आदर्श गद्यांश अभ्यास
गद्यांश:
सच्चा राष्ट्रप्रेम केवल राष्ट्रीय पर्वों पर तिरंगा फहराने या देशभक्ति के नारे लगाने तक सीमित नहीं है।
सच्चा देशभक्त वह है जो अपने दैनिक जीवन में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखता है। चाहे वह एक किसान हो जो खेतों में अन्न उपजाकर
जन-जन का पेट भरता है, चाहे वह एक शिक्षक हो जो देश की भावी पीढ़ी को चरित्रवान और ज्ञानवान बनाता है, अथवा वह एक सफाई कर्मचारी हो
जो गलियों को स्वच्छ रखकर संक्रामक रोगों से देशवासियों की रक्षा करता है। प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्य का निष्ठापूर्वक पालन करके
सच्ची देशसेवा कर सकता है। भ्रष्टाचार, टैक्स की चोरी, सार्वजनिक संपत्ति का विनाश और पर्यावरण को प्रदूषित करना राष्ट्रद्रोह के समान हैं।
जब देश का प्रत्येक नागरिक अपने अधिकारों से पूर्व अपने कर्तव्यों के प्रति सजग होगा, तभी भारत विश्व-पटल पर परम वैभव को प्राप्त कर सकेगा।
आदर्श प्रश्नोत्तरी:
प्रश्न 1: सच्चे राष्ट्रप्रेम की वास्तविक परिभाषा क्या है? (2 अंक)
उत्तर: सच्चा राष्ट्रप्रेम केवल औपचारिक अवसरों पर झंडा फहराने या नारे लगाने में नहीं है, बल्कि अपने दैनिक आचरण में देश के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा अपने निर्धारित कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने में है।
प्रश्न 2: लेखक ने किसान, शिक्षक और सफाई कर्मचारी को सच्चा देशभक्त क्यों माना है? (2 अंक)
उत्तर: क्योंकि ये तीनों अपने-अपने कार्यक्षेत्र में समाज और देश की अमूल्य सेवा करते हैं—किसान देश को खाद्यान्न उपलब्ध कराता है, शिक्षक भावी नागरिकों के चरित्र का निर्माण करता है, और सफाई कर्मचारी स्वच्छता द्वारा देशवासियों को बीमारियों से बचाता है।
प्रश्न 3: गद्यांश के अनुसार किन कृत्यों को राष्ट्रद्रोह के समान माना गया है? (2 अंक)
उत्तर: भ्रष्टाचार में लिप्त होना, कर (टैक्स) की चोरी करना, सरकारी व सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाना तथा पर्यावरण को प्रदूषित करना राष्ट्रद्रोह के समान निंदनीय कार्य हैं।
प्रश्न 4: गद्यांश में प्रयुक्त "वैभव" और "निष्ठा" शब्दों का अर्थ स्पष्ट कीजिए। (2 अंक)
उत्तर: "वैभव" का अर्थ है समृद्धि, ऐश्वर्य या गौरव; तथा "निष्ठा" का अर्थ है गहरी श्रद्धा, ईमानदारी या समर्पण भाव।
प्रश्न 5: इस गद्यांश के लिए एक उपयुक्त एवं संक्षिप्त शीर्षक लिखिए। (2 अंक)
उत्तर: "सच्चा राष्ट्रप्रेम" (अथवा: "नागरिक कर्तव्य और देशसेवा")।