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झारखण्ड बोर्ड (JAC) • कक्षा 8 • Science • अध्याय 6
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

जंतुओं में जनन (Reproduction in Animals)

झारखण्ड शैक्षणिक परिषद् (JAC) एवं NCERT कक्षा 8 विज्ञान का छठा अध्याय "जंतुओं में जनन" (Reproduction in Animals) प्रजातियों की निरंतरता और जीवन के अमर प्रवाह का आधारभूत पाठ है। जनन वह अनिवार्य जैविक प्रक्रम है जिसके द्वारा सजीव अपने जैसी नई संतति उत्पन्न करते हैं। इस अध्याय में जनन की दोनों विधियों (लैंगिक एवं अलैंगिक), नर व मादा मानव जनन तंत्र, शुक्राणु व अंडाणु की संरचना, आंतरिक बनाम बाह्य निषेचन (Fertilization), परखनली शिशु (IVF), युग्मनज से भ्रूण और गर्भ (Fetus) का विकास, जरायुज (Viviparous) व अंडप्रजक (Oviparous) जंतु, रेशम कीट व मेंढक का कायांतरण (Metamorphosis), मुकुलन, द्विखंडन तथा विश्व प्रसिद्ध क्लोनिंग (डॉली भेड़) का सांगोपांग वैज्ञानिक अध्ययन प्रस्तुत किया गया है।

🐣 एक अकेली सूक्ष्म कोशिका से कैसे बनता है एक नन्हा शिशु?

क्या आपने कभी सोचा है कि एक नन्हा मेंढक का बच्चा (टेडपोल) मछली की तरह तैरता है और गलफड़ों से सांस लेता है, लेकिन बड़ा होकर छलाँग लगाने वाला मेंढक बन जाता है? मुर्गी के अंडे से चूजा कैसे बाहर आता है? और कैसे वैज्ञानिकों ने 1996 में बिना किसी नर शुक्राणु के केवल एक स्तन कोशिका से "डॉली" नामक भेड़ का हूबहू क्लोन तैयार कर दुनिया को चौंका दिया था? आइए, जीवन की उत्पत्ति के इस अद्भुत विज्ञान को जानें!

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

जनन जीव विज्ञान का सर्वाधिक महत्वपूर्ण नियम है जो पृथ्वी पर जीवन की निरंतरता बनाए रखता है। इसका अध्ययन विद्यार्थियों को मानव शरीर क्रिया विज्ञान, प्रजनन स्वास्थ्य, भ्रूणीय विकास, आधुनिक चिकित्सा तकनीकों (IVF / टेस्ट ट्यूब बेबी) और पशुधन सुधार के वैज्ञानिक सिद्धांतों से परिचित कराता है, जिससे वे अंधविश्वासों से मुक्त होकर जीवन प्रक्रिया को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझ सकें।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • कोशिका विभाजन (Cell Division) से जीवों में वृद्धि और मरम्मत होती है।
  • पौधों में परागण और बीजों द्वारा जनन होता है।
  • सजीवों में जीवन काल सीमित होता है, अतः प्रजाति की निरंतरता हेतु नई संतति का जन्म आवश्यक है।
  • माता-पिता के आनुवंशिक लक्षण संतानों में स्थानांतरित होते हैं।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • लैंगिक (Sexual) और अलैंगिक (Asexual) जनन की संकल्पना और प्रमुख अंतरों को समझा सकेंगे।
  • नर एवं मादा जननांगों (वृषण, अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब) के कार्यों और निषेचन की प्रक्रिया का सचित्र निरूपण कर सकेंगे।
  • आंतरिक निषेचन और बाह्य निषेचन (मेंढक व मछली) में सप्रमाण विभेद कर सकेंगे।
  • कायांतरण (Metamorphosis), हाइड्रा में मुकुलन, अमीबा में द्विखंडन और क्लोनिंग (Cloning) की कार्यप्रणाली स्पष्ट कर सकेंगे।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. जनन की विधियाँ एवं मानव जनन तंत्...
2 2. निषेचन (Fertilization): आंतरिक ब...
3 3. भ्रूण का परिवर्धन, जरायुज बनाम अ...
4 4. अलैंगिक जनन (मुकुलन व द्विखंडन)...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. जनन की विधियाँ एवं मानव जनन तंत्र

