प्रचुर मात्रा में आयरन प्रदान करती हैं।
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