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झारखण्ड बोर्ड (JAC) • कक्षा 8 • Science • अध्याय 4
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

दहन और ज्वाला (Combustion and Flame)

झारखण्ड शैक्षणिक परिषद् (JAC) एवं NCERT कक्षा 8 विज्ञान का चतुर्थ अध्याय "दहन और ज्वाला" (Combustion and Flame) रासायनिक ऊर्जा के ऊष्मा व प्रकाश में रूपांतरण का आधारभूत पाठ है। इस अध्याय में दहन की वैज्ञानिक परिभाषा, दाह्य व अदाह्य पदार्थ, दहन की तीन अनिवार्य पूर्व-शर्तें (ईंधन, वायु/ऑक्सीजन, ज्वलन ताप), अग्निशामक विधियाँ (जल व CO2), दहन के प्रकार (तीव्र, स्वतः व विस्फोट), मोमबत्ती की ज्वाला की त्रि-क्षेत्रीय संरचना (सबसे गर्म अदीप्त क्षेत्र, मध्यम दीप्त क्षेत्र, आंतरिक सबसे कम गर्म क्षेत्र), ईंधनों की दक्षता (कैलोरी मान) तथा ईंधन दहन से पर्यावरण को होने वाली गंभीर हानियों (अम्ल वर्षा, ग्लोबल वार्मिंग) का सप्रमाण वैज्ञानिक अध्ययन किया गया है।

🔥 आग का रहस्य: माचिस की तीली से लेकर अंतरिक्ष रॉकेट तक!

क्या आपने कभी गौर किया है कि एक जलती हुई मोमबत्ती सुंदर पीली-नीली ज्वाला देती है, लेकिन कोयला केवल लाल अंगारे की तरह दहकता है और कोई ज्वाला नहीं बनाता? पानी डालने पर साधारण आग क्यों बुझ जाती है, परंतु पेट्रोल या बिजली की आग पर पानी फेंकना जानलेवा क्यों साबित हो सकता है? आग का आविष्कार मानव इतिहास की सबसे महान क्रांति थी। आइए, दहन और ज्वाला के छिपे रासायनिक रहस्यों को विस्तार से समझें!

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

दहन का ज्ञान दैनिक जीवन में रसोई गैस जलाने से लेकर कारखानों, थर्मल पावर प्लांटों और अंतरिक्ष यानों के इंजनों तक सर्वत्र प्रयुक्त होता है। साथ ही, आग से सुरक्षा, अग्निशामक यंत्रों का सही चयन, ईंधन की बचत और वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए दहन की भौतिकी व रसायन विज्ञान को समझना हर जागरूक नागरिक व विद्यार्थी के लिए अनिवार्य है।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • रासायनिक परिवर्तन में नए गुणधर्मों वाले पदार्थों का निर्माण होता है।
  • वायु में उपस्थित ऑक्सीजन गैस (21%) श्वसन और जलने में सहायक होती है।
  • तापमान किसी वस्तु के गर्म होने का पैमाना है और ऊष्मा ऊर्जा का एक रूप है।
  • पदार्थों का वाष्पीकरण होने पर ही वे ज्वाला के रूप में जलते हैं।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • दहन (Combustion) की रासायनिक परिभाषा और दहन की तीनों अनिवार्य शर्तों का निरूपण कर सकेंगे।
  • ज्वलन ताप (Ignition Temperature) और ज्वलनशील पदार्थों (Inflammable substances) की अवधारणा स्पष्ट कर सकेंगे।
  • मोमबत्ती की ज्वाला के तीनों क्षेत्रों (बाह्य अदीप्त, मध्य दीप्त, आंतरिक अदीप्त) का नामांकित चित्र सहित वर्णन कर सकेंगे।
  • कैलोरी मान (Calorific Value) के आधार पर आदर्श ईंधन के गुणों और ईंधन दहन के हानिकारक प्रभावों का मूल्यांकन कर सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. दहन की अवधारणा, दाह्य पदार्थ एवं...
2 2. आग पर नियंत्रण एवं अग्निशामक प्र...
3 3. दहन के प्रकार एवं ज्वाला की संरच...
4 4. ईंधन दक्षता, ऊष्मीय मान एवं पर्य...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. दहन की अवधारणा, दाह्य पदार्थ एवं अनिवार्य शर्तें