सजीवों द्वारा अपने समान संतति उत्पन्न करने की प्रक्रिया जनन (Reproduction) कहलाती है। जनन की दो मुख्य विधियाँ हैं:

  • 1. लैंगिक जनन (Sexual Reproduction): वह जनन जिसमें नर और मादा युग्मकों (Gametes) का संलयन होता है। इसमें दो जनक (नर व मादा) भाग लेते हैं; जैसे—मनुष्य, गाय, कुत्ता, मुर्गी, मेंढक।
  • 2. अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction): वह जनन जिसमें केवल एक ही जनक बिना युग्मकों के नई संतति उत्पन्न करता है; जैसे—अमीबा, हाइड्रा, यीस्ट।

मानव जनन अंग (Human Reproductive Organs):

नर जनन अंग (Male Organs)

  • एक जोड़ा वृषण (Testes): नर युग्मक शुक्राणु (Sperms) और टेस्टोस्टेरोन हार्मोन उत्पन्न करते हैं।
  • दो शुक्राणु नलिकाएँ (Sperm Ducts): शुक्राणुओं को वृषण से शिश्न तक ले जाती हैं।
  • एक शिश्न (Penis): शुक्राणुओं को मादा शरीर में पहुँचाता है।
  • शुक्राणु संरचना: यह एक एकल कोशिका है जिसके 3 भाग होते हैं—सिर, मध्य भाग और लंबी पूंछ (जो तैरने में गति प्रदान करती है)।

मादा जनन अंग (Female Organs)

  • एक जोड़ा अंडाशय (Ovaries): मादा युग्मक अंडाणु (Ova / Egg) और एस्ट्रोजन हार्मोन बनाते हैं। प्रतिमाह एक परिपक्व अंडाणु निकलता है।
  • अंडवाहिनी / फैलोपियन ट्यूब (Oviduct): जहाँ अंडाणु और शुक्राणु का निषेचन होता है।
  • गर्भाशय (Uterus): वह थैलीनुमा पेशीय अंग जहाँ निषेचित भ्रूण रोपित होकर 9 माह तक विकसित होता है।

2. निषेचन (Fertilization): आंतरिक बनाम बाह्य एवं IVF

जनन प्रक्रम का पहला चरण नर युग्मक (शुक्राणु) और मादा युग्मक (अंडाणु) का संलयन है। शुक्राणु और अंडाणु के संलयन को निषेचन (Fertilization) कहते हैं। निषेचन के फलस्वरूप एक एकल द्विगुणित कोशिका बनती है जिसे युग्मनज (Zygote) कहते हैं:

तुलना का बिंदु आंतरिक निषेचन (Internal Fertilization) बाह्य निषेचन (External Fertilization)
संलयन का स्थान निषेचन मादा के शरीर के अंदर (अंडवाहिनी में) होता है। निषेचन मादा के शरीर के बाहर जल (माध्यम) में होता है।
युग्मकों की संख्या सीमित अंडाणु (सामान्यतः 1) और अनेक शुक्राणु। लाखों अंडे और करोड़ों शुक्राणु एक साथ जल में छोड़े जाते हैं।
सुरक्षा व अवसर भ्रूण मादा शरीर में सुरक्षित रहता है; सफलता दर बहुत उच्च। अंडे जल की धाराओं व परभक्षियों के खतरे में रहते हैं, अतः भारी संख्या आवश्यक।
प्रमुख उदाहरण मनुष्य, गाय, कुत्ता, बिल्ली, मुर्गी, पक्षी। मेंढक, मछली, स्टारफिश (अधिकांश जलीय जीव)।

परखनली शिशु (IVF - In Vitro Fertilization):

