जब एक ही किस्म के उपयोगी पौधे किसी बड़े क्षेत्र में भोजन, रेशे या अन्य उपयोगी उत्पाद प्राप्त करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर उगाए जाते हैं, तो उसे फसल (Crop) कहते हैं। भारत की विशाल भौगोलिक व जलवायविक विविधता के कारण फसलों को मुख्य रूप से दो प्रमुख श्रेणियों में बाँटा गया है:
| वर्गीकरण का आधार | खरीफ फसलें (Kharif Crops) | रबी फसलें (Rabi Crops) |
|---|---|---|
| बुआई व कटाई का समय | वर्षा ऋतु (जून से सितम्बर) में बोई और अक्टूबर-नवम्बर में काटी जाती हैं। | शीत ऋतु (अक्टूबर से मार्च) में बोई और मार्च-अप्रैल में काटी जाती हैं। |
| जल की आवश्यकता | अधिक मात्रा में जल और उच्च तापमान की आवश्यकता होती है। | कम जल तथा अंकुरण के समय शीतोष्ण और पकने के समय शुष्क धूप की आवश्यकता। |
| प्रमुख उदाहरण | धान (चावल), मक्का, सोयाबीन, मूँगफली, कपास। | गेहूँ, चना, मटर, सरसों, अलसी (तीसी)। |
जायद फसलें (Zaid Crops):
रबी और खरीफ के बीच ग्रीष्म ऋतु (मार्च से जून) में उगाई जाने वाली अल्पकालिक फसलों को जायद कहते हैं; जैसे—तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और विभिन्न ग्रीष्मकालीन सब्जियाँ।