वह रासायनिक प्रक्रम जिसमें कोई पदार्थ वायु में उपस्थित ऑक्सीजन से अभिक्रिया कर ऊष्मा और प्रकाश देता है, दहन (Combustion) कहलाता है। जिस पदार्थ का दहन होता है, उसे दाह्य (Combustible) या ईंधन (Fuel) कहते हैं:

  • दाह्य पदार्थ: लकड़ी, कोयला, पेट्रोल, मिट्टी का तेल, एलपीजी, मोमबत्ती, कागज, मैग्नीशियम रिबन।
  • अदाह्य पदार्थ: पत्थर, काँच, लोहे की कीलें, मिट्टी, कंक्रीट (जो सामान्य परिस्थितियों में नहीं जलते)।

दहन के लिए आवश्यक तीन अनिवार्य शर्तें (Fire Triangle):

  1. ईंधन (Fuel / Combustible Substance): जलने वाला पदार्थ उपस्थित होना चाहिए।
  2. ऑक्सीजन / वायु (Supporter of Combustion): दहन के लिए ऑक्सीजन आवश्यक है (काँच के गिलास से ढकी मोमबत्ती बुझ जाती है)।
  3. ज्वलन ताप (Ignition Temperature): वह न्यूनतम तापमान जिस पर कोई पदार्थ जलना प्रारंभ करता है, उसका ज्वलन ताप कहलाता है। जब तक किसी पदार्थ का तापमान उसके ज्वलन ताप से कम रहता है, वह कभी आग नहीं पकड़ सकता।

ज्वलनशील पदार्थ (Inflammable Substances): जिन पदार्थों का ज्वलन ताप बहुत कम होता है और जो ज्वाला के साथ सरलतापूर्वक आग पकड़ लेते हैं, ज्वलनशील पदार्थ कहलाते हैं; जैसे—पेट्रोल, अल्कोहल, एलपीजी, सीएनजी।

2. आग पर नियंत्रण एवं अग्निशामक प्रणालियाँ

आग बुझाने का मूल वैज्ञानिक सिद्धांत दहन की तीन अनिवार्य शर्तों में से किसी एक या अधिक को समाप्त करना है:

  • 1. जल द्वारा नियंत्रण (Water Fire Extinguisher): जल ज्वलनशील पदार्थ के तापमान को उसके ज्वलन ताप से नीचे ले आता है। साथ ही, जलवाष्प ज्वलनशील पदार्थ को घेरकर वायु की ऑक्सीजन की आपूर्ति काट देती है।

    चेतावनी: विद्युत उपकरणों की आग पर जल नहीं फेंकना चाहिए क्योंकि साधारण जल विद्युत का सुचालक है और करंट लग सकता है। पेट्रोल व तेल की आग पर भी जल व्यर्थ है क्योंकि तेल जल से हल्का होकर पानी के ऊपर तैरते हुए जलता रहता है।

  • 2. कार्बन डाइऑक्साइड अग्निशामक (CO2 Extinguisher): विद्युत उपकरणों और पेट्रोल जैसे ज्वलनशील पदार्थों की आग के लिए CO2 सबसे उत्तम अग्निशामक है। ऑक्सीजन से भारी होने के कारण CO2 आग को कंबल की तरह ढक लेती है, जिससे ईंधन और ऑक्सीजन का संपर्क टूट जाता है। इसके अलावा, सिलेंडर से छोड़े जाने पर यह अत्यधिक ठंडी होकर ईंधन के तापमान को भी घटा देती है।
  • 3. शुष्क चूर्ण (Dry Powder): बेकिंग सोडा (सोडियम बाइकार्बोनेट) या पोटेशियम बाइकार्बोनेट का सूखा पाउडर आग पर छिड़कने से गर्मी पाकर CO2 गैस निकलती है जो आग बुझा देती है।

3. दहन के प्रकार एवं ज्वाला की संरचना

दहन की दर और प्रकृति के आधार पर इसके तीन मुख्य प्रकार हैं:

  • तीव्र दहन (Rapid Combustion): जब कोई पदार्थ तेजी से जलकर कम समय में अत्यधिक ऊष्मा व प्रकाश देता है; जैसे—गैस स्टोव के बर्नर का जलना।
  • स्वतः दहन (Spontaneous Combustion): ऐसा दहन जिसमें पदार्थ बिना किसी प्रत्यक्ष कारण के अचानक लपटों के साथ जल उठता है; जैसे—फास्फोरस का कमरे के ताप पर स्वतः जलना अथवा कोयले की खानों में कोयले की धूल का भड़कना।
  • विस्फोट (Explosion): एक आकस्मिक तीव्र अभिक्रिया जिसमें अत्यधिक ऊष्मा, प्रकाश, विशाल ध्वनि और बड़ी मात्रा में गैसें निकलती हैं; जैसे—पटाखों और बारूद का फूटना।

ज्वाला की संरचना (Structure of a Flame):

जो पदार्थ जलते समय वाष्प में परिवर्तित होते हैं, वे ज्वाला (Flame) उत्पन्न करते हैं (जैसे मोम, मिट्टी का तेल)। कोयला वाष्पीकृत नहीं होता, अतः ज्वाला नहीं बनाता। मोमबत्ती की ज्वाला के तीन स्पष्ट क्षेत्र होते हैं:

ज्वाला का क्षेत्र रंग एवं प्रकृति दहन का स्तर तापमान एवं महत्व
1. बाह्य क्षेत्र (Outer Zone) नीला (अदीप्त / Non-luminous) पूर्ण दहन (ऑक्सीजन की भरपूर आपूर्ति) सर्वाधिक गर्म क्षेत्र। सुनार सोने व चाँदी को पिघलाने के लिए फूँकनी से इसी क्षेत्र को फूँकते हैं।
2. मध्य क्षेत्र (Middle Zone) पीला (दीप्त / Luminous) अपूर्ण / आंशिक दहन (सीमित ऑक्सीजन) मध्यम गर्म क्षेत्र। इसमें बिना जले कार्बन कण चमकते हैं, जो कालिख (Soot) छोड़ते हैं।
3. आंतरिक क्षेत्र (Innermost Zone) काला (Dark Zone) बिना जली मोम की वाष्प (शून्य दहन) सबसे कम गर्म क्षेत्र। यह बत्ती के ठीक चारों ओर होता है।

4. ईंधन दक्षता, ऊष्मीय मान एवं पर्यावरणीय दुष्प्रभाव

किसी ईंधन के 1 किलोग्राम के पूर्ण दहन से उत्पन्न ऊष्मा ऊर्जा की मात्रा (किलोजूल में) उसका ऊष्मीय मान (Calorific Value) कहलाती है। इसका मात्रक किलोजूल प्रति किलोग्राम (kJ/kg) है:

ईंधन (Fuel) ऊष्मीय मान (kJ/kg) ईंधन (Fuel) ऊष्मीय मान (kJ/kg)
गोबर के उपले 6,000 – 8,000 सीएनजी / मीथेन 50,000
लकड़ी 17,000 – 22,000 एलपीजी (LPG) 55,000
कोयला 25,000 – 33,000 बायोगैस 35,000 – 40,000
पेट्रोल / डीजल 45,000 हाइड्रोजन गैस 1,50,000 (सर्वाधिक)

आदर्श ईंधन के लक्षण:

एक आदर्श ईंधन वह है जो सहज सुलभ हो, सस्ता हो, मध्यम दर से सुगमतापूर्वक जलता हो, जिसका कैलोरी मान उच्च हो, जलने के बाद कोई हानिकारक अवशिष्ट न छोड़ता हो और पर्यावरण को प्रदूषित न करे।

ईंधन दहन से होने वाली गंभीर हानियाँ:

  • अपूर्ण दहन से कार्बन मोनोऑक्साइड (CO): ऑक्सीजन की कमी में जलने पर अत्यंत जहरीली CO गैस बनती है जो हीमोग्लोबिन से जुड़कर दम घोंट देती है।
  • कार्बन डाइऑक्साइड और ग्लोबल वार्मिंग: वायुमंडल में CO2 की बढ़ती सान्द्रता से पृथ्वी का औसत तापमान बढ़ रहा है, जिससे हिमनद पिघल रहे हैं।
  • सल्फर व नाइट्रोजन ऑक्साइड और अम्ल वर्षा (Acid Rain): वर्षा जल में घुलकर ये अम्ल बनाते हैं जो फसलों, भवनों (जैसे संगमरमर का ताजमहल) और मृदा को नष्ट करते हैं।

महत्वपूर्ण रासायनिक सूत्र, अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

दहन का रासायनिक सूत्र
ईंधन (Fuel) + O2 (ऑक्सीजन) → CO2 + H2O + ऊष्मा + प्रकाश
ऊष्माक्षेपी (Exothermic) रासायनिक प्रक्रम।
ऊष्मीय मान (Calorific Value) सूत्र
कैलोरी मान = उत्पन्न कुल ऊष्मा (kJ) ÷ ईंधन का द्रव्यमान (kg)
इकाई: kJ/kg (किलोजूल प्रति किलोग्राम)।
हाइड्रोजन का कैलोरी रिकॉर्ड
1,50,000 kJ/kg (सभी ईंधनों में सर्वोच्च ऊष्मीय मान)
उच्च ज्वलनशीलता के कारण रॉकेट ईंधन के रूप में प्रयुक्त।
अग्नि त्रिकोण (Fire Triangle)
आग = ईंधन + वायु (O2) + ज्वलन ताप (तीनों अनिवार्य)
किसी एक को भी समाप्त करने से आग तत्काल बुझ जाती है।
अम्ल वर्षा प्रभाव (संगमरमर कैंसर)
CaCO3 (संगमरमर) + H2SO4 (अम्ल वर्षा) → CaSO4 + H2O + CO2
स्मारकों के क्षरण का रासायनिक कारण।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
प्रश्न 1: दहन के लिए आवश्यक तीन परिस्थितियाँ कौन-सी हैं? स्पष्ट कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर: दहन के लिए निम्नलिखित तीन परिस्थितियाँ अनिवार्य हैं:\n1. दाह्य पदार्थ (ईंधन): जलने योग्य पदार्थ का उपस्थित होना।\n2. ऑक्सीजन (वायु): दहन में सहायता करने वाली वायु/ऑक्सीजन की निरंतर आपूर्ति।\n3. ज्वलन ताप: पदार्थ को उसके न्यूनतम ज्वलन ताप तक गर्म करना, जिसके बिना कोई भी वस्तु आग नहीं पकड़ सकती।
उदाहरण 2
प्रश्न 2: विद्युत उपकरणों और पेट्रोल में लगी आग को बुझाने के लिए पानी का उपयोग क्यों नहीं किया जाता? इसके स्थान पर किसका उपयोग सर्वोत्तम है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:\n1. विद्युत उपकरणों पर पानी फेंकने पर करंट लगने का जानलेवा खतरा होता है क्योंकि साधारण जल विद्युत का चालक है।\n2. पेट्रोल पानी से हल्का होता है, अतः पानी डालने पर पेट्रोल तैरकर ऊपर आ जाता है और जलता रहता है।\nसर्वोत्तम विकल्प: कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) अग्निशामक सर्वोत्तम है क्योंकि यह विद्युत का कुचालक है, ऑक्सीजन से भारी होने के कारण आग को कंबल की तरह ढक लेती है और उपकरण को क्षति भी नहीं पहुँचाती।
उदाहरण 3
प्रश्न 3: मोमबत्ती की ज्वाला का नामांकित चित्र बनाकर उसके सबसे गर्म और सबसे कम गर्म क्षेत्र का नाम लिखिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:\n• सबसे गर्म क्षेत्र: सबसे बाहरी क्षेत्र (नीला अदीप्त क्षेत्र), जहाँ ऑक्सीजन की प्रचुरता के कारण पूर्ण दहन होता है। सुनार धातु पिघलाने के लिए इसी क्षेत्र का प्रयोग करते हैं।\n• सबसे कम गर्म क्षेत्र: सबसे आंतरिक क्षेत्र (काला क्षेत्र), जो बत्ती के चारों ओर बिना जली मोम की वाष्प से घिरा होता है।
उदाहरण 4
प्रश्न 4: एक प्रयोग में 4.5 किलोग्राम ईंधन का पूर्ण दहन किया गया। इससे उत्पन्न ऊष्मा का माप 1,80,000 kJ था। ईंधन का ऊष्मीय मान (Calorific value) परिकलित कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:\nदिया गया है:\n• ईंधन का द्रव्यमान = 4.5 kg\n• उत्पन्न कुल ऊष्मा = 1,80,000 kJ\n\nसूत्र:\nऊष्मीय मान = कुल ऊष्मा ÷ द्रव्यमान\nऊष्मीय मान = 1,80,000 kJ ÷ 4.5 kg\nऊष्मीय मान = 40,000 kJ/kg\n\nअतः दिए गए ईंधन का ऊष्मीय मान 40,000 kJ/kg है (यह बायोगैस या डीजल के समकक्ष है)।
उदाहरण 5
प्रश्न 5: कागज के कप में पानी रखकर मोमबत्ती पर गर्म करने पर कागज क्यों नहीं जलता?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर: जब कागज के कप में पानी रखकर गर्म किया जाता है, तो मोमबत्ती द्वारा दी गई ऊष्मा चालन (Conduction) विधि द्वारा तुरंत कागज से पानी में स्थानांतरित हो जाती है। जल की उपस्थिति के कारण कागज का तापमान कभी भी उसके ज्वलन ताप (Ignition Temperature) तक नहीं पहुँच पाता, इसलिए कागज जले बिना पानी उबलने लगता है।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