जब महिलाओं की अंडवाहिनी अवरुद्ध होने के कारण प्राकृतिक निषेचन संभव नहीं होता, तो डॉक्टर ताजे अंडाणु और शुक्राणु एकत्र कर शरीर के बाहर प्रयोगशाला में कुछ घंटों के लिए साथ रखते हैं (In Vitro = शरीर के बाहर काँच के पात्र में)। निषेचन होने पर युग्मनज को लगभग 1 सप्ताह तक विकसित किया जाता है और फिर उसे माता के गर्भाशय में स्थापित कर दिया जाता है। पूर्ण शिशु का विकास सामान्य बच्चे की तरह गर्भाशय में ही होता है। इस तकनीक से जन्मे बच्चे को टेस्ट ट्यूब बेबी कहते हैं (यद्यपि बच्चा टेस्ट ट्यूब में बड़ा नहीं होता)।

3. भ्रूण का परिवर्धन, जरायुज बनाम अंडप्रजक एवं कायांतरण

निषेचन के उपरांत युग्मनज लगातार विभाजित होकर कोशिकाओं का एक गोला बनाता है, जिसे भ्रूण (Embryo) कहते हैं:

  • रोपण (Implantation): भ्रूण गर्भाशय की दीवार में स्थापित (रोपित) हो जाता है और वहाँ विकसित होता है। धीरे-धीरे हाथ, पैर, सिर, आँखें और कान जैसे शारीरिक अंग विकसित होते हैं।
  • गर्भ (Fetus): भ्रूण की वह अवस्था जिसमें सभी शारीरिक अंगों की स्पष्ट पहचान की जा सकती है, गर्भ (फीटस) कहलाता है। पूर्ण विकास के बाद माता नवजात शिशु को जन्म देती है।
  • जरायुज (Viviparous) बनाम अंडप्रजक (Oviparous):
    • जरायुज जंतु: वे जंतु जो सीधे शिशु को जन्म देते हैं (जैसे मनुष्य, गाय, चमगादड़, व्हेल)।
    • अंडप्रजक जंतु: वे जंतु जो अंडे देते हैं और अंडों से बच्चे बाहर निकलते हैं (जैसे मुर्गी, मेंढक, छिपकली, तितली)।
  • कायांतरण (Metamorphosis): कुछ जंतुओं में नवजात शिशु वयस्क से बिल्कुल भिन्न दिखाई देते हैं। लार्वा का कुछ विशिष्ट व आश्चर्यजनक परिवर्तनों द्वारा वयस्क जंतु में रूपांतरण कायांतरण कहलाता है:

    • रेशम कीट: अंडा → लार्वा / कैटरपिलर → प्यूपा (कोकून) → वयस्क तितली।
    • मेंढक: अंडा → आरंभिक टेडपोल (मछली जैसी पूंछ व गलफड़े) → पश्च टेडपोल → वयस्क मेंढक (पूंछ लुप्त, फेफड़ों से श्वसन व कूदने की क्षमता)।

4. अलैंगिक जनन (मुकुलन व द्विखंडन) एवं क्लोनिंग

अलैंगिक जनन में बिना किसी युग्मक संलयन के एकल जनक द्वारा संतति उत्पन्न की जाती है:

  • 1. मुकुलन (Budding - हाइड्रा): हाइड्रा के शरीर पर एक या अधिक छोटे उभार विकसित होते हैं जिन्हें मुकुल (Bud) कहते हैं। यह मुकुल धीरे-धीरे वृद्धि कर एक नन्हा हाइड्रा बन जाता है और अंततः जनक शरीर से अलग होकर स्वतंत्र जीव बन जाता है। यीस्ट में भी मुकुलन होता है।
  • 2. द्विखंडन (Binary Fission - अमीबा): अमीबा एककोशिकीय जीव है। जनन के समय सबसे पहले इसका केंद्रक दो भागों में विभाजित होता है। इसके बाद कोशिका द्रव्य भी दो भागों में बँट जाता है, जिससे दो संतति अमीबा बनते हैं। एक जनक से दो संतति बनने की यह विधि द्विखंडन कहलाती है।
  • 3. क्लोनिंग (Cloning) - डॉली भेड़ का चमत्कार: किसी जनक कोशिका से आनुवंशिक रूप से शत-प्रतिशत समान जीव उत्पन्न करने की विधि को क्लोनिंग कहते हैं। 5 जुलाई 1996 को स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग में डॉ. इयान विल्मुट और उनके सहयोगियों ने "डॉली" नामक भेड़ का सफलतापूर्वक क्लोन बनाया था। यह किसी स्तनधारी जीव की विश्व की प्रथम सफल क्लोनिंग थी।

महत्वपूर्ण रासायनिक सूत्र, अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

लैंगिक जनन का मूल समीकरण
नर युग्मक (शुक्राणु, n) + मादा युग्मक (अंडाणु, n) → युग्मनज (Zygote, 2n)
द्विगुणित युग्मनज ही आगे विभाजित होकर बहुकोशिकीय जीव बनाता है।
मेंढक का कायांतरण चक्र
अंडा (Egg) → टेडपोल लार्वा (Tadpole) → कायांतरण → वयस्क मेंढक (Adult Frog)
थायरॉक्सिन हार्मोन टेडपोल के मेंढक में कायांतरण को नियंत्रित करता है।
द्विखंडन कोशिका विभाजन
1 जनक अमीबा → केंद्रक विभाजन (Karyokinesis) → कोशिका द्रव्य विभाजन → 2 संतति अमीबा
अलैंगिक जनन की सबसे सरल और तेज विधि।
IVF का पूर्ण रूप
In Vitro Fertilization (शरीर से बाहर प्रयोगशाला पात्र में निषेचन)
अवरुद्ध अंडवाहिनी वाली माताओं के लिए वरदान तकनीक।
विश्व की प्रथम क्लोन स्तनधारी
डॉली भेड़ (Dolly Sheep) • जन्म: 5 जुलाई 1996 • वैज्ञानिक: डॉ. इयान विल्मुट
फिन डोर्सेट भेड़ की स्तन कोशिका से निर्मित प्रतिरूप।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
प्रश्न 1: आंतरिक निषेचन और बाह्य निषेचन में दो-दो प्रमुख अंतर उदाहरण सहित लिखिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:\n1. आंतरिक निषेचन:\n• यह मादा शरीर के अंदर (अंडवाहिनी) में संपन्न होता है।\n• इसमें बनने वाला युग्मनज व भ्रूण मादा शरीर में पूर्ण सुरक्षित रहता है।\n• उदाहरण: मनुष्य, गाय, कुत्ता, मुर्गी।\n\n2. बाह्य निषेचन:\n• यह मादा शरीर के बाहर जल माध्यम में संपन्न होता है।\n• अंडों और युग्मकों के बह जाने या परभक्षियों द्वारा खाए जाने का भारी जोखिम रहता है, अतः लाखों अंडे छोड़े जाते हैं।\n• उदाहरण: मेंढक, मछली, स्टारफिश।
उदाहरण 2
प्रश्न 2: मेंढक और मछली एक साथ सैकड़ों अंडे क्यों देते हैं, जबकि मुर्गी एक समय में एक ही अंडा देती है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर: मेंढक और मछली में बाह्य निषेचन होता है। वे अपने अंडे और शुक्राणु खुले जल में छोड़ते हैं। जल की तीव्र धाराओं, तेज हवा, वर्षा और अन्य परभक्षी जीवों के कारण अधिकांश अंडे व शुक्राणु नष्ट हो जाते हैं। संलयन और प्रजाति की उत्तरजीविता सुनिश्चित करने के लिए उनका सैकड़ों-हजारों की संख्या में अंडे देना आवश्यक है। इसके विपरीत, मुर्गी में आंतरिक निषेचन होता है और कठोर कैल्सियम कार्बोनेट का कवच अंडे की रक्षा करता है, इसलिए एक समय में एक अंडा पर्याप्त होता है।
उदाहरण 3
प्रश्न 3: युग्मनज (Zygote) और गर्भ (Fetus) में क्या वैज्ञानिक अंतर है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर:\n• युग्मनज (Zygote): यह निषेचन के तुरंत बाद बनने वाली एक एकल, सूक्ष्म कोशिका है, जिसमें नर व मादा के केंद्रक संलयित होते हैं।\n• गर्भ (Fetus): यह गर्भाशय में भ्रूण के निरंतर विभाजन और विकास की वह परवर्ती अवस्था है जिसमें शरीर के सभी मुख्य अंग (हाथ, पैर, सिर, आँखें आदि) स्पष्ट रूप से पहचाने जा सकते हैं।
उदाहरण 4
प्रश्न 4: कायांतरण (Metamorphosis) किसे कहते हैं? मेंढक के जीवन चक्र के उदाहरण से समझाइए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर: लार्वा का कुछ विशिष्ट, आश्चर्यजनक परिवर्तनों द्वारा वयस्क जंतु में रूपांतरित होने की जैविक प्रक्रिया कायांतरण कहलाती है। मेंढक के अंडे से जब टेडपोल निकलता है, तो वह वयस्क मेंढक से बिल्कुल भिन्न दिखता है; उसकी मछली जैसी तैरने वाली पूंछ होती है और वह गलफड़ों (Gills) से श्वसन करता है। कायांतरण के दौरान उसकी पूंछ लुप्त हो जाती है, पाँव विकसित होते हैं और फेफड़े बनते हैं, जिससे वह पानी और जमीन दोनों पर कूदने व रहने योग्य वयस्क मेंढक बन जाता है।
उदाहरण 5
प्रश्न 5: अमीबा में द्विखंडन (Binary Fission) की प्रक्रिया का संक्षिप्त विवरण दीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:
उत्तर: अमीबा एककोशिकीय जीव है जो द्विखंडन द्वारा अलैंगिक जनन करता है:\n1. सबसे पहले अमीबा का केंद्रक खिंचकर दो भागों में विभाजित हो जाता है।\n2. इसके पश्चात कोशिका का कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) भी बीच में से संकुचित होकर दो भागों में बँट जाता है।\n3. अंत में, प्रत्येक भाग में एक-एक केंद्रक चला जाता है और दो पृथक संतति अमीबा बन जाते हैं।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