ज्वाला के पीले (चमकीले) भाग को सबसे अधिक गर्म समझना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

पीला भाग मध्यम गर्म होता है (अपूर्ण दहन); सबसे अधिक गर्म भाग सबसे बाहरी अदृश्य/हल्का नीला भाग होता है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

कोयले के जलने पर ज्वाला बनने की कल्पना करना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

केवल वे पदार्थ ज्वाला बनाते हैं जो गर्म करने पर वाष्पीकृत होते हैं; कोयला वाष्प नहीं बनाता, अतः केवल लाल होकर दहकता है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

ज्वलन ताप को केवल किसी भी गर्म तापमान से जोड़ना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

ज्वलन ताप वह "न्यूनतम निश्चित ताप" है जिस पर कोई पदार्थ जलना प्रारंभ करता है; यह प्रत्येक पदार्थ का विशिष्ट भौतिक गुण है।

चित्रात्मक व्याख्या एवं मॉडल

1. बाह्य क्षेत्र (नीला / अदीप्त) • पूर्ण दहन (Complete Combustion) • सबसे गर्म भाग (सुनार द्वारा प्रयुक्त) अग्नि त्रिकोण (FIRE TRIANGLE) ऑक्सीजन (O2) ईंधन ज्वलन ताप 2. मध्य क्षेत्र (पीला / दीप्त) • अपूर्ण दहन (Partial Combustion) • मध्यम गर्म (चमकदार पीला प्रकाश) 3. आंतरिक क्षेत्र (काला / अदीप्त) • बिना जली मोम की वाष्प • सबसे कम गर्म भाग अध्याय 4: दहन और ज्वाला (COMBUSTION & FLAME) कैलोरी मान: हाइड्रोजन (1,50,000 kJ/kg) • CO2 अग्निशामक विद्युत आग के लिए सर्वोत्तम