परखनली शिशु (टेस्ट ट्यूब बेबी) को परखनली के भीतर बड़ा होने वाला बच्चा समझना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

केवल निषेचन और शुरुआती एक सप्ताह का विकास प्रयोगशाला में होता है; पूर्ण 9 महीने का शिशु विकास माता के गर्भाशय में ही होता है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

मुर्गी में बाह्य निषेचन होने का भ्रम।

सही वैज्ञानिक तथ्य

मुर्गी में निषेचन "आंतरिक" होता है; निषेचन के पश्चात कठोर कवच चढ़ने के बाद वह अंडा बाहर देती है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

अलैंगिक जनन में दो जनकों की आवश्यकता मानना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

अलैंगिक जनन में केवल "एकल जनक" ही बिना युग्मकों के पूरी संतति को जन्म देता है।

चित्रात्मक व्याख्या एवं मॉडल

निषेचन (FERTILIZATION) केंद्रक अंडाणु (Ovum) शुक्राणु (n) + अंडाणु (n) → युग्मनज (2n) एकल द्विगुणित कोशिका (Zygote) अलैंगिक जनन (ASEXUAL) 1. मुकुलन (Budding in Hydra) मुकुल (Bud) वृद्धि कर अलग होना 2. द्विखंडन (Binary Fission - Amoeba) केंद्रक विभाजन 2 संतति अमीबा अध्याय 6: जंतुओं में जनन (REPRODUCTION IN ANIMALS) आंतरिक vs बाह्य निषेचन • कायांतरण (टेडपोल → मेंढक) • डॉली भेड़ (क्लोनिंग, 1996)