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
  1. वह रासायनिक प्रक्रम जिसमें पदार्थ ऑक्सीजन से क्रिया कर ऊष्मा व प्रकाश देता है, दहन (Combustion) कहलाता है।
मुख्य बिंदु 2
  1. दहन की 3 अनिवार्य शर्तें हैं: दाह्य पदार्थ (ईंधन), वायु/ऑक्सीजन और न्यूनतम ज्वलन ताप।
मुख्य बिंदु 3
  1. वह न्यूनतम तापमान जिस पर कोई पदार्थ जलना शुरू करता है, उसका ज्वलन ताप (Ignition Temperature) कहलाता है।
मुख्य बिंदु 4
  1. जलने वाले पदार्थों में से जिनका ज्वलन ताप बहुत कम होता है, वे अत्यंत ज्वलनशील (Inflammable) कहलाते हैं (पेट्रोल, LPG)।
मुख्य बिंदु 5
  1. विद्युत या तेल की आग पर जल नहीं डालना चाहिए; CO2 अग्निशामक विद्युत व तेल की आग के लिए सर्वोत्तम है।
मुख्य बिंदु 6
  1. दहन के 3 प्रकार हैं: तीव्र दहन (गैस बर्नर), स्वतः दहन (सफेद फास्फोरस) और विस्फोट (पटाखे/बारूद)।
मुख्य बिंदु 7
  1. केवल वे पदार्थ ज्वाला बनाते हैं जो जलते समय वाष्पीकृत होते हैं (मोम, मिट्टी का तेल); कोयला ज्वाला नहीं बनाता।
मुख्य बिंदु 8
  1. ज्वाला के 3 क्षेत्र हैं: बाह्य नीला (पूर्ण दहन, सबसे गर्म), मध्य पीला (आंशिक दहन, मध्यम गर्म) और आंतरिक काला (सबसे कम गर्म)।
मुख्य बिंदु 9
  1. 1 किग्रा ईंधन के पूर्ण दहन से उत्पन्न ऊष्मा उसका ऊष्मीय मान (kJ/kg) कहलाती है; हाइड्रोजन का मान (1,50,000 kJ/kg) सर्वाधिक है।
मुख्य बिंदु 10
  1. ईंधनों के अपूर्ण दहन से विषैली CO गैस, अत्यधिक CO2 से ग्लोबल वार्मिंग तथा SO2/NO2 से अम्ल वर्षा होती है।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
काँच के गिलास से ढकी जलती हुई मोमबत्ती थोड़ी देर बाद क्यों बुझ जाती है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: क्योंकि गिलास के भीतर की सीमित ऑक्सीजन समाप्त हो जाती है और वायु की आपूर्ति कट जाती है।
दहन के लिए ऑक्सीजन अनिवार्य है; इसके अभाव में दहन प्रक्रिया जारी नहीं रह सकती।
2
सुनार सोने और चाँदी को पिघलाने के लिए ज्वाला के किस क्षेत्र का उपयोग करता है और क्यों?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: सबसे बाहरी अदीप्त (नीले) क्षेत्र का, क्योंकि यह पूर्ण दहन का क्षेत्र है और ज्वाला का सर्वाधिक गर्म भाग होता है।
यहाँ का तापमान धातुओं के गलनांक तक पहुँचने के लिए पर्याप्त ऊष्मा प्रदान करता है।
3
पेट्रोल में लगी आग को बुझाने के लिए पानी क्यों अनुपयुक्त है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: क्योंकि पेट्रोल पानी से हल्का होता है, अतः पानी डालने पर पेट्रोल ऊपर तैरता रहता है और आग जलती रहती है।
पानी डालने से आग बुझने के बजाय और फैल सकती है।
4
किसी बंद कमरे में जलती हुई अंगीठी रखकर सोना प्राणघातक क्यों हो सकता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: ऑक्सीजन की कमी के कारण कोयले का अपूर्ण दहन होता है जिससे अत्यधिक विषैली कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) गैस बनती है।
CO गैस सांस द्वारा फेफड़ों में पहुँचकर रक्त के हीमोग्लोबिन से जुड़ जाती है, जिससे दम घुटने से मृत्यु हो जाती है।
5
हाइड्रोजन का कैलोरी मान सर्वाधिक (1,50,000 kJ/kg) होने के बावजूद इसे घरेलू ईंधन के रूप में उपयोग क्यों नहीं किया जाता?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: क्योंकि यह अत्यंत विस्फोटक, अत्यधिक ज्वलनशील है और इसका सुरक्षित भंडारण व परिवहन अत्यंत कठिन व जोखिम भरा है।
जरा-सी चिंगारी से भयानक विस्फोट हो सकता है, इसलिए इसका उपयोग केवल नियंत्रित अंतरिक्ष रॉकेटों में होता है।
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