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
  1. जनन प्रजातियों की निरंतरता बनाए रखने के लिए अनिवार्य जैविक प्रक्रम है।
मुख्य बिंदु 2
  1. जनन की दो विधियाँ हैं: लैंगिक जनन (दो जनकों द्वारा) और अलैंगिक जनन (एकल जनक द्वारा)।
मुख्य बिंदु 3
  1. नर जननांग में वृषण (शुक्राणु व टेस्टोस्टेरोन), और मादा जननांग में अंडाशय (अंडाणु व एस्ट्रोजन) होते हैं।
मुख्य बिंदु 4
  1. शुक्राणु और अंडाणु का संलयन निषेचन कहलाता है, जिससे द्विगुणित युग्मनज (Zygote) बनता है।
मुख्य बिंदु 5
  1. आंतरिक निषेचन मादा शरीर में (मनुष्य, गाय, मुर्गी); बाह्य निषेचन जल माध्यम में (मेंढक, मछली) होता है।
मुख्य बिंदु 6
  1. टेस्ट ट्यूब बेबी तकनीक (IVF) में निषेचन शरीर के बाहर और भ्रूण का पूर्ण विकास माता के गर्भाशय में होता है।
मुख्य बिंदु 7
  1. सीधे बच्चे को जन्म देने वाले जंतु जरायुज और अंडे देने वाले जंतु अंडप्रजक कहलाते हैं।
मुख्य बिंदु 8
  1. लार्वा का रूपांतरित होकर वयस्क बनने की प्रक्रिया कायांतरण (Metamorphosis) कहलाती है (मेंढक, रेशम कीट)।
मुख्य बिंदु 9
  1. अलैंगिक जनन में हाइड्रा मुकुलन (Budding) द्वारा और अमीबा द्विखंडन (Binary Fission) द्वारा जनन करता है।
मुख्य बिंदु 10
  1. डॉ. इयान विल्मुट ने 1996 में "डॉली" नामक भेड़ का विश्व का प्रथम सफल स्तनधारी क्लोन तैयार किया था।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
निषेचन (Fertilization) किसे कहते हैं और इसके फलस्वरूप क्या बनता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: नर युग्मक (शुक्राणु) और मादा युग्मक (अंडाणु) के संलयन को निषेचन कहते हैं; इसके फलस्वरूप "युग्मनज (Zygote)" बनता है।
युग्मनज ही आगे विभाजित होकर भ्रूण और पूर्ण जीव में विकसित होता है।
2
जरायुज (Viviparous) और अंडप्रजक (Oviparous) जंतुओं में क्या अंतर है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: जरायुज सीधे शिशु को जन्म देते हैं (जैसे मनुष्य, गाय); अंडप्रजक अंडे देते हैं जिनसे शिशु निकलते हैं (जैसे मुर्गी, मेंढक)।
जरायुज में भ्रूण का विकास आंतरिक होता है, जबकि अंडप्रजक में भ्रूण अंडे के भीतर बाहर विकसित होता है।
3
मेंढक के लार्वा को क्या कहते हैं और यह वयस्क मेंढक से किस प्रकार भिन्न होता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: टेडपोल (Tadpole); इसमें तैरने के लिए पूंछ और श्वसन के लिए गलफड़े (Gills) होते हैं, जो वयस्क मेंढक में नहीं होते।
कायांतरण के बाद टेडपोल फेफड़ों से श्वसन करने वाले वयस्क मेंढक में बदल जाता है।
4
अमीबा में जनन किस अलैंगिक विधि द्वारा संपन्न होता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: द्विखंडन (Binary Fission) द्वारा।
एकल जनक अमीबा का केंद्रक व कोशिका द्रव्य विभाजित होकर दो समान संतति अमीबा बनाते हैं।
5
विश्व के प्रथम सफल क्लोन स्तनधारी जीव का नाम और जन्म वर्ष क्या था?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: डॉली भेड़ (Dolly Sheep); जन्म: 5 जुलाई 1996 (डॉ. इयान विल्मुट द्वारा)।
यह फिन डोर्सेट भेड़ की स्तन कोशिका के केंद्रक से तैयार की गई थी।
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